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अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पुलिस समेत कई विभागों में नौकरी का रास्ता साफ

चंडीगढ़ भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी कर हरियाणा लौटने वाले हर अग्निवीर को राज्य सरकार नौकरी देगी। हरियाणा सरकार के पास लौटने वाले अग्निवीरों की सूची पहुंच चुकी है और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरी देने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं। नायब सरकार का ताजा फोकस अग्निवीरों के लिए नौकरियों में केवल आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध सरकारी पदों के साथ उन्हें जोड़कर नौकरियां देने की व्यवस्था तैयार करने पर है। अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में आरक्षण और आयु में छूट हरियाणा सरकार ने जुलाई 2024 में ही अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में क्षैतिज (होरिजेंटल) आरक्षण और आयु में छूट की घोषणा कर दी थी। इसके तहत ग्रुप-सी की सिविल सीधी भर्तियों में पांच प्रतिशत और ग्रुप-बी में एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया था। पुलिस, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया गया था। इसके बाद सरकार ने अप्रैल 2025 में कुछ पदों पर आरक्षण बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का फैसला किया। 2026 में यह व्यवस्था और विस्तारित हुई। मौजूदा प्रविधान के तहत पुलिस कॉन्स्टेबल, आईआरबी और एसडीआरएफ कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड, वाइल्ड लाइफ गार्ड तथा फायर आपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया है। एक सितंबर से हुई लागू अन्य संबंधित ग्रुप-सी पदों में पांच प्रतिशत और कौशल-विशेषज्ञता से जुड़े ग्रुप-बी पदों में एक प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। यह व्यवस्था एक सितंबर 2026 से लागू हुई है। अब सरकार ने इस आरक्षण को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों का ब्योरा मांगा है। इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए एचपीएससी और एचएसएससी के माध्यम से प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकारी विभागों से पूछा गया है कि अग्निवीरों के लिए कितने पद उपलब्ध हैं और किस श्रेणी में कितनी रिक्तियां हैं। हरियाणा में हर अग्निवीर को मिलेगी नौकरी: CM नायब सैनी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा सरकार हर अग्निवीर को नौकरी देने पर विचार कर रही है। उन्होंने सिंगापुर से लौटते ही ऐसे अग्निवीरों की सूची देखी और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरियां देने की हर संभावना पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने सैद्धांतिक रूप से यह तय कर लिया है कि अग्निवीरों को कहां और किस तरह से समायोजित किया जाना है। हरियाणा से 2022-23 में 2,227 और 2023-24 में 2,893 अग्निवीर सेना में भर्ती हुए थे। पहले बैच के चार साल पूरे होने के बाद राज्य सरकार ने अगस्त से विभागवार रिक्तियां जुटाने की कवायद तेज की है। दो साल में 47 हजार युवाओं को मैरिट पर पक्की नौकरियां मुख्यमंत्री ने बताया कि अपने दो साल के कार्यकाल में अब तक करीब 47 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। 2024 में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही करीब 25 हजार चयनित युवाओं को नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। अब करीब साढ़े पांच हजार पदों पर पुलिस की भर्ती चल रही है और साढ़े आठ हजार पदों पर अन्य भर्तियों के लिए पेपर कंडक्ट कराए जा रहे हैं।  

वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ चलाया सफाई अभियान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जलकुंड चमकाए

रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से चला सेवा संकल्प के साथ स्वच्छता  अभियान वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ किया श्रमदान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की सफाई रायपुर  बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चपका स्थित रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इस दौरान ऐतिहासिक मंदिर परिसर, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की साफ-सफाई कर स्वच्छता एवं जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।       स्वच्छता अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सभी ने मिलकर नदी घाट, प्राकृतिक जल कुंड और मंदिर परिसर के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट की सफाई की। वन मंत्री कश्यप ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।        इस अवसर पर ग्रामीणों ने जलस्रोतों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अभियान में जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छ भारत मिशन की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

बिहार में पंचायत चुनाव में देरी तय, परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया बनी बड़ी चुनौती

