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खेतों में जानलेवा खतरा, 189 कीटनाशक सैंपल फेल, विधानसभा में पेश हुआ डेटा

जयपुर  दो साल में 535 किसानों की मौत, 5.1 करोड़ रुपये का मुआवजा और 189 घटिया कीटनाशक सैंपल… आंकड़े थोड़े चौकाने वाले हैं लेकिन राजस्थान में सवाल उठा रहे हैं। विधानसभा में पेश किए गए ये आंकड़े केमिकल-आधारित खेती के खतरनाक पहलू और सुरक्षा में कमी व नियमों के पालन पर सवाल उठा रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 और जनवरी 2026 के बीच खेतों में काम करते समय कीटनाशकों के संपर्क में आने से किसानों की मौत हुई। बीकानेर में सबसे ज्यादा 57 मौतें हुईं, इसके बाद चुरू (56), हनुमानगढ़ (42) और झालावाड़ (42) का नंबर आता है। जोधपुर में 38 मौतें हुईं। श्रीगंगानगर और ब्यावर में 31-31 मौतें हुईं। मुआवजे में भी सामने आई कमी इस दौरान राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को मुआवजे के तौर पर 5.1 करोड़ रुपये दिए। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मुआवजे की रकम में काफी अंतर था और इससे मौतों की रिपोर्ट और मंजूर किए गए दावों के बीच की कमियां सामने आईं। बीकानेर को मुआवजे के तौर पर 92 लाख रुपये, चुरू को 72 लाख रुपये, जोधपुर को 58 लाख रुपये और हनुमानगढ़ को 48 लाख रुपये मिले। श्रीगंगानगर को 18 लाख रुपये मिले। झालावाड़ में 42 मौतें होने के बावजूद, वहां भी सिर्फ 18 लाख रुपये ही मिले। डीग में आठ मौतें हुईं लेकिन कोई मुआवजा नहीं मिला, जबकि कोटा में 11 मौतें हुईं और 2 लाख रुपये मिले। अधिकारियों ने इस अंतर की वजह दावों की जांच और मंजूरी की प्रक्रियाओं को बताया। नहीं बताई हर मौत की सटीक वजह कृषि विभाग के रिकॉर्ड में हर मौत की सटीक वजह नहीं बताई गई थी। इस डेटा में कीटनाशकों के इस्तेमाल से जुड़े खेती के कामों के दौरान हुई मौतें शामिल थीं और इसमें सिर्फ वही मामले थे जिनकी रिपोर्ट अधिकारियों ने दी थी और जिनकी पुष्टि की थी। किशनपोल के विधायक अमीन कागजी ने कहा, "अगर रोजमर्रा के खेती के कामों के दौरान सैकड़ों किसान मर रहे हैं तो सरकार सिर्फ मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। हमें जवाबदेही, कीटनाशकों के लिए सख्त नियम और पूरे राजस्थान में किसानों के लिए एक व्यापक सुरक्षा कार्यक्रम की जरूरत है।" कीटनाशक के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल मौतों के इन आंकड़ों के साथ विधानसभा से एक और चिंताजनक जानकारी सामने आई। उसी दो साल की अवधि में 189 कीटनाशक के नमूने क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए। पूरे राजस्थान से इकट्ठा किए गए 5,570 कीटनाशक के नमूनों में से 5,521 का विश्लेषण किया गया। जहां 5,332 नमूने तय मानकों पर खरे उतरे, वहीं 189 घटिया क्वालिटी के पाए गए। क्वालिटी की जांच के बाद अधिकारियों ने 282 नोटिस जारी किए, 14 कोर्ट केस दर्ज किए, 14 लाइसेंस सस्पेंड किए और 22 लाइसेंस रद कर दिए। घटिया क्वालिटी वाले कीटनाशक नमूनों की सूची में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सबसे ऊपर रहे, जहां हर जगह 17-17 नमूने खराब पाए गए। इसके बाद बीकानेर (13), कोटा (10) और भीलवाड़ा (9) का नंबर आता है। श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा 34 नोटिस भी जारी किए गए, जिसके बाद बीकानेर (20), हनुमानगढ़ (19) और चूरू (17) का स्थान रहा। 14 मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई, जिनमें बीकानेर में पांच और श्रीगंगानगर में तीन मामले शामिल थे। कीटनाशक को लेकर खड़े होते सवाल ये आंकड़े भारत में कीटनाशकों से जुड़े खतरों की एक गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। ज्यादा पैदावार वाली खेती में लंबे समय से केमिकल वाले कीटनाशकों पर बहुत ज्यादा निर्भरता रही है, लेकिन जानकारों ने बार-बार चेतावनी दी है कि सुरक्षा के अपर्याप्त साधनों, असुरक्षित तरीके से इस्तेमाल, जरूरत से ज्यादा छिड़काव और खराब क्वालिटी के एग्रोकेमिकल्स की वजह से खेत जहरीली जगहों में बदल सकते हैं। इंसानी सेहत को होने वाले खतरों के अलावा, कीटनाशकों के बहुत ज्यादा इस्तेमाल का संबंध मिट्टी की क्वालिटी खराब होने, पानी के दूषित होने, जैव-विविधता के नुकसान और परागण करने वाले व फायदेमंद कीड़ों की आबादी घटने से भी जोड़ा गया है। इससे केमिकल पर बहुत ज्यादा निर्भर खेती के टिकाऊपन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अच्छी शिक्षा और नैतिक मूल्यों पर दें जोर: राज्यपाल बागडे

