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खेत में तालाब बनाकर बढ़ाएं आय, सिंचाई से लेकर मत्स्य पालन तक मिलेगा फायदा

लखनऊ यूपी सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए महत्वकांक्षी योजनाएं चला रही है। सरकार का प्रयास है कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि समृद्ध और आत्मनिर्भर उद्यमी भी बनें। इसी क्रम में ‘खेत तालाब योजना’ किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। यह योजना जल संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को सरकार 52500 रुपये का सीधा अनुदान दे रही है। इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर बुकिंग करानी होगी। उसी के आधार पर योजना के लिए किसानों का चयन किया जाएगा। इस योजना के तहत 22 मीटर × 20 मीटर × 3 मीटर आकार का तालाब बनाया जाता है। इसकी कुल लागत ₹1,05,000 निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार द्वारा 52,500 का अनुदान दिया जाता है। यानी किसान को आधी लागत सरकार वहन कर रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी इस योजना का लाभ आसानी से मिल पा रहा है। सिंचाई के साथ अतिरिक्त आय के अवसर यह योजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय के नए अवसर भी प्रदान कर रही है। खेत तालाब में किसान मत्स्य पालन, मोती उत्पादन, सिंघाड़ा उत्पादन और अन्य जलीय खेती कर सकते हैं। इससे किसानों की आय के कई स्रोत विकसित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार आधुनिक सिंचाई व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रही है। योजना के अंतर्गत स्प्रिंकलर सेट पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं पम्पसेट पर 15,000 अथवा 50 प्रतिशत तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों की सिंचाई लागत कम हो रही है और जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ सरकार ने इस योजना में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की है। किसानों का चयन ऑनलाइन पोर्टल पर बुकिंग के आधार पर ‘प्रथम आवक प्रथम पावक’ यानी पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धांत पर किया जाएगा। इससे किसी प्रकार की सिफारिश या भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त हो रही है और पात्र किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है। इससे किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सुविधा मिल रही है। आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में बड़ा कदम कानपुर नगर के भूमि संरक्षण अधिकारी, आर.पी. कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश सरकार कृषि को आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। जल संरक्षण के माध्यम से खेती को सुरक्षित बनाना, किसानों को आधुनिक सिंचाई प्रणाली से जोड़ना और खेती के साथ मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देना सरकार की दूरदर्शी नीति को दर्शाता है। आज प्रदेश के हजारों किसान इस योजना का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। खेत तालाब बनने से फसलों की उत्पादकता बढ़ रही है और किसानों को मौसम पर निर्भरता कम करनी पड़ रही है। अनुदान दो चरणों में मिलेगा 1. पहली किस्तः तालाब की खुदाई का काम पूरा होने पर। 2. दूसरी किस्तः पानी आने का रास्ता (इनलेट) और डिस्प्ले बोर्ड लगने के बाद। 3. जरूरी दस्तावेज: आवेदन के लिए किसान की 'फार्मर रजिस्ट्री होना अनिवार्य है। 4. टोकन मनीः ऑनलाइन आवेदन के साथ 1000 रुपये की टोकन राशि जमा करनी होगी, जो वापस मिलेगी। 5. वेबसाइटः इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल Agri darshan पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। 6. समय सीमाः बुकिंग के 15 दिन के भीतर सत्यापन होगा और 30 दिन के भीतर तालाब तैयार करना होगा।

शिक्षा और विकास पर फोकस,हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और नए डिग्री कॉलेज