पटना  सरकार ने निर्धारित समय पर पंचायत चुनाव कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके पीछे तर्क चुनाव से पहले परिसीमन, आरक्षण की जटिल प्रक्रिया एवं ट्रिपल टेस्ट के उपरांत आरक्षण का निर्धारण है। पंचायत चुनाव समय पर कराने को लेकर दायर याचिका पर पांच अक्टूबर को हाई कोर्ट में हुई सुनवाई व सरकार की ओर से दिए गए उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। हाई कोर्ट में अब अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। ऐसे में स्पष्ट है कि अब राज्य निर्वाचन आयोग निर्धारित समय पर चुनाव नहीं करा पाएगा। विदित हो कि दिसंबर-2026 के मध्य से लेकर जनवरी-2027 के प्रथम सप्ताह में पंचायतों एवं ग्राम कचहरियों का वर्तमान कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। हालांकि आगामी पंचायत चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़ी है। सरकार ने इसके लिए एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान को दायित्व देने का निर्णय लिया है। संस्थान के शोधार्थी विशेषज्ञों के नेतृत्व में पंचायतों में जाकर अति पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इसके आधार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा और वर्गवार प्रतिनिधित्व को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उधर, अति पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने भी जिलेवार दौरा कर पंचायतों में विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है। विशेषज्ञाें के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल पूर्ण होने पहले संविधान के अनुच्छेद 243-ई के अनुसार कार्यकाल पूर्ण होने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग का दायित्व है कि वह चुनाव संपन्न कराएगा। लेकिन वर्तमान तैयारियों को देखते हुए ऐसा संभव नहीं दिख रहा है। ट्रिपल टेस्ट की जटिल है प्रक्रिया सरकार की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं ग्राम कचहरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है जिसमें अति पिछड़ों को 20 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाना है। इसके लिए जरूरी ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने का काम अति पिछड़ा वर्ग आयोग को दिया गया है। आयोग राजनीतिक पिछड़ेपन का अध्ययन कर आरक्षण के लिए सरकार को अपनी अनुशंसा देगा। आरक्षण देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार तीन स्तर पर प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसमें पिछड़ेपन की स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन, प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण के अनुपात का निर्धारण और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की कुल सीमा निर्धारित सीमा से अधिक न हो। इसी प्रक्रिया को ट्रिपल टेस्ट कहा जाता है। राज्य सरकार द्वारा कराए गए जातिगत सर्वे में अति पिछड़ी जातियों की कुल संख्या 112 है। प्रतिनिधित्व पर एक नजर     मुखिया की संख्या : 8053     सरपंच की संख्या : 8053     वार्ड सदस्य की संख्या : 109635     वार्ड पंच की संख्या : 109635     पंचायत समिति सदस्य : 11085     जिला परिषद सदस्य : 1160  

Flipkart की सेल सभी के लिए शुरू, iPhone 17 से लेकर AC तक खरीदने का मौका, जानें डील्स

