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श्रद्धा कपूर का माइकल जैक्सन स्टाइल डांस वायरल, कैजुअल लुक में मस्ती करती दिखीं

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर इंस्टाग्राम पर अक्सर अपनी फनी पोस्ट और रील्स के जरिए फैंस को एंटरटेन करती रहती हैं. बीती रात बुधवार को एक्ट्रेस ने ऐसा ही वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो दिल खोलकर नाचती हुईं नजर आईं. श्रद्धा पॉप स्टार माइकल जैक्सन के गाने पर यू हीं झूम रही थीं, जिसे उनके बॉयफ्रेंड राहुल मोदी ने रिकॉर्ड किया. वायरल हुआ श्रद्धा का डांस श्रद्धा माइकल जैक्सन के गाने पर बेफिक्र होकर अपनी डांसिंग स्किल्स दिखा रही थीं. कैजुअल कपड़ों में एक्ट्रेस का डांस काफी मजेदार था. श्रद्धा कपूर ने अपने वीडियो के कैप्शन में भी लिखा- कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए. अंत में वो कैमरा की तरफ देखकर हंसती हुईं नजर आईं. श्रद्धा का डांस देखते ही देखते वायरल हो गया. कई सारे सेलेब्स को उनका बेफिक्र अंदाज पसंद आया. लोगों ने वीडियो पर क्वीन, श्रद्धा पगलू जैसे कमेंट्स लिखे. लेकिन कुछ यूजर्स ऐसे भी थे, जो श्रद्धा के वीडियो में उनके घर में बिखरे हुए सामान को नोटिस करने लगे. एक ने उन्हें लिख ही दिया कि वो डांस करने से पहले अपने घर में फैला गंद समेट लें. श्रद्धा के कमेंट में यूजर ने लिखा, 'बहुत गंदा घर है, कम से कम वीडियो तो ग्रीन स्क्रीन पर बना लेती.' हालांकि एक्ट्रेस की नजरों से ये कमेंट नहीं छिपा. उन्होंने तुरंत अपने मस्तीभरे अंदाज में जवाब दिया- डियर मॉम, रियल आईडी से आओ. श्रद्धा के जवाब ने लोगों का दिल जीता. श्रद्धा और राहुल की केमिस्ट्री श्रद्धा कपूर के इस वीडियो में फैंस को राहुल मोदी का कॉन्ट्रीब्यूशन भी पसंद आया. उन्होंने खुद एक्ट्रेस को ऐसा डांस करने के लिए कहा था. वीडियो के शुरू में राहुल की आवाज भी सुनाई देती है. श्रद्धा और राहुल काफी समय से एक साथ हैं. दोनों ने अभी तक अपने रिश्ते को ऑफिशियली कंफर्म नहीं किया है, लेकिन वो अक्सर एकसाथ नजर आते रहते हैं. कुछ वक्त पहले उनकी शादी की अफवाहें भी उड़ी थीं. मगर उसमें कोई सच्चाई नहीं निकली. बात करें श्रद्धा के वर्क फ्रंट की, तो उन्होंने हाल ही में छावा बनाने वाले डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर की फिल्म ईठा की शूटिंग खत्म की है. इसमें उनके साथ रणदीप हुड्डा नजर आएंगे. माना जा रहा है कि ये फिल्म इस साल रिलीज होगी.

PWD सचिव ने सड़क परियोजनाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सर्वोच्च प्राथमिकता रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे। श्री बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम, नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली। विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

7000mAh बैटरी और Android 16 के साथ लॉन्च हुआ Motorola G37 Power, कीमत 15,999 रुपये

