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आमिर खान ने 61 की उम्र में गौरी स्प्रैट से रजिस्टर मैरिज की, पहली तस्वीर आई सामने

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने आज अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। एक्टर ने 61 की उम्र में रजिस्टर मैरिज की है जिसकी पहली तस्वीर सामने आ गई है। तस्वीर में एक्टर को पेपर पर साइन करते हुए देखा जा सकता है। आमिर खान की तीसरी शादी के लिए उनका पूरा परिवार एक साथ नजर खुशियां मनाता नजर आ रहा है। आमिर ने ऑफ वाइट शेरवानी में नजर आ रहे हैं। वहीं गौरी ने शिमरी ड्रेस कैरी की हुई है। खास बात ये है कि आमिर और गौरी की शादी में उनके पिछली शादियों से बच्चे मौजूद हुए हैं। आमिर और गौरी की शादी की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई है। आमिर खान अपनी तीसरी शादी के पेपर्स पर साइन करते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में उनके और किरण राव से बेटे आजाद साथ दिख रहे हैं। तीसरी पत्नी गौरी भी अपने बेटे के साथ हैं। आमिर की मां जीनत और परिवार के कुछ खास सदस्यों को तस्वीर में देखा जा सकता है। आमिर ने गौरी को कुछ समय तक डेट करने के बाद आखिरकार उन्हें अपनी तीसरी पत्नी बनाया है। आमिर खान की शादियां आमिर खान की लव लाइफ की बात करें तो एक्टर ने अपने बॉलीवुड में डेब्यू से पहले 1986 में रीना दत्ता से शादी कर ली थी। इस शादी से उन्हें दो बच्चे आयरा और जुनैद हुए। लेकिन ये शादी करीब 16 साल बाद टूट गई। दोनों ने साल 2002 में आपसी सहमति से तलाक ले लिया। इसके बाद एक्टर की जिंदगी में किरन राव आई।कुछ समय तक एक दूसरे को डेट करने के बाद किरन और आमिर ने साल 2005 में शादी कर ली। साल 2011 में दोनों बेटे आजाद के पेरेंट्स बने। आजाद को सरोगेसी की मदद से दुनिया में लाया गया था। लेकिन आमिर की ये शादी भी साल 2021 में टूट गई। हालांकि, आमिर के अपनी दोनों पूर्व पत्नियों और बच्चों के साथ अच्छे संबंध रहे। गौरी से मुलाकात अब आमिर तीसरी बार शादी के बंधन में बंध गए हैं। आमिर ने स्टाइलिस्ट गौरी स्प्रैट से शादी की है। एक्टर के मुताबिक उनकी और गौरी की मुलाकात सबसे पहले करीब दो दशक पहले हुई थी। लेकिन उस समय जीवन अलग दिशा में चल रहा था। फिर दूसरी मुलाकात 2023 में हुई और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। आमिर ने गौरी को अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलाया था। सभी ने साथ में क्वालिटी टाइम बिताया और अब गौरी खान परिवार का हिस्सा बन गई हैं।

