samacharsecretary.com

बाराबंकी: गैस सिलेंडर न मिलने पर युवक गिरफ्तार

बाराबंकी बाराबंकी के रामनगर तहसील में मंगलवार को एसडीएम आनंद तिवारी ने अपनी भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर मांगने आए युवक शिवमोहन को पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया. बढ़नपुरवा निवासी शिवमोहन एक हफ्ते से गैस एजेंसी के चक्कर काट रहा था और बुकिंग नंबर होने के बावजूद उसे सिलेंडर नहीं मिल रहा था. बुधवार को होने वाली शादी की तैयारी के लिए जब वह फरियाद लेकर तहसील पहुंचा, तो एसडीएम ने उसे अराजकता फैलाने के आरोप में हिरासत में भिजवा दिया. हालांकि, पुलिस ने दो घंटे बाद उसे छोड़ दिया, लेकिन पीड़ित को सिलेंडर नहीं मिला और घर में लकड़ियों पर खाना बनाना पड़ रहा है. शादी का घर और सिलेंडर की किल्लत रामनगर क्षेत्र के शिवमोहन की भतीजी अनीता की आज बुधवार को शादी है. घर में बारात आनी है, लेकिन रसोई के लिए गैस का संकट खड़ा हो गया. शिवमोहन ने श्री लोधेश्वर इंडियन गैस एजेंसी में सिलेंडर बुक कराया था और उसे DAC नंबर भी मिल चुका था. नियमों के मुताबिक नंबर मिलने के बाद गैस मिल जानी चाहिए, लेकिन एजेंसी संचालक उसे हफ्ते भर से टाल रहा था. थक-हारकर पीड़ित न्याय की उम्मीद में तहसील के आला अधिकारी के पास पहुंचा था. एसडीएम का पारा हुआ हाई, मिली जेल पीड़ित शिवमोहन के अनुसार, मंगलवार सुबह जैसे ही एसडीएम आनंद तिवारी अपनी गाड़ी से उतरे, उसने अपनी समस्या बतानी शुरू कर दी. अपनी व्यथा सुनाना ही उसे भारी पड़ गया. एसडीएम साहब बात सुनते ही आगबबूला हो गए और उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बुलाकर शिवमोहन को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दे दिया. पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई, जिससे शादी वाले घर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे. अराजकता का आरोप और मजबूर परिवार इस मामले पर सफाई देते हुए एसडीएम आनंद तिवारी ने कहा कि कुछ लोग गैस सिलेंडर के नाम पर आकर अराजकता और 'न्यूसेंस' क्रिएट कर रहे थे, इसलिए उन्हें पुलिस के हवाले किया गया था. हालांकि, शिवमोहन को दो घंटे बाद छोड़ दिया गया, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. आज शादी के दिन भी परिवार गैस के लिए भटक रहा है और घर के आंगन में लकड़ियों के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है.

पेट्रोल-डीजल बचाने की पहल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जारी किए कई सख्त निर्देश

