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NCR में बड़ा बदलाव संभव! हरियाणा के 5 जिलों की किस्मत का फैसला करेगी 16 जून की बैठक

चंडीगढ़  दिल्ली और आसपास के राज्यों के करोड़ों लोगों के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमाओं से जुड़ी एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दायरा अब बहुत जल्द बड़े स्तर पर सिकुड़ने वाला है। आगामी 16 जून को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की एक अहम बैठक होने जा रही है। यहां करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी जिलों का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बाहर हो सकता है।  दरअसल, केंद्र सरकार और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर की सीमाओं की समीक्षा कर रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार, एनसीआर की सीमा दिल्ली के राजघाट से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित की जा सकती है। इस बदलाव का सबसे अधिक असर हरियाणा पर पड़ने की संभावना है। वर्तमान में हरियाणा के 14 जिले पूरी तरह या आंशिक रूप से एनसीआर में शामिल हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 25 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है। नया प्रस्ताव लागू होने पर यह क्षेत्र घटकर करीब 10.5 हजार वर्ग किलोमीटर रह सकता है। इससे करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी जैसे जिलों के बड़े हिस्से एनसीआर की सीमा से बाहर हो सकते हैं। इस मुद्दे को सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उठाया था। उनका तर्क था कि दिल्ली से काफी दूर स्थित जिलों को एनसीआर में बनाए रखना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने एनसीआर के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की आवश्यकता पर कई बार जोर दिया था। अब उनकी इसी सोच को रीजनल प्लान-2041 के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। क्या है हरियाणा सरकार का दिया गया सुझाव? हरियाणा सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि राज्य के 11 राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर चौड़े कॉरिडोर को एनसीआर में शामिल रखा जाए . इससे सड़क और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है . माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से पानीपत और करनाल के कुछ हिस्सों को राहत मिल सकती है। राज्य सरकार का कहना है कि एनसीआर में शामिल जिलों पर कई अतिरिक्त नियम और प्रतिबंध लागू होते हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का असर उन क्षेत्रों पर भी पड़ता है, जो दिल्ली के प्रभाव क्षेत्र से काफी दूर हैं। इससे उद्योग, निर्माण कार्य और अन्य आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।  यदि एनसीआर की सीमा में बदलाव होता है, तो इसका असर केवल एनसीआर का दर्जा खत्म होने तक सीमित नहीं रहेगा। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग, परिवहन परियोजनाओं, रेल कनेक्टिविटी, निवेश योजनाओं और रियल एस्टेट सेक्टर पर भी प्रभाव पड़ सकता है।अब सभी की नजर 16 जून को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक पर टिकी है, जहां इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय की दिशा तय हो सकती है। 

