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बिहार बना 5जी का नया हब, गांव-गांव पहुंचा हाई-स्पीड इंटरनेट

पटना देश में 5जी नेटवर्क सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। खास बात यह है कि जिस बिहार को अक्सर विकास की दौड़ में पीछे बताया जाता है, वह 5जी कवरेज के मामले में देश के टेक हब कर्नाटक और बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से भी आगे है। बिहार में अब 94.52% आबादी 5जी नेटवर्क की पहुंच में आ चुकी है। जबकि राष्ट्रीय औसत 86.18 प्रतिशत है। देश के आईटी हब कर्नाटक में यह कवरेज सिर्फ 79.92% है, जबकि यूपी में 85.25 % लोग 5जी से जुड़ पाए हैं। बेंगलुरु दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों के दफ्तर हैं। फिर भी वहां का ग्रामीण इलाका 5जी की रफ्तार से दूर है। बिहार में ग्रामीण इलाकों में 5जी सेवाओं पर हुआ काम बिहार में 5जी सेवाओं की बेहतर कवरेज की सबसे बड़ी वजह यह है कि टेलीकॉम कंपनियों ने बिहार में ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी, जबकि कर्नाटक में शहरी क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया गया। बिहार में कंपनियों और सरकार ने मिलकर गांव-गांव तक 5जी नेटवर्क पहुंचाने में कवायद की है। केन्द्र सरकार के भारत नेट परियोजना के तहत बिहार के लगभग 8,860 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है, जिस पर 812 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। योजना का मकसद हर गांव में तेज इंटरनेट पहुंचाना है। बिहार ने इसे सफलतापूर्वक अमल में लाया। इसका नतीजा है कि आज बिहार के दूरदराज के गांवों में बैठे लोग भी अब 5जी इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूरसंचार दिवस का क्या है इतिहास यह दिवस पहली बार 1969 में मनाया गया था, जो 1865 में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की स्थापना की वर्षगांठ के रूप में चुना गया। इसका उद्देश्य लोगों को दूरसंचार के महत्व, डिजिटल विभाजन को पाटने और नई तकनीकों के बारे में जागरूक करना है। यह दिन सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से दुनिया को जोड़ने और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का संदेश देता है। राष्ट्रीय राजमार्गों-ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या बिहार में भले ही 5जी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। लेकिन नेटवर्क कनेक्विटी अब भी कई जगहों पर ठीक नहीं है। राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1750 किलोमीटर क्षेत्र में 424 स्थान ऐसे हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क बिल्कुल उपलब्ध नहीं है। इन जगहों पर टावरों के बीच की दूरी इतनी अधिक है कि नेटवर्क पहुंच ही नहीं पाता। दूरसंचार के मानक के अनुसार शहरी टावरों के बीच की दूरी 500 से 800 मीटर के बीच होनी चाहिए। लेकिन कई जगहों पर यह 1.5 से 2 किलोमीटर से भी अधिक है। गांवों में 3 से 5 किलोमीटर, जो 7 से 8 किलोमीटर तक भी है। इससे नेटवर्क की समस्या अब भी कई जगहों पर है। बीएसएनएल से केवल 36.89% कॉल ही लग पाया ट्राई ने नेटवर्क की स्थिति जानने के लिए जनवरी में इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट कराया। यह टेस्ट समस्तीपुर जिले में किया गया। सबसे बड़ी चिंता बीएसएनएल को लेकर सामने आई। बीएसएनएल से केवल 36.89% कॉल ही लग पाया, जबकि 10.04% कॉल ड्राप हो गई। एयरटेल और जियो ने 99% से अधिक कॉल सफलता दी। डाउनलोड स्पीड में भी बड़ा अंतर सामने आया। जियो ने 158 एमबीपीएस, एयरटेल ने 101 एमबीपीएस, जबकि बीएसएनएल का केवल 12 एमबीपीएस स्पीड रहा। ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार सीवान, रोहतास, कैमूर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और सीमावर्ती इलाकों में टावरों के बीच अधिक दूरी है।

