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मेरिट आधारित चयन से होगी सीएम फेलो की तैनाती, हर जिले में नियुक्त होंगे युवा

लखनऊ प्रदेश के हर जिले में तैनात होने वाले सीएम फैलो को सरकारी नौकरियों में उम्र में छूट मिलेगी। इस पद के लिए योग्य युवाओं के चयन के लिए पूरी प्रक्रिया जारी की गई है। तैनाती से पहले दो हफ्ते का प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर ये संख्या बढ़ाई जाने का भी प्रस्ताव है। प्रक्रिया के तहत प्रदेश के सभी जिलों में तैनात किए जाने वाले सीएम फेलो को सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने का प्रावधान किया गया है। पिछले सप्ताह यूपी कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब चयन प्रक्रिया और तैनाती व्यवस्था पर तेजी से काम शुरू हो गया है। अपर मुख्य सचिव नियोजन आलोक कुमार के मुताबिक, इस पद के लिए चयन यूपी स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के तहत होगा जो मेरिट आधारित होगा। कुल 100 अंकों की चयन प्रणाली बनाई गई है, जिसमें 50 अंक लिखित परीक्षा, 30 अंक अधिमानी अर्हता और 20 अंक साक्षात्कार के निर्धारित किए गए हैं। इससे केवल अकादमिक योग्यता ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक समझ, नेतृत्व क्षमता और क्षेत्रीय कार्य अनुभव वाले युवाओं को भी मौका मिलेगा। उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों को अतिरिक्त लाभ लिखित परीक्षा में नीति निर्माण, प्रशासनिक समझ, समसामयिक घटनाक्रम, डेटा विश्लेषण, डिजिटल गवर्नेंस और समस्या समाधान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। अधिमानी अर्हता के तहत नीति अनुसंधान, सामाजिक क्षेत्र में कार्य अनुभव, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डाटा मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों को अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। तैनाती से पहले चयनित फेलो को दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर बढ़ाई जाएगी संख्या शुरुआती चरण में सीमित संख्या में फेलो की तैनाती की जाएगी, लेकिन शासन ने संकेत दिए हैं कि प्रयोग सफल रहने पर फेलो की संख्या बढ़ाई जा सकती है। सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट का प्रावधान इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।    

राज्य कर विभाग की नई पहल, व्यापारियों की समस्याओं का मौके पर होगा समाधान

 लखनऊ  राज्य कर विभाग अब ‘व्यापारी संवाद’ कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंचने की कोशिश करेगा। इसके लिए संवाद कार्यक्रम अब सेक्टर स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संवाद के माध्यम से विभागीय अधिकारी व्यापारियों को कर नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही समाधान करने की कोशिश करेंगे। संवाद कार्यक्रम जून से शुरू होंगे। राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि व्यापारी संवाद कार्यक्रम में क्षेत्र के व्यापारी, चार्टर्ड एकाउंटेंट के साथ ही प्रतिष्ठित लोग बुलाए जाते हैं। अब तक यह कार्यक्रम विभाग के 20 जोन में ही आयोजित किए जाते थे, पहली बार इसका आयोजन विभाग के 364 सेक्टरों में करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से विभाग अधिक से अधिक व्यापारियों तक अपनी बात पहुंचा सकेगा। व्यापारी संवाद सम्मेलनों में मुख्यालय स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रमों में विभागीय अधिकारी व्यापारियों के साथ ही उपस्थित अन्य लोगों को जीएसटी नियमों की जानकारी, रिटर्न फाइलिंग और विधिक व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करेंगे। मुख्यालय से जाने वाले अधिकारी व्यापारियों से संवाद के दौरान उनकी दिक्कतें सुनने के साथ ही साथ ही मौके पर ही समाधान करने की कोशिश करेंगे। नए व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में करदाताओं के अनुकूल माहौल तैयार करना है।

