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विराट कोहली पर बयान से बढ़ा विवाद, फलाहारी बाबा ने मांगी माफी; प्रेमानंद महाराज आश्रम लौटे

लखनऊ दावन के संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत और उसे लेकर चल रही चर्चाओं के बीच 14 दिन बाद गुरुवार को अपने आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। प्रेमानंद अपने राधा केलि कुंज आश्रम और गुरु स्थान पर करीब आधा घंटे रुकने के बाद फिर से यमुनापार के लिए रवाना हो गए। वहीं, प्रेमानंद को लेकर क्रिकेटर विराट कोहली को विवाद में घसीटने वाले फलाहारी बाबा बैकफुट पर आ गए। उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। पिछले शुक्रवार को प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी ने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। उनकी मौत के बाद सनसनी इसलिए ज्यादा फैली क्योंकि रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस जांच के लिए पहुंची तो कमरे में प्राइवेट पार्ट का टुकड़ा और काटने में इस्तेमाल कटर भी मिला था। इसके बाद से कई तरह के रहस्य गहरा गए थे। मौत से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसमें आत्महत्या करते रसिक दुलारी दिखाई दिए लेकिन प्राइवेट पार्ट कटने का राज सामने नहीं आया। इसी के बाद से तरह तरह की चर्चाएं तैरने लगीं। आश्रम देश दुनिया में सुर्खियों में आ गया। इसी बीच गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे संत प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। करीब 20 मिनट तक आश्रम में रहकर श्री जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उसके बाद अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और एकांत ध्यान किया। गुरुजी से आशीर्वाद लेने के बाद करीब छह बजे फिर से यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्तों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गई। जिन्हें महाराज के शिष्यों ने बमुश्किल काबू किया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचकर प्रवचन भी दिए। संतों के विरोध के बाद बैकफुट पर फलाहारी महाराज उधर, विराट कोहली को लेकर प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम पर आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के एक पक्षकार दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। फलाहारी महाराज ने एक बयान जारी कर कहा था कि प्रेमानंद महाराज के आश्राम आने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे। दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए यह रुपये खर्च किए थे। इन आरोपों के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज ने बैठक कर फलाहारी महाराज का सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार करने की घोषणा की थी। साथ ही भविष्य में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया था। माना जा रहा है कि संतों के इसी कदम के बाद फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हैं। अब माफी मांगते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि मैंने आज तक प्रेमानंद महाराज जी के लिए एक शब्द नहीं बोला, मैं पूज्य महाराज जी से माफ़ी मांगता हूं। कहा कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया है। यह भी दावा किया कि इस मामले पर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

भारत-वेस्टइंडीज दूसरा T20 आज रांची में, टीम इंडिया का पलड़ा भारी; घरेलू मैदान पर जीत का रिकॉर्ड दमदार

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज का आगाज धमाकेदार जीत के साथ करने के बाद टीम इंडिया अपनी बढ़त को दोगुना करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको बताते हैं कि रांची में कैसा रहा है भारतीय टीम का टी20 में रिकॉर्ड। टीम इंडिया के नाम चार मैच में तीन जीत टीम इंडिया ने रांची के इस मैदान पर अब तक कुल चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को तीन मुकाबलों में जीत नसीब हुई है, जबकि एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने यहां पर अपना आखिरी मैच साल 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इस मुकाबले में टीम इंडिया को 21 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले, 2021 में भारत ने इस ग्राउंड पर न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया था। वहीं, 2017 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची में 9 विकेट से जीत दर्ज की थी। 2016 में टीम श्रीलंका को 69 रनों से हराने में भी सफल रही थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में पलड़ा भारी भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में अब तक कुल 32 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 21 मैचों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है, जबकि 10 मुकाबलों में कैरेबियाई टीम ने बाजी मारी है। सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम का प्रदर्शन रहा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पूरी टीम 171 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। टीम की ओर से कप्तान शाई होप ने 37 गेंदों में 52 रनों की दमदार पारी खेली थी, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 34 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों की मदद से 56 रन बनाए थे। श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक ठोका था टीम इंडिया ने 172 रनों के लक्ष्य को आसानी से सिर्फ 14.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया था। कप्तान श्रेयस अय्यर बेहतरीन फॉर्म में नजर आए थे और उन्होंने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक लगाया था। अय्यर ने 43 गेंदों में 102 रनों की नाबाद पारी खेली थी। भारतीय टी20 कप्तान ने अपनी इस पारी में 10 चौके और 6 छक्के लगाए थे। वहीं, ईशान किश 37 रन बनाकर नाबाद रहे थे।

