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Horoscope 4 July 2026: शनिवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, पढ़ें आज का राशिफल

मेष राशि- आपको डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। प्रोडक्टिव बने रहें। वृषभ राशि- दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहने वाला है। कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। मिथुन राशि- ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। कर्क राशि- कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। सिंह राशि- व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। आपका दिन काफी बिजी साबित हो सकता है। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कन्या राशि- आपका दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। तुला राशि- एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। बाहर के खाने से परहेज करें। वृश्चिक राशि- आज किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। धनु राशि- अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मकर राशि- इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। कुंभ राशि- दिन दिन रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। मीन राशि- आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है। सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें।

मीडिया प्रतिनिधियों को मिला हरिद्वार कुंभ का आमंत्रण

​रायपुर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री निवास (देहरादून) में आज छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एक अत्यंत गरिमामय और सौजन्य भेंट हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ की मीडिया टीम और अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उत्तराखंड के बहुआयामी विकास, सांस्कृतिक धरोहर तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की जानकारी दी। ​'विकास भी, विरासत भी': क्षेत्रीय प्राधिकरणों से संवर रहा है उत्तराखंड ​मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार "विकास भी, विरासत भी" के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विकास प्राधिकरणों का गठन कर उनके विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों का संतुलित सामाजिक, आर्थिक और नैसर्गिक विकास करना है, ताकि यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।  उत्तराखंड के ​मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड ऋषियों, मुनियों और संतों की पावन तपोस्थली है। इस देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान को संभालना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने नैसर्गिक संपदा (प्राकृतिक संसाधनों) के संरक्षण पर विशेष बल दिया, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण संजोकर रखा जा सके। ​लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में छत्तीसगढ़ सरकार की भूमिका अनुकरणीय ​संवाद के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच की जमकर सराहना की। उन्होंने सीएम साय की मंशानुरूप इस महत्वपूर्ण भ्रमण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और संयुक्त सचिव सह आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल को विशेष रूप से बधाई दी। धामी ने इस बात को रेखांकित किया कि देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने और पत्रकार कल्याण से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य रहा है। अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में ऐसे अंतर्राज्यीय भ्रमणों से दोनों राज्यों के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलता है। ​अगले वर्ष हरिद्वार कुंभ के लिए विशेष आमंत्रण  ​भेंट के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के मीडिया दल को अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए सस्नेह आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री धामी ने एक बड़ा दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि कुंभ के पावन अवसर पर देश के सभी राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों को एक-एक अवसर दिया जाना चाहिए। ​मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पहल से देश भर की मीडिया देवभूमि की पावन तपोभूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा और वहां की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देख सकेगी और इन अद्भुत अनुभवों को अपने-अपने राज्यों की जनता तक पहुँचा सकेगी। ​एक अनूठा संगम छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, खनिज व नैसर्गिक संपदा और उत्तराखंड की हिमालयी दिव्यता व आध्यात्मिक चेतना के बीच हुआ यह संवाद आने वाले समय में अंतर्राज्यीय समन्वय और राष्ट्रीय एकता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरेगा। इस भ्रमण दल में मुख्यमंत्री धामी से मिलने वालों में दुर्ग,​रायपुर,​कोरबा,​जगदलपुर,​बिलासपुर,​राजनांदगांव,​कोरिया और ​धमतरी जिले के मीडिया प्रतिनिधी और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के सूचना एवं जनसंपर्क के निदेशक बंशीधर तिवारी,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव पांडे,संयुक्त संचालक के.एस. चौहान सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बिहार B.Ed काउंसलिंग में कॉलेज आवंटन जारी, मेरिट और वरीयता के आधार पर चयन

