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मुख्य सचिव ने की अहम योजनाओं की समीक्षा, डेटा आधारित मॉनिटरिंग पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, डेटा आधारित निगरानी पर जोर अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के निर्देश आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों के बुनियादी ढांचे में सुधार की प्राथमिकता रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। डेटा आधारित निगरानी और सुशासन        मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। शिक्षा और आंगनबाड़ी बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण       शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ समन्वय करने को कहा। समग्र शिक्षा के तहत जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा           बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

फेडरेशन कप नेटबॉल चैंपियनशिप के रजत पदक विजेताओं ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की मुलाकात

उप मुख्यमंत्री अरुण साव से फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने की मुलाकात बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली सफलता पर टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। हैदराबाद में आयोजित 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। साव से मुलाकात के दौरान टीम की मैनेजर एवं नेटबॉल संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ी भारी भीड़, 450 आवेदनों का मौके पर हुआ समाधान

चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 450 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए लाभान्वित, जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को बांटे चेक और जरूरी सामग्री रायपुर राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। जनप्रतिनिधियों ने वितरित की सहायता सामग्री           शिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई। विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से दी गई जानकारी          शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।          सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान ने सराहा छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल, बोले- देशभर के लिए प्रेरणादायी

छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी-केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान सेरीखेड़ी में अजा परियोजना और पिंक दीदी नवाचारों का किया निरीक्षण महिला समूहों के आर्थिक स्वावलंबन की सराहना रायपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया। अजा परियोजना वैज्ञानिक पशुपालन और सशक्त बाजार लिंकेज           मंत्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया। पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान           निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र,  के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया। घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर        मंत्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है। अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश          केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा।  केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव भीम सिंह, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।         केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के बीच बड़ा फैसला, MP में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त भोंडवे भोपाल                  स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026' का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब शहर से कचरा केवल हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि 'वेस्ट टू वेल्थ' की परिकल्पना को साकार करते हुए रिसायकल के लिए इसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करना आवश्यक है। इन नवीन नियमों के तहत अब प्रत्येक घर में कचरे का अलग-अलग संग्रहण अनिवार्य किया है, अब नागरिकों को गीला, सूखा और घरेलू हानिकारक कचरा पृथक डस्टबिन में देना होगा। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा तथा सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ''स्वच्छता अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी है।'' खुले में कचरा फेंकने, प्लास्टिक जलाने या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने जैसी गतिविधियों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक प्रक्रिया के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त, थोक कचरा उत्पादकों (BWG) को भी अपने परिसर में ही कचरे का ऑन-साइट प्रसंस्करण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।       स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत सुरक्षित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए राज्य के 406 नगरीय निकाय पूर्णतः कटिबद्ध हैं, जिनमें 28 नए निकाय पहली बार इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हो रहे हैं। नागरिकों की छोटी पहल से बड़े बदलाव का लक्ष्य लेकर चल रहे इन निकायों द्वारा जमीनी स्तर पर की जा रही तैयारियों का मूल्यांकन विभिन्न श्रेणियों में किया जाएगा। सर्वेक्षण में मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा विभागीय अमले की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश में 51 क्षमता वर्धन कार्यशालाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है। इसके साथ ही, तीन वृहद राज्य स्तरीय कार्यशालाएं भी की गई। जिनके माध्यम से सभी 406 निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO), यंत्रियों और स्वच्छता नोडल अधिकारियों का प्रभावी क्षमतावर्धन किया गया है। मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे अमले को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 874 महिला सफाई मित्रों को भी 15 विभिन्न बैचों में 'स्वास्थ्य एवं स्वच्छता' तथा 'कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों' पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। सुदृढ़ जन-भागीदारी और इन व्यापक प्रशासनिक तैयारियों के बल पर मध्यप्रदेश का लक्ष्य अपने शहरों को पूर्णतः स्वच्छ बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना गौरव स्थापित करना है।  

स्कूलों में गूंजेगा वंदे मातरम: बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

