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स्व-सहायता समूहों के स्टॉल पर मिलेंगे रसायन रहित कृषि उत्पाद

आजीविका फ्रेश मेला भोपाल हाट में 23 एवं 24 अगस्त को स्व-सहायता समूहों के स्टॉल पर मिलेंगे रसायन रहित कृषि उत्पाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल करेंगे मेले का शुभारंभ भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों का दो दिवसीय ‘आजीविका फ्रेश’ मेला भोपाल हाट में 23 एवं 24 अगस्त को आयोजित किया जा रहा है। मेले का शुभारंभ 23 अगस्त को प्रात: 10.00 बजे पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया जायेगा। इस अवसर पर विभाग की राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह भी उपस्थित रहेंगीं। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा रसायन रहित एवं जैविक तरीके से उगाये हुये कृषि एवं दुग्ध-उत्पादों सहित अन्य सामग्री का विक्रय सह प्रदर्शन किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को वृहद बाजारों से जोड़ने के लिये अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में स्व-सहायता समूहों का दो दिवसीय आजीविका फ्रेश मेला अरेरा हिल्स स्थित भोपाल हाट परिसर में आयोजित किया जा रहा है। मेला प्रात: 11 बजे से रात्रि 09.30 बजे तक चलेगा। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही ग्रामीण स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा 55 स्टॉल लगाये जायेंगे। समूहों से जुड़े परिवारों को कम लागत में अधिक उपज के लिये कृषि एवं पशुपालन की उन्नत तकनीक अपनाने के लिये कृषि सखियों व पशुपालन सखियों द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। विशेष रूप से प्राकृतिक पद्धति से रसायन रहित जैविक उत्पाद तैयार करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रयासों के फलस्वरूप रसायन रहित उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं, जिन्हें इस मेले में खास तौर से लाया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जियां, फल और दुग्ध आधारित उत्पादों में देशी गाय एवं गिर गाय का घी, पनीर और सोयाबीन उत्पा्दों में टोफू, सोया बड़ी एवं मशरूम आधरित उत्पादों में सूखा मशरूम, अचार, पाउडर, कुकीज तथा वन उत्पादों में जंगल का शुद्ध शहद, महुआ उत्पादों में महुआ कुकीज, लड्डू, नमकीन महुआ, लघु वनोपज में आंवला कैंडी, मुरब्बा, मिलेट उत्पादों में कोदो, कुटकी, चावल कुकीज, लड्डू, खीर आदि प्रमुख हैं। क्षेत्रीय कृषि उत्पादों में नरसिंहपुर जिले की तुअर (अरहर) दाल एवं गुड़, बालाघाट जिले का चिनौरी चावल, सिवनी जिले का जीरा शंकर चावल तथा क्षेत्रीय खान-पान में मालवा, निमाड, चंबल-ग्वालियर, विंध्य, बुंदेलखण्ड, बघेलखण्ड आदि क्षेत्रों के प्रसिद्ध खान-पान व्यंजनों तथा हर्बल पेय आदि का आनंद इस मेले में लिया जा सकता है। कला में रूचि रखने वालों के लिये यहां पारंपरिक कलाओं को देखने एवं सीखने का अवसर भी मिलेगा। भोपाल शहर एवं आसपास के क्षेत्र से मेले में आने वाले खरीददारों के मनोरंजन के लिये क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा कला प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जायेंगीं।  

UP के एक्सप्रेसवे: FASTag Annual Pass पर रोक, टोल भुगतान जारी रहेगा सामान्य तरीके से