मुजफ्फरपुर  CET BEd 2026: बिहार राज्य के दो वर्षीय बीएड एवं शिक्षा शास्त्री पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए आयोजित सीईटी-बीएड-2026 के प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग का कॉलेज आवंटन जारी कर दिया गया है। कुल 36,872 अभ्यर्थियों को महाविद्यालय एवं विभाग आवंटित किए गए हैं। आवंटन सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी गई है। महाविद्यालयों का आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट, आरक्षण नियमों तथा ऑनलाइन काउंसिलिंग के दौरान दी गई विश्वविद्यालय एवं कॉलेज वरीयता के आधार पर किया गया है। 4 से 10 जुलाई तक नामांकन कॉलेज आवंटित अभ्यर्थी 4 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक संबंधित महाविद्यालय या विभाग में उपस्थित होकर दस्तावेजों का सत्यापन कराने के बाद नामांकन करा सकेंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश नहीं लेने वाले अभ्यर्थियों का आवंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा। 6.10 लाख से अधिक आवेदन इस वर्ष सीईटी-बीएड-2026 के लिए 6,10,811 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। विश्वविद्यालयों की वरीयता में सबसे अधिक पसंद बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर रहा, जिसे 1,13,824 अभ्यर्थियों ने प्राथमिकता दी। इन संस्थानों की रही सबसे अधिक मांग सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में भी अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में वरीयता दी। सबसे अधिक पसंद किए गए कॉलेज इस प्रकार हैं:     शिक्षा विभाग, सीटीई, तुर्की (मुजफ्फरपुर) – 29,598     कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, गया – 27,288     राजकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, समस्तीपुर – 22,885     महिला प्रशिक्षण महाविद्यालय, पटना – 20,206     कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन, भागलपुर – 19,666     पटना ट्रेनिंग कॉलेज, पटना – 15,011 नामांकन के दौरान अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे—     मैट्रिक, इंटरमीडिएट एवं स्नातक के अंकपत्र और प्रमाण-पत्र की छायाप्रति     स्नातकोत्तर अंकपत्र एवं प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     मूल सीएलसी/डीएलसी/टीसी     आवासीय प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     जाति प्रमाण-पत्र (आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए)     ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     दिव्यांग (PwD) प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     अन्य आरक्षण अथवा कोटा संबंधी प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)     हाल के चार पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटोग्राफ समय पर पूरा करें नामांकन सीईटी-बीएड-2026 प्रशासन ने सभी आवंटित अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित महाविद्यालय में उपस्थित होकर नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी प्रकार का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।  

योगी सरकार की नंदिनी योजना किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा अवसर

लखनऊ  खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी आय का मजबूत आधार बनाने की दिशा में महत्वाकांक्षी नंदिनी योजना किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है। यूपी की योगी सरकार की इस योजना के माध्यम से जिले में छह आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जिनमें प्रत्येक इकाई में 10 उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली गायों का पालन किया जाएगा। 23.50 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना पर सरकार 50 प्रतिशत अर्थात 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को नई गति मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा। बलरामपुर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि बलरामपुर को इस वर्ष छह डेयरी इकाइयों का लक्ष्य आवंटित हुआ है। प्रत्येक इकाई की कुल लागत 23.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार 11.80 लाख रुपये सब्सिडी देगी। शेष राशि लाभार्थी स्वयं अथवा बैंक ऋण के माध्यम से जुटा सकेंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान, पशुपालक और बेरोजगार युवा 21 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्र अभ्यर्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नंदिनी योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक एवं आधुनिक डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना भी है। वर्तमान समय में खेती के साथ पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का सबसे भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रहा है। यदि आधुनिक तकनीक, संतुलित पशु आहार और बेहतर नस्ल की गायों का उपयोग किया जाए तो डेयरी व्यवसाय किसानों की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है।आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना से जिले में दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे दुग्ध सहकारी समितियों को पर्याप्त मात्रा में दूध उपलब्ध होगा, दुग्ध प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। योजना ग्रामीण युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार स्थापित करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे रोजगार के लिए शहरों की ओर होने वाले पलायन पर प्रभावी अंकुश लगेगा। सरकार पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। नंदिनी योजना भी उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। डेयरी व्यवसाय से प्रतिदिन नकद आय प्राप्त होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति में स्थायित्व आता है और वे खेती के साथ अन्य आवश्यकताओं को भी आसानी से पूरा कर सकते हैं। विशेषज्ञ परामर्श के साथ मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को केवल अनुदान ही नहीं मिलेगा, बल्कि पशुपालन विभाग की ओर से तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी, पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञ परामर्श तथा वैज्ञानिक तरीके से डेयरी संचालन का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लाभार्थी डेयरी इकाइयों का सफल संचालन कर अधिक उत्पादन और बेहतर आय सुनिश्चित कर सकेंगे। 21 तक करें आवेदन जिले के किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं से अपील की कि वे अंतिम तिथि 21 जुलाई से पहले ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें। आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले से कामधेनु योजना, मिनी/माइक्रो कामधेनु योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ लिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि: 21 जुलाई जनपद का लक्ष्य: 6 आधुनिक डेयरी इकाइयां प्रति इकाई: 10 उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली गायें कुल परियोजना लागत: 23.50 लाख रुपये सरकारी अनुदान: 11.80 लाख रुपये (50 प्रतिशत) शेष राशि: स्वयं अथवा बैंक ऋण के माध्यम से चयन प्रक्रिया: लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी चयन अतिरिक्त सुविधा: तकनीकी प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं आधुनिक डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण बलरामपुर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि नंदिनी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को नई दिशा देगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जिले में दुग्ध उत्पादन के साथ गोवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।