भोपाल में 18 मई को होगा ऊर्जा विकास निगम के व्हाट्सऐप चैटबॉट का शुभारंभ

पीएम सूर्य घर योजना का डिजिटली होगा प्रचार-प्रसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में एक साथ होगा प्रचार प्रसार अभियान का शुभारंभ भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ऊर्जा विकास निगम के व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का डिजिटली प्रचार-प्रसार करने के लिये एमपीयूवीएनएल एवं काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवॉयरनमेंट एंड वॉटर के सहयोग से 18 मई सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुबह 10 बजे व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो लॉन्च किया जाएगा। व्हाट्सऐप चैटबॉट और प्रचार वीडियो से नागरिकों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी सरल एवं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे योजना के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ेगी और नागरिकों को आवेदन एवं सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी। प्रमुख शहरों में आईईसी अभियान का होगा शुभारंभ मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा प्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं जबलपुर में एक लक्षित सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) एवं जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान उपभोक्ताओं के बीच विश्वास निर्माण, व्यवहारगत परिवर्तन को प्रोत्साहित करने एवं योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आमजन के बीच लोकप्रिय हो रही है योजना प्रदेश में योजना को लेकर लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक मध्यप्रदेश में 1 लाख 96 हजार 791 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 1 लाख 24 हजार 663 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों की कुल क्षमता 467.06 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा अब तक 879.69 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्रदान किया जा चुका है। चैटबॉट और आईईसी शुभारंभ कार्यक्रम में भारत सरकार के अधिकारी, जिला कलेक्टर, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों एवं नगर निगम के अधिकारी तथा योजना से जुड़े पंजीकृत वेंडर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।  

अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए तैयार हो रहा मध्यप्रदेश

विश्वस्तरीय हॉकी सुविधाओं एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित हो रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का हॉकी इंडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया अवलोकन आधुनिक खेल अधोसंरचना से मध्यप्रदेश में खेल विकास को मिल रही नई दिशा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही एमपी हॉकी अकादमी भोपाल   खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विकसित विश्वस्तरीय हॉकी अधोसंरचना एवं भोपाल स्थित बरखेड़ा नाथू में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माणाधीन सर्वसुविधायुक्त अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का हॉकी इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल द्वारा अवलोकन एवं निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण संचालक श्री अंशुमान यादव के साथ हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह, कोषाध्यक्ष सेकर जे. मनोहरन तथा महानिदेशक कमांडर आर.के. श्रीवास्तव उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने हॉकी अकादमी में उपलब्ध अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एस्ट्रोटर्फ सुविधाओं, आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान हॉकी इंडिया के पदाधिकारियों ने मध्यप्रदेश में विकसित की गई खेल सुविधाओं एवं अधोसंरचना की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को मिल रही विश्वस्तरीय सुविधाएं भारतीय हॉकी के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बरखेड़ा नाथू में निर्माणाधीन सर्वसुविधायुक्त अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रगति एवं वहां विकसित की जा रही आधुनिक खेल अधोसंरचना का भी अवलोकन किया। यह कॉम्प्लेक्स अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जहां भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की व्यापक संभावनाएं निर्मित होंगी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस प्रकार की अत्याधुनिक एवं समग्र खेल सुविधाएं खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगी। मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही है। अकादमी के खिलाड़ियों ने विगत वर्षों में भारतीय टीम में स्थान बनाकर विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। जूनियर एवं सीनियर स्तर पर खिलाड़ियों की निरंतर सफलता यह प्रमाणित करती है कि मध्यप्रदेश देश में हॉकी प्रतिभाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। प्रदेश में खेलों के विकास के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के नेतृत्व में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, अनुभवी प्रशिक्षकों एवं उत्कृष्ट खेल वातावरण के कारण मध्यप्रदेश हॉकी सहित विभिन्न खेलों में स्वर्णिम उपलब्धियों की नई इबारत लिख रहा है। बरखेड़ा नाथू में निर्माणाधीन सर्वसुविधायुक्त अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार होने के बाद मध्यप्रदेश में खेल विकास को एक नया आयाम प्राप्त होगा। इस अत्याधुनिक परिसर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, फिटनेस, रिकवरी एवं प्रतियोगिताओं से संबंधित सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साथ ही यह परिसर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।  

‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ : दूरी, संसाधनों और आर्थिक अभाव को दूर कर सुनिश्चित कर रही है जीवनरक्षक उपचार