पुनर्वासितों को भूमि, आवास, रोजगार और शासन की सभी सुविधाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें – उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर : नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पुनर्वासितों को भूमि, आवास, रोजगार और शासन की सभी सुविधाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें – उप मुख्यमंत्री शर्मा *गंभीर अपराध, जनहानि और यूएपीए से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी पर जोर* *5 नवंबर तक राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश, जिलावार प्रत्येक प्रकरण की हुई समीक्षा* *अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटे लगभग 900 पुनर्वासितों पर जताया हर्ष, आजीविकापरक प्रशिक्षण और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश* *नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों और मृत नागरिकों की स्मृति में बनेंगे सार्वजनिक उपयोग के स्मारक, शहीदों के नाम पर होंगे सार्वजनिक स्थलों के नामकरण* रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में नक्सल प्रकरणों की वापसी, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित जवानों एवं नागरिकों के परिवारों को दी जा रही सहायता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध एवं न्यायालयों में प्रक्रियाधीन लोगों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। गंभीर अपराध, जनहानि तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य पात्र प्रकरणों की वापसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों की वापसी की कार्रवाई नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाए।      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक में सभी जिलों से प्राप्त प्रकरण वापसी संबंधी आवेदनों की जिलावार एवं प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने प्रकरण वापसी के लिए प्रस्तावित संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसे जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित जिलों में जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक अगले 15 दिनों के भीतर आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही राज्य स्तरीय समिति की बैठक 5 नवंबर तक संपन्न कराने के निर्देश दिए। *अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों की वापसी और पुनर्वास पर विशेष जोर*       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों को वापस राज्य में लाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे व्यक्तियों की वापसी के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। राज्य लौटने वाले आत्मसमर्पित व्यक्तियों को पुनर्वास केंद्रों में रखकर उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आजीविकापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अब तक लगभग 900 पुनर्वासितों के राज्य वापस लौटने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने सभी पुनर्वासितों को मोबाइल फोन और प्रशिक्षण किट उपलब्ध कराने के साथ उनके आवश्यक पहचान पत्र एवं राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं के साथ हथियारों की मैपिंग के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। *पुनर्वासितों को भूमि आवंटन, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता का पूरा लाभ मिले*      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली सहायता एवं सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण पर अलग-अलग चर्चा करते हुए भूमि आवंटन, रोजगार उपलब्ध कराने, आवास वितरण और अन्य पुनर्वास सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को मिलने वाले सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराए जाएं और कोई भी पात्र पुनर्वासित सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने पुनर्वासितों को मिलने वाली इनाम राशि के लंबित भुगतान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रत्येक लंबित प्रकरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले महीने आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक से पहले पुनर्विचार से संबंधित सभी मामलों पर चर्चा कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी पात्र पुनर्वासितों को प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना की। साथ ही सभी पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने पुनर्वास से संबंधित जानकारियों को सार्वजनिक करने के निर्देश भी दिए, जिससे आमजन को शासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास प्रयासों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। *इलवद पंचायत के लंबित विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप हों कार्य स्वीकृत*       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने इलवद पंचायत के अंतर्गत लंबित विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रस्तावित एवं लंबित कार्य की स्वीकृति की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की स्वीकृति के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य स्थानीय ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं और उनकी मांग के अनुरूप हों। उन्होंने ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। *नक्सल हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों और प्रभावित नागरिकों को मिले सभी निर्धारित लाभ*      उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने वर्ष 2001 से अब तक नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य निर्धारित लाभ प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक की कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए, ताकि पात्र परिजनों को निर्धारित सहायता एवं सुविधाएं प्राप्त हो सकें।       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नक्सल घटनाओं में जान गंवाने वाले आम नागरिकों की जानकारी भी ली। उन्होंने मृत नागरिकों के आश्रित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों को अनिवार्य रूप से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने नक्सल घटनाओं में घायल जवानों एवं … Read more

मध्यप्रदेश के 27 जिला चिकित्सालयों में सृजित होंगे नए पद, तय समय-सीमा में पूरी होगी प्रक्रिया