नई दिल्‍ली 15 अगस्त, 2025 को FASTag Annual Pass को शुरू कर दिया गया है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉस के लिए मान्य है। इस को केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों, जैसे निजी कारों, जीपों और वैन के लिए ही वैध है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक, 3,000 रुपये वाले इस एनुअल पास को यूजर्स से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सरकारी NHAI के मुताबिक, पाल लागू होने के पहले दिन करीब 1.2 लाख यूजर्स ने इसे एक्टिव किया। हम यहां पर आपको बता रहे हैं कि यह FASTag एनुअल पास उत्तर प्रदेश के किन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा। उत्तर प्रदेश के इन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा FASTag Annual Pass FASTag एनुअल पास उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा। ये चार एक्स्प्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे है। इन चारों एक्सप्रेसवे पर टोल का पैसा आपके रेगुलर FASTag अकाउंट से ही कटेगा। दरअसल उत्तर प्रदेश के ये चारों एक्सप्रेसवे राज्य सरकार के अधीन राज्य राजमार्ग है, जबकि FASTag एनुअल पास केवल केंद्र सरकार के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही लागू होता है। जब आप इन एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे, तो आपको टोल का पैसा आपके नियमित FASTag खाते से ही काटा जाएगा। FASTag एनुअल पास एक्टिवेट होने पर बनेंगे दो अकाउंट जब आप FASTag एनुअल पास को एक्टिव करने के लिए 3000 रुपये का भुगतान करेंगे, तो यह कुछ समय में ही एक्टिवेट हो जाएगा एक्टिवेट होने के बाद, आपके वाहन के FASTag में दो अकाउंट बन जाएंगे। इसमें से एक अकाउंट एनुअल पास के लिए होगा और दूसरा अकाउंट रेगुलर FASTag अकाउंट होगा, जो पहले से चालू है। सालाना कितनी होगी बचत? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, FASTag एनुअल पास के जरिए लोगों की काफी ज्यादा बचत होगी। जो लोग सालाना 10,000 रुपये टोल के रूप में देते थे, वे अब 7,000 रुपये तक बचा सकेंगे। इसका कारण यह है कि वे एक साल में सिर्फ 3,000 रुपये में 200 यात्राएं कर पाएंगे।  

मुख्यमंत्री भगवंत मान: पंजाब तीन साल में 55,000 से ज्यादा नौकरियां देने वाला पहला राज्य

चंडीगढ़ पंजाबियों की ज़िंदगियों को रोशन करने के लिए मिशन रोज़गार को जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले तीन वर्षों में राज्य के युवाओं को 55,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ देकर नया मील का पत्थर कायम किया है। इस अवसर पर आज मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछली सरकारें अपने कार्यकाल के अंतिम समय में कुछ नौकरियाँ देकर केवल औपचारिकता निभाती थीं, लेकिन मेरी सरकार ने पहले दिन से ही नियुक्तियाँ देना शुरू कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 55,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ युवाओं को मिल चुकी हैं।” नए भर्ती हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विभिन्न विभागों में 271 युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा बनाया गया है और ये युवा अब राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में सक्रिय योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं ने बिना किसी सिफ़ारिश, पूरी तरह अपनी योग्यता के आधार पर यह नौकरियाँ हासिल की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह बेहद दुख की बात है कि पिछली सरकारों ने युवाओं को रोजगार नहीं दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि 55,000 नौकरियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने नए भर्ती हुए युवाओं को मिशनरी भावना से जनता की सेवा करने की अपील की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये युवा अपनी कलम का इस्तेमाल समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों की मदद के लिए करेंगे ताकि समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी नीतियों का लाभ पहुँच सके। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य सरकार ने अब तक 55,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सारी भर्तियाँ पूरी तरह योग्यता के आधार पर हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का पहले दिन से ही एकमात्र एजेंडा युवाओं को सरकारी नौकरियाँ देकर सशक्त बनाना है। युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों को ऐतिहासिक पहल बताते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि ये नौकरियाँ युवाओं की तक़दीर बदल देंगी। उन्होंने कहा कि यह स्थान युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियाँ देने की शानदार यात्रा का गवाह बना है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की युवाओं की भलाई सुनिश्चित करने और उनके लिए रोजगार के नए मार्ग खोलने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पारंपरिक राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर कभी ध्यान नहीं दिया। बड़े नेताओं के बच्चे पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ते थे, इसलिए उन्होंने सरकारी स्कूलों की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में सरकारी स्कूल शिक्षा देने के स्थान पर केवल मिड-डे मील सेंटर बने हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकारी स्कूलों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्कूल ऑफ़ एमिनेंस में अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने गर्व से बताया कि भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के 848 विद्यार्थी नीट परीक्षा के लिए योग्य हुए हैं, 265 विद्यार्थियों ने जे ई ई मेंस पास की है, जबकि 45 ने जे ई ई एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुफ़्त या रियायती कार्ड राज्य से ग़रीबी और अन्य सामाजिक बुराइयाँ समाप्त नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर उन्हें ग़रीबी के चक्र से बाहर निकाल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी राजनीति में आने की इच्छा नहीं रखी थी, लेकिन पिछली सरकारों द्वारा राज्य और इसकी जनता की बेरहमी से की जा रही लूट ने उन्हें राजनीति में आने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि इन मौकापरस्त और लालची नेताओं ने अपने निजी हितों के लिए राज्य की उपेक्षा की थी, जिसके कारण जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया और नए लोगों के राजनीति में आने का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य के विकास और जनता की खुशहाली के लिए अथक मेहनत कर रहे हैं और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय राज्य के नेता पंजाब के हितों से समझौता करते थे, जबकि आज पंजाब सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास और खुशहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले नेता जनता से मिलने से कतराते थे, जबकि आज सरकार जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब बेमिसाल विकास के नए युग का गवाह बन रहा है, क्योंकि राज्य सरकार विकास और प्रगति को नया आयाम देने के लिए बड़े प्रयास कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार और अन्य सभी क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों के दौरान मिसाल कायम करने वाले विकास हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का इरादा स्पष्ट है – समर्पण भावना और ईमानदारी के साथ पंजाब की जनता की सेवा करना। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह, शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