कलकत्ता पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान वंदे मातरम् गीत गाना अनिवार्य करने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और राज्य के सभी छात्रों को स्कूल शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत गाना होगा। विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।  क्या दिए गए निर्देश? 13 मई को जारी आदेश में शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया कि कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में वंदे मातरम् गीत का गायन अनिवार्य बनाया जाए ताकि राज्य के सभी स्कूलों में सभी छात्र राष्ट्रीय गीत गाएं। अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों को इसके पालन का वीडियो रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है, ताकि इसे लागू किए जाने का प्रमाण उपलब्ध रहे। सीएम शुभेंदु ने क्या बताया? पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, अगले सोमवार से राज्य के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् को प्रार्थना गीत के रूप में शुरू किया जाएगा। मैं आज नबन्ना जाकर इसकी जानकारी दूंगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े कानूनों को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन की तैयारी कर रही है, जिसके तहत वंदे मातरम् के गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार का यह कदम राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है। अब तक राज्य के स्कूलों में गाए जाता था राष्ट्रगान अब तक राज्य के स्कूलों में मुख्य रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन गाया जाता था, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध के दौरान टैगोर द्वारा लिखे गए ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को राज्य गीत के रूप में शामिल किया था। अब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भी प्रार्थना सभा का स्थायी हिस्सा बनेगा। फैसले पर उठ रहे सवाल इस फैसले के बाद कुछ शिक्षक संगठनों और स्कूल प्रशासन की ओर से व्यावहारिक सवाल भी उठाए गए हैं। उनका कहना है कि सीमित समय वाली स्कूल असेंबली में राष्ट्रगान, राज्य गीत और राष्ट्रीय गीत तीनों को किस क्रम में और कितनी अवधि में गाया जाएगा, इस पर अभी और स्पष्टता की जरूरत है। हिंदू स्कूल के प्रधानाध्यापक शुभ्रजीत दत्ता ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों के बाद जब छात्र स्कूल लौटेंगे, तब वे जन-गण-मन के साथ वंदे मातरम् भी गाएंगे। उन्होंने बताया कि छात्रों को पहले ही वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी जा चुकी है और उन्हें इसकी पंक्तियां याद करने के लिए कहा गया था। वहीं वामपंथी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या सभी गीत रोज गाए जाएंगे और उन्हें मौजूदा प्रार्थना सभा के ढांचे में किस तरह शामिल किया जाएगा। हालांकि सरकार ने फिलहाल आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला, 13 हजार उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट रद्द

जबलपुर   मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने  13 हजार 89 चयनित शिक्षकों की मेरिट लिस्ट रद्द कर दी है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में 5 प्रतिशत बोनस अंक विवाद पर जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने पूरी मेरिट लिस्ट को दोबारा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गैर-आरसीआई अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने का भी आदेश दिया है। मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 शिक्षकों को बुधवार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की कथित तौर पर बोनस अंक विवाद जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। बुधवार को सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने विवादित मेरिट लिस्ट को निरस्त कर दिया। साथ ही राज्य शासन और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाने को कहा है। नई मेरिट लिस्ट बनने से दोबारा प्रक्रिया होगी और इसका असर मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 चयनित शिक्षकों पर पड़ेगा। कौन है गैर-आरसीआई अभ्यर्थी, जिन्हें करेंगे बाहर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जिनके पास आरसीआई (भारतीय पुनर्वास परिषद) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा नहीं है, उन्हें 5 प्रतिशत बोनस का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने ऐसे सभी अपात्रों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने के निर्देश राज्य शासन और कर्मचारी चयन मंडल को दिए हैं। कोर्ट का मानना है कि यदि गलत जानकारी देकर लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को बाद में सुधार का अवसर दिया जाएगा तो यह ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। कोर्ट ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए लिखा है कि यदि पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपने अंक कम कराने या नहीं वाला विकल्प चुनने की अनुमति दी जाती है तो यह सीधे बेईमानी को बढ़ावा देने जैसा हो जाएगा। कहां से शुरू हुआ था विवाद नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया और अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें सवाल उठाते हुए कहा था कि भर्ती नियमों के मुताबिक केवल आरसीआई से मान्यता प्राप्त 'विशेष शिक्षा डिप्लोमा' धारकों को ही 5 फीसदी बोनस अंक का लाभ दिया जाना था, लेकिन मेरिट सूची में करीब 14984 अभ्यर्थियों ने स्वयं को इसी श्रेणी में दर्शाकर बोनस अंक हासिल कर लिए। जबकि आरसीआई के आंकड़े कहते हैं कि मध्यप्रदेश में केवल 2194 कार्मिक और 3077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। यही विवाद का कारण बना। हां लिखते ही मिल गए बोनस अंक याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया के वक्त अभ्यर्थियों से न तो आरसीआई रजिस्ट्रेशन नंबर मांगा गया और न ही प्रमाण-पत्र। सिर्फ ऑनलाइन आवेदन में हां लिख देने से ही साफ्टवेयर के जरिए सीधे 5 प्रतिशत बोनस अंक दे दिए गए थे। खास बात यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय ने पांच माह पहले ही चेतावनी दे दी थी कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का बोनस के लिए हां लिखा जाना संदिग्ध है। हालांकि तभी कोई ठोस कदम उठा लिए जाते तो आज मेरिट लिस्ट विवादों में नहीं रहती। इस पूरे प्रकरण में याचिकाकर्ता की तरफ से आलोक वागरेचा और विशाल बघेल ने पक्ष रखा था।