27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन की कार्यवाही समय-सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रस्तावों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने और प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन से संबंधित कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल मेडिकल कॉलेजों में लगभग 3 हजार नवीन नर्सिंग पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा, उपचार एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसके लिए पद सृजन से संबंधित प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। पांच मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार की सुविधाओं के विस्तार की समीक्षा उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में पेट स्कैन, कैंसर की जांच एवं उपचार से संबंधित सुविधाओं के विकास की भी समीक्षा की। उन्होंने इन संस्थानों में ऑन्कोसर्जरी तथा मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागों की स्वीकृति से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कैंसर रोगियों को जांच एवं उपचार की समग्र सुविधाएं मेडिकल कॉलेज स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पेट स्कैन, लिनैक सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ विशेषज्ञ विभागों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से मरीजों को बेहतर उपचार सेवाएं प्राप्त होंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी। ग्वालियर में सीटीवीएस विभाग की स्थापना शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने विभाग की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि ग्वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी जटिल सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के प्रस्तावों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों के निराकरण में संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में जहां भी अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता संबंधी कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मान्यता प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

IND vs WI मैच से इंदौर में होटल महंगे, ₹9 हजार का कमरा ₹25 हजार तक पहुंचा; ढाई गुना बढ़े दाम

इंदौर  11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 मुकाबले से पहले इंदौर के होटल कारोबार में तेजी दिखाई देने लगी है। मैच से पांच दिन पहले ही कमरों की डिमांड बढ़ गई है और इसका असर रूम रेट पर भी पड़ा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 6 अक्टूबर को जिस कमरे का किराया जितना था, वही कमरा 11 अक्टूबर को कई होटलों में करीब दोगुने और कुछ जगहों पर इससे भी ज्यादा रेट में उपलब्ध है। जिन होटलों में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है, वहां कम कीमत वाले कमरों की उपलब्धता तेजी से घट रही है। बाहर से मैच देखने आने वाले दर्शकों के कारण शहर के दूसरे होटलों में भी बुकिंग बढ़ी है। इंदौर में करीब 300 होटल हैं। इनमें सबसे ज्यादा डिमांड रेडिसन ब्लू होटल और इंदौर मैरिएट होटल के आसपास के होटलों में देखी जा रही है। रेडिसन में डीलक्स रूम 6,975 से सीधे 