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धार अस्पताल का 200 मीटर जर्जर मार्ग छह घंटे में हुआ दुरुस्त, समाजसेवियों ने बिना शोर-शराबे के कराया काम

धामनोद  शासकीय अस्पताल परिसर का अंदरूनी मार्ग जो वर्षों से गड्ढों के कारण मरीजों के लिए परेशानी बना हुआ था, वह अब दुरुस्त हो गया है। नगर के कुछ समाजसेवियों ने मंगलवार रात करीब छह घंटे में 200 मीटर लंबे मार्ग का अपने स्तर पर डामरीकरण करा दिया। इस दौरान न कोई भूमिपूजन हुआ, न प्रचार और न ही काम कराने वालों ने अपना नाम सार्वजनिक किया। स्ट्रेचर ले जाने में होती थी दिक्कत अस्पताल परिसर का यह मार्ग लंबे समय से जर्जर था। जगह-जगह गड्ढे होने से मरीजों को स्ट्रेचर से एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने में दिक्कत होती थी। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो जाती थी। दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही गंभीर मरीजों के स्वजन को भी आवागमन में परेशानी होती थी। मार्ग सुधार को लेकर कई बार मांग भी उठी, लेकिन लंबे समय तक कोई पहल नहीं हुई। रात 10 से सुबह चार बजे तक चला काम समाजसेवियों ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्वयं पहल की। मंगलवार रात करीब 10 बजे डामरीकरण का काम शुरू हुआ, जो रातभर चला और सुबह चार बजे तक पूरा कर लिया गया। बुधवार सुबह जब मरीज और स्वजन अस्पताल पहुंचे तो गड्ढों की जगह डामरीकृत सड़क देखकर वे हैरान रह गए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों मरीज और उनके स्वजन गुजरते हैं। नए रास्ते से अब एंबुलेंस और स्ट्रेचर की आवाजाही आसान हो गई है। प्रशासन ने सराहा, रखरखाव की कही बात इस संबंध में संबंधित अधिकारियों ने कहा कि `अस्पताल परिसर के अंदरूनी मार्ग के लिए हमने कई बार पत्राचार किया था, लेकिन बजट अभाव के कारण काम नहीं हो पा रहा था। समाजसेवियों द्वारा कराए गए इस कार्य से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब अस्पताल प्रशासन द्वारा इस मार्ग के रखरखाव की जिम्मेदारी ली जाएगी।` समाजसेवियों ने बताया कि `अस्पताल आने वाले मरीजों को हो रही परेशानी देखी नहीं गई। इसलिए बिना किसी प्रचार के यह काम कराया गया है।` उन्होंने आगे भी अस्पताल में साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं में सहयोग करने की बात कही। सेवा का उदाहरण बना धामनोद आमतौर पर सार्वजनिक कार्यों में भूमिपूजन और प्रचार की होड़ रहती है। ऐसे में बिना नाम और प्रचार के कराया गया यह डामरीकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजसेवी ने रातों-रात सुधार सामग्री लाकर सड़क सुधरवा दी     समाजसेवी अस्पताल में आते-जाते रहते थे। वह देखते थे कि अस्पताल परिसर पहुंचने में सड़क का हिस्सा गड्ढों में तब्दील था, जिसे समाजसेवी ने रातों-रात सुधार सामग्री लाकर सड़क सुधरवा दी। उन्होंने इसे गुप्तदान कहकर नाम उजागर नहीं करने का निवेदन किया है। -कीर्ति बोरासी, सीबीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद  

Major action against an Irrigation Department engineer in Bihar, five locations raided

पटना  पटना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। गुरुवार को एक साथ पटना, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में तलाशी अभियान चलाया गया। प्राथमिक जांच में इंजीनियर के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 64 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान उनके आवास और अन्य परिसरों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। EOU की टीम संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पटना के तिलकामांझी स्थित आवास पर भी छापेमारी आर्थिक अपराध इकाई की एक टीम ने पटना से जुड़े ठिकाने पर भी तलाशी ली। वहीं मुंगेर में तैनात इंजीनियर के तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ आवास पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों की टीम घर में मौजूद दस्तावेज और अन्य सामान की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े कागजातों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का फोकस आय और संपत्ति के बीच के अंतर का पता लगाने पर है। फिलहाल तलाशी की कार्रवाई जारी है। चार जिलों में एक साथ पहुंची EOU की टीमें बताया जा रहा है कि आर्थिक अपराध इकाई ने इंजीनियर से जुड़े कुल पांच ठिकानों को कार्रवाई के दायरे में लिया है। इनमें पटना के अलावा मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के ठिकाने शामिल हैं। एक साथ कई स्थानों पर तलाशी से संपत्ति और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेज और अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल EOU की जांच टीम अलग-अलग ठिकानों पर रिकॉर्ड खंगाल रही है।  

राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल बजा, 3314 पंचायतों में 22 अक्टूबर को होगा मतदान

जयपुर  राजस्थान में आज अधिसूचना जारी होने के साथ ग्रामीण सरकार के सियासी हलचल बढ़ जाएगी। गुरुवार यानी आज से जहां 16 जिला परिषद, 104 पंचायत समिति व 3314 ग्राम पंचायतों में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी, वहीं 16 जिला परिषदों व 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव भी हैं, जिनके लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पूरी होगी। राजस्थान में लगभग आधी 6940 ग्राम पंचायतों को पंच, सरपंच व उपसरपंच इसी माह मिल जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 एवं दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शेष दो चरणों के चुनाव अगले माह होंगे। मतदान दलों को नहीं लाने पडेंगे गद़्दे-तकिया, पांच दिन रुकेंगे मतदानकर्मी राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। इस बार में सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल में शामिल कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने पडेंगे, उनके लिए गद्दे-चद्दर-तकिया की व्यवस्था के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यवस्था सौंप दी है। इसके अलावा छाया-पानी व रोशनी की व्यवस्था के लिए भी पहले से ही दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा। मतदान कर्मी करीब पांच दिन रुकेंगे, इसको देखते हुए उनके लिए कुक व हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इसका खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर 17650 रुपए खर्च राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के रूप में 17650 रुपए दिए जाएंगे। इस दल में सहायक मतदान अधिकारी से रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे, जिनको प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू राजस्थान में पंचायती चुनाव को लेकर प्रशासन भी एक्शन मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति जरूरी होगी। BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच प्रत्याशियों को सीमित प्रचार समय मिलेगा और विजय जुलूस नहीं निकलेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।

दिल्ली में SIR का बड़ा अपडेट, 13.62 लाख वोटर्स का सत्यापन पूरा; BLO घर-घर पहुंचा रहे दस्तावेज

नई दिल्ली  दिल्ली में SIR के दौरान करीब 33 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों का डॉक्यूमेंट के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। बुधवार तक 13,62,162 मामलों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। सीईओ ऑफिस के मुताबिक, बीएलओ नोटिस वाले वोटर्स के घर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले रहे हैं। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अलग से ऑफिस में सुनवाई के लिए आने की जरूरत नहीं। सीईओ दिल्ली ने बुधवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ के साथ नोटिस और क्लेम-ऑब्जेक्शन के निपटारे की प्रोग्रेस की समीक्षा की। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी एलिजिबल वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से छूट न जाए। एसआईआर के तहत सभी नोटिस, क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। नई दिल्ली जैसी विधानसभा में नोटिस के निस्तारण का काम लगभग पूरा हो चुका है। मटियाला, विकासपुरी, बुराड़ी, करावल नगर, किराड़ी, बदरपुर जैसी विधानसभाओं में अधिक वोटर्स हैं और यहां थोड़ा अधिक समय लग रहा है। 9 और 11 अक्टूबर को पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप, भर सकेंगे फॉर्म-6 वहीं, वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से छूट गए एलिजिबल लोगों के लिए 9 और 11 अक्टूबर को दिल्ली के सभी पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। इनमें लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकेंगे। इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर को अलग-अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में भी स्पेशल कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंप में बीएलओ स्टूडेंट्स को फॉर्म भरने में मदद करने के साथ एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं। हाल ही में जिन कॉलोनियों के डिमोलिशन के बाद लोग दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं, उनके लिए भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। ऐसे लोग अपने नए पते वाले इलाके में कैंप में जाकर नाम जुड़वा सकेंगे। 33 लाख वोटर्स (करीब) को दिल्ली में जारी किए गए हैं SIR के नोटिस बीएलओ नोटिस पाने वाले के घर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले रहे हैं SIR के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का मार्च, CEO को सौंपा ज्ञापन SIR को लेकर इंडिया ब्लॉक के दिल्ली के घटक दलों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी गेट से विरोध मार्च निकाला और दिल्ली के CEO अशोक कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसप्रदर्शन में कांग्रेस, RJD, CPI, CPM, CPI (ML), RSP, AIFB और TMC समेत INDIA ब्लॉक के घटक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से अनिल भारद्वाज और हारून युसूफ, CPM के अनुराग सक्सेना और सुबीर बनर्जी, समेत कई नेता मौजूद रहे।  

दिल्ली में कांग्रेस प्रदर्शन पर बड़ा एक्शन, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं पर FIR दर्ज

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ FIR दर्ज की है. दोनों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर धक्का-मुक्की करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है. पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।  पुलिस के मुताबिक, FIR में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस के कई अन्य नेताओं और उन पार्टी कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने बुधवार को हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. यह मामला प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के संबंध में दर्ज किया गया है।  पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शन में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी देख रही है कि प्रदर्शन के दौरान किन लोगों की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट या ड्यूटी में बाधा डालने की घटना हुई।  कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान बुधवार को पुलिस ने कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया था. इनमें कई सांसद और अन्य नेता भी शामिल थे. राहुल गांधी ने बुधवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ सड़क पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया था. इसके बाद पुलिस ने उन्हें कई सांसदों के साथ फिर से हिरासत में लिया।  FIR में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल किए गए हैं. पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की जांच कर रही है और मामले में शामिल लोगों की भूमिका तय की जा रही है।  भोज में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सांसद शामिल हुए। समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उबाठा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) का कोई प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर से फलक तक छाईं व्योमिका सिंह, 21,650 फीट की ऊंचाई पर लहराया परचम

 भिवानी  व्योमिका का अर्थ आकाश है। छठी कक्षा में जब लखनऊ की बेटी व्योमिका सिंह ने अपने नाम का अर्थ जाना तो उसी दिन आकाश में उड़ने का सपना देख लिया। यह सपना आगे चलकर भारतीय वायुसेना की उड़ान बना। वर्ष 2004 में वायुसेना में शामिल होने के बाद उन्होंने चेतक और चीता हेलीकॉप्टर उड़ाए और जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के दुर्गम व जोखिम भरे इलाकों में जिम्मेदारी निभाई। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हुई कार्रवाई की जानकारी देश के सामने रखने वाली टीम का हिस्सा बनीं तो उनकी पहचान और व्यापक हुई। लखनऊ की बेटी विंग कमांडर व्योमिका सिंह हरियाणा में भिवानी के बापोड़ा गांव की बहू हैं। फौजियों के इस गांव में व्योमिका की उपलब्धि को स्वजन अपनी बहू के साथ पूरे गांव के गौरव के रूप में देखते हैं। 6वीं क्लास में ही कर लिया था पायलट बनेने का निश्चय व्योमिका कहती हैं कि छठी कक्षा में जब वह थीं, तो नाम के अर्थ पर चर्चा के दौरान उन्हें पता चला कि व्योम का अर्थ आकाश है। एक सहपाठी ने उनके नाम का अर्थ बताया तो उसी दिन उन्होंने पायलट बनने का निश्चय कर लिया। स्कूल के दिनों में वह राष्ट्रीय कैडेट कोर से भी जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी की। वायुसेना अकादमी, डुंडीगल से प्रशिक्षण के बाद उन्होंने चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर उड़ाए। वर्ष 2017 में विंग कमांडर बनीं और 2019 में फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन मिला। उनके पास 2,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। वर्ष 2020 में अरुणाचल प्रदेश में कठिन परिस्थितियों के बीच नागरिकों को निकालने वाले बचाव अभियान का नेतृत्व किया। वर्ष 2021 में 21,650 फीट ऊंचे माउंट मणिरंग के पर्वतारोहण अभियान में भी हिस्सा लिया। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई के दौरान विंग कमांडर व्योमिका सिंह को विदेश सचिव और कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में अभियान की जानकारी देने की जिम्मेदारी मिली। सैन्य वर्दी में देश के सामने आईं व्योमिका के लिए यह भूमिका उनके लंबे सैन्य जीवन की एक अलग जिम्मेदारी थी। व्योमिका की करीब 69 वर्षीय बड़ी जेठानी संतोष देवी कहती हैं कि देवरानी ने बापोड़ा का नाम दुनिया में रोशन किया है। उन्हें अपनी छोटी देवरानी पर गर्व है और खुशी है कि उसने यह साबित कर दिया कि म्हारी बहू-बेटी की हिम्मत लड़क्या से कम कोनी। उनका कहना है कि पढ़ने वाली बेटियों को मेहनत कर व्योमिका की तरह साहसी बनना चाहिए।   स्वजन डॉ. अशोक, ईश्वर सिंह और एडवोकेट रामौतार सभ्रवाल भी उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हैं। वह अपने परिवार से भारतीय सशस्त्र बलों में जाने वाली पहली सदस्य हैं। उनके पिता आरएस निम हैं। सैन्य परंपरा की पहचान बना टी-55 टैंक बापोड़ा की करीब 20 हजार आबादी में दो हजार से अधिक सैनिक और पूर्व सैनिक हैं। पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह सहित कई सैन्य अधिकारी इस गांव से रहे हैं। गांव के प्रवेश द्वार पर 1971 के युद्ध में इस्तेमाल टी-55 टैंक इसकी सैन्य परंपरा की पहचान है। व्योमिका के पति दिनेश सिंह सभ्रवाल भी विंग कमांडर हैं। स्वजन के अनुसार परिवार के करीब 10 सदस्य सेना में सेवाएं दे चुके हैं।  