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार का गठन हुए एक महीना हो गया है। सम्राट चौधरी ने बीते 15 अप्रैल को उन्होंने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अपने एक माह के कार्यक्रम में उन्होंने 7 बड़े फैसले लिए हैं। इनमें बिहार के 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाना भी शामिल है। इन टाउनशिप में पूरे प्लान के साथ कॉलोनियां बसेंगी। इनमें एक तरफ बाजार होंगे तो दूसरी ओर लोगों के रहने के लिए आवास तय होंगे। कॉलोनियों में चौड़ी सड़कों का निर्माण होगा। कॉलोनियों को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे और पार्कों में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट में एक है। इसमें सासाराम को जोड़ने का प्रस्ताव आया है। इससे शहरी दबाव में कमी आएगी, लोगों को सुविधायुक्त जीवन का लाभ मिल सकेगा। इन स्थानों पर बनेंगी टाउनशिप पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूर्णिया, मुंगेर में अंग, सीतामढ़ी में सीतापुरम, भागलपुर में विक्रमशिला, मुजफ्फरपुर में तिरहुत और छपरा में सारण नाम से टाउनशिप बनेगी। हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज सम्राट सरकार ने अपने दूसरी कैबिनेट की बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के चयनित एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित करने की योजना को मंजूरी दी। साथ ही इसके लिए मुख्यमंत्री ₹800 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी, ताकि इस योजना को धरातल पर उतारने में दिक्कत नहीं आए। वहीं, उन्होंने डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए ₹104 करोड़ (₹50 लाख प्रति कॉलेज) भी स्वीकृत किए। इसके लिए 9152 पदों का सृजन होगा। सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर लोगों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और सरकार के उत्तरदायित्व को ध्यान में रखकर सहयोग की त्रिवेणी को शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सहयोग हेल्पलाइन : 1100, सहयोग पोर्टल : sahyog.bihar.gov.in और पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाने का निर्णय लिया है। शिविर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे। शिविर में ब्लॉक, थाना और अंचल की तमाम शिकायतों की सुनवाई होगी। पोर्टल पर सरकारी योजना से जुड़ी शिकायत के निबटारे के लिए 30 दिन का लक्ष्य तय है। 30 में शिकायत का निबटारा नहीं होता है, तोदोषी अधिकारी या कर्मचारी का निलंबन तय है। निजी स्कूलों में मनमानी फीस पर लगाम निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर भी एक बड़ी पहल मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा है कि निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। मनमानी फीस बढ़ोतरी और अनावश्यक शुल्क पर रोक रहेगी। छात्रों के परिजनों को किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन किसी को खास दुकान से खरीदने को बाध्य नहीं करेंगे। 50 करोड़ तक के ठेके बिहारियों को मिलेंगे छठे फैसले में 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में राज्य के ठेकेदारों (संवेदकों) को प्राथमिकता देने के लिए बिहार लोक निर्माण संहिता में संशोधन किया गया। अब से 50 करोड़ रुपये तक कार्यों के ठेके बिहारियों को मिलेंगे। इससे राज्य के लोगों को काम के अधिक मौके मिलेंगे। ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाना तथा पुलिस और समाज के बीच भरोसे को मजबूत करना है। इसके लिए 1500 स्कूटी महिला पुलिस के लिए खरीदने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज और स्कूल के सामने पुलिस दीदी की तैनाती होगी, ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर नकेल कसी जा सके।