14 हजार रेडिसन में टीम इंडिया के खिलाड़ियों के ठहरने की तैयारी है। यहां मैच की तारीख पर कमरों के रेट में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रेसिडेंशियल सुइट का मौजूदा रेट 51,300 रुपए है, जो 11 अक्टूबर को 56,655 रुपए होगा। डीलक्स रूम का मौजूदा किराया 6,975 रुपए है। मैच वाले दिन यही कमरा 14 हजार रुपए में मिलेगा। यानी एक ही कमरे के किराए में करीब 7 हजार रुपए का अंतर है। सामान्य श्रेणी के कमरों की डिमांड भी मैच की तारीख नजदीक आने के साथ बढ़ी है। मैरिएट में 13,050 का कमरा 21,565 रुपए में मैरिएट होटल में वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां भी 11 अक्टूबर के लिए कमरों के रेट बढ़े हुए हैं। सबसे महंगे कमरे का मौजूदा रेट 13,050 रुपए है, जो मैच वाले दिन 21,565 रुपए होगा। वहीं डीलक्स रूम अभी 7,125 रुपए का है, जबकि 11 अक्टूबर को इसका रेट 9,900 रुपए रहेगा। सयाजी में भी बढ़े रूम रेट सयाजी में भी मैच की तारीख पर कमरों के रेट बढ़ गए हैं। सबसे महंगे कमरे का मौजूदा रेट 10,555 रुपए है, जो 11 अक्टूबर को 13,499 रुपए होगा। डीलक्स रूम अभी 6,599 रुपए का है, जबकि मैच वाले दिन इसके लिए 7,466 रुपए चुकाने होंगे। शेरेटन में किराया ढाई गुना तक पहुंचा शेरेटन Grand Palace Indore में कुछ कमरों के रेट में सबसे ज्यादा उछाल दिखाई दे रहा है। सबसे महंगा कमरा अभी 9,416 रुपए का है, जबकि 11 अक्टूबर को इसका रेट बढ़कर 24,699 रुपए हो जाएगा। डीलक्स रूम का मौजूदा रेट 14,249 रुपए है, जो मैच वाले दिन 24,699 रुपए रहेगा। यानी मैच की तारीख पर कुछ श्रेणियों में मौजूदा रेट की तुलना में किराया काफी बढ़ गया है। होटलों में क्रिकेट थीम, लॉबी से रेस्टोरेंट तक सजावट मैच को लेकर होटल संचालक भी तैयारियों में जुट गए हैं। कई होटलों में लॉबी, रेस्टोरेंट और कॉमन एरिया को क्रिकेट थीम पर सजाने की तैयारी है। इसके अलावा फोटो पॉइंट और क्रिकेट से जुड़े डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे। बाहर से आने वाले दर्शकों के लिए रेस्टोरेंट और लॉबी में मैच का माहौल बनाने की तैयारी की जा रही है। खिलाड़ियों के लिए इंडियन और इंटरनेशनल फूड टीमों के खाने को लेकर भी होटल विशेष तैयारी कर रहे हैं। खिलाड़ियों की डाइट और पसंद को ध्यान में रखते हुए इंडियन और इंटरनेशनल व्यंजन रखे जाएंगे। मेन्यू में हल्का और प्रोटीन आधारित भोजन प्राथमिकता में रहेगा। होटल एसोसिएशन: मैच से होटल सेक्टर में बूम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा कि इंदौर में क्रिकेट मैच होने पर होटल कारोबार में हर बार डिमांड बढ़ती है। बाहर से बड़ी संख्या में दर्शक आते हैं, जिसका फायदा होटल के साथ रेस्टोरेंट कारोबार को भी मिलता है। इस बार भी होटल सेक्टर में बूम दिखाई दे रहा है और होटल मैच के हिसाब से तैयारियां कर रहे हैं। टीमों के साथ दर्शकों की बुकिंग से डबल फायदा भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से होटल कारोबार को दो स्तर पर फायदा मिल रहा है। टीमों के ठहरने के कारण चुनिंदा होटलों में कमरों की डिमांड बढ़ी है, जबकि मैच देखने देश के अलग-अलग शहरों से आने वाले दर्शकों के कारण शहर के दूसरे होटलों में भी बुकिंग बढ़ रही है। शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच शाम 7 बजे शुरू होगा।

ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय का नया मॉडल, फसल और पानी के अनुसार बनेगी खाद; 17 सूक्ष्म तत्व होंगे शामिल

ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के वैज्ञानिक किसानों की आर्थिक उन्नति, भूमि सुधार और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक नवोन्मेषी सोर्स बेस्ड कंपोस्ट मॉडल तैयार कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंचल के किसानों को उनकी स्थानीय फसलों, भूमि के प्रकार और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जैविक व प्राकृतिक खाद बनाने के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। खासबात यह है कि इन इस मॉडल से बनने वाली कंपोष्ट खाद में न केवल मुख्य तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटेशियम के अलावा अन्य 17 सूक्ष्म तत्व होंगे। जिससे किसानों की फसल को पूरा पोषण मिलेगा। साथ ही रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। साथ ही इन मॉडलों को बनाने में प्रयास किया जा रहा है कि कार्बन का उत्सर्जन शून्य हो। जिससे वातावरण भी स्वच्छ रहे। यदि कंपोस्ट बनाने का ये मॉडल अप्रने प्रयोग में सफल रहते हैं तो इन्हें किसानों को अपनाने के लिए बुलाया जाएगा। किसान की जरूरत के मुताबिक होंगे माउल     एग्रीफोरेस्ट्री बेस्ड नेचुरल मॉडल: यह मॉडल कृषि और वानिकी का बेहतरीन समन्वय है। इसमें खेतों और वृक्षों से मिलने वाले जैविक कचरे का उपयोग कर टिकाऊ कंपोस्ट तैयार की जाएगी। यह मॉडल सभी किसानों के लिए होगा।     हाई-इनकम एग्री-हार्टी नेचुरल फार्मिंग मॉडल: कृषि और उद्यानिकी फसलों (फल व सब्जियां) को ध्यान में रखकर तैयार यह मॉडल व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों की उच्च पोषण आवश्यकता को पूरा करता है। इस मॉडल उन किसानों के लिए अनुकूल होगा जो जो आर्थिक रूप से भी अधिक सक्षम हैं और उनके पानी की उपलब्धता है।     क्लाइमेट-रिजिलिएंट सिस्टम मॉडल: यह मॉडल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, जैसे अनियमित वर्षा या सूखे जैसी परिस्थितियों में भी मिट्टी में नमी और जैविक कार्बन बनाए रखने में सक्षम है। इस मॉडल से उन किसानों को फायदा मिलेगा जिनके पास फसलों की सिंचाई के लिए पानी कम है। कम पानी भी इस खाद वे वे अच्छा उत्पादन ले सकेंगे। संसाधनों के अनुसार चयन का विकल्प इन तीनों मॉडलों को किसान की वित्तीय क्षमता, वार्षिक आय और उनके क्षेत्र में पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे छोटे, मध्यम और बड़े किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सही मॉडल चुनकर कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली खाद बना सकेंगे। साथ ही किसानों के पास उपलब्ध एग्री वेस्ट या एनीमल वेस्ट का भी उपयोग कर सकेंगे। जीरो कार्बन एमिशन और मृदा स्वास्थ्य पर जोर इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता शून्य कार्बन उत्सर्जन है। कंपोस्ट बनाने की पारम्परिक प्रक्रियाओं में निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों पर नियंत्रण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाएगा। क्या कहते हैं वैज्ञानिक -इस तकनीक से रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता काफी कम होगी, जिससे खेती की लागत घटेगी। इसके साथ ही लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खराब हो रही मिट्टी की जैविक उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन इन सोर्स बेस्ड मॉडल बनाने का प्रयोग सफल होता है तो इनका प्रदर्शन विभिन्न माध्यमों से किसानों के के सामने किया जाएगा। जिससे वे इन्हें अपना सकें। डॉ. एकता जोशी, वैज्ञानिक व नोडल अधिकारी, आरवीएसकेविवि

राजस्थान के 7 जिलों में JOSH टीमों का पायलट लॉन्च, युवा बताएंगे टीबी से बचाव और इलाज का महत्व

जयपुर  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। युवाओं में ऊर्जा, उत्साह और समाज तक पहुंचने की क्षमता है। जोश (जाइंट स्क्वायड फॉर हेल्थ) टीमों के माध्यम से युवाओं को टीबी के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी के अभियान से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोश टीमें टीबी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच और पूरा इलाज कराने का संदेश समुदाय तक पहुंचाने के साथ ही टीबी से जुड़े भ्रम और भेदभाव को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। नड्डा ने यह बात गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर कही। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता तथा केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रथम चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में जोश टीमों शुरू की जा रही हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ राजस्थान में भी जोश टीमों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन, जयपुर में अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। ब्लॉक स्तर पर युवाओं की टीम करेगी लोगों को जागरूक भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जोश टीम में ब्लॉक स्तर पर 5 माय भारत वॉलंटियर्स और 5 एनसीसी कैडेट्स शामिल किए जा रहे हैं। टीम का नेतृत्व नामित क्लास-1 अधिकारी करेंगे। ये युवा लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में जानकारी देने के साथ समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही टीबी को लेकर फैली गलत धारणाओं और भेदभाव को दूर करने में भी सहयोग करेंगे। राजस्थान के 7 जिलों में जोश टीम का पायलट शुभारंभ राजस्थान में प्रथम चरण में अलवर, बारां, बांसवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं राजसमंद जिलों में जोश टीम का पायलट शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राज्य के अन्य जिलों में भी जिला स्तरीय लॉन्च और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न कार्यक्रमों में माय भारत वॉलंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य प्रतिभागियों ने टीबी मुक्त भारत की शपथ ली। पायलट जिलों में टीमों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई तथा फील्ड गतिविधियों की शुरुआत की गई। इन टीमों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच एवं इलाज के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर रहेगा। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने माय भारत वॉलंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी के खिलाफ जागरूकता अभियान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने टीबी मुक्त भारत का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और जनभागीदारी को बढ़ाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए माय भारत वॉलंटियर्स को श्रीमती गायत्री राठौड़ एवं निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्रीमती टी. शुभमंगला, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी, डॉ. एस.एन. धोलपुरिया, माय भारत के अधिकारी एवं स्वयंसेवक तथा एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

