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सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान बाधित, बिहार में तकनीकी बदलाव से अटकी राशि

पटना बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों की मासिक पेंशन का भुगतान बाधित हो गया है। राज्य के 1.19 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों को अप्रैल का मई में अबतक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है।यह बाधा केंद्र सरकार की ओर से नये वित्तीय वर्ष से लागू एसएनए-स्पर्श सॉफ्टवेयर के माध्यम से राशि की प्राप्ति और भुगतान के आदेश से हुई है। इसके पहले एसएनए सॉफ्टवेयर का प्रयोग केंद्र से राशि प्राप्त करने और उसके माध्यम से ही भुगतान के लिए किया जाता था, लेकिन नए आदेश में सभी सरकारी विभागों की सरकार योजनाओं को नये सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि किए जाने का आदेश है। नये सॉफ्टवेयर के माध्यम से भारत सरकार, राज्य सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक एक दूसरे के साथ वित्तीय मामलों के लिए जुड़ गए हैं। वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा प्रविष्टि नहीं दरअसल, वित्त विभाग और एनआईसी के बीच पेंशन योजना का डाटा इंट्रीग्रेशन (आंकड़ा की प्रविष्टि) अबतक पूरा नहीं हो पाया है। एनआईसी द्वारा पेंशन योजना के तहत सभी लाभुकों के नाम को एसएनए-स्पर्श के साथ आंकड़ों की प्रविष्टि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे पूरा होने में अभी पांच दिन से अधिक समय लगने की संभावना है। पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण के लिए पंचायत स्तर पर कैंप शुरू समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के माध्यम से सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों के जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर शुरू हुई है। राज्य में अबतक 95.26 लाख पेंशनधारकों के जीवन का प्रमाणीकरण हुआ है। इस शिविर में पंचायतवार लाभुकों की सूची उपलब्ध है। शिविर में प्रखंड स्तर के पदाधिकारी एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के कर्मी मौजूद है। इसके पूर्व 22 दिसंबर 2025 से सभी सीएससी पर नि:शुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने की प्रक्रिया हो रही थी। बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल इधर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार से बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ का धरना गर्दनीबाग में शुरू हो गया। धरना में राज्य के विभिन्न जिलों से आए पंचायत सचिवों ने भाग लिया। संघ के अध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार ने कहा कि विभागीय मंत्री से सकारात्मक बातचीत हुई लेकिन इसी बीच मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा व वैशाली के पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया। विभाग की इस कार्यशैली को संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। 16 से 20 मई तक धरना होगा। इसके बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो बाध्य होकर चरणबंद्ध आंदोलन किया जाएगा। पंचायत सचिव गृह जिले में पोस्टिंग, ग्रेड पे बढ़ाने, यात्रा भत्ता देने, प्रमोशन की उम्र सीमा 56 साल को खत्म करने समेत कुछ अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।

