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फिटनेस आइकन से सफल कारोबारी तक: प्रतीक यादव की प्रेरणादायी कहानी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा नाम मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। प्रतीक के जाने से न केवल यादव परिवार शोक में है, बल्कि लखनऊ के व्यावसायिक हलकों में भी सन्नाटा पसर गया है। जहां मुलायम सिंह का बेटा होने के नाते उनके लिए राजनीति का रास्ता सबसे आसान था, वहीं प्रतीक ने सत्ता की चकाचौंध से दूरी बनाकर अपनी मेहनत से 'व्यावसायिक साम्राज्य' खड़ा किया। लखनऊ में सबसे बड़ा जिम बनाया और रियल इस्टेट के कारोबार में भी खुद को मजबूत किया। पिता की विरासत नहीं, खुद का रास्ता चुना साल 2014 में जब मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी दोनों सीटों से लोकसभा चुनाव जीता था, तब सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि रिक्त होने वाली एक सीट से प्रतीक यादव चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन प्रतीक ने इन कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने पिता की राजनीतिक विरासत के बजाय अपने जुनून जिम और रियल एस्टेट को अपना करियर चुना। उन्होंने साबित किया कि एक बड़े राजनीतिक घराने का वारिस भी एक सफल कॉर्पोरेट लीडर बन सकता है। लखनऊ का सबसे बड़ा जिम और फिटनेस साम्राज्य प्रतीक यादव को 'फिट इंडिया' का पहला सियासी आइकन माना जाता है। उनके पास लखनऊ का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक जिम था। 11वीं में पढ़ने के दौरान ही 100 किलो से अधिक वजन के बाद भी प्रतीक ने अपनी फिटनेस यात्रा से सबको चौंका दिया था। उन्होंने न केवल वजन घटाया, बल्कि एक 'आयरन मैन' जैसी काया हासिल की। उनकी फिटनेस का लोहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माना गया और उनका सफर 'इंटरनेशनल फिटनेस मैगजीन' के कवर पेज तक पहुंचा। फिटनेस इंडस्ट्री में उनका बहुत बड़ा निवेश और प्रभाव था। रियल एस्टेट और 'प्रतीक एडुविज' का सफर प्रतीक की व्यावसायिक सूझबूझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने विरासत में मिली संपत्ति को अपने टैलेंट से कई गुना बढ़ाया। लखनऊ के रियल एस्टेट मार्केट में उनका बड़ा नाम था। वे 'प्रतीक एडुविज' (Prateek Eduwiz) जैसी कंपनियों के जरिए कॉर्पोरेट जगत में सक्रिय थे। उनकी नेटवर्थ और व्यावसायिक पोर्टफोलियो में कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स शामिल थे। उन्होंने कभी भी अपने काम के लिए राजनीतिक प्रभाव का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपनी व्यावसायिक योग्यता से अलग मुकाम हासिल किया। समाज सेवा और गो-सेवा का प्रेम प्रतीक और उनकी पत्नी अपर्णा यादव को पशु प्रेम के लिए भी जाना जाता है। लखनऊ के कान्हा उपवन में अपर्णा की एक बड़ी गोशाला है। इस गोशाला में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरा कर चुके हैं और सराहना भी की थी। प्रतीक इस गोशाला के प्रबंधन और समाज सेवा के कार्यों में भी सहयोग करते थे। इसके अलावा स्ट्रीट डॉग को लेकर भी वह चिंतित रहते और उनकी व्यवस्थाओं में भी कई कार्य किए थे। आज वे अपने पीछे एक सफल बिजनेस एम्पायर, करोड़ों की संपत्ति और फिटनेस की एक प्रेरणादायी कहानी छोड़ गए हैं।