सिरफिरों की हरकत से ई-रिक्शा हो रहे हैक, पुलिस भी जांच में जुटी

 ग्वालियर ग्वालियर की सड़कों पर इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के सामने एक अजीबोगरीब और बेहद परेशान करने वाली मुसीबत खड़ी हो गई है। कुछ शरारती और सिरफिरे युवक राह चलते ई-रिक्शा को निशाना बना रहे हैं। ये युवक 'चाइनीज मोबाइल एप्लीकेशन' का इस्तेमाल कर चलते-चलते ही ई-रिक्शा की इलेक्ट्रिक बैटरी को रिमोटली लाक कर देते हैं। बैटरी लॉक होते ही गाड़ी का चक्का जाम हो जाता है और वह टस से मस नहीं होती। इस नए किस्म की खुराफात से न सिर्फ गरीब ई-रिक्शा चालक परेशान होना पड़ रहा है, बल्कि पुलिस महकमा भी हैरान है। पुलिस के पास ऐसी एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन तकनीकी पेंच और अचानक गायब हो जाने वाले ऐसे सिरफिरों के कारण पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। ऐसे दिया जा रहा वारदात को अंजाम पीड़ित ई-रिक्शा चालकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि इन दिनों बाजार में आने वाले नए ई-रिक्शा आधुनिक फीचर्स और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से लैस हैं। शरारती तत्व इसी का फायदा उठा रहे हैं।    कनेक्टिविटी की कमजोरी: शरारती युवक ई-रिक्शा के पास आते हैं या पीछे बैठते हैं और अपने मोबाइल ऐप के जरिए रिक्शा के ब्लूटूथ सिग्नल को हैक कर लेते हैं।      बैटरी लॉक: ऐप के जरिए वे रिक्शा के 'बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' में सेंध लगाकर उसे लाक कर देते हैं।    एजेंसी के चक्कर: एक बार बैटरी लॉक होने के बाद रिक्शा सड़क पर ही ठप हो जाता है। इसे दोबारा चालू करने का कोई तरीका चालकों के पास नहीं होता। मजबूरी में उन्हें भारी-भरकम किराया देकर रिक्शा खिंचवाकर संबंधित कंपनी की एजेंसी ले जाना पड़ता है, जहां साफ्टवेयर के जरिए ही इसे दोबारा अनलाक किया जाता है। दिनभर की कमाई बैटरी खुलवाने में चली गई ग्वालियर थाने पहुंचे रमेश कुमार, नवीन कुशवाह सहित करीब आधा दर्जन ई-रिक्शा चालकों के साथ ऐसा हुआ। इन लोगों ने बताया कि पूरे दिन में 400 से 500 रुपये की कमाई होती है। ई-रिक्शा लाक होने के कारण एक बार में करीब एक हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक यह मामला बीएमएस हैकिंग से जुड़ा है। कई चाइनीज और सस्ते ई-रिक्शा या उनकी बैटरियों में डिफाल्ट ब्लूटूथ पासवर्ड (जैसे 0000 या 1234) होता है। शरारती तत्व इंटरनेट पर मौजूद एपीके फाइलों या चाइनीज क्लोन ऐप्स के जरिए इन डिफाल्ट पासवर्ड को क्रैक कर लेते हैं। या कई कंपनियां पासवर्ड से लैस ही नहीं करती। ब्लूटूथ आन रख देती हैं। ई-रिक्शा चालक रखें इन बातों का ध्यान  डिफाल्ट पासवर्ड बदलें: ई-रिक्शा खरीदते ही चालक सबसे पहले अपनी बैटरी के ब्लूटूथ का डिफाल्ट पासवर्ड बदलें।  ब्लूटूथ विजिबिलिटी बंद रखें: यदि संभव हो, तो रिक्शा के ब्लूटूथ की 'विजिबिलिटी' को 'हिडन' मोड पर रखें ताकि कोई बाहरी डिवाइस उसे सर्च न कर सके।  लागिन-पासवर्ड याद रखें: जब ई-रिक्शा खरीदते हैं तो कंपनी द्वारा लागिन-पासवर्ड, कंपनी का एप डाउनलोड कर दिया जाता है। इसे हमेशा याद रखें। कंपनी सामान्य पासवर्ड रखती है। इसके अपने हिसाब से बदल दें। पुलिस की अपील- संदिग्धों की तुरंत दें सूचना इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतें लगातार मिल रही हैं। साइबर सेल को इस मामले की जांच में लगाया गया है और उस ऐप को भी ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है जिससे यह लाक किया जा रहा है। आरोपित राह चलते या सवारी बनकर इस हरकत को अंजाम देते हैं, इसलिए उन्हें तुरंत पकड़ना चुनौती बना हुआ है। पुलिस ने चालकों से अपील की है कि यदि कोई सवारी रिक्शा में बैठकर मोबाइल पर संदिग्ध हरकत करती दिखे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। आटो-टेंपो चालकों पर शक और सोशल मीडिया का असर पुलिस को इस मामले में आटो-टेंपो चालकों पर शक है। ऐसा इनपुट मिला है। सवारी के चक्कर में आटो, टेंपो चालक यह हरकत कर रहे हैं। ई-रिक्शा लाक करने की वीडियो इंस्टा, फेसबुक, यूट्यूब पर इन दिनों खूब चल रही हैं। इसी में एप का प्रचार भी हो रहा है।  