कपिल शर्मा शो में समय रैना और सुनील पाल के बीच तीखी नोकझोंक, जानिए पूरा मामला

पिछले वीकेंड नेटफ्लिक्स पर कपिल शर्मा अपने शो 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का लाफ्टर डे स्पेशल एपिसोड लेकर आए. इसमें गेस्ट के तौर पर उन्होंने स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना और यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को बुलाया. कपिल ने समय को शो पर तगड़ा सरप्राइज तब दिया जब उन्होंने सुनील पाल को स्टेज पर बुलाया. सुनील पाल और समय रैना पुराने कॉम्पिटिटर हैं. समय ने कई बार कॉमेडियन को अपने शो पर रोस्ट किया है. वहीं सुनील भी समय को लेकर विवादित बयान देते रहते हैं. उन्होंने एक बार स्टैंडअप कॉमेडियन को आतंकवादी तक कह डाला था, जिसके बाद बात काफी आगे बढ़ चुकी थी. ऐसे में शो पर दोनों के रीयूनियन ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. कपिल के शो पर सुनील पाल क्यों गए? समय और सुनील पाल जैसे ही आपस में मिले, दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शब्दों की जंग शुरू कर दी. एक वक्त के बाद सुनील पाल, कपिल शर्मा और समय रैना दोनों से रोस्ट होने लगे. यहां तक कि कॉमेडियन जो भी जोक मारते, उसपर समय उन्हें घेर लेते थे. इस एपिसोड को देखकर कई सारी बातें होने लगी थीं. लोगों का कहना था कि सुनील पाल को कपिल ने अपने शो पर बेइज्जत होने के लिए बुलाया. अब कॉमेडियन क्यों उस शो पर गए थे, इसकी वजह उन्होंने खुद बताई है. स्विच को दिए इंटरव्यू में सुनील पाल ने कहा- मुझे ये कहा गया था कि शो पर समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया होंगे, आप भी होंगे मगर आपको परफॉर्म करना है. मुझे स्टैंडअप करने के लिए बुलाया गया था, तो मैं उसी हिसाब से तैयारी करके गया था. लेकिन इत्तेफाक से वहां स्टैंडअप नहीं हुआ. वहां यही सब हुआ, जो आपने देखा. जब सुनील पाल से पूछा गया कि क्या उनके साथ शो पर धोखा हुआ? तो उन्होंने बताया, 'नहीं मैं इसे धोखा नहीं कहूंगा, इतनी बड़ी बात नहीं कहना चाहूंगा. लेकिन हां जो मैं सोचकर गया था, वहां वो नहीं हुआ.' सुनील पाल आगे कहते हैं कि उन्हें जो रोस्ट किया गया, वो शो का हिस्सा था. अगर वो चाहते, तो वो सामने वाले को भी रोस्ट कर सकते थे. उन्हें इस बात का बिल्कुल भी बुरा नहीं लगा है.

शुक्र देव का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों पर बढ़ेगा असर