आज के समय में फ्लैगशिप ही नहीं, बल्कि बजट स्मार्टफोन्स की कीमतें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं. ऐसे में 15 की रेंज में ऐसा फोन ढूंढना आसान नहीं है, जो बैटरी, परफॉर्मेंस, कैमरा और सॉफ्टवेयर हर मामले में अच्छा एक्सपीरियंस दे सके. ज्यादातर बजट फोन्स में कहीं न कहीं कोई बड़ा समझौता देखने को मिल ही जाता है. इसी बीच Motorola ने अपना नया बजट मॉडल Motorola G37 Power 15,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च कर दिया है, जो बड़ी 7000mAh बैटरी, क्लीन Android एक्सपीरियंस, मजबूत बिल्ड क्वालिटी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के साथ एक बैलेंस्ड पैकेज देने का दावा करता है. इस कीमत में इसके फीचर्स काफी दमदार नजर आते हैं, हालांकि असली सवाल यही है कि क्या यह फोन रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी उतना ही शानदार साबित होता है? Motorola G37 Power Review: डिजाइन Motorola G37 Power का डिजाइन पहली नजर में काफी अच्छा लगता है. फोन के पीछे सिंथेटिक लेदर फिनिश दी गई है, जिसकी वजह से हाथ में पकड़ने पर ग्रिप बेहतर मिलती है और फोन फिसलता नहीं है. अच्छी बात यह है कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद भी यह ज्यादा भारी नहीं लगता. फोन का बैक डिजाइन काफी साफ-सुथरा और प्रीमियम लगता है. कैमरा मॉड्यूल भी जरूरत से ज्यादा बड़ा नहीं बनाया गया, जिससे फोन का लुक सिंपल लेकिन स्टाइलिश दिखाई देता है. इसमें साइड में फिंगरप्रिंट स्कैनर मिलता है, जो ज्यादातर समय फास्ट और सही तरीके से काम करता है. हालांकि, अगर हाथ गीले या पसीने वाले हों, तो कभी-कभी स्कैनर थोड़ा परेशान कर सकता है. बिल्ड क्वालिटी की बात करें, तो Motorola ने इसमें Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन, MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड सर्टिफिकेशन और IP64 रेटिंग दी है. यानी फोन रोजमर्रा के हल्के झटकों, धूल और पानी की छींटों से काफी हद तक सुरक्षित रहता है. सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी ने इसमें 3.5mm हेडफोन जैक और microSD कार्ड स्लॉट भी दिया है. यानी आप चाहें तो स्टोरेज को 1TB तक बढ़ा सकते हैं, जो आजकल बजट फोन्स में कम देखने को मिलता है. Motorola G37 Power Review: डिस्प्ले Motorola G37 Power में 6.67 इंच का बड़ा LCD डिस्प्ले मिलता है, जो वीडियो देखने और एंटरटेनमेंट के लिए काफी अच्छा लगता है. हालांकि फोन में HD+ रिजॉल्यूशन दिया गया है, इसलिए डिस्प्ले सबसे ज्यादा शार्प नहीं कहा जा सकता. फिर भी YouTube वीडियो देखना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और वेब ब्राउजिंग जैसे काम आराम से हो जाते हैं. बड़ी स्क्रीन की वजह से कंटेंट देखने में मजा आएगा. फोन का 120Hz रिफ्रेश रेट इसकी सबसे अच्छी बातों में से एक है. इसकी वजह से स्क्रॉलिंग और ऐप्स के बीच स्विच करना काफी स्मूद लगता है, जिससे फोन इस्तेमाल करते समय लैग कम महसूस होता है. डिस्प्ले में 1050 निट्स तक की ब्राइटनेस मिलेगी, जिससे धूप में स्क्रीन ठीक-ठाक दिखाई देगा. हालांकि AMOLED डिस्प्ले जैसी ज्यादा ब्राइटनेस और डीप कलर्स यहां नहीं मिलते. फिर भी कीमत के हिसाब से यह ठीक है. Motorola G37 Power Review: परफॉर्मेंस Motorola G37 Power की सबसे मजबूत बात इसकी परफॉर्मेंस है. इसमें MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर, 8GB तक RAM और 256GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलती है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में फोन काफी स्मूद चलेगा. कॉलिंग, सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग, ब्राउजिंग और हल्की फोटो एडिटिंग जैसे काम बिना किसी बड़ी दिक्कत के हो जाते हैं. मल्टीटास्किंग भी उम्मीद से बेहतर है. कई ऐप्स के बीच स्विच करने पर फोन ज्यादा स्लो नहीं लगेगा. गेमिंग की बात करें, तो BGMI और Call of Duty Mobile जैसे गेम्स बैलेंस्ड सेटिंग्स पर अच्छे से चल जाते हैं. हालांकि, यह फोन हार्डकोर गेमिंग के लिए नहीं बनाया गया है. लंबे समय तक गेम खेलने पर फोन थोड़ा गर्म जरूर होता है, लेकिन ज्यादा परेशान नहीं करता. Motorola G37 Power Review: सॉफ्टवेयर Motorola हमेशा से अपने क्लीन सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता है और G37 Power में भी यही देखने को मिलता है. फोन Android 16 पर चलता है और इसमें Hello UI मिलता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें बेवजह के एड्स और बहुत ज्यादा प्री-इंस्टॉल ऐप्स नहीं मिलेंगे. Moto Gestures जैसे फीचर्स रोजमर्रा के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं. जैसे कि, फोन को ट्विस्ट करके कैमरा खोलना और chop-chop जेस्चर से टॉर्च ऑन करना काफी काम का लगता है. साथ ही इसमें कंपनी Android 17 अपडेट देने का भी वादा कर रही है. Motorola G37 Power Review: बैटरी Motorola G37 Power की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है. नॉर्मल इस्तेमाल में फोन आराम से डेढ़ से दो दिन तक चल सकता है. गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और 5G इस्तेमाल के बाद भी बैटरी काफी अच्छी बैकअप देती है. फोन में 30W TurboPower चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे बैटरी को 0 से 100% तक चार्ज होने में करीब 85 मिनट लगते हैं. Motorola G37 Power Review: कैमरा फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा दिया गया है. दिन की रोशनी में कैमरा अच्छी डिटेल तस्वीरें क्लिक करेगा. पोर्ट्रेट मोड भी कीमत के हिसाब से अच्छा काम करता है और बैकग्राउंड ब्लर काफी नेचुरल लगता है. सेल्फी कैमरा भी सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए ठीक-ठाक रिजल्ट देता है. हालांकि, कम रोशनी में कैमरा परफॉर्मेंस निराश कर सकती है. रात में फोटो में नॉइज और थोड़ी सॉफ्टनेस देखने को मिल सकती है. क्या खरीदना चाहिए? अगर आप 20 हजार रुपये से कम कीमत में ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं, जो बड़ी बैटरी, भरोसेमंद परफॉर्मेंस, साफ-सुथरा सॉफ्टवेयर और मजबूत बिल्ड क्वालिटी दे, तो Motorola G37 Power एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. हालांकि, इसका LCD डिस्प्ले सबसे बेहतरीन नहीं है और लो-लाइट कैमरा भी एवरेज है, लेकिन फोन का ओवरऑल बैलेंस इसे बजट सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाता है.