800 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी, यूपी के आम बने वैश्विक पहचान: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल आम उत्पादन में 26 प्रतिशत का योगदान देता है, जबकि इस फसल के अंतर्गत क्षेत्र का केवल नौ प्रतिशत ही होता है। उन्होंने कहा कि देश मे जब आम की बात होती है उत्तर प्रदेश का अपना स्थान है। नौ प्रतिशत जमीन में 26 प्रतिशत आम का उत्पादन होता है। सात श्रेणियों के 56 वर्गों में 800 से अधिक आम की किस्में है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शुक्रवार को यहां उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में राज्य भर से आम की लगभग 800 किस्में प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें मलिहाबाद से दशहरी, वाराणसी और गोरखपुर से लंगड़ा, बागपत और सहारनपुर से रतोल और बस्ती से आम्रपाली शामिल हैं। आम की विविधता को 'उत्तर प्रदेश की ताकत' बताते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक किस्म 'अपनी मिट्टी की खुशबू और अपने क्षेत्र की मिठास' को दर्शाती है। आम की खेती की आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, ''एक एकड़ आम की खेती ने साबित कर दिया है कि एक किसान लगभग 2.5 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर सकता है। अगर इसे मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण के साथ जोड़ा जाए, तो मुनाफा और बढ़ सकता है। अगर हम इसे निर्यात के लिए तैयार करते हैं, तो इसकी ताकत और किसानों की कमाई और भी बढ़ जाती है।' मलिहाबाद के दशहरी को मिला है जीआई का दर्जा आदित्यनाथ ने कहा कि यह महोत्सव किसानों के लिए अपनी उपज प्रदर्शित करने और खरीदार-विक्रेता बैठकों के माध्यम से खरीदारों से जुड़ने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जिससे वे अपने उत्पादों को वैश्विक बाजारों में ले जाने में सक्षम होते हैं। ब्रांडिंग पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मलिहाबाद के दशहरी आम को भौगोलिक संकेत (जीआई) का दर्जा मिला है और यह 'एक वैश्विक ब्रांड' बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने मलिहाबाद आम को 'काकोरी' ब्रांड के तहत भी बढ़ावा दिया है, जिसका नाम काकोरी ट्रेन कार्रवाई के शहीदों के नाम पर रखा गया है, ताकि फल को एक विशिष्ट वैश्विक पहचान प्रदान करते हुए उनके बलिदान का सम्मान किया जा सके। सीएम योगी ने आगे कहा, इसमें हमारे किसानों की कड़ी मेहनत से पैदा हुई मिठास के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी है।’ चार जिलों में स्थापित होंगे चार आधुनिक आम पैक हाउस आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने निर्यात के लिए आमों की ग्रेडिंग, छंटाई और पैकेजिंग के लिए सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी में चार आधुनिक आम पैक हाउस स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य से आम अब ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस सहित अन्य देशों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में उनकी सरकार के सत्ता संभालने के बाद शुरू किया गया आम महोत्सव किसानों, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और केंद्र की 'वोकल फॉर लोकल' पहल को बढ़ावा देने के अलावा खरीदार-विक्रेता बैठकों की सुविधा और मशीनरी आपूर्तिकर्ताओं, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों, कृषि और बागवानी वैज्ञानिकों के जुटने के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है।

