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गंभीर रोगी और गर्भवती कर्मियों को जनगणना ड्यूटी से मिल सकती है छूट

  आगरा गंभीर रोगी, गर्भवती या दिव्यांग कर्मियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगेगी। 22 मई से घर-घर सर्वे शुरू होगा। 11 हजार प्रगणक मकानों की गणना करेंगे। ऐसे में ड्यूटी कटवाने के लिए 15 से 20 आवेदक रोज कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। बीमारी के आधार पर ड्यूटी कटवाने वालों का मेडिकल बोर्ड चिकित्सकीय परीक्षण कर रहा है।  जनगणना में 30 से अधिक विभागों के कर्मियों को शामिल किया गया है। बड़ी संख्या में ऐसी महिला कर्मियों की ड्यूटी भी जनगणना में आ गई है, जो मातृत्व अवकाश पर हैं। किडनी, हृदय, मधुमेह जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है। ड्यूटी कटवाने के लिए प्रगणक व सुपरवाइजर नगर क्षेत्र में अपर नगरायुक्त व तहसील क्षेत्र में एडीएम वित्त कार्यालय पहुंच रहे हैं। एडीएम वित्त एवं नोडल प्रभारी जनगणना शुभांगी शुक्ला ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में छूट सिर्फ मेडिकल आधार पर मिलेगी। मेडिकल बोर्ड आवेदक की बीमारी, इलाज व स्वास्थ्य की जांच करेगा। गर्भवती महिलाएं, गंभीर रोगी और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को परीक्षण के बाद ड्यूटी से मुक्त रखा जा सकता है। मैडम, मेरे पति बीमार… कोई बोला मेरा बच्चा छोटा जनगणना ड्यूटी कटवाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले कर्मियों के पास तरह-तरह की दलील हैं। किसी का कहना है कि मेरे पति बीमार हैं। मैं उन्हें घर अकेला नहीं छोड़ सकती। किसी ने कहा कि मेरा बच्चा छह महीने का है। उसे अकेला घर पर नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे मामलों में भी जांच-पड़ताल के बाद प्रशासन ड्यूटी पर निर्णय ले रहा है। कलेक्ट्रेट में पिछले 15 दिनों में 300 से अधिक लोग ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदक कर चुके हैं।    

अधिकमास के लिए वृंदावन में सफाई व्यवस्था तीन शिफ्ट में होगी

 वृंदावन अधिकमास में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए नगर निगम ने परिक्रमा मार्ग में सफाई व्यवस्था के साथ कच्चे पाथ को उपलब्ध करवाने के लिए अभियान चलाया। निगम की टीम ने अटल्ला चुंगी से लेकर रमणरेती पुलिस चौकी कट तक सड़क किनारे कच्चे पाथ पर हाे रहे अवैध अतिक्रमण को हटवाया। कच्चे पाथ पर हाे रहे अवैध कब्जों को निगम की टीम ने हटाया सोमवार को दैनिक जागरण ने अधिकमास में श्रद्धालुओं को गर्मी में परिक्रमा करने के दौरान कच्चा पाथ न मिलने का समाचार प्रकाशित किया था। मंगलवार को परिक्रमा मार्ग में अधिकमास के दौरान सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि करने के साथ तीन शिफ्ट में सफाई कार्य करवाने की भी योजना बनाई गई। अधिकमास में परिक्रमा में तीन शिफ्ट में होगी सफाई व्यवस्था अधिकमास 17 मई से शुरू हो रहा है। इस दिन से एक महीने तक देश दुनिया के लाखों श्रद्धालु पंचकोसीय पैदल व दंडवती परिक्रमा करेंगे। उज्जवल ब्रज संस्था के प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने बताया कि परिक्रमा मार्ग में वर्तमान में 120 सफाईकर्मी काम कर रहे हैं। अधिकमास में डेढ़ सौ सफाईकर्मी तैनात कर तीन शिफ्टों में काम करवाया जाएगा। सुबह पांच से दोपहर एक बजे तक दोपहर तीन से रात दस बजे तक और रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक तीन शिफ्टों में सफाईकर्मी दिनरात परिक्रमा मार्ग में सफाई व्यवस्था की कमान संभालेंगे।  