अरुण जेटली स्टेडियम में हाई-वोल्टेज टक्कर: दिल्ली बनाम राजस्थान प्रीव्यू

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 62वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) का सामना राजस्थान रॉयल्स (RR) से होगा। RR ने 11 मुकाबले खेले हैं। 6 मैच में उसे जीत और 5 मुकाबलों में हार मिली है। DC ने 5 मैच में जीत दर्ज की है और 7 मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा है। प्लेऑफ के नजरिए से RR को ये मैच हर हाल में जीतना होगा। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रही है कांटे की टक्कर IPL में दोनों टीमों के बीच 31 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC ने 16 मैच जीते हैं, जबकि RR को 15 मुकाबलों में सफलता मिली है। इस सीजन दोनों टीमों के बीच यह दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में DC ने 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। वहीं, IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच खेला गया एकमात्र मुकाबला DC ने सुपर ओवर में अपने नाम किया था। RR ने आखिरी बार DC को 2024 में हराया था। इस संयोजन के साथ नजर आएगी DC DC को आखिरी मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेंगे। अक्षर पटेल और डेविड मिलर ने जोरदार बल्लेबाजी कर अपना खोया हुआ लय हासिल किया था। ऐसे में उनसे एक और बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: केएल राहुल (विकेटकीपर), अभिषेक पोरेल, साहिल पारख, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), माधव तिवारी, मुकेश कुमार, आकिब नबी डार, मिचेल स्टार्क और लुंगी एनगिडी। इस प्लेइंग इलेवन के साथ उतर सकती है RR RR को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए ये मुकाबला हर हाल में अपने नाम करना होगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जोरदार शुरुआत की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे। इस संस्करण ये खिलाड़ी अच्छे फॉर्म में चल रहा है। संभावित एकादश: यशस्वी जायसवाल (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, बृजेश शर्मा और यश राज पुंजा ये हो सकते हैं इम्पैक्ट प्लेयर RR: वैभव सूर्यवंशी, एडम मिल्ने, रवि सिंह, सुशांत मिश्रा और रवि बिश्नोई। DC: पथुम निसांका, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम और त्रिपुराना विजय। कैसा है अरुण जेटली स्टेडियम की पिच का मिजाज? अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। तेज आउटफील्ड और छोटी सीमाएं बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने की प्रेरित करती हैं। इस पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। ऐसे में उन्हें विकेट निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होते हैं। स्पिनरों को पिच से मदद मिलती है और उनका रिकॉर्ड भी अच्छा है। हाउस्टेट के मुताबिक, इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 रन है। ऐसा रहेगा दिल्ली का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक, 17 मई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। दिल्ली में मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें राहुल ने पिछले 10 मुकाबलों में 180.3 की स्ट्राइक रेट से 476 रन बनाए हैं। RR के लिए वैभव के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 229.58 की स्ट्राइक रेट से 388 रन निकले हैं। जुरेल ने पिछले 10 मैचों में 296 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में अक्षर ने पिछले 9 मैच में 8 विकेट चटकाए हैं। स्टार्क के नाम 4 मैच में 5 विकेट है। RR के लिए आर्चर ने पिछले 10 मैच में 13 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? DC और RR के बीच यह मुकाबला 8 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

चाणक्य ज्ञान,अकेलापन कभी दुख नहीं, असली शांति की पहचान

आज के समय में आपको दो तरह के लोग सबसे ज्यादा देखने को मिलेंगे, पहले वे जो भीड़ में रहकर भी हर समय दुखी महसूस करते हैं और दूसरे वो जो अकेले रहते हुए भी काफी ज्यादा शांत और खुश नजर आते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार उनकी ये खुशी बाहरी नहीं होती हैं, बल्कि उनकी सोच और कॉन्फिडेंस में छिपी हुई होती है. उनके अनुसार जो भी लोग खुद को अच्छे से समझ लेते हैं, उन्हें हर समय किसी के साथ की जरूरत नहीं पड़ती है. चाणक्य कहते हैं कि अकेले रहना कभी भी दुख की निशानी नहीं होती है, कई बार ये एक इंसान को खुद को और भी बेहतर तरीके से समझने का मौका देती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि आखिर क्यों कुछ लोग पूरी तरह से अकेले रहने के बावजूद भी दूसरों से ज्यादा खुश रहते हैं. चलिए जानते हैं इसके पीछे छिपे हुए कारण. खुद से प्यार करना जानते हैं ये लोग आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति खुद की कद्र करना सीख जाता है, उसे कभी भी अकेलेपन से परेशानी नहीं होती है. इस तरह के लोग अपनी कमियों और खूबियों को पूरी तरह से स्वीकार कर चुके होते हैं. इस तरह के लोगों को कभी भी दूसरों की तारीफ या फिर अटेंशन की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा ये लोग अपने समय का भी इस्तेमाल सही तरीके से करना जानते हैं. इन्हें आकर आप किताबें पढ़ते हुए, नयी चीजें सीखते हुए या फिर अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करते हुए ही देख पाएंगे. उनकी यही आदत उन्हें अंदर से खुश और सेटिस्फाइड बनाती है. हर रिश्ते से उम्मीद नहीं रखते ये लोग कई बार आपको जीवन में दुख इसलिए भी मिलता है क्योंकि आप दूसरों से ज्यादा ही उम्मीदें रखने लगते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार एक समझदार व्यक्ति कभी भी हर किसी से उम्मीदें नहीं रखता है. उसे इस बात का अंदाजा होता है कि हर इंसान जीवनभर कभी भी साथ नहीं रहता है. चाणक्य के अनुसार जो भी लोग अकेले खुश रहते हैं, वे रिश्तों की कीमत समझते हैं लेकिन अपनी खुशियों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहते हैं. अगर कोई उनका साथ दे रहा है तो भी अच्छी बात है और अगर न दे तो भी वे मायूस होकर टूटते नहीं है. उनकी यही सोच उन्हें अकेलेपन में भी खुश रहने में मदद करती है. मन को शांत रखना जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार एक शांत मन वाला व्यक्ति हर हालात में खुद को संभालकर रख पाता है. अकेले रहने वाले लोग जीवन में होने वाले बेकार के बहस, तुलना और दिखावे से पूरी तरह से दूर रहते हैं. चाणक्य कहते हैं कि ये लोग अपनी जिंदगी को दूसरों की नजरों से नहीं, बल्कि अपनी समझदारी से जीते हैं. इस तरह के लोग कभी दूसरों के दबाव में आकर खुद को कमजोर नहीं समझते हैं. उन्हें इस बात का अंदाजा काफी अच्छे से होता है कि असली खुशी अंदर से आती है, भीड़ या फिर दिखावे से बिलकुल भी नहीं.