₹400 करोड़ की लागत से बना जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल: 20 लाख यात्रियों की क्षमता वाला ग्रीन प्रोजेक्ट

जोधपुर राजस्थान की स्थापत्य कला और शाही विरासत अब आधुनिक विमानन तकनीकों के साथ आसमान छूने को तैयार है। सूर्यनगरी जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। करीब ₹400 करोड़ की लागत से 2.52 लाख वर्ग फुट में फैला यह भव्य टर्मिनल मारवाड़ के शाही गौरव और अत्याधुनिक पैसेंजर सुविधाओं का एक बेजोड़ उदाहरण है। 'स्थापति इंडिया' द्वारा डिजाइन किया गया यह नया टर्मिनल सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। आइए जानते हैं कि इस नए टर्मिनल में ऐसा क्या खास है जो इसे देश के सबसे खूबसूरत और ग्रीन एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करता है। डिजाइन में राजपूताना विरासत की झलक जोधपुर का विमानन इतिहास बेहद पुराना है। साल 1931 में तत्कालीन शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' की स्थापना कर इसकी नींव रखी थी। इसी समृद्ध विरासत को नए टर्मिनल के डिजाइन में जीवंत किया गया है।     भव्य गुंबद और कलश: मुख्य द्वार पर राजस्थान के ऐतिहासिक किलों की तर्ज पर एक भव्य नक्काशीदार गुंबद बनाया गया है, जिसके शीर्ष पर कमल के बेस पर 'कलश' स्थापित है।     पारंपरिक नक्काशी: इसके बाहरी हिस्से में नक्काशीदार ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट, बहु-कोणीय मेहराब और राजपूताना महलों जैसे सजावटी स्तंभों का उपयोग किया गया है।     भीतर जीवंत हुई मारवाड़ी संस्कृति: टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां लगाई गई हैं, जिनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर के रूपांकन और शाही दरबार के दृश्यों को समकालीन अंदाज में उकेरा गया है। हाई-टेक सुविधाएं और 'स्मार्ट' पैसेंजर फ्लो स्थापति इंडिया के निदेशक विपुल बी. वार्ष्णेय ने बताया कि जोधपुर के इस टर्मिनल की प्लानिंग यात्रियों की सुविधा और सुचारू आवाजाही को ध्यान में रखकर की गई है।टर्मिनल में 6 आधुनिक एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्री सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे। पीक-ऑवर में यह टर्मिनल एक साथ 1,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान को पूरी तरह अलग किया गया है। इसके अलावा आइलैंड चेक-इन काउंटर्स, लीनियर सिक्योरिटी ज़ोन और बेहतर बैगेज सर्कुलेशन की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी से निपटेगा 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' आर्किटेक्चर जोधपुर की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से निपटने के लिए इस टर्मिनल को खास 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसे इंसुलेटेड ग्लास और निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है जिससे सूरज की तपिश अंदर न पहुंचे और एयर कंडीशनिंग पर लोड कम रहे, जबकि प्राकृतिक रोशनी पूरे परिसर में भरपूर बनी रहे। यह बिल्डिंग प्रतिष्ठित ग्रीन सर्टिफिकेशन हासिल करने के लक्ष्य के साथ बनाई गई है। इसके लिए बिल्डिंग में शेडिंग, कंट्रोल्ड ग्लेजिंग, सोलर इंस्टॉलेशन और एनर्जी-एफिशिएंट हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए गए हैं।  