IR कोड लागू होने की तैयारी तेज, यूनियन राजनीति में बड़ा बदलाव संभव

धनबाद  कोल इंडिया में ट्रेड यूनियनों की मान्यता और प्रतिनिधित्व का पूरा ढांचा बदलने जा रहा है. 8 मई को औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के केंद्रीय नियमों की आधिकारिक अधिसूचना के बाद कंपनी और यूनियन हलकों में हलचल तेज हो गई है. कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने आइआर कोड लागू करने की ठोस सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. यदि सिफारिशें लागू होती हैं, तो वर्षों से चली आ रही “हम सबसे बड़ी यूनियन” वाली दावा राजनीति पर विराम लग जाएगा और यूनियनों की ताकत सीधे कर्मचारियों के वोट से तय होगी. मान्यता का नया फॉर्मूला : चेक-ऑफ नहीं, अब वोट से ताकत     51% या अधिक वोट पाने वाली यूनियन बनेगी एकमात्र वार्ताकार यूनियन     51% नही होने पर 20% वोट पाने वाली यूनियनों की वार्ताकार परिषद बनेगी     20% से कम वोट पाने वाली यूनियनों की पांच वर्षों तक मान्यता नहीं     केवल कट-ऑफ डेट तक मतदाता सूची में दर्ज कर्मचारी ही वोट करेंगे     पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सत्यापन अधिकारी की निगरानी में होगी     चुनाव से मिली मान्यता पांच वर्षों तक वैध रहेगी कोल इंडिया स्तर पर प्रतिनिधित्व की नई शर्त कंपनी स्तर के मंचों पर प्रतिनिधित्व के लिए किसी यूनियन को कम-से-कम पांच अनुषंगी कंपनियों में 20 प्रतिशत वोट हासिल करना अनिवार्य होगा. तभी उन्हें वार्ताकारी परिषद में जगह मिलेगी. 90 दिनों का चुनाव कैलेंडर (ड्राफ्ट का खाका)     पहला दिन : कट-ऑफ डेट, मतदाता निर्धारण     दिन 0-03 : यूनियनों के आवेदन     दिन 03-14 : दस्तावेजों की स्क्रूटनी     दिन 15-18 : प्री-बैलेट मीटिंग, चुनाव चिह्न आवंटन     दिन 20 : मतदाता सूची प्रकाशन     दिन 71-75 : सीक्रेट बैलेट वोटिंग     दिन 76-80 : मतगणना, परिणाम     दिन 82-89 : प्रोजेक्ट/एरिया/सब्सिडियरी/सीआइएल स्तर पर मान्यता आदेश चार-स्तरीय वार्ता प्रणाली लागू होगी     कोल इंडिया मुख्यालय स्तर पर : वेतन समझौता, कैडर-ग्रेड, स्टैंडिंग ऑर्डर, ट्रांसफर पॉलिसी     सब्सिडियरी स्तर : कंपनी-विशिष्ट मुद्दे     एरिया स्तर : क्षेत्रीय/संचालन संबंधी समस्याएं     प्रोजेक्ट/यूनिट स्तर : स्थानीय कार्यस्थल के मुद्दे इसके अलावा, वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण कमेटी का गठन अनिवार्य होगा, जिनमें महिलाओं को अनुपातिक प्रतिनिधित्व देना होगा. इन समितियों में सदस्य केवल मान्यता प्राप्त वार्ताकार यूनियन/परिषद से नामित होंगे. क्या बदलेगा यूनियन राजनीति में?     सबसे बड़ी यूनियन का दावा नहीं, वोट से वैधता     पांच साल की स्थिर मान्यता     नेगोशिएशन का स्पष्ट दायरा     जमीनी स्तर से मुख्यालय तक लोकतांत्रिक संरचना मजबूत होगी नियम लागू होने की टाइमलाइन 21 नवंबर 2025 से आइआर कोड प्रभावी है. केंद्रीय नियमों का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ. सलाह और सुझाव 28 फरवरी 2026 तक लिए गए. 1 अप्रैल 2026 से यह लागू होना प्रस्तावित था, लेकिन पांच राज्यों के चुनाव के कारण इसमें देरी हुई. 8 मई 2026 को अधिसूचना जारी होने के बाद अब निगाहें इस पर हैं कि कोल इंडिया में इसे कब से लागू किया जा रहा है. प्रबंधन और यूनियनों के बीच जल्द रणनीतिक बैठक की बात कही जा रही है. महिलाओं का प्रतिनिधित्व : अब अनिवार्य प्रावधान 1मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया में 19,135 महिला कर्मी काम करती हैं. अब तक यूनियनों में उनका प्रतिनिधित्व औपचारिक समितियों तक सीमित रहा है, पर आइआर कोड के तहत वर्क्स कमेटी और शिकायत निवारण समिति में अनुपातिक भागीदारी अनिवार्य होगी.

