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इंडिया-ए महिला T-20 टीम की कप्तान बनीं अनुष्का, इंग्लैंड-ए के खिलाफ अपनी कप्तानी में खेलेंगी 3 मैच

ग्वालियर  बीसीसीआई ने इंग्लैंड टूर के लिए भारतीय महिला ए क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है. इस बार इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज की कप्तानी के लिए ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा पर भरोसा जताया है. अनुष्का शर्मा की कप्तानी में वुमन इंडियन ए क्रिकेट टीम टी20 क्रिकेट के 3 मुकाबले इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगी।  बीसीसीआई ने घोषित की इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम भारतीय क्रिकेट में ग्वालियर का बोलबाला होने जा रहा है. ये शायद पहली बार होगा जब भारतीय क्रिकेट टीम को ग्वालियर की बेटी कप्तानी संभालेगी. ग्वालियर की अनुष्का शर्मा को टी20 मुकाबलों के लिए इंडिया-ए स्क्वाड की घोषणा के साथ इंग्लैंड टूर का टीम कप्तान बनाया है. इंग्लैंड दौरे से पहले वन डे और टी20 दोनों ही क्रिकेट फॉर्मेट के लिए बीसीसीआई ने वुमेंस इंडिया-ए स्क्वॉड्स का ऐलान कर दिया है।  अनुष्का शर्मा टी20, हरलीन देओल वन-डे की कैप्टन अनुष्का शर्मा को जहां इंग्लैंड के लिए टीम कैप्टेंसी सौंपी गई है वहीं इसी स्क्वाड में ग्वालियर की वैष्णवी शर्मा को भी टीम में शामिल किया गया. दोनों ही खिलाड़ियों के खेल में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बीसीसीआई ने दोनों पर भरोसा जताया है. इंडिया ए महिला टीम का इंग्लैंड टूर आगामी 20 जून से शुरू होगा. इस सीरीज के टी20 मुकाबले नॉर्थम्पटन और चेल्सफोर्ड में खेले जाएंगे. वहीं वन-डे मैचेस के लिए घोषत स्क्वॉड की कैप्टन की जिम्मेदारी एक बार फिर हरलीन देओल के कंधों पर है।  पहले लग चुके हैं चकिंग के आरोप ग्वालियर और अनुष्का शर्मा के लिए ये बड़ी ऑपर्च्युनिटी है. इससे पहले अप्रैल में साउथ अफ्रीका सीरीज में भारतीय महिला सीनियर टीम में उन्होंने अपना डेब्यू किया था और अब टीम की जिम्मेदारी संभालने का मौका उन्हें बीसीसीआई ने दिया है. ये इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि, साल 2024 में अनुष्का शर्मा पर चकिंग के आरोप लगे थे. जिस पर बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी पर बैन लगा दिया था, और अब उन्हें टीम कप्तान बना दिया है।  डेब्यू के तुरंत बाद मिली इंडिया ए की कप्तानी अनुष्का शर्मा की बात करें तो उन्होंने हाल ही में साउथ अफ्रीका दौरे पर भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब कुछ ही दिनों के अंतराल में उन्होंने इंडिया ए की कप्तानी मिल गई है। इस खिलाड़ी ने WPL 2026 में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इंडिया ए वुमेंस टी20 टीम की उपकप्तान वृन्दा दिनेश को बनाया गया है। जबकि प्रतिका रावल वनडे टीम की उपकप्तान हैं। यह टीम उस वक्त इंग्लैंड दौरे पर ए टीम का सामना करेगी, जिस वक्त सीनियर टीम टी20 वर्ल्ड कप खेल रही होगी। इंडिया ए बनाम इंग्लैंड ए सीरीज का शेड्यूल     पहला टी20: 20 जून 2026, नॉर्थैम्पटन काउंटी ग्राउंड     दूसरा टी20: 23 जून 2026, नॉर्थैम्पटन काउंटी ग्राउंड     तीसरा टी20: 25 जून 2026, Chelmsford काउंटी ग्राउंड     पहला वनडे: 28 जून 2026, Hove काउंटी ग्राउंड     दूसरा वनडे: 1 जुलाई 2026, टॉन्टन     तीसरा वनडे: 4 जुलाई 2026, टॉन्टन इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय महिला ए टीम के स्क्वाड     टी20 इंडिया ए स्क्वाड: अनुष्का शर्मा (कप्तान), वृन्दा दिनेश (उपकप्तान), जी कमालिनी (विकेटकीपर), उमा छेत्री, वैष्णवी शर्मा, प्रेमा रावत, पूर्वजा वेर्लेकर, जिंतीमनी कलिता, साइमा ठाकुर, सिमरन शर्मा, श्वेता सेहरावत, दीया यादव, मिन्नू मनी, शबनम शकील, तनुजा कंवर।     वनडे इंडिया ए स्क्वाड: हरलीन देओल (कप्तान), प्रतिका रावल (उपकप्तान), प्रिया पूनिया, तनिषा सिंह, जी कमालिनी (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), तेजल हसबनीस, निकी प्रसाद, प्रेमा रावत, तनुजा कंवर, वैष्णवी शर्मा, शबनम शकील, सयाली सतघरे, जिंतीमनी कलिता, साइमा ठाकुर। हरमनप्रीत कप्तान, स्मृति मंधाना उपकप्तान: T20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान, WPL के 2 नए नाम शामिल 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड की घोषणा कर दी गई है। हरमनप्रीत कौर को इस टीम की कमान सौंपी गई है और स्मृति मंधाना उपकप्तान हैं ये है इंडिया-ए (महिला) टी20 स्क्वाड अनुष्का शर्मा (कप्तान), वृंदा दिनेश (उप कप्तान), जी कमलिनी (विकेट कीपर), उमा चेट्री, वैष्णवी शर्मा, प्रेमा रावत, पूर्वाजा वर्लेकर, जिन्तिमणि कलिता, साइमा ठाकुर, सिमरन बहादुर, श्वेता सहरावत, दीया यादव, मीनू मणि, शबनम शकील, तनुजा कंवर  