झारखंड में SIR-2026 की डेडलाइन बढ़ी, 30 नवंबर को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

रांची  झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की समय-सीमा बढ़ा दी गयी है. भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव के. रवि कुमार ने 8 अक्टूबर को सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्तों को संशोधित कार्यक्रम जारी कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है. अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा. SIR के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है. पुनरीक्षण का लक्ष्य है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं हो. 22 अक्टूबर तक नोटिस वाले मामलों का निपटारा संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नो-मैपिंग और लॉजिकल विसंगतियों से जुड़े मामलों में जारी पहले और दूसरे नोटिस का निपटारा 22 अक्टूबर तक किया जायेगा. वहीं, BLO के घर-घर सत्यापन और दूसरे नोटिस के बाद भी दस्तावेज नहीं देने वाले मतदाताओं का सत्यापन तथा गैर-नोटिस वाले अन्य श्रेणी के मामलों का निपटारा 31 अक्टूबर तक करना होगा. इसी अवधि में फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 से संबंधित सभी दावों और आपत्तियों का डिजिटलीकरण भी पूरा किया जायेगा. नवंबर में होगा होम-टू-रोल सत्यापन 1 से 12 नवंबर तक छूटे हुए योग्य नागरिकों का होम-टू-रोल सत्यापन किया जायेगा और फॉर्म-6 का डिजिटलीकरण होगा. 1 से 21 नवंबर तक DEO, रोल ऑब्जर्वर और CEO स्तर से निपटाये गये मामलों की जांच और सुपर-चेकिंग की जायेगी. वहीं 1 से 23 नवंबर तक ECINET पर नोशनल मकान नंबर, नजरी नक्शा, की-मैप, गूगल मैप और मतदान केंद्रों की तस्वीरों को अपडेट किया जायेगा. 23 नवंबर तक दावे-आपत्तियों का अंतिम निपटारा सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का अंतिम निष्पादन 23 नवंबर तक पूरा करना है. इसके बाद 24 से 29 नवंबर के बीच मतदाता सूची के स्वास्थ्य मानकों की जांच, निर्वाचन आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति और मतदाता सूची की छपाई की प्रक्रिया पूरी होगी. 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 30 नवंबर 2026, सोमवार को झारखंड की SIR के तहत तैयार मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने संशोधित कार्यक्रम की प्रति राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, प्रमंडलीय आयुक्तों और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भी भेजी है.  

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार, CHC-PHC में ESIC बीमितों का इलाज; 6 लाख लोगों को फायदा

रांची राज्य सरकार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईएस) से बीमित कामगाराें का इलाज होगा। वहीं, ईएसआईएस के अस्पतालों में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना तथा अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इलाज हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर पहल की है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इस पहल को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बुधवार को श्रम विभाग एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि ईएसआइसी की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक बीमित कामगारों एवं उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। बैठक में प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रांची एवं जमशेदपुर स्थित ईएसआइसी केंद्रों में अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना एवं आयुष्मान भारत के लाभुकों के इलाज की संभावना पर भी चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद इन योजनाओं के लाभुकों के इलाज के लिए दावा की राशि झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। बताते चलें कि वर्तमान में झारखंड में ईएसआइसी की 21 डिस्पेंसरी संचालित हैं, जहां बीमित व्यक्तियों एवं उनके परिवारों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब राज्य सरकार के सीएचसी एवं पीएचसी के नेटवर्क को ईएसआइसी चिकित्सा सेवाओं से जोड़कर इसकी पहुंच राज्य के अधिकाधिक क्षेत्रों तक विस्तार किया जाएगा। बैठक में श्रम सचिव जितेंद्र कुमार सिंह, अपर सचिव संदीप कुमार दोराईबुरू, संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद तथा ईएसआइसी, झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक शिवेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रति बीमित व्यक्ति एक हजार रुपये प्रतिवर्ष की मिलेगी वित्तीय सहायता प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईएसआईसी द्वारा संबद्ध प्रति बीमित व्यक्ति को एक हजार रुपये प्रतिवर्ष की दर से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लगभग 1.50 लाख बीमित व्यक्तियों तथा उनके परिवारों सहित करीब छह लाख लाभार्थियों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है। ईएसआईसी के अंतर्गत पात्र बीमित व्यक्तियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को नियमानुसार चिकित्सा लाभ, बीमारी हितलाभ, मातृत्व हितलाभ, दिव्यांगता हितलाभ, आश्रित हितलाभ सहित अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होते हैं।

