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भोजशाला पर फैसला: वाग्देवी प्रतिमा लौटाने को ब्रिटिश म्यूजियम पहले ही हुआ था तैयार-सावित्री ठाकुर

 धार  ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट के निर्णय के बाद धार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने दावा किया है कि ब्रिटिश संग्रहालय वर्ष 2017-18 में ही प्रतिमा लौटाने पर सहमत हो गया था, लेकिन एक शर्त के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। सावित्री ठाकुर ने बताया कि वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के लिए तत्कालीन राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र सरकार की ओर से ब्रिटिश म्यूजियम प्रबंधन से चर्चा कर रहे थे। वर्ष 2014 से 2017 के बीच सुब्रमण्यम स्वामी ने चार बार भोजशाला का दौरा भी किया था। सावित्री ठाकुर का कहना है कि वर्ष 2017-18 में ब्रिटिश म्यूजियम ने शर्त रखी थी कि वाग्देवी की प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए, जहां पर वह पहले स्थापित थी। उस समय मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण यह शर्त पूरी नहीं हो सकी। हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रतिमा को भोजशाला में पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह स्वयं इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगी। बहुचर्चित भोजशाला परिसर में अलग ही भावनात्मक, धार्मिक और ऐतिहासिक वातावरण है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानते हुए शुक्रवार को दिए महत्वपूर्ण फैसले के बाद श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना जारी है। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क (एक रुपया प्रति व्यक्ति) देकर परिसर में प्रवेश कर मां वाग्देवी की प्रतिमा के स्थान पर पहुंचकर श्रद्धा, आस्था और भावुकता के साथ नमन कर रहे हैं। लगता है जैसे जीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो मंदिर पक्ष में आए फैसले के बाद भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़े बुजुर्ग कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज के वरिष्ठ लोगों की आंखों में संतोष, भावुकता और वर्षों के संघर्ष के बाद विजय की खुशी एक साथ दिखाई दी। 90 वर्षीय हिंदू नेता विमल गोधा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के कई दशक भोजशाला मुक्ति आंदोलन को समर्पित किए हैं। उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब भोजशाला की बात उठाना ही संघर्ष माना जाता था। अब लगता है जैसेजीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो। आंदोलन से जुड़े रहे 75 वर्षीय सुरेशचंद्र भंडारी ने कहा कि यह आंदोलन सांस्कृतिक अस्मिता और इतिहास को बचाने की लड़ाई भी था। शुरुआती दौर में बहुत कम लोग खुलकर आंदोलन के साथ खड़े होते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह जन आस्था का आंदोलन बन गया। अब ऐसा लग रहा है जैसे संघर्ष की हर पीड़ा सार्थक हो गई।  

बिलासपुर पुलिस की बढ़ेगी ताकत, नई ‘डायल 112’ गाड़ियों से तेज होगा रियल टाइम रिस्पांस

बिलासपुर आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे     सरकंडा     सिविल लाइन     तोरवा     कोतवाली     सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।  

ग्वालियर में जनभागीदारी जनगणना अभियान की बैठक, महिला विंग के 31 सदस्य नियुक्त

आज जनभागीदारी जनगणना कार्य की मीटिंग डॉ अजित जैन के ग्वालियर निवास पर हुई जिसमें जनगणना कार्य में जनजागृति अभियान से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय संयोजक डॉ अजित  जैन ने इस कार्य के लिए महिला इकाई के 31 सदस्यों का गठन करते हुए भारत के संपूर्ण नगरों में कार्य हेतु महिला विंग को यह जिम्मेदारी सौंपी । महिला विंग के सभी पदाधिकारीगण और सदस्यों ने शपथ ली कि वे 15 दिवस में ही सभी नगरों में अपनी अपनी टीम गठित करके अति शीघ्र ही यह कार्य प्रारंभ कर देंगी।

Rajasthan : भीषण गर्मी की वापसी, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

 जयपुर मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश भागों में शनिवार से तापमान में बढ़ोतरी से तेज गर्मी का दौर एक बार फिर शुरू होगा. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में तापमान एक बार फिर बढ़ेगा. पश्चिमी राजस्थान में तीव्र गर्मी का दौर शुरू होगा.  राज्य के दक्षिण पूर्वी भागों में भी आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस रहने व 16 मई से एक बार फिर तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. आंधी-बारिश का अलर्ट बढ़ती गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. 17 मई को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ आंधी आ सकती है. विभाग के अनुसार, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, हल्की बूंदा बांदी भी हो सकती है. पिछले 24 घंटे शुष्क रहा मौसम राज्य में शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा. इस दौरान कई जगह उष्ण रात्रि और उष्ण लहर दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस फलोदी में रहा.राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में 18 से 22 मई के दौरान तेज सतही हवाएं 20-30 kmph चलने की संभावना है. नागौर में बारिश का अलर्ट मौसम व‍िभाग ने बार‍िश का अलर्ट जारी क‍िया है. नागौर ज‍िले में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ बार‍िश की संभावना है. मौसम व‍िभाग ने येलो अलर्ट जारी क‍िया है. अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलेंगी. 