Flipkart पर बिग बिलियन डेज सेल की शुरुआत सभी के लिए हो चुकी है. सेल के दौरान कई स्मार्टफोन, iPhone, AC और मोबाइल असेसरीज आदि को सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. लाइफस्टाइल प्रोडक्ट आदि को भी सस्ते दाम में खरीदा जा सकेगा. Flipkart Sale शुरू होने से पहले iPhone 17 की 79,999 रुपये की डील दिखाई थी लेकिन कुछ घंटे के अंदर ही कंपनी ने रेट्स में बदलाव कर दिया. अब iPhone 17 को 81,999 रुपये में लिस्ट किया है, जिसमें सभी ऑफर्स को शामिल किया है. हाल ही में iPhone 17  की सुरुआती कीमत 82,900 रुपये से बढ़ाकर 99,900 रुपये की जा चुकी है. iPhone 15 पर मिल रही डील्स Flipkart Sale में iPhone 15 को बेहद ही सस्ते दाम में खरीदने का मौका मिल रहा है. इस हैंडसेट की कीमत 59,999 रुपये में लिस्ट है. इसमें सभी ऑफर्स को शामिल किया गया है. दूसरे iPhone पर भी बंपर डिस्काउंट   फ्लिपकार्ट सेल के दौरान iPhone 17 Pro और 17 Pro Max को भी डिस्काउंट कीमत में लिस्ट किया है. सभी ऑफर्स के साथ इनकी बेहद ही कम कीमत में लिस्ट है. Samsung Galaxy S25 5G की इतनी है कीमत Samsung Galaxy S25 5G स्मार्टफोन को लॉन्चिंग प्राइस की तुलना में काफी सस्ते में खरीदने का मौका मिल रहा है. सेल के दौरान 54,999 रुपये में लिस्ट किया है,जिसमें सभी ऑफर्स को शामिल किया गया है. बीते साल इस हैंडसेट को 79,900 रुपये में लिस्ट किया था.   AC पर बंपर ऑफर फ्लिपकार्ट सेल के दौरान एयर कंडीशनर (AC) पर बंपर ऑफर दिए जा रहे हैं. सेल पेज पर बताया है कि 1 Ton AC को 22,990 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकेगा. फ्लिपकार्ट पर AC के ढेरों ऑफ्शन मौजूद हैं. यह विंडो और Split AC के कई ऑप्शन मौजूद हैं.

भारत में नहीं खेलेगा पाकिस्तान, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में बांग्लादेश को मिली एंट्री

नई दिल्ली  पाकिस्तान ने भारत में होने वाले हॉकी एशियंस चैंपियंस ट्रॉफी से अपना नाम वापस ले लिया है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मुकाबलों को न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की मांग की थी। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान की इस मांग को ठुकरा दिया, जिस वजह से पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है। उनकी जगह अब बांग्लादेश को एंट्री मिली है। भारत ने ठुकराई पाकिस्तान की मांग पीएचएफ ने एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) से पाकिस्तान और भारत के बीच होने वाले मैचों को इंडिया से बाहर कराने की मांग की थी। मगर भारत ने न्यूट्रल वेन्यू पर मैच खेलने से पूरी तरह से इनकार कर दिया। भारत का कहना है कि टूर्नामेंट का आयोजन अपने शेड्यूल के हिसाब से ही होगा। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि उनके लिए खिलाड़ियों का सम्मान और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हालांकि भारत ने अपना रुख साफ कर दिया, जिस वजह से पाकिस्तान की जगह टूर्नामेंट में बा्ंग्लादेश को शामिल कर लिया गया है। 27 अक्टूबर से शुरु होगी चैंपियंस ट्रॉफी एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को होगा। मेजबान भारत के अलावा, मलेशिया, चाइना, जापान, साउथ कोरिया और बांग्लादेश टूर्नामेंट का हिस्सा होंगी। चैंपियंस ट्रॉफी के मैच जालंधर और मोहाली में खेले जाएंगे। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में सभी लीग मैच आयोजित होंगे। वहीं मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में नॉकआउट मैच खेले जाएंगे। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का रहा है दबदबा एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत साल 2011 से हुई थी। इसके बाद से भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा है। भारत ने कुल 5 बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। इसके अलावा साल 2018 में भारत ने बारिश की वजह से फाइनल रद होने के कारण पाकिस्तान के साथ ट्रॉफी शेयर की थी। भारत पिछले दो बार से अपनी ट्रॉफी डिफेंड करते हुए आ रहा है। पिछले साल टीम इंडिया ने साउथ कोरिया को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। फैंस को इस बार भी भारत से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम लगातार चौथी बार खिताब जीतने के इरादे से टूर्नामेंट में उतरेगी।

भारतीय क्रिकेट में इंजरी बनी बड़ी चुनौती, 32 खिलाड़ी चोटिल; COE का बजट बढ़कर ₹127 करोड़