उच्च शिक्षण और पॉलीटेक्निक शिक्षकों के लिए बड़ा मौका, मिलेगा 50 हजार का राष्ट्रीय पुरस्कार

 लखनऊ  राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक पांच जुलाई तक वेबसाइट www.awards.gov.in पर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस पुरस्कार के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों और पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। श्रेणी-एक में उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और श्रेणी-दो में पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया स्व-नामांकन आधारित है। इसमें पूर्व या वर्तमान कुलपति, निदेशक, प्राचार्य और शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने वाले शिक्षकों को अपनी करियर प्रोफाइल के साथ दो से तीन मिनट का वीडियो क्लिप और उसका यूट्यूब लिंक भी भेजना होगा। उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों के लिए 25 और पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों के लिए 10 पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आवेदन करने के लिए शिक्षक के पास कम से कम पांच वर्ष का पूर्णकालिक शिक्षण अनुभव होना जरूरी है। आवेदन के समय शिक्षक की आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया में टीचिंग-लर्निंग इफेक्टिवनेस, आउटरीच गतिविधियां, रिसर्च एंड इनोवेशन और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को आधार बनाया जाएगा। चयनित शिक्षकों को मेडल, प्रमाणपत्र और 50 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर दिए जाएंगे।  

मनीषा रानी नए शो में करेंगी एंट्री, शिल्पा शेट्टी के कुकिंग शो में दिखेगा फैमिली ट्विस्ट