PBKS ने क्यों डिलीट किया अपना पोस्ट? सोशल मीडिया विवाद पर मचा बवाल

नई दिल्ली पंजाब किंग्स आईपीएल 2026 में लगातार 4 हार के बाद दबाव में है। इस बीच टीम और इसके कुछ खिलाड़ियों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर फ्रेंचाइजी ने बहुत तल्ख प्रतिक्रिया दी है। पंजाब किंग्स के ऑफिशल सोशल मीडिया हैंडल से मंगलवार रात को पोस्ट करके लोगों से टीम और खिलाड़ियों को लेकर 'दुष्प्रचार' फैलाने से बचने की अपील की है। टीम की को-ओनर प्रीति जिंटा ने उस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि आलोचना और दुष्प्रचार में फर्क होता है। पंजाब किंग्स ने हालांकि देर रात अपने उस बयान को डिलीट कर दिया और एक नया पोस्ट लिखा जिसमें 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स'शब्द को हटा दिया गया था। पंजाब किंग्स का ऑरिजिनल पोस्ट पंजाब किंग्स ने अपने ऑरिजिनल पोस्ट में लिखा, 'आलोचना, हंसी-मजाक और ऑपिनियन खेल के हिस्से हैं। चीफ इंगेजमेंट के लिए फर्जी कहानियां और मनगढ़ंत नैरेटिव खेल का हिस्सा नहीं हैं। हम सभी से और खास तौर पर 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स' से गुजारिश करते हैं कि अटेंशन पाने के लिए गलत सूचनाओं के फैलाने से पहले तथ्यों की जांच करें।' बाद में संशोधित बयान जारी किया पंजाब किंग्स ने बाद में अपने ऑरिजनल पोस्ट को डिलीट कर दिया और एक नया पोस्ट लिखा जिसमें 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स' वाला हिस्सा हटा दिया था। जानबूझकर फर्जी बातें फैलाने को हल्के में नहीं लेंगे: जिंटा पंजाब किंग्स की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने भी पूरे मामले पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। PBKS के ऑरिजिनल पोस्ट को शेयर करते हुए जिंटा ने लिखा कि जानबूझकर फेक नैरेटिव फैलाने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। जिंटा ने एक्स पर लिखा, ‘आलोचना और सोचे-समझे दुष्प्रचार में अंतर होता है। खेल को लेकर स्वस्थ बहस का स्वागत है लेकिन व्यक्तियों, टीम या ब्रैंड को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर फेक नैरेटिव फैलाने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और न लिया जाएगा। मैं वेरिफाइड हैंडल्स और मीडिया प्रफेशनल्स समेत सभी से गुजारिश करती हूं कि अपुष्ट सूचनाओं को फैलाने से पहले जिम्मेदारी का परिचय दें। धन्यवाद।’ पंजाब किंग्स को क्यों करना पड़ा पोस्ट? आईपीएल 2026 में शानदार शुरुआत के बाद पंजाब किंग्स लड़खड़ाती दिख रही है। शुरुआती 7 मैचों में अजेय रही टीम पिछले 4 मैचों से लगातार हार रही है। इस बीच टीम के खिलाड़ियों को लेकर कुछ नकारात्मक चर्चाएं भी चल रही हैं। हाल ही में स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल के एक वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा जिसमें वह फ्लाइट के दौरान कथित तौर पर ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। इसी तरह ओपनर प्रभसिमरन सिंह की फिटनेस को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा चल रही है। चर्चाओं के मुताबिक टूर्नामेंट के दौरान प्रभसिमरन का कथित तौर पर वजन बढ़ गया है। इसने पंजाब किंग्स के फैंस के बीच भी बहस को जन्म दिया है। पंजाब किंग्स अब भी प्लेऑफ की मजबूत दावेदार पंजाब किंग्स भले ही अपने पिछले 4 मुकाबले हार गई हो लेकिन टीम अब भी पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। टीम अब भी प्लेऑफ में पहुंचने की मजबूत दावेदार है। पंजाब किंग्स ने अब तक खेले गए 11 मैचों में 6 में जीत हासिल की है और 4 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। एक मैच बारिश की वजह से बेनतीजा रहा। वह 13 अंकों के साथ आईपीएल 2026 के पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर है। गुजरात टाइटंस 16 अंकों के साथ पहले पायदान पर है। आरसीबी दूसरे और सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे नंबर पर है। दोनों के 14-14 अंक हैं।