रांची में उद्योग बैठक, झारखंड और कर्नाटक ने व्यापारिक साझेदारी पर किया मंथन

रांची झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को रांची स्थित चेम्बर भवन में अहम बैठक आयोजित की गई। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस संयुक्त बैठक में उद्योग, निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में झारखंड सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य के आर्थिक विकास का विजन सामने रखा और निवेशकों को राज्य में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। ‘झारखंड एक औद्योगिक पावरहाउस’ उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक क्षमता से समृद्ध राज्य है। यहां विशाल खनिज भंडार मौजूद हैं और राज्य लंबे समय से औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन खनन से लेकर हाई-एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने का है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं बैठक में बताया गया कि झारखंड में इको टूरिज्म, टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग सचिव ने कहा कि बेल्लारी खनन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी है, ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सहयोग से उद्योग जगत को बड़ा लाभ मिल सकता है। निवेशकों को हरसंभव मदद का भरोसा उद्योग निदेशक विशाल सागर ने प्रतिनिधियों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि झारखंड ने पहली बार दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी संभावनाएं रखीं। झारखंड की नई औद्योगिक नीति पर नजर झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की टेक्सटाइल नीति काफी आकर्षक है और जल्द ही नई औद्योगिक नीति भी आने वाली है, जो निवेशकों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर है और यहां कुशल मानव संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कर्नाटक ने भी दिया निवेश का न्योता बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित होने वाले MSME कॉन्क्लेव में शामिल होने का न्योता भी दिया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और संभावित औद्योगिक साझेदारी पर विचार साझा किए। औद्योगिक सहयोग को मिलेगा नया आयाम बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने माना कि झारखंड और कर्नाटक के बीच यह संवाद भविष्य में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा। उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों के साथ दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।  

बिहार में फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ाव,शूटिंग के लिए बन रहे नए हब

पटना  प्रदेश केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और लोक कलाओं के लिए नहीं बल्कि फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उभर रहा है। सरकार ने फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने, युवाओं को फिल्म एवं मीडिया की पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। फिल्म शूटिंग को लेकर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल और ग्रामीण परिवेश अब फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं। कैमूर, जहानबाद, बोधगया, राजगीर, नालंदा, राजधानी पटना, वाल्मीकि नगर और मिथिला क्षेत्र जैसे स्थान फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए पसंदीदा स्थल बनते जा रहा है। बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लि. के अनुसार अब तक 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति मिली है। इसमें 48 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। इसमें चार नई फिल्म गिल्टी माइंड, हथुआ राज, बिहारी फेमस 22 फूड और गुरुद्वारा शामिल है। गिल्टी माइंड फीचर फिल्म है। जो विकास प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही है। जबकि, शेष तीन वृत्तचित्र है। फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग की अनुमति को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। आरंभ के दिनों में फिल्म शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की जरूरत पड़ती थी। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत कोई भी कलाकार या वेंडर बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की वेबसाइट https://film.bihar.gov.in/ पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। वहीं, कला संस्कृति विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की ओर से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे रही है। योजना के तहत अब तक 30 विद्यार्थियों को लगभग 19 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। फिल्म वित्त निगम लि. के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत प्रदेश में स्वस्थ सिनेमा संस्कृति का विकास हो रहा है। फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए कई रमणीय स्थल है जो निर्माताओं को पसंद आ रही है। फिल्म निर्माण को लेकर राज्य में बेहतर माहौल बना है। इससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