गंभीर मरीजों के लिए बनी नई उम्मीद अब तक 140 मरीज हो चुके हैं लाभान्वित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर उपचार की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कई नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मई 2024 से प्रदेश में ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ प्रारंभ की गई, जो आज गंभीर रूप से बीमार, दुर्घटना प्रभावित एवं आपदा पीड़ित मरीजों के लिए जीवनरक्षक पहल के रूप में स्थापित हो रही है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यह महत्वाकांक्षी सेवा उन परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है, जब मरीज को "गोल्डन ऑवर" के भीतर उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान तक पहुंचाना आवश्यक होता है। सेवा के अंतर्गत एक हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस तथा एक फिक्स्ड-विंग कन्वर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस को प्रशिक्षित चिकित्सकीय और पैरामेडिकल टीम के साथ संचालित किया जा रहा है। यह व्यवस्था राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानकों और आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्य कर रही है। एयर एम्बुलेंस के माध्यम से कम समय में उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मरीजों की जान बचाने की संभावनाएं उल्लेखनीय रूप से बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि आर्थिक अभाव किसी भी मरीज के उपचार में बाधा नही बने। आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों को प्रदेश के भीतर एवं बाहर स्थित सभी शासकीय तथा आयुष्मान मान्यता प्राप्त अस्पतालों तक एयर एम्बुलेंस सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसका समस्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। वहीं गैर-आयुष्मान श्रेणी के मरीजों को भी प्रदेश के भीतर शासकीय अस्पतालों तक यह सेवा नि:शुल्क प्रदान की जा रही है। सड़क दुर्घटना, औद्योगिक हादसों एवं आपदा प्रभावित मरीजों के लिए भी राज्य के भीतर और बाहर किसी भी शासकीय अथवा निजी अस्पताल तक नि:शुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मई 2024 से प्रारंभ इस सेवा से 140 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। अनेक गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में यह सेवा महत्वपूर्ण साबित हुई है। दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को मिल रही त्वरित चिकित्सा सहायता हाल ही में बालाघाट जिले के कटंगी विकासखंड के ग्राम देवरी बुजुर्ग निवासी चार माह के मासूम अयांश-मसराम के मामले ने इस सेवा की संवेदनशीलता और उपयोगिता को रेखांकित किया। गंभीर हृदय रोग से पीड़ित अयांश की पहचान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष शिविर में की गई थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए महानगर में इलाज संभव नहीं था, लेकिन जिला प्रशासन की तत्परता और राज्य सरकार की संवेदनशील पहल के चलते बच्चे को पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से मुंबई स्थित नारायण हृदयालय भेजा गया, जहां उसका उपचार एवं आवश्यक सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नि:शुल्क की जा रही है। बच्चे के परिजनों की भावुक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि शासन की यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बन रही है। संवेदनशील और सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा न केवल आपातकालीन चिकित्सा परिवहन को नई दिशा दे रही है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि दूरी, संसाधनों की कमी या आर्थिक स्थिति किसी नागरिक के जीवनरक्षक उपचार में बाधा न बने। सिंगरौली निवासी 32 वर्षीय श्रीमती संध्या दुबे के मामले में भी पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा ने जीवनदायिनी भूमिका निभाई। गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं एवं सेप्टीसीमिया की स्थिति उत्पन्न होने पर जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा। ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक आधुनिक एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए संकल्पित है।  

सड़क, बिजली और स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार को मिलेगी नई रफ्तार, अदाणी समूह करेगा भारी निवेश

