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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम, संरक्षण का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश रायपुर अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।         आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छता से हुई शुरुआत             कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। बर्ड वॉक में पक्षियों का अवलोकन              इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी। सीड बॉल निर्माण बना आकर्षण             वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हस्ताक्षर अभियान से जताई प्रतिबद्धता             जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से   अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।            कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।

सहकार से समृद्धि की नई राह, नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

सहकार से समृद्धि की ओर: नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता             कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।           यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे। केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा            बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर               डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।             विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे। व्यवसायिक विस्तार पर मंथन                कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।             कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. गवली, डीजीएम ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरुण पुरोहित, एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

गर्मी में टिफिन पैकिंग गाइड: खाने को जल्दी खराब होने से बचाने के आसान तरीके

मई में भारत का तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है. बाहर हो या घर के अंदर सभी जगह किसी जलती भट्टी की तरह लग रही हैं. ऐसी सड़ी गर्मी में खाने-पीने की चीजों को खराब होने से बचाना सबसे बड़ा चैलेंज बन जाता है. खासकर जब बात स्कूल या ऑफिस के टिफिन की हो, तो थोड़ी सी लापरवाही भी खाने को जल्दी खराब कर सकती है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस की वजह से खाने में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे वो जल्दी ही सड़ने लगता है. यहां तक की कई बार तो उसमें बदबू आने लगती है. अगर गलती से किसी भी बच्चे या बड़े ने ये खाना खा लिया तो पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार सुबह बनाया गया खाना दोपहर तक ही खराब होने लगता है, खासकर अगर उसे सही तरीके से पैक न किया गया हो. ऐसे में जरूरी है कि लंच बॉक्स पैक करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए. कुछ छोटी-छोटी आदतें आपके खाने को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रख सकती हैं और उसे खराब होने से भी बचा सकती हैं. अच्छी क्वालिटी के डिब्बे का करें इस्तेमाल: गर्मियों में हमेशा अच्छी क्वालिटी के मजबूत लंच बॉक्स का इस्तेमाल करना चाहिए. इंसुलेटेड या एयरटाइट कंटेनर खाने को ज्यादा देर तक ताजा रखने में मदद करते हैं. इससे बाहर की गर्म हवा और नमी खाने तक जल्दी नहीं पहुंचती. गर्म खाना तुरंत पैक न करें: बहुत से लोग खाना बनते ही टिफिन में पैक कर देते हैं, लेकिन ये आदत सही नहीं मानी जाती है. गर्म खाना बंद डिब्बे में रखने से अंदर भाप बनती है, जिससे नमी बढ़ती है और खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए खाना थोड़ा ठंडा होने के बाद ही पैक करें. कटे हुए फल ले जाने से बचें: अगर आप टिफिन में फल रख रहे हैं, तो कोशिश करें कि उन्हें पूरा ही रखें. कटे हुए फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और लंबे समय तक बाहर रहने पर उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. केला, संतरा या सेब जैसे फल पूरे रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है. बचा हुआ खाना पैक करने में सावधानी रखें: रात का बचा हुआ खाना अगले दिन टिफिन में रखना सही नहीं होता, खासकर अगर वो जल्दी खराब होने वाली चीज हो. ज्यादा देर रखा खाना इंफेक्शन का कारण बन सकता है. कोशिश करें कि हमेशा ताजा बना खाना ही पैक करें. खाने को दोबारा गर्म करना हो सकता है फायदेमंद: अगर ऑफिस या स्कूल में माइक्रोवेव है, तो खाना खाने से पहले उसे हल्का गर्म जरूर कर लें. इससे खाने में मौजूद बैक्टीरिया खत्म होने में मदद मिलती है और फूड पॉइजनिंग का खतरा कम होता है. गीले और सूखे खाने को अलग रखें: रोटी, सलाद और सूखी सब्जी जैसी चीजों को हमेशा ग्रेवी वाले खाने से अलग पैक करें. इससे खाना गीला नहीं होता और लंबे समय तक स्वाद भी बना रहता है.