DMK, AIADMK और BJP ने मिलकर लगाए गंभीर आरोप, राजभवन में सौंपा ज्ञापन

चेन्नई तमिलनाडु में विपक्षी दलों DMK, AIADMK और बीजेपी ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त, पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग और कैबिनेट बैठकों में अधिकृत व्यक्तियों के दखल देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में विपक्षी नेताओं ने शनिवार को चेन्नई स्थित राजभवन में  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से अलग-अलग मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा है. DMK की ओर से संगठन महासचिव आरएस भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरकार के निर्देश पर पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग कर विधायकों को तोड़ने, धमकाने और प्रलोभन देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में ऐसी अप्रिय स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई. 'दो बाहरी लोग चला रहे हैं सरकार' भारती ने कहा, 'जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी नाम के दो व्यक्ति, जो सरकारी पद पर नहीं हैं, मंत्रियों से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं. वो सभी उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होते हैं और अधिकारियों को आदेश देते हैं.' DMK ने तिरुचेन्दूर विधायक अनीता आर राधाकृष्णन को निशाना बनाकर प्रताड़ित कर कानूनी दबाव और आर्थिक प्रलोभन देने का भी आरोप लगाया. पार्टी ने राज्यपाल से संवैधानिक हस्तक्षेप, स्वतंत्र जांच और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की अपील की. DMK ने की थी FIR की मांग उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में विधायक की गिरफ्तारी सत्ता के राजनीतिक दुरुपयोग का एक उदाहरण थी. इससे पहले DMK ने विधायकों को तोड़ने की कथित कोशिशों को लेकर TVK प्रमुख विजय के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए गवर्नर अर्लेकर से संपर्क किया था. उनकी ये शिकायत MDMK महासचिव वाइको के सार्वजनिक बयानों पर काफी हद तक आधारित थी, जिन्होंने दावा किया था कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से DMK के दो विधायकों को विधानसभा से इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की थी. शिकायत के अनुसार, वाइको ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधायकों को भरोसा दिलाया था कि अगर वो अपनी सीटें छोड़ते हैं तो उन्हें होने वाले उपचुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी. देश छोड़ कर भागने जैसी है घबराहट की स्थिति AIADMK ने भी हॉर्स-ट्रेडिंग, विधायकों से जबरन इस्तीफा दिलाने और निजी व्यक्तियों के कैबिनेट बैठकों में शामिल होने का मुद्दा उठाया है. पार्टी के राज्यसभा सांसद आई.एस. इनबादुरै और विधायक एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने भी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की. इनबदुरई ने कहा कि तमिलनाडु में इस वक्त भय का माहौल है और खुलेआम हॉर्स-ट्रेडिंग चल रही है. अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 167 का इस्तेमाल कर सरकार से स्पष्टीकरण मांगने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि कुछ गलत पाया जाता है तो राज्यपाल भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज सकते हैं. BJP ने भी सौंपा ज्ञापन वहीं, डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा BJP प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है. बीजेपी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए हाल ही में कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. पार्टी ने एक नाबालिग लड़की के साथ गलत व्यवहार के आरोपों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री पी विश्वनाथन की जांच की भी मांग की. इन सभी गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ टीवीके सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है. सरकार ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि जॉन आरोग्यासामी और विष्णु रेड्डी को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के बाद वो अब निजी व्यक्ति नहीं रह गए हैं, इसलिए कैबिनेट की बैठकों और सरकारी कार्यवाही में उनकी भागीदारी पूरी तरह से वैध है.

चिया सीड्स फेस मास्क: एलोवेरा और शहद से पाएं नेचुरल ग्लो

चिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे काफी हेल्दी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिया सीड्स सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि चेहरे के लिए भी बेहद फायदेमंद हो सकते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्किन को हाइड्रेट रखने, चेहरे पर नमी बनाए रखने और उसे ग्लोइंग देने में मदद करते हैं. आज हम आपको चिया सीड्स से बनने कुछ आसान फेस मास्क के बारे में बताएंगे जो आपके चेहरे को हमेशा हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखेंगे. चिया सीड्स और एलोवेरा फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) सम्बंधित ख़बरें 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें, ताकि यह जेल जैसा हो जाए. अब इसमें एलोवेरा जेल और शहद मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क ड्राई और डल स्किन की समस्या को कम करने के साथ-साथ स्किन को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच ग्रीन टी 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन टी बनाकर ठंडी कर लें. अब इसमें चिया सीड्स को 15 मिनट तक भिगो दें. फिर शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें और बाद में गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क स्किन पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. चिया सीड्स और हल्दी फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1/2 चम्मच हल्दी 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 20 मिनट तक पानी में भिगोकर जेल तैयार करें. इसमें हल्दी और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें. इस फेस मास्क को 10-15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क दाग-धब्बों को कम करने और स्किन टोन को बेहतर करने में मदद करता है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1 बड़ा चम्मच सादा दही 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाएं कैसे? चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें. फिर इसमें दही और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस मिश्रण को हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाकार गति में मसाज करें. 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. यह फेस मास्क डेड स्किन हटाने और चेहरे को सॉफ्ट व ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकता है. इन बातों का रखें ध्यान किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है या कोई स्किन प्रॉब्लम है तो एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद ही इन उपायों को अपनाएं.