ज्योतिष शास्त्र में सुख, समृद्धि और विलासिता के कारक माने जाने वाले शुक्र देव आज अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं. आज रात ठीक 9 बजकर 51 मिनट पर शुक्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. शुक्र देव इस नक्षत्र में  19 मई 2026 तक विराजमान रहेंगे. शुक्र का अपने ही नक्षत्र में आना कुछ राशियों के लिए भारी पड़ सकता है. इन जातकों को आज रात से ही विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. क्या होता है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और कितने हैं नक्षत्र? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूरे ब्रह्मांड को 27 नक्षत्रों में बांटा गया है. ये नक्षत्र हैं: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती. आज रात शुक्र जिस पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं, वह आकाश मंडल का 20वां नक्षत्र है. इसके स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं, इसके अधिपति देवता  जल हैं. इस नक्षत्र में होने वाला बदलाव कई राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है. इन 3 राशियों को होगा भारी नुकसान कन्या राशि: शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए आर्थिक चुनौतियां लेकर आ सकता है. अचानक बढ़ते खर्चों के कारण आपका बजट बिगड़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा. कार्यक्षेत्र में भी सावधानी बरतें. वृश्चिक राशि: आपके लिए यह समय स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रह सकता है. वाणी दोष के कारण परिजनों या मित्रों से विवाद की स्थिति बन सकती है. निवेश के मामलों में अभी हाथ रोकना ही बेहतर होगा. मकर राशि: मकर राशि के जातकों को कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं या उनमें देरी हो सकती है. वाहन चलाते समय और कानूनी कागजों पर हस्ताक्षर करते समय विशेष सावधानी रखें. परेशानियों से बचने के लिए करें ये राहत के उपाय जिन राशियों को नुकसान की आशंका है, वे आज रात या कल शुक्रवार से ये उपाय शुरू कर सकते हैं: शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद मिठाई का दान करें. नियमित रूप से शुक्र के मंत्र 'ॐ शुं शुक्राय नमः' का 108 बार जाप करें. अपने आसपास सफाई रखें और इत्र (Perfume) का नियमित प्रयोग करें, इससे शुक्र के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.

सीबीएसई मान्यता का झांसा देकर छात्रों से धोखाधड़ी, 11 छात्रों की परीक्षा छूटी

गुरुग्राम गुरुग्राम में एक निजी स्कूल द्वारा छात्रों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और छात्रों को परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल को गिरफ्तार (Gurugram Principal Arrest) कर लिया है। इससे पहले स्कूल के चेयरमैन को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला तब सामने आया जब 10वीं कक्षा की एक छात्रा के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल ने खुद को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताया था, लेकिन बाद में यह दावा झूठा निकला। छात्रा को बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड भी नहीं दिया गया, जिसके कारण वह परीक्षा नहीं दे सकी। स्कूल के खिलाफ यह मामला दर्ज पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम के सेक्टर 9बी में स्थित एडुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत में स्कूल की प्रिंसिपल, निदेशकों और अन्य लोगों को जिम्मेदार बताया गया है। जांच के दौरान पता चला कि प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गुजरात भाग गई थीं। बाद में पुलिस ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 17 फरवरी को सामने आई थी, जब 10वीं के 11 छात्र एडमिट कार्ड नहीं मिलने के कारण सीबीएसई की गणित की परीक्षा नहीं दे सके। इसके बाद 18 फरवरी को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस घटना के कारण छात्रा का एक साल बर्बाद छात्रा के पिता ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से स्कूल की फीस भरी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी को परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिला। स्कूल ने दाखिले के समय जो प्रमाणपत्र और रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाया था, वह भी फर्जी निकला। इस घटना के कारण छात्रा का एक साल बर्बाद हो गया और उसका भविष्य भी खतरे में पड़ गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।  