IPL 2026: नया रायपुर में आज भिड़ेंगे बेंगलुरू और कोलकाता

 रायपुर आज (13 मई 2026, बुधवार) आईपीएल में एक और रोमांचक मैच के साथ आ रहा है। टूर्नामेंट में प्लेऑफ में पहुंचने की रेस तेज और दिलचस्प होती जा रही है। पिछली रात गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद पर 82 रनों से विशाल जीत दर्ज करते हुए सीधे अंक तालिका के टॉप पर जगह बना ली है। जो हैदराबाद की टीम कुछ ही दिन पहले शीर्ष पर आई थी, अब वो तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। गुजरात ने तो 16 अंकों का जादुई आंकड़ा छू लिया जिसे प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए काफी माना जाता है, लेकिन हैदराबाद की टीम अभी भी फंसी हुई है। ऐसे में आज होने वाला मुकाबला भी दो टीमों के लिए बहुत अहम होने वाला है। आज आईपीएल में किसका मैच हैः इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें संस्करण में आज का मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और कोलकाता नाइट राइडर्स (RCB vs KKR) के बीच खेला जाना है। दोनों ही टीमें प्लेऑफ की दौड़ में अब भी बरकरार हैं, बस फर्क इतना है कि आरसीबी प्लेऑफ के ज्यादा करीब है, जबकि कोलकाता को अभी काफी सफर तय करना है। आईपीएल अंक तालिका में बेंगलुरू की टीम इस समय 11 मैचों में 7 जीत और 4 हार के बाद 14 अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। अगर आज आरसीबी जीतती है तो गुजरात की तरह वे भी 16 अंकों के जादुई आंकड़े तक पहुंचकर लगभग प्लेऑफ में जगह बना लेंगे। उनका नेट रन रेट भी बेहतर है इसलिए वे फिर से टेबल टॉपर बन सकते हैं। दूसरी तरफ हैं कोलकाता की टीम जिसने अब तक 10 मैचों में सिर्फ 4 मैच जीते हैं, 5 मैच हारे हैं और 1 मैच बेनतीजा रहा था। उनके अब 9 अंक हैं और वे आठवें नंबर पर हैं। कोलकाता के अभी 4 मैच बाकी हैं, उन्हें अगर प्लेऑफ में अपनी जगह सुनिश्चित करनी है तो अपने सभी 4 मैच जीतने होंगे। एक भी हार उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दे सकती है। आईपीएल 2026 में आज किसका मैच है, कब और कहां होगा मुकाबला? किन टीमों का मैच     बेंगलुरू बनाम कोलकाता (RCB vs KKR)     कहां होगा मुकाबला    मैच का समय शहीद वीर नरायन सिंह स्टेडियम (नया रायपुर)    शाम 7:30 बजे IPL में बेंगलुरू और कोलकाता के आमने-सामने के आंकड़े कैसे हैं? रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच अब तक आईपीएल इतिहास में 35 मैच आयोजित हो चुके हैं। इनमें 20 बार कोलकाता ने बेंगलुरू को शिकस्त दी है। जबकि बेंगलुरू ने 15 बार जीत हासिल की है। न्यू रायपुर के मैदान पर इन दोनों टीमों की ये पहली टक्कर होगी।