पटना ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से उपजे वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वो पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में पहल करें। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या घटा कर की गई है। सीएम ने इसके अलावा कई पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधि से भी अतिरिक्त वाहन नहीं इस्तेमाल करने की अपील भी की है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। • मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है। • माननीय मंत्री गण, निगम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण, सभी पदाधिकारी गण एवं जनप्रतिनिधि गण से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। • राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है। • राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। • प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है। • सरकारी तथा निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। • सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से 'नो व्हीकल डे' के आयोजन का आग्रह किया गया है।' साइकिल से अदालत पहुंचे औरंगाबाद के प्रधान जिला जज पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद इधर बिहार के औरंगाबाद जिले से भी एक खास तस्वीर नजर आई। औरंगाबाद जिले के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार बुधवार की सुबह साइकिल से अदालत पहुंचे। जिला जज राजीव रंजन कुमार ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें लोगों से इस वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया गया है। जिला जज राजीव रंजन कुमार अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से पुरानी जीटी रोड, समाहरणालय के मुख्य द्वार होते करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करते हुए व्यवहार न्यायालय स्थित अपने कार्यालय पहुंचे और न्यायालय के काम में जुट गए। प्रधान जिला जज के साथ उनके अंगरक्षक भी साइकिल से उनके साथ अदालत पहुंचे। प्रधान जिला जज ने आम लोगों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल जनता की नहीं, बल्कि न्यायाधीशों की भी है।न्यायाधीश की इस पहल की शहर में मुक्त कंठ से प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी अपील बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में अपने एक दौरे के दौरान देश की जनता से ईंधन और सोने की खपत को कम करने की अपील की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को भी बढ़ावा देने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पीएम के पहल पर उनके आधिकारिक काफिले को छोटा कर दिया गया है। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले एसपीजी को निर्देश दिया गया है कि वो उनके काफिले में शामिल कारों की संख्या में 50 प्रतिशत कटौती करने का प्रयास करें।

वकीलों का बड़ा फैसला: दिल्ली जिला अदालतों में पूर्ण न्यायिक बहिष्कार का ऐलान

नई दिल्ली  दिल्ली की सभी जिला अदालतों में 14 मई को न्यायिक कामकाज प्रभावित रहेगा। सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमिटी ने गुरुवार को पूरी तरह से न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। 10 मई को हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया। 10 मई को हुई आपात बैठक में लिया गया फैसला समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट पर जिला अदालत प्रशासन से जुड़े अहम फैसले ‘मनमाने तरीके’ से लेने का आरोप लगाया है। समिति के महासचिव विजय बिश्नोई द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बार एसोसिएशनों को नीति निर्माण प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। कोऑर्डिनेशन कमिटी ने सभी बार सदस्यों से हड़ताल में पूरी भागीदारी की अपील की है। हड़ताल के चलते दिल्ली की जिला अदालतों में जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों सहित नियमित सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है। क्या है मामला     14 मई को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल     दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 'मनमाने तरीके' से फैसले लेने का विरोध     नीति निर्माण में बार एसोसिएशन की अनदेखी पर नाराजगी     10 मई को हुई आपात बैठक में काम के बहिष्कार का निर्णय     जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा असर     कोऑर्डिनेशन कमिटी द्वारा न्यायिक कार्य के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान     महासचिव विजय बिश्नोई ने जारी किया आधिकारिक बयान     बार एसोसिएशन को प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था के खिलाफ बताया गया

गोपालगंज रेस्क्यू ऑपरेशन: ट्रैफिकिंग गिरोह से 44 लड़कियां छुड़ाईं, कई राज्यों से जुड़ा नेटवर्क उजागर

