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पूर्वांचल बना पंचायत राजनीति का नया केंद्र, बलिया में जुड़े सबसे ज्यादा वोटर

लखनऊ यूपी के पंचायत मतदाताओं का नया भूगोल सामने आया है। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली-2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण वोट बैंक का संतुलन तेजी से बदल रहा है। एक तरफ पूर्वांचल के कई जिलों में पंचायत मतदाताओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है तो दूसरी तरफ शहरीकरण और पलायन की वजह से 11 जिलों में पंचायत वोट बैंक सिमट गया है। इनमें पश्चिम के पांच जिले शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर गाजीपुर की है, जहां पंचायत मतदाताओं की संख्या में 94,757 की कमी दर्ज हुई है। मैनपुरी में 93,207 और आजमगढ़ में 60,347 मतदाता घटे हैं। वाराणसी में 41,397, एटा में 23,429, आगरा में 23,294, गाजियाबाद में 15,637 और गौतमबुद्धनगर में 12,431 मतदाता कम हुए हैं। पंचायत क्षेत्रों से मतदाताओं के घटने का यह रुझान उन जिलों में अधिक दिखाई दे रहा है, जहां तेजी से शहरी विस्तार हो रहा है या फिर लंबे समय से पलायन चुनौती बना हुआ है। गौतमबुद्धनगर में मतदाताओं की संख्या सबसे कम एनसीआर के जिले पंचायत व्यवस्था से सबसे तेजी से दूर होते नजर आ रहे हैं। गौतमबुद्धनगर में पंचायत मतदाताओं की कुल संख्या केवल 2.09 लाख रह गई है, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम है। गाजियाबाद में यह संख्या 4.56 लाख है। दूसरी ओर जौनपुर में 36.97 लाख, आजमगढ़ में 35.76 लाख, प्रयागराज में 34.95 लाख और गोरखपुर में 29.63 लाख पंचायत मतदाता हैं। यह अंतर बताता है कि जहां पश्चिमी यूपी के कुछ जिले तेजी से शहरी पहचान हासिल कर रहे हैं। वहीं, पूर्वांचल अब भी ग्रामीण राजनीति की सबसे बड़ी धुरी बना हुआ है। बलिया में सबसे अधिक नए मतदाता पूर्वांचल और तराई के कई जिले पंचायत वोटरों की नई ताकत बनकर उभरे हैं। बलिया में सबसे अधिक 1,60,376 नए पंचायत मतदाता जुड़े हैं। लखीमपुर खीरी में 1,38,223, देवरिया में 1,26,771, सिद्धार्थनगर में 1,23,162 और कुशीनगर में 1,20,011 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रयागराज में भी 92,460 नए मतदाता जुड़े हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश की ग्रामीण राजनीति का केंद्र अब और अधिक पूर्वांचल की ओर खिसकता दिखाई दे रहा है।  