12 जून का राशिफल: किन राशियों के खुलेंगे सफलता के नए द्वार, जानिए आज का भविष्यफल

मेष राशि- आज दिन अच्छा रहेगा। काम समय पर पूरे होंगे और मेहनत का पूरा फायदा मिलेगा। नौकरी हो या बिजनेस आपको आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। घर का माहौल भी अच्छा रहेगा। खानपान का ध्यान रखें। वृषभ राशि- आज मन शांत रहेगा और कई काम आसानी से बनते नजर आएंगे। पैसों के मामले में राहत मिल सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। पानी खूब पिएं। सेहत को लेकर लापरवाही नहीं करनी है। कोशिश करें कि रात में नींद ठीक से आए। मिथुन राशि- आज कुछ नया सीखने या करने का मौका मिल सकता है। ऑफिस में आपकी तारीफ हो सकती है। दोस्तों से कोई अच्छी खबर मिलेगी और दिन प्रोडक्टिव रहेगा। आप खुश रहेंगे। परिवार और दोस्तों का फुल सपोर्ट मिलेगा। बाहरी खानपान से बचें। कर्क राशि- आज आप जल्दबाजी से बचें और आराम से फैसले लें। घरवालों का पूरा साथ मिलेगा। पैसों से जुड़ा कोई अच्छा मौका हाथ लग सकता है। बिजनेस में भी लाभ मिलेगा। निवेश के लिए अच्छा समय है लेकिन हड़बड़ी में कुछ भी नहीं करना है। तला-भुना ना खाएं। सिंह राशि- आज आपका कॉन्फिडेंस बढ़ा रहेगा। काम में सफलता मिलेगी और लोग आपकी बात सुनेंगे। किसी पुराने काम का अच्छा नतीजा मिल सकता है। जिससे मन खुश रहेगा। सारे काम बनते नजर आएंगे। आप खुश रहेंगे तो बाकी चीजों में उसका असर साफ तौर पर दिखेगा। अपने लिए कुछ समय निकालें और वो करें जो आपके मन को सुकून देता है। कन्या राशि- आज आपको अपनी मेहनत का अच्छा रिजल्ट मिलेगा। रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। घर और ऑफिस दोनों जगह माहौल आपके ही फेवर में रहेगा। दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बीतेगा। लेनदेन से बचें। फालतू के खर्चा ना करें। बजट के साथ आगे की प्लानिंग करें। तुला राशि- आज किस्मत आपका साथ पूरा-पूरा देगी। नया काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताकर मन खुश रहेगा। कोशिश करें कि आपकी वजह से किसी का दिल ना दुखे। खानपान में सही बैलेंस बनाए रखें। ज्यादा बाहर का खाएंगे तो दिक्कत होगी। ऐसे में बाहर के खाने से बचें। वृश्चिक राशि- आज का दिन थोड़ा बिजी रह सकता है। नौकरी से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। बिजनेस में थोड़ा अप्स एंड डाउन आएगा लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं है। खानपान का ध्यान रखें। नींद पूरी लें। धनु राशि- आज हर काम सोच-समझकर करें। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसान करा सकती है। नौकरी और बिजनेस में धीरे-धीरे अच्छे नतीजे मिलेंगे। घर-परिवार में माहौल सुकून भरा होगा। कोशिश करें कि आज के दिन कुछ समय अपने लिए निकाल पाएं। अपने शौक खुलकर पूरा करें। मकर राशि- आज आपकी मेहनत फाइनली रंग लाएगी। ऑफिस में जिम्मेदारी बढ़ सकती है लेकिन उसका फायदा भी मिलेगा। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। बस किसी से लेनदेन करने से बचें। निवेश के लिए सही समय है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रुटीन में अब एक्सरसाइज को जरूर शामिल करें। कुंभ राशि- आज मन खुश रहेगा और नए आइडिया काम आएंगे। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है। खर्च थोड़ा संभालकर करें। बजट बनाकर चलेंगे तो चीजें आसान होंगी। घर-परिवार में सब अच्छा होगा। लव लाइफ में थोड़ी कहासुनी हो सकती है लेकिन चीजें इतनी भी खराब नहीं होंगी। शाम तक स्थिति सही हो जाएगी। मीन राशि- आज आपकी कई इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। परिवार का साथ मिलेगा और काम में सफलता मिलने से खुशी होगी। दिन कुल मिलाकर अच्छा रहेगा। बस हड़बड़ी में कोई भी फैसला लेने से बचें। लोगों के साथ घुल-मिलकर रहें। कोई ऐसी बात ना कहने से बचे जिससे किसी का दिल टूटे।

लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति नागरिकों को लौटाई साइबर तकनीक एवं CEIR पोर्टल की मदद से मिली सफलता