मप्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी केस,सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद भी भुगतान लंबित, उठे सवाल

शासकीय अधिकारियों की हठधर्मिता माननीय उच्चतम न्यायालय का भी आदेश नहीं मान रहे अधिकारी। मप्र सरकार में ऐसे अधिकारियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है जो माननीय न्यायालयों के आदेशों के प्रति टाल-मटोल का रवैया अपना रहे हैं। और ऐसी फायलो पर बजाय आदेश क्रियान्वयन के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय घुमाया जाता है। इस तरह के अनेकों प्रकरण इस दफ्तर से उस दफ्तर में घूमते मिल जाएंगे । ऐसा ही एक प्रकरण 2016 में भोपाल से सेवानिवृत्त हुई श्रीमती लाजवर का है। सेवानिवृत्त होंने के पश्चात उनसे अधिक भुगतान वसूली की गई। न्याय दृष्टांतों के विपरीत होंने से माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की प्रिंसीपल बैंच ने वसूली आदेश निरस्त कर वसूली गई राशि 8 प्रतिशत व्याज सहित याचिकाकर्ता को भुगतान करने के आदेश पारित किए। किन्तु प्रशासन द्वारा आदेश का पालन न कर माननीय उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल की गई। यह अपील माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक 12-2-2026 को निरस्त करते हुए प्रिंसीपल बैंच जबलपुर का आदेश पालन करने का आदेश दिया गया। किंतु तीन माह व्यतीत होने के बाद भी आवेदिका को भुगतान नहीं किया गया है। शासन को इस मुद्दे पर गहराई से विचार करना चाहिए कि माननीय न्यायालय द्वारा निर्णीत प्रकरणों में इस प्रकार की लापरवाही और उदासीनता के पीछे की मंशा क्या हो सकती है? यह गंभीर प्रश्न है। SLP(c)no. 030907/2025

Bihar Transfer List: पुलिस और राजस्व विभाग में बड़ी सर्जरी, कई जिलों में नई तैनाती

पटना राज्य सरकार ने शनिवार की देर रात बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में ईओयू, मद्य निषेध, साइबर सहित कई इकाईयों में नये डीएसपी की तैनाती हुई है। अधिसूचना के मुताबिक मो अली अंसारी को एआईजी ट्रैफिक बिहार, आशीष कुमार सिंह को पटना का ट्रैफिक डीएसपी, अशफाक अंसारी को डीएसपी मद्य निषेध, मनोज राम को एएसपी सीआईडी, वंदना को एएसपी मद्य निषेध, रेशु कृष्णा को डीएसपी सीआईडी, महेश चौधरी को डीएसपी ईओयू, धीरज कुमार को एसडीपीओ इमामगंज गया, नीलाभ कृष्ण को सीनियर डीएसपी ईओयू, कमलेश कुमार को सीनियर डीएसपी सीआईडी कमजोर वर्ग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कुमार को ईओयू का सीनियर डीएसपी, देंवेंद्र प्रसाद व अनुराग कुमार को ईओयू का डीएसपी, दयानंद कुमार को ट्रैफिक डीएसपी कैमूर, मो आसिफ आलम को कटिहार का साइबर क्राइम डीएसपी बनाया गया है। राजस्व : 34 अधिकारियों का तबादला इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसमें से 18 को अनुमंडल स्तर पर जबकि 16 को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की जिम्मेवारी दीगई है। अनुमंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों का पदनाम अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी दिया गया है। राजस्व विभाग के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें डीसीएलआर की शक्ति प्रदान करेगा।विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अमरनाथ चौधरी को अररिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं अमरेन्द्र कुमार को अरवल, शुभेन्द्र कुमार झा को औरंगाबाद, पंकज कुमार को बांका, चंद्रशेखर तिवारी को भोजपुर, राजेश रंजन को कैमूर, राजेश कुमार को खगड़िया, अक्षयवट तिवारी को किशनगंज, प्रकाश कुमार सिन्हा को लखीसराय, अशोक कुमार शर्मा को सहरसा, राजेश कुमार सिंह को शिवहर, संजय कुमार सिंह को सीवान, शरत कुमार मंडल को नवादा, सुबोध कुमार को मधुबनी और मो गुलाम शाहिद को सारण का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं भास्कर को बेगूसराय के मंझौल का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। जबकि ललित कुमार सिंह को बखरी, राकेश रंजन को पकड़ीदयाल, अजीत कुमार को फारबिसगंज, संतोष कुमार सुमन को नीमचक बथानी, रंजीत कुमार को मनिहारी, विकास कुमार सिंह को बारसोई, विक्रम भाष्कर को तारापुर, प्रवीण कुमार पांडेय को जयनगर, कौशर ईमाम को रजौली, सुजीत सुमन को बनमनखी, निलेश कुमार चौरसिया को डिहरी-ऑन-सोन, विनय कुमार को शिवहर, रवि शंकर सिन्हा को बेलसंड, मृत्युंजय कुमार को वीरपुर, सुधांशु शेखर को महनार, राजीव कुमार को बलिया और हलेन्द्र कुमार सिंह को हवेली खड़गपुर का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। विभाग ने स्थानांतरित अधिकारियों को अविलंब नए पदों पर योगदान करने को कहा गया है।