पटना एशिया के प्रमुख उद्योगपति गौतम अदाणी ने कहा कि बिहार की प्रगति के लिए अदाणी सूमह 50-60 हजार करोड़ निवेश करेगा। बिजली, सड़क, शिक्षा, स्कूल और विश्वविद्यालय के क्षेत्र में भी अदाणी समूह कार्य करेगा। सरकार को सहयोग कर बिहार की प्रगति को बढ़ावा देने के लिए जो भी संभव हो किया जाएगा। गौतम अदाणी ने कहा कि यह निवेश बिहार में सड़क, शिक्षा, ऊर्जा, मल्‍टी मोडल लॉजिस्‍ट‍िक हब के साथ स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में किया जाएगा। इससे बिहार विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर होगा। बिहार में संसाधन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सड़क एवं औद्योगीकरण की जरूरत है। हर घर में 24 घंटे क‍िफायती दर पर बिजली की जरूरत है। अब बिहार विकसित होगा। रविवार की सुबह करीब 11 बजे सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में अदाणी पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रस्तावित “अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल – अदाणी सेंटर फॉर आई डिजीज़ेस” और “अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल – अदाणी ट्रेनिंग सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक मेडिसिन” का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में भक्ति, सेवा और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का अनोखा संगम देखने को मिला।बिहार के सारण में बनने वाला यह अत्याधुनिक संस्थान नेत्र चिकित्सा, रिसर्च और मेडिकल प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां मरीजों को आधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे बिहार सहित पूर्वी भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। “यह तो बहुत अच्छा है…” प्रतिमा देख ठहर गए गौतम अदाणी अस्पताल परिसर में स्थापित पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की भव्य प्रतिमा ने गौतम अदाणी का विशेष ध्यान खींचा। प्रतिमा के सामने वे कुछ पल के लिए रुक गए और उसे गौर से निहारते रहे। आध्यात्मिक वातावरण से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “यह तो बहुत अच्छा है।” उनके इस आत्मीय भाव ने वहां मौजूद लोगों को उत्साहित कर दिया। इसके बाद उन्होंने गायत्री मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। शंख, नगाड़े और स्वागत गीत से गूंज उठा परिसर डॉ. प्रीति अदाणी के साथ पहुंचे गौतम अदाणी का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि शंखध्वनि और नगाड़ों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। अस्पताल के सीईओ और एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी मृत्युंजय तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और अस्पताल परिवार के सदस्य मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमि-पूजन भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाए गए गंगाजल और पवित्र मिट्टी को पूजन स्थल पर अर्पित किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ईंट रखकर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इसके बाद गौतम अदाणी ने शिलापट्ट का अनावरण किया। आयोजन के दौरान पूरा परिसर श्रद्धा और उत्साह से सराबोर दिखा। नेत्र स्वास्थ्य और ग्रामीण सेवा अभियान को मिलेगी नई दिशा कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं की भी आधारशिला रखी गई। अस्पताल की ओर से मरीजों की चिकित्सा और परिवहन सुविधा के लिए दस बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बताया गया कि ‘सेवा ही साधना है’ के उद्देश्य के साथ यह अभियान ग्रामीण इलाकों तक बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कई गणमान्य लोग रहे मौजूद समारोह में प्रणव अडाणी, एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रवि कांत, क्लिनिकल एवं रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजवर्धन आज़ाद और मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत कुमार पोद्दार, अखंड ज्योति आई अस्पताल के सीईओ मृत्युंजय तिवारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह परियोजना लाखों जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगी और बिहार को नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

लंबित मामलों के बोझ को कम करने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या

नई दिल्ली  देश की शीर्ष अदालत में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को केंद्रीय कैबिनेट के उस फैसले को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट अधिनियम, 1956 में संशोधन किया गया है। इसके तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। क्यों पड़ी जजों की संख्या बढ़ाने की जरूरत? सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य देश की सर्वोच्च अदालत को और अधिक मजबूत बनाना और आम जनता को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बढ़कर 92,000 से अधिक हो गई है। इस वृद्धि को औपचारिक रूप देने के लिए कैबिनेट ने संसद में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। क्या कहता है भारतीय संविधान? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत संसद को यह अधिकार दिया गया है कि वह कानून (कानूनी संशोधन) बनाकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या का निर्धारण कर सकती है। बढ़ते मुकदमों और काम के बोझ को देखते हुए पिछले कुछ दशकों में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या में कई बार बदलाव किए गए हैं। भारतीय सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या का इतिहास देश में बढ़ते मुकदमों और न्यायपालिका के विस्तार को दर्शाता है, जिसकी शुरुआत साल 1956 में मूल अधिनियम के तहत मुख्य न्यायाधीश के अलावा केवल 10 जजों की संख्या तय करने से हुई थी। इसके बाद, समय-समय पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए संसद ने इसमें बदलाव किए, जिसके तहत साल 1960 में जजों की संख्या बढ़ाकर 13, साल 1977 में 17 और साल 1986 में बढ़ाकर 25 कर दी गई। 21वीं सदी में मुकदमों के बढ़ते बोझ के कारण साल 2008 में इस स्वीकृत संख्या को 30 किया गया, जिसे आगे चलकर साल 2019 में आखिरी बार संशोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 कर दिया गया था। अब वर्तमान में, यानी साल 2026 में, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और शीर्ष अदालत को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जजों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद अब मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 37 और मुख्य न्यायाधीश सहित कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।  