चकला-बेलन से जुड़े 4 बड़े वास्तु दोष जो ला सकते हैं आर्थिक तंगी

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना गया है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार की ऊर्जा और स्वास्थ्य का निर्धारण होता है. रसोई में रखी हर एक वस्तु का अपना एक विशेष महत्व और ऊर्जा होती है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं चकला और बेलन. वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में टूटा या चटका हुआ चकला-बेलन रखना एक गंभीर महादोष माना जाता है. ऐसा करने से न केवल घर की सुख-शांति भंग होती है, बल्कि आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं चकला-बेलन से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम और उनके पीछे की वजह. दरिद्रता का वास (आर्थिक तंगी) वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटे हुए चकले या बेलन से रोटी बेलने पर एक अजीब सी आवाज निकलती है. इस आवाज को बेहद अशुभ माना गया है. इससे घर में धन की आवक रुक जाती है और बेवजह के खर्च बढ़ने लगते हैं. परिवार में कलह और मानसिक तनाव टूटी हुई वस्तुओं से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) निकलती है. यदि रसोई में ऐसी चीजें रखी हों, तो परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ने लगता है और बिना बात के झगड़े होने लगते हैं. सेहत पर बुरा असर रसोई घर का सीधा संबंध मां अन्नपूर्णा और माता लक्ष्मी से होता है. खंडित या टूटे हुए बर्तनों और चकला-बेलन के इस्तेमाल से मां अन्नपूर्णा नाराज होती हैं, जिससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. चकला-बेलन से जुड़े जरूरी वास्तु नियम आवाज न हो: रोटी बेलते समय चकले से आवाज नहीं आनी चाहिए. अगर चकला हिलता है या आवाज करता है, तो उसके नीचे एक साफ कपड़ा रख लें. उल्टा करके न रखें: कई लोगों की आदत होती है कि वे इस्तेमाल के बाद चकले को उल्टा रख देते हैं. वास्तु में इसे बहुत बड़ा दोष माना गया है. चकले को हमेशा सीधा या दीवार के सहारे खड़ा करके रखना चाहिए. तुरंत धोकर सुखाएं: रोटी बनाने के बाद चकला-बेलन को गंदा बिल्कुल न छोड़ें. इसे तुरंत धोकर और सुखाकर सही स्थान पर रखें. रात भर चकला-बेलन गंदा छोड़ना राहु और शनि दोष को आमंत्रित करता है. खरीदने का सही दिन: अगर आप नया चकला-बेलन खरीद रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसे बुधवार या गुरुवार को खरीदना सबसे शुभ होता है. शनिवार या मंगलवार को इसे खरीदने से बचना चाहिए.

14 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति होंगे अस्त, 6 राशियों पर पड़ सकता है बड़ा असर