भोपाल "देशभक्ति जनसेवा" के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में नागरिकों की गुम एवं चोरी हुई संपत्ति को वापस दिलाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। आधुनिक तकनीक, साइबर विशेषज्ञता, सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल, साइबर हेल्प डेस्क तथा जिला पुलिस बलों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप विगत एक माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1 हजार 136 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ 18 लाख रुपये है। मोबाइल फोन वापस प्राप्त होने पर नागरिकों ने मध्यप्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया तथा पुलिस के प्रति उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। विभिन्न जिलों की प्रमुख उपलब्धियां इंदौर क्राइम ब्रांच इंदौर ने सिटीजन कॉप एप्लीकेशन एवं सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से 230 गुम मोबाइल फोन खोजकर नागरिकों को लौटाए। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रूपये है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआं थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण एवं सतत प्रयासों से 13 मोबाइल फोन कीमत 3 लाख 60 हजार तथा विजय नगर थाना पुलिस ने मोबाइल दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 17 मोबाइल फोन, नगदी, मोबाइल एसेसरीज एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 13 लाख रूपये का की संपत्ति जब्‍त करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस प्रकार तीनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 260 मोबाइल फोन सहित लगभग 66 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की। दमोह पुलिस द्वारा चलाए गए “गुम मोबाइल खोज अभियान” के अंतर्गत 208 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया गया। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 41 लाख 60 हजार रुपये है। शिवपुरी तकनीकी विश्लेषण एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से पुलिस ने 120 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया। बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये है। खण्डवा पुलिस ने “ऑपरेशन सहयोग” के तहत दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से 151 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए। इन मोबाइल फोन की कीमत लगभग 22 लाख 84 हजार रूपये से अधिक है। भोपाल जीआरपी भोपाल ने ट्रेनों में मोबाइल चोरी करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन सहित 4 लाख 82 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं थाना हनुमानगंज पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 50 गुम मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए, जिनकी कीमत लगभग 12 लाख रूपये है। दोनों कार्रवाइयों में कुल 60 मोबाइल फोन सहित लगभग 16 लाख 82 हजार मूल्य की संपत्ति बरामद की गई। अशोकनगर साइबर सेल के विशेष प्रयासों से 120 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख 20 हजार रुपये है। धार जिला साइबर शाखा एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए लगभग 12 लाख रुपये से अधिक के 124 गुम मोबाइल फोन बरामद किए है। छतरपुर पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत लवकुशनगर एवं बड़ामलहरा अनुभागों में कार्रवाई करते हुए 48 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन मोबाइल फोन की कीमत लगभग 7 लाख 20 हजार रूपए है। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर एवं गृहणियां शामिल रहीं। अनूपपुर पुलिस ने थाना कोतमा एवं बिजुरी क्षेत्र से गुम हुए 22 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार रूपये है। इसके अतिरिक्त जीआरपी अनूपपुर ने चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 3 मोबाइल फोन कीमत 51 हजार रूपये जब्त किए। इस प्रकार दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 25 मोबाइल सहित लगभग 3 लाख 81 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  सिवनी पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 20 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर आवेदकों को लौटाए गए। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 4 लाख रूपये है। आधुनिक तकनीक और साइबर विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर तकनीक, सीईआईआर पोर्टल, डिजिटल विश्लेषण एवं अंतरराज्यीय समन्वय का प्रभावी उपयोग करते हुए गुम एवं चोरी हुई संपत्ति को नागरिकों तक वापस पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में भी आमजन की संपत्ति की सुरक्षा तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए ऐसे प्रयास सतत जारी रहेंगे।  

सिख गुरुओं और बाबा बंदा सिंह बहादुर की शिक्षाएं अब बच्चों को पढ़ाई जाएंगी

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख समाज से किया गया एक महत्वपूर्ण वादा पूरा करते हुए कक्षा आठवीं के इतिहास के पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं व बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़े इतिहास को शामिल करा दिया है। अब स्कूली बच्चे सिख गुरुओं के साथ-साथ बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के त्याग, बलिदान और आदर्शों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने हरियाणा में मनाए गए गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी समागम के अवसर पर घोषणा की थी कि आने वाली पीढ़ियों को सिख इतिहास, गुरुओं के आदर्शों और उनके महान बलिदानों से परिचित कराने के लिए उन्हें स्कूली शिक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा। अब सरकार ने इस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक, सभी सिख गुरुओं ने मानवता, समानता, सेवा, करुणा, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं और बाबा बंदा सिंह बहादुर का जीवन केवल एक समुदाय की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बाबा बंदा सिंह बहादुर ने गुरु गोबिंद सिंह जी की प्रेरणा से अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनका जीवन साहस, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण की भावना का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी युवाओं को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण का सशक्त साधन मानती है। इसी सोच के तहत विद्यालयी पाठ्यक्रम में ऐसे महापुरुषों के जीवन और शिक्षाओं को स्थान दिया जा रहा है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज के लिए अनुकरणीय कार्य किए। मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह ने हरियाणा सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय की लंबे समय से लंबित और भावनात्मक रूप से जुड़ी मांग को पूरा समाज की भावनाओं का सम्मान किया है।