IPL 2026: 86 रन पर ढही SRH, गुजरात टाइटन्स ने 82 रन से दर्ज की बड़ी जीत

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-56 में मंगलवार (12 मई) को गुजरात टाइटन्स (GT) का सामना सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से हुआ. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में गुजरात टाइटन्स ने 82 रनों से जीत हासिल की. गुजरात ने हैदराबाद को जीत के लिए 169 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 86 रनों पर ही सिमट गई. इस धमाकेदार जीत के चलते गुजरात टाइटन्स अब अंकतालिका में टॉप पर पहुंच गई. मौजूदा सीजन में गुजरात टाइटन्स और सनराइजर्स हैदराबाद का प्रदर्शन शानदार रहा है. गुजरात टाइटन्स ने 12 में से 8 मुकाबले जीते हैं और उसके 16 अंक हैं. दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद ने 12 में से 7 मुकाबलों में जीत हासिल की है. सनराइजर्स हैदराबाद के 14 पॉइंट्स हैं. हैदराबाद अंकतालिका में तीसरे स्थान पर है. होल्डर-रबाडा ने किया SRH को पस्त रनचेज में सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही. हैदराबाद ने पावरप्ले में ही 4 विकेट खो दिए. मोहम्मद सिराज ने ट्रेविस हेड को खाता भी नहीं खोलने दिया. वहीं कगिसो रबाडा ने अभिषेक शर्मा (6 रन), ईशान किशन (11 रन) और स्मरण रविचंद्रन (9 रन) के विकेट झटके. स्मरण के आउट होने के समय हैदराबाद का स्कोर 32/4 था. सलिल अरोड़ा ने कुछ अच्छे शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन उनकी ज्यादा देर तक नहीं चली. सलिल (16 रन) को प्रसिद्ध कृष्णा ने चलता किया. अब विकेट्स लेने की बारी जेसन होल्डर की थी. होल्डर ने एक ही ओवर में हेनरिक क्लासेन (14 रन) और नीतीश कुमार रेड्डी (2 रन) के विकेट्स लेकर सनराइजर्स हैदराबाद का स्कोर 60/7 कर दिया. शिवांग कुमार (4 रन), पैट कमिंस (19 रन) और प्रफुल्ल हिंगे (3 रन) आउट होने वाले आखिरी तीन बल्लेबाज रहे. गुजरात की ओर से कगिसो रबाडा और जेसन होल्डर ने तीन-तीन विकेट झटके. प्रसिद्ध कृष्णा को दो सफलताएं हासिल हुईं. जबकि राशिद खान और मोहम्मद सिराज ने एक-एक विकेट झटका. ऐसी रही गुजरात टाइटन्स की बैटिंग गुजरात टाइटन्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 168 रन बनाए. गुजरात टाइटन्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने तीसरे ही ओवर में कप्तान शुभमन गिल (5 रन) का विकेट गंवा दिया, जो प्रफुल्ल हिंगे का शिकार बने. हिंगे ने फिर खतरनाक बल्लेबाज जोस बटलर (7 रन) को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. इसके बाद निशांत सिंधु और और साई सुदर्शन ने तीसरे विकेट के लिए 38 रनों की साझेदारी कर इनिंग्स को संभाला. निशांत ने 22 रनों का योगदान दिया और उनका विकेट पैट कमिंस ने झटका. वॉशिंगटन सुंदर और साई सुदर्शन ने चौथे विकेट के लिए 60 रनों की शानदार पार्टनरशिप की. सुदर्शन ने 44 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. सुदर्शन को तेज गेंदबाज साकिब हुसैन ने चलता किया. सुदर्शन के आउट होने के बाद वॉशिंगटन सुंदर ने पूरी तरह मोर्चा संभाल लिया. सुंदर ने 7 चौके और एक छक्के की मदद से 33 गेंदों पर 50 रन बनाए. सुंदर आखिरी ओवर में साकिब हुसैन का शिकार बने. इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटन्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान गुजरात टाइटन्स ने 6 मैचों में जीत दर्ज की. जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने एक मुकाबला जीता. साथ ही एक मुकाबले का रिजल्ट नहीं निकला. पिछले सीजन में दोनों टीमों के बीच जो दो मुकाबले खेले गए थे, उनमें गुजरात टाइटन्स ने बाजी मारी थी. गुजरात vs हैदराबाद h2h कुल IPL मैच: 8 गुजरात ने जीते: 6 हैदराबाद ने जीते: 1 बेनतीजा: 1 गुजरात टाइटन्स की प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज. इम्पैक्ट सब: प्रसिद्ध कृष्णा. सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग-11: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, नीतीश कुमार रेड्डी, स्मरण रविचंद्रन, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन और प्रफुल्ल हिंगे. इम्पैक्ट सब: ट्रेविस हेड.

UP में चुनावी रणनीति तेज: योगी कैबिनेट विस्तार के बाद BJP ने साधीं 60 महत्वपूर्ण सीटें