सरकार की कार्यप्रणाली में रुकावट डालना लोकतंत्र के खिलाफ—किरन रिजिजू

नई दिल्ली  संसद के मानसून सत्र का अंतिम दिन था। इस बार मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष होना चाहिए। विरोध करना या असहमति जताना अपनी बात कहने का लोकतांत्रिक तरीका है, लेकिन संसद में सरकार के काम में बाधा डालना और उसे रोकना अलोकतांत्रिक है। किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार की दृष्टि से देश के लिए बहुत उपयोगी सत्र रहा है, लेकिन विपक्ष के सांसदों को, खासकर नए सांसदों को, सदन में बोलने का मौका नहीं मिला। सत्र के दौरान सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र की बात रखते हैं, लेकिन विपक्ष के कई सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिला, उसके लिए विपक्ष के नेता जिम्मेदार हैं। एनडीए और कुछ दल, जिन्होंने सत्र में भाग लिया, उन्हें धन्यवाद। उन्होंने कहा कि एक बात मेरे मन में चोट पहुंचाती है। कैप्टन शुभांशु शुक्ला पर चर्चा रखी गई थी, लेकिन विपक्ष ने चर्चा नहीं करने दी, जिसका दुख है। कई बिल पास किए हैं, कुछ बिल संयुक्त संसदीय समिति को भेजे गए हैं। उनमें तीन बिल महत्वपूर्ण हैं, जिनमें गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025, 130वां संविधान संशोधन बिल 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 शामिल हैं। ये ऐसे बिल हैं, जिनमें आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री को रखा गया है। लोग खुद को बचाने के लिए कानून बनाते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने भ्रम फैलाने की कोशिश की। इस बिल के लिए देशभर में स्वागत हो रहा है। मेरे पास कई संदेश आए। उन्होंने कहा कि विरोध तो होता है, लोकतंत्र में विरोध होना भी चाहिए, पक्ष और विपक्ष मिलकर संसद बनते हैं, लेकिन संसद के कामकाज में बाधा डालना ठीक नहीं है। हमारी पार्टी जीवन भर विपक्ष में रही, थोड़े समय तक सत्ता में है। हमने हमेशा विपक्ष में रहते हुए ये ध्यान रखा कि विरोध से किसी को चोट न लगे और न ही सीमा लांघे। देश के खिलाफ बात करके, इलेक्शन कमीशन को गाली देकर, सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बात करके आप लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।