डिजिटल जमीन रिकॉर्ड का अंचल अधिकारी करेगा सत्यापन, गलतियों पर जताई चिंता

रांची  झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने राज्य में आनलाइन भूमि अभिलेखों में लगातार हो रही त्रुटियों और विसंगतियों पर चिंता जताते हुए बुधवार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि आनलाइन भूमि रिकार्ड भौतिक अभिलेखों की हूबहू कापी होनी चाहिए। इसके लिए अब सभी डिजिटल भूमि अभिलेखों का संबंधित अंचल अधिकारियों (सीओ) द्वारा सत्यापन किया जाएगा और सत्यापन के बाद ही उन्हें डिजिटल हस्ताक्षर के साथ पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा। अदालत ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशासनिक निर्देश जारी करने को कहा है। वहीं, प्रार्थी को तीन सप्ताह के भीतर अंचल अधिकारी कुड़ू के समक्ष आवेदन देने का निर्देश देते हुए कहा गया कि मामले का निष्पादन 12 सप्ताह के भीतर किया जाए। अदालत ने प्रार्थी राम प्रकाश भगत की याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। प्रार्थी ने शिकायत की थी कि उसके पूर्वजों के नाम दर्ज भूमि का रिकार्ड भौतिक दस्तावेजों में सही है, लेकिन आनलाइन रजिस्टर और डिजिटल रिकार्ड में किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज हो गया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि राज्य में बड़ी संख्या में रैयत इसी तरह की शिकायतों के साथ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि डेटा एंट्री में हुई मानवीय त्रुटियों और पर्याप्त सत्यापन तंत्र के अभाव में आनलाइन रिकार्ड और भौतिक अभिलेखों के बीच अंतर उत्पन्न हो रहा है, जिससे नागरिकों को अनावश्यक मुकदमेबाजी करनी पड़ रही है।

जिलों की मांग पर सरकार का फैसला, राशन वितरण की डेडलाइन बढ़ी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के राशन कार्डधारकों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार ने जून माह के राशन वितरण की डेट बढ़ाते हुए अब 15 जून तक राशन वितरण कराने का फैसला किया है। पहले राशन वितरण 10 जून तक पूरा किया जाना था। दरअसल,कुछ जिलों के जिलाधिकारियों ने शासन को पत्र भेजकर निर्धारित समय सीमा के भीतर राशन वितरण पूरा करने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव एवं खाद्य आयुक्त रणवीर प्रसाद ने राशन वितरण की अंतिम डेट बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देशों के अनुसार, उत्तर प्रदेशकी सभी कोटे की दुकानों पर अब 15 जून तक पात्र लाभार्थियों को राशन वितरित किया जाएगा। इससे उन कार्डधारकों को भी राहत मिलेगी जो किसी कारणवश अब तक राशन नहीं ले सके हैं। जून माह के राशन का वितरण 25 मई से शुरू हो गया था। राशन 10 जून तक वितरित किया जाना था। वितरण सुबह छह बजे से शुरू होकर रात नौ बजे तक चलेगा अब डेट बढ़ने से 15 जून तक राशन का वितरण सुबह छह बजे से शुरू होकर रात नौ बजे तक चलेगा। इस दौरान अंत्योदय कार्डधारकों को 14 किलो गेहूं व 21 किलो चावल (कुल 35 किलो) नि:शुल्क राशन मिलेगा। जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं व तीन किलो चावल मिलेगा। शिकायत टोल फ्री नम्बर 1967 व 1800-1800-150 पर कर सकते हैं कार्डधारक नि:शुल्क राशन वितरण से संबंधित शिकायत टोल फ्री नम्बर 1967 व 1800-1800-150 पर कर सकते हैं। जांच के बाद शिकायत सही पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही हर राशन की दुकान पर पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यानी कहीं का भी कार्डधारक किसी भी कोटे के दुकान से राशन ले सकेंगे। लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 3.64 करोड़ राशन कार्ड धारक हैं, जिनके माध्यम से करीब 14.62 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने राशन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न रहे और सभी लाभार्थियों तक समय पर राशन पहुंचे। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राशन वितरण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया जाए और लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए। राशन कार्ड धारक निर्धारित अवधि के भीतर अपनी नजदीकी उचित दर की दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