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल मार्च-अप्रैल में होने हैं। इस तरह एक साल से भी कम का वक्त बचा है और भाजपा ने योगी कैबिनेट का विस्तार करने के बाद अब चुनाव पर फोकस कर दिया है। मंगलवार को हिमंत बिस्वा सरमा सरकार का शपथ समारोह है और उसके बाद भाजपा लीडरशिप तैयारी में जुट सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंगलवार के बाद किसी भी दिन यूपी चुनाव को लेकर भाजपा की अहम बैठक हो सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उन 50 से 60 सीटों पर फोकस करने के लिए कहा है, जहां पहले भाजपा नहीं जीत पाई थी। ये वह सीटें हैं, जहां भाजपा को 2012 से 2022 तक के तीन चुनावों में जीत नहीं मिल सकी है। पार्टी लीडरशिप का कहना है कि यदि इन सीटों में से करीब आधी भी जीत ली गईं तो नतीजे बदल सकते हैं। भाजपा जिन 60 सीटों पर जोर देने की बात कर रही है, उनमें से 22 तो पूर्वांचल के आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर और मिर्जापुर में हैं। इसके अलावा 13 सीटें पश्चिम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, बिजनौर और मुरादाबाद जैसे जिलों में हैं। पश्चिम यूपी के इन जिलों में मुस्लिम बहुल आबादी वाली सीटों पर ऐसी स्थिति है। इसके अलावा पूर्वांचल के जिलों की बात करें तो सपा यहां मजबूत रही है। अब यदि भाजपा ने यहां फोकस किया तो वह अपने गढ़ों के अलावा कमजोर इलाकों में भी ताकत बढ़ा पाएगी। समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में इन 35 सीटों में से 22 पर जीत हासिल की थी। पूर्वी यूपी के मऊ, गाजीपुर जैसे जिलों में सपा की झोली भर गई थी और इसी के चलते 2017 के मुकाबले वह अच्छी स्थिति में आ गई थी। इस बार भाजपा की प्लानिंग यह है कि सपा को उसके ही मजबूत इलाकों में घेरा जाए। मैनपुरी, फर्रूखाबाद, इटावा जैसे जिलों में भाजपा तैयारियों में जुट गई है। बता दें कि चुनाव की महीनों पहले से ही तैयारी करने में भाजपा आगे रही है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में भी वह महीनों पहले से ऐक्टिव थी और जब उसे सत्ता मिली है तो उसकी सक्रियता को भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। क्यों बूथ लेवल रणनीति पर इतना फोकस करती है भाजपा यूपी में भाजपा एक बार फिर से बूथ लेवल पर रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी का कहना है कि बूथ लेवल पर फोकस करने से जमीनी स्तर तक कार्यकर्ता ऐक्टिव हो जाते हैं और वे वोटरों को घरों से निकालने में भी जुटते हैं। पहले के चुनावों में भी भाजपा को इस रणनीति का फायदा मिला है। अब नए तेवर और कलेवर के साथ एक बार फिर पार्टी इस रणनीति पर जुटने की तैयारी में है।

जल गंगा संवर्धन अभियान में खंडवा अव्वल: अब सड़कों से बहने वाला पानी भी होगा संरक्षित

खंडवा  जल संरक्षण और भूजल संवर्धन की दिशा में खंडवा नई पहचान बना रहा है. जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले में वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए अनोखी पहल की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में पहाड़ों पर लाखों कंटूर खोदने के बाद अब सड़कों के किनारों पर भी कंटूर (गड्ढा) खोदकर जल संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि बारिश का पानी व्यर्थ बहने के बजाय जमीन में समा सके और भूजल स्तर में वृद्धि हो। प्रदेश में खंडवा का पहला स्थान जल संचय जन भागीदारी अभियान में खंडवा ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग में खंडवा देशभर में दूसरे स्थान पर पहुंचा है, जबकि जल गंगा संवर्धन अभियान में खंडवा पूरे मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर चल रहा है. खंडवा में प्रशासन द्वारा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से लगातार व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। मिशन मोड में चल रहा अभियान वर्षा जल संरक्षण और जल बचाने के लिए जिला प्रशासन मिशन मोड में अभियान चला रहा है. कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि "जिले में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है. खेत तालाब, कुएं रिचार्ज पिट, अमृत सरोवर, रिचार्ज शाफ्ट, बोरवेल रिचार्ज सिस्टम और रूफटॉप वर्षा जल संचयन जैसी योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। सड़कों के किनारों पर भी कंटूर पुराने तालाबों, जलाशयों और गड्ढों को भी नए तरीके से ठीक किया जा रहा है. अब सड़कों के किनारों पर भी कंटूर बनाए जा रहे हैं, जिससे बारिश का पानी सीधे नालों में बहने के बजाय जमीन में रिस सके. इससे आने वाले समय में भूजल स्तर में सुधार होने के साथ जल संकट से भी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक एक लाख कंटूर खोदे जिले में अब तक एक लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जबकि करीब ढाई लाख संरचनाएं तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वर्ष 2025 में भी खंडवा ने जल संचय करने वाले जिलों में देश में पहला स्थान हासिल किया था. प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी और सतत प्रयासों से खंडवा आने वाले वर्षों में जल संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बन सकता है।

Census Rules सख्त: संपत्ति की गलत जानकारी देने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान

लखनऊ जनगणना में किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत एक हजार रुपये जुर्माना एवं तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में उत्तरदाता एवं प्रगणक के लिए दंड का एक समान प्रावधान है, जबकि जनगणना में प्राप्त तथ्यों को कोई प्रगणक बाहर साझा करता है तो आरोप साबित होने पर भी दंड का प्रावधान है। जनगणना में बुधवार  को सातवें दिन भी स्वगणना हुई। स्वगणना के दौरान कुछ लोगों के तथ्यों को छिपाने की चर्चा के बीच प्रगणक एवं पर्यवेक्षक भी सतर्क हो गए हैं। उनमें जनगणना अधिनियम के प्रावधानों की बातें हो रही हैं। यदि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में ज्यादा अनियमितता पाई जाएगी तो प्रगणक जिम्मेदार होंगे। वहीं किसी ब्लॉक में रहने वालों की संख्या बहुत कम होगी तो संदेह के आधार पर फिर पुनरीक्षण कराया जा सकता है। गोरखपुर में चार्ज अधिकारी/एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने बताया कि जनगणना में प्रगणक घर-घर जाएंगे और भौतिक सत्यापन करके ही फीडिंग करेंगे। यदि किसी का बड़ा मकान है और उसने कमरे की संख्या कम बता दी है तो जनगणना कर्मी उसकी जांच करेंगे। यदि किसी के घर में दो या तीन कारें हैं और मकान मालिक उसमें एक ही कार को अपना बता रहा है तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सहित अन्य माध्यम से भी जांच की जाएगी। जनगणना में तथ्य छिपाया तो होगी तीन साल की जेल इसे लेकर जिला जनगणना अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि जनगणना में किसी को चल-अचल संपत्ति छिपाने की आवश्यकता नहीं है। इसके तथ्यों से आयकर एवं अन्य सुविधाओं का कोई सरोकार नहीं है। जनगणना के दौरान किसी विवाद के बाद आरोप साबित होने पर जनगणना अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। जनगणना फॉर्म में हैरान कर देने वाले सवाल वहीं, जनगणना के लिए भरे जाने वाले फॉर्म में कई सवाल और सही विकल्प हैरान कर देने वाले हैं। 34 सवालों में से एक सवाल यह भी है कि आपकी पत्नी कितनी हैं? अगर पत्नी दो होंगी तो डबल फैमिली यानी दो दंपति का विकल्प भरना होगा। अगर एक महिला के दो पति हों तो सिंगल फैमिली यानी एक दंपति माना जाएगा। किसी भी परिवार में दंपति की गणना पत्नी की संख्या से ही निर्धारित होगी। जितनी पत्नियां, उतने ही दंपति। परिवार में दादा-दादी, पिता-माता और पुत्र-बहू हों तो इसका मतलब यह नहीं कि मुखिया वही होगा जो बड़ा होगा। यानी जरूरी नहीं है कि दादा या पिता ही मुखिया हों, कोई भी हो सकता है। परिवार के सदस्य जिसे मुखिया बताएंगे, वही फॉर्म में भरा जाएगा। जनगणना के लिए फॉर्म पूरी स्टडी से तैयार किया गया है। परिवार में चाहे जितने पुरुष और चाहे जितने उम्रदराज लोग हों, उन्होंने कहा कि बहू, पत्नी, दादी या पुत्री मुखिया है तो उसका ही नाम भरा जाएगा। परिवार की मुखिया उस परिवार की कोई भी महिला हो सकती है। मुखिया के लिए उम्र की सीमा नहीं है।

सोना खरीदने वालों के लिए बड़ा सवाल: 2027 तक Gold Price कहां पहुंचेगी, अभी खरीदें या करें इंतजार?