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की इंजरी अब बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं. लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों के कारण टीम मैनेजमेंट को अहम सीरीज के दौरानमुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सालाना रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच भारतीय मेन्स टीम के 32 शीर्ष खिलाड़ियों को चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा. इनमें 20 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले और 12 इंडिया-ए या टारगेटेड कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल हैं. TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 के बाद भी चोटों का सिलसिला जारी रहा और लगभग हर सीरीज में कम से कम दो खिलाड़ियों के चोटिल होने की स्थिति सामने आई. भारतीय की टेस्ट-वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी पिछले एक साल में खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी समस्याओं पर चिंता जता चुके हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि खिलाड़ियों को चोटों से बचाने और उनकी रिकवरी बेहतर करने के लिए मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाने चाहिए. चोटों के बढ़ते मामलों के बीच बीसीसीआई ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए खर्च बढ़ाने का प्रावधान किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीओई का अनुमानित बजट 127 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में वास्तविक खर्च करीब 92 करोड़ रुपये था. यानी बजट में लगभग 35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इस खर्च में प्रशासनिक लागत, प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और मैचों से जुड़े व्यय शामिल हैं. हालांकि, बढ़े हुए बजट का असर खिलाड़ियों की फिटनेस और चोटों की रोकथाम पर कितना पड़ता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा. सॉफ्ट टिश्यू इंजरी बनी समस्या रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल 68 क्रिकेटर्स की चोटों का इलाज और प्रबंधन बीसीसीआई-सीईओ की स्पोर्ट्स साइंस मेडिसिन (SSM) टीम ने किया. इनमें महिला क्रिकेटर्स भी शामिल हैं. हालांकि, रिपोर्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के रिहैबिलिटेशन की संख्या या अवधि का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है. इन मामलों में सॉफ्ट टिश्यू इंजरी सबसे प्रमुख रही. इस श्रेणी में मांसपेशियों और उनसे जुड़े ऊतकों की चोटें आती हैं, जो खिलाड़ियों की दौड़ने, गेंदबाजी करने और मैदान पर तेजी से मूवमेंट करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. यह भी पढ़ें: नाना पाटेकर की वो नसीहत भूले नहीं हैं पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली, निधन की खबर ने तोड़ दिया दिल रिपोर्ट में इम्पैक्ट इंजरी के उदाहरण के तौर पर ऋषभ पंत का उल्लेख किया गया है. जुलाई 2025 में मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान पैर में फ्रैक्चर होने के बाद ऋषभ को उपचार की जरूरत पड़ी थी. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रोहित शर्मा ने भी इस अवधि में सीओई में रिहैबिलिटेशन कराया था. बीसीसीआई ने उस समय उनके सेंटर में उपचार को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था. रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने आईपीएल 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण सीओई में रिपोर्ट किया था. यह भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी ने नेट्स में की चौके-छक्कों की बारिश, गुरु गंभीर का रिएक्शन Viral चोटों से प्रभावित खिलाड़ियों की सूची में कई प्रमुख नाम शामिल हैं. जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, हार्दिक पंड्या और प्रसिद्ध कृष्णा ऐसे खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनके चोट संबंधी मामले बार-बार सामने आए. रिपोर्ट में बताया गया है कि हर्षित राणा, हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी ने पिछले 18 महीनों में कम से कम चार-चार महीने सीओई में बिताए हैं. इसके अलावा 30 सितंबर 2026 तक की सूची में विराट कोहली, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे सहित कई अन्य खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया था. सोओई में SSM प्रमुख का पद खाली प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपलब्धता का सीधा असर टीम सेलेक्शन और कॉम्बिनेशन पर पड़ता है. तेज गेंदबाजों के मामले में यह चुनौती और अहम हो जाती है क्योंकि लगातार मैच खेलने और अभ्यास के बीच उनके वर्कलोड को संतुलित करना जरूरी होता है. रिपोर्ट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज से जुड़ी समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया गया है. स्पोर्ट्स साइंस मेडिसिन प्रमुख नितिन पटेल ने मार्च 2025 में इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद यह पद लंबे समय तक खाली रहा. बीसीसीआई ने पिछले महीने इस पद के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया. भारतीय टीम की एसएसएम इकाई और सीओई की एसएसएम टीम के बीच संवाद में भी कमी रही है. सीओई प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण दोनों के बीच संपर्क का मुख्य माध्यम बने हुए हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्सएड ने जून 2025 में खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट की प्रक्रिया में कुछ बदलाव सुझाए थे, लेकिन सीओई अपनी मौजूदा व्यवस्था से अलग हटने को लेकर अनिच्छुक रहा. इस स्थिति में दोनों इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी रणनीति को प्रभावी बनाने के लिए अहम हो सकता है. कोविड के दौरान भी बने थे ऐसे हालात भारतीय क्रिकेट में सॉफ्ट टिश्यू इंजरी का दौर पहले भी देखने को मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 में कोविड-19 महामारी के दौरान बायो-बबल से बाहर निकलने के बाद कई खिलाड़ियों को चोटों का सामना करना पड़ा था. उस समय दो से तीन महीने में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया था. इससे पहले 2017 में भी लगभग तीन महीने तक कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे. उस दौर में स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच शंकर बसु ने फिटनेस कार्यक्रम में बड़े बदलाव किए थे. सीओई की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले ऑडिट किए गए वित्त वर्ष में बजट में शामिल 57 कैम्प और टूर्नामेंट में से 15 आयोजित नहीं किए गए. इसी अवधि में सेंटर ने अलग-अलग आयु वर्ग और महिला-पुरुष खिलाड़ि 25 हाई-परफॉर्मेंस कैम्प आयोजित किए. पूर्वोत्तर राज्यों के खिलाड़ियों के लिए विशेष कैम्प भी लगाए गए. इसके अलावा स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच, अन्य कोच और मैच अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए. रिपोर्ट में उन 15 कैम्प और टूर्नामेंट के आयोजित नहीं होने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं है. बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बंधे खिलाड़ियों और … Read more