1098 और 181 हेल्पलाइन के इंटीग्रेशन के निर्देश, बाल संरक्षण होगा मजबूत

 जयपुर राज्य सरकार की मंशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशीलता के साथ निवारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को बाल अधिकारिता विभाग के आयुक्त श्री निकया गोहाएन ने राजस्थान संपर्क (181) हेल्पलाइन केंद्र का  निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभाग से संबंधित तथा फलोदी जिले के प्रभारी सचिव के रूप में जिले से संबंधित दर्ज प्रकरणों, उनके निस्तारण की स्थिति और आमजन को मिल रहे फीडबैक का गहनता से विश्लेषण किया।   तकनीकी सुदृढ़ीकरण- 1098 और 181 हेल्पलाइन का होगा इंटीग्रेशन आयुक्त श्री निकया गोहाएन ने हेल्पलाइन केंद्र पर कॉल टेकर और शिकायत निवारण प्रक्रिया को देखते हुए कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों से जुड़ी आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन '1098' तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन '181' को आपस में एकीकृत किया जाए। इस एकीकरण से बाल संरक्षण से जुड़े संवेदनशील मामलों में बिना किसी तकनीकी विलंब के तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। श्री गोहाएन ने फलोदी जिले के प्रभारी सचिव होने के नाते अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए, फलोदी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विभागों की जन-शिकायतों को भी सुना और उनकी लाइव मॉनिटरिंग की। उन्होंने फलोदी क्षेत्र के नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई समस्याओं की त्वरित समीक्षा की, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े नयापुरा फलोदी में पिछले 3 दिनों से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को तुरंत ठीक करने, तथा उदय नगर व अन्य ग्राम पंचायतों में जर्जर व टूटे हुए 11KV और एलटी विद्युत पोलों को तत्काल बदलकर संभावित जनहानि को रोकने के निर्देश दिए गए। ठीक इसी प्रकार अन्य विभागों से संबंधित जन शिकायतों को सुना तथा समस्या निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

एलपीजी शवदाह गृह से लकड़ी पर निर्भरता घटेगी, शहर को मिलेगी बड़ी सुविधा

 मुंगेर  मुंगेर नगर निगम क्षेत्र के लोगों के साथ साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए जल्द ही अंतिम संस्कार की आधुनिक एवं सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होने वाली है। शहर में एलपीजी (गैस) आधारित आधुनिक मोक्षधाम के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित मोक्षधाम का निर्माण दोमंठ घाट के निकट किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने जिला प्रशासन से लगभग एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह परियोजना धरातल पर उतरेगी जिससे लोगों को पारंपरिक व्यवस्थाओं और तकनीकी समस्याओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की पहल पर बिहार के कई प्रमुख शहरों में गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इस योजना में मुंगेर के अलावा पटना, गयाजी, सहरसा, सारण, भागलपुर और बेगूसराय को भी शामिल किया गया है। विभाग का मानना है कि एलपीजी आधारित शवदाह गृह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और समयबद्ध बनाएगा। इससे लकड़ी की खपत में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। नगर निगम द्वारा जिला प्रशासन को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि शहर की बढ़ती आबादी और नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए आधुनिक मोक्षधाम का निर्माण जरूरी हो गया है। विभागीय मानकों के अनुसार परियोजना के लिए एक एकड़ भूमि की आवश्यकता है। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप इस परियोजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में दोमंठ घाट पर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह स्थापित करने की योजना पर विचार किया गया था लेकिन अब विभागीय स्तर पर एलपीजी आधारित प्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है। नई तकनीक के माध्यम से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक सरल और तकनीकी रूप से बेहतर होगी। इससे लोगों को कम समय में सुविधाजनक सेवा मिल सकेगी। वहीं शहर के लाल दरवाजा स्थित मुक्ति धाम में पहले से इलेक्ट्रिक शवदाह गृह संचालित है लेकिन पुराना हो जाने के कारण वह अक्सर खराब रहता है। इसके कारण अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को मजबूरन लकड़ी का सहारा लेना पड़ता है। इससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में नए गैस आधारित मोक्षधाम को शहर की एक बड़ी आवश्यकता माना जा रहा है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के अनुसार नए गैस आधारित शवदाह गृह का निर्माण पहले से संचालित मोक्षधाम के आसपास किए जाने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर भूमि चयन एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। शहरवासियों का कहना है कि आधुनिक मोक्षधाम के निर्माण से न केवल नगर निगम क्षेत्र बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं।