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में मंगलवार को आर्केस्ट्रा समूहों के खिलाफ अभियान चलाकर 44 से अधिक नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया है। 15 से अधिक आर्केस्ट्रा समूहों पर छापेमारी में पांच महिला सहित 21 संदिग्धों को ट्रैफिकिंग और बच्चियों के शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है। अपर पुलिस महानिदेशक ,कमजोर वर्ग अमित जैन और एसपी विनय तिवारी की देखरेख चलाए गए इस अभियान में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान और बिहार पुलिस मुख्यालय की संयुक्त टीम शामिल थी। पुलिस के अनुसार मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्चियों को पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से झांसा देकर लाया गया था। काउंसलिंग के बाद सभी बच्चियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। उनकी मेडिकल जांच,उम्र सत्यापन और अन्य कानूनी प्रक्रिया जारी है। ये हुए गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के गुरुसदे रजना, उत्तर प्रदेश के बनारस जिले के मनोज सोनार, पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के सुमित गोरे, गोपालगंज जिले के कुशौंधी बाजार निवासी विकास कुमार सिंह, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के ओमिर बाग सोम, गोपालगंज जिले के विशम्भरपुर निवासी पिंटू साह, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के राहुल मंडल, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सेफुल्लाह रसखोर को पकड़ा गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सुब्रतो साधक, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के राजू पासवान, गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी जीत कुमार सिंह, गोपालगंज जिले के मठवा परसुराम निवासी अनुप कुमार कुशवाहा, झारखंड के गिरिडीह जिले के शंकर कुमार, उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निवासी आलोक श्रीवास्तव, पश्चिम बंगाल के नोदिया जिले के रजक मंडल तथा गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी नीरज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। कराया जा रहा था अश्लील नृत्य जांच में सामने आया कि शादी-विवाह के मौसम में आर्केस्ट्रा समूहों द्वारा ट्रैफिकिंग के जरिए नाबालिग लड़कियों को बुलाया जाता था। उनसे भोजपुरी गीतों पर अश्लील नृत्य कराया जाता था। कई लड़कियों ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि उन्हें बेहतर जिंदगी, फिल्मों में काम और रुपये का लालच देकर इस धंधे में धकेला गया। कुछ ने यह भी बताया कि कथित प्रेमियों ने उन्हें बेच दिया। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि कार्रवाई से ट्रैफिकिंग गिरोहों और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत उजागर हुई है। राजस्थान से लापता किशोरी भी मिली पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद किशोरियों में एक किशोरी राजस्थान की रहने वाली है। वह पिछले पांच वर्षों से लापता थी और उसके गायब होने की रिपोर्ट वहां के स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। पूछताछ के बाद गोपालगंज पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद की गई लड़कियों में सबसे अधिक संख्या पश्चिम बंगाल की किशोरियों की है। दलालों द्वारा पैसा की लालच देकर डांस कराया जाता है। पहले भी दस किशोरियों को कराया गया था मुक्त बता दें कि इससे पहले 18 मार्च 2026 को गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। सूचना मिली थी कि ऑर्केस्ट्रा एवं डांस ग्रुप के नाम पर बाहर से लाई गई किशोरियों से जबरन डांस कराया जा रहा है तथा उनका शोषण किया जा रहा है।सूचना के बाद पुलिस ने एसोसिएशन फॉर वोलंटरी एक्शन, पटना, नारायणी सेवा संस्थान, गोपालगंज तथा बैकुंठपुर थाना की महिला पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ संयुक्त विशेष टीम बनाकर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कुल 10 किशोरियों को बरामद कर मुक्त कराया गया था। एक ऑर्केस्ट्रा संचालक और दो संचालिकाओं को गिरफ्तार किया गया था।

वीआईपी कल्चर छोड़ बस में सफर: सिंहस्थ कार्यों के निरीक्षण के लिए अधिकारियों ने अपनाई सादगी