बिहार की मनीषा रानी दिन-ब-दिन सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं. आलीशान आशियाना बनाने के बाद मनीषा, शिल्पा शेट्टी के नए शो में दिखेंगी. कुकिंग शो में उनके साथ उनके पापा भी नजर आएंगे. शिल्पा के शो का नाम मां है ना है. हाल ही में मुंबई में शो का ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट हुआ, जिसमें उसमें हिस्सा लेने वाले सभी कंटेस्टेंट्स शामिल हुए. ट्रेलर लॉन्च पर मनीषा ने अपने पापा को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया. मनीषा ने पापा को किया एक्सपोज ट्रेलर लॉन्च के मौके पर मनीषा रानी ने बताया कि हमने पापा को शो के बारे में बताया. ये भी कहा कि पैसा मिलेगा. उन्होंने मुझसे पूछा कि कितना पैसा मिलेगा. मैंने उन्हें बताया कि इतना पैसा मिलेगा. पापा अगले दिन बिहार से मुंबई आ गए. पापा बोले ऐसी बात है तो हम सारा काम छोड़ देंगे. मनीषा की बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. मनीषा का चुलबुला अंदाज हमेशा से फैन्स का दिल जीतता आया है. बेटी के स्टार बनने के बाद अब मनीषा के पापा भी टीवी डेब्यू करने जा रहे हैं. फैन्स बाप-बेटी की जोड़ी को टीवी पर देखने के लिए बेकरार हैं. क्योंकि मनीषा जितनी फनी हैं, उतने ही फनी उनके पापा भी हैं. इससे पहले उन्हें बिग बॉस ओटीटी और झलक दिखला जा पर देखा गया था. दोनों रियलिटी शो में वो अपनी बेटी को सपोर्ट करने आए थे. लेकिन अब उन्हें रियलिटी शो पर बतौर कंटेस्टेंट्स देखना मजेदार होने वाला है. कहना गलत नहीं होगा कि मनीषा ने बिहार से लेकर मुंबई तक लंबा सफर तय किया है. हाल ही में उन्होंने मुंबई में करोड़ों का खरीदा. जिसकी सजावट में उनके पसीने छूट गए. टिकटॉक से सफर शुरू करने वाली मनीषा आज एक लैविश लाइफ जी रही हैं. वो अकेले आगे नहीं बढ़ रहीं, बल्कि अपने परिवार को भी आगे बढ़ा रही हैं. दिखावटी दुनिया में मनीषा की रियलिटी लोगों को इंप्रेस कर जाती है. मनीषा रानी के नए शो की बात करें, तो 12 जून से जी5 पर देखा जा सकता है. शो से गोविंदा की बेटी टीना भी टीवी डेब्यू के लिए तैयार हैं.

भारत में प्रोटीन डाइट का क्रेज: 2 साल में 150% बढ़े ऑर्डर, बदली खाने की आदतें

भारत में प्रोटीन डाइट लेने वालों की मात्रा दिन-ब-दिन बढ़ रही है. अब सिर्फ जिम जाने वालों या फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स तक सीमित नहीं है बल्कि आम घरों की रसोई में भी अब प्रोटीन प्रोडक्ट्स अपनी जगह बना रहे हैं. क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट के नए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 2 सालों में उनके प्लेटफॉर्म पर प्रोटीन से जुड़े प्रोडक्ट्स के ऑर्डर्स में 150 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है. यही नहीं, लोगों द्वारा इन चीजों पर किया जाने वाला खर्च भी अब करीब 3 गुना हो चुका है. बाजार में बदलते इस ट्रेंड को देखते हुए कंपनियों ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है और प्रोटीन वाली चीजों की अधिक पूर्ति करने में लगी है. अंडे और पनीर का दबदबा बरकरार भले ही मार्केट में नए-नए पैकेजों वाले न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स आ गए हों लेकिन आज भी भारतीय घरों में प्रोटीन के पारंपरिक ऑप्शंस ही सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट्स में अंडे और पनीर की जोड़ी नंबर वन बनी हुई है. इसके बाद सबसे ज्यादा डिमांड चिकन और अंडे के कॉम्बिनेशन की देखी जा रही है. इनके अलावा मखाना, ओट्स, प्रोटीन बार्स, ग्रीक योगर्ट और चने की बिक्री में भी काफी तेजी आई है. नए प्रोडक्ट्स की बात करें तो प्रोटीन चिप्स की डिमांड साल-दर-साल करीब 300 प्रतिशत बढ़ी है जबकि प्रोटीन योगर्ट की बिक्री में 280 प्रतिशत का उछाल आया है. आंकड़ों के अनुसार, प्रोटीन उत्पादों के लिए ऑर्डर देने का सबसे व्यस्त समय सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच था, जो मुख्य रूप से नाश्ते से संबंधित खरीदारी के कारण था. पीनट बटर बना नंबर वन सर्च इंटरनेट पर सर्च करने के मामले में भारतीयों की पहली पसंद पीनट बटर बनकर उभरा है. इंस्टामार्ट पर प्रोटीन कैटेगरी में इसे सबसे ज्यादा सर्च किया गया है, जिसके बाद दूसरे नंबर पर ग्रीक योगर्ट रहा. पारंपरिक भारतीय फूड्स की बात करें तो सोया चंक्स की मांग दोगुनी से ज्यादा हो गई है, जबकि टोफू की सेल में 87 प्रतिशत की तेजी आई है. अब लोग सत्तू, बेसन, भुने चने और मिलेट्स (बाजरा) को भी प्रोटीन के नजरिए से देख रहे हैं और इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं. छोटे शहरों में सबसे तेज रफ्तार यह बदलाव सिर्फ दिल्ली या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है. हालांकि कुल डिमांड में बेंगलुरु अब भी सबसे आगे है, लेकिन टियर-2 और छोटे शहरों में इसकी रफ्तार सबसे तेज है. नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गुवाहाटी और विजाग जैसे शहरों में प्रोटीन प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चेन्नई के एक यूजर ने पीनट बेस्ड प्रोटीन फूड्स पर एक बार में 2 लाख 71 रुपये 385 खर्च कर दिए थए. वहीं बेंगलुरु के एक अन्य यूजर ने सिर्फ प्रोटीन बार्स खरीदने के लिए 2 लाख 09 हजार 626 का ऑर्डर दिया था. पारंपरिक चीजों की ओर लोगों का रुख इस बदलाव से पारंपरिक भारतीय चीजों पर फिर से लोगों का फोकस हो रहा है. सोया चंक्स की मांग दोगुनी से अधिक हो गई, टोफू की मांग में लगभग 87% की वृद्धि हुई, जबकि मखाना, चना सत्तू, बेसन और भुने हुए चने की मांग में भी अच्छी वृद्धि देखी गई क्योंकि उपभोक्ता इन परिचित खाद्य पदार्थों को प्रोटीन के नज़रिए से देखने लगे. अंकुरित बाजरा और ओट्स आधारित नाश्ते के मिश्रण की मांग में भी तेजी से वृद्धि हुई क्योंकि प्रोटीन का सेवन अब एक्सरसाइज के बाद की दिनचर्या से हटकर नियमित भोजन का हिस्सा बन गया है.