Bihar Transport Initiative: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ

पटना सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जा रही है। पटना के विभिन्न मार्गों से उनके लिए नया-पुराना सचिवालय तक सीधी इलेक्ट्रिक बस सेवा मिलेगी।परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि इस पहल से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, सुलभ और समयबद्ध आवागमन सुविधा मिलेगी। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा। दरअसल, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा सचिवालय कर्मियों के लिए बस सेवा शुरू की जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा वर्तमान में पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का सफल परिचालन किया जा रहा है। पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मी प्रतिदिन निजी कार एवं बाइक से सचिवालय आते-जाते हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव बढ़ने के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल की खपत भी अधिक होती है। विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मियों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा। इससे निजी वाहनों के उपयोग में कमी आएगी। प्रतिदिन बड़ी मात्रा में तेल की बचत हो सकेगी। मल्टी मॉडल हब से सचिवालय मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से शुरू होकर आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना उच्च न्यायालय, बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक संचालित होगी। सुबह बसें 8.30 बजे से प्रारंभ होंगी तथा शाम में सचिवालय से वापसी सेवा उपलब्ध रहेगी। यह विशेष सेवा धनुकी मोड़ से शुरू होकर कुम्हरार, भूतनाथ रोड़, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, करबिगहिया स्टेशन एवं आर ब्लॉक होते हुए विकास भवन तक संचालित होगी। गांधी मैदान से विशेष इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा संचालित होगी। यह सेवा डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, नियोजन भवन, विद्युत भवन, हाईकोर्ट एवं बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय क्षेत्र तक जाएगी। कार्यालय जाने और लाैटने के समय मिलेगी सुविधा यह विशेष इलेक्ट्रिक एवं पिंक बस सेवा विभिन्न क्षेत्रों से संचालित होगी। बसें सीधे नया सचिवालय एवं पुराना सचिवालय तक जाएंगी। सुबह कार्यालय अवधि में विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय के लिए बसें उपलब्ध रहेंगी तथा शाम में सचिवालय से संबंधित क्षेत्रों के लिए वापसी सेवा संचालित होगी। महिला कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे छुट्टी के समय भी विशेष बस सेवा उपलब्ध रहेगी। कुर्जी से सचिवालय तक पिंक बस कुर्जी से पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा पीएंडएम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा एवं हडताली मोड़ होते हुए सचिवालय तक जाएगी। दानापुर स्टेशन से सचिवालय वाया सगुना मोड़ दानापुर स्टेशन से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह सेवा सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए सचिवालय तक पहुंचेगी। इस मार्ग पर सुबह 8.15 बजे से बस सेवा प्रारंभ होगी।

लखनऊ में युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप, पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप

लखनऊ यूपी के लखनऊ में चिनहट इलाके में शादीशुदा मुस्लिम युवक आमिर ने अपना नाम राजू बताकर हिन्दू युवती को प्रेमजाल में फंसाया। उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। अश्लील वीडियो बना लिया। आरोपी के धर्म का पता चलने पर पीड़िता ने दूरी बना ली। इस पर आरोपी ने वीडियो वायरल करने धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धर्म बदलकर शादी करने का दबाव बनाया। जब युवती नहीं मानी तो वीडियो डिलीट करने के एवज में घर बुलाकर 25 हजार रुपए वसूले । चिनहट निवासी युवती (20) के मुताबिक कुछ समय पहले उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। उसने खुद का नाम राजू बताया था। युवती के मुताबिक राजू हाथ में कलावा पहनता, तिलक भी लगाता था। राजू ने युवती को प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसी बीच अश्लील वीडियो भी चोरी छिपे बना लिए। कुछ दिन बाद पीड़िता को पता चला कि राजू मुस्लिम है। उसका नाम राजू नहीं, बल्कि आमिर है। इस पर पीड़िता ने उससे दूरी बना ली। दूरी बनाने पर आरोपी आमिर ने युवती के चुपके से बनाए अश्लील वीडियो वॉयरल करने की धमकी दी। ब्लैकमेल करते हुए युवती पर फिर से यौन शोषण का दबाव बनाया। यही नहीं पीड़िता से धर्म परिवर्तन कर निकाह करने की बात कही। पीड़िता ने उसे साफतौर पर मना कर दिया। वीडियो डिलीट करने के लिए घर बुलाकर पीटा आरोपी आमिर ने पीड़िता को अश्लील वीडियो, फोटो डिलीट करने की बात कह 10 मई को अपने घर बुलाया। वीडियो डिलीट करने के एवज में 25 हजार रुपए भी वसूल लिए। रुपए देने के बाद पीड़िता ने जब वीडियो डिलीट करने की बात कही तो आमिर ने उसे घर में पीटा। शोर होने पर आरोपी के माता, पिता, भाई और बहन भी आ गए। आरोप है कि उन लोगों ने भी आमिर के साथ मिलकर उसे पीटा, जिससे उसे काफी चोट आई है। आरोपी आमिर की पहले ही शादी हो चुकी है। तकरोही चौकी पर पुलिस वालों ने नहीं की कार्रवाई आरोपियों के चंगुल से किसी तरह से छूटकर पीड़िता चिनहट थाने के तहत तकरोही पुलिस चौकी पहुंची। चौकी पर पुलिस वालों को पूरा मामला बताया। अपनी शिकायत दर्ज करने को कहा। पीड़िता का आरोप है कि तकरोही चौकी के पुलिस वालों ने कार्रवाई करने के बजाए उसे टरका दिया। पीड़िता चौकी से निकल गई। बाद में वह किसी तरह से डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा से मिली। डीसीपी पूर्वी ने चिनहट पुलिस को फटकार लगाई। तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