प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी नाबालिग, जहानाबाद में हाई वोल्टेज ड्रामा

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में एक बार फिर मोहब्बत का मोबाइल टावर वाला हाई वोल्टेज ड्रामा देखा गया। करपी थाना क्षेत्र के पूरान गांव में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रेमी से शादी कराने की मांग को लेकर एक नाबालिग लड़की जिओ कंपनी के मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब 120 फीट ऊंचे टावर पर लड़की के चढ़ने की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। उसे नीचे उतारने में पुलिस के पसीने छूट गए। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे तपती धूप की परवाह किए बगैर एक नाबालिग लड़की पूरान गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। राहगीरों की नजर जब लड़की पर पड़ी तो इसकी सूचना तत्काल करपी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लड़की को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। यह खबर जंगल की आग की तरह इलाके में फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। करीब तीन घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा। पुलिस एवं स्थानीय लोगों के समझाने-बुझाने के बाद लड़की टावर से नीचे उतरने को तैयार हुई। पुलिस ने राहत की सांस लेते हुए लड़की को सुरक्षित नीचे उतारा और पूछताछ के लिए थाना ले गई। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसका करपी जगदेव चौक के समीप मोबाइल फोन मरम्मत का काम करने वाले दीपक नामक युवक से लगभग एक वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है। मोबाइल फोन पर दोनों के बीच संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध स्थापित हो गया। लड़की युवक से शादी कराने की मांग कर रही थी। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है तथा लड़की एवं उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस उस लड़के को भी तलब करेगी जिससे अफेयर का दावा लड़की करती रही। नाबालिग होने के कारण उसकी शादी में अड़चन है। बेटी की करतूत से उसके परिजन काफी नाराज हैं। प्यार और शादी के लिए टावर पर चढ़ने की घटना पहली बार नहीं हुई है। बिहार में एक ट्रेंड चल पड़ा है कि अपनी कोई बात मनवाने के लिए टावर पर चढ़ जाएं। कई बार कुछ सनकी किस्म के लोग बिजली के टावर पोल पर भी चढ़ जाते हैं जिन्हें बचाने के लिए इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है।

कान्स में ऐश्वर्या राय को लेकर वायरल दावा कितना सच? जानिए पूरा मामला

ऐश्वर्या राय बच्चन कान्स की रियल क्वीन हैं. वो बीते कई सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में जलवे बिखेर रही हैं. ऐश्वर्या के रेड कार्पेट लुक्स पर दुनियाभर की नजरें टिकी रहती हैं और एक्ट्रेस भी हमेशा अपने ग्लैमरस लुक से हर किसी को वाह…कहने पर मजबूर कर देती हैं. ऐश्वर्या जब भी रेड कार्पेट पर उतरती हैं तो हर कैमरा सिर्फ उनपर होता है. एक्ट्रेस को अपने कैमरों में कैद करने के लिए इंटरनेशनल फोटोग्राफर्स बेकरार रहते हैं. लेकिन क्या इस साल ऐश्वर्या को इग्नोर किया गया है? इस सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई? ऐश्वर्या राय इस साल इलेक्ट्रिक ब्लू मर्मेड गाउन में कान्स रेड कार्पेट पर जलवे बिखेरती नजर आईं. ब्लू गाउन में एक्ट्रेस का ग्लैमरस अंदाज दिखा. उन्होंने रेड कार्पेट पर फोटोग्राफर्स को फ्लाइंग Kiss करते हुए कई पोज भी दिए. एक्ट्रेस की खूबसूरती पर हर कोई दिल हार बैठा. ब्लू गाउन में ऐश्वर्या के कई फोटोज और वीडियोज इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. इस साल भी ऐश्वर्या ने अपने गॉर्जियस लुक्स से फैंस का दिल जीत लिया. ऐश्वर्या के हुस्न की तारीफ करते फैंस थक नहीं रहे हैं. लेकिन इसी बीच X पर वायरल एक पोस्ट ने ऐश्वर्या राय के फैंस को नाराज और निराश कर दिया. वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि कान्स में ऐश्वर्या राय को इग्नोर किया गया. पोस्ट में लिखा है-  कोई ऐश्वर्या राय की तस्वीरें क्यों नहीं खींच रहा है? (मैं उनके फैंस की तरह बेवकूफ नहीं हूं, मैं बस उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रही हूं.) इस पोस्ट पर ऐश्वर्या राय के फैंस उनके सपोर्ट में आगे आ रहे हैं. फैंस वायरल पोस्ट पर गुस्से में रिएक्शन दे रहे हैं. एक फैन ने ऐश्वर्या के सपोर्ट में लिखा- मुझे नहीं लगता कि दर्शक या कैमरे इतने अंधे हैं जो ऐश्वर्या राय को नजरअंदाज कर दें. जरा कैमरों के फ्लैश तो देखो. सोशल मीडिया पर पोस्ट पर बहस छिड़ रही हैं. वायरल पोस्ट पर एक्ट्रेस के फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है. फैंस का कहना है कि निगेटिव पीआर के जरिए ऐश्वर्या के खिलाफ ऐसे पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं. वैसे इस मामले में आपका क्या कहना है?