भारतीय एयरलाइंस के लिए घाटे का साल, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को सबसे बड़ा झटका

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2024-25 में ज्यादातर भारतीय एयरलाइंस ने नुकसान दर्ज किया है और सबसे ज्यादा घाटा टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को हुआ है। यह जानकारी सरकार की ओर से गुरुवार को संसद को दी गई। लोकसभा में एक सवाल का लिखित में जवाब देते हुए केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि एयर इंडिया और उसकी बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस ने वित्तीय वर्ष के दौरान कर से पूर्व 9,568.4 करोड़ रुपए का संयुक्त घाटा दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एयर इंडिया को 3,890.2 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस को 5,678.2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अन्य एयरलाइन जैसे अकासा एयर को कर से पूर्व 1,983.4 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वहीं, इस दौरान स्पाइसजेट को 58.1 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। इंडिगो, देश की एकमात्र बड़ी एयरलाइन है, जिसे वित्त वर्ष 25 में मुनाफा हुआ है। इंडिगो को पिछले वित्त वर्ष में कर से पहले 7,587.5 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है।प्रोविजनल डेटा से जानकारी मिली है कि एयर इंडिया पर 26,879.6 करोड़ रुपए, इंडिगो पर 67,088.4 करोड़ रुपए, एयर इंडिया एक्सप्रेस पर 617.5 करोड़ रुपए, अकासा एयर पर 78.5 करोड़ रुपए और स्पाइसजेट पर 886 करोड़ रुपए का कर्ज है। मोहोल ने स्पष्ट किया कि 1994 में एयर कॉर्पोरेशन अधिनियम के निरस्त होने के बाद से एयरलाइनों के वित्तीय और परिचालन संबंधी निर्णय कंपनियां स्वयं लेती हैं, जिसमें ऋण पुनर्गठन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति, 2016 के तहत एक अनुकूल नीतिगत माहौल बनाकर एक सहायक भूमिका निभाती है। उन्होंने उड़ान जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया, जो क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन करने वाली एयरलाइनों को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, जिससे वे अधिक लागत प्रभावी बनती हैं। ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब घरेलू विमानन बाजार में वृद्धि के बावजूद एयरलाइनों की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। मोहोल ने संसद को बताया कि पिछले महीनों की तुलना में जुलाई में एयरलाइन क्षमता में कोई कमी नहीं देखी गई है, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार इस क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए चुनौतियों का समाधान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

विपक्ष पर योगी का निशाना, कहा—कांग्रेस और सपा ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एटा में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ता के लिये सबका साथ लिया मगर विकास सिफर् अपने अपने परिवारों का किया है। एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित  सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिफर् अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। उन्होने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी। यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में  सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिफर् सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोटर्, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता। योगी ने कहा कि भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ‘‘सबका साथ, सबका विकास'' का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कारर्वाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई उन्होंने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिफर् योग्यता के आधार पर दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें।   