हंता वायरस को लेकर नई चिंता: क्या यह ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म से फैल सकता है? जानिए सच्चाई

 हंता वायरस को लेकर इन दिनों एक नई चिंता सामने आ रही है. सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये खतरनाक वायरस ब्रेस्ट मिल्क और स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है. इसके बाद लोगों के मन में डर बढ़ गया है, खासकर उन परिवारों में जहां छोटे बच्चे या प्रेग्नेंट महिलाएं हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मामले बेहद रेयर हैं और बिना पूरी जानकारी के घबराने की जरूरत नहीं है. कब हुई थी इस तरह की चर्चा की शुरुआत इस चर्चा की शुरुआत 2023 में जर्नल वायरसेस में पब्लिश एक स्टडी के बाद हुई. इस रिसर्च में पाया गया कि चूहों से फैलने वाले एंडीज स्ट्रेन का वायरल आरएनए इंसानी स्पर्म में रिकवरी के कई साल बाद तक मौजूद रह सकता है. स्विट्जरलैंड के स्पीएज लैबोरेटरी के साइंटिस्ट्स ने अपनी रिसर्च में बताया कि एंडीज वायरस मेल रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में लंबे समय तक टिक सकता है, ठीक वैसे ही जैसे इबोला और जीका जैसे कुछ दूसरे वायरस. रिसर्च में कहा गया कि एंडीज वायरस में सेक्शुअल ट्रांसमिशन की संभावना हो सकती है, लेकिन अब तक ऐसा कोई कन्फर्म केस सामने नहीं आया है. क्या रिकवरी के बाद भी हो सकता है इंफेक्शन? इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रिसर्च सेल के कन्वीनर डॉ. राजीव जयदेवन ने HealthandMe से बातचीत में बताया कि रिकवरी के बाद स्पर्म में वायरस का आरएनए मिलना कोई नई बात नहीं हैय उनके मुताबिक कम से कम 27 अलग-अलग वायरस में ऐसा देखा जा चुका है. डॉ. राजीव कहते हैं, टेस्टिस बॉडी का ऐसा हिस्सा है जो इम्यून सिस्टम से काफी हद तक सुरक्षित रहता है. इसी वजह से कुछ वायरस वहां लंबे समय तक बने रह सकते हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि रिसर्च में सिर्फ वायरल आरएनए मिला था, जिंदा वायरस नहीं. यानी अभी तक इस बात का सबूत नहीं है कि रिकवरी के बाद भी वायरस इंसान को इंफेक्टेड कर सकता है. क्या ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी होती है दिक्कत? ब्रेस्ट मिल्क को लेकर भी एक स्टडी ने चिंता बढ़ाई थी. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के जर्नल इमर्जिंग इन्फेक्शियस डिजीज रिसर्च में चिली की एक इंफेक्टेड मां के ब्रेस्ट मिल्क में एंडीज वायरस के जीनोम और प्रोटीन मिलने की बात कही गई थी. रिसर्चर्स का मानना था कि इससे मां से बच्चे में वायरस पहुंचने की संभावना हो सकती है. आम लोगों को जरूरत से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं लेकिन डीवाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे के प्रोफेसर और एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अमिताव बनर्जी ने healthandme से कहा कि ऐसे मामले बेहद कम हैं. उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट मिल्क के जरिए हंता वायरस फैलने के केस बहुत रेयर हैं. आम लोगों को जरूरत से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है. डॉ. अमिताव के मुताबिक बीमारी के शुरुआती तेज बुखार वाले फेज में मां कुछ समय के लिए ब्रेस्टफीडिंग रोक सकती है, क्योंकि उस दौरान वायरल लोड ज्यादा होता है. लेकिन सिर्फ डर की वजह से हमेशा के लिए ब्रेस्टफीडिंग बंद करना सही नहीं माना जाता. हंता वायरस और एचआईवी में बड़ा फर्क एक्सपर्ट्स का कहना है कि हंता वायरस और एचआईवी में बड़ा फर्क है. एचआईवी लंबे समय तक बॉडी फ्लूइड्स में बना रहता है, जबकि हंता वायरस आमतौर पर रिकवरी के बाद शरीर से खत्म हो जाता है. डॉ. अमिताव बनर्जी ने ये भी कहा कि आरटी- पीसीआर टेस्ट बेहद सेंसिटिव होते हैं और कई बार सिर्फ वायरस के मृत कणों को भी पकड़ लेते हैं. इसलिए अगर किसी टेस्ट में वायरल मटेरियल मिल जाए, तो इसका मतलब हमेशा ये नहीं होता कि इंसान अभी भी दूसरों को इंफेक्टेड कर सकता है. फिलहाल एक्सपर्ट्स के पास ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं है जिससे साबित हो कि रिकवरी के लंबे समय बाद हंता वायरस सेक्शुअली फैलता है.