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक साल तक सोना न खरीदें. भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक है और त्योहारों और शादियों के मौसम में विदेशों से टन सोना आता है. नतीजतन, देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है और रुपये के मूल्य पर बहुत दबाव डाल रहा है. इसी पृष्ठभूमि में मोदी ने देश की आर्थिक ताकत बढ़ाने के लिए यह पहल की है।भारत को सोना आयात करने के लिए हर साल लाखों करोड़ रुपये विदेशी कंपनियों को देने पड़ते हैं. इससे देश का चालू खाता घाटा बढ़ेगा. सरकार का हिसाब है कि अगर लोग सोने में निवेश करने के बजाय बैंक योजनाओं या शेयर बाजार में निवेश करेंगे तो उस पैसे का इस्तेमाल देश के विकास के लिए होगा। जैसे ही हम सोने की खरीद कम करते हैं, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत मजबूत हो जाती है. जब बाजार में डॉलर की मांग घटेगी तो रुपये का अवमूल्यन होगा और आयातित पेट्रोल और गैस की कीमतों में भी गिरावट आएगी. इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव आम आदमी की जेब पर पड़ता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगर भारतीय मोदी की सलाह पर ध्यान देते हैं और एक साल के लिए सोना खरीदना बंद कर देते हैं तो मांग में गिरावट आ सकती है और कीमतों में अस्थायी गिरावट आ सकती है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 2027 तक 10 ग्राम सोने की कीमत 85,000 रुपये से 95,000 रुपये के दायरे में पहुंचने की उम्मीद है।सरकार चाहती है कि लोग डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का विकल्प चुनें, न कि इसे भौतिक रूप से घर पर रखें. इससे सोने का आयात कम होगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित निवेश के साथ-साथ वार्षिक ब्याज भी मिलेगा. यह देश और निवेशक, दोनों के लिए फायदेमंद होगा। पीएम मोदी के आह्वान से ज्वैलर्स में चिंता पैदा हो गई है. यह उन लाखों परिवारों को प्रभावित कर सकता है जिनकी आजीविका शादियों और त्योहारों के दौरान सोने के व्यापार पर निर्भर है. हालांकि, सरकार कह रही है कि यह केवल एक साल का अस्थायी अनुशासन है जो देश को लंबे समय में आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा। 2027 तक बाजार में सोने की आपूर्ति और मांग का संतुलन लोगों के फैसलों पर निर्भर करेगा. अगर यह एक साल का 'गोल्ड फास्ट' सफल होता है तो इसमें कोई शक नहीं है कि भारत आर्थिक रूप से दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. उस समय कीमत चाहे जो भी हो, भारत की क्रय शक्ति अधिक होगी।प्रधानमंत्री का संदेश है कि सोने का लालच छोड़कर देश के विकास के लिए हाथ मिलाएं. अगर आप एक साल तक सोना नहीं खरीदते हैं तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में सड़क, रेलवे और शिक्षा के लिए किया जा सकता है. 2027 में सोने की कीमत के बारे में चिंता करने के बजाय, अब असली मंत्र यह है कि देश की अर्थव्यवस्था को कैसे उठाया जाए।

भारत दौरे को लेकर सक्रिय हुआ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, BCCI से लगातार संपर्क में अधिकारी

ढाका भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट रिश्तों को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार विवाद और तनाव की खबरें सामने आती रही थीं. लेकिन अब पूर्व बांग्लादेशी कप्तान और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के मौजूदा अध्यक्ष तमीम इकबाल ने दोस्ताना बयान देकर माहौल बदलने की कोशिश की है। तमीम इकबाल ने साफ कहा है कि अब भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) और बीसीबी के बीच कोई बड़ा मुद्दा नहीं बचा है और भारत का बांग्लादेश दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है. भारत को अगस्त 2025 में बांग्लादेश दौरे पर ODI और T20I सीरीज खेलनी थी. लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़े राजनीतिक तनाव के कारण यह दौरा टाल दिया गया और इसे सितंबर 2026 तक शिफ्ट कर दिया गया। मुस्ताफिजुर को बाहर करने पर बिगड़े हालात इसके बाद दोनों बोर्ड्स के संबंधों में उस वक्त तल्खी आई, जब बीसीसीआई के निर्देश पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्ताफिजुर रहमान को अपने स्क्वॉड से रिलीज कर दिया. हालात इतने खराब हो गए थे कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से अपना नाम वापस ले लिया था. हालांकि बाद में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और अब भारत सितंबर 2026 में बांग्लादेश दौरे पर 6 मुकाबले खेल सकता है। तमीम इकबाल ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि उनके मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास के साथ काफी अच्छे रिश्ते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ने आईपीएल में एक साथ क्रिकेट खेला है और मिथुन कई बार ढाका लीग खेलने भी बांग्लादेश आ चुके हैं। तमीम इकबाल ने भारतीय टीम की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बयान दिया. तमीम ने साफ कहा कि बांग्लादेश में भारतीय टीम की सुरक्षा को लेकर कभी कोई खतरा नहीं रहा. तमीम कहते हैं, 'जब भारत बांग्लादेश आता है तो पूरा स्टेडियम भर जाता है. लोग इस मुकाबले को बेहद पसंद करते हैं. मुझे नहीं लगता कि अब बीसीबी और बीसीसीआई के बीच कोई वास्तविक समस्या बची है। भारत का बांग्लादेश दौरा सिर्फ क्रिकेट सीरीज नहीं होगा, बल्कि दोनों देशों के क्रिकेट रिश्तों को फिर से मजबूत करने का बड़ा मौका साबित हो सकता है. अगर यह सीरीज तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो यह लंबे समय बाद दोनों बोर्ड्स के बीच रिश्तों में आई खटास को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा। भारत का बांग्लादेश दौरा (2026) 1 सितंबर- पहला वनडे, मीरपुर 3 सितंबर- दूसरा वनडे, मीरपुर 6 सितंबर- तीसरे वनडे, चटगांव 9 सितंबर- पहला टी20, चटगांव 12 सितंबर- दूसरा टी20I, मीरपुर 13 सितंबर- तीसरा टी20I, मीरपुर

आज का राशिफल 13 मई 2026: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क?