क्रिकेट कनाडा पर ICC का बड़ा एक्शन, 6 महीने के लिए फंडिंग सस्पेंड

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट कनाडा की फंडिंग छह महीने के लिए सस्पेंड कर दी है. ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला बोर्ड के भीतर गवर्नेंस, प्रशासनिक गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के बाद लिया गया है. आईसीसी का यह कदम क्रिकेट कनाडा के लिए भारी आर्थिक संकट पैदा कर सकता है. वित्तीय रिकॉर्ड्स के अनुसार 2024 में क्रिकेट कनाडा की कुल कमाई का लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा आईसीसी की फंडिंग से आया था. बोर्ड की कुल आय करीब 5.7 मिलियन कनाडाई डॉलर थी, जिसमें से लगभग 3.6 मिलियन डॉलर आईसीसी ने दिए थे. ऐसे में फंडिंग रुकना क्रिकेट कनाडा के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है. लगातार विवादों में कनाडा क्रिकेट हाल के समय में क्रिकेट कनाडा लगातार विवादों में रहा है. कनाडा के खोजी प्रोग्राम 'फिफ्थ एस्टेट' की रिपोर्ट में बोर्ड पर गवर्नेंस नियम तोड़ने, वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) हालिया T20 वर्ल्ड कप में कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच की भी जांच कर रही है. इस मामले ने क्रिकेट कनाडा की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. दहशत में खिलाड़ी कनाडा के पूर्व कोच खुर्रम चौहन के कथित लीक ऑडियो ने भी बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. ऑडियो में दावा किया गया कि बोर्ड के कुछ पूर्व अधिकारियों ने टीम चयन में दखल दिया और कुछ खिलाड़ियों को खिलाने के लिए दबाव बनाया. रिपोर्ट्स में मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया गया. आईसीसी के फैसले से ठीक पहले क्रिकेट कनाडा ने वार्षिक आम बैठक में कई बड़े सुधारों की घोषणा की थी. बोर्ड ने गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मेशन इनिशिएटिव के तहत 9 सदस्यीय नए निदेशक मंडल का भी चुनाव किया. फिलहाल आईसीसी ने सिर्फ छह महीने के लिए फंडिंग रोकी है, लेकिन आने वाले समय में जांच और सुधारों के आधार पर और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं. अब पूरी क्रिकेट दुनिया की नजर आईसीसी और क्रिकेट कनाडा के अगले कदम पर टिकी हुई है.