उज्जैन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ईंधन बचाओ' अपील और मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशों के बाद प्रशासन ने काम करने का तरीका भी बदल दिया है। अब अधिकारी अलग-अलग गाड़ियों के बजाय एक ही बस में बैठकर सिंहस्थ कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के बीच प्रशासन का यह कदम चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, कमिश्नर – अधिकारी निरिक्षण के लिए अलग वाहन नहीं बल्कि ट्रेवलर से पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान, आशीष सिंह ने मितव्ययिता के नियमों के अनुरूप, अन्य अधिकारियों के साथ एक ही बस में यात्रा करके सिंहस्थ से संबंधित कार्यों का नियमित निरीक्षण शुरू किया। इससे पहले, अधिकारी अलग-अलग वाहनों का उपयोग करते थे। नियमित दौरे के हिस्से के रूप में, व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और नए घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच मार्गों के विकास की निगरानी करने हेतु गौ घाट से अन्य घाटों तक निरीक्षण किए गए। सिंहस्थ के कार्यों का पिछले एक सप्ताह से अधिकारी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। रोज कमिश्नर, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी अलग-अलग 15 वाहनों से पहुंचते थे। वे करीब 16 किमी का सफर करते हैं। अब समझिए कैसे हुई खर्च में कटौती 15 अधिकारी रोज सिंहस्थ क्षेत्र के 16 किमी का सफर तय करते हैं। उससे पहले अपने बंगले से घाट तक पहुंचते हैं, यह भी पांच से सात किमी होता है। ज्यादातर इनोवा कार हैं, जिनका एवरेज 10 किमी प्रति लीटर होता है। वहीं जब अधिकारी निरीक्षण करते हैं, वाहनों के एसी चालू रहते हैं। इस हिसाब से देखें तो प्रत्येक वाहन पर चार लीटर पेट्रोल या डीजल खर्च होता है। 450 रुपए प्रति कार के हिसाब से मानें तो 6750 रुपए प्रतिदिन खर्च होते थे। अधिकारियों ने बुधवार से ट्रैवलर बस से सफर शुरू किया है। इस बस में पहले दिन वे 12 किमी गए। जिसमें ढाई लीटर डीजल खर्च हुआ, जो करीब 250 रुपए से भी कम का होता है। हालांकि ट्रैवलर बस 4100 रुपए प्रतिदिन के किराए पर ली गई है। रोज सुबह किया जा रहा निरीक्षण सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय है। घाटों से जुड़ने वाले प्रस्तावित एप्रोच रोड के स्थान चिन्हित करने के लिए अधिकारी रोज सुबह 6 बजे से निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान वे करीब 6 किलोमीटर क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। टीम भावना भी मजबूत होगी मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले अलग-अलग विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी गाड़ियों से आते थे, जिससे अनावश्यक ईंधन और शासकीय धन का अपव्यय होता था। अब सभी अधिकारी एक साथ यात्रा करेंगे, जिससे टीम भावना भी मजबूत होगी और ईंधन की खपत में भी भारी कमी आएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा कि अलग-अलग गाड़ियों का काफिला बनने से ट्रैफिक पर भी असर पड़ता था। अब एक बस में सभी अधिकारियों के साथ जाने से ईंधन की बचत के साथ जाम जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। उन्होंने इसे बेहतर और अनुकरणीय पहल बताया। सिंहस्थ के लिए इतना बजट है प्रस्तावित बता दें कि, आगामी सिंहस्थ के लिए, ₹3,060 करोड़ के विकास कार्यों का प्रस्ताव किया गया है। कंठल चौराहे से सती गेट तक सड़क चौड़ीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है। निर्माण कार्य की समय सीमा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य 2027 तक, यानी सिंहस्थ आयोजन से 6 महीने पहले ही पूरे कर लिए जाएं, ताकि आखिरी समय में कोई समस्या न हो। 90 प्रवेश द्वारों से जुड़ेगा घाट क्षेत्र शिप्रा नदी के बाएं तट पर निर्मित हो रहे 14.5 किमी लंबे नवीन घाटों पर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन हेतु 65 प्रवेश-निर्गम मार्ग चिन्हित किए गए हैं। कुल 90 प्रवेश द्वारों को एप्रोच मार्गों और पार्किंग से जोड़ा जाएगा।  

झारखंड में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, रांची और हाईवे पंपों पर सप्लाई ठप