खेत तक ले गए आवारा कुत्ते, 6 साल के बच्चे की सिर की चमड़ी नोची

खंडवा  जिले के छैगांव माखन ब्लाक अंतर्गत ग्राम सुरगांव जोशी में आवारा श्वानों के हमले से छह वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे खंडवा से इंदौर रेफर करना पड़ा, जहां उसकी प्लास्टिक सर्जरी तक करनी पड़ी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। जानकारी के अनुसार अवि पुत्र अनिल पटेल, निवासी ग्राम चिचगोहन भेरू खेड़ा, अपनी बुआ के घर सुरगांव जोशी आया हुआ था। 14 मई को दोपहर करीब एक बजे वह घर के बाहर शौच के लिए गया था। इसी दौरान वहां घूम रहे 6 से 7 आवारा श्वानों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को करीब 50 मीटर दूर खेत तक घसीटकर ले गए और बुरी तरह नोच डाला।

सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार बनेगा फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय हब

पटना बिहार में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में स्थापित किया गया था। जबकि, दूसरा संस्थान तमिलनाडू के तंजावुर में है। केन्द्र ने बिहार में तीसरे संस्थान की मंजूरी दी है। शनिवार को उन्होंने एक्स पर पोस्टकर लिखा कि वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे निफ्टेम की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह 100 एकड़ में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाई देगा और हमारे किसानों, युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है, नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद यहां संस्थान स्थापित करने का रास्ता प्रशस्त हो गया। क्या है निफ्टेम निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित उच्च शिक्षा संस्थान है। यह चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करता है। यह खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। बीटेक में जेईई मेन्स से होता है। एमटेक में प्रवेश इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित है। बालगृह के बच्चे उद्यमी भी बनेंगे इधर बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चे भी अब होटल मैनेजर और उद्यमी बनेंगे। राज्य सरकार ने बालगृह के बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने कीकार्ययोजना तैयार की है। मिशन वात्सल्य के तहत घर और परिवार से बिछड़ चुके बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