मेष 13 मई के दिन प्रोफेशनल प्रेशर को अपनी लाइफस्टाइल पर हावी न होने दें। रोमांस से जुड़े मामलों को कॉन्फिडेंस के साथ संभालें। स्मार्ट कदम उठाने के लिए आज आपकी धन की स्थिति भी अच्छी है। आज प्यार वाला दिन रहेगा। आज एक खुशहाल पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ इन्जॉय करें। वृषभ 13 मई के दिन एक शानदार लव लाइफ का आनंद लें, जहां आप पिछली सभी प्रॉब्लम्स को सुलझा सकते हैं। आप अपनी काबिलियत साबित करने के लिए हर प्रोफेशनल मौके का इस्तेमाल करेंगे। आज सेहत और धन दोनों ही आपके लिए पॉजिटिव रहेंगे। मिथुन 13 मई के दिन लव के मामले में मतभेदों को सुलझाएं। आपको अपने प्रोफेशनल जीवन में सकारात्मक परिणाम देखकर खुशी महसूस होगी। आज हेल्थ और धन दोनों भी अच्छी स्थिति में हैं। कर्क 13 मई के दिन बिजनेस कर रहे जातक अधिक धन कमाएंगे। लव अफेयर में आने वाली दिक्कतों से सावधान रहें और उन्हें सावधानी के साथ संभालें। आज के दिन नौकरी में आपका रवैया बहुत जरूरी है। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन मजबूत बनी रहेगी। सिंह 13 मई के दिन आपका प्रेम जीवन सुखद रहेगा। अपने करियर में सफल होने के लिए फोकस बनाए रखें। आज के दिन नए आइडिया को शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। जब आपका स्वास्थ्य अच्छा हो, तो फाइनेंशियल मामलों को समझदारी से संभालें। कन्या 13 मई के दिन लव लाइफ सुरक्षित महसूस होगी। कुछ जातकों की पिछली सभी समस्याएं सुलझ जाएंगी। अपनी प्रोफेशनल काबिलियत साबित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मौकों का फायदा उठाएं। आज अपनी सेहत पर ध्यान दें। तुला 13 मई के दिन प्रेम संबंध से सबसे अच्छे पल हासिल करें। ऑफिस में अपनी मेहनत साबित करने के लिए अवसरों का इस्तेमाल करें। फाइनेंशियल रूप से, आप आज मजबूत सिचूऐशन में हैं। आज के दिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आ सकती हैं। वृश्चिक 13 मई के दिन खुशकिस्मती से आपकी लव लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ दोनों शानदार रहने वाली है। हेल्थ के मामले में आप भाग्यशाली साबित हो सकते हैं। छोटी-मोटी पैसों की दिक्कतें भी आ सकती हैं। धनु 13 मई के दिन अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं और अपनी भावनाओं को शेयर भी करें। काम पर विनम्र और प्रोडक्टिव रहना चाहिए। आज के दिन धन और स्वास्थ्य दोनों आपके साथ रहेंगे। मकर 13 मई के दिन अपने रिश्ते की समस्याओं को सुलझाएं। इस बात का ध्यान रखें कि आप ऑफिस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन नॉर्मल रहेगी। आज के दिन आपका शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा है। कुंभ 13 मई के दिन पार्टनर पर प्यार बरसाना जारी रखें। आप ऑफिस में शानदार परफॉर्मेंस दे सकते हैं। एक सही फाइनेंशियल प्लान बनाएं और स्मार्ट मॉनेटरी इन्वेस्टमेंट पर फोकस करें। पक्का करें कि आप एक पॉजिटिव लाइफस्टाइल बनाए रखें। मीन 13 मई के दिन इस बात का ध्यान रखें कि आप लव लाइफ के लिए समय निकालें। आज के दिन ऑफिस में सीनियर्स की उम्मीदों पर खरे उतरें। कुछ लोगों को फाइनेंशियल दिक्कतें रहेंगी। आज कोई बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम नहीं है।