मच्छरों से बचाव के लिए वास्तु अनुसार लगाएं ये पौधे, मिलेगा प्राकृतिक सुरक्षा कवच

गर्मी के साथ मच्छरों का आतंक भी बढ़ जाता है. इनसे छुटकारा पाने के लिए अक्सर हम केमिकल वाले कॉइल्स, जहरीले स्प्रे या बिजली वाले मैट जलाकर खुद को और अपने परिवार को धुएं के घेरे में कैद कर लेते हैं, जो हमारी सेहत के लिए खतरनाक हैं. पर क्या आपने कभी सोचा है कि इसका समाधान वास्तु शास्त्र में है. वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद का एक अद्भुत संगम है एंटी-मॉस्किटो प्लांट्स. अगर इन खुशबूदार और गुणकारी पौधों को घर की सही दिशा में जगह दी जाए, तो ये न केवल मच्छरों को रोकते हैं, बल्कि घर के वास्तु दोष मिटाकर तरक्की के बंद दरवाजे भी खोल देते हैं.   1. सिट्रोनेला (Citronella) यह एक सुगंधित बारहमासी घास है,गर्मी में चलने वाली गर्म हवाओं के साथ मच्छर घर में घुसते हैं. सिट्रोनेला को घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें. यह दिशा वायु की है. यहां रखा सिट्रोनेला हवा को शुद्ध करता है. यह पौधा घर में घुसने वाले कीड़ों को प्रवेश द्वार पर ही रोक देता है. 2. पुदीना (Mint): गर्मी के मौसम में पुदीना ठंडक देता है. वास्तु के अनुसार इसे अपनी रसोई या डाइनिंग एरिया की पूर्व दिशा में रखें. पूर्व दिशा सूर्य की है. यहां पुदीना रखने से घर की ऊर्जा ताज़ा रहती है.  इसकी खुशबू से मच्छर और चींटियां रसोई से कोसों दूर रहते हैं. 3. रोजमेरी (Rosemary): रोजमेरी  तेज गर्मी और कड़ी धूप में खिलता है, ठीक एक कैक्टस की तरह. इसे घर की दक्षिण दिशा में मिट्टी के गमले में रखें. यह मच्छरों के लिए एक प्राकृतिक लक्ष्मण-रेखा का काम करता है. 5. कैटनिप (Catnip): अगर आप इसे पानी भरे कांच के बर्तन (मटका या वास) में उगा रहे हैं, तो इसे उत्तर दिशा में रखें. उत्तर दिशा धन और स्वास्थ्य की है. जल तत्व के साथ कैटनिप का मेल घर में समृद्धि तो लाता ही है मच्छरों को पनपने से भी रोकता है.  

कुत्तों के हमले से दहशत में राजस्थान, मासूम बच्ची की मौत ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

डीग राजस्थान के डीग जिले में आवारा कुत्तों ने कोहराम मचा रखा है. 8 मई को सामने आई स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले अप्रैल माह के भीतर जिले में 3000 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. डीग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की तरफ से जारी ये आंकड़े यह बताते हैं कि जिले में हालात कितने भयावह हैं. हर दिन औसतन 100 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. बूंदी में कुत्तों ने ली मासूम की जान डीग के ये आंकड़े तब और डरावने हो जाते हैं जब हम 4 मई की उस घटना को याद करते हैं, जिसने राजस्थान को शर्मसार कर दिया था. बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को कुत्तों के झुंड ने उस वक्त नोच-नोच कर मार डाला था, जब वह खुले में शौच के लिए गई थी. उस घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार को 1 लाख के मुआवजे का ऐलान तो किया, लेकिन डीग के आंकड़े बताते हैं कि जमीन पर सुरक्षा के इंतजाम अब भी सिफर हैं. शहरों में ज्यादा 'खूंखार' हुए कुत्ते हालिया RTI आंकड़ों ने इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है. साल 2024 के मुकाबले 2025 में राजस्थान में कुत्तों के हमले के मामले करीब दोगुने हो चुके हैं. सबसे ज्यादा असर राजधानी जयपुर समेत कोटा और डीग जैसे इलाकों में दिख रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्ते ज्यादा हिंसक और आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं, जिसका सबसे आसान शिकार छोटे बच्चे बन रहे हैं. 'हमें मुआवजा नहीं, सुरक्षा चाहिए' डीग में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्व पार्षद कैलाश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनकी मांग है कि नसबंदी और शेल्टर होम के नाम पर हो रही खानापूर्ति बंद हो और सड़कों पर घूम रहे हिंसक कुत्तों को तुरंत हटाया जाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता रहता है. डॉक्टर बोले- ये गलती पड़ेगी भारी बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि कुत्ता काटने पर 15 मिनट की लापरवाही जान ले सकती है. डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं और किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय न गंवाते हुए सीधे सरकारी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाएं. आवारा कुत्तों की शिकायत करें यदि आपके इलाके में भी कुत्ते हिंसक हो रहे हैं, तो आप राजस्थान संपर्क पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा स्थानीय नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जागरूक रहें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी जान बचा सकती है.

सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा कैबिनेट विस्तार, 32 नए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। पटना के गांधी मैदान में पहला कैबिनेट विस्तार किया गया, जिसमें 32 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी नाम शामिल है। आज से करीब 22 से दिन पहले जब सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया तब भी निशांत डिप्टी सीएम बनने की चर्चा हुई थी। जेडीयू के बड़े नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पहले बिहार घूमने की बात कहकर डिप्टी सीएम बनने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी जेडीयू के नेता निशांत को मनाने में जुटे रहे और अब वो सम्राट कैबिनेट में बतौर मंत्री शामिल हो गए हैं। सीएम ने निशांत कुमार को बिहार का स्वास्थ्य मंत्री बनाया है, जिस पद पर लंबे समय तक रहे मंगल पांडेय इस बार सरकार से ड्रॉप हो गए हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार के वक्त जेडीयू के वरिष्ठ नेता संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार को समझाया और बिहार सरकार में शामिल होने के लिए तैयार किया। अब निशांत को बिहार का स्वास्थ्य मंत्री बना दिया गया है। पहले यह विभाग भाजपा के पास रहा करता था, जिसे जदयू को दे दिया गया है। पहली बार मंत्री बने निशातं को स्वास्थ्य जैसे बड़े मंत्रालय की कमान सौंपी गई है। आपको बता दें कि जब निशांत कुमार मंत्री पद के लिए तैयार नहीं दिख रहे थे तब उनके साथ नजर आ रहे युवा विधायकों की कोर टीम में से किसी एक को मंत्री बनाने की चर्चा थी। जेडीयू के उन युवा विधायकों में रुहैल रंजन, अतिरेक कुमार, चेतन आनंद, कोमल सिंह, ऋतुराज कुमार, नचिकेता मंडल वगैरह का नाम शामिल था। भाजपा ने इन्हें बनाया मंत्री भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद,दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह,प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया है। जेडीयू कोटे से कौन-कौन जेडीयू कोटे से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, दामोदर रावत, भगवान सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार, शीला मंडल और जमा खान को मंत्री बनाया गया है। विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से मंत्री हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह व संजय पासवान, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं।

कृष्णावतारम पार्ट 1 की लिमिटेड रिलीज से मजबूत शुरुआत, दर्शकों से मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स