सोने की चमक बढ़ी, चांदी हुई सस्ती! जानिए आज के ताजा गोल्ड-सिल्वर रेट

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान के बाद बुधवार को धुआंधार तेजी देखने को मिली थी. एक ही दिन में एमसीएक्स पर सोना 11000 रुपये, जबकि चांदी 22000 रुपये चढ़ गई थी. लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी सोना महंगा हुआ है, हालांकि इसमें बीते कारोबारी दिन जैसी तेजी नहीं दिखी. वहीं दूसरी ओर MCS Silver Price की बात करें, तो एक दिन की उछाल के बाद ये धड़ाम हो गई हैं. गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही चांदी 5700 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई।  सोना आज भी हुआ महंगा सबसे पहले बताते हैं सोने की कीमत के बारे में, तो बुधवार को ये 11000 रुपये तक उछला था, लेकिन अंत में 8000 रुपये के आसपास की बढ़त लेकर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को भी कीमती पीली धातु के दाम में तेजी देखने को मिली है. शुरुआती कारोबार में 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.63 लाख रुपये के पार निकल गया. सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के फैसले के बाद दो दिन में सोना अब तक 9613 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है और इसकी कीमत 1,53,442 रुपये से उछलकर 1,63,055 रुपये पर पहुंच गई है।  चांदी की तेजी पर अचानक ब्रेक  दूसरी ओर चांदी की कीमत की बात करें, तो इसकी कीमत में बुधवार को आई धुआंधार तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और ये कीमती धातु भरभराकर टूटी. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी एक झटके में 5788 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई. दरअसल, बीते कारोबारी दिन इसका भाव 3,00,238 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही ये गिरकर 2,94,450 रुपये प्रति किलो पर आ गई।  हाई से अब कितना सस्ता Gold-Silver?  सोने की कीमत में इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद भले ही दो दिन से तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. वायदा कारोबार में 5 जून की एक्सपायरी वाले सोने की हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 39,929 रुपये सस्ता मिल रहा है।   चांदी ने भी एमसीएक्स पर इस साल जनवरी महीने में रिकॉर्ड तोड़े थे और पहली बार 4 लाख के पार निकली थी. 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का हाई लेवल 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम है और इस लेवल से अब ये कीमती धातु 1,62,878 रुपये कम कीमत पर मिल रही है। 

मंत्री का निर्देश- वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए बनाएं आकर्षक टूर पैकेज 