खरीफ कर्मशाला 2026: सूखे की आशंका पर सरकार की तैयारी तेज

 रांची  कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे, उनको सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रही थीं। किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में कांटिजेंट प्लान बनाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है। उसे यदि सही समय पर बीज न मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों के लिए काम करेंगे। जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलाए, जिसमें प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसकी रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। 20 मई को हर जिला में खरीफ मेला का आयोजन होगा। जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में मृदा जांच काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीके से किसानों को समझाना होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दें। 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें। हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें। बीज का वितरण एसएचजी और एफपीओ के जरिए हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे। पशुओं की दवाई का वितरण समय से हो कृषि मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर होने के लिए निविदा समय पर निकाली जाए। मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य समाप्त हो जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें। इसके अलावे उन्होंने भूमि संरक्षण, सोलर पंप वितरण, ड्रिप इरीगेशन, मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया। बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दुबे ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें, इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा। जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी।  

पीएम मोदी की अपील के बाद राजस्थान में ईंधन बचत पर सख्ती

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है. सीएम भजनलाल ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम से कम रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है. मुख्यमंत्री का यह फैसला पीएम मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल डीजल की बचत करने की अपील की थी. पेट्रोल-डीजल बचाने की पीएम मोदी ने की अपील प्रधानमंत्री मोदी ने पहले हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान इस तरह की अपील की. इसके बाद फिर 24 घंटे के बाद अंदर गुजरात के वड़ोदरा से दोबारा वही अपील की. प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ईंधन के बचत की दिशा में आवश्यक कदम उठाया है. खुद के काफिले में वाहन कम करने के निर्देश मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने काफिलों में कम से कम वाहनों का उपयोग करें. इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत को प्राथमिकता देते हुए अनावश्यक वाहन प्रयोग नहीं करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि स्तर पर भी मितव्ययता अपनाई जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.

जल्द जारी होंगे एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों को वेबसाइट चेक करने की सलाह

रांची  सेना भर्ती कार्यालय रांची ने अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026 के लिए काॅमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन की तिथियों की घोषणा कर दी है। परीक्षा 1 जून से 15 जून तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा उन सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए होगी जिन्होंने अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। भर्ती कार्यालय के अनुसार सभी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जल्द ही ज्वाइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करने और एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। परीक्षा का आयोजन एडमिट कार्ड में अंकित तिथि, समय और परीक्षा केंद्र के अनुसार किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को प्रिंटेड एडमिट कार्ड, मूल फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा एडमिट कार्ड में उल्लिखित अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। दलालों से सावधान रहने की चेतावनी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी रांची स्थित आर्मी आफिस से संपर्क कर सकते हैं अथवा जेएलएक पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत या प्रश्न दर्ज कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को दलालों और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय सेना में चयन पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से जुड़ेगी सड़क, पटना से समस्तीपुर सफर होगा आसान