शेयर बाजार घोटाले के आरोपों पर शाकिब अल हसन ने तोड़ी चुप्पी, जांच पर जताया भरोसा

बांग्लादेश बांग्लादेश के दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने शेयर बाजार में हेरफेर, भ्रष्टाचार रोधी जांच और चेक-बाउंस मामलों से जुड़े आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि लंबे समय से चल रही जांच में अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है. शाकिब अल हसन ने बताया कि जांच के दौरान उनका बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला. शाकिब ने बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट bdnews24.com से कहा, 'मेरा बैंक खाता फ्रीज है, इसलिए मैं कुछ नहीं कर सकता.शायद जांच के लिए ऐसा किया गया,. लेकिन डेढ़ साल से जांच चल रही है और अभी तक कुछ नहीं मिला.' शाकिब अल हसन ने साफ कहा कि अगर जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ कोई सबूत मिलता है, तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं. शाकिब कहते हैं, 'अगर दोष साबित होता है तो कार्रवाई करें। अगर कुछ नहीं मिलता, तो मुझे क्लियरेंस दें और मुक्त करें.' शाकिब पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. शाकिब अल हसन ने कहा कि अब उन्हें कुछ भी असामान्य नहीं लगता, लेकिन अपने देश लौटने पर गिरफ्तारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. शाकिब ने ही यह भी स्वीकार किया कि वतन वापसी पर उन्हें गिरफ्तारी का डर है. शाकिब अल हसन का अपने देश लौटना फिलहाल मुश्किल है. बांग्लादश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने स्पष्ट कर दिया था कि वह शाकिब को किसी भी प्रकार की सुरक्षा की गारंटी देने