सम्राट कैबिनेट की नई भूमि नीति मंजूर, किसानों को बाजार दर से कई गुना ज्यादा भुगतान

पटना बिहार के लोगों को जमीन अधिग्रहण में अब और ज्यादा मुआवजा मिलेगा। भूमि अधिग्रहण से संबंधित नई नीति को सम्राट कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत राज्य सरकार अगर आपकी जमीन लेगी तो अब 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क प्रोत्साहन राशि के रूप में देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस मीटिंग में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट कैबिनेट ने बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 को मंजूरी दी है। लोकहित की परियोजनाओं के लिए आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह नीति लाई गई है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के दौरान भूमि का मूल्य बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर (एमवीआर), जो भी अधिक होगा, उसके दोगुने के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह दाम बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर, जो भी अधिक होगी, उसके चार गुना के बराबर होगा। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप और पंजीयन शुल्क भी नहीं लगेगा। 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना में होगी आसानी बिहार के 11 प्रमुख शहरों के आसपास नई सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जा रही है। चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है। माना जा रहा है कि इन टाउनशिप को विकसित करने के लिए जमीन का अधिग्रहण नई नीति के आधार पर किया जाएगा। पिछले दिनों राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि किसी भी रैयत (जमीन मालिक) का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, सोनपुर समेत 11 शहरों में विकसित होने वाली सेटेलाइट टाउनशिप के अधिकतर चिह्नित क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में हैं। ऐसे में सम्राट सरकार की नई नीति का फायदा किसानों को मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से पूर्व में स्पष्ट किया गया था कि नई टाउनशिप में जमीन मालिकों को भी हिस्सेदारी दी जाएगी। अगर जो रैयत हिस्सेदारी नहीं चाहते, उन्हें बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। इसी क्रम में नई नीति लाई गई है। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में भी सरकार को आसानी होगी। 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के जरिए प्रशासनिक अधिकारी को जमीन मालिकों को तैयार भूमि अधिग्रहण के लिए और सहजता से तैयार कर सकेंगे।

लू से राहत के बाद मौसम का कहर, पश्चिम यूपी में तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