पटना जेपी गंगा पथ की तरह भद्रघाट से दीदारगंज तक फोरलेन सड़क दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस सड़क का लगभग 35 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई 8.5 किलोमीटर है और 158.40 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण हो रहा है। जानकारी के अनुसार पथ निर्माण विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक इसे तैयार करने का है। जनवरी से इसपर आवागमन शुरू होने की संभावना है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार जैसे-जैसे जमीन मिल रही, उस मुताबिक काम किया जा रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से गंगा किनारे चित्रगुप्त घाट से कंगन घाट तक अतिक्रमण हटाया गया है। कच्ची दरगाह-बिदुपर पुल से जुड़ेगी सड़क उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल से भद्रघाट-दीदारगंज सड़क जुड़ेगी। इसके जुड़ने से पटना सिटी से लोग समस्तीपुर का सफर कर सकेंगे। यह सफर तीन घंटे से कम होकर 1 घंटे का हो जाएगा। पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पुल के चालू होने से गांधी सेतु और जेपी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। पटना सिटी के लोगों को आवागमन के लिए जेपी गंगा पथ के अलावा एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे खासतौर पर तख्त श्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि यह मार्ग यात्रा को सुगम और तेज बनाएगा। मालवाहक वाहन फोरलेन सड़क से मंडी तक पहुंच सकेंगे मारूफगंज मंडी के लिए यह सड़क बहुत लाभकारी साबित होगी। फोरलेन सड़क के निर्माण के बाद मालवाहक वाहनों को पटना सिटी के भीतरी क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे फोरलेन सड़क से होकर मंडी तक पहुंच सकेंगे, जिससे जाम की समस्या भी कम होगी और समय की बचत होगी। वर्तमान में, मंडी तक पहुंचने वाले वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ता है, जिससे जाम और समय लगता है। छठ महापर्व पर गंगा तक पहुंच होगी आसान इस सड़क में ग्रीन फील्ड 2.25 किमी है। छठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में गंगा तक लोग सुगमतापूर्वक पहुंच सकेंगे। सड़क का निर्माण उस अनुरूप होगा। दरअसल, गंगा से सटा हुआ भद्रघाट से दीदारगंज तक इलाका है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बहाल की जा रही है। ताकि पर्व-त्योहार में घाटों तक पहुंचने में लोगों को परेशानी नहीं हो।

बिहार में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, लोगों से पैनिक न होने की अपील

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उसके इस्तेमाल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की अभी पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि कॉलोनी व अपार्टमेंट में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर तेजी से काम करें। हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और एलपीजी का स्टॉक, खपत एवं आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में सीएम को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में अब-तक एक लाख 12 हजार पीएनजी कनेक्शन काम कर रहे हैं। इसके लिए 25,813 लोगों ने आवेदन भी दिया है। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय सिंह सहित तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे। निजी स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सहूलियतों का ख्याल रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। साथ ही निजी विद्यालयों की ओर से पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से स्कूलों की ओर से अनावश्यक शुल्क लेने पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर यह पहल की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने तथा छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि निजी विद्यालयों को सभी तरह के फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन समेत अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। संबंधित निजी विद्यालय निर्देशित दुकान और निर्देशित ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं।