 जयपुर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अच्छी शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता कैसे बढ़े, इस पर भी विशेष रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों में नैतिकता और सहनशीलता के गुण विकसित करने पर विशेष ध्यान दे।  उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के प्रकाश पुंज होते है। ज्ञान का पूरे समाज में प्रसार यहीं से होता है। इसलिए उन्हें उत्कृष्ट बनाने लिए सभी मिलकर कार्य करें। राज्यपाल श्री बागडे रविवार को लोकभवन से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के 23 वें स्थापना दिवस पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि वह विरले संत थे। उनके नाम पर विश्वविद्यालय में भवन निर्माण अच्छी पहल है। वह ऐसे संत थे जो प्रचार प्रसार से दूर रहते थे। उन्होंने कभी अपनी फोटो तक नहीं खिंचवाई। अपने चरण छूने से भी वह मना करते थे। ऐसे आदर्श संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे ही एक महापुरुष गीता प्रेस के जरिए देश में संस्कृति और संस्कारों के प्रसार की अभूतपूर्व भूमिका निभाने वाले  हनुमान प्रसाद पोद्दार जी थे।  गोविंद वल्लभ पंत जी उन्हें भारत रत्न पुरस्कार देना चाहते थे और परन्तु उन्होंने लेने से मना कर दिया। श्री बागडे ने विश्वविद्यालय भवनों का नाम संत, महात्माओं के नाम पर किए जाने की सराहना की परंतु यह भी कहा कि जिन महापुरुषों, संतों के नाम पर भवनों के नाम रखे गये हैं, उनके बारे में संक्षिप्त और सार्थक परिचय पुस्तिका भी प्रकाशित हो ताकि नई पीढ़ी को उनके बारे में निरंतर जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि बीकानेर में महाराजा गंगासिंह जी के समय खेजड़ी को काटने पर रोक का कानून बना था। राज्य सरकार ने भी खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाया है। लोकभवन स्तर पर पिछले वर्ष सर्वपल्ली राधाकृष्ण आयुर्वेद विश्वविद्यालय में 300 से अधिक खेजड़ी के पेड़ लगाए गए। हमारा प्रयास है कि खेजड़ी का एक ऐसा पार्क विकसित किया जाए ताकि इस मरुभूमि के कल्पवृक्ष के बारे में जागरूकता का प्रसार हो। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की इस वृक्ष से इसीसे और निकटता होगी। राज्यपाल ने गंग नहर निर्माण शताब्दी वर्ष पर जल संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पानी की बचत ही इसका निर्माण है। पानी बचाने के लिए जागरूकता का प्रसार होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राजस्थान के पारंपरिक पेड़ पौधों और जल संरक्षण से जुड़ी संस्कृति से जुड़ी किसी परियोजना पर कार्य करने की भी आवश्यकता जताई। केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का आदर्श केंद्र बने। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का जो संकल्प देश के प्रधानमंत्री की पहल पर लिया गया है, उसकी पूर्ति युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में ज्ञान परंपरा के आलोक में भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों पर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि  गंगनहर योजना के शताब्दी वर्ष पर जल संरक्षण के महती काम आरंभ हुए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में राजस्थान में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी और कहा कि सरकार का प्रयास है कि उच्च शिक्षा गुणवत्ता और प्रसार में राजस्थान अग्रणी बने। इससे पहले कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने विश्वविद्यालय गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री बागडे ने विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र, आचार्य तुलसी भवन, विज्ञान भवन, करणी भवन, कला भवन, रामसुखदास जी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन के साथ विश्वविद्यालय के हुए एमओयू के लिए बधाई दी और कहा कि इससे विद्यार्थियों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के नवीनतम ज्ञान, कौशल विकास का लाभ मिलेगा।