लखनऊ यूपी में पुरवा ने लू पर ब्रेक लगाई मगर तपिश का तेवर बरकरार है। बुधवार को पूरे दिन और उसके बाद कई जिलों में तपिश का असर बना रहा। गुरुवार की सुबह से मौसम में बदलाव देखने को भी मिल रहा है। धूप का असर काफी कम है। अब 100 की रफ्तार से तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्ट यूपी में सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं और मध्यम से भारी बारिश होगी। आंधी-तूफान के साथ बारिश-ओलावृष्टि का यह दौर 31 मई तक चल सकता है। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। एक जून से एक बार फिर तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का क्रम शुरू हेागा। यह चेतावनी मौसम विभाग की है। उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-हरियाणा सहित वेस्ट यूपी में 80-90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की चेतावनी दी है। कुछ समय के लिए यह गति सौ किमी प्रतिघंटा तक भी पहुंच सकती है। कुछ हिस्सों में यह गति इससे भी ऊपर जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। यह स्थिति आज देर रात से शुक्रवार सुबह या फिर शुक्रवार देर शाम के बाद बन सकती हैं। मौसम गतिविधियां 29 मई को चरम पर रह सकती हैं। पूर्वी यूपी में बादल आज रात से ही गरजेंगे, कल से भिगोएंगे वाराणसी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में गुरुवार देर रात चमक और गरज के साथ बादलों के धमकने, कहीं-कहीं छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। 29, 30 एवं 31 मई को आंधी-पानी, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज बनारस के अलावा आसपास के जिलों में भी दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी-पानी, तेज बारिश और वज्रपात की दृष्टि से 29 मई का दिन अधिक संवेदनशील है। उस दिन उस दिन जनसामान्य को विशेष ऐहतियात बरतने की सलाह दी गई है। 31 मई के बाद आसमान साफ होगा, गर्मी फिर प्रचंड रूप ले सकती है। मंगलवार रात में बनी पुरवा की रफ्तार बुधवार सुबह तक रही। उसके बाद धीमी पड़ गई। इसके चलते माहौल में उमस और तपिश का स्तर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में कमी रहने के बाद भी बुधवार देर शाम तक लोग राहत का अनुभव नहीं कर पा रहे थे। भीड़ भरे इलाकों, रेल एवं बस स्टेशनों और अस्पतालों में पहुंचे लोग अधिक परेशान नजर आए। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा 41.7 और न्यूनतम तापमानसामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने भी कहा कि गुरुवार देर रात से मेघगर्जन और शुक्र एवं शनि को आंधी-बारिश का संकेत है। तपिश के बीच वायु प्रदूषण बढ़ा भीषण गर्मी के बीच पूरब से पश्चिम तक हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है। पिछले दस दिन से वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था। एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। देश में तीसरा, प्रदेश का सबसे प्रदूषित मेरठ बुधवार को मेरठ देश का तीसरा और प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज हुआ। मेरठ का एक्यूआई 283 दर्ज हुआ जो प्रदेश में सर्वाधिक है। एक्यूआई 300 के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को मेरठ में दिन-रात के तापमान क्रमश: 43.2 एवं 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए जो सामान्य से 3.9 एवं 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुए।