प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सम्मान समारोह के साथ सुगम संगीत और ड्रोन शो भी होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की ली जानकारी अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में आगामी 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। प्रस्तावित कार्यक्रमों के अनुसार स्थापना दिवस कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तुतियां होंगी। भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन होगा। जनकल्याण, सुशासन और शौर्य के पर्याय सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान से नागरिकों को महानाट्य के माध्यम से परिचित करवाने के लिए दक्ष कलाकार राजधानी आएंगे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष नई दिल्ली में भी सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन सफलतापूर्वक हुआ है, जिसे व्यापक प्रशंसा मिली। इसके साथ ही स्थापना दिवस पर प्रख्यात कलाकारों द्वारा सुगम संगीत कार्यक्रम एवं ड्रोन-शो का आयोजन होगा। ड्रोन-शो के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आवश्यक तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस राजधानी से लेकर जिलों तक मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल सहित जिलों में होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम के गरिमामय आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी की जाए। नारी सशक्तिकरण के प्रतीक स्व-सहायता समूह की बहनों को भी आमंत्रित किया जाए। नागरिकों की व्यापक भागीदारी होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सहित विभिन्न सेवा क्षेत्र में गतिविधियों का आयोजन किया जाए। प्रदेश के स्थापना दिवस का अवसर उल्लास और उमंग का अवसर है और इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सामान्य ज्ञान और अन्य स्पर्धाएं आयोजित की जाएं। राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी और प्रमुख उपलब्धियां भी जन-जन पहुंचे। इसके लिए प्रदर्शनी भी आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, सुशासन और अन्य कई क्षेत्रों में नवाचार किए गए हैं। अनेक उपलब्धियां राज्य ने अर्जित की हैं। इन उपलब्धियां की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला पर्यटन परिषद को भी आयोजनों से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि भोपाल के लाल परेड मैदान पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही जिला मुख्यालय पर भी स्थापना दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला स्तर पर जिला उत्पादों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट कार्यो पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सभी शासकीय भवनों में एक नवंबर को प्रकाश सज्जा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, आयुक्त एवं सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

दिल्ली पुलिस के नए सीपी: IPS सतीश गोलचा, अनुभव में शामिल अन्य राज्य का DGP पद

नई दिल्ली  IPS अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वह इस समय डीजी (जेल) के पद पर थे। गोलचा एजीएमयूटी कैडर (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश) के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। दिल्ली के 26वें पुलिस कमिश्नर बने सतीश गोलचा 1 मई 2024 को तिहाड़ जेल के डीजी बनाए गए थे। गोलचा डीसीपी, जॉइंट सीपी और स्पेशल सीपी के पद पर भी सेवा दे चुके हैं। वह अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी भी रह चुके हैं। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर कहा कि सक्षम अधिकारी की मंजूरी से गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति कार्यभार संभालने के दिन से प्रभावी होगी। गोलचा को एसबी के सिंह के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है। होम गार्ड के महानिदेशक सिंह को इसी महीने 1 तारीख को दिल्ली पुलिस के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।  

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किया प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 की समीक्षा

कृषि रोड मैप से सिंचाई क्षमता और फसल आच्छादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि: विजय कुमार सिन्हा बिहार   माननीय मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भारत सरकार श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 योजना की समीक्षा की गई। इस अवसर पर माननीय उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा भी उपस्थित थे।  माननीय केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 योजना वर्षा आधारित क्षेत्र के लिए वरदान है, जो इस क्षेत्र की तस्वीर को बदल सकती है। अगले 05 वर्षों के लिए नई योजना जलछाजन विकास 3.0 की तैयारी हमे अभी से शुरू करनी चाहिए तथा चालू योजना में शत्-प्रतिशत व्यय प्राप्त किया जाये, जिससे आगामी योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। नदियों का जीर्णोद्धार, झीलों का जीर्णोद्धर तथा पहाड़ी क्षेत्र में टपकन तकनीक से इस योजना का लाभ किसानों तक पहुँचाया जाये।  माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री, बिहार श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना-जलछाजन विकास 2.0 योजना के अंतर्गत हमारे राज्य के 18 जिलों में 35 परियोजनाएँ चल रही है, इस योजना के तहत कुल 171600 हे० भूमि का उपचार किया जा रहा है। इस योजना से वर्षा सिंचित क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण कार्य करने से हमारे किसानों को अत्याधिक लाभ हो रहा है। माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि रोड मैप, जो बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। जिसके अंतर्गत मृदा एवं जल संरक्षण के लिए राज्य सरकार के स्तर से भी कई योजनाओं यथा पक्का चेक डैम निर्माण, तालाब निर्माण, कुआँ निर्माण एवं आहर जीर्णाेद्धार इत्यादि का कार्यान्वयन कर रहे है। इन सभी योजनाओं के कार्यान्वयन से भी राज्य में सिंचाई क्षमता का विस्तार हुआ है। श्री सिन्हा ने कहा कि केन्द्र सरकार के सम्मिलित प्रयास से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के उपरांत यह ज्ञात हुआ है कि फसल आच्छादन का रकवा 52 लाख हे० से बढ़कर 62 लाख हे० हो गया है। साथ ही फसल सघनता भी 144 से बढ़कर 180 हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत राज्य में जल संरक्षण हेतु विभिन्न संरचना निर्माण यथा पक्का चेक डैम निर्माण, तालाब निर्माण, कुआँ निर्माण, साद अवरोधक बाँध, आहर जीर्णाेद्धार इत्यादि के साथ-साथ पौधा रोपन, जीविकोपार्जन तथा उत्पादन प्रणाली घटक के अंतर्गत भी बड़े पैमाने पर कार्य कराये जा रहे है, जिससे की सिंचाई क्षमता में विस्तार के साथ-साथ फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता तथा हरित क्षेत्र में वृद्धि हुई है।  इस अवसर पर कृषि निदेशक श्री नितिन कुमार सिंह, निदेशक, भूमि संरक्षण श्री राधा रमण सहित विभाग के वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