रांची  राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के आधे से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने से आम लोगों के साथ-साथ ट्रक चालकों और लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर सीमित मात्रा में ही तेल दिया जा रहा है। रांची से हजारीबाग और उत्तर प्रदेश तक ट्रक चलाने वाले चालक एमडी लल्लू ने बताया कि झारखंड में स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन झारखंड में तीन डिपो होने के बावजूद हाईवे के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। उनका कहना है कि अब झारखंड की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को गैलन में डीजल लेकर चलना पड़ सकता है। वहीं ट्रक चालक करण यादव ने बताया कि झारखंड से ओडिशा और अन्य राज्यों तक यात्रा के दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि हाईवे पर अधिकांश पेट्रोल पंप बंद थे, जिसके कारण उनका ट्रक चंदवे के पास बंद हो गया। बाद में एडवांस पैसे लेकर उन्होंने एक पेट्रोल पंप से मात्र दो हजार रुपये का डीजल प्राप्त किया। शहर के कई पंपों पर लंबी कतारें शहर में नामकुम से रिंग रोड, कोकर से नेवरी चौक और अरगोड़ा से दलादली चौक तक कई पेट्रोल पंपों पर मंगलवार को सप्लाई प्रभावित रही। नामकुम स्थित उरांव पेट्रोल पंप और कांटाटोली चौक के पास फ्रेंड्स पेट्रोल पंप पर पिछले कई दिनों से पेट्रोल और डीजल की किल्लत बनी हुई है। मौलाना आजाद कॉलोनी के पास स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भराने के लिए वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। शहर के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह की स्थिति बनी रही। गैलन में तेल स्टोर करने लगे लोग ईंधन संकट की आशंका को देखते हुए लोग अब गैलन में भी पेट्रोल और डीजल स्टोर करने लगे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से नियमित आपूर्ति नहीं मिलने के कारण परेशानी बढ़ रही है। यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।  

बिजली सुधार: राजस्थान डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार, घाटा कम हुआ

जयपुर राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियों (Rajasthan Discom) की आर्थिक सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिला है. सालों से घाटे और कर्ज से जूझ रही इन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी देनदारियों में 1352 करोड़ रुपये की कटौती की है. सरकार की सख्त निगरानी और बिजली बिलों की रिकॉर्ड वसूली ने इस मुश्किल लक्ष्य को आसान बना दिया. कैसे घटा कर्ज का भारी भरकम बोझ? सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की तीनों डिस्कॉम पर साल 2024-25 में कुल 97,970 करोड़ रुपये का संयुक्त कर्ज था. बेहतर मैनेजमेंट के चलते अब यह घटकर 96,618 करोड़ रुपये रह गया है. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देशन में विभाग ने न केवल खर्चों पर लगाम लगाई, बल्कि पुराने बकाये की वसूली पर भी जोर दिया. अजमेर और जयपुर डिस्कॉम ने किया टॉप कर्ज घटाने की इस दौड़ में अजमेर डिस्कॉम सबसे आगे रहा, जिसने अपनी देनदारियों में 935 करोड़ रुपये की कमी की. वहीं, जयपुर डिस्कॉम ने भी 644 करोड़ रुपये का कर्ज कम किया. हालांकि, जोधपुर डिस्कॉम के लिए चुनौतियां बरकरार हैं, जहां कर्ज 36,792 करोड़ से मामूली बढ़कर 37,019 करोड़ रुपये हो गया है. सस्ती ब्याज दरों का मिला सहारा राज्य सरकार ने डिस्कॉम को कर्ज के जाल से निकालने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC) से हाथ मिलाया. यहां से डिस्कॉम को महज 8.75 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर लोन मिला. ब्याज दरों में हुई 0.90% से 1.40% तक की इस कटौती ने महंगे पुराने कर्जों को खत्म करने में संजीवनी का काम किया. इतिहास में पहली बार 100% से ज्यादा वसूली इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि राजस्व वसूली रही. राजस्थान के इतिहास में पहली बार तीनों डिस्कॉम ने 100 प्रतिशत से अधिक राजस्व संग्रह किया है:-     जयपुर डिस्कॉम: 102% वसूली     अजमेर डिस्कॉम: 100.23% वसूली     जोधपुर डिस्कॉम: 100.96% वसूली खराब मीटरों का समाधान और बचत जयपुर डिस्कॉम ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपने सभी सर्किलों में खराब पड़े बिजली मीटरों को बदल दिया है. इसका सीधा फायदा यह हुआ कि औसत बिलिंग (Average Billing) के मामलों में कमी आई और विभाग को करीब 1.9 करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई.