बिना स्क्रीन वाला नया फिटनेस बैंड: Fitbit Air बना चर्चा का केंद्र

फिटनेस बैंड की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब Google ने ऐसा डिवाइस पेश किया है, जिसमें न डिस्प्ले है और न ही कोई भारी-भरकम डिजाइन. फिर भी यह हेल्थ ट्रैकिंग के मामले में बड़े-बड़े स्मार्टवॉच को चुनौती देता नजर आ रहा है. नया Fitbit Air उन यूजर्स को टारगेट करता है, जो बिना स्क्रीन के हल्का, आरामदायक और AI फीचर्स से लैस फिटनेस ट्रैकर चाहते हैं. खास बात यह है कि इसमें Google का नया AI हेल्थ कोच भी मिलता है, जो फिटनेस रूटीन को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना सकता है. कम कीमत और प्रीमियम फीचर्स के साथ यह डिवाइस मार्केट में काफी चर्चा बटोर रहा है. बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर क्यों बना चर्चा का विषय? Fitbit Air का सबसे बड़ा आकर्षण इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है. आज के दौर में जहां हर डिवाइस में डिस्प्ले दिया जा रहा है, वहीं Google ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है. यह ट्रैकर बेहद हल्का है और पूरे दिन पहनने पर भी भारी महसूस नहीं होता. इसका वजन सिर्फ 12 ग्राम बताया गया है, जिससे यह लगातार इस्तेमाल के लिए काफी आरामदायक बन जाता है. इसका डिजाइन पुराने Fitbit Flex और Jawbone जैसे क्लासिक फिटनेस बैंड्स की याद दिलाता है. डिवाइस को स्ट्रैप के अंदर फिट किया गया है और इसे आसानी से बदला भी जा सकता है. यूजर्स को कई कलर ऑप्शन भी मिलते हैं. Google Health App और AI Coach बना रहे खास Fitbit Air में स्क्रीन नहीं होने की वजह से लगभग पूरा कंट्रोल Google Health ऐप से किया जाता है. यही ऐप आपकी एक्टिविटी, स्लीप, हार्ट रेट और दूसरे हेल्थ डेटा को मैनेज करता है. इसका इंटरफेस काफी साफ और आसान बताया जा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा इसके Gemini AI बेस्ड Health Coach फीचर की हो रही है. यह फीचर यूजर्स की फिटनेस आदतों को समझकर उन्हें पर्सनल सुझाव देता है. वर्कआउट प्लान, स्लीप रूटीन और हेल्थ गोल्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने में यह AI काफी मददगार साबित हो सकता है. फिटनेस और हेल्थ ट्रैकिंग में कितना दम? Fitbit Air उन लोगों के लिए खास हो सकता है, जो सिर्फ स्टेप काउंट नहीं बल्कि डीप हेल्थ एनालिसिस चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यह डिवाइस स्लीप पैटर्न, रिकवरी और एक्टिविटी डेटा को काफी विस्तार से ट्रैक करता है. यही वजह है कि इसे Whoop Strap का किफायती ऑप्शन भी माना जा रहा है. हालांकि इसमें GPS और NFC जैसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं. यानी आप इससे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट नहीं कर पाएंगे और रनिंग के दौरान फोन के बिना लोकेशन ट्रैकिंग भी सीमित रहेगी. बैटरी और चार्जिंग ने किया प्रभावित Fitbit Air की बैटरी और चार्जिंग स्पीड को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है. कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस तेजी से चार्ज हो जाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. स्क्रीन नहीं होने का फायदा इसकी बैटरी लाइफ पर भी देखने को मिलता है. यही कारण है कि यह उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है, जो बार-बार चार्जिंग से परेशान रहते हैं. कम कीमत में प्रीमियम एक्सपीरियंस? Google ने Fitbit Air को बजट सेगमेंट में उतारा है, लेकिन फीचर्स प्रीमियम कैटेगरी वाले देने की कोशिश की गई है. शुरुआती कीमत करीब 100 डॉलर के आसपास रखी गई है, जो Whoop जैसे डिवाइसेज की तुलना में काफी कम है. हालांकि, कुछ एडवांस फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है. इसके बावजूद AI हेल्थ कोच और डीप हेल्थ ट्रैकिंग इसे मार्केट में अलग पहचान दिला सकते हैं.