 आकाशमंडल में जब भी कोई बड़ा और प्रभावशाली ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तो उसकी ताकत कुछ समय के लिए शांत हो जाती है. ज्योतिष की भाषा में इसे ग्रह का अस्त होना (Combust) कहते हैं.  इस साल 14 जुलाई 2026 को ब्रह्मांड के सबसे शुभ और उदार ग्रह, देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं.  चूंकि गुरु को बुद्धि, धन, वैवाहिक सुख, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का नियंत्रक माना जाता है, इसलिए उनके तेज में कमी आते ही जीवन के इन मोर्चों पर थोड़ी सुस्ती या रुकावटें देखने को मिल सकती हैं. वैदिक ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, गुरु की यह कमजोर स्थिति वैसे तो पूरी मानव जाति को प्रभावित करेगी, लेकिन 6 खास राशियां ऐसी हैं जिनकी जिंदगी में अचानक उथल-पुथल मच सकती है.  आइए समझते हैं कि इस खगोलीय बदलाव का आपकी राशि पर क्या असर होने जा रहा है और इससे कैसे निपटें. इन 6 राशियों के सामने खड़ी हो सकती हैं चुनौतियां 1. मेष राशि: फैसलों पर लगाएं ब्रेक इस समय आपकी मानसिक स्पष्टता थोड़ी प्रभावित हो सकती है.  कोई भी बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन करना हो या नया बिजनेस वेंचर शुरू करना हो, उसे कुछ समय के लिए होल्ड पर डाल दें. जल्दबाजी में लिया गया एक भी गलत निर्णय आपकी जमा-पूंजी को फंसा सकता है. 2. कर्क राशि: बजट का बिगड़ेगा संतुलन बृहस्पति के अस्त होते ही आपके अनचाहे खर्चों में अचानक उछाल आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपनी मनपसंद पोजीशन या प्रमोशन के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा.  प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में बड़ा रिस्क लेने से बिल्कुल बचें. 3. सिंह राशि: वर्कप्लेस पर बढ़ेगी तनातनी कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ अचानक बढ़ सकता है.  सहकर्मियों या बॉस के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है. मानसिक तनाव का सीधा असर आपके डाइजेशन (पाचन) और स्लीप साइकिल पर पड़ सकता है, इसलिए सेहत को प्राथमिकता दें. 4. वृश्चिक राशि: भरोसे के नाम पर मिल सकता है धोखा यह समय किसी नए पार्टनर या अनजान शख्स पर आंख बंद करके विश्वास करने का नहीं है.  पैसों का उधार-लेनदेन आपके आपसी रिश्तों में दरार डाल सकता है. जितना हो सके शांत रहें और दूसरों के विवादों में टांग न अड़ाएं. 5. धनु राशि: खुद को री-इवैल्युएट करने का समय गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए आपके आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. करियर में जो रफ्तार बनी हुई थी, वह अचानक धीमी पड़ सकती है.  इस समय को किसी नए काम में कूदने के बजाय पुराने अधूरे कामों को ठीक करने में लगाएं. 6. मीन राशि: सेहत और सुकून पर ध्यान दें मीन राशि के भी स्वामी गुरु ही हैं.  आपके बनते हुए कामों में आखिरी वक्त पर रुकावटें आ सकती हैं.  आर्थिक मोर्चे पर तंगी महसूस न हो, इसके लिए फिजूलखर्ची पर आज से ही रोक लगा दें. खान-पान में लापरवाही से लिवर या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. गुरु के नकारात्मक असर को कम करने के व्यावहारिक तरीके जब गुरु का बल कम हो, तो हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और अनुशासन को बढ़ाना पड़ता है.  इसके लिए कुछ विशेष ज्योतिषीय और व्यावहारिक उपाय मददगार साबित हो सकते हैं: गुरुत्व को जगाएं: भगवान विष्णु और शिवजी की नियमित आराधना करें.  हर गुरुवार को माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं. सात्विक जीवनशैली: इस पूरी अवधि में तामसिक भोजन और शराब आदि से पूरी तरह दूरी बना लें.  सात्विक विचार मन को शांत रखेंगे. सेवा भाव: केवल वस्तुओं का दान ही नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों की शिक्षा में मदद करना या किसी भूखे को भोजन कराना गुरु दोष को तेजी से काटता है. मौन का अभ्यास: जब परिस्थितियां पक्ष में न हों, तो बहस करने से बेहतर है मौन धारण करना. इससे आपकी ऊर्जा बची रहेगी.

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बदलेगी अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था, जाम से मिलेगी राहत

लखनऊ यूपी में अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बड़ी भूमिका निभाएगा। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंट्रोल होगी। अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जिसको एनाउंसमेंट सिस्टम से लैस किया गया है। शनिवार को डीएम अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज जादौन व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने स्मार्ट टैफिक व्यवस्था को लेकर कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के कंट्रोल रूम में मंथन किया। शहर के प्रमुख सिग्नलयुक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट अब पूर्व निर्धारित समय के बजाय वास्तविक यातायात दबाव के अनुसार संचालित होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े एआई आधारित कैमरे प्रत्येक दिशा में वाहनों एवं लोगों की संख्या का विश्लेषण करेंगे तथा उसी के अनुरूप ट्रैफिक सिग्नल का ग्रीन एवं रेड टाइम स्वतः कम या अधिक होगा। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त होगी तथा यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था को प्रथम चरण एएमयू सर्किल पर लागू कर दिया गया है। आगामी चरण में मैरिस रोड, रामघाट रोड, केला नगर, सासनी गेट सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। जहां पर ट्रैफिक लाइटें नहीं वहां 15 दिन में लगेंगी नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ट्रैफिक सुधार अभियान के अंतर्गत प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पीली पट्टी अंकित कराई है तथा हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है। जिन प्रमुख चौराहों पर अभी ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं, उनका नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आगामी 15 दिनों में नई ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली स्थापित कराई जाएगी। वाहन अधिक देर तक खड़े हुए तो एनाउंसमेंट होगा कोई वाहन, ई-रिक्शा, ठेला अथवा अन्य वाहन निर्धारित समय से अधिक देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है तो सिस्टम स्वतः सार्वजनिक उद्घोषणा कर वाहन चालक को तत्काल वाहन हटाने का निर्देश देगा। निर्धारित समय तक वाहन न हटाने पर सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को स्वतः सूचना प्रेषित करेगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को हटाया जाएगा। सूतमिल चौराहे पर एनाउंसमेंट सिस्टम लागू नगर आयुक्त ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रथम चरण सूतमिल चौराहे पर लागू किया जा चुका है। पिछले लगभग 15 दिनों के अनुभव में पाया गया है कि जहां पूर्व में इस चौराहे पर सामान्यतः 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं वर्तमान में यह समय घटकर लगभग 2 से 3 मिनट रह गया है। डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली से चौराहों पर अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी ईंधन की बचत होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पुलिस और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

इको टूरिज्म से झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी

 रांची प्राकृतिक सौंदर्य और संसाधनों से भरपूर झारखंड में इको टूरिज्म के जरिए अर्थव्यवस्था को गति देने की पहल की जा रही है। वन एवं पर्यावरण विभाग ने रांची जिले के जोन्हा में इको टूरिज्म की पहल की है। हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जोन्हा का दौरा किया था और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया था। अभी दुमका जिले में मयूराक्षी नदी के किनारे इको टूरिज्म चलाया जा रहा है। यहां इको फ्रेंडली कॉटेज में रहकर पर्यटक मयूराक्षी नदी पर बने बांध और वहां के वन क्षेत्र को देखते हैं। इसके अलावा दलमा में भी इको टूरिज्म कराया जा रहा है। लातेहार जिले के लोध और चतरा के तमाशीन जलप्रपात क्षेत्र में भी इको टूरिज्म चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जाएगी। युवाओं को स्वरोजगार के जरिए आजीविका के नए रास्ते बताए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटकों को मिलेंगी सुविधाएं राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने जोन्हा में इको टूरिज्म की संभावना देखते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। स्थानीय वन प्रबंधन समिति को इस तरह के इको टूरिज्म स्थलों के प्रबंधन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा देते हुए प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी कही है। क्या होता है इको टूरिज्म इको टूरिज्म में स्थानीय समुदाय की पारंपरिक मान्यताओं के प्रति प्रतिबद्धता रखते हुए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाती है। संरक्षित क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय समुदाय के लिए पर्यावरण संरक्षण और स्थायी आजीविका का संतुलन बनाकर ही इको टूरिज्म किया जाता है।  

पारदर्शिता पर जोर: लेखा विभाग में 19 अधिकारियों को प्रमोशन, 52 का ट्रांसफर

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में बीते पांच साल से मौजूद 52 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है। इनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने विभागीय कार्यकुशलता को बढ़ावा देते हुए 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों (सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर) को पदोन्नत कर डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स बनाया है। सरकार का कहना है कि ये सभी निर्णय प्रशासनिक आवश्यकताओं, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?     मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता और सुशासन के उच्चतम मानकों पर आधारित हो।     उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में शिथिलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार के अनुसार, वित्त एवं लेखा विभाग में किए गए इस व्यापक फेरबदल से वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध निर्णयों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। द्वारका में 500 किलोवॉट का सोलर प्लांट शुरू पालम विधानसभा क्षेत्र के द्वारका सेक्टर 7 स्थित एयर फोर्स और नेवल ऑफिसर्स एनक्लेव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लाट का उद्‌घाटन किया। यह सोलर प्लाट सोसायटी के करीब 375 घरो की बिजली की जरूरतों को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने उ‌द्घाटन के दौरान बताया कि प्लाट चालू होने से एनक्लेव का मासिक बिजली खर्च करीब 12 लाख रुपये से घटकर आधा, यानी लगभग 6 लाख रुपये रह जाएगा। इससे सोसायटी के निवासियों को हर साल करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रूपये की सब्सिडी दी गई है।  

बाथरूम के ये 3 वास्तु दोष बिगाड़ सकते हैं आपकी आर्थिक स्थिति

 कई बार लाख कोशिशों के बाद भी घर में पैसा नहीं टिकता. इंसान दिन-रात मेहनत करके कमाता तो बहुत है, लेकिन महीने के अंत में बचत के नाम पर कुछ ही बचता है. क्या आप जानते हैं कि इसका एक बड़ा कारण आपके घर का बाथरूम हो सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का बाथरूम राहु, केतु और चंद्र की ऊर्जा से प्रभावित होता है.अगर यहां अनजाने में कुछ गलतियां की जाएं, तो भयंकर वास्तु दोष लगता है, जिससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं . आइए जानते हैं बाथरूम से जुड़े उन गंभीर वास्तु दोषों (Vastu Dosh) के बारे में जो आपकी तिजोरी को खाली कर रहे हैं, और साथ ही जानेंगे इन्हें ठीक करने के बेहद असरदार उपाय. इन 3 गलतियों से लगता है भयंकर वास्तु दोष 1. खाली बाल्टी या टब रखना बाथरूम में कभी भी खाली बाल्टी या टब नहीं छोड़ना चाहिए.वास्तु के अनुसार, खाली बाल्टी घर में खालीपन और आर्थिक तंगी का प्रतीक मानी जाती है.इससे जल के देवता वरुण और मन व धन के कारक चंद्रमा का दोष लगता है, जिससे पैसों की आवक रुक जाती है. 2. नल से पानी का टपकना अगर आपके बाथरूम का कोई नल खराब है या उससे लगातार पानी टपकता रहता है, तो इसे वास्तु शास्त्र में सबसे बड़ा दोष माना गया है.जैसे-जैसे पानी टपकता है, वैसे-वैसे घर से पैसा पानी की तरह बह जाता है.टपकता हुआ पानी राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे अचानक बड़े नुकसान या मेडिकल खर्चे सामने आते हैं. 3. बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ना बाथरूम घर का वह हिस्सा है जहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) पैदा होती है.कई लोग इस्तेमाल के बाद बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ देते हैं.ऐसा करने से वह नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में, खासकर बेडरूम और किचन तक फैल जाती है.इससे घर के सदस्यों के बीच कलह बढ़ती है . कंगाली से बचने के लिए तुरंत करें ये 4 उपाय (Vastu Remedies) अगर आपके घर में भी यह दोष बन रहे हैं, तो घबराने के बजाय आज ही इन आसान उपायों को अपनाएं: बाल्टी को हमेशा भरकर रखें: बाथरूम में कम से कम एक बाल्टी को हमेशा साफ पानी से भरकर रखें.अगर बाल्टी खाली रखनी भी है, तो उसे उल्टा करके रखें, कभी भी सीधी और खाली न छोड़ें.नीले रंग की बाल्टी का इस्तेमाल करना सबसे शुभ माना जाता है. खराब नल तुरंत ठीक करवाएं: घर या बाथरूम में कहीं भी पानी का रिसाव (Leakage) न होने दें.प्लंबर को बुलाकर टपकते हुए नल को तुरंत ठीक करवाएं ताकि धन की बर्बादी रुके. कांच की कटोरी में खड़ा नमक: बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा और राहु दोष को सोखने के लिए एक कांच की कटोरी में खड़ा नमक (समुद्री नमक या ढेले वाला नमक) भरकर बाथरूम के किसी कोने में रख दें.हर महीने इस नमक को बदल दें. दरवाजा हमेशा रखें बंद: बाथरूम का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसका दरवाजा बंद करने की आदत डालें.इसके अलावा, बाथरूम को हमेशा सूखा और साफ-सुथरा रखें, क्योंकि गंदगी ही दरिद्रता को न्योता देती है.

