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JSSC CGL केस में हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित, JPSC मामले पर कल होगी अहम सुनवाई

रांची झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी-सीजीएल नियुक्ति रद करने के मामले में राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, JPSC से संबंधित मामले में कल फिर सुनवाई जारी रहेगी। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा। नियुक्ति रद करने के फैसले को सरकार ने ठहराया था सही JSSC CGL नियुक्ति रद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले की जांच से संबंधित सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश की गई थी। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने नियुक्ति रद करने के फैसले को उचित ठहराया था। सरकार की ओर से परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितता और वित्तीय लेन-देन का हवाला दिया गया था। सरकार की ओर से बताया गया था कि मामले में 28 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच अभी जारी है। सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई थी कि ऐसी स्थिति में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करना संभव नहीं है। राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर CGL समेत अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को रद करने के फैसले का पक्ष रखा था। याचिकाकर्ताओं ने पूरी परीक्षा रद करने का किया विरोध वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद करने का विरोध किया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा था कि प्रश्नपत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं है। उनके अनुसार किसी परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने नहीं आई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि मामला संभावित प्रश्नों की परीक्षा से पहले जानकारी मिलने का हो सकता है। नेपाल में 28 अभ्यर्थियों द्वारा संभावित प्रश्नों को याद किए जाने और उनमें से 10 के सफल होने का भी उल्लेख किया गया था। इन अभ्यर्थियों का परिणाम हाई कोर्ट के आदेश से रोका गया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा था। दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करने की दलील याचिकाकर्ताओं की ओर से यह दलील भी दी गई कि पहले की न्यायिक कार्यवाही में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करने की बात कही गई थी। नियुक्ति को आपराधिक मामले की स्थिति के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि SIT की जांच दो साल से अधिक समय से चल रही है, लेकिन अब तक चार्जशीट नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष। अन्य अधिवक्ताओं की ओर से भी कहा गया कि CGL मामले में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करने तथा आपराधिक मामले के आधार पर नियुक्ति को लेकर निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सरकार की ओर से पूरी प्रक्रिया को फिर रद किया गया। अब सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने JSSC CGL नियुक्ति रद करने के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, JPSC से संबंधित मामले में कल फिर सुनवाई होगी और राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।

पंचायत चुनावों को लेकर स्वीप अभियान तेज, पंचायत समिति स्तर पर होगा प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम

जयपुर  राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने निर्देश दिए कि आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव को देखते हुए पंचायत समिति स्तर पर 10 अक्टूबर को *प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को नामांकन प्रक्रिया, पात्रता एवं योग्यता, आवश्यक दस्तावेज, नामांकन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र निरस्त हो सकता है, सहित चुनाव प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाए, ताकि अभ्यर्थी पूरी जानकारी के साथ अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकें। सिंह राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आज गुरुवार को आयोजित मतदाता जागरूकता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान की गई स्वीप गतिविधियों की जानकारी ली तथा आगामी पंचायती राज चुनावों में की जाने वाली मतदाता जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता साक्षरता क्लब के कैंपस एम्बेडसर छात्र, छात्राओं से संवाद कर उनके द्वारा की गई स्वीप गतिविधियों की भी जानकारी ली। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने 'एक शाम लोकतंत्र के नामक, 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम', ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’, 'एक खेल लोकतंत्र के नाम' कार्यक्रम आयोजित करने, आदर्श मतदान केंद्र स्थापित कर वहां मतदाता संदेश बोर्ड लगाने, नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल, युवा मतदाता संवाद एवं महिला मतदाता संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक हरित एवं स्वच्छ बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल एवं साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह तथा मैराथन  तथा मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाई है। इन चुनावों में एक लाख 55 हजार जनप्रतिनिधि चुने जाने है। सरपंच एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं और गांव की स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसलिए पंचायती राज चुनावों में मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को भी चुनाव प्रक्रिया एवं नियमों की सही और पूरी जानकारी होना आवश्यक है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने युवा, महिला एवं पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए। वीसी के प्रारंभ में राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वागत उद्बोधन किया। वीसी में सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, महाविद्यालयों के ईएलसी नोडल अधिकारी एवं कैंपस एम्बेडसर जुड़े।

BJP का 2029 के लिए बड़ा प्लान, बूथ स्तर पर डेटा कलेक्शन से मजबूत करेगी चुनावी रणनीति

 रांची भारतीय जनता पार्टी 2029 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के तीन साल पहले से इसकी तैयारी प्रारंभ कर रही है। बूथ स्तर तक पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर सामाजिक समीकरण साधेगी। इसके लिए नए सिरे से डाटा संग्रह किया जाएगा। बूथों पर मौजूद भाजपा समर्थकों की पहचान कर उनसे नियमित संवाद के लिए जिला स्तर के नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रदेश भाजपा के नए संगठन प्रभारी गजेंद्र पटेल, सह प्रभारी सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह ने कोर कमेटी के साथ बैठक में जमीनी समीकरण को मजबूत करने पर जोर दिया। भाजपा के पास पहले से पन्ना प्रमुख जैसी व्यवस्था है। अब इसे और हाइटेक बनाने के साथ नियमित अंतराल पर समर्थकों के साथ कार्यक्रम कर उन्हें पार्टी से सीधे जोड़े रखने की योजना है। मंडल स्तर पर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को इसके लिए सक्रिय करेगी और डाटा जुटाने का काम होगा। गिरिडीह उपचुनाव पर भी पार्टी नेताओं संग हुई चर्चा भारतीय जनता पार्टी के संगठन प्रभारियों ने प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक में गिरिडीह में होने वाले उपचुनाव को गंभीरता से लेने पर चर्चा की। इसमें गिरिडीह विधानसभा के सभी छह मंडलों के मतदाताओं का आंकड़ा जुटाकर उनसे संवाद प्रारंभ कर देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गिरिडीह में जाकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और चुनाव की तैयारी पर बात करेंगे। केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा नेताओं के गिरिडीह उपचुनाव में जीत के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया है।

पाकिस्तान का बड़ा फैसला पड़ सकता है भारी, IPL के साथ PSL कराने से खिलाड़ियों पर संकट

नई दिल्ली  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने की पूरी तैयारी कर चुका है। आर्थिक तंगी, टीम के खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता से जूझ रहा क्रिकेट बोर्ड अपनी घरेलू टी20 लीग का आयोजन आईपीएल के समय पर ही कर रहा है। यह लगातार तीसरा साल है, जब पीएसएल के मैच आईपीएल के साथ टकरा रहे हैं। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है और खेल की टॉप-5 लीगों में भी शामिल है। वहीं, पीएसएल क्रिकेट की दुनिया में ही अपनी बड़ी पहचान के लिए तरस रही है। ऐसे में दोनों लीग के मैच एक साथ होने पर पीएसएल को भारी नुकसान होना तय है। पहले भी पीसीबी की इसी जिद के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है। पीएसएल का 12वां संस्करण 18 मार्च से 2 मई 2027 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, आईपीएल का आयोजन भी मार्च से मई के बीच ही होगा। ऐसे में छोटी लीग को नुकसान होना तय है। सबसे ज्यादा नुकसान टीवी और ऑनलाइनल मैच देखने वाले दर्शकों का होगा। पीएसएल 2016 में शुरू हुआ था और 2024 तक फरवरी से लेकर मार्च के बीच इसका आयोजन होता था। ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले यह लीग खत्म हो जाती थी, लेकिन 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी20 विश्व कप के कारण इसे अप्रैल-मई में आयोजित कराना पड़ा। बॉडकास्टर को हो रही चिंता मैच का बॉडकास्ट करने वाली कंपनी वाले टेक्नोलॉजी का कहना है कि रमजान के दौरान अधिकर कंपनियां जमकर विज्ञापन देती हैं और अपना पूरा बजट खर्च कर देती हैं। ऐसे में अगले महीने पीएसएल होने पर उनके पास विज्ञापन देने के लिए बजट ही नहीं होता है। हालांकि, अधिकतर फ्रेंचाइजी मार्च के बाद ही पीएसएल कराने के पक्ष में हैं। इनका कहना है कि जिन 4 मैदानों पर पीएसएल के मैच होते हैं, उनमें से तीन मैदानों (लाहौर, मुल्तान और रावलपिंडी) पर फरवरी में जमकर ठंड पड़ती है। कोहरे के कारण मैच का आयोजन और खिलाड़ियों को ट्रवल करने में परेशानी होती है। पहले यूएई में होते थे मैच 2020 में पीएसएल के सभी मैचों का आयोजन पाकिस्तन में होने लगा। इससे पहले इस लीग के मुकाबले यूएई में भी आयोजित होते थे। इससे कोहरे की समस्या कम होती थी। हालांकि, पाकिस्तान के सामने कई चुनौतियां हैं। एक तरफ वाले टेक्नोलॉजी है, जिसके पास 2029 तक पीएसएल मैचों के ब्राडकास्टिंग राइट हैं और लीग की एक टीम का मालिकाना हक भी है। वहीं, दूसरी तरफ अन्य फ्रेंचाइजी हैं, जो मार्च-मई विंडो के पक्ष में हैं।

सीधी के यात्रियों को मिल सकती है बड़ी सौगात, रीवा-रामपुर नैकिन के बीच MEMU सेवा का प्रपोजल

सीधी   सीधी जिले में रेल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा अपडेट है. एक ओर जहां ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना के तहत रामपुर नैकिन और चुरहट तक रेल लाइन पर ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है. तो वहीं दूसरी ओर पश्चिम मध्य रेलवे ने सतना से रीवा होते हुए रामपुर नैकिन तक नई दैनिक मेमू यात्री ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है, इससे सीधी में ट्रेन चलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।  गुरुवार को सीपीआरओ मयूर वर्मा ने कहा कि जबलपुर पश्चिम मध्य रेलवे ने इस प्रस्ताव को रेलवे के परिचालन स्तर पर स्वीकृति दे दी है, लेकिन रेलवे बोर्ड की मंजूरी अभी बाकी है।  क्या होगा प्रस्तावित ट्रेन का शेड्यूल? सतना से रीवा होते हुए रामपुर नैकिन तक डेली मेमू ट्रेन चलाने के प्रपोजल के मुताबिक ट्रेन सतना से सुबह 9:15 बजे रवाना होगी और कैमा, सकरिया, हिनौता रामबन, बघाई रोड तथा तुरकी रोड पर ठहरते हुए सुबह 10:25 बजे रीवा पहुंचेगी. वहीं, रीवा से सुबह 10:35 बजे रवाना होकर सिलपरा, गोविंदगढ़ और बघवार में ठहराव लेते हुए दोपहर 12:30 बजे रामपुर नैकिन पहुंचने का प्रस्ताव है।  बात करें वापसी की तो वापसी में ट्रेन रामपुर नैकिन से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी. स्टेशन बघवार, गोविंदगढ़, सिलपरा और रीवा सहित निर्धारित स्टेशनों पर ठहरते हुए शाम 7:15 बजे सतना पहुंचने का प्रस्ताव है. इस सेवा के लिए आठ मेमू कोच प्रस्तावित किए गए हैं।  चुरहट में भी चलेगी ट्रेन? रामपुर नैकिन से चुरहट तक इंजन और स्पीड ट्रायल अगस्त 2026 में सफल हुआ था. इससे क्षेत्र में नियमित यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है. हालांकि, अभी उपलब्ध प्रस्तावित समय-सारिणी रामपुर नैकिन तक की सेवा के लिए है।  सीधी जिला मुख्यालय तक कब पहुंचेगी ट्रेन? सीधी जिला मुख्यालय तक रेल सुविधा पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य जारी है. जहां, चुरहट से सीधी के बीच शेष कार्य पूरा होने और आवश्यक निरीक्षण एवं स्वीकृतियां मिलने के बाद ही ट्रेन का विस्तार किया जा सकेगा. वहीं, अब सीधी जिला मुख्यालय तक रेल सुविधा पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य जारी है. जहां चुरहट से सीधी के बीच शेष कार्य पूरा होने और आवश्यक निरीक्षण एवं स्वीकृतियां मिलने के बाद ही ट्रेन का विस्तार किया जा सकेगा। 

सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार के 7136 उद्यमियों को मिलेंगे ₹150 करोड़; 1 करोड़ परिवारों पर फोकस

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के युवा उद्यमियों को बड़ा तोहफा दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बिहार के 7 हजार से ज्यादा उद्यमियों को 150 करोड़ रुपये भेजे। इसी के साथ सीएम ने राज्य के 1 करोड़ परिवारों के लिए बड़ा ऐलान भी किया है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के 7136 लाभुकों के बीच करीब 150 करोड़ रुपये वितरित किया। पटना के बापू सभागार में उद्यमी योजना के कई लाभुक मौजूद थे। उद्यमियों को पहली किस्त दी गई है। पहली किस्त के तौर पर लाभुकों को दो-दो लाख रुपये की किस्त दी गई है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ऐलान किया कि बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाना है। राज्य सरकार इसके लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 25 से 40 प्रतिशत की खरीद बिहार में उत्पादित सामान का करेगी।अगले पांच वर्षों में बिहार की तकदीर को बदलना है। इसके लिए हमसभी को मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में सभी कृषि फीडर को सोलरयुक्त कर देंगे। बता दें कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें 5 लाख रुपये का किस्त ही उद्यमियों को देना होगा। इस पैसे से अलग-अलग तरह के व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार औऱ स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें 5 लाख तक का ब्याज मुक्त कर्ज शामिल है।

धान खरीद में देरी से किसान परेशान, जींद-असंध मार्ग पर जाम; अंबाला की मंडियों में बढ़ी निगरानी

पानीपत  प्रदेशभर की अनाज मंडियों में धान की आवक जोरों पर है। वहीं कई जिलों की मंडियों में धान खरीद न होने से किसानों में रोष है। मंडियों में पीआर धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जगह राइस मिलर्स के पंजीकरण में देरी के चलते एजेंसियां खरीद शुरू करने से पीछे हटती रही बुधवार को अनाज जींद की अलेवा अनाज मंडी में धान खरीद शुरू नहीं होने से गुस्साए किसानों ने जींद-असंध मार्ग के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया। वहीं अंबाला में सभी मंडियों में पुलिस निगरानी बढ़ गई है। यमुनानगर में मंगलवार को हुई वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जींद में अब तक 31,380 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है और 5,253 टन की खरीद हुई है। कुरुक्षेत्र में 35 हजार मीट्रिक टन की आवक और 17 हजार एमटी धान की खरीद, यमुनानगर में 87 हजार एमटी धान की आवक और 38,400 एमटी धान की खरीद, पानीपत में अब तक 25 हजार मीट्रिक टन धान की आवक और खरीद 24,700 एमटी की खरीद हुई। अंबाला में अब तक 40 हजार एमटी धान की आवक हुई है, वहीं खरीद करीब 30 हजार एमटी हुई है। कैथल में अब तक साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 38 हजार एमटी की खरीद हुई। इधर यमुनानगर में उठान धीमा होने से किसानों का भुगतान अटक गया है। अंबाला जिले की अनाज मंडियां पुलिस की निगरानी में हैं। बुधवार को अलेवा अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू न होने से किसानों ने जींद-असंध मार्ग पर जाम लगा दिया। अलेवा थाना प्रभारी आत्माराम और नायब तहसीलदार ओंकार दत्त शर्मा मौके पर पहुंचे। एसडीएम और डीएम हैफेड ने किसान सभा के पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर खरीद एजेंसी के माध्यम से पीआर धान की खरीद शुरू करवाई। अधिकारियों पर लगाए आरोप करनाल की नई अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद में देरी से परेशान किसानों की शिकायत पर भाकियू नेता पहुंचे। नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत कर एक सप्ताह से मंडी में बैठे किसानों की खरीद शुरू करवाई और नमी जांच कराई। बहादुर मैहला बलड़ी व जगदीप ओलख ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। लाडवा मंडी में पहुंचे कृषि मंत्री कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी में बुधवार दोपहर बाद उस समय हलचल मच गई, जब कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे। मंडी में मंत्री के पहुंचने की सूचना पर आढ़तियों व किसानों में भी सक्रियता दिखाई दी। कृषि मंत्री ने कहा कि फसल की खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

बिहार क्रिकेट को मिली नई स्टार, 15 वर्षीय अक्षरा गुप्ता को मिली U-19 टीम की कप्तानी

पटना  बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने अंडर-19 महिला टीम की घोषणा कर दी है। टीम 9 से 16 अक्टूबर तक मुंबई में होने वाले अंडर-19 लीग मुकाबलों में हिस्सा लेगी। 15 सदस्यीय टीम की कमान युवा बल्लेबाज अक्षरा गुप्ता को सौंपी गई है। जूली को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। अक्षरा की कप्तानी में बिहार की युवा टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। टीम में पांच खिलाड़ियों को स्टैंडबाय के तौर पर भी रखा गया है। 306 रन की पारी ने अक्षरा को दिलाई अलग पहचान अक्षरा गुप्ता की सबसे बड़ी चर्चा उनकी रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी को लेकर हुई। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने बिहार महिला अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में 306 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 126 गेंदों का सामना करते हुए 55 चौके और 8 छक्के लगाए। अक्षरा ने 16 गेंदों में अर्धशतक और 34 गेंदों में शतक पूरा किया। 233 मिनट तक क्रीज पर डटी रहीं अक्षरा की स्ट्राइक रेट 242.86 रही। उनकी इस पारी के दम पर बिहार ने 40 ओवर में 450 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। 306 के चार दिन बाद फिर बरसा अक्षरा का बल्ला 306 रन की पारी के महज चार दिन बाद अक्षरा ने एक और बड़ी पारी खेली। उन्होंने 68 गेंदों में 164 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। इस पारी में अक्षरा ने 24 चौके और 6 छक्के लगाए। लगातार दो बड़ी पारियों ने उन्हें बिहार क्रिकेट की नई चर्चित प्रतिभाओं में शामिल कर दिया। कम उम्र में इतनी बड़ी पारियां खेलने के कारण उनकी तुलना वैभव सूर्यवंशी से भी की जा रही है। इसी वजह से उन्हें बिहार की महिला क्रिकेट में 'लेडी सूर्यवंशी' के नाम से भी जाना जाने लगा है। 14 साल की उम्र में ही संभाल चुकी हैं टीम की कमान अक्षरा की कप्तानी का सफर भी उनकी उम्र के मुकाबले काफी जल्दी शुरू हो गया। बिहार अंडर-19 टीम में चयन के बाद महज 14 साल की उम्र में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी मिली हरियाणा और पंजाब जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उन्होंने अर्धशतक लगाकर अपनी क्षमता दिखाई। लगातार अच्छे प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। फरवरी 2026 में अक्षरा का चयन बिहार की सीनियर महिला टीम में भी हुआ। इसके साथ ही वह बिहार के लिए सीनियर क्रिकेट खेलने वाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर बनीं। एक सीजन में चार एज ग्रुप खेलने का रिकॉर्ड अक्षरा ने एक ही सीजन में BCCI के चार अलग-अलग एज ग्रुप में खेलने की उपलब्धि हासिल की। वह अंडर-15, अंडर-19 टी-20, अंडर-19 वनडे और अंडर-23 टूर्नामेंट में खेलीं। ऐसा करने वाली वह बिहार की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। इसके बाद उनकी 306 और 164 रन की पारियों ने उनकी प्रतिभा को और चर्चा में ला दिया। अब अक्षरा के सामने मुंबई में बिहार अंडर-19 टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की चुनौती होगी। टीम की कमान के साथ उनकी बल्लेबाजी पर भी क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। BCCI के चयनकर्ताओं ने चुनी 15 सदस्यीय टीम बिहार की इस टीम का चयन BCCI की ओर से बुलाए गए चयनकर्ताओं अमिता शर्मा और सुलक्षणा नाइक ने किया। चयन प्रक्रिया के बाद 15 खिलाड़ियों को मुख्य टीम में जगह दी गई है। पांच खिलाड़ियों को स्टैंडबाय सूची में रखा गया है। टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी नीतू सिंह संभालेंगी। राखी सिन्हा असिस्टेंट कोच, अनु कुमारी एस एंड सी कोच और जूरी दत्ता फिजियो की भूमिका में रहेंगी। अब मुंबई में होने वाले मुकाबलों में अक्षरा की कप्तानी और टीम के प्रदर्शन पर सबकी नजर होगी।

DC में लौटते ही ऋषभ पंत का रोल तय, टॉप ऑर्डर में नहीं उतरेंगे; नंबर-4 या 5 पर करेंगे बल्लेबाजी

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स (DC) में ऋषभ पंत की वापसी हो चुकी है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर टीम ने तस्वीर साफ कर दी है. नए हेड कोच सौरव गांगुली ने कहा है कि पंत को टॉप ऑर्डर में नहीं खिलाया जाएगा. वह टीम के लिए मिडिल ऑर्डर में अहम भूमिका निभाएंगे. DC ने 6 अक्टूबर को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को नया हेड कोच नियुक्त किया है. टीम का लक्ष्य पहली बार IPL खिताब जीतना है. मिनी ऑक्शन से पहले DC ने बड़ा ट्रेड करते हुए पंत को वापस टीम में शामिल किया. पंत पिछले दो सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान थे. LSG में पंत टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन उन्हें वह भूमिका नहीं मिली. इसके बाद उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. अब गांगुली ने पंत के रोल को लेकर कहा- हमें एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की जरूरत थी और पंत इसके लिए बिल्कुल फिट हैं. वह पहले हमारे साथ थे और उन्होंने हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया है. गांगुली ने यह भी कहा कि दिल्ली लौटकर पंत को समय और मैच मिलेंगे, जिससे वह बेहतर खिलाड़ी बन सकें. उन्होंने कहा कि पंत को दिल्ली के फिरोज शाह कोटला (अरुण जेटली स्टेडियम) में बल्लेबाजी करना पसंद है और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वह दिल्ली की जर्सी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे. नंबर-4 या 5 पर उतर सकते हैं पंत DC के पास केएल राहुल के रूप में स्थापित ओपनर मौजूद हैं. पिछले दो सीजन में राहुल ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहतर हुआ है. पिछले सीजन में टीम ने बेन डकेट के नहीं रहने के बाद पथुम निसंका को ओपन कराया. साहिल परख और अभिषेक पोरेल को भी ओपनिंग में आजमाया गया, जबकि पृथ्वी शॉ को पूरे सीजन बेंच पर रहना पड़ा. टीम अब मिनी ऑक्शन में नए ओपनर की तलाश कर सकती है. वहीं ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, कप्तान अक्षर पटेल, समीर रिजवी और नीतीश राणा जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद पंत के लिए नंबर-4 या नंबर-5 की जगह तय मानी जा रही है. यह वही बैटिंग पोजिशन है, जहां वह DC के लिए पहले भी खेल चुके हैं. DC के लिए सबसे ज्यादा रन, LSG में नहीं चला बल्ला पंत दिल्ली कैपिटल्स के ऑलटाइम सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने DC के लिए 3,284 रन बनाए हैं. उनका औसत 35.31 और स्ट्राइक रेट करीब 149 का रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 18 अर्धशतक निकले. वहीं LSG के कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. 27 करोड़ रुपये की कीमत के बावजूद पंत 26 पारियों में 581 रन ही बना सके. उनका औसत 26.40 और स्ट्राइक रेट 135.74 रहा. उन्होंने एक शतक और सिर्फ दो अर्धशतक लगाए. 2027 पंत के लिए बेहद अहम IPL 2027 पंत के व्हाइट-बॉल करियर के लिहाज से भी अहम होगा. DC में वापसी पर उनकी कीमत 15 करोड़ रुपये रही है. 27 साल के पंत जुलाई 2024 के बाद से कोई T20I नहीं खेले हैं और 2027 में अच्छा प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे. उम्मीद है कि पूर्व भारतीय स्टार युवराज सिंह भी DC के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं और बल्लेबाजी कोच की भूमिका संभाल सकते हैं. इससे पंत समेत मिडिल ऑर्डर और ओपनिंग को लेकर टीम को अतिरिक्त इनपुट मिल सकता है. स्टार्क पूरे सीजन खेलेंगे? गांगुली ने DC को मजबूत टीम बताया है और लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और मिचेल स्टार्क के रिटेन होने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि KL राहुल, अक्षर पटेल, पंत, स्टार्क, एनगिडी, मिलर और स्टब्स के साथ टीम काफी मजबूत है और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करना होगा. हालांकि स्टार्क के पूरे IPL 2027 सीजन में उपलब्ध रहने पर सवाल बना हुआ है. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट को अपनी प्राथमिकता बता चुके हैं. IPL 2027 के ठीक बाद वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (WTC) 2025-27 का फाइनल होना है. ऑस्ट्रेलिया अभी WTC तालिका में टॉप पर है और लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंचने की स्थिति में है.इसके अलावा 2027 में वनडे वर्ल्ड कप और इंग्लैंड में एशेज सीरीज भी होनी है. ऐसे में स्टार्क के वर्कलोड और उपलब्धता पर नजर रहेगी. गेंदबाजी में बदलाव पर भी नजर गांगुली के एजेंडे में DC की गेंदबाजी की कमजोरियों को दूर करना भी होगा. आक‍िब नबी डार और मुकेश कुमार महंगे साबित हुए. नबी पांच मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके, जबकि मुकेश ने 10 मैचों में छह विकेट लिए. दोनों पर टीम ने मिलाकर 16.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. कुलदीप के जाने के बाद टीम को एक विशेषज्ञ स्पिनर की भी जरूरत होगी. DC श्रीलंका के तेज गेंदबाज दुश्मंथा चमीरा और इंग्लैंड के लेग स्पिन ऑलराउंडर रेहान अहमद को रिलीज कर सकती है. रेहान को बेन डकेट के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. DC के कोचिंग स्टाफ में स्पिन बॉलिंग कोच अमित मिश्रा और तेज गेंदबाजी कोच चामिंडा वास भी शामिल हैं. युवराज के आने पर मिडिल ऑर्डर या ओपनर को लेकर भी सुझाव मिल सकते हैं. अगर स्टार्क IPL 2027 से बाहर होते हैं या सीमित मैच खेलते हैं तो टीम को एक एक्सप्रेस पेसर की तलाश करनी होगी. रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की लिस्ट जारी करने की आखिरी तारीख 15 नवंबर है. इसके बाद DC की टीम की तस्वीर और साफ हो जाएगी. DC की मौजूदा स्क्वॉड: केएल राहुल राहुल (व‍िकेटकीपर), साहिल परख, अक्षर पटेल (कप्तान), ऋषभ पंत, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, माधव तिवारी, अभिषेक पोरेल, त्रिपुराना विजय, लुंगी एनगिडी, मिचेल स्टार्क, मुकेश कुमार, आशुतोष शर्मा, समीर रिजवी, विप्रज निगम, पृथ्वी शॉ, करुण नायर, दुश्मंथा चमीरा, नीतीश राणा, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जादव मंडल, पथुम निसांका, औकीब नबी डार, रेहान अहमद.

बिहार में उद्योग-रोजगार को मिलेगा बड़ा boost, 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत की तस्वीर बदलने की तैयारी है। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि प्रदेश के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाया जाएगा। बापू सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के चयनित लाभुकों के उन्मुखीकरण एवं प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की औद्योगिक नीति और रोजगार को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। ‘Made in Bihar’ उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘पर्चेस प्रेफरेंस एक्ट’ बनाया है। इसके तहत राज्य सरकार की खरीद में बिहार में बनने वाले उत्पादों को 25 से 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी मिलेगी। स्टील, कपड़ा या अन्य कच्चा माल यदि बिहार का उद्यमी तय मानकों के अनुसार तैयार करता है तो सरकार उसी उत्पाद को खरीदने को प्राथमिकता देगी। बिहार में ही उत्पादन, बाहर से सामान लाने पर जोर नहीं सम्राट चौधरी ने कहा कि अब दूसरे राज्यों में उत्पादन कर बिहार में सामान बेचने की व्यवस्था को बदलने पर जोर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि साइकिल बनाने वाला कोई व्यक्ति लुधियाना से आकर पटना में साइकिल नहीं बेचेगा, बल्कि उसे बिहार में ही उत्पादन करना होगा। इसी तरह दूसरे राज्यों के स्टील प्लांट से सामान तभी खरीदा जाएगा, जब बिहार में उसका उत्पादन उपलब्ध न हो। 50 करोड़ तक के टेंडर में बिहारी उद्यमियों को फायदा राज्य के उद्यमियों को सरकारी काम दिलाने के लिए टेंडर नियमों में भी बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 50 करोड़ रुपये तक की सरकारी योजनाओं के टेंडर में यदि कोई बिहारी उद्यमी L2, L3 या L4 पर है और L1 की दर पर काम करने को तैयार है, तो काम उसी बिहारी उद्यमी को दिया जाएगा। 45 हजार नए उद्यमी तैयार करने का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फिलहाल करीब 45 हजार नए उद्यमियों को खड़ा कर रही है। कार्यक्रम के दौरान करीब सात हजार लाभुकों को पहली या अगली किस्त की राशि सीधे भेजी गई। इसके लिए राज्य सरकार ने करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। हर उद्यमी को 10 लाख रुपये तक की मदद चयनित लाभुकों में 14 हजार एससी/एसटी, 10 हजार से अधिक अति पिछड़ा वर्ग, करीब साढ़े नौ हजार महिलाएं, नौ हजार युवा और लगभग ढाई हजार अल्पसंख्यक उद्यमी शामिल हैं। सरकार प्रत्येक उद्यमी को 10 लाख रुपये का सहयोग दे रही है, जिसमें पांच लाख रुपये अनुदान और पांच लाख रुपये ऋण है। ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि करीब 44 हजार उद्यमी पांच-पांच लोगों को भी रोजगार देते हैं तो सीधे तौर पर करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार का लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करना है। पलायन रोकना सरकार का मुख्य लक्ष्य सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का मुख्य संकल्प उन करीब 12 लाख लोगों का पलायन रोकना है, जो मजदूरी और दूसरी जरूरतों के लिए राज्य से बाहर जाते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देकर बिहार में रोजगार और उद्योग का विस्तार किया जाएगा। जेम पोर्टल के जरिए उत्पादों को सीधे अपलोड करने और सरकारी खरीद की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। ‘मेक इन बिहार’ को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी और युवा राज्य की कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत और पूंजी हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत 4,800 चयनित लाभार्थियों को दो लाख रुपये की दर से पहली किस्त दी जा रही है। इस पर करीब 96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक करोड़ रोजगार और क्लस्टर विकास पर जोर मंत्री ने कहा कि बिहार एमएसएमई नीति 2026 का लक्ष्य एक करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन करना है। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री क्लस्टर विकास योजना 2026’ का लोकार्पण किया गया। इसके तहत ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्लस्टर’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ को बढ़ावा दिया जाएगा।