क्रिकेट फिटनेस का नया मापदंड: ब्रोन्को टेस्ट अब खिलाड़ियों के लिए जरूरी

नई दिल्ली  भारतीय खिलाड़ियों के फिटनेस का स्तर उठाने के लिए मुख्य कोच गौतम गंभीर और कंडिशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स ने ब्रोन्को टेस्ट शुरू किया है। अब यह मौजूदा यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर दौड़ के साथ नया बेंचमार्क होगा। बीसीसीआई ने इस टेस्ट को शुरू भी कर दिया है और कुछ खिलाड़ी बेंगलुरु जाकर इसका टेस्ट भी दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेटरों के लिए ब्रोन्को टेस्ट का विचार स्ट्रेंड ऐंड कंडिशनिंग कोच ले रॉक्स ने दिया था जो इस साल जून में ही भारतीय टीम से जुड़े थे। इससे पहले वह 2000 के दशक में भी एक बार भारतीय टीम के साथ जुड़े थे। वह दक्षिण अफ्रीकी टीम, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के साथ भी काम कर चुके हैं। ब्रोन्को टेस्ट का फैसला यूं ही नहीं किया गया। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया 5 टेस्ट मैच की सीरीज के दौरान टीम मैनेजमेंट ने ध्यान दिया कि कुछ तेज गेंदबाजों का फिटनेस लेवल उच्च स्तर का नहीं है। मोहम्मद सिराज इकलौते ऐसे तेज गेंदबाज रहे जिन्होंने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के सभी 5 मैच खेले। इससे तेज गेंदबाजों के फिटनेस लेवल को लेकर चिंता बढ़ी। इंग्लैंड दौरे के बाद ले रॉक्स ने ब्रोन्को टेस्ट का सुझाव दिया ताकि तेज गेंदबाज अपने रनिंग वर्कलोड और क्षमता को बढ़ा सके। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस आइडिया का समर्थन किया और अब बीसीसीआई ने इसे लागू कर दिया है। आगे से अब खिलाड़ियों के फिटनेस का आकलन यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की समयबद्ध दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों के आधार पर होगा। क्या होता है ब्रोन्को टेस्ट? ब्रोन्को टेस्ट परंपरागत तौर पर रग्बी में होता है। इसमें खिलाड़ी सबसे पहले 20 मीटर की शटल रन को पूरा करता है। उसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ लगानी पड़ती है। इन तीनों दौड़ को मिलाकर एक बनता है और खिलाड़ी को बिना रुके हुए ऐसे 5 सेट पूरे करने होते हैं। इसके लिए समयसीमा 6 मिनट रखी गई है जिसमें खिलाड़ी कुल करीब 1200 मीटर की दौड़ लगानी होगी। ब्रोन्को टेस्ट को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में शुरू किया जा चुका है और कुछ सीनियर खिलाड़ी वहां जाकर टेस्ट भी दे चुके हैं।