20 जून तक चलेंगे शिविर, प्रदर्शनी और स्वच्छता अभियान

करनाल  एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि सरकार के 12 वर्षों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए 20 जून तक जिला में विशेष प्रचार एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें मुख्य रूप से जन कल्याण शिविर, जन प्रतिनिधियों द्वारा अपने लोकसभा एवं विधानसभा में एक दिन व्यतीत करना, प्रदर्शनी, पौधा रोपण, विशेष स्वच्छता अभियान एवं रोजगार मेले आदि शामिल हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल बनाते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। एडीसी डा. राहुल रईया ने इस विशेष अभियान के संबंध में अधिकारियों को बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता ने चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों को विशेष प्रचार अभियान से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एडीसी डॉ. राहुल रईया ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सांसद प्रत्येक विधानसभा में एक दिन व्यतीत करेंगे। इस दौरान वे पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान में भाग लेंगे। इसी प्रकार केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं और उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कृषि विभाग, बागवानी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संयुक्त प्राकृतिक खेती पर व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। साथ ही पशुपालन विभाग द्वारा पशु मेला लगाया जाएगा, जिसमें विभाग की नवीनतम उपलब्धियों, पशुओं के रखरखाव और टीकाकरण की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यों को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा। इस मौके पर एसीयूटी सोहम शैलेंद्र व एआईपीआरओ अनुराग मौजूद रहे।  

बिहार में पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत, हजारों परिवारों को मिलेगा घर-घर पानी

पटना केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत बिहार सरकार ने दो शहरों की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुल 259.33 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इनमें एक योजना हाजीपुर जलापूर्ति से संबंधित है तो दूसरी सहरसा से। इन योजनाओं के पूरा होने से दोनों शहरों के करीब 37 हजार परिवारों को घर-घर साफ पीने का पानी उपलब्ध हो जाएगा। हाजीपुर जलापूर्ति परियोजना नगर विकास एवं आवास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हाजीपुर जलापूर्ति परियोजना पर 131.88 करोड़ रुपये खच होंगे। योजना के तहत 19,436 घरों को पेयजल की सुविधा दी जाएगी। परियोजना में तात ट्यूबवेल, सात क्लोरीनेटर प्रणाली युक्त पंप हाउस, छह जलमीनार तथा 212.70 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क का निर्माण होगा। सहरसा जलापूर्ति परियोजना वहीं, सहरसा जलापूर्ति परियोजना पर 127.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के अंतर्गत 17,454 घरों को पेयजल की आपूर्ति होगी। परियोजना में 12 ट्यूबवेल, 12 क्लोरीनेटर युक्त पंप हाउस, आठ आयरन रिमूवल प्लांट, आठ जलमीनार और 186.49 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क का निर्माण शामिल है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से हाजीपुर और सहरसा के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। साथ ही शहरों की आधारभूत जलापूर्ति व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनेगी।