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हीटवेव का प्रकोप जारी, 2–3 दिन और तपेगा राजस्थान

जयपुर राजस्‍थान में गर्मी सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है. पिछले 24 घंटे में 48.2 डिग्री सेल्सियस के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म शहर रहा. नौतपा शुरू होने के साथ ही प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में चल रही हीटवेव और गर्म रातों का दौर आगामी 2-3 दिनों तक जारी रहने की प्रबल संभावना है. अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज होने की संभावना है. बीकानेर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं अधिकतम तापमान 46-47 डिग्री दर्ज होने की संभावना है. नया पश्चिमी विक्षोभ कराएगी बारिश   पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 28 मई को कहीं-कहीं अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की संभावना है. प्रदेश में आज से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. 30 मई से आंधी-बारिश की संभावना है. जून के पहले सप्ताह में कुछ भागों में आंधी बारिश होगी. जयपुर और भरतपुर में होगी बारिश पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 से 31 मई के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर अैर जोधपुर-बीकानेर संभाग के कुछ भागों में तेज अंधड़, तेज हवाएं 60-70 Kmph और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. आंधी बारिश के असर से 29 मई से तापमान में 2 से 3 डिग्री गिरावट होने व 29-30 मई से हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद है. इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट आज विभाग की ओर से बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बालोतरा, बाड़मेर, और जोधपुर में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है.  बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.  अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू से हनुमानगढ़ में हीटवेव के साथ आंधी बारिश का येलो अलर्ट भी है.  इन जिलों में शाम से आंधी बारिश का दौर शुरू हो सकता है.

सिनर ने ताबुर को हराकर फ्रेंच ओपन में दमदार शुरुआत की

पेरिस  दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जानिक सिनर ने फ्रेंच ओपन में अपने पहले दौर के मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल की। सिनर ने फ्रांस के 171वीं रैंकिंग वाले वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी क्लेमेंट ताबुर को 6-1, 6-3, 6-4 से हराया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार 30वीं जीत दर्ज की। अब उन्होंने फ्रेंच ओपन खिताब जीतने की अपनी कोशिश भी शुरू कर दी है। पिछले साल फाइनल में कार्लोस अलकराज से पांच सेटों में मिली नाटकीय हार के बाद रोलां गैरो में वापसी करते हुए सिनर का पहला मुकाबला उस मैच से बिल्कुल अलग रहा। सिनर ने कहा कि मैं यहां वापस आकर बहुत खुश हूं। यहां की यादें बेहद शानदार हैं। पेरिस के माहौल में खुद को ढालने के लिए सिनर और उनके भाई ने एफिल टावर का लेगो प्रोजेक्ट शुरू किया था। इटालियन ओपन जीतने के बाद वह अपने घर गए थे, जहां उन्होंने इस मॉडल पर काम किया। सिनर का प्रचंड फॉर्म 24 वर्षीय सिनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं और लगातार पांच टूर्नामेंट जीत चुके हैं। अलकराज के दाएं हाथ की कलाई में चोट के कारण बाहर होने के बाद सिनर को फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं, अन्य मुकाबलों में नीदरलैंड्स के जेस्पर डी जोंग ने इटली के फेडरिको सीना को 6-3, 6-1, 6-3 को मात दी। इसके अलावा बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया के आठवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर को वॉकओवर मिला। स्वियातेक तीसरे दौर में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी इगा स्वियातेक ने बुधवार को फ्रेंच ओपन में अपनी लय हासिल करने की कोशिश जारी रखते हुए तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया। उन्होंने चेक गणराज्य की सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराया। चार बार की चैंपियन स्वियातेक अपनी प्रतिद्वंद्वी से काफी बेहतर नजर आईं। इसके बावजूद उन्होंने 38 अनफोर्स्ड एरर किए, जिनमें कई डबल फाल्ट भी शामिल रहे। कोर्ट फिलिप चैटियर पर खेले गए मुकाबले में शुरुआती गेमों में दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की सर्विस तोड़ी। इसके बाद स्वियातेक ने 5-1 की बढ़त बना ली, लेकिन सातवें गेम में डबल फाल्ट कर उन्होंने दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी बेजलेक को वापसी का मौका दे दिया। बेलिंडा की एकतरफा जीत स्वियातेक ने कई बार जल्दबाजी दिखाई, लेकिन 19 अनफोर्स्ड एरर के बावजूद पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट के शुरुआती आठ गेम में से पांच में सर्विस टूटने के बाद मुकाबला काफी बिखरा हुआ नजर आया। अंत में बेजलेक के फोरहैंड शॉट नेट में जाने के साथ स्वियातेक ने जीत दर्ज की। वहीं, 11वीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनसिक ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को एकतरफा मुकाबले में 6-4, 6-0 से हराया। वहीं, पांचवीं वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला उलटफेर की शिकार हो गईं। उनको आस्ट्रेलिया की किंबर्ली बिरेल ने 1-6, 6-3, 6-3 से शिकस्त देकर अगले दौर में जगह बनाईं।

प्रणय ने जोनाथन क्रिस्टी को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

सिंगापुर  भारतीय स्टार शटलर एचएस प्रणय ने बुधवार को खेले गए सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में इंडोनेशिया के पांचवीं वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी को तीन गेम में हराकर पुरुष सिंगल्स के दूसरे दौर में प्रवेश किया। 33 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने शानदार संयम दिखाते हुए दुनिया के नंबर-5 खिलाड़ी को एक घंटे से कुछ अधिक समय तक चले मुकाबले में 10-21, 21-12, 21-18 से मात दी। यह पांच वर्षों में क्रिस्टी पर प्रणय की पहली जीत रही। इससे पहले उन्होंने आखिरी बार 2021 इंडोनेशिया ओपन में उन्हें हराया था। 2022 थॉमस कप में भारत की ऐतिहासिक जीत और हाल ही में डेनमार्क में कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रणय का अगला मुकाबला सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से होगा। भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी मलेशिया की वोंग टिएन सी और लिम चियू सिएन को 21-14, 20-22, 21-13 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि, किदांबी श्रीकांत और मालविका बंसोड़ शुरुआती दौर की बाधा पार नहीं कर सके

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: 60+ आयु वालों को मुफ्त यात्रा, सरल पोर्टल पर 6 जून तक पंजीकरण

सोनीपत  हरियाणा सरकार द्वारा बुजुर्गों को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के निशुल्क दर्शन करवाने के लिए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत एक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। आठ जून को कुरुक्षेत्र से रवाना होने वाली इस स्पेशल ट्रेन को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। 6 जून तक सरल पोर्टल पर करें पंजीकरण जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र वृद्धजन लाभार्थी 6 जून तक सरल पोर्टल (www.saraharyana.gov.in) पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। कौन कर सकता है अप्लाई और कैसे होगा चयन? यात्रा के लिए लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए। सभी चयनित लाभार्थियों को यात्रा के दौरान अपना मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लाना होगा। इस यात्रा के लिए सीटें सीमित हैं और लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसलिए इच्छुक बुजुर्ग जल्द अपना पंजीकरण कराएं। अधिक जानकारी के लिए लघु सचिवालय की तीसरी मंजिल पर स्थित जिला सूचना एवं जन संपर्क कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

गर्मी की छुट्टियों में भीड़ कम करने के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

पटना गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर नई दिल्ली और हावड़ा के बीच दो जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। इनका परिचालन पटना के रास्ते किया जाएगा। इससे बिहार से दिल्ली और हावड़ा (कोलकाता) जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। गर्मी की छुट्टियों में इस रूट की ट्रेनों में अक्सर भीड़ देखी जा रही है, जिसके चलते रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पूर्व मध्य रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बुधवार को कहा कि गाड़ी सं. 04048 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल नई दिल्ली से 28 मई को शाम 6.15 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे सुबह डीडीयू, 11.40 बजे बक्सर, 12.25 बजे आरा, दोपहर 01.25 बजे पटना, 02.13 बजे बख्तियारपुर, 03.43 बजे किऊल और 04.55 बजे झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11.40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 04047 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 30 मई को रात 1.40 बजे हावड़ा से खुलकर सुबह 8.45 बजे झाझा, 9.33 बजे किऊल, 10.38 बजे बख्तियारपुर, 11.40 बजे पटना, दोपहर 12.24 बजे आरा, 01.10 बजे बक्सर, 03.05 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 8.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी सं. 04050 नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल नई दिल्ली से 30 मई को शाम 6.15 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 10.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे बक्सर, 12.25 बजे आरा, दोपहर 1.25 बजे पटना, 2.13 बजे बख्तियारपुर, 3.43 बजे किउल एवं 4.55 बजे झाझा सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11.40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 04049 हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल 01 जून को रात 1.40 बजे हावड़ा से खुलकर सुबह 8.45 बजे झाझा, 9.33 बजे किउल, 10.38 बजे बख्तियारपुर, 11.40 बजे पटना, 12.24 बजे आरा, दोपहर 1.10 बजे बक्सर, 3.05 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 8.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

ओबीसी आरक्षण पर नई जनगणना की मांग, ग्राम प्रधान संगठन ने उठाई आवाज

 लखनऊ यूपी में ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने के निर्णय पर जिलों व ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सरकार का आभार जताया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन नई जनगणना के आंकड़ों से ओबीसी आरक्षण तय करने की मांग कर रहा है। जल्द वह समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग व राज्य सरकार को मांग पत्र सौंपेगा। बुधवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने मांग की कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ओबीसी आरक्षण तय करना ठीक नहीं होगा। क्योंकि 15 वर्षों में ग्रामीण आबादी 78 प्रतिशत से घटकर 70 प्रतिशत रह गई है। आठ प्रतिशत आबादी स्थानांतरित हुई है। ऐसे में अब नई जनगणना के आंकड़ों से ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण तय किया जाए तो ठीक रहेगा। लखनऊ के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह व प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है। जिसकी लड़ाई प्रधानों ने मजबूती से लड़ी और सरकार के समक्ष तथ्यपूर्ण ढंग से अपनी बात रख यह आदेश कराया गया। मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड में पहले से यह व्यवस्था लागू है। अब राज्य, जिलों व ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित कर आभार जताया जाएगा। प्रधान योगी सरकार को चुनाव में रिटर्न गिफ्ट देंगे। संगठन सभी राज्यों में अपना विस्तार करेगा। देश भर के 2.50 लाख प्रधानों के लिए यूनिक वेलफेयर पॉलिसी तैयार कराएगा। 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल हुआ खत्म यूपी में अब सभी 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों के प्रशासक का पदभार संभाल लिया। अब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह निवर्तमान ग्राम प्रधान व सचिव ग्राम पंचायत चलाएंगे। वहीं 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया है। सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में रूटीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वह नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। नीतिगत निर्णय का प्रस्ताव जिला पंचायती राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति से ही यह पास हो सकेगा। प्रशासक समिति बनाए जाने की बजाए प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के चलते सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। ऐसे शिक्षा व स्वास्थ्य समिति, स्वच्छता समिति, जल प्रबंधन समिति व निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष ग्राम पंचायत सदस्यों में से ही किसी को बनाया जाता है। सिर्फ प्रशासनिक व नियोजन एवं विकास समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है।

गर्मी से राहत: पुदीना और गुड़ की लस्सी बनाएगी शरीर को अंदर से ठंडा और तरोताजा

मई-जून की झुलसा देने वाली गर्मी और गर्म हवाओं और लू के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है जिससे डिहाइड्रेशन, पेट में जलन और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक्स पीने लगते हैं जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं. इस समर सीजन में खुद को अंदर से कूल और एनर्जेटिक रखने के लिए आप घर पर पुदीना और गुड़ की ठंडी-ठंडी लस्सी ट्राई कर सकते हैं. दही के प्रोबायोटिक्स, पुदीने की प्राकृतिक ठंडक और गुड़ के पोषक तत्व मिलकर एक ऐसा चमत्कारी ड्रिंक बनाते हैं जो आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखता है और पेट की गर्मी को शांत करता है. आइए जानते हैं इस देसी और हेल्दी लस्सी को मिनटों में बनाने की बेहद आसान रेसिपी. पुदीना और गुड़ की लस्सी रेसिपी की सामग्री ताजा गाढ़ा दही: 2 कप (चिल्ड) ताजी पुदीना पत्तियां: ½ कप गुड़ का पाउडर या कद्दूकस किया गुड़: 3-4 चम्मच (स्वादानुसार) भुना हुआ जीरा पाउडर: ½ छोटा चम्मच काला नमक: ½ छोटा चम्मच चाट मसाला: ¼ छोटा चम्मच ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार बनाने का आसान तरीका सबसे पहले एक छोटे ब्लेंडर जार में ताजी पुदीने की पत्तियां, गुड़ का पाउडर और 2-3 चम्मच ठंडा पानी डालें. इसे अच्छी तरह ब्लेंड करके एक स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें. अब एक बड़े मिक्सिंग जार या ब्लेंडर में ठंडा गाढ़ा दही डालें. इसमें तैयार किया हुआ पुदीना-गुड़ का पेस्ट, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और चाट मसाला ऐड करें. सारे मिश्रण को कुछ सेकंड के लिए अच्छी तरह ब्लेंड कर लें या पारंपरिक मथानी से मथ लें ताकि सारे फ्लेवर आपस में मिल जाएं और लस्सी झागदार बन जाए. अगर लस्सी ज्यादा गाढ़ी लगे, तो थोड़ा ठंडा पानी मिला सकते हैं. तैयार लस्सी को सर्विंग गिलासों में निकालें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े डालें और पुदीने की पत्ती या चुटकी भर भुने जीरे पाउडर से गार्निश करके तुरंत ठंडी-ठंडी सर्व करें.

सम्राट सरकार का सख्त वार: रिश्वत और जमीन घोटाले में कई CO पर एक्शन

 पटना बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप अंचलाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने काम में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 14 अंचलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके तहत इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है। साथ ही इनके वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमित्ता पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। भ्रष्ट पदाधिकारी ठीक हो जाएं अन्यथा आगे भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। रिश्वत लेते गिरफ्तार पत्थरघट के पूर्व सीओ राकेश कुमार पर आरोप पत्र गठित करने का निर्णय लिया गया। पाटलिपुत्र के सीओ अनुज कुमार के एक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। मधेपुरा के घैलाढ़ सीओ रहे चंदन कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है। ऑनलाइन जमाबंदी पंजी में बिना साक्ष्य रकबा जोड़ने के आरोप में बैकुंठपुर के सीओ पंकज कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है। गलत ढंग से जमाबंदी कायम करने पर गुरारू के सीओ रहे संजीव कुमार त्रिवेदी की दो वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इसके साथ बालू के अवैध खनन मामले में पालीगंज के सीओ रहे राकेश कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। सुपौल की सीओ रहीं बुच्ची कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलेगी। गोपालपुर की सीओ रहे राजकिशोर शर्मा का 10 प्रतिशत पेंशन कटौती पांच वर्षों तक होगी। इधर गोपालगंज सदर के सीओ रजत कुमार वर्णवाल ने दाखिल-खारिज में एकरूपता नहीं रखी। इस कारण इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है। एकमा के सीओ रहे अमलेश कुमार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है। चंडी की सीओ रहीं कुमारी आंचल ने अपील वाद के आदेश पर अमल नहीं किया। इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है। विभाग की ओर से लिए गए एरक्शन में बैरिया के सीओ रहे अनिल कुमार ने बीसी को ईबीसी में दिखाया तो इन पर आरोप पत्र गठित किया गया। साहेबपुर कमाल के सीओ रहे सतीश कुमार सिंह ने बाढ़ राहत की राशि में अनियमितता बरती। मुजफ्फरपुर जिले के कांटी की सीओ रहीं रिषिका को सस्पेंड किया गया था। उनके निलंबन को सरकार की स्वीकृति मिल गई है। रिषिका पर सरकारी जमीन एक खास व्यक्ति के नाम से दाखिल खारिज कर देने का आरोप लगा। डीएम के स्तर पर जांच के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की।

रणवीर सिंह ने मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर में किए दर्शन, पूजा के बाद चर्चा में आए

 बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह बीते मंगलवार (26 मार्च) को सुबह सुबह मैसूर में स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे थे. जहां उन्होंने देवी चामुंडेश्वरी के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. खास बात यह थी कि माता के दर्शन उन्होंने आम भक्तों की तरह ही किए. दरअसल, रणवीर सिंह इन दिनों कई विवादों और सुर्खियों से घिरे हुए हैं. फिल्म डॉन 3 को लेकर उनका फरहान अख्तर के साथ विवाद भी सामने आया है. इसी के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनके खिलाफ बैन लगाने का फैसला किया, जिससे मामला और गरमा गया. वहीं, दूसरी ओर फिल्म कांतारा से जुड़ा मिमिक्री मामला उन्हें चर्चा में दोबारा लाया, जिसके चलते वह मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे और देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. चलिए अब जानते हैं मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर की मान्यता. चामुंडेश्वरी मंदिर का महत्व कर्नाटक के मैसूर शहर के चामुंडी हिल्स पर स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर देवी दुर्गा के उग्र रूप मां चामुंडेश्वरी को समर्पित है. यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि मैसूर की पहचान भी माना जाता है. यह दक्षिण भारत के प्रमुख शक्ति स्थलों में से एक है जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी चामुंडी पहाड़ी पर देवी दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था. इसी कारण देवी को महिषासुर मर्दिनी कहा जाता है. मंदिर के पास आज भी महिषासुर की विशाल प्रतिमा इस कथा की याद दिलाती है. शक्तिपीठ है चामुंडेश्वरी मंदिर चामुंडेश्वरी मंदिर 18 प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल माना जाता है. यह मंदिर मैसूर शहर से लगभग 13 किमी दूर चामुंडी पहाड़ियों की चोटी पर स्थित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां माता सती के केश (बाल) गिरे थे, जिससे यह स्थान अत्यंत पवित्र बन गया. इसी वजह से यहां की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है और भक्त दूर-दूर से आकर श्रद्धा व्यक्त करते हैं. कहा जाता है कि भक्तों के बीच यह गहरी आस्था है कि मां चामुंडेश्वरी सच्चे मन से की गई प्रार्थना को अवश्य स्वीकार करती हैं. करियर में सफलता, विवाह, व्यापार और पारिवारिक सुख के लिए लोग यहां विशेष रूप से दर्शन करने आते हैं. कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद यहां दुबारा आकर धन्यवाद स्वरूप पूजा भी करते हैं. मंदिर का इतिहास कहा जाता है कि मंदिर का मूल निर्माण लगभग 12वीं शताब्दी में हुआ था, जिसे बाद में विजयनगर साम्राज्य और मैसूर के वोडेयार राजाओं ने इसको पूरा करवाया. चामुंडादेश्वरी मंदिर द्रविड़ स्थापत्य शैली से बना है और इसका ऊंचा गोपुरम दूर से ही आकर्षित करता है. मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 1000 सीढ़ियां हैं, जिन्हें श्रद्धालु भक्ति भाव से चढ़ते हैं. रास्ते में स्थित विशाल नंदी की प्रतिमा भी यहां का प्रमुख आकर्षण है. पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां से पूरे मैसूर शहर का सुंदर नजारा देखने को मिलता है. इसके अलावा, मैसूर का प्रसिद्ध दशहरा उत्सव भी इस मंदिर से संबंधित है. पुराने समय में राजाओं के वक्त दशहरा शुरू होने से पहले यहां विशेष पूजा की जाती थी. आज भी यह परंपरा जारी है और नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना होती है, जिससे इस मंदिर का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है.

क्या वाकई सिंक में जूठे बर्तन रोकते हैं पैसा? वास्तु में बताया गया बैंक बैलेंस खाली होने का कारण

 महीने की 1 तारीख को सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है, लेकिन कुछ ही दिनों में बैंक बैलेंस कम होने लगता है?  अगर कड़ी मेहनत के बाद भी आपका अकाउंट हमेशा खाली हो जाता है, तो इसकी वजह कोई बड़ा खर्चा नहीं, बल्कि आपके किचन का सिंक हो सकता है. अक्सर लोग रात के डिनर के बाद आलस में बर्तनों को सुबह के भरोसे सिंक में ही छोड़ देते हैं. वास्तु के अनुसार, रातभर पड़ी यह जूठन आपके पैसों के फ्लो को पूरी तरह ब्लॉक कर देती है. कैसे खाली होता है बैंक अकाउंट? किचन को घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, जिससे पूरे परिवार की फाइनेंशियल ग्रोथ जुड़ी होती है. रात में बर्तन छोड़ने से दो बड़े नुकसान होते हैं: रूठ जाती हैं मां लक्ष्मी: माना जाता है कि रात के समय जहां साफ-सफाई रहती है, वहां मां लक्ष्मी का आगमन होता है. इसके विपरीत, गंदे सिंक को देखकर लक्ष्मी जी रूठ जाती हैं, जिससे घर में बरकत रुकती है और बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं. राहु-केतु का बढ़ता है प्रभाव: रातभर सिंक में जूठे बर्तन छोड़ने से घर में नेगेटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढ़ती है. गंदगी के कारण राहु-केतु का बुरा प्रभाव शुरू होता है, जिससे बनते काम बिगड़ने लगते हैं और अचानक बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. कुंडली के इन ग्रहों पर पड़ता है सीधा असर शनि देव की कुदृष्टि: सिंक में गंदगी का अंबार शनि देव को नाराज करता है. इससे घर के मुखिया के कामों में रुकावटें आने लगती हैं और बिजनेस या नौकरी में बड़ा घाटा हो सकता है. कमजोर होता है चंद्रमा: सिंक जल का स्थान है और जल का कारक चंद्रमा होता है. पानी की जगह जूठन जमा करने से चंद्रमा कमजोर होता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है और व्यक्ति गलत जगह इनवेस्टमेंट या फिजूलखर्ची करके अपना बैंक बैलेंस जीरो कर बैठता है. बैंक बैलेंस बचाने के लिए अपनाएं ये 3 आसान ट्रिक्स अगर किसी दिन बीमारी, थकान या मजबूरी के कारण आप रात में बर्तन नहीं धो पा रहे हैं, तो अपने अकाउंट को बचाने के लिए ये काम जरूर करें: पानी से खंगाल कर रखें: बर्तनों को सिंक में सीधा जूठा न छोड़ें. उनका जूठा खाना डस्टबिन में डालें और सादे पानी से अच्छी तरह खंगालकर एक साइड रख दें. सिंक में अन्न का एक भी कण नहीं रहना चाहिए. किचन स्लैब करें साफ: सोने से पहले किचन काउंटर या स्लैब को गीले कपड़े से साफ जरूर करें ताकि वहां गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा का वास न हो. कपूर जलाएं: किचन साफ करने के बाद वहां एक छोटा सा कपूर का टुकड़ा जरूर जलाएं. इसके धुएं से दिनभर की नेगेटिविटी नष्ट होती है और पैसों के आने के रास्ते खुलते हैं.