निवेश प्रवाह बढ़ने के संकेत, SBI-कोटक रिपोर्ट में बड़े पूंजी इनफ्लो का अनुमान

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया नीतिगत घोषणाओं और निवेश संबंधी सुधारों से भारत में 75 अरब डॉलर तक की विदेशी पूंजी आ सकती है। एसबीआई रिसर्च और कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्टों में कहा गया है कि इन सुधारों से विदेशी निवेश बढ़ेगा, रुपये को मजबूती मिलेगी और सरकारी उधारी की लागत कम हो सकती है। एसबीआई का अनुमान है कि आरबीआई के उपायों से कम से कम 40 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है, जबकि कोटक सिक्योरिटीज ने 50 से 75 अरब डॉलर तक पूंजी प्रवाह की संभावना जताई है। दोनों संस्थानों का मानना है कि अगस्त में मौद्रिक नीति समिति रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रख सकती है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 6.9 प्रतिशत था। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए कमजोर वैश्विक मांग, आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और अल नीनो से जुड़े जोखिमों को जिम्मेदार बताया है। वहीं खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया गया है। पीएम ने आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ किया विमर्श प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक उथल पुथल के बीच आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्यों के साथ भारत की आर्थिक वृद्धि को और गति देने के उपायों पर विचार विमर्श किया और सुझाव लिए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए विभिन्न सुझावों और नीतिगत कदमों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही जीवन की सुगमता और कारोबार की सुगमता को बेहतर बनाने से जुड़े सुधारों पर भी मंथन हुआ। इस समय वैश्विक पटल पर पश्चिम एशिया का संघर्ष एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। बैठक के दौरान इस भू-राजनीतिक संकट को लेकर भी गंभीरता से चर्चा हुई। पीएम-ईएसी के सदस्यों ने पश्चिम एशिया संघर्ष का भारत सहित पूरी दुनिया पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अपना आकलन प्रधानमंत्री के सामने पेश किया। यह आकलन सरकार को भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए नीतियां तैयार करने में मदद करेगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं और असमान विकास दर जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। बैठक में पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास भी मौजूद रहे। वर्तमान में ईएसी-पीएम के अध्यक्ष एस महेंद्र देव हैं। परिषद में तीन पूर्णकालिक सदस्य और 11 अंशकालिक सदस्य शामिल हैं। सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रहने का अनुमान है, जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए यह 7.7% रह सकती है। आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण और सेवा क्षेत्र अर्थव्यवस्था की वृद्धि के प्रमुख चालक बने हुए हैं। वैश्विक संकट में विकास की रणनीति पीएम व आर्थिक सलाहकार परिषद के बीच हुई इस बैठक में मुख्य रूप से उन रणनीतियों पर मंथन किया गया, जो भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी तेजी से आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं। अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल नीतियां बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार करना भी जरूरी है।  

FIFA वर्ल्ड कप से पहले इराक खिलाड़ी को एयरपोर्ट पर रोका गया

नई दिल्ली FIFA वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका में नया बखेड़ा हो गया. दरअसल, अमेरिका पहुंचने पर इराक के स्टार स्ट्राइकर आयमेन हुसैन को हिरासत में लिया गया और एयरपोर्ट पर उनसे लगभग सात घंटे तक पूछताछ की गई. हुसैन, जो इराक के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं और जिनके गोल ने देश के लिए वर्ल्ड कप में जगह पक्की की थी, उन्हें शनिवार तड़के शिकागो के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद आखिरकार अमेरिका में एंट्री की इजाजत दे दी गई. वहीं इराक की नेशनल टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को 10 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखने के बाद देश में एंट्री नहीं दी गई. इराकी ओलंपिक समिति के साथ काम करने वाले और नेशनल फुटबॉल टीम के साथ करीबी संपर्क रखने वाले अधिकारी ने बताया कि लंबी पूछताछ के दौरान हुसैन के फोन की भी जांच की गई. अधिकारी ने कहा, 'नेशनल टीम के फोटोग्राफर तलाल सलाह को 10 घंटे से ज़्यादा समय तक रोका गया, उनके फोन की भी वैसी ही जांच हुई और आखिरकार उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं दी गई.' इस घटना के बारे में इराकी फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई, जबकि US इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने भी हिरासत की खबरों पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की. बता दें कि इस बार FIFA वर्ल्ड कप की संयुक्त मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको कर रहे हैं. इराक चार दशकों में पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने जा रहा है. टीम की कमान 30 साल के हुसैन संभालेंगे, साथ ही इप्सविच टाउन के फॉरवर्ड अली अल-हमादी और युवा खिलाड़ी अली जसीम और यूसुफ अमीन भी टीम का हिस्सा होंगे. टीम को ग्रुप 1 में फ्रांस, सेनेगल और नॉर्वे के साथ रखा गया है.

डाक विभाग की भूमिका पर आधारित प्रदर्शनी ‘गेट योरसेल्फ काउंटेड’ का आयोजन

 रांची  डिजिटल युग से पहले देश में जनगणना जैसे विशाल राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में डाक विभाग की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी, इसकी झलक रांची के आड्रे हाउस में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी गेट योरसेल्फ काउंटेड, स्वतंत्र भारत में जनगणना का एक डाक इतिहास में दिखाया गया। इस प्रदर्शनी 1951 से 2011 तक के दुर्लभ दस्तावेजों, पोस्टकार्डों, डाक टिकटों, प्रथम दिवस आवरणों और अन्य अभिलेखीय सामग्रियों के माध्यम से बताया गया है कि कैसे डाक व्यवस्था ने देश की जनगणना प्रक्रिया को गति देने और लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद भारत को चुनावों के संचालन और नियोजित विकास के लिए विश्वसनीय जनसंख्या आंकड़ों की आवश्यकता थी। इसी महत्व को देखते हुए संविधान सभा ने संविधान लागू होने से पहले ही जनगणना अधिनियम, 1948 पारित किया था। उस समय सीमित संचार साधनों और कम साक्षरता दर के कारण जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाना बड़ी चुनौती थी। ऐसे में डाक विभाग ने न केवल प्रचार-प्रसार का कार्य संभाला, बल्कि गणनाकर्मियों और अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कर जनगणना की प्रगति पर नजर रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदर्शनी के क्यूरेटर विकास कुमार, जो अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक हैं,ने इस अनूठे संग्रह को तैयार किया है। यह भ्रमणशील प्रदर्शनी इससे पहले जम्मू, बेंगलुरु और लखनऊ में भी प्रदर्शित की जा चुकी है। प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड के निदेशक, जनगणना संचालन प्रभात कुमार ने किया। आयोजक विकास कुमार ने कहा कि मोबाइल आधारित जनगणना प्रणालियों के दौर में यह प्रदर्शनी उस ऐतिहासिक यात्रा को याद करने का अवसर है, जिसमें डाकघरों और डाककर्मियों ने देश की सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस प्रदर्शनी में दिखा जनगणना का इतिहास 1951 से 2011 तक 11 बार बदले थे जनगणना के मुहर। जनगणना की शुरूआत डाक से हुई थी, डाक के माध्यम से ही जनगणना की जागरूकता और अभियान चलाया गया था। 15 भाषाओं में जनगणना की जानकारी के लिए विज्ञापन थे, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगला , गुजराती , कन्नड, कोंकणी, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, सिंधी, तमिल,तेलुगू, उर्दू शामिल थे।  

टाटा स्टील, वोल्टास समेत कई कंपनियां देंगी डिविडेंड, जानें रिकॉर्ड डेट और रकम

 नई दिल्ली इस हफ्ते टाटा ग्रुप की कई कंपनियां एक्स-डिविडेंड स्टॉक के तौर पर ट्रेड करने जा रही हैं। इन कंपनियों की लिस्ट में टाटा मोटर्स, वोल्टास भी शामिल हैं। कुल 6 कंपनियां एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगी। आइए डीटेल्स में जानते हैं। 1- टाटा स्टील लिमिटेड (Tata Steel Ltd) कंपनी ने निवेशकों को एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस डिविडेंड के लिए टाटा स्टील ने 12 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। शुक्रवार को टाटा स्टील लिमिटेड के शेयर बीएसई में 1.78 प्रतिशत की गिरावट के बाद 206.80 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। बता दें, बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों 30 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने क मिली है। 2- वोल्टास लिमिटेड (Voltas Ltd) शुक्रवार को कंपनी के शेयर करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 1297.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने जा रही है। वोल्टास ने भी 12 जून की तारीख को ही रिकॉर्ड डेट तय किया है। 3- टाटा केमिकल्स लिमिटेड (Tata Chemicals Ltd) इस कंपनी ने एक शेयर पर 11 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी ने 10 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 22 प्रतिशत की गिरावट आई है। 4- टाटा इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (Tata Investment Corporation Ltd) टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी अपने निवेशकों को डिविडेंड दे रही है। इस कंपनी ने एक शेयर पर 3.40 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। टाटा इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ने 10 जून की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बता दें, शुक्रवार को 669.60 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। 5- Tata Elxsi Ltd टाटा ग्रुप की कंपनी ने एक शेयर पर 75 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। Tata Elxsi Ltd ने डिविडेंड के लिए 10 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 4299.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले एक साल टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 33 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 6- Trent Ltd ट्रेंट लिमिटेड के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने जा रहे हैं। कंपनी ने एक शेयर पर 6 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 26 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 7- टाटा मोटर्स लिमिटेड (Tata Motors Ltd) इस कंपनी ने एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी इस डिविडेंड के लिए 12 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

किचन वास्तु टिप्स: सही दिशा से बढ़ेगी घर की सुख-समृद्धि

 क्या आप जानती हैं कि आपके किचन की छोटी-छोटी व्यवस्थाएं सीधे आपके परिवार की सेहत और सुख-समृद्धि से जुड़ी होती हैं? वास्तु का उद्देश्य सिर्फ फर्नीचर को सही दिशा में रखना नहीं, बल्कि रसोई में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है जो काम को आसान और माहौल को खुशनुमा बनाए. अगर आपका किचन पहले से ही व्यवस्थित है, तो ये वास्तु जरूर करें. आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) की ऊर्जा: वास्तु के अनुसार, रसोई का सबसे आदर्श स्थान आग्नेय कोण है. सुनिश्चित करें कि खाना बनाते समय आपका चेहरा पूर्व दिशा की ओर रहे. यह दिशा सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी है, जो आपके खाने में स्वाद और परिवार में स्वास्थ्य का संचार करती है. पानी और अग्नि का संतुलन: रसोई में अग्नि (चूल्हा) और पानी (सिंक) का तालमेल सबसे महत्वपूर्ण है. इन्हें कभी भी एक-दूसरे के बेहद करीब या एक ही सीध में न रखें. इनके बीच दूरी बनाए रखना घर में होने वाले वैचारिक मतभेदों को दूर रखता है और रिश्तों में सामंजस्य लाता है. फ्रिज और भारी उपकरणों की सही दिशा: किचन का भारी सामान जैसे फ्रिज, दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से घर में स्थिरता आती है. यह वास्तु की दृष्टि से सबसे शुभ माना जाता है, जिससे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है. रंगों का सही चुनाव: किचन में बहुत गहरे या काले रंगों का उपयोग करने से बचें. हल्का पीला, क्रीम, या ऑफ-व्हाइट जैसे सात्विक रंग किचन को न केवल बड़ा और हवादार दिखाते हैं, बल्कि ये रंग मानसिक शांति और धैर्य को भी बढ़ावा देते हैं. साफ-सफाई : वास्तु के अनुसार, रात को जूठे बर्तन सिंक में छोड़ना दरिद्रता को बुलावा देता है. रसोई को रात को साफ-सुथरा करके सोने की आदत डालना, अगली सुबह एक सकारात्मक शुरुआत का वादा करता है. ताजगी रखें : रसोई की खिड़की हमेशा साफ रखें ताकि ताजी हवा का आवागमन बना रहे. खिड़की के पास तुलसी, पुदीना या धनिये का एक छोटा गमला रखें—यह रसोई की निगेटिव वाइब्स को सोखकर उसे हमेशा शुद्ध और ऊर्जावान बनाए रखता है.