NEET Paper Leak: बिवाल परिवार कनेक्शन से IMS-BHU तक जांच का दायरा बढ़ा

बनारस नीट पेपर लीक प्रकरण में आईएमएस बीएचयू के दो और छात्रों पर शक की सुई घूम रही है। ये दोनों छात्र सीकर के उसी कोचिंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, जहां कथित तौर पर बिवाल परिवार के बच्चों ने भी तैयारी की थी। इन्होंने सत्र 2025-26 में आईएमएस बीएचयू में प्रवेश लिया है। इनमें एक छात्र एमबीबीएस, जबकि छात्रा बीएएमएस कर रही है। केंद्र सरकार ने आईएमएस बीएचयू समेत मेडिकल कॉलेजों से संदिग्ध छात्रों की जानकारी भी मांगी है। सूत्रों के अनुसार बिवाल परिवार के छात्र जिस कोचिंग सेंटर में पढ़ते थे, उसने अपने प्रचार में यह दावा किया था कि छात्र का चयन नहीं हुआ तो फीस वापस होगी। इसी कोचिंग सेंटर से जुड़ी दो छात्राओं और एक छात्र का दाखिला पिछले साल आईएमएस बीएचयू में हुआ है। सीबीआई की कार्रवाई से आईएमएस-बीएचयू सतर्क नीट पेपर लीक प्रकरण में सीबीआई की संभावित कार्रवाई को देखते हुए आईएमएस-बीएचयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बताया जा रहा है कि संस्थान ने संदिग्ध छात्रों की प्रवेश संबंधी फाइलें और दस्तावेज अलग से निकाल लिए हैं, ताकि जांच एजेंसियों के मांगने पर उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि विवि की ओर से अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियां अब केवल कथित पेपर लीक तक सीमित न रहकर उन शैक्षणिक नेटवर्कों की भी जांच कर रही हैं। क्या है पूरा मामला सीबीआई ने जयपुर के बिवाल परिवार के दो भाइयों और भतीजे को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इनके परिवार के पांच बच्चों का दाखिला पिछले साल अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुआ है। इसमें एक आरोपी दिनेश की बेटी का दाखिला आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में हुआ था। अभी ये छात्रा यहां पर पढ़ाई कर रही है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग निकले सरगना सीबीआई की जांच में सामने आया है कि केमिस्ट्री-बायोलॉजी पर्चा लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे। सीबीआई ने देशभर के छह और स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। अब तक मामले में कुल नौ गिरफ्तारी हुई है। एनटीए में चार नए अफसरों की नियुक्ति एनटीए में शनिवार को दो संयुक्त सचिवों व दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की गई। आईएसएस 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और आईआरएस 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज संयुक्त सचिवों होंगी।

Bihar Weather कई जिलों में येलो अलर्ट जारी, तेज हवा और बारिश की चेतावनी

 पटना बिहार के अलग-अलग जिलों में बदले मौसम ने सभी को चकित कर रखा है। मई के महीने में राज्य के कुछ जिलों में तीखी धूप और गर्मी का एहसास हो रहा है तो कई जिलो में बारिश और तेज हवाओं का भी दौर देखने को मिल रहा है। रविवार को बिहार के उत्तर मध्य भाग के जिलों सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा,मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर के अलावा उत्तर पूर्व के जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के कुछ हिस्सों में वज्रपात और मेघगर्जन का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा इन जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे से हवा चलने का भी पूर्वानुमान है। यह येलो अलर्ट बिहार के दक्षिण-पश्चिम भाग के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल जिलों के कुछ भागों के लिए भी जारी किया गया है। बिहार में उमस भरी गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण पश्चिम बिहार और दक्षिण मध्य बिहार में इसका विशेष असर दिखेगा। राज्य के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में अधिकतम तापमान 40 के ऊपर बना रहेगा। हालांकि राज्य के उत्तर पूर्व भाग में तीन चार दिन गरज-तड़क के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर बिहार में दक्षिण बिहार की अपेक्षा तापमान दो से तीन डिग्री तक कम रहेगा। शनिवार को दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पटना का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री दर्ज हुआ। मौसमविदों के मुताबिक 22 मई के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में मुजफ्फरपुर तथा आसापस के जिलों में तेज धूप और तपिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 दिनों बाद बढ़कर सामान्य से उपर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में इसके 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने का पूर्वानुमान जताया है। फिलहाल शनिवार को दिन का तापमान 36 डिग्री के पार चला गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब एक डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि अगले पांच-छह दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। 22 मई तक दिन का औसतन चार से पांच डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है। रात का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक सुधरने की संभावना है। भागलपुर जिले में भी सुहाने मौसम के दिन बीत चुके हैं। बीती रात उमस इस कदर रही कि लोग उबलते रहे। वहीं दिन में पसीने छूट रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 36.1 व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार से 19 मई तक आसमान साफ रहेगा। इस दौरान गर्मी व उमस से लोगों का बुरा हाल होगा। हालांकि दिन एवं रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। पूर्णिया में तेज हवा और वज्रपात का यलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई, 18 मई एवं 20 मई को पूर्णिया जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 मई एवं 21 मई को मौसम साफ होने की संभावना बनी हुई है। येलो अलर्ट में तेज हवा बहने,मेघा गर्जन एवं वज्रपात होने की संभावना बनी रहती है। शनिवार को न्यूनतम तापमान एवं अधिकतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा हुआ। शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।