बिहार कर्मचारियों का DA बढ़ा, 1 जनवरी 2026 से मिलेगा 60% महंगाई भत्ता

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार के कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए इलेक्ट्राॅनिक कार से सचिवालय पहुंचे। वहीं कई मंत्रियों ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। कई मंत्री सिर्फ एक वाहन से सचिवालय पहुंचे। 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कैबिनेट की बैठक के बाद विभागीय सचिव ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से की गई है। फिलहाल कर्मचारियों को 58 फीसदी का महंगाई भत्ता मिलता है। इसे बढ़ाकर 60 फीसदी तक किया जा रहा है। इसके अलावा भी नौकरी और रोजगार को लेकर कैबिनेट की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य कर्मचारियों को 5 महीने का एरियर मिलेगा बिहार सरकार की ओर से राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से बढ़ोतरी की गई है, ऐसे में उन्हें पांच महीने का एरियर भी मिलेगा। कैबिनेट सचिव ने बताया कि सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को अब 58 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं छठे केंद्रीय वेतनमान में वेतन-पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को1 जनवरी 2026 के प्रभाव से अब 257 प्रतिशत के स्थान पर 262 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। जबकि 5वें केंद्रीय वेतनमान में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को भी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से 474 महंगाई भत्ता के स्थान पर 483 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। किशनगंज में सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन कैबिनेट की बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में किशनगंज में सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को निशुल्क ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। 5 जिलों में ग्रामीण एसपी के पद का सृजन राज्य सरकार ने अपराध और सांप्रदायिक रूप से अत्यंत संवेदनशील पांच जिलों में ग्रामीण एसपी के पद सजृन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिला शामिल है। इसके अलावा तीन डिग्री काॅलेजों के लिए शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के 132 पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। शिक्षा क्षेत्र में सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत पिपरासी, भितहा और टेटिया बम्बर में तीन नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। बैठक में ‘द आर्यभट्ट दृष्टि’ परियोजना के लिए 209 करोड़ रुपये तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के लिए 110 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा वैशाली में खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए भूमि हस्तांतरण और वित्तीय अनियमितता के आरोप में भोजपुर के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को बर्खास्त करने का निर्णय भी लिया गया।  

निकाय चुनाव नतीजे: उकलाना में निर्दलीय जीत, सोनीपत और अन्य नगर निकायों में भाजपा मजबूत

 हिसार हरियाणा के हिसार जिले की उकलाना नगर पालिका चेयरपर्सन सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी रीमा सोनी ने शानदार जीत दर्ज की है। 23 वर्षीय रीमा सोनी ने भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 2806 वोटों के बड़े अंतर से हराकर चुनाव अपने नाम कर लिया। निकिता गोयल भाजपा के पूर्व चेयरमैन श्री निवास गोयल की बहू हैं। उकलाना का यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल लगातार रीमा सोनी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत पांच मंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया था। चार राउंड में साफ हो गई तस्वीर मतगणना के दौरान शुरू से ही रीमा सोनी बढ़त बनाए रहीं। चार राउंड की गिनती में किसी भी चरण में वह पीछे नहीं हुईं। तीसरे राउंड के बाद ही उनके समर्थकों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया था। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और नारे लगाकर खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि दूसरे राउंड के बाद भाजपा नेता श्री निवास गोयल अपनी बहू निकिता गोयल के साथ काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल गए थे। रीमा को मिले 7078 वोट चुनाव परिणाम के अनुसार रीमा सोनी को कुल 7078 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल को 4272 वोट हासिल हुए। इस तरह रीमा ने 2806 वोटों के अंतर से एकतरफा जीत दर्ज की। जीत के बाद रीमा सोनी ने समर्थकों के साथ रोड शो निकाला। उनके घर और चुनाव कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। पिता हरीश सोनी ने भी बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि जनता ने विकास और विश्वास के नाम पर मतदान किया है। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा हरियाणा निकाय चुनावों में कई नगर पालिकाओं और नगर निगमों के नतीजे सामने आने लगे हैं। सांपला नगर पालिका में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला। यहां 16 वार्डों में से 10 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 6 सीटों पर सफलता मिली। परिणाम आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोनीपत में भाजपा की बड़ी जीत सोनीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन मेयर चुनाव जीत गए हैं। वहीं वार्ड स्तर पर भी भाजपा को बढ़त मिलती नजर आई। वार्ड नंबर 14 से भाजपा प्रत्याशी किरन चांदना ने 1967 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इसके अलावा वार्ड नंबर 13 से भाजपा के महेश लूथरा ने 1644 वोटों से जीत दर्ज की। थारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव परिणाम धारूहेड़ा नगर पालिका वार्ड पार्षद चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं। वार्ड नंबर 1 से कविता, वार्ड 2 से देवेंद्र कुमार शर्मा, वार्ड 3 से त्रिलोक सिंह धारीवाल और वार्ड 4 से निहाल सिंह विजयी रहे। वार्ड 5 से गोपाल, वार्ड 6 से कृष्णा देवी, वार्ड 7 से मोनिका और वार्ड 8 से अमन राव ने जीत दर्ज की। इसी तरह वार्ड 9 से रंजन यादव, वार्ड 10 से अमित यादव, वार्ड 11 से रीना रानी और वार्ड 12 से धर्मवीर चुनाव जीते। वार्ड 13 से प्रिया कुमारी, वार्ड 14 से अनिल कुमार, वार्ड 15 से किरण और वार्ड 16 से मनीषा सैनी विजयी घोषित हुए। वहीं वार्ड 17 से मंशा सैनी और वार्ड 18 से सुमित्रा देवी ने जीत हासिल की।