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन, चंबल नदी में उतरी पुलिस-वन विभाग की टीम

  करौली राजस्थान में करौली जिले के नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में अवैध बजरी खनन को लेकर करौली पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में उतरकर बजरी माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा और हाई-वोल्टेज ऑपरेशन चलाया. करौली के एसपी लोकेश सोनवाल के कुशल निर्देशन में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चंबल नदी में पांच घंटे तक मोर्चा संभाला और अवैध खनन के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया. सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती अवैध बजरी खनन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने कहा कि यह लापरवाही पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा है. अदालत के सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राज्य के 40 संवेदनशील इलाकों में से सिर्फ एक जगह सीसीटीवी कैमरा लगा है और सुरक्षा के सारे दावे अधूरे हैं. इस सख्ती के बाद सरकार ने तुरंत धौलपुर, करौली, कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है. एसपी की अगुवाई में बड़ा एक्शन सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने खुद कमान संभाली. उनके नेतृत्व में पुलिस ने शनिवार को करणपुर क्षेत्र के गौटा घाट पर धावा बोल दिया. पुलिस को आता देख माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर मध्य प्रदेश की सीमा की तरफ भागने लगे. एसपी के कड़े निर्देशों के बाद थानाधिकारी देवेश कुमार जाटव अपने पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद जांबाज जवान वर्दी और हथियारों के साथ नदी के गहरे पानी में उतर गए और दूर तक माफियाओं का पीछा किया. एसपी सोनवाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन होगा और माफिया चाहे सीमा पार के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. घड़ियालों के आशियाने पर मंडराता खतरा यह पूरा अवैध कारोबार घड़ियाल प्रजनन केंद्र से महज 500 मीटर की दूरी पर चल रहा है. भारी मशीनों का शोर और अवैध खनन घड़ियालों के प्राकृतिक माहौल को नष्ट कर रहा है. राजस्थान से मध्य प्रदेश के श्योपुर तक फैले इस नेटवर्क में हर दिन करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध बजरी पार कराई जा रही हैं. फिलहाल पुलिस ने जेसीबी से रास्ते काटकर माफियाओं के रूट बंद कर दिए हैं और अब हर किसी की नजर 20 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है.

विजय थलापति पर AMMK और DMK का बड़ा आरोप, सीबीआई जांच की मांग

चेन्नई  तमिलनाडु में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद सत्ता में आए विजय थलापति और उनकी पार्टी के ऊपर गंभीर आरोप लग रहे हैं। तमिलनाडु की क्षेत्रीय पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) प्रमुख दिनाकरन ने विजय और उनकी पार्टी के ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की सत्ता हासिल करने के लिए तमिलगा वेट्री कझगम ने हॉर्स ट्रेडिंग की है। उन्होंने कहा कि अगर विजय ने एएमएमके से गए विधायक को मंत्री पद दिया, तो फिर वह इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। तिरुचिरापल्ली में मीडिया से बात करते हुए दिनाकरन ने विजय और उनकी पार्टी की पूरी राजनीति पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि टीवीके की पूरी राजनीति ही हॉर्स ट्रेडिंग पर आधारित है। उन्होंने सीएम विजय पर तंज कसते हुए कहा, "विजय कहते हैं कि वह घोड़े की रफ्तार से काम करेंगे, लेकिन उन्होंने घोड़ा ही मोलभाव करके खरीदा है।" दरअसल, यह पूरा मामला विजय और उनकी सरकार द्वारा पास किए गए फ्लोर टेस्ट के दौरान का है। AMMK ने तमिलनाडु विधानसभा में एक सीट हासिल की थी। लेकिन फ्लोर टेस्ट के पहले ही उसके एकमात्र विधायक एस. कामराज ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इसके बाद पार्टी ने अपने एकमात्र विधायक को निष्कासित कर दिया। विधायक के ऊपर कार्यवाही की मांग करते हुए पार्टी प्रमुख ने कहा कि था राजनीतिक दल में केवल पार्टी प्रमुख को ही चीफ व्हिप जारी करने का अधिकार होता है। AMMK के अलावा मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने भी विजय की पार्टी के ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। डीएमके नेता एसएस शिवशंक ने शनिवार को टीवीके पर एआई़डीएमके और एएमएमके के विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विजय की सरकार कुछ ही दिनों की मेहमान है। मीडिया से बात करते हुए डीएमके नेता ने कहा कि लगातार विरोध और राजनीतिक अहंकार ही टीवीके और विजय के पतन का कारण बनेगी।