बिहार में 7 लाख करोड़ की लागत से विकसित होंगे 12 नए स्मार्ट सैटेलाइट शहर

पटना  बिहार में 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को लेकर सम्राट चौधरी सरकार ने हुडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से 1 लाख करोड़ रुपये का करार किया है। इन नए शहरों को विकसित करने के लिए कुल 7 लाख करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। हुडको के अलावा 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश बाहर से किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में शुक्रवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास (सीएम हाउस) में नगर विकास एवं आवास विभाग और हुडको के बीच इसको लेकर करार हुआ। सीएम ने कहा कि किसानों को महज 30 दिन के भीतर जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। राज्य में आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिससे लोगों को बेहतर आवास, उच्चस्तरीय नागरिक सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि लगभग तीन लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में टाउनशिप विकसित करने की योजना है। 30 दिनों में मिलेगा जमीन का मुआवजा मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में टाउनशिप बसाई जाएगी, वहां के स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों को लैंड पुलिंग के जरिए इसमें भागीदार बनाया जाएगा। इसके अलावा, जो भी किसान मुआवजा के लिए आवेदन देंगे उन्हें 30 दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। यानी महज एक महीने के भीतर ही मुआवजा की राशि रैयतों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। बड़े पैमाने पर आएगा निवेश सम्राट चौधरी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से बिहार की आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। बड़े पैमाने पर निजी और संस्थागत निवेश आएगा। निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। पूर्व में राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि इन नए शहरों को इंडस्ट्रियल और एजुकेशन के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधे खुलेंगे। सैटेलाइट टाउनशिप में होंगी ये सुविधाएं नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों में सभी तरह की आधुनिक नगरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें सड़क के नेटवर्क से लेकर पेयजल, सीवरेज, बिजली आदि मूलभूत सुविधाएं होंगी। शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिलेगी। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। कमर्शियल और सामाजिक संरचनाएं भी बनाई जाएंगी, ताकि लोगों को वर्ल्ड क्लास शहरी जीवन का अनुभव हो सके। इन प्रमुख शहरों के पास बनेंगी सैटेलाइट टाउनशिप     पटना – पाटलिपुत्र टाउनशिप     गयाजी- मगध टाउनशिप     मुजफ्फरपुर – तिरहुत टाउनशिप     भागलपुर – विक्रमशिला टाउनशिप     छपरा – सारण टाउनशिप     सोनपुर – हरिहरनाथ टाउनशिप     दरभंगा – मिथिला टाउनशिप     पूर्णिया – पूर्णिया टाउनशिप     मुंगेर – अंग टाउनशिप     सहरसा – कोसी टाउनशिप     सीतामढ़ी – सीतापुरम टाउनशिप     रोहतास – डेहरी टाउनशिप