27 जुलाई को शनि होंगे वक्री, शश महापुरुष राजयोग से 4 राशियों को बड़ा लाभ

27 जुलाई 2026 को कर्मफल दाता और न्याय के देवता शनि देव मीन में वक्री (Retrograde) होने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में शनि की उल्टी चाल को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वक्री होने पर शनि का प्रभाव और अधिक गहरा और तीव्र हो जाता है. आमतौर पर शनि की वक्री चाल को कष्टकारी माना जाता है, लेकिन यह सभी राशियों के लिए बुरी नहीं होती है. शनि देव व्यक्ति के कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. इस बार मीन राशि में शनि के वक्री होने से 4 विशेष राशियों को 'शश महापुरुष राजयोग' के प्रभाव से जबरदस्त लाभ और तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियाँ कौन सी हैं. वृषभ राशि (Taurus)- करियर में बड़ी सफलता शनि देव आपकी राशि के स्वामी शुक्र के परम मित्र हैं और आपकी कुंडली के 10वें (कर्म) भाव में वक्री हो रहे हैं. आपके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, सैलरी इंक्रीमेंट या मनचाही जगह ट्रांसफर मिल सकता है. बिजनेस में अटके हुए प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू होंगे. प्रॉपर्टी या रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को तगड़ा मुनाफा होगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका मान-सम्मान और अधिकार बढ़ेगा. मिथुन राशि (Gemini)- भाग्य का पूरा साथ शनि देव आपकी राशि से 9वें (भाग्य) भाव में वक्री होने जा रहे हैं, जो कि भाग्य और धर्म का स्थान है. पिछले काफी समय से आपके बनते हुए कामों में जो रुकावटें आ रही थीं, वे अब दूर होंगी. भाग्य का बंद दरवाजा खुलेगा. उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को सफलता मिलेगी. व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं बेहद लाभदायक रहेंगी. आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी. आप कोई नया वाहन या मकान खरीदने की योजना बना सकते हैं. तुला राशि (Libra)- अचानक धन लाभ और संतान सुख तुला राशि के लिए शनि देव 'योगकारक' ग्रह माने जाते हैं. वे आपकी राशि से 5वें (संतान, बुद्धि और प्रेम) भाव में वक्री होंगे. जो छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exam) की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेगा. अचानक धन लाभ (आकस्मिक धन) के योग बनेंगे. अगर कहीं पैसा फंसा हुआ था, तो वह वापस मिल सकता है. प्रेम संबंधों में गहराई और स्पष्टता आएगी, रिश्ते मजबूत होंगे. वृश्चिक राशि (Scorpio)- सुख-साधनों में वृद्धि और ढैय्या से राहत वृश्चिक राशि पर इस समय शनि की ढैय्या चल रही है, लेकिन चौथे (सुख और माता) भाव में शनि के वक्री होने से आपको ढैय्या के नकारात्मक प्रभावों से बड़ी राहत मिलेगी. पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी. माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा. नया घर, जमीन या गाड़ी खरीदने के लिए यह समय बेहद अनुकूल है. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद आपके पक्ष में सुलझ सकता है. नौकरी में आपके काम की सराहना होगी, जिससे आपका मानसिक बोझ कम होगा.

15 जून को बनेगा बुधादित्य राजयोग, चार राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वार

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर एक बेहद महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है. 15 जून को ग्रहों के राजा सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर अपने मित्र ग्रह बुध की स्वराशि मिथुन में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां बुद्धि और व्यापार के दाता बुध देव पहले से ही विराजमान हैं. सूर्य और बुध की इस युति से ब्रह्मांड में एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली बुधादित्य राजयोग का निर्माण होने जा रहा है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब आत्मा और प्रतिष्ठा के कारक सूर्य का मिलन बुद्धि और संवाद के कारक बुध से होता है, तो जातकों के आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और करियर में अभूतपूर्व प्रगति होती है. इस बार इस युति के शुरुआती समय में चंद्रमा की मौजूदगी से 'त्रिग्रही योग' का विशेष प्रभाव भी देखने को मिलेगा. इस महासंयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव मुख्य रूप से 4 भाग्यशाली राशियों पर पड़ने वाला है. आइए जानते हैं. मेष राशि (Aries)- करियर में बड़ी उपलब्धि और व्यावसायिक मुनाफा मेष राशि के लिए यह बुधादित्य योग दशम भाव में बनने जा रहा है, जो पेशेवर जीवन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है. नौकरीपेशा जातक: नौकरी में प्रमोशन और वेतन वृद्धि के प्रबल योग हैं. नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिलेंगे. व्यापार: नए काम या स्टार्टअप की शुरुआत करने के लिए यह समय अत्यंत लाभकारी है. बाजार में आपकी साख बढ़ेगी और मुनाफे का ग्राफ ऊपर जाएगा. स्वास्थ्य: यदि आप पिछले कुछ समय से किसी पुरानी शारीरिक समस्या से परेशान थे, तो उसमें सुधार देखने को मिलेगा. वृषभ राशि (Taurus)– भाग्य का साथ और धार्मिक कार्यों में रुचि वृषभ राशि के जातकों को इस योग से रुके हुए कार्यों में गति मिलेगी. अटके काम पूरे होंगे: जो काम पिछले कई महीनों से सरकारी कागजी कार्रवाई या किसी अन्य वजह से रुके हुए थे, वे अब आसानी से पूरे हो जाएंगे. प्रतियोगी परीक्षाएं: छात्रों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को इस अवधि में अपनी मेहनत का सुखद परिणाम मिल सकता है. मानसिक शांति: आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों की तरफ आपका झुकाव बढ़ेगा. लंबी दूरी की यात्राओं के योग बनेंगे जो भविष्य में फलदायी सिद्ध होंगी. मिथुन राशि (Gemini)– आत्म-विश्वास और मान-सम्मान में वृद्धि चूंकि, यह युति और बुधादित्य राजयोग इसी राशि के लग्न भाव (प्रथम भाव) में बन रहा है, इसलिए सबसे अधिक और सीधा लाभ मिथुन राशि के जातकों को मिलेगा. करियर व व्यापार: कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप क्वालिटी निखरकर सामने आएगी. उच्च अधिकारियों से सराहना मिलेगी. व्यापार में कोई नई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. आर्थिक पक्ष: अचानक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं. यदि कहीं पैसा अटका हुआ था, तो उसकी वापसी की संभावना बढ़ेगी. व्यक्तित्व: आपके आत्मविश्वास में गजब की वृद्धि होगी. आपकी वाणी प्रभावशाली और सौम्य रहेगी, जिससे लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे. सिंह राशि (Leo)- आय के नए स्रोत और पारिवारिक सुख सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं, इसलिए इस गोचर का प्रभाव आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है. यह युति आपके एकादश भाव में होगी. आर्थिक लाभ: आपकी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी के संकेत हैं. धन कमाने के नए-नए स्रोत सामने आएंगे, जिससे बैंक बैलेंस मजबूत होगा. पारिवारिक जीवन: परिवार में लंबे समय से चल रहे मतभेद या तनाव समाप्त होंगे. जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और उनका पूरा सहयोग मिलेगा. निवेश: यदि आप शेयर बाजार, संपत्ति या किसी अन्य क्षेत्र में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अनुकूल साबित हो सकता है.