आपदा में अवसर: यूपी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई नई कार्ययोजना पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ की विशेष बैठक  'विजिट माय स्टेट' अभियान से यूपी पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, हेरिटेज स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ाने पर जोर 'राष्ट्र प्रथम' के मंत्र के साथ यूपी पर्यटन की नई रणनीति, संग्रहालयों में दो माह तक फ्री एंट्री मंत्री का निर्देश- वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए बनाएं आकर्षक टूर पैकेज  'आपदा में अवसर' हमारा मूल मंत्र, राष्ट्र प्रथम की भावना से पर्यटन को देंगे नया आयाम- जयवीर सिंह लखनऊ वैश्विक अनिश्चितताओं के मौजूदा दौर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में  पर्यटन निदेशालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक हुई। मीटिंग में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को 'आपदा में अवसर' बताते हुए पर्यटन क्षेत्र को नई संभावनाओं से जोड़ने पर बल दिया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में राज्य के हेरिटेज स्थलों, ईको साइट्स, किलों समेत अन्य स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में बढ़ावा देने तथा 'विजिट माई स्टेट' अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'पर्यटन विभाग 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से काम करेगा। उन्होंने 'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत संग्रहालयों में आगामी दो माह तक निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आकर्षक और अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार करने हेतु टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।' सरकारी वाहनों का न्यूनतम उपयोग पर्यटन मंत्री ने कहा, 'प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता, संसाधनों के समुचित उपयोग और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में अधिकारियों को सरकारी वाहनों के उपयोग को न्यूनतम रखने, आपसी समन्वय स्थापित कर एक ही वाहन से कार्यालय आने तथा विभागीय फ्लीट में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने के निर्देश दिए गए हैं।'  राही पर्यटक आवास में ठहरने पर दें छूट  मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित राही पर्यटक आवासों में पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान कर घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण करें। साथ ही, पर्यटकों को गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने हेतु विशेष पर्यटन व्यवस्थाएं विकसित किए जाने पर भी जोर दिया गया, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई गति मिल सके। साथ ही, पर्यटन महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे रेस्टोरेंट एसोसिएशन से समन्वय स्थापित कर पर्यटकों को भोजन एवं अन्य सेवाओं पर विशेष छूट उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करें। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए स्थानीय स्थलों का हो चयन  पर्यटन मंत्री ने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, कि नागरिक, वेडिंग प्लानर एवं आयोजनकर्ता डेस्टिनेशन वेडिंग सहित अन्य पारिवारिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए प्रदेश के भीतर उपलब्ध विरासत स्थलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने पर्यटन विभाग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के हेरिटेज स्थल, प्राचीन किले, ईको टूरिज्म साइट्स और सांस्कृतिक परिसर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। मंत्री ने मिर्जापुर स्थित ऐतिहासिक चुनार किला एवं राजधानी लखनऊ की छतर मंजिल को शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिए। बिना अनुमति निदेशालय आने से बचें- अपर मुख्य सचिव   बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, अनुशासित और प्रभावी बनाने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि 'विभिन्न जनपदों के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना निदेशालय आने से बचें। आवश्यक बैठकों एवं समन्वय कार्यों के लिए वर्चुअल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने ये भी कहा कि इस व्यवस्था से समय और संसाधनों की बचत के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।' बैठक में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, निदेशक पर्यटन (इको टूरिज्म) पुष्प कुमार के०, यूपीएसटीडीसी एमडी आशीष कुमार सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट में आज संजय पाठक की पेशी, जस्टिस को कॉल मामले ने पकड़ा तूल

भोपाल  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़े जस्टिस को कथित फोन लगाने के मामले में आज एक बार फिर अहम सुनवाई होगी। कोर्ट के निर्देश पर उन्हें अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। डिवीजन बेंच, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने पहले ही विधायक की व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग को खारिज कर दिया था। क्या है पूरा मामला? पूरा विवाद 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि एक विधायक द्वारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई थी। उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता को देखते हुए जस्टिस मिश्रा ने स्वयं को उस केस से अलग कर लिया था। विधायक का पक्ष पिछली सुनवाई में संजय पाठक ने हलफनामे में कहा था कि नंबर गलती से डायल हो गया था और कॉल एक ही रिंग में काट दी गई थी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है। गंभीर आरोपों की जांच कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर कोर्ट ने इसे न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना करार दिया था। इसके बाद कोर्ट ने विधायक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई पर विचार शुरू किया और उन्हें नोटिस जारी किया। खनन विवाद से जुड़ा मामला यह पूरा प्रकरण विधायक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से संबंधित है, जिसकी सुनवाई पहले जस्टिस मिश्रा की बेंच कर रही थी। आज की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट इस मामले में अगला बड़ा कदम तय कर सकता है।