पटना कोर्ट में खान सर केस: दस्तावेजों के आदेश के बाद अगली तारीख 7 जुलाई तय

पटना  खान ग्‍लाेबल स्‍टडीज के डायरेक्‍टर फैजल खान (खान सर) की अग्र‍िम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी।   जिला जज के छुट्टी पर रहने के कारण खान सर और अन्य आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हुई। अब सुनवाई 7 जुलाई को होगी। इससे पहले 30 जून को कोर्ट ने हथ‍ियारों के डॉक्‍यूमेंट्स जमा करने का आदेश दिया था।  उस दिन लोक अभ‍ियोजक ने कोर्ट में कहा था क‍ि फैजल खान के दोनों गार्ड के पास अवैध हथ‍ियार थे। 30 जून को डॉक्‍यूमेंट्स जमा करने का द‍िया था निर्देश  दहशत फैलाने के उद्देश्‍य से 2 जून की रात फायरिंग की गई थी। बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने हथ‍ियारों के लाइसेंसी होने की बात कही थी। उन्‍होंने दावा किया था कि दोनों के हथ‍ियार के दस्‍तावेज पुलिस ने जब्‍त कर लिए हैं।   इसके बाद कोर्ट ने हथ‍ियारों के डॅक्‍यूमेंट जमा करने को कहा था। तीन जुलाई सुनवाई की तिथ‍ि तय की थी।  अब 7 जुलाई पर सबकी नजर टिक गई है।   2 जून की रात हुई थी फायरिंग  पुलिस जांच में सामने आया था क‍ि जून की रात खान ग्‍लाेबल स्‍टडीज कोचिंग सेंटर पर पथराव और मारपीट के बाद चार राउंड गोली गार्डों ने चलाई थी।  खान सर के कहने पर ही गार्डों ने ऐसा किया था। इस आरोप में पूर्व में दर्ज एफआईआर में बाद में खान सर का नाम भी जोड़ा गया था।   उससे पूर्व ज्ञान बिंदु के डायरेक्‍टर रौशन आनंद व उनके दो अन्‍य सहयोग‍ियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में वे जमानत पर बाहर आए। 

भाजपा ने बूथ स्तर पर शुरू किया डिजिटल प्रशिक्षण अभियान, 6 जुलाई बाद आएगा परिणाम

उलखनऊ  त्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। पार्टी प्रदेश के सभी बूथों पर 20-20 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की डिजिटल परीक्षा आयोजित करा रही है। इस परीक्षा के माध्यम से न केवल कार्यकर्ताओं की वैचारिक और संगठनात्मक समझ का आकलन किया जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए सक्षम और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का चयन भी किया जाएगा। परीक्षा का परिणाम 6 जुलाई के बाद घोषित किया जाएगा। बीजेपी ले रही कार्यकर्ताओं की डिजिटल परीक्षा भाजपा की इस डिजिटल परीक्षा में अधिकांश प्रश्न केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, भाजपा के इतिहास, संगठन की विचारधारा और विभिन्न योजनाओं से जुड़े हैं। परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान किया जाएगा। साथ ही उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं। प्रदेश में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा जिलों और मंडलों तक फैला है। पार्टी का मानना है कि चुनावी सफलता की सबसे मजबूत कड़ी बूथ स्तर का संगठन होता है। इसी कारण बूथ प्रबंधन और माइक्रोमैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी लगातार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अभियानों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने के साथ उन्हें चुनावी रणनीति के अनुरूप तैयार कर रही है। 'सरल एप' के जरिए हो रही परीक्षा डिजिटल परीक्षा 'सरल एप' के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जहां बूथ स्तर के कार्यकर्ता ऑनलाइन प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं। इस अभियान में महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। भाजपा का उद्देश्य हर वर्ग के प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों से जोड़ना और चुनावी तैयारियों में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करना है। हाल ही 64 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी का गठन आपको बता दें इससे पहले 25 जून को भाजपा ने 64 सदस्यीय नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की थी, जिसमें छह क्षेत्रीय अध्यक्षों और छह मोर्चों को भी शामिल किया गया। नई टीम के गठन के बाद पार्टी संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने में जुटी है। इससे पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान के तहत 11 विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित कर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया था। अब डिजिटल परीक्षा के माध्यम से ऐसे कार्यकर्ताओं की पहचान की जा रही है, जिन्हें भविष्य में चुनावी अभियानों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें। भाजपा का मानना है कि प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष कार्यकर्ता ही बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाकर चुनावी सफलता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।