लिवर रोगों की समय पर पहचान होगी आसान, राजस्थान में बनेगी मरीजों की विशेष रजिस्ट्री

 उदयपुर  लिवर की बीमारी की समय पर पहचान और बेहतर इलाज के लिए शुरू किया गया जन आरोग्य लिवर क्लीनिक अब प्रदेशभर में विस्तार की राह पर है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए छह विशेषज्ञों की समिति गठित की है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार माथुर को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में क्लीनिक शुरू करने के साथ ही मरीजों की जांच, उपचार और नियमित निगरानी की व्यवस्था का खाका तैयार करेगी। मरीजों की बनेगी लिवर रोग रजिस्ट्री : चिकित्सा शिक्षा आयुक्त चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल की ओर से 5 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, समिति लिवर रोगों की पहचान, इलाज और मरीजों की निगरानी की व्यवस्था तैयार करेगी। इसके लिए राज्य लिवर रोग रजिस्ट्री बनाई जाएगी, जिसमें मरीजों और उनकी बीमारी से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज होगी। इससे प्रदेश में लिवर रोगों की स्थिति और इलाज की जरूरत वाले क्षेत्रों का आकलन किया जा सकेगा। शोध के लिए बनेगा जैव बैंक लिवर रोग से जुड़े नमूनों और जरूरी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जैव बैंक विकसित किया जाएगा। इससे बीमारी पर शोध और नए उपचार की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी। समिति मौजूदा क्लीनिकों को बेहतर बनाने और प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में जन आरोग्य लिवर क्लीनिक शुरू करने की योजना भी तैयार करेगी। छह विशेषज्ञों की समिति डॉ. माथुर की अध्यक्षता वाली समिति में कोटा के डॉ. अनिल शर्मा, जोधपुर के डॉ. साबिर हुसैन, बीकानेर की डॉ. विनीता चौधरी और अजमेर के डॉ. राज मणि सदस्य हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के डॉ. के.के. शर्मा संयोजक एवं समन्वयक होंगे। “लिवर की बीमारी का इलाज तभी आसान है, जब उसका पता समय रहते चल जाए। जन आरोग्य लिवर क्लीनिक इसी सोच के साथ मरीजों तक जांच, सलाह और जरूरी उपचार पहुंचाने की पहल है।” -डॉ. विपिन माथुर, अध्यक्ष, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, आरएनटी मेडिकल कॉलेज