कांग्रेस ने पंजाब चुनाव की तैयारियां तेज कीं, तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से संगठन को मिलेगी मजबूती

चंडीगढ़  ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने पंजाब में वर्तमान राजनीतिक हालातों का जायजा लेने के लिए तीन ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। कांग्रेस हाईकमान ने यह जिम्मेदारी अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को सौंपीं है। जल्दी ही तीनों पंजाब का दौरा करेंगे। दरअसल, पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके मद्देनजर कांग्रेस हाईकमान का फोकस पंजाब पर है।  कांग्रेस दो बार कर चुकी है चुनावी सर्वेक्षण हाईकमान दो बार पंजाब में अपना चुनावी सर्वेक्षण भी करवा चुका है मगर दोनों सर्वे में अंतर सामने आया। सर्वे में पंजाब के अध्यक्ष को बदलने के लिए भी अलग-अलग राय सामने आई। हाईकमान अब यह देखना चाहता है कि पंजाब में राजनीति के वर्तमान हालात क्या हैं और इन परिस्थितियों में कांग्रेस की स्थिति कितनी मजबूत है, पार्टी कहां कमजोर है और मतदाताओं का रुख कैसा है। ऑब्जर्वर तैयार करेंगे रिपोर्ट तीनों ऑब्जर्वर प्रदेश का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे अलग-अलग टिप्पणियों के साथ हाईकमान को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद हाईकमान प्रदेश में अपनी चुनावी रणनीति को धार देगी।