सूर्य गोचर का बड़ा असर: वृषभ संक्रांति से 3 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का गोचर (राशि परिवर्तन) एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है.  सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे संक्रांति कहा जाता है.  इस बार सूर्य देव मेष राशि की अपनी यात्रा पूरी कर शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश कर चुके हैं, जिसे वृषभ संक्रांति कहा जा रहा है. सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान, सरकारी नौकरी, पिता और आरोग्य का कारक माना जाता है. सिर्फ राशि ही नहीं, इस गोचर के दौरान सूर्य देव चंद्रमा के स्वामित्व वाले रोहिणी नक्षत्र में भी आज प्रवेश कर चुके हैं.चंद्रमा के नक्षत्र में सूर्य के आने से लोगों के मन और मस्तिष्क पर इसका सीधा असर पड़ता है. सूर्य का यह दोहरा बदलाव सभी 12 राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचाने वाला है. जहां कुछ राशियों के लिए यह समय वरदान साबित होगा, वहीं 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें अगले एक महीने तक फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा. तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर कुंडली के आठवें (अष्टम) भाव में होने जा रहा है. ज्योतिष में आठवां घर अचानक आने वाली बाधाओं और गुप्त समस्याओं का माना जाता है.  रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से आपके छिपे हुए शत्रु या पुराने विवाद दोबारा उभर सकते हैं. आर्थिक स्थिति: इस दौरान पैसों के लेन-देन में भारी नुकसान के योग बन रहे हैं.  किसी को भी बड़ा कर्ज देने से बचें. शेयर मार्केट या किसी नए बिजनेस में बड़ा निवेश इस महीने टाल देना ही समझदारी होगी. उपाय: रोजाना तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें. कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर चौथे (चतुर्थ) भाव में हो रहा है, जिसे सुख, माता और वाहन का घर कहा जाता है. सूर्य एक उग्र ग्रह हैं, इसलिए चौथे घर में आते ही यह पारिवारिक सुख-शांति को प्रभावित करेंगे. चंद्रमा के नक्षत्र (रोहिणी) के कारण आपके स्वभाव में अत्यधिक भावुकता और गुस्सा एक साथ देखने को मिल सकता है. उपाय: रविवार के दिन गाय को गेहूं और गुड़ खिलाएं. मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर तीसरे (तृतीय) भाव में हो रहा है. अमूमन तीसरे घर में सूर्य को अच्छा माना जाता है, लेकिन रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि के अधिपति शुक्र के साथ सूर्य की शत्रुता के कारण यह गोचर मिले-जुले और कुछ मामलों में बेहद नकारात्मक परिणाम देगा.कार्यक्षेत्र या व्यापार में आपके साहस और पराक्रम में कमी महसूस होगी. सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगड़ने से ऑफिस में आपकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है. किसी भी नए एग्रीमेंट पर जल्दबाजी में दस्तखत न करें. उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.