कॉल रिकॉर्डिंग से मीटिंग नोट्स तक, क्रेडिट कार्ड जैसा AI डिवाइस Plaud सेल में हुआ सस्ता

दिवाली पर अगर इस बार किसी को ऐसा गैजेट गिफ्ट करना चाहते हैं जो सिर्फ दिखने में स्मार्ट न हो, बल्कि रोजमर्रा के काम भी आए, तो AI की दुनिया से एक दिलचस्प विकल्प सामने आया है. AI नोट लेने वाले गैजेट बनाने वाली कंपनी Plaud ने भारत में दिवाली के लिए अपने चार डिवाइस पर खास ऑफर का ऐलान किया है. इस ऑफर में कंपनी का सबसे महंगा Plaud Note Pro भी ₹4,000 सस्ता मिल रहा है. कंपनी के मुताबिक, यह ऑफर 8 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक चलेगा. खास बात यह है कि Plaud का यह गैजेट सिर्फ आवाज रिकॉर्ड नहीं करता. रिकॉर्ड की गई बातचीत को AI टेक्स्ट में बदलता है, उसकी समरी बनाता है और जरूरी बातों को अलग करके सामने रख सकता है. यानी मीटिंग में सामने बैठे व्यक्ति की बात सुनते हुए हर लाइन लिखने की जरूरत काफी कम हो सकती है. ₹13,990 से शुरू हुई Plaud की दिवाली सेल Plaud के चार डिवाइस इस ऑफर का हिस्सा हैं. Plaud Note Pro की कीमत ऑफर में ₹16,990 रखी गई है. Plaud NotePin S ₹15,990 में, Plaud Note ₹14,990 में और Plaud Note Pin ₹13,990 में मिलेगा. कंपनी की मौजूदा भारतीय वेबसाइट पर इन डिवाइस की कीमतें क्रमशः ₹20,990, ₹19,990, ₹16,990 और ₹16,990 हैं. यानी ऑफर के दौरान Note Pro और NotePin S पर ₹4,000 तक की बचत हो सकती है. Plaud Note पर ₹2,000 और NotePin पर ₹3,000 तक कम कीमत मिल रही है. यह ऑफर ऐसे समय आया है जब भारत में दिवाली से पहले ऑनलाइन शॉपिंग सीजन शुरू हो रहा है. Amazon की Great Indian Festival सेल भी 8 अक्टूबर से शुरू हो रही है और इसमें Plaud के AI नोट लेने वाले डिवाइस भी ऑफर में शामिल हैं. आखिर Plaud है क्या? पहली नजर में Plaud Note Pro किसी छोटे रिकॉर्डर या पुराने जमाने के डिक्टाफोन जैसा लग सकता है. लेकिन इसके अंदर का सिस्टम काफी अलग है. इसका काम सिर्फ आवाज को रिकॉर्ड करके रखना नहीं है. इसका असली काम रिकॉर्ड हुई बातचीत को उपयोगी जानकारी में बदलना है. मसलन, आपने किसी क्लाइंट के साथ 45 मिनट की मीटिंग की. इस दौरान आपने कई बातें सुनीं, कुछ सवाल पूछे और सामने वाले ने कई काम बताए. मीटिंग खत्म होने के बाद आपको पूरी बातचीत दोबारा सुनने की जरूरत पड़ सकती है. Plaud का सिस्टम इसी जगह काम आता है. रिकॉर्डिंग को AI ट्रांसक्रिप्ट में बदला जा सकता है और फिर उससे सारांश, जरूरी बातें और आगे किए जाने वाले काम निकाले जा सकते हैं. कंपनी के अनुसार उसका AI सिस्टम 112 भाषाओं में ट्रांसक्रिप्शन, स्पीकर की पहचान और अलग-अलग तरह के सारांश बनाने में सक्षम है. यानी यह सिर्फ रिकॉर्डर नहीं है. इसे एक तरह का डिजिटल नोट असिस्टेंट समझा जा सकता है. पत्रकार, छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए क्यों काम का? इस गैजेट का सबसे बड़ा इस्तेमाल उन लोगों