श्रीकृष्ण का अर्जुन को सारथी के रूप में चुनना और गीता का उपदेश

 महाभारत के सभी पात्रों में श्रीकृष्ण का अपने सखा अर्जुन के प्रति विशेष प्रेम था. जब महाभारत युद्ध का समय आया और श्रीकृष्ण ने अर्जुन का सारथी बनने का निर्णय लिया, तब अर्जुन ने उनसे पूछा कि, 'हे प्रभु, हम पांचों भाइयों के लिए आपका आशीर्वाद ही पर्याप्त है, फिर आप मेरा सारथी क्यों बनना चाहते हैं?' अर्जुन की बात सुनकर श्रीकृष्ण मुस्कुराए और बोले, 'हे पार्थ, इस प्रश्न का उत्तर अभी नहीं दे सकता, समय आने पर तुम्हें स्वयं समझ आ जाएगा.' जब महाभारत युद्ध निश्चित हो गया, तब कौरव और पांडव दोनों अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए राजाओं और मित्रों को साथ जोड़ने लगे. इसी क्रम में अर्जुन पांडवों की ओर से और दुर्योधन कौरवों की ओर से श्रीकृष्ण के पास पहुंचे. जब सेना बदले अर्जुन ने चुना था श्रीकृष्ण को श्रीकृष्ण ने दोनों से कहा, 'तुम दोनों मेरे अपने हो, इसलिए मैं तुम्हें कुछ न कुछ अवश्य दूंगा. एक ओर मेरी पूरी नारायणी सेना होगी और दूसरी ओर मैं स्वयं रहूंगा, लेकिन निहत्था, युद्ध में कोई अस्त्र-शस्त्र नहीं उठाऊंगा.' यह सुनकर अर्जुन ने बिना देर किए श्रीकृष्ण को चुन लिया, जबकि दुर्योधन नारायणी सेना पाकर बहुत प्रसन्न हुआ. उसे लगा कि निहत्थे कृष्ण युद्ध में कुछ नहीं कर पाएंगे. दुर्योधन सेना लेकर चला गया और श्रीकृष्ण अर्जुन के साथ हो लिए. श्रीकृष्ण ने दिया गीता का उपदेश युद्ध की तैयारियां शुरू हो गईं और श्रीकृष्ण ने अर्जुन का सारथी बनने का दायित्व संभाल लिया. युद्ध के दिन श्रीकृष्ण ने स्वयं रथ तैयार किया और ध्वज पर हनुमान जी को स्थापित किया. अर्जुन के रथ पर चढ़ने के बाद श्रीकृष्ण ने रथ को कुरुक्षेत्र की ओर बढ़ाया. जब अर्जुन ने युद्धभूमि में अपने ही गुरुओं और संबंधियों जैसे भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, को सामने खड़ा देखा, तो उसका मन विचलित हो गया. उसके हाथ कांपने लगे और उसने गांडीव नीचे रख दिया. उसने कहा, 'हे प्रभु, मैं अपने ही लोगों से युद्ध कैसे कर सकता हूं?'   तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाया और गीता का उपदेश दिया. इस ज्ञान से अर्जुन का मोह दूर हुआ और वह युद्ध के लिए तैयार हो गया. युद्ध के दौरान एक समय कर्ण और अर्जुन के बीच भयंकर युद्ध हुआ. जब अर्जुन का प्रहार कर्ण के रथ पर पड़ता, तो वह दूर तक पीछे चला जाता. वहीं कर्ण के बाणों से अर्जुन का रथ भी पीछे हटता था. हर बार यह देखकर श्रीकृष्ण कर्ण की प्रशंसा करते. कृष्ण के मुख से बार-बार कर्ण की प्रशंसा सुनकर अर्जुन को क्रोध आया. उसने पूछा, 'हे प्रभु, आप मेरी बजाय कर्ण की प्रशंसा क्यों कर रहे हैं?' श्रीकृष्ण ने कहा, 'हे पार्थ, तुम्हारे रथ पर स्वयं मैं और हनुमान विराजमान हैं, फिर भी कर्ण के प्रहार से यह पीछे हटता है, इसलिए वह प्रशंसा के योग्य है.' कैसे हुआ था अर्जुन का रथ नष्ट? अंत में, युद्ध के 18वें दिन एक अद्भुत घटना हुई. हर दिन की तरह इस बार श्रीकृष्ण पहले रथ से नहीं उतरे, बल्कि उन्होंने अर्जुन से पहले उतरने को कहा. अर्जुन को आश्चर्य हुआ, लेकिन उसने आज्ञा का पालन किया. जब अर्जुन रथ से उतर गया, तब श्रीकृष्ण भी उतरे और उसे थोड़ा दूर ले गए. जैसे ही दोनों रथ से दूर हुए, रथ में आग लग गई और वह जलकर भस्म हो गया. यह देखकर अर्जुन चकित रह गया. उसने पूछा, 'प्रभु, यह क्या हुआ?' श्रीकृष्ण ने बताया, 'अर्जुन, यह रथ तो पहले ही नष्ट हो चुका था. भीष्म, द्रोण और कर्ण जैसे महारथियों के दिव्यास्त्रों से इसकी आयु समाप्त हो गई थी. यह तो केवल मेरे संकल्प से अब तक चल रहा था. यदि मैं तुम्हारा सारथी न होता, तो यह बहुत पहले ही नष्ट हो गया होता.' तब अर्जुन को समझ आया कि श्रीकृष्ण ने उसका सारथी बनकर केवल मार्गदर्शन ही नहीं किया, बल्कि हर क्षण उसकी रक्षा भी की.