कुछ दिन पहले शानदार ट्रेलर से इंप्रेस करने वाली फिल्म क़ृष्णावतारम पार्ट 1: हृदयम थिएटर्स में पहुंच चुकी है. शुक्रवार को सुबह पहला शो शुरू होने के साथ फिल्म का बॉक्स ऑफिस टेस्ट शुरू हो जाएगा. मगर क़ृष्णावतारम ने इशारा कर दिया है कि इस टेस्ट में इसकी परफॉरमेंस कैसी होने वाली है. गुरुवार को क़ृष्णावतारम बहुत लिमिटेड शोज के साथ रिलीज हुई. पहले दिन शाम में कई थिएटर्स में इसके एक-दो शोज ही चलते नजर आए. लेकिन लिमिटेड शोज ने फिल्म के लिए पेड प्रीव्यूज जैसा काम किया है. इन शोज से फिल्म को तारीफ तो मिली ही, साथ में सॉलिड कमाई भी मिली. ये इशारा है कि क़ृष्णावतारम के लिए लोगों में एक्साइटमेंट तो है. क़ृष्णावतारम को मिली सॉलिड शुरुआत क़ृष्णावतारम के रिव्यूज बहुत पॉजिटिव आ रहे हैं और पहले दिन फिल्म देख चुके लोग भी सोशल मीडिया पर तारीफ करते ही नजर आए. इन तारीफों का ही असर है कि क़ृष्णावतारम ने लिमिटेड शोज से दमदार कमाई की है और ये बॉलीवुड से साल की पहली सरप्राइज हिट बन सकती है. सैकनिल्क का डेटा बताता है कि क़ृष्णावतारम ने गुरुवार के शोज से करीब 40 लाख रुपये का कलेक्शन किया है. जितने कम शोज के साथ क़ृष्णावतारम थिएटर्स में पहुंची, उस हिसाब से ये कलेक्शन काफी अच्छा है. लेकिन क़ृष्णावतारम के कलेक्शन से ज्यादा दिलचस्प है इस फिल्म के लिए जनता का रिस्पॉन्स. गुरुवार को फिल्म के शोज 'फास्ट फिलिंग' मोड में नजर आए. दिल्ली एनसीआर के कुछ थिएटर्स में इसके शोज 50% और उससे भी थोड़े ज्यादा भरे नजर आए. गुरुवार की शाम को क़ृष्णावतारम के लिए बुक माय शो का ट्रेंडिंग टिकर चालू हो गया था. शाम को एक घंटा ऐसा रहा जब फिल्म के 1 हजार से ज्यादा टिकट बुक हो गए. शुक्रवार को सुबह बुक माय शो का टिकट डेटा बता रहा था कि गुरुवार सुबह के बाद से 24 घंटों में फिल्म के 14 हजार से ज्यादा टिकट बुक हुए. टिकट बुकिंग में नजर आ रही ये हरकत बता रही है कि क़ृष्णावतारम में लोगों को दिलचस्पी तो है. अगर शुक्रवार को सुबह से इस फिल्म को अच्छी तारीफें मिलनी शुरू हुईं, तो वीकेंड में इसकी ऑडियंस काफी बढ़ जाएगी. माइथोलॉजिकल फिल्में कर रहीं कमाल पिछले कुछ सालों से माइथोलॉजिकल फिल्में काफी सरप्राइज कर रही हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण साउथ से आई फिल्म कार्तिकेय 2 (2022) है. पहले दिन इस फिल्म ने 7 लाख रुपये का बिजनेस किया था, लेकिन वर्ड ऑफ माउथ ने ऐसी कामयाबी दिलाई कि ये हिंदी समेत पैन इंडिया हिट साबित हुई. ऐसा ही कुछ हनुमान (2023) और महावतार नरसिम्हा के साथ भी हो चुका है. क़ृष्णावतारम में भगवान कृष्ण का किरदार सिद्धार्थ गुप्ता ने निभाया है. राधा के रोल में सुष्मिता भट्ट, रुक्मिणी के रोल में निवा शियनी कृष्णन और सत्यभामा के रोल में संस्कृति जायना नजर आ रही हैं. ये सभी यंग कलाकार हैं जिनके करियर की अभी शुरुआत ही है, लेकिन ट्रेलर में अपने काम से इन्होंने जनता को इंप्रेस किया है. फिल्म के गाने भी खूब पसंद किए जा रहे हैं, जिन्हें इरशाद कामिल ने लिखा है. क़ृष्णावतारम के डायरेक्टर हार्दिक गज्जर हैं, जिन्होंने टीवी के लिए देवों के देव महादेव जैसा शो डायरेक्ट किया है. इसलिए क़ृष्णावतारम के ट्रेलर के अलावा भी इस फिल्म में भरोसा जताने की कई वजहें हैं. देखते हैं जनता इसे कितना सपोर्ट करती है.