वास्तु टिप्स: अलमारी में रखी ये 4 खराब चीजें रोक सकती हैं धन का प्रवाह

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर की हर एक वस्तु में खास ऊर्जा होती है, जो हमारे जीवन और आर्थिक स्थिति पर असर डालती है.  खासकर हमारी अलमारी, जिसे हम धन और कीमती चीजें रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वहां सकारात्मक ऊर्जा का होना बेहद जरूरी है.  कई बार हम अनजाने में अपनी वॉर्डरोब में कुछ ऐसी पुरानी या खराब चीजें छोड़ देते हैं, जो नकारात्मकता बढ़ाती हैं और सीधे हमारे बैंक बैलेंस पर असर डालती हैं. अगर लाख कोशिशों के बाद भी आपके पास पैसा नहीं टिक रहा है, तो तुरंत अपनी अलमारी चेक करें.  वास्तु के अनुसार, वॉर्डरोब में रखी ये 4 पर्सनल चीजें आपका मनी फ्लो ब्लॉक कर सकती हैं: 1. फटा या टूटा हुआ पर्स (Wallet) वास्तु में पर्स को सीधे लक्ष्मी और बरकत से जोड़कर देखा जाता है. अगर आपकी अलमारी या लॉकर में कोई ऐसा पर्स रखा है जो फट गया है, जिसकी सिलाई उधड़ गई है या ज़िप खराब है, तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसा माना जाता है कि फटा हुआ वॉलेट पैसों की आवक को रोकता है और जमा पूंजी को भी खर्च करा देता है. 2. खराब या फटे हुए इनरवियर कपड़ों का संबंध ज्योतिष में सीधे शुक्र ग्रह से माना गया है, जो सुख-समृद्धि और वैभव के कारक हैं. अक्सर लोग पुराने या हल्के फटे हुए इनरवियर को अलमारी के कोने में पड़ा रहने देते हैं. वास्तु के अनुसार, शरीर के सबसे करीब रहने वाले इन कपड़ों का खराब होना पर्सनल एनर्जी को बिगाड़ता है. यह आपकी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ आपके रिश्तों पर भी बुरा असर डाल सकता है. 3. बंद या टूटी हुई हाथ की घड़ी कलाई घड़ी को वास्तु शास्त्र में हमारे समय, प्रगति और करियर के ग्राफ का प्रतीक माना जाता है. अगर अलमारी में कोई ऐसी घड़ी रखी है जो बंद है, जिसका शीशा चटक गया है या स्ट्रैप (बेल्ट) टूट चुकी है, तो यह जीवन में ठहराव लाती है.  खराब घड़ी को वॉर्डरोब में रखने से करियर में रुकावटें आती हैं, इससे धन लाभ के नए अवसर मिलना बंद हो जाते हैं. 4. टूटे और घिसे हुए जूते-चप्पल कई लोग महंगे लेकिन टूट चुके या घिस चुके फुटवियर को अलमारी के निचले हिस्से या शू-रैक वॉर्डरोब में सहेज कर रख देते हैं.  वास्तु के अनुसार, जूते-चप्पल हमारी जिंदगी की दिशा और रफ्तार तय करते हैं. टूटे-फूटे फुटवियर घर में दरिद्रता और आर्थिक तंगी को बढ़ाते हैं.  तरक्की के रास्ते खोलने के लिए इन्हें तुरंत बाहर करना ही बेहतर है.