फिटनेस आइकन से सफल कारोबारी तक: प्रतीक यादव की प्रेरणादायी कहानी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा नाम मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। प्रतीक के जाने से न केवल यादव परिवार शोक में है, बल्कि लखनऊ के व्यावसायिक हलकों में भी सन्नाटा पसर गया है। जहां मुलायम सिंह का बेटा होने के नाते उनके लिए राजनीति का रास्ता सबसे आसान था, वहीं प्रतीक ने सत्ता की चकाचौंध से दूरी बनाकर अपनी मेहनत से 'व्यावसायिक साम्राज्य' खड़ा किया। लखनऊ में सबसे बड़ा जिम बनाया और रियल इस्टेट के कारोबार में भी खुद को मजबूत किया। पिता की विरासत नहीं, खुद का रास्ता चुना साल 2014 में जब मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी दोनों सीटों से लोकसभा चुनाव जीता था, तब सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि रिक्त होने वाली एक सीट से प्रतीक यादव चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन प्रतीक ने इन कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने पिता की राजनीतिक विरासत के बजाय अपने जुनून जिम और रियल एस्टेट को अपना करियर चुना। उन्होंने साबित किया कि एक बड़े राजनीतिक घराने का वारिस भी एक सफल कॉर्पोरेट लीडर बन सकता है। लखनऊ का सबसे बड़ा जिम और फिटनेस साम्राज्य प्रतीक यादव को 'फिट इंडिया' का पहला सियासी आइकन माना जाता है। उनके पास लखनऊ का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक जिम था। 11वीं में पढ़ने के दौरान ही 100 किलो से अधिक वजन के बाद भी प्रतीक ने अपनी फिटनेस यात्रा से सबको चौंका दिया था। उन्होंने न केवल वजन घटाया, बल्कि एक 'आयरन मैन' जैसी काया हासिल की। उनकी फिटनेस का लोहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माना गया और उनका सफर 'इंटरनेशनल फिटनेस मैगजीन' के कवर पेज तक पहुंचा। फिटनेस इंडस्ट्री में उनका बहुत बड़ा निवेश और प्रभाव था। रियल एस्टेट और 'प्रतीक एडुविज' का सफर प्रतीक की व्यावसायिक सूझबूझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने विरासत में मिली संपत्ति को अपने टैलेंट से कई गुना बढ़ाया। लखनऊ के रियल एस्टेट मार्केट में उनका बड़ा नाम था। वे 'प्रतीक एडुविज' (Prateek Eduwiz) जैसी कंपनियों के जरिए कॉर्पोरेट जगत में सक्रिय थे। उनकी नेटवर्थ और व्यावसायिक पोर्टफोलियो में कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स शामिल थे। उन्होंने कभी भी अपने काम के लिए राजनीतिक प्रभाव का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपनी व्यावसायिक योग्यता से अलग मुकाम हासिल किया। समाज सेवा और गो-सेवा का प्रेम प्रतीक और उनकी पत्नी अपर्णा यादव को पशु प्रेम के लिए भी जाना जाता है। लखनऊ के कान्हा उपवन में अपर्णा की एक बड़ी गोशाला है। इस गोशाला में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरा कर चुके हैं और सराहना भी की थी। प्रतीक इस गोशाला के प्रबंधन और समाज सेवा के कार्यों में भी सहयोग करते थे। इसके अलावा स्ट्रीट डॉग को लेकर भी वह चिंतित रहते और उनकी व्यवस्थाओं में भी कई कार्य किए थे। आज वे अपने पीछे एक सफल बिजनेस एम्पायर, करोड़ों की संपत्ति और फिटनेस की एक प्रेरणादायी कहानी छोड़ गए हैं।

PBKS ने क्यों डिलीट किया अपना पोस्ट? सोशल मीडिया विवाद पर मचा बवाल

नई दिल्ली पंजाब किंग्स आईपीएल 2026 में लगातार 4 हार के बाद दबाव में है। इस बीच टीम और इसके कुछ खिलाड़ियों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर फ्रेंचाइजी ने बहुत तल्ख प्रतिक्रिया दी है। पंजाब किंग्स के ऑफिशल सोशल मीडिया हैंडल से मंगलवार रात को पोस्ट करके लोगों से टीम और खिलाड़ियों को लेकर 'दुष्प्रचार' फैलाने से बचने की अपील की है। टीम की को-ओनर प्रीति जिंटा ने उस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि आलोचना और दुष्प्रचार में फर्क होता है। पंजाब किंग्स ने हालांकि देर रात अपने उस बयान को डिलीट कर दिया और एक नया पोस्ट लिखा जिसमें 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स'शब्द को हटा दिया गया था। पंजाब किंग्स का ऑरिजिनल पोस्ट पंजाब किंग्स ने अपने ऑरिजिनल पोस्ट में लिखा, 'आलोचना, हंसी-मजाक और ऑपिनियन खेल के हिस्से हैं। चीफ इंगेजमेंट के लिए फर्जी कहानियां और मनगढ़ंत नैरेटिव खेल का हिस्सा नहीं हैं। हम सभी से और खास तौर पर 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स' से गुजारिश करते हैं कि अटेंशन पाने के लिए गलत सूचनाओं के फैलाने से पहले तथ्यों की जांच करें।' बाद में संशोधित बयान जारी किया पंजाब किंग्स ने बाद में अपने ऑरिजनल पोस्ट को डिलीट कर दिया और एक नया पोस्ट लिखा जिसमें 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स' वाला हिस्सा हटा दिया था। जानबूझकर फर्जी बातें फैलाने को हल्के में नहीं लेंगे: जिंटा पंजाब किंग्स की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने भी पूरे मामले पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। PBKS के ऑरिजिनल पोस्ट को शेयर करते हुए जिंटा ने लिखा कि जानबूझकर फेक नैरेटिव फैलाने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। जिंटा ने एक्स पर लिखा, ‘आलोचना और सोचे-समझे दुष्प्रचार में अंतर होता है। खेल को लेकर स्वस्थ बहस का स्वागत है लेकिन व्यक्तियों, टीम या ब्रैंड को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर फेक नैरेटिव फैलाने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और न लिया जाएगा। मैं वेरिफाइड हैंडल्स और मीडिया प्रफेशनल्स समेत सभी से गुजारिश करती हूं कि अपुष्ट सूचनाओं को फैलाने से पहले जिम्मेदारी का परिचय दें। धन्यवाद।’ पंजाब किंग्स को क्यों करना पड़ा पोस्ट? आईपीएल 2026 में शानदार शुरुआत के बाद पंजाब किंग्स लड़खड़ाती दिख रही है। शुरुआती 7 मैचों में अजेय रही टीम पिछले 4 मैचों से लगातार हार रही है। इस बीच टीम के खिलाड़ियों को लेकर कुछ नकारात्मक चर्चाएं भी चल रही हैं। हाल ही में स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल के एक वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा जिसमें वह फ्लाइट के दौरान कथित तौर पर ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। इसी तरह ओपनर प्रभसिमरन सिंह की फिटनेस को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा चल रही है। चर्चाओं के मुताबिक टूर्नामेंट के दौरान प्रभसिमरन का कथित तौर पर वजन बढ़ गया है। इसने पंजाब किंग्स के फैंस के बीच भी बहस को जन्म दिया है। पंजाब किंग्स अब भी प्लेऑफ की मजबूत दावेदार पंजाब किंग्स भले ही अपने पिछले 4 मुकाबले हार गई हो लेकिन टीम अब भी पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। टीम अब भी प्लेऑफ में पहुंचने की मजबूत दावेदार है। पंजाब किंग्स ने अब तक खेले गए 11 मैचों में 6 में जीत हासिल की है और 4 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। एक मैच बारिश की वजह से बेनतीजा रहा। वह 13 अंकों के साथ आईपीएल 2026 के पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। गुजरात टाइटंस 16 अंकों के साथ पहले पायदान पर है। आरसीबी दूसरे और सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे नंबर पर है। दोनों के 14-14 अंक हैं।