ज्योति की बेल अपील सुप्रीम कोर्ट में, हरियाणा-पंजाब के 2 मामले आधार बनेंगे

हिसार  भारत की पाकिस्तान पर हुई 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक के बाद देश के खिलाफ जासूसी के आरोपों में घिरी ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा ने अब सलाखों से बाहर आने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। पिछले एक साल से हिसार की जेल में बंद ज्योति की जमानत याचिका निचली अदालतों से दो बार खारिज हो चुकी है। अब उसके कानूनी सलाहकार पंजाब और हरियाणा के उन दो मामलों का हवाला देकर बेल मांगने की जुगत में हैं, जिनमें सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपियों को राहत मिल चुकी है। पाकिस्तानी एंबेसी से लेकर चीन यात्रा तक का संदिग्ध सफर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ज्योति तब आई थी, जब साल 2024 में उसकी यात्राओं का एक अजीब पैटर्न सामने आया। ज्योति 17 अप्रैल से 15 मई तक पाकिस्तान में रही और वहां से लौटने के महज 25 दिन बाद ही चीन के दौरे पर निकल गई। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसने करतारपुर कॉरिडोर पर नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का इंटरव्यू किया था। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, ज्योति केवल एक ब्लॉगर नहीं थी, बल्कि उसने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में जाकर सैन्य शिविरों और कश्मीर के महत्वपूर्ण बांधों के संवेदनशील वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए थे। ISI गुर्गों और उच्चायोग अधिकारियों से 'सीधी सेटिंग' पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास मौजूद सबूतों के अनुसार, ज्योति के तार सीधे तौर पर पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली से जुड़े थे। मोबाइल डेटा की जांच में ISI के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ उसकी नियमित बातचीत और बैठकों का खुलासा हुआ है। चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि ज्योति को पाकिस्तान जाने से पहले दी गई ट्रैवल एडवाइजरी का उसने जानबूझकर उल्लंघन किया और संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले संपर्क बनाए रखे। युवाओं को हनीट्रैप और पैसों का लालच ज्योति मल्होत्रा का मामला उन सात चर्चित गिरफ्तारियों में से एक है, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हरियाणा और पंजाब से की गई थीं। जांच एजेंसियां मानती हैं कि पाकिस्तान 20 से 35 साल के मध्यमवर्गीय युवाओं को हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसाकर देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। ज्योति के मामले में वकील रविंद्र सिंह ढुल का तर्क है कि जब समान धाराओं (सीक्रेट एक्ट) वाले अन्य आरोपियों को जमानत मिल सकती है, तो ज्योति को क्यों नहीं? अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह इन दलीलों को स्वीकार कर ज्योति को राहत देगा या फिर सुरक्षा एजेंसियों के ठोस सबूत उस पर भारी पड़ेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पकड़े गए थे जासूस बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हरियाणा और पंजाब से कई जासूस पकड़े गए थे। सबसे पहले 8 मई को मालेरकोटला में 2 जासूस पकड़े गए। 13 मई को पानीपत से नोमान इलाही गिरफ्तार हुआ। इसके बाद पुलिस ने हिसार, नूंह, कैथल और जालंधर से गिरफ्तारियां कीं। इन सभी की गिरफ्तारियों के बाद कुछ कॉमन चीजें सामने आई हैं। इसमें जासूसी के 6 आरोपियों के वीजा को लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तानी एंबेसी से संपर्क हुआ। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के तो पाकिस्तानी एंबेसी अधिकारी दानिश से लिंक तक मिले। इन सभी ने पाकिस्तान की यात्रा भी की। खास बात ये भी है कि ये सभी 20 से 35 साल की उम्र के यानी युवा हैं। इस उम्र में पैसे और हनीट्रैप के लालच से फंसाना आसान है। वहीं सभी मिडिल क्लास फैमिलीज से हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान से जुड़े लोगों पर नजर थी। इनकी कॉल और चैटिंग को इंटरसेप्ट किया गया तो इनके पाकिस्तानी जासूस होने का पता चला। इसके बाद इन्हें अरेस्ट कर लिया गया। सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को पूछताछ के बाद उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने ज्योति से अलग-अलग पूछताछ की थी। ज्योति से पाकिस्तान के लिए जासूसी और पहलगाम मामले में टेरर कनेक्शन की भी जांच की गई। इसके बाद पुलिस ने 90 दिन की जांच रिपोर्ट की बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। चार्जशीट से जानकारी समाने आई थी कि ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी। पाकिस्तानी एजेंटों से की मीटिंग पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की। पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।