छठ पर घर लौटने वालों की जेब पर बड़ा असर, दरभंगा की हवाई टिकट ₹30 हजार के पार

दरभंगा  दीपावली और छठ में अभी करीब एक माह का वक्त है। लेकिन दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई टिकटों का दाम आसमान छू रहा है। यह हाल दरभंगा से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली सभी उड़ानों में है। अन्य दिनों में दरभंगा एयरपोर्ट से विभिन्न हवाई मार्ग पर टिकटों का दाम सामान्य रहता है। लेकिन जैसे ही दीपावली और छठ का नजदीक पहुंचने लगता है। एयरलाइंस कंपनियां टिकटों के दाम में तीन से चार गुणा वृद्धि कर देती है। इससे त्योहार पर घर लौटने की चाह रखने वाले यात्रियों की खुशियों पर पानी फिरने लगता है। कई यात्री तो टिकटों की कीमत सुनकर भौचक रह जाते हैं। ऐसे में हवाई सफर की योजना त्याग ट्रेन या अन्य साधन से घर लौटने की जुगत में हैं। हवाई मार्ग पर टिकटों की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल दीपावली आठ नवंबर और छठ महापर्व 14 व 15 नवंबर को है। पांच से 13 नवंबर के बीच दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु हवाई मार्ग पर टिकटों की कीमत अप्रत्याशित उछाल है। खासतौर पर मुंबई से दरभंगा आनेवाले यात्रियों की जेब को ज्यादा चपत लग रही है। दीपावली और छठ के दौरान मुंबई से दरभंगा के लिए स्पाइसजेट में 30,196 रुपये, अकासा में 27,600 रुपये और इंडिगो में 24,871 से लेकर 25,801 रुपये में एक टिकट उपलब्ध हो रहा है। इस अवधि में दरभंगा से लौटने पर स्पाइसजेट, इंडिगो और अकासा के विमान में सात से लेकर नौ हजार रुपये में टिकट है। हैदराबाद से दरभंगा के लिए इंडिगो में 22,894 रुपये दिल्ली से दरभंगा के लिए स्पाइसजेट में 16,593 से लेकर 21,430 रुपये, इंडिगो में 17,557 से लेकर 19,498 रुपये और अकासा में 18,542 से लेकर 20,042 रुपये प्रति टिकट लिए जा रहे हैं। वापसी में स्पाइसजेट, इंडिगो और अकासा में पांच से आठ हजार रुपये लग रहा है। बेंगलुरु से दरभंगा आने पर अकासा में 23,527 रुपये लग रहा है। जबकि बेंगलुरु वापसी में 7,374 रुपये खर्च हो रहा है। हैदराबाद से दरभंगा के लिए इंडिगो में 22,894 रुपये लिए जा रहे हैं। दरभंगा से हैदराबाद जाने पर इंडिगो में 7,872 रुपये में टिकट उपलब्ध है। जबकि दरभंगा और कोलकाता के बीच कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों से कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए 26,601 रुपये की वसूली की जा रही है। छह नवंबर से शुरू मुंबई की उड़ान में सीटें फुल छह नवंबर से दरभंगा से मुंबई के लिए अकासा क्यूपी 2011 की उड़ान की शुरुआत होगी, लेकिन अभी से ही मुंबई से उड़ान भरकर दरभंगा पहुंचने वाली अकासा की फ्लाइट में सीटें फुल होने लगी हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, छह से 10 नवंबर तक मुंबई दरभंगा हवाई मार्ग पर अकासा के विमान फुल चल रहे हैं। हाल के दिनों में दरभंगा मुंबई हवाई मार्ग पर अकासा की उड़ान में विस्तार की घोषणा के साथ ही एक टिकट की बुकिंग 14 हजार में हो रही थी। लेकिन अब अकासा के विमान में छह नवंबर से एक टिकट की खरीदारी करने पर 27,600 रुपये चुकाना पड़ रहा है। जबकि दरभंगा और मुंबई के बीच अकासा के उड़ान की विस्तार की घोषणा से यात्रियों में पर्व त्योहार के मौके पर टिकट दाम में राहत की उम्मीद जगी थी। लेकिन उनकी उम्मीदों पर तुषारापात हो सकता है।