MP Traffic हेलमेट नियम उल्लंघन पर सख्ती, हजारों लाइसेंस रद्द

भोपाल मध्यप्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के लिए बता दें कि 5 हजार से ज्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरई) द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर में 26 अप्रेल से लेकर 10 मई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा रेकॉर्ड तोड़ चालानी कार्रवाई की गई है। पूरे प्रदेश में हेलमेट नहीं पहनने वाले दो पहिया वाहन चालकों के 98 हजार चालानी कार्रवाई की गई है। जिससे 2.87 करोड़ से अधिक की रकम वसूली गई है। अभियान के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने के साथ नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामलों में सख्ती दिखाई है। इसमें करीब 5253 ड्राइविंग लाइसेंसों को निरस्त भी कर दिया गया है। हेलमेट पर की गई थी सख्ती बीते दिनों पहले ही प्रदेश के कई बड़े जिलों में हेलमेट को लेकर कड़ी निगरानी की गई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सबित कई जिलों में हेलमेट लगाए बिना दो पहिया वाहन चलाने वालों की निगरानी के लिए करीब 20 टीम तैयार की गई थी। यह टीम शहर के किसी भी रास्ते पर अचानक चैकिंग कर रही थी। वाहन चालकों से विवाद की स्थिति नहीं बने इसलिए चैकिंग टीम बॉडी वार्न कैमरे के साथ तैनात थी। इस दौरान भी कई लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस नियम तोडऩे की वजह से जब्त कर उसे निलंबित कराया गया। सीटबेल्ट-हेलमेट की अनदेखी से मौतें मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक की मौत हेलमेट न पहनने की वजह सड़क दुर्घटना में 75 प्रतिशत लोगों से हुई। साल 2024 में प्रदेश में 55,711 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 16,831 लोगों की मौत हुई। जिसमें सीटबेल्ड और हेलमेट नहीं लगाना मौतों का सबसे बड़ा कारण निकलकर सामने आया है। वाहन' और 'सारथी' पोर्टल ठप वहीं इंदौर में परिवहन विभाग द्वारा वाहन और सारथी पोर्टल से वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंस के काम किए जाते हैं, लेकिन 6 दिन से दोनों पोर्टल ठप पड़े है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस के काम नहीं हो रहे हैं। डीलरों को 7 दिन बाद पेनल्टी का फटका लगने का डर सता रहा है। रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल, ट्रांसफर, परमिट, फाइनेंस हटाना आदि के आवेदन होने के साथ वाहनों के सभी प्रकार के काम होते हैं। इसी तरह सारथी पोर्टल से लर्निंग लाइसेंस, पक्का लाइसेंस, रिन्यूअल, डुप्लीकेट की प्रक्रिया होती है, लेकिन काम नहीं होने से वाहन मालिक परेशान है। बताया जाता है कि यह समस्या पूरे प्रदेश में है। पोर्टल का सर्वर बदलने का काम चल रहा है, इसलिए ऐसी समस्या आ रही है।

घर में सांप दिखना शुभ या अशुभ? जानें वास्तु शास्त्र क्या कहता है

भीषण गर्मी में जब बाहर की जमीन तपने लगती है, तो सांप अक्सर ठंडक की तलाश में हमारे घरों का रुख करते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सांप का निकलना केवल एक इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह आपके जीवन और घर की ऊर्जा से जुड़ा एक बड़ा संकेत भी हो सकता है. समझते हैं कि सांपों का घर में आना धार्मिक और वास्तु के नजरिए से क्या संकेत देता है: सांप का दिखना: अच्छा या बुरा? तरक्की और सौभाग्य: हिंदू धर्म और वास्तु में सांपों को बदलाव, तरक्की और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. नई शुरुआत: जिस तरह सांप अपनी पुरानी खाल (केंचुली) छोड़कर नया रूप लेता है, वैसे ही उसका घर में आना जीवन में किसी नई शुरुआत का इशारा हो सकता है. आध्यात्मिक विकास: सांप की उपस्थिति आपके आध्यात्मिक विकास और खुद को बेहतर तरीके से समझने (आत्म-जागरूकता) को भी दर्शाती है. वास्तु दोष की चेतावनी: हालांकि, घर में इनकी मौजूदगी वास्तु व्यवस्था में किसी कमी या ऊर्जा के असंतुलन का संकेत भी हो सकती है. दिशाओं का महत्व उत्तर दिशा: वास्तु में सांपों का सीधा नाता उत्तर दिशा से माना गया है, जो आध्यात्मिक उन्नति की दिशा है. इस दिशा में सांप से जुड़े प्रतीक रखना ऊर्जा को बैलेंस करने में मदद करता है. दक्षिण-पश्चिम कोना: इस दिशा में कभी भी सांप से जुड़ी कोई फोटो या चीज न रखें, क्योंकि यह रिश्तों में तनाव और झगड़े पैदा कर सकता है. घर में सांप होने के संकेत सांप की मौजूदगी को इन आसान संकेतों से पहचाना जा सकता है: केंचुली: घर के किसी कोने या बगीचे में सांप की पुरानी खाल मिलना. आवाजें: सीलिंग या सीढ़ियों के नीचे रेंगने या सरसराहट की आवाजें आना. निशान: धूल भरी या नमी वाली जगह पर रेंगने के टेढ़े-मेढ़े निशान दिखना. ठंडी जगहें: भीषण गर्मी में सांप अक्सर बाथरूम, सिंक के नीचे, एसी या फ्रिज के पीछे और सीढ़ियों के नीचे छिपे होते हैं. गंध और मल: वातावरण में एक अजीब सी तीखी गंध महसूस होना या छोटे टुकड़ों जैसा मल दिखना. बचाव के लिए क्या करें? (Do's) सफाई और कबाड़: सांपों को रोकने के लिए घर को हमेशा साफ और कबाड़ मुक्त रखें, क्योंकि गंदगी में वे आसानी से छिप जाते हैं. नेचुरल चीजें: घर में लकड़ी, बांस या पौधों जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें, जो सकारात्मक माहौल बनाती हैं. घंटी और विंड चाइम्स: खिड़कियों या दरवाजों पर विंड चाइम्स या घंटियां लटकाएं; इनकी आवाज और कंपन से सांप दूर रहते हैं. इन गलतियों से बचें (Don'ts) शीशे की पोजीशन: घर में एक-दूसरे के ठीक सामने शीशे न लगाएं, क्योंकि यह ऊर्जा में टकराव पैदा करता है और सांपों को आकर्षित कर सकता है. उत्तर दिशा का महत्व: वास्तु में सांपों का सीधा संबंध उत्तर दिशा से माना जाता है, जिसे आध्यात्मिक उन्नति और प्रगति की दिशा कहा जाता है. इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि घर की ऊर्जा संतुलित रहे. दक्षिण-पश्चिम कोना: इस दिशा या कोने की विशेष सावधानी रखनी चाहिए; यहां कभी भी सांप से जुड़ी कोई फोटो या सजावटी सामान नहीं रखना चाहिए. वास्तु के अनुसार इस दिशा में सांप से जुड़ी चीजें रखने से परिवार के रिश्तों में झगड़े और तनाव पैदा हो सकते हैं.

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, ट्रंप बोले,शांति समझौता नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम होंगे

अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शांति समझौता जल्द नहीं हुआ तो तेहरान के लिए बहुत बुरा समय आने वाला है। फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर को दिए गए टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को समझौते में दिलचस्पी रखनी चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में कहा कि ट्रंप प्रशासन से संदेश आए हैं जिसमें बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई गई है, लेकिन अमेरिका पर गहरे अविश्वास की वजह से प्रक्रिया धीमी हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बावजूद ईरान ने अमेरिका पर दो बार हमला करने का आरोप लगाया है, खासकर परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी पुरानी वार्ताओं के दौरान। अराघची ने वाशिंगटन के विरोधाभासी संकेतों को बातचीत में बाधा बताया। उन्होंने चीन जैसे देशों के कूटनीतिक समर्थन का स्वागत किया और क्षेत्रीय शांति के लिए भारत की बड़ी भूमिका की मांग की। वहीं, ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को ईरान के 14 सूत्री प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए, नहीं तो उसे असफलता का सामना करना पड़ेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ईरानी प्रस्ताव को खारिज करते हुए युद्धविराम को जीवन रक्ष' पर बताया था। इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव जारी है। इजरायल ने हाल ही में विस्तारित युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। लेबनानी मीडिया के अनुसार, 50 किलोमीटर से ज्यादा दूर के दो दर्जन से अधिक गांवों पर हमले हुए। इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बताया और कई गांवों के लिए निकासी चेतावनी जारी की। इन हमलों से सैकड़ों नागरिक बेघर हो गए और सिदोन व बेरूत की ओर पलायन शुरू हो गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम के विस्तार का स्वागत किया और सभी पक्षों से इसे पूरी तरह मानने की अपील की। युद्धविराम 17 अप्रैल को शुरू हुआ था और शुक्रवार को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया, लेकिन इसका उल्लंघन बार-बार हो रहा है। लेबनान के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक 2900 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें युद्धविराम के बाद 400 से अधिक शामिल हैं। हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले जारी रखे हैं। ईरान-अमेरिका वार्ता की सफलता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी अहम है। दोनों पक्षों को अविश्वास दूर कर ठोस कदम उठाने होंगे, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।