शादी में कितने फेरे? 7 नहीं, असल वैदिक परंपरा में 4 फेरे और सप्तपदी के 7 कदम

 जरा ये बताइए कि शादी में कितने फेरे होते हैं? 7 आपको भी यही लगता होगा यानी 7 जन्मों का बंधन, 7 फेरे. लेकिन सच थोड़ा अलग है. गलती आपकी नहीं है, गलती हमारी समझ की है. हमने वेदों की जगह बॉलीवुड से हिंदू विवाह के बारे में सीखा है. फिल्मों में धुआं, स्लो मोशन कैमरा, शहनाई और भारी आवाज फिर, 'अब ये 7 फेरे लेकर 7 जन्मों के बंधन में बंध गए'. यहीं से हमारे दिमाग में 7 का नंबर बैठ गया है. लेकिन हमारा धर्म ऐसा नहीं है कि बिना वजह कोई परंपरा बनाई जाए. हर रस्म के पीछे एक ठोस कारण होता है. असल वैदिक विवाह में 7 फेरे नहीं होते हैं, बल्कि केवल 4 फेरे होते हैं. जी हां, अग्नि के चारों ओर सिर्फ 4 चक्कर. पंडितों के मुताबिक, वैदिक रीति से 4 फेरे करवाने चाहिए. लेकिन, लोग कहने लगते हैं कि बाकी 3 फेरे कौन करवाएगा? लोगों को लगता है 7 फेरे ही सही हैं, क्योंकि उन्होंने फिल्मों में वही देखा है. लोगों के लिए आज शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि पूरे जीवन का मैनेजमेंट प्लान है. असल में वेदों के अनुसार, ये 4 फेरे जीवन की 4 मुख्य जिम्मेदारियों का प्रतीक हैं. फेरों का जिक्र हमें यजुर्वेद में पूरी तरीके से मिलता है, जहां यह भी बताया गया है कि 7 नहीं 4 फेरे ही होने चाहिए. कई विद्वान और धर्मग्रंथ बताते हैं कि ये 4 फेरे जीवन के चार पुरुषार्थों का प्रतीक हैं- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष. यही चार चीजें मिलकर इंसान के पूरे जीवन का आधार बनाती हैं. पहला फेरा (धर्म)- पति और पत्नी एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहें, कर्तव्यों का पालन करें. सही रास्ते पर चलें. दूसरा फेरा (अर्थ)- दोनों मिलकर घर चलाएं, आर्थिक जिम्मेदारी निभाएं. परिवार को स्थिरता दें. तीसरा फेरा (काम)- जीवन में प्रेम, भावनाएं, सुख और रिश्तों की गर्माहट बनी रहे. चौथा फेरा (मोक्ष)- जीवन का अंतिम लक्ष्य मानसिक शांति, संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति हो. यानी शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन जीने की पूरी योजना है. जहां जिम्मेदारी, प्रेम और आध्यात्मिकता तीनों शामिल हैं. 7 फेरे नहीं, 7 कदम (सप्तपदी) का असली मतलब अब सवाल आता है कि 7 का नंबर आया कहां से? असल में कंफ्यूजन फेरों में नहीं, बल्कि सप्तपदी को समझने में हुआ है. सप्तपदी का मतलब है कि साथ में 7 कदम चलना, न कि 7 बार अग्नि के चारों ओर घूमना. वैदिक विवाह में 4 फेरों के बाद दूल्हा-दुल्हन एक दिशा में 7 कदम चलते हैं और हर कदम पर एक वचन लेते हैं. इन 7 कदमों का मतलब क्या है? पहला कदम हम दोनों मिलकर भोजन और जीवन-यापन की जिम्मेदारी उठाएंगे. दूसरा कदम एक-दूसरे के स्वास्थ्य और ताकत का ध्यान रखेंगे. तीसरा कदम धन और समृद्धि के लिए साथ मिलकर प्रयास करेंगे. चौथा कदम जीवन में खुशियां, प्रेम और संतुलन बनाए रखेंगे. पांचवां कदम परिवार, बच्चों और समाज के प्रति जिम्मेदार रहेंगे. छठा कदम हर परिस्थिति में एक-दूसरे का सम्मान करेंगे और साथ देंगे. सातवां कदम सबसे अहम, हम जीवनभर अच्छे दोस्त बनकर रहेंगे. वेदों में कहा गया है कि 'सखा सप्तपदा भव'  यानी इन 7 कदमों के बाद हम सिर्फ पति-पत्नी नहीं, बल्कि सखा (दोस्त) बन जाते हैं. यहीं पर वेदों की सोच सबसे आधुनिक लगती है कि उन्होंने रिश्ते की नींव दोस्ती पर रखी, न कि सिर्फ सामाजिक बंधन पर. वचन का महत्व आज की सबसे बड़ी समस्या ये नहीं है कि 4 फेरे हैं या 7. असली समस्या ये है कि हमें गिनती याद है, लेकिन वचन याद नहीं. आप किसी शादीशुदा व्यक्ति से पूछिए कि कौन-कौन से वचन लिए थे? शायद ही किसी को याद हो. लेकिन यही वचन असल में शादी की आत्मा हैं. आज शादी एक इवेंट बन गई है कि कैमरा, डेकोरेशन, एंट्री, और परफेक्ट फोटो. कई बार तो रस्में भी फोटो के लिए रुक जाती हैं. लेकिन वेदों के अनुसार शादी कोई फिल्म नहीं, बल्कि एक जीवनभर निभाया जाने वाला अनुबंध है. इसलिए अगली बार जब कोई पूछे कि, '7 फेरे हुए?' तो मुस्कुराकर और कहिए कि, 'फेरे 4 होते हैं, कदम 7 होते हैं और असली मायने वचनों के होते हैं.' जिस दिन हम चक्कर गिनना छोड़कर उन वचनों को जीना शुरू कर देंगे, उसी दिन से शादी सच में सफल होने लगेगी.