RCB vs PBKS: कोहली के फॉर्म पर नजर, धर्मशाला में होगी कांटे की टक्कर

धर्मशाला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 61वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा। RCB ने अब तक 12 मुकाबले खेले हैं। 8 मैच में उसे जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। PBKS ने 6 मैच में जीत दर्ज की है और 5 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। प्लेऑफ के नजरिए से यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहती है कांटे की टक्कर IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 37 मुकाबले खेले गए हैं। इस दौरान RCB ने 19 मैच जीते हैं, जबकि PBKS को 18 मुकाबलों में सफलता मिली है। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। वहीं, IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच कुल 4 मुकाबले खेले गए थे। इनमें से 3 मैच RCB ने अपने नाम किए थे, जबकि एक मुकाबले में PBKS को जीत मिली थी। इस संजोजन के साथ नजर आ सकती है RCB RCB को पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 6 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेंगे। विराट कोहली ने उस मैच में शतकीय पारी (105*) खेली थी। ऐसे में उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: जैकब बेथेल, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, वेंकटेश अय्यर, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, राशिख सलाम डार, जैकब डफी और जोश हेजलवुड। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है PBKS PBKS को अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 6 विकेट से हार मिली थी। ऐसे में वह ये मुकाबला हर हाल में अपने नाम करना चाहेंगे। कप्तान श्रेयस अय्यर अपना खोया हुआ लय हासिल कर टीम के लिए एक कप्तानी पारी खेलना चाहेंगे। प्रियांश आर्य से भी काफी उम्मीदें होंगी। संभावित एकादश: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), सूर्यांश शेडगे, शशांक सिंह, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर PBKS: हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, विजयकुमार वैशाख और मुशीर खान। RCB: देवदत्त पडिक्कल, जॉर्डन कॉक्स, मंगेश यादव, रोमारियो शेफर्ड और स्वप्निल सिंह कैसा होगा धर्मशाला की पिच का मिजाज? धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से मंगवाई गई काली मिट्‌टी से तैयार की गई है। इस मिट्‌टी में बालू की मात्रा न के बराबर होती है। इसके चलते पिचों पर गति और उछाल दोनों मिलता है। यहां आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ स्पिनर्स भी जलवा दिखा सकते हैं। इसी तरह तेजी और अच्छा उछाल होने से टिकने के बाद बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ऐसा रहेगा धर्मशाला का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 17 मई को धर्मशाला का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 15 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की भी संभावना है और पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें PBKS के लिए प्रभसिमरन ने पिछले 10 मैचों में 179.5 की स्ट्राइक रेट से 359 रन बनाए हैं। श्रेयस के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 328 रन निकले हैं। RCB के लिए कोहली ने पिछले 10 मैच में 163.98 की स्ट्राइक रेट से 387 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में अर्शदीप ने पिछले 10 मैच में 9.55 की इकॉनमी से 13 विकेट लिए हैं। RCB से भुवनेश्वर ने पिछले 10 मैचों में 7.26 की इकॉनमी से 18 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? PBKS और RCB के बीच यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

योगी सरकार का हेल्थ सेक्टर पर सख्त एक्शन, नियम तोड़ने वालों पर गिरी गाज

लखनऊ उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से ही भ्रष्टाचारियों और लापरवाहों पर लगातार सख्त रुख अपना रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत तय मानकों का पालन नहीं करने वाले निजी अस्पतालों पर एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 200 से अधिक अस्पतालों पर अपना शिकंजा कसा है। इनको ब्लैक लिस्ट किया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सौ अस्पतालों का भुगतान रोका है और सौ को निलंबित कर दिया है। ब्लैकलिस्ट किए गए इन 200 से अस्पतालों पर गरीबों के इलाज में धांधली का आरोप है। यह सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे निर्देश पर की गई है, क्योंकि इन अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं किया था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आयुष्मान योजना में पंजीकरण के लिए 35 मानकों का पूरा करना अनिवार्य रखा है। ऐसे में बड़ी संख्या में अस्पतालों की धांधली सामने आई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मानकों का उल्लंघन करने वाले दो सौ से अधिक अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कारवाई की गई है। सौ अस्पतालों की पैनल से निलंबन कर दिया गया, जबकि इतने ही अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों का भुगतान रोका गया है। नई नियमावली के मुताबिक अस्पतालों के लिए निर्धारित 35 मानकों को पूरा करना अनिवार्य है, जिसमें पंजीकरण प्रमाणपत्र, फायर सेफ्टी एनओसी, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता एवं एचएफआर पंजीकरण सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। चिकित्सकों की डिग्री अथवा विवरण के अनुचित उपयोग की शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक एचइएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं। कई बार निर्देश जारी होने के बावजूद लगभग 200 निजी अस्पतालों ने मानकों को पूरा नहीं किया। इनमें आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, बागपत, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर, कुशीनगर, ललितपुर, लखनऊ, मथुरा, मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, प्रतापगढ़, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, शाहजहांपुर, जालौन, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, रामपुर और सोनभद्र सहित कई जिलों के अस्पताल शामिल हैं। सूचीबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए कहा गया है। राज्य और जिला स्तर पर अस्पतालों की नियमित आडिट और मानिटरिंग कराई जा रही है। अस्पतालों में डिजिटल माध्यम से मरीजों के निस्तारण को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एबीडीएम सक्षम एचएमआईएस प्रणाली लागू होगी। इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड (ईएचआर) प्रणाली से मरीजों का स्वास्थ्य रिकार्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। राज्य स्तर से अस्पतालों को पोर्टल संचालन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से ई-मेल, फोन कॉल, संदेश, प्रचार अभियान और वर्चुअल बैठकों के माध्यम से अस्पतालों को लगातार सहयोग दिया गया। इसके बावजूद कई अस्पताल तय समय सीमा के भीतर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं कर सके। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं, लेकिन करीब 200 अस्पतालों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। ऐसे अस्पतालों को कई बार मौका भी दिया गया था।