ऐतिहासिक ढाई दिन का झोंपड़ा में धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई

अजमेर अजमेर में स्थित ऐतिहासिक अढ़ाई दिन का झोंपड़ा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यहां स्थानीय लोगों ने हनुमान चालीसा पाठ की परमिशन मांगी है. महाराणा प्रताप सेना ने जिला कलेक्टर को मेल कर अगले मंगलवार (19 मई) के लिए अनुमति की मांग की है. संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि हम शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन कराना चाहते हैं. परमान का दावा है कि अढ़ाई दिन का झोपड़ा केवल एक ऐतिहासिक संरचना नहीं, बल्कि प्राचीन संस्कृत कंठाभरण विद्यालय और हिंदू मंदिर का स्वरूप रहा है. "भोजशाला के फैसले से आस्था मजबूत हुई" मेल में लिखा, "परिसर की दीवारों और स्थापत्य में मौजूद शिल्प और ऐतिहासिक साक्ष्य इसकी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं. मध्यप्रदेश की भोजशाला से जुड़े न्यायालय के फैसले से सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को मजबूती मिली है." बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर पहुंचे थे और हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा संपन्न हुई. संगठन का दावा- कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी साथ ही महाराणा प्रताप सेना ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित हनुमान चालीसा पाठ पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा. किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है. 12वीं सदी की धरोहर देश-विदेश में विख्यात गौरतलब है कि ढाई दिन का झोपड़ा अजमेर की सबसे प्राचीन और चर्चित ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है. इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में माना जाता है. इंडो-इस्लामिक वास्तुकला, विशाल मेहराबों, नक्काशीदार स्तंभों और प्राचीन शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

किन राशियों के लिए सोना पहनना होता है शुभ? ज्योतिष शास्त्र में जानें पूरा असर

 ज्योतिष शास्त्र में सोने को बहुत खास धातु माना गया है. इस धातु के कारक होते हैं सूर्यदेव और बृहस्पति गुरु ग्रह. माना जाता है कि जिन लोगों की कुंडली में ये दोनों ग्रह मजबूत होते हैं, उनके लिए सोना पहनना फायदेमंद साबित हो सकता है. सोना धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में तरक्की के मौके भी मिल सकते हैं. हालांकि, यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है. कुछ राशियों को इसे पहनने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. सबसे पहले बात करते हैं उन राशियों की, जिनके लिए सोना शुभ माना गया है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के लोगों के लिए सोना पहनना अच्छा माना जाता है. इससे उनके अंदर हिम्मत और ऊर्जा बढ़ती है और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलते हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए भी सोना लाभकारी माना गया है. इसे पहनने से समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है और काम के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना रहती है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए सोना खास तौर पर शुभ होता है क्योंकि यह गुरु ग्रह से जुड़ा है. इसे पहनने से भाग्य मजबूत होता है और नौकरी व शादीशुदा जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है. मीन राशि (Pisces) मीन राशि वालों को भी सोना पहनना अच्छा माना जाता है. इससे उनके जीवन में अच्छे बदलाव आ सकते हैं और किस्मत का साथ मिल सकता है. अब बात उन राशियों की, जिन्हें सोना पहनने में सावधानी रखनी चाहिए. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के लोगों के लिए सोना हमेशा फायदेमंद नहीं होता. ऐसा माना जाता है कि शुक्र और गुरु के संबंध के कारण इस राशि वालों को बिना सलाह के सोना नहीं पहनना चाहिए. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के जातकों को भी सोना पहनने से पहले सोच-विचार करना चाहिए. कहा जाता है कि इससे जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती हैं, इसलिए बेहतर होगा कि किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर ही इसे धारण करें.