गंभीर रोगी और गर्भवती कर्मियों को जनगणना ड्यूटी से मिल सकती है छूट

  आगरा गंभीर रोगी, गर्भवती या दिव्यांग कर्मियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगेगी। 22 मई से घर-घर सर्वे शुरू होगा। 11 हजार प्रगणक मकानों की गणना करेंगे। ऐसे में ड्यूटी कटवाने के लिए 15 से 20 आवेदक रोज कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। बीमारी के आधार पर ड्यूटी कटवाने वालों का मेडिकल बोर्ड चिकित्सकीय परीक्षण कर रहा है।  जनगणना में 30 से अधिक विभागों के कर्मियों को शामिल किया गया है। बड़ी संख्या में ऐसी महिला कर्मियों की ड्यूटी भी जनगणना में आ गई है, जो मातृत्व अवकाश पर हैं। किडनी, हृदय, मधुमेह जैसे गंभीर रोगों से ग्रस्त कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है। ड्यूटी कटवाने के लिए प्रगणक व सुपरवाइजर नगर क्षेत्र में अपर नगरायुक्त व तहसील क्षेत्र में एडीएम वित्त कार्यालय पहुंच रहे हैं। एडीएम वित्त एवं नोडल प्रभारी जनगणना शुभांगी शुक्ला ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में छूट सिर्फ मेडिकल आधार पर मिलेगी। मेडिकल बोर्ड आवेदक की बीमारी, इलाज व स्वास्थ्य की जांच करेगा। गर्भवती महिलाएं, गंभीर रोगी और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को परीक्षण के बाद ड्यूटी से मुक्त रखा जा सकता है। मैडम, मेरे पति बीमार… कोई बोला मेरा बच्चा छोटा जनगणना ड्यूटी कटवाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले कर्मियों के पास तरह-तरह की दलील हैं। किसी का कहना है कि मेरे पति बीमार हैं। मैं उन्हें घर अकेला नहीं छोड़ सकती। किसी ने कहा कि मेरा बच्चा छह महीने का है। उसे अकेला घर पर नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे मामलों में भी जांच-पड़ताल के बाद प्रशासन ड्यूटी पर निर्णय ले रहा है। कलेक्ट्रेट में पिछले 15 दिनों में 300 से अधिक लोग ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदक कर चुके हैं।