के लिए है जिनका काम बातचीत पर टिका है. पत्रकारों के लिए इंटरव्यू इसका सबसे सीधा उदाहरण है. इंटरव्यू के दौरान लगातार नोट्स लिखने के बजाय पत्रकार बातचीत पर ध्यान दे सकता है और बाद में ट्रांसक्रिप्ट से जरूरी हिस्से निकाल सकता है. इसी तरह कॉरपोरेट मीटिंग, क्लाइंट कॉल, सेल्स मीटिंग, रिसर्च, लेक्चर या इंटरव्यू में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. Plaud ने भारत में लॉन्च के समय भी अपने डिवाइस को प्रोफेशनल्स, बिजनेस लीडर्स, सेल्स टीम, रिसर्चर्स, पत्रकारों और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर पेश किया था. Plaud Note Pro में ऐसा क्या खास है? चारों डिवाइस में सबसे ज्यादा फीचर Plaud Note Pro में मिलते हैं. यह क्रेडिट कार्ड के करीब आकार का डिवाइस है और इसमें चार माइक्रोफोन के साथ आवाज रिकॉर्ड करने की सुविधा दी गई है. कंपनी के अनुसार इसका ऑडियो पिकअप करीब 5 मीटर तक है. इसमें एक AMOLED डिस्प्ले भी है. इसका इस्तेमाल फोन कॉल और आमने-सामने की मीटिंग दोनों के लिए किया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक इसकी 500mAh बैटरी Enhance Mode में 30 घंटे और Endurance Mode में 50 घंटे तक लगातार रिकॉर्डिंग कर सकती है. इसमें 64GB स्टोरेज दिया गया है. यानी अगर किसी को रोज कई मीटिंग करनी पड़ती हैं तो Note Pro सबसे ज्यादा फीचर वाला विकल्प है. हालांकि इसकी सामान्य कीमत ₹20,990 है, इसलिए ₹16,990 का दिवाली ऑफर इसे पहले के मुकाबले ज्यादा दिलचस्प बनाता है. NotePin S उन लोगों के लिए है जिन्हें छोटा और पहनने वाला गैजेट चाहिए Plaud का दूसरा बड़ा डिवाइस NotePin S है. इसका डिजाइन अलग है. इसे कपड़ों पर पिन किया जा सकता है या लैनयार्ड और रिस्टबैंड के साथ पहना जा सकता है. इसमें सबसे खास चीज एक फिजिकल रिकॉर्ड बटन है. इसे लंबे समय तक दबाकर रिकॉर्डिंग शुरू की जा सकती है, जबकि छोटा प्रेस करके बातचीत के किसी खास हिस्से को हाईलाइट किया जा सकता है. बाद में AI को यह समझने में मदद मिलती है कि बातचीत का कौन सा हिस्सा ज्यादा महत्वपूर्ण था. NotePin S का वजन करीब 17.4 ग्राम है और इसमें 64GB स्टोरेज के साथ करीब 20 घंटे तक रिकॉर्डिंग का दावा किया गया है. एक बात ध्यान रखना जरूरी है AI रिकॉर्डर खरीदना सिर्फ हार्डवेयर खरीदना नहीं है. इस तरह के डिवाइस का असली फायदा उसके AI सॉफ्टवेयर से आता है. Plaud में भी रिकॉर्डिंग को ट्रांसक्रिप्ट और सारांश में बदलने के लिए उसका AI सिस्टम इस्तेमाल होता है. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार हर महीने 300 मिनट का AI ट्रांसक्रिप्शन Starter Plan में मिलता है. ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को दूसरे प्लान की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए सिर्फ डिवाइस की कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं होगा