कब्रिस्तान भूमि पर कब्जे का मामला, प्रशासन ने ध्वस्त की मस्जिद

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने शनिवार को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कसेरुआ गांव स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. प्रशासन की मौजूदगी में दो बुलडोजर और एक क्रेन की मदद से कई घंटे तक कार्रवाई चली. संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई. कार्रवाई के दौरान मस्जिद परिसर से "आई लव मोहम्मद" लिखे पोस्टर और हरे रंग का एक झंडा मिलने का दावा भी सामने आया है. पुलिस ने इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि बरामद पोस्टरों और झंडे के संबंध में जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जाएगा कि इन्हें वहां किसने रखा था और उनका उद्देश्य क्या था. उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 409 की भूमि कब्रिस्तान के लिए आरक्षित थी. जनवरी 2026 में राजस्व विभाग की पैमाइश के दौरान यहां मस्जिद निर्माण और कब्जे का मामला सामने आया था. इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत वाद दायर किया गया. सुनवाई के दौरान मस्जिद समिति को अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके. संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया गया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की गई, लेकिन अपील खारिज होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कब्रिस्तान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग के बाद अभिलेखों की जांच की गई थी, जिसमें आरक्षित भूमि पर निर्माण का मामला सामने आया. प्रशासन का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि को ग्राम सभा के माध्यम से कब्रिस्तान के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है.

मेटा ने लॉन्च किया इंस्टाग्राम प्लस, भारत में 299 रुपये मंथली सब्सक्रिप्शन

Meta ने अब इंस्टाग्राम प्लस पेड सब्सक्रिप्शन प्लान को पेश कर दिया है, जिसकी कीमत भारत में 299 रुपये मंथली है. इस प्लान के तहत यूजर्स को कई नए फीचर्स मिलेंगे. इंस्टाग्राम प्लस प्लान के तहत यूजर्स चोरी छिपे दूसरों की स्टोरीज भी देख सकेंगे. कंपनी ने कुछ दिन पहले ही अपने पॉपुलर ऐप्स इंस्टाग्राम, फेसबुक, WhatsApp के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किए हैं. इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एडिशनल फीचर्स, बेहतर इनसाइट्स और बहुत से एक्सक्लूसिव फीचर्स भी मिलेंगे. हालांकि स्टैंडर्ड वर्जन भी मुफ्त में काम करता रहेगा, लेकिन जो यूजर्स एक्स्ट्रा और एडवांस्ड फीचर्स चाहते हैं, उनको 299 रुपये मंथली चार्ज देना होगा. सीक्रेट तरीके से देख सकेंगे स्टोरी इंस्टाग्राम प्लस के तहत कई खास फीचर्स स्टोरीज से जुड़े हैं. इस प्लान के तहत यूजर्स आसानी से किसी दूसरे शख्स की स्टोरी का सीक्रेट प्रीव्यू देख सकेंगे. साथ ही सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है. इंस्टाग्राम प्लस के तहत स्टोरी टाइम ड्यूरेशन को 24 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे तक हो जाती है. साथ ही यूजर्स हर सप्ताह एक स्टोरी को एक्स्ट्रा विजिबिलिटी के लिए स्पॉटलाइट कर सकते हैं. इंस्टाग्राम प्लस सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि उनकी स्टोरी देखने वालों की लिस्ट में जाकर यह देख सकेंगे कि वह कौन-कौन सा कंटेंट देख रहा है. स्पेशल इमोजी और स्पेशल फॉन्ट्स भी मिलेंगे इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एनिमेटेड सुपर हार्ट रिएक्शन मिलेंगे, जिनमें इंटरैक्शन के दौरान रंग बिरंगे एनिमेटेड हार्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. साथ ही सब्सक्राइबर्स को इंस्टाग्राम और क्रिएटर्स के लिए डिजाइन किए गए कस्टम ऐप आइकन व बायो के लिए स्पेशल फॉन्ट्स का एक्सेस मिलेगा. प्रोफाइल पिन्स फीचर भी मिलेगा इंस्टाग्राम प्लस के तहत एक और खास फीचर्स प्रोफाइल पिन्स मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स अपने प्रोफाइल पर मैक्सिमम छह पोस्ट को पिन करके सबसे जरूरी पोस्ट को ऊपर रख सकेंगे. इंस्टाग्राम प्लस के तहत मिलने वाले फीचर्स स्टोरी रिवॉच काउंट : कितने लोगों ने स्टोरी दोबारा देखी, यह पता चलेगा. अनलिमिटेड स्टोरी ऑडियंस लिस्ट: क्लोज फ्रेंड्स के जैस ही  कई तरह कई कस्टम ऑडियंस लिस्ट तैयार कर सकेंगे. सीक्रेट स्टोरी प्रिव्यू: किसी भी शख्स की स्टोरी देखेंगे तो व्यूअर लिस्ट में आपका नाम नजर नहीं आएगा. 48 घंटे तक स्टोरीजः स्टोरीज टाइमलाइन 24 घंटे की जगह 48 घंटे के लिए मिलेगी. वीकली स्टोरी स्पॉटलाइट : हर हफ्ते एक स्टोरी को एडिशनल विजिबिलिटी के प्रमोट कर सकेंगे. स्टोरी व्यूअर सर्चः स्टोरी देखने वाले लोगों की लिस्ट में किसी भी व्यक्ति को सर्च कर सकेंगे. मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी में किया बदलाव मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी को बदलते हुए सिर्फ विज्ञापन पर निर्भरता को कम करते हुए पेड प्लान को लॉन्च किया है, जिसके तहत कंपनी को रेवेन्यू के कई नए ऑप्शन मिलेंगे. कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में प्लस सब्सक्राइबर के लिए और नए फीचर्स को शामिल किया जाएगा. 