सांप वाली अंगूठी पहनने से क्या होता है? जानिए ज्योतिष में इसका महत्व

आपने कुछ लोगों को उंगली में सांप के डिजाइन वाली अंगूठी या रिंग पहने जरूर देखा होगा. इसे देखकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर इसे पहनने का फायदा क्या है. कुछ लोग इसे सिर्फ फैशन या ट्रेंड का हिस्सा मान सकते हैं. जबकि ज्योतिषविदों के अनुसार, इसे पहनने से कई तरह के लाभ मिलते हैं. उनका यह भी मानना है कि सांप की आकृति वाली रिंग हर किसी को धारण नहीं करनी चाहिए. जरा सी गलती से इसका असर उल्टा भी हो सकता है. यह फायदा पहुंचाने के बजाए नुकसान भी दे सकती है. सुख-संपन्नता सांप के आकार वाली अंगूठी को ज्योतिष में शुभता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इसे धारण करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता बनी रहती है. ऐसे लोग जीवन में सुख-संपन्नता का भरपूर आनंद लेते हैं. ऐसे लोगों के जीवन में कभी धनधान्य की कमी नहीं रहती है. उनके जीवन में आने वाली बाधाएं अपने आप अपना रास्ता बदल लेती हैं. नजर दोष से बचाव ज्योतिषविद कहते हैं सर्प की आकृति वाली अंगूठी ज्योतिषीय परामर्श पर पूरे विधि-विधान से पहनी जाए तो नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से आदमी का बचाव होता है. ऐसे व्यक्ति के सुखी जीवन, धन-संपत्ति और उन्नति पर कभी किसी घरेलू या बाहरी व्यक्ति की बुरी नजर का असर नहीं होता है. ग्रहण दोष बेअसर जिन लोगों की कुंडली में ग्रहण दोष होता है, उनके जीवन में अक्सर कोई न कोई परेशान लगी रहती है. ऐसे लोगों को ज्योतिषविदों की सलाह के बाद सांप वाली अंगूठी पहननी चाहिए. ऐसा कहते हैं कि इससे ग्रहण दोष का प्रभाव बेअसर हो जाता है. दाएं हाथ की मिडिल फिंगर (मध्यमा उंगली) में यह अंगूठी धारण करने से ग्रहण दोष का प्रभाव कम हो सकता है. स्वास्थ्य संबंधी लाभ कई बार कुंडली में ग्रहों की उठापटक के चलते इंसान की सेहत में गिरावट आने लगती है. इंसान हर समय बीमार या अस्वस्थ महसूस करता है. ऐसे लोगों के लिए भी सांप वाली अंगूठी किसी राहत से कम नहीं मानी जाती है. लेकिन ध्यान रहे कि इसे सिर्फ ज्योतिषविदों से सलाह लेकर ही पहनना चाहिए. इससे जीवन में मानसिक और भावनात्मक संतुलन बना रहता है. किस धातु की होनी चाहिए अंगूठी? सांप की आकृति वाली अंगूठी के लिए चांदी का उपयोग सबसे उत्तम माना जाता है. हालांकि कुछ मामलों में ज्योतिषविद लोगों को कांसे या ताम्बे स बनी सांप की अंगूठी पहनने की सलाह भी दे सकते हैं. इसे पहनने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.