दुर्गा पूजा को लेकर झारखंड पुलिस अलर्ट, जैप-झारखंड जगुआर समेत कई बलों की होगी तैनाती

 रांची दुर्गा पूजा के दौरान राज्य में विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों में 14 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक अतिरिक्त बल की प्रतिनियुक्ति होगी। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार सभी जिलों में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में जुटने वाली भारी भीड़, मेला व आयोजनों को देखते हुए उक्त प्रतिनियुक्ति की जा रही है। उन जिलों में झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी), स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (एसआइआरबी), झारखंड जगुआर का बम निरोधक दस्ता, अश्रु गैस दस्ता की तैनाती होगी। सशस्त्र व लाठी बल को विधि व्यवस्था ड्यूटी में लगाया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में रैपिड एक्शन पुलिस (रैप) के जवानों को तैनात किया जा रहा है। प्रशिक्षण संस्थानों से भी लिए जा रहे हैं बल पुलिस मुख्यालय ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों से भी बल की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इसके लिए जंगल वारफेयर स्कूल नेतरहाट के डीआईजी, झारखंड जगुआर के एसपी, सिपाही प्रशिक्षण केंद्र मुसाबनी, जैप प्रशिक्षण केंद्र पद्मा व जैप, आईआरबी, एसआइआरबी के सभी कमांडेंट को बल की प्रतिनियुक्ति संबंधित आदेश जारी किया है। बलों की निगरानी, उनके रहने-खाने के इंतजाम व उनपर नियंत्रण के लिए उनसे संबद्ध पदाधिकारियों के लिए भी दिशा-निर्देश दिया गया है। सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को निर्धारित अवधि के समापन के बाद 24 अक्टूबर की सुबह में उनके पैतृक वाहिनी, संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान व प्रतिनियुक्ति स्थल में लौटना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

आवारापन 2 OTT Release: इमरान हाशमी की फिल्म प्राइम वीडियो पर हुई रिलीज, घर बैठे देख सकेंगे फैंस

 साल 2026 अभिनेता इमरान हाशमी के लिए बहुत शानदार रहा है। इमरान हाशमी ने इस साल फिल्म 'आवारापन 2' में काम किया और यह फिल्म इमरान के करियर के लिए लकी जैकपॉट साबित हुई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और फिल्म के गाने भी खूब हिट रहे। अब फिल्म (Awarapan 2 OTT release) ओटीटी पर कब आ रही है, इसको लेकर जानकारी सामने आई है। ओटीटी पर कब रिलीज होगी 'आवारापन 2'? इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) स्टारर फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन किया, ऐसे में फैंस को इंतजार है कि फिल्म ओटीटी पर कब आए। अब इसको लेकर जानकारी सामने आई है। फिल्म को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होना शुरू हो चुकी है। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म Prime Video की तरफ से इसका एलान किया गया है। प्राइम वीडियो ने घोषणा की है कि 'आवारापन 2' (Awarapan 2) अब उनके प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है। इस एलान का एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसके कैप्शन में लिखा 'तो फिर आओ एक बार फिर शिवम पंडित से मिलने'। इसके अलावा वीडियो में फिल्म का गाना 'तेरा मेरा रिश्ता' (Tera Mera Rishta) भी बजता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो पर कई फैंस ने कमेंट्स भी किए और इमरान और उनके किरदार शिवम पंडित पर खूब प्यार लुटाया है। हिट हुई 'आवारापन 2' वहीं आवारापन 2 की बात करें तो फिल्म साल 2007 में आई फिल्म आवारापन का सीक्वल है। फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है और इसे नितिन, बिलाल सिद्दीकी और विशेष भट्ट ने लिखा है। वहीं फिल्म को विशेष फिल्म्स ने बनाया। आपको बता दें कि जब साल 2007 में आवारापन आई थी तो फिल्म ने कोई खास कमाल नहीं दिखाया था, लेकिन फिल्म के दूसरे पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की। सेक्निल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, आवारापन 2 ने करीब 2013 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया। फिल्म के जरिए इमरान हाशमी फिर से शिवम पंडित बनकर लौटे और दर्शकों ने उन पर खूब प्यार लुटाया। इसके अलावा फिल्म के गाने (Awarapan 2 Songs) खूब हिट हुए। फिल्म में इमरान के साथ दिशा पाटनी, शबाना आजमी जैसे एक्टर्स भी नजर आए।