महंगे सीरम को कहें अलविदा: अंडे की जर्दी से पाएं नैचुरल ग्लोइंग स्किन का आसान उपाय

बदलते मौसम, प्रदूषण और तनाव के कारण चेहरे की चमक खो जाना एक आम समस्या है. इस चमक को वापस पाने के लिए हम अक्सर महंगे केमिकल वाले सीरम और नाइट क्रीम पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन कई बार इनके मनमुताबिक नतीजे नहीं मिलते. अगर आप भी केमिकल फ्री और पूरी तरह से प्राकृतिक ग्लो चाहते हैं तो आपकी रसोई में ही इसका समाधान छिपा है. अंडे की जर्दी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फैटी एसिड्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं. जब आप अंडे की जर्दी में शहद या एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं, तो यह महंगे से महंगे एंटी-एजिंग सीरम को भी मात दे देता है. आइए जानते हैं इसे बनाने और लगाने का सही तरीका. पैक की सामग्री अंडे की जर्दी : 1 अंडे का पीला हिस्सा शहद : 1 छोटा चम्मच एलोवेरा जेल या दही: 1 छोटा चम्मच बादाम का तेल: 2-3 बूंदें (अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी हो) बनाने और लगाने का तरीका सबसे पहले एक साफ बाउल में अंडे को तोड़कर उसके सफेद हिस्से (Egg White) और पीले हिस्से (Egg Yolk) को अलग कर लें. हमें सिर्फ पीले हिस्से यानी जर्दी का इस्तेमाल करना है. अब अंडे की जर्दी वाले बाउल में 1 छोटा चम्मच शुद्ध शहद डालें. अगर आपकी त्वचा पर दाग-धब्बे ज्यादा हैं, तो आप इसमें आधा चम्मच एलोवेरा जेल भी मिला सकते हैं. एक चम्मच या फॉर्क की मदद से इस मिश्रण को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि यह एक स्मूद और क्रीमी पेस्ट न बन जाए. फेस पैक लगाने से पहले अपने चेहरे को किसी माइल्ड फेस वॉश या गुलाब जल से अच्छी तरह साफ कर लें और सुखा लें. अब एक ब्रश या उंगलियों की मदद से इस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर ऊपर की तरफ (Upward Motion) स्ट्रोक देते हुए समान रूप से लगाएं. आंखों के नाजुक हिस्से को बचाकर रखें. इस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट के लिए लगा रहने दें. जब यह हल्का सूखने लगे और त्वचा में खिंचाव महसूस हो, तो समझें यह काम कर चुका है. चेहरे को पहले हल्के गुनगुने पानी से धोएं ताकि पैक आसानी से छूट जाए, फिर ठंडे पानी से छींटे मारें जिससे पोर्स बंद हो जाएं. चेहरे को सुखाकर अपना पसंदीदा मॉइश्चराइजर लगा लें. सावधानी चेहरे पर पहली बार लगाने से पहले गर्दन या हाथ पर पैच टेस्ट जरूर करें ताकि किसी भी तरह की एलर्जी का पता चल सके. अगर आपको अंडे की महक पसंद नहीं है तो आप इस पैक में 2 बूंद नींबू का रस या रोजमेरी/लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 1 बूंद मिला सकते हैं. बेहतर और ग्लोइंग स्किन के लिए इस पैक को हफ्ते में 1 या 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है.