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले NDA में हलचल, सम्राट चौधरी ने बुलाई अहम बैठक

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी विधायक, एमएलसी और सांसदों को पटना बुला लिया है। 9 अक्टूबर को सीएम आवास में अहम बैठक होगी। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर इसमें एनडीए अपनी साझा एकता का प्रदर्शन करेगा। सम्राट के आवास पर मंगलवार को हुई एनडीए के घटक दल के नेताओं की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में एमएलसी चुनाव को लेकर मचे घमासान पर भी चर्चा की गई। इसमें दोनों पार्टियों के आलाकमान को ही अपने-अपने दलों के मामले का तुरंत निपटारा करने की बात तय की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई एनडीए नेताओं की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतनराम मांझी के हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (HAM), उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता भी मौजूद रहे। बैठक से निकलने के बाद संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधान परिषद चुनाव को लेकर मंगलवार को एनडीए के सभी नेता बैठे। इसमें एमएलसी चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। यह चुनाव एनडीए एकजुट होकर लड़ रहा है। जेडीयू और रालोमो में एमएलसी चुनाव को लेकर मचे घमासान पर सरावगी ने कहा कि अपने-अपने दल के मामले उनके नेता देखेंगे। सम्राट बोले- एमएलसी चुनाव में साझा प्रचार करेंगे सभी दल जानकारी के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि एमएलसी चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि सभी दलों के नेता साझा प्रचार करें। पार्टी के बजाय गठबंधन को प्राथमिकता दें, ताकि जीत सुनिश्चित हो सके। बैठक में सभी आठों सीटों पर जीत हासिल करने पर विमर्श हुआ। 4-4 सीटों पर लड़ रही जेडीयू और भाजपा बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं उनमें पटना, दरभंगा, कोसी, तिरहुत, सारण क्षेत्र की शिक्षक और स्नातक कोटे की सीटें हैं। एनडीए से भाजपा और जेडीयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 9 अक्टूबर तक नामांकन वापसी का समय है। सम्राट के आवास पर मंगलवार को हुई बैठक में हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, रालोमो से मंत्री दीपक प्रकाश, लोजपा-आर के मंत्री संजय सिंह और संजय पासवान के अलावा विधायक संजीव चौरसिया, एमएलसी जनक राम एवं संजय गांधी, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया भी मौजूद रहे।

यूपी से रियाद-दुबई का सफर होगा आसान, लखनऊ एयरपोर्ट से बढ़ेंगी सीधी उड़ानें

लखनऊ यूपी से अरब देशों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी। दिसंबर अंत तक रियाद के लिए लखनऊ से सीधी तीन फ्लाइटें हो जाएंगी। दुबई सरकार की एयरलाइंस फ्लाई दुबई अपनी लो बजट ‘फ्लाई डील’ लेकर आ रही है। यह फ्लाइट दिसम्बर से शुरू होगी। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार इस बीच लखनऊ से रियाद जाने वाले यात्रियों का दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए कनेक्टिविटी बढ़ रही है। अक्तूबर से एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस भी रियाद के लिए नई फ्लाइटें शुरू करने जा रही है जो सप्ताह में तीन दिन दोनों एयरपोर्ट के बीच संचालित होगी। फ्लाई डील के सूत्रों ने बताया कि उनकी फ्लाइट दिसम्बर से शुरू होगी और किराया अपेक्षाकृत कम होगा। मौजूदा समय लखनऊ-रियाद के बीच फ्लाइनास की फ्लाइट संचालित हो रही है। फ्लाइटों के विंटर शेड्यूल के लिए कुछ दिन पहले विभिन्न एयरलाइंस ने सर्वे कराया था। रियाद-लखनऊ के बीच 350 यात्री रोज कर रहे यात्रा सूत्र ने बताया कि लखनऊ से रोजाना करीब 350 यात्री औसतन रियाद और वहां से लखनऊ के लिए यात्रा कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली-मुम्बई हो कर जाने वाली कनेक्टिंग उड़ानों से करीब 200 से 250 यात्री आ-जा रहे हैं। ऐसे में यदि सीधी फ्लाइट मिलेगी तो यात्रियों के लिए आसानी होगी। अब घरेलू फ्लाइटें भी बढ़ेंगी एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सर्दियों की समय सारिणी में कुछ घरेलू फ्लाइटें बढ़ने की उम्मीद है। पुणे और बेंगलुरू के फेरे बढ़ने के अलावा कुछ अन्य रूटों के लिए भी यात्रियों के दबाव को देखते हुए सर्वे हुआ है। लखनऊ एयरपोर्ट पर रनवे मेंटेनेंस की वजह से कुछ समय पूर्व फ्लाइटों में कटौती हुई थी। उसके बाद फ्लाइटों की संख्या 125 से 80 -85 के बीच आ गई थी। अब यह संख्या फिर से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। लखनऊ आ रही फ्लाइट में लगा झटका, अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त वहीं, पटना से लखनऊ आ रही फ्लाइट आसमान में किसी चीज से टकराई और तेज झटका लगा। बुधवार की शाम लखनऊ आई इंडिगो के विमान का उतरने के बाद जांच में नोज क्षतिग्रस्त मिला। हादसे में विमान में सवार 170 यात्री बाल-बाल बच गए। टक्कर बादलों के बीच बर्फ के टुकड़ों से हुई या चिड़िया से, इसकी जांच शुरू हो गई है। विमान की नोज यानी अगला हिस्सा आगे से पिचक गया है। ऐसा लग रहा है मानो किसी बड़ी चीज से टक्कर हुई हो। इंडिगो ने तुरंत इसकी सूचना डीजीसीए को देते हुए विमान को ग्राउंड कर दिया। इस विमान को यहां से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी। एयरलाइंस ने यात्रियों को फ्लाइट निरस्त होने की सूचना देते हुए दूसरी उड़ान से जाने या रिफंड कराने का विकल्प दिया। सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ान (6ई-925) पटना से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पायलट ने एटीसी को बताया कि नीचे उतरते हुए करीब 17 हजार फुट की ऊंचाई पर बादलों के बीच कुछ हुआ। विमान को झटका लगने की भी बात सामने आ रही है। कुछ क्रू सदस्यों ने बिजली गिरने की बात कही है।

NSS स्वयंसेवकों ने ली नशे के खिलाफ शपथ, बोले- नशा न करेंगे, न करने के लिए प्रेरित करेंगे

N.S.S. स्वयंसेवकों ने नशे के विरुद्ध ली शपथ नशा न करेंगे ना करने के लिए प्रेरित करेंगे (माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा 300 छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया, नशामुक्त जीवन की ली शपथ) ग्वालियर   भारत सरकार के राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़, भोपाल के निर्देशानुसार माधव महाविद्यालय, ग्वालियर के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयसेवकों ने हेल्थ वॉक रन स्टेप अप, स्टे एडिक्शन फी' कार्यक्रम आयोजित किया। 'मेरी सेहत, मेरा गर्व आधारित थीम पर वॉक रन में स्वयंसेवकों ने आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अशुल श्रीवास्तव सदस्य हिन्दी सलाहाकार समिति युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं प्राचार्य डॉ शिव कुमार शर्मा माधव महाविद्यालय ने नशा मुक्त विकसित भारत सौ सप्ताह की शपथ दिलाई एवं डॉ हरीशकर कसाना समन्वयक एन एस. एस जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर, डॉ. मनोज अवस्थी जिला संगठक एन एस एस ग्वालियर, धर्मेन्द्र वर्मा एस.डी.आर.एफ कमांडेंट एवं वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ सजय कुमार पाण्डेय एन. एस. एस. माधव महाविद्यालय, ग्वालियर ने रैली को हरी झण्डी दिखाई। मुख्य अतिथि डॉ. अशुल श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों व उपस्थित लोगों को नशामुक्त विकसित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प दिलाया। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता का सदेश दिया गया। हेल्थ वॉक / रन की शुरूआत महादजी नगर से केदारपुर तक तय कर सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र का आधारस्तम्भ होती है। देश का युवा यदि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित रहेगा तो भारत विकास के नए शिखर छू सकता है। उन्होंने कह कि मेरी सेहत, मेरा गर्व केवल एक विचार नहीं, बल्कि स्वस्थ और नशामुक्त जीवन की दिशा में सामूहिक सकल्प है। कार्यक्रम में एन.एस.एस. अधिकारी डॉ. हिंदू सिंह धाकड़, डॉ नरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ अर्चना सिह, डॉ. विनोद सिंह कुशवाह, डॉ गिरजा नरवरिया, डॉ दीक्षा त्यागी, डॉ एचएल. पटेल के साथ बड़ी संख्या में एन.एस.एस. स्वयंसेवक उपस्थित थे।

हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा शुरू, नेमरा में आज होगा अंतिम संस्कार

 रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन के बाद आज उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका पार्थिव शरीर मोरहाबादी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। यहां परिवार के सदस्यों, झामुमो नेताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी था। इस बीच, रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए रांची से उनके पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ रवाना हो गया है। नेमरा में आज उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए मोरहाबादी स्थित गुरुजी आवास पर नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, बेरमो विधायक अनूप सिंह और पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने भी रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन किए। रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए धनबाद सांसद ढुल्लू महतो भी रांची के मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचे हैं. बसंत सोरेन के झारखंड आने पर संशय रूपी सोरेन के छोटे बेटे और दुमका विधायक बसंत सोरेन उनके अंतिम दर्शन के लिए रांची पहुंचेंगे या नहीं, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि बसंत सोरेन इस समय सिंगापुर में इलाज करा रहे हैं। उनके रांची आने को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले उनके सुबह करीब नौ बजे तक रांची पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने शोक जताया है। दोनों ने रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी श्रीमती रूपी सोरेन के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि रूपी सोरेन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक जताया है। उन्होंने संताली भाषा में पोस्ट कर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि रूपी सोरेन के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए लगातार काम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने शोक की इस घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।  रूपी सोरेन जी के निधन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने सदैव जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। शोक की इस घड़ी में हेमंत सोरेन जी, कल्पना जी और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। रूपी सोरेन का बुधवार रात करीब आठ बजे रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हुआ था। वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं। सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें 18 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले बाबा का साथ छूटा, अब मां भी चली गईं.. रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक पोस्ट साझा कर अपनी मां को याद किया। उन्होंने लिखा, “बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं। आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं।” इसके बाद हेमंत सोरेन ने सिर्फ “मां….” लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।