IPL 2026 के बीच फिजूलखर्ची पर बहस, CTI ने की शेड्यूल बदलने की मांग

नई दिल्ली 31 मार्च से शुरू हुए इंडियन प्रीमियर लीग IPL) के 19वें सीजन में अब तक टीमों ने हवाई रास्ते से और सड़क मार्ग से करीब लाखों किलोमीटर तय कर लिए होंगे. जिस तरह से टीमों का शेड्यूल है और जिस तरह से अलग-अलग शहरों में उनके मैच रखे गए हैं, उस लिहाज से यह ट्रैवल जायज है. लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ये हवाई यात्राएं भारत सरकार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं. जहां हर एक सरकारी विभाग, राजनेता, अधिकारी, सामान्य नागरिक, प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर फिजूलखर्ची से बचने की कोशिश कर रहे हैं वहीं इस मुश्किल वक्त में सिर्फ IPL ही ऐसा आयोजन है जो फिलहाल किसी भी संकट से अछूता नजर आ रहा है, दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने रविवार (17 मई) को इस मुद्दे पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को एक पत्र लिखा है. बृजेश ने मांग की है कि हवाई यात्रा में कटौती करते हुए आईपीएल के बचे हुए मैचों के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाए और सीमित मैदानों पर बिना दर्शकों के IPL के बाकी मैच कराए जाएं. क्या बिन दर्शकों के होंगे मुकाबले? इससे लाखों लीटर ईंधन, पेट्रोल डीजल बचेगा और देश पर बोझ कम पड़ेगा. कोरोना काल में भी आयोजकों ने सीमित मैदानों पर IPL का सफल आयोजन कराया था. इसके अलावा आईपीएल के बाकी मैच बिना दर्शकों के भी हो सकते हैं क्योंकि एक मैच में औसतन पचास हजार दर्शक आते हैं, जिससे कि हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल खर्च होता है. CTI के मुताबिक आईपीएल टीमों के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले चार्टर्ड विमान जैसे बोइंग 737 या एयरबस A 320 औसतन लगभग 2400 से 3000 लीटर प्रति घंटा ईंधन खर्च करते हैं. इस हिसाब से यदि फ्लाइट लगभग 2 घंटे उड़ती है तो अनुमानित खपत करीब 5000 से 6000 लीटर एवियशन फ्यूल ATF होती है. अगर विमान थोड़ा बड़ा हो या लंबी दूरी के लिए ज्यादा वजन लेकर उड़ रहा हो तो यह आंकड़ा 7000 से 8000 लीटर तक भी जा सकता है. अब ईंधन के इस खर्च को टीमों के करीब 10 हवाई यात्रा से गुना कर दिया जाए तो कह सकते हैं कि हर टीम करीब 50000 से 70000 लीटर एवियशन फ्यूल खर्च कर रही हैय

व्यापारिक जहाजों पर हमले अस्वीकार्य: संयुक्त राष्ट्र में भारत का बयान

 नई दिल्ली भारत ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि नागरिक जहाजों और उनके चालक दल को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पर्वतनेनी हरीश ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (यूएनईसीओएसओसी) की विशेष बैठक में यह बात कही। बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कारोबारी जहाजों पर हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर हमला हुआ था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर रविवार को एक्स पर किए गए पोस्ट में पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुए ऊर्जा और उर्वरक संकट से निपटने के लिए भारत का दृष्टिकोण साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदमों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन होना चाहिए। ओमान तट के पास हुआ था हमला 13 मई को सोमालिया से जा रहे भारतीय झंडे वाले एक कारोबारी जहाज पर ओमान के पास हमला हुआ था। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। ओमान प्रशासन ने जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, हमला किसने किया, इसकी तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस हमले की निंदा करते हुए कहा था कि कारोबारी जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम दो अन्य भारतीय जहाजों पर भी हमले हो चुके हैं।