मानसून से पहले पूरे हों एनीकट और बांध निर्माण कार्य, अधिकारियों को निर्देश

अलवर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने गुरूवार को अलवर में वन विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ  भाखेडा, भूरासिद्ध व जरखवाला एनीकट एवं निदानी बांध का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जल संरक्षण से संबंधित कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर निर्देश दिये कि एनिकट व बांध निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्य मानसून से पूर्व ही पूर्ण होना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट व बांध में वर्षा जल आने में कोई अवरोध न रहे, इसके लिए आसपास के केचमेंट एरिया की साफ-सफाई करायें। डिसिल्टिंग आदि कार्य को भी समयबद्ध रूप में पूर्ण करायें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट के किनारे भ्रमण हेतु सुन्दर पाथवे, ग्रीनरी एवं सौन्दर्यकरण के कार्य शुरू करें। ये एनिकट बनने से पर्यावरण संरक्षण के साथ वन्यजीवों व पेड-पौधों को जल की उपलब्धता होगी,  वर्षा जल संरक्षण से शहर के भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी। इन एनिकटों के सौन्दर्यकरण से पर्यटन में भी वृद्धि होगी। उन्होंने चोर डूंगरी पहाडी पर श्रीराम वाटिका हेतु चिन्हित किए गए स्थान का अवलोकन कर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाटिका के निर्माण हेतु कार्य योजना तैयार कर इसका निर्माण प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए कराया जाए जिससे यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक परिवेश का अनुभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि वाटिका में वृहद स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाएं,  सौन्दर्यकरण व हरियाली पर विशेष फोकस करें। इसके उपरान्त उन्होंने अपने प्रतिदिन के पौधारोपण के संकल्प के तहत मातृवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री अरूण प्रसाद, डीएफओ अलवर श्री राजेन्द्र हुड्डा, डीएफओ सरिस्का श्री अभिमन्यु सहारण, श्री घनश्याम गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी ने दिल्ली में उठाई बिहार की आवाज, जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं के लिए मांगा फंड

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संसाधनों से निवेश कर 'जल जीवन मिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय से पहले हासिल किया है। हालांकि, कुछ कारणों से इस योजना की केंद्रीय राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार ने केंद्र के समक्ष अपनी लंबित और भावी योजनाओं के लिए बड़ी वित्तीय मांग रखी है। 18 हजार करोड़ की वित्तीय मदद की गुहार बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इस निवेश की भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्होंने केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। इस मांग के तहत उन्होंने खर्च हो चुकी राशि के केंद्रांश के रूप में 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की अपील की। राज्य ने हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसकी भरपाई और वर्तमान योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र से कुल 18 हजार करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया। कौशल विकास और नए संस्थानों के लिए विशेष फंड बिहार में युवाओं के हुनर को निखारने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने राज्य में चल रहे कौशल विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए वित्तीय मदद की मांग की।     आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब के तहत पटना में 640 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना की जा रही है।     पीएम-सेतु योजना के माध्यम से 75 आईटीआई को मजबूत करने के लिए 3,615 करोड़ की डिमांड केंद्र से की गई।     'इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर' पायलट प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ की मांग सम्राट सरकार ने की।     जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई।     भागलपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए राशि की मांग भी सम्राट सरकार ने की है। पीएम-विश्वकर्मा योजना में बिहार की प्रगति रिपोर्ट बैठक के दौरान राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम-विश्वकर्मा योजना' के अंतर्गत बिहार में अब तक 1.18 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे जमीन पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। हॉकी विश्व कप और राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए मदद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में बिहार 'नेशनल यूथ गेम्स', वर्ष 2030 में 'हॉकी विश्व कप' और वर्ष 2031 में 'राष्ट्रीय खेल' (National Games) की मेजबानी करने के लिए तैयार है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि बिहार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र पर चलते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।  

सिंधु की दमदार जीत, सुपर 500 टूर्नामेंट में खिताब से दो कदम दूर

नई दिल्ली भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। आज यानि 12 जून को उन्होंने चीन की चेन सु यू को क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मैच में मात दी। चेन को 21-6, 21-9 से हराने और अंतिम चार में जगह बनाने में सिंधु को सिर्फ 31 मिनट लगे। जिससे उनके साल के पहले खिताब की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। एकतरफा मैच में पीवी सिंधु की जीत इस सीजन के आठ BWF ( बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ) टूर्नामेंट में सिंधु का यह केवल दूसरा सेमीफाइनल है। उतार-चढ़ाव भरे नतीजों वाले सीजन के बाद पीवी सिंधु के लिए अच्छी खबर है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी बरुहा को मात देने के बाद उन्होंने सेमिफाइनल में चेन सु यू के सामने अपने अनुभव और आक्रामक खेल से बढ़त हासिल कर ली। पहले सेट में सिंधु ने 21-6 से जीत हासिल की। इसके बाद विपक्षी को मुकाबले में आने का मौका नहीं दिया। दूसरे सेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 21-9 से बाजा मार ली। यह इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिनी जा सकती है। क्वार्टर फाइनल में ईशारानी को 22-20 और 21-12 से हराया था। यह मुकाबला सिर्फ 42 मिनट में खत्म हो गया था। तन्वी शर्मा के पास इतिहास रचने का मौका इस जीत के साथ पीवी सिंधु ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर 500 में खिताब जीतने से सिर्फ दो जीत दूर हैं। क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी को जिस तरह से हराया उससे उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। इसके साथ ही आपको बता दें कि महिला सिंगल्स में भारत की उम्मीदों को युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा से भी बढ़ावा मिला है। जिन्होंने अपनी ही देश की मालविका बंसोड़ को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। 17 साल की तन्वी ने 21-13, 21-15 से जीत हासिल की और ऑस्ट्रेलिया में अपना शानदार खेल जारी रखा। तन्वी ने पिछले राउंड में चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चिउ पिन-चियन को हराकर पहले ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और इसके बाद मालविका के सामने भी अच्छा खेल दिखाया।  

कोयल मल्लिक ने छोड़ी राज्यसभा सीट, TMC की संख्या घटी; ममता बनर्जी की बढ़ी चिंता

कोलकत्ता   पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तीन राज्यसभा सांसदों के जाने का दुख मना रही ममता को चौथा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक इस्तीफा दे चुके हैं। कोयल मल्लिक चौथी राज्यसभा सांसद हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि उन्होंने पार्टी से भी इस्तीफा दिया है या फिर नहीं। बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी को लगातार झटके लगते जा रहे हैं। पहले तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों ने ममता को राजनीतिक हाशिए पर धकेल दिया। इसके बाद एक दर्जन लोकसभा सांसदों ने भी काकोली घोष दास्तीदार के नेतृत्व में ममता का साथ छोड़ने का ऐलान किया था। 13 राज्यसभा सांसदों के साथ केंद्र सरकार को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी की मुश्किलें अब राज्यसभा सांसदों ने भी बढ़ाना शुरू कर दी है। पहले शुखेंदु शेखर रे ने 8 जून को इस्तीफा देकर इसकी शुरुआत की और अब हालत यह है कि चार सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। सिर्फ दो महीने में अभिनेत्री से नेता बनी कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा गौरतलब है कि स्टार लोगों को राजनीति में लाने वाली ममता बनर्जी ने बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक को इसी साल अप्रैल में राज्यसभा भेजा था। शपथ लेने के बाद उत्साहित नजर आ रही कोयल ने मीडिया से बात करते हुए देश सेवा की बात कही थी। उन्होंने कहा, "मैंने बेहद सोच समझकर यह फैसला लिया है। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। देश की सेवा और लोगों की सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। कौन हैं कोयल मल्लिक? बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक के घर जन्मी कोयल ने शुरुआत से ही फिल्मों में अपना सफर शुरू करने की चाह रखी। 2003 में नाटेर गुरु नामक फिल्म से उन्होंने अपना फिल्मी करियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने बंगाली फिल्म इंडस्ट्री पर राज करना शुरू कर दिया। युवाओं के बीच में मशहूर कोयल को ममता बनर्जी ने राज्यसभा जाने के लिए मनाया और अप्रैल 2026 में उन्हें राज्यसभ का सांसद बना दिया गया। राज्यसभा सांसद बनाए जाने के बाद कोयल ने ममता बनर्जी के प्रति अपना लगाव भी जाहिर किया था। लेकिन 4 मई के बाद हालात बदल गए। लोकसभा के सांसदों के बागी होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसद पद छोड़ चुके थे। इसी क्रम में कोयल घोष ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, कोयल ने कोलकाता से ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा संसद को सौंपा है।

भारतीय शूटिंग के युग का अंत, जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा

नई दिल्ली भारतीय खेल इतिहास के सबसे चमकदार निशानेबाजों में शामिल जसपाल राणा का निधन हो गया है. वह 49 साल के थे. जर्मनी से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और दिल्ली में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. राणा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान बीमार पड़ गए थे और उन्हें एक चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. नई दिल्ली में उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें स्टेंट डाले गए थे. राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए ‘हाई परफार्मेंस कोच’ के रूप में कार्यरत थे. जसपाल  राणा अपने पीछे पत्नी रीना राणा, पुत्री देवांशी, पुत्र युवराज, पिता नारायण सिंह राणा तथा दो भाई-बहन सुषमा सिंह और सुभाष राणा को छोड़ गए हैं. गढ़वाल से ग्लोबल मंच तक 28 जून 1976 को उत्तराखंड के एक गढ़वाली परिवार में जन्मे जसपाल राणा का संबंध एक खेल-प्रेरित परिवार से था. उनके पिता नारायण सिंह राणा सेना के पूर्व अधिकारी रहे और बाद में उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री बने. बचपन से ही निशानेबाजी का माहौल उन्हें विरासत में मिला और उनके पिता ही उनके पहले कोच बने. महज 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था, जिससे उनका नाम तेजी से उभरने लगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने X पर लिखा कि राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.     करियर की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय पहचान 1988 में अहमदाबाद में हुए राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने देश का ध्यान खींचा. इसके बाद 1994 में मिलान (इटली) में जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप  में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाई. 1996 अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 10 मीटर एयर पिस्टल व 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट में हिस्सा लिया. कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल भारतीय जसपाल राणा का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. – कुल 15 पदक – 9 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य – 1994, 1998, 2002 और 2006 में लगातार चार संस्करणों में पदक 2002 मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स उनका सबसे सफल संस्करण रहा, जहां उन्होंने 6 पदक जीतकर इतिहास रचा.  एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन 2006 दोहा एशियन गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए- – 3 स्वर्ण पदक – 1 रजत पदक 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक बनाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जो उनके करियर का सबसे प्रतिष्ठित क्षण माना जाता है. सम्मान और राष्ट्रीय पहचान उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च खेल और नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया- – अर्जुन पुरस्कार (1994) – पद्मश्री (1997) – द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020 में- कोचिंग के लिए)  कोचिंग में सुनहरा अध्याय खेल करियर के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना मिशन बनाया. 2012 के बाद उन्होंने युवा भारतीय निशानेबाजों को तैयार करना शुरू किया और भारतीय शूटिंग की नई पीढ़ी को मजबूत आधार दिया. 2018 से वे ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच बने. दोनों के बीच 2021 में कुछ समय का अलगाव रहा, लेकिन 2023 में वे फिर साथ आए और 2024 ओलंपिक की तैयारी की. उनकी ट्रेनिंग शैली को बेहद अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का माना जाता था, जिसमें ओलंपिक जैसी परिस्थितियों का अभ्यास कराया जाता था. राणा हमेशा कहते थे कि कोचिंग उनका जुनून है और उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर तैयार करना है, न कि व्यावसायिक लाभ. देहरादून स्थित उनकी अकादमी से कई युवा निशानेबाज निकले जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली आखिरी सांस  एक युग का अंत जसपाल राणा का जाना भारतीय शूटिंग के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने न केवल पदक जीते, बल्कि एक पूरी पीढ़ी तैयार की जिसने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया. उनकी विरासत भारतीय खेल इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी -एक ऐसे खिलाड़ी

शहीद पथ पर यात्रियों को मिलेगी आइकॉनिक फुट ओवरब्रिज की सौगात

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास स्काई वॉक (फुट ओवरब्रिज) बनेगा। 100 मीटर लंबा व 05 मीटर चौड़ा यह फुट ओवरब्रिज नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन देगा। आईकॉनिक डिजाइन इसे अलग बनाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पीपीपी मोड पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए एक निजी कंपनी के साथ करार किया है। इसके निर्माण में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसका पूरा खर्च कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसके रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्टोरेंट और नीचे ग्रीन एरिया होगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई एक अहम बैठक में परियोजना का प्रेजेंटेशन दिया गया। जिसमें फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए हरी झंडी दे दी गयी है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इससे शहीद पथ जैसे व्यस्त मार्ग पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बाधारहित आवागमन उपलब्ध होगा। फुट ओवरब्रिज में सीढ़ियों के अलावा लिफ्ट का भी प्रावधान किया गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, ट्रैफिक पुलिस, लेसा व लुलु मॉल प्रबंधन के साथ बैठक करके फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये हैं। निर्माण के दौरान ट्रैफिक में रुकावट न आए इसके लिए चरणबद्ध निर्माण पद्धति अपनाएंगे। रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्तरां, नीचे हरित क्षेत्र ग्राउंड फ्लोर पर लगभग 1200 वर्गमीटर क्षेत्रफल में आकर्षक ग्रीन एरिया होगा। जिसमें कियोस्क, सार्वजनिक उपयोग के लिए इंटरैक्टिव स्पेस, शौचालय और पार्किंग की सुविधा होगी। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर, मेजेनाइन फ्लोर तथा प्रथम तल पर कॉमर्शियल स्पेस विकसित किया जाएगा। फुट ओवरब्रिज के रूफ टॉप पर ओपन एयर रेस्टोरेंट और एलईडी स्क्रीन होगी। एंटी-स्किड फ्लोरिंग समेत कई खासियत होंगी उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि फुट ओवरब्रिज की डिजाइन में सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दी गयी है। इसमें एंटी-स्किड फ्लोरिंग, मजबूत रेलिंग, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट साइनेज, अग्निरोधी विद्युत फिटिंग तथा भूकंपरोधी डिजाइन का प्रावधान किया गया है। फायर सेफ्टी उपकरण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि होंगे। कैसरबाग में बस पोर्ट की तैयारी तेज वहीं, लखनऊ के सबसे पुराने बस स्टेशन, कैसरबाग को एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट बनाने के लिए चार निवेशकों ने और खाली पड़े जानकीपुरम बस अड्डे की जमीन पर हाईटेक बस अड्डा बनाने के लिए पांच निवेशकों ने दावेदारी ठोंकी है। इसका खुलासा टेंडर प्रक्रिया के टेक्निकल बिड खुलने के बाद हुआ है। यूपी के 49 बस अड्डों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करने के लिए आमंत्रित की गई टेंडर प्रक्रिया में 13 बस अड्डों के लिए निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। बाकी 36 बस अड्डों के लिए एक माह बाद दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले फेज में यूपी के 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। दूसरे फेज में 49 बस अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी टेक्निकल बिड खुली है। इन बस अड्डों की 55 प्रतिशत जमीन पर बस पोर्ट और 45 प्रतिशत जमीन पर शॉपिंग मॉल बनेगा, जहां यात्रियों को शॉपिंग करने, सिनेमा देखने और फूड कोर्ट में खान-पान के अलावा बेहतर वीआईपी वेटिंग लाउंज जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन 13 बस अड्डों पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। ये सुविधाएं मिलेंगी 1. एसी स्मार्ट लाउंज, अत्याधुनिक प्रतीक्षालय और साफ-सुथरे टॉयलेट की सुविधा। 2. उड़ानों की तरह बसों के आने-जाने का समय, देरी व प्लेटफॉर्म नंबर की लाइव सूचना 3. यात्रियों के लिए मनोरंजन, खान-पान, शॉपिंग मॉल, कैफे, रेस्तरां और रिटेल सुविधा 4. रोडवेज बसों के अलावा निजी व लग्जरी वोल्वो बसों की भी सुविधा परिसर से मिलेगी 5. मल्टीलेवल पार्किंग में कार, टैक्सी, दोपहिया वाहन आदि के लिए अलग जगह क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन के अनुसार मुख्यमंत्री की मंशा है कि बस अड्डे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित हों। इसी क्रम में मुख्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें लखनऊ क्षेत्र के कैसरबाग और जानकीपुरम बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के लिए शामिल किया गया है।