कच्चे तेल की कीमतों का असर, यूपी में पेट्रोल 99 रुपये के पार

लखनऊ पश्चिम एशिया संकट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल, डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। मंगलवार के बाद अब एक बार फिर आज पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दामों में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। एक सप्ताह में कीमतों में लगातार दूसरी वृद्धि के बाद राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.70 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 87 पैसे और 91 पैसे प्रति लीटर का ही इजाफा किया गया था। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि तेल कंपनियों को रोज 750 करोड़ रुपये नुकसान हो रहा है। यूपी के शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट एचपीसीएल (HPCL) की साइट पर दिख रहे दामों के मुताबिक, लखनऊ में शनिवार को पेट्रोल 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर है। वाराणसी में पेट्रोल 99.62 और डीजल 93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो आगरा में पेट्रोल 99.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.40 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, मेरठ में पेट्रोल 99.15 रुपये और डीजल 92.53 रुपये प्रति लीटर है। कानपुर में सोमवार को पेट्रोल 99.33 रुपये और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, गोरखपुर में पेट्रोल प्रति लीटर 99.49 रुपये और डीजल प्रति लीटर 92.86 रुपये है। इनके अलावा बरेली में पेट्रोल 98.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है। प्रयागराज में पेट्रोल 99.22 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.62 रुपये प्रति लीटर है। दोपहिया वाहन चालकों पर सालाना बोझ तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने एक सप्ताह में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। शनिवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसका आम आदमी की जेब पर तगड़ा असर पड़ेगा। हाल ही में आज से पहले भी दो बार बढ़ी दरों को जोड़ें तो कुल पांच रुपये के करीब कीमत बढ़ गई है। ऐसे में सालाना अतिरिक्त खर्च का बोझ दो पहिया सवार पर बढ़ेगा। ऑटो एक्सपर्ट बता रहे हैं औसत रूप से एक बाइक या स्कूटर में एक माह के दौरान 30 लीटर पेट्रोल की खपत रहती है। इसी तरह चार पहिया वाहनों में एक माह में 80 से 100 लीटर तक की खपत होती है। चार पहिया वाहन चालकों की जेब पर तीन बार हुई बढ़ोतरी से सालाना बोझ बढ़ जाएगा।

नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक चलेगा भीषण गर्मी का दौर, शास्त्रों में बताए गए दान के उपाय

इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी और समापन 2 जून को होगा. नौतपा के इन 9 दिनों में सूर्य देव अपने प्रचंड रूप में होते हैं, जिससे पृथ्वी पर अत्यधिक गर्मी बढ़ जाती है. शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भीषण गर्मी से जूझ रहे इंसानों और बेजुबान पशु-पक्षियों को शीतलता प्रदान करने वाली चीजों का दान करना महा-पुण्य फलदायी माना गया है. इससे कुंडली में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है. नौतपा के दौरान आपको मुख्य रूप से इन चीजों का दान जरूर करना चाहिए. 1. जल और शीतल पेय पानी का घड़ा या सुराही- किसी मंदिर, प्याऊ या जरूरतमंद को मिट्टी का नया घड़ा (मटका) या सुराही पानी भरकर दान करें. रास्ते में प्याऊ लगवाना- राहगीरों के लिए मीठे शरबत, शिकंजी या सादे पानी की व्यवस्था करना इस मौसम का सबसे बड़ा पुण्य है. 2. अनाज और खाने-पीने की चीजें सत्तू- जौ या चने का सत्तू पेट को ठंडक देता है. नौतपा में सत्तू का दान बेहद शुभ माना जाता है. मौसमी फल- गर्मी से राहत देने वाले फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और आम का दान करें. दही या छाछ- राहगीरों या ब्राह्मणों को ठंडी छाछ (मट्ठा) या दही का दान करने से कुंडली में चंद्र दोष दूर होता है. 3. गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं पंखे का दान- हाथ से झलने वाला बांस का पंखा (बिजना) या क्षमता अनुसार बिजली का पंखा किसी जरूरतमंद या धार्मिक स्थल पर दान करें. छाता – तेज धूप से बचने के लिए राहगीरों, बुजुर्गों या श्रमिकों को छाते का दान करना बहुत लाभकारी माना जाता है. चप्पल या जूते- इस जलती हुई धूप में किसी जरूरतमंद को चप्पल, जूते या मोज़े दान करने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और पैर की सुरक्षा होती है. 4. बेजुबान जीवों के लिए दान (जीव सेवा) पक्षियों के लिए सकोरे- अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में मिट्टी के बर्तनों (सकोरों) में पानी और दाना रखें. पशुओं के लिए नाद- लावारिस गायों और अन्य जानवरों के लिए सड़कों के किनारे पानी पीने की नाद (हौदी) की व्यवस्था करें या उसमें पानी भरें.

तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, लेकिन कल से फिर बढ़ेगी राजस्थान में गर्मी

जयपुर राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.   कई हिस्सों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है. 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट! चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

वास्तु शास्त्र: फिटकरी के ये उपाय बदल सकते हैं घर की नकारात्मक ऊर्जा और किस्मत

 भारतीय घरों में फिटकरी (Alum) का इस्तेमाल सालों से पानी साफ करने या शेविंग के बाद एंटीसेप्टिक के रूप में होता आ रहा है.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी चीज आपकी किस्मत भी बदल सकती है? वास्तु शास्त्र में फिटकरी को नेगेटिव एनर्जी को सोखने वाला सबसे शक्तिशाली तत्व माना गया है. अगर आपके घर में लगातार क्लेश रहता है, आर्थिक तंगी है या तरक्की रुकी हुई है, तो घर की इन 5 खास जगहों पर फिटकरी रखना आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकता है. 1. घर का मुख्य द्वार (Main Gate): घर का मुख्य द्वार वह जगह है जहां से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा प्रवेश करती है. क्या करें: एक काले कपड़े में फिटकरी का एक बड़ा टुकड़ा बांधें और उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर अंदर या बाहर की तरफ लटका दें. फायदा: यह घर में किसी भी तरह की बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा या तंत्र-मंत्र के असर को प्रवेश नहीं करने देता. व्यापारिक प्रतिष्ठान या दुकान के शटर पर इसे लटकाने से ग्राहकों की संख्या बढ़ती है. 2. बाथरूम (Bathroom): वास्तु के अनुसार, घर में सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम और टॉयलेट से पैदा होती है, क्योंकि यहां राहु का प्रभाव माना जाता है. क्या करें: बाथरूम के किसी सुरक्षित कोने में एक कांच की कटोरी (Glass Bowl) रखे,  उसमें फिटकरी के कुछ टुकड़े डाल दें. फायदा: कांच और फिटकरी का यह कॉम्बिनेशन बाथरूम के वास्तु दोष को पूरी तरह सोख लेता है. ध्यान रखें कि हर महीने इस फिटकरी को बदल दें. 3. तिजोरी या लॉकर (Locker): अगर आप मेहनत तो बहुत करते हैं लेकिन पैसा टिकता नहीं है या हर समय कर्ज की स्थिति बनी रहती है, तो यह उपाय आपके लिए है. क्या करें: एक लाल रंग के रेशमी कपड़े में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा रखें, उस पर थोड़ा सा सिंदूर लगाएं, उसे बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें. फायदा: यह उपाय बेवजह के खर्चों पर लगाम लगा कर धन आगमन के नए रास्ते खोलता है. 4. बेडरूम में तकिए के नीचे (Under the Pillow): अगर आपको रात में डरावने सपने आते हैं, ठीक से नींद नहीं आती या आप हर समय किसी अनजाने डर/तनाव में रहते हैं, तो इसका कारण बेडरूम का डिस्टर्ब वास्तु हो सकता है. क्या करें: रात को सोते समय अपने तकिए के नीचे या बेड के सिरहाने की तरफ फिटकरी का एक टुकड़ा रख लें. फायदा: वास्तु के अनुसार, यह आपके आसपास की नकारात्मक तरंगों को शांत करता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है, बुरे सपने आने बंद होते हैं और अनिद्रा की समस्या दूर होती है. 5. ऑफिस डेस्क या वर्क प्लेस (Office Desk): कार्यक्षेत्र में यदि सहकर्मियों से अनबन रहती है, प्रमोशन रुका हुआ है या बिजनेस में लगातार घाटा हो रहा है, तो फिटकरी आपकी मदद कर सकती है. क्या करें: अपने ऑफिस की डेस्क या दुकान के काउंटर के एक कोने में (जो सीधे सबको दिखाई न दे) फिटकरी का एक साफ टुकड़ा रख दें. फायदा: यह आपके आसपास एक पॉजिटिव ओरा (Aura) बनाता है, जिससे आपके निर्णय लेने की क्षमता सुधरती है और वर्क प्लेस पर आपका मान-सम्मान बढ़ता है. वास्तु टिप घर में पोछा लगाते समय हफ्ते में कम से कम एक बार पानी में एक चुटकी पिसी हुई फिटकरी और थोड़ा सा सेंधा नमक जरूर मिलाएं.  इससे पूरे घर की एनर्जी तुरंत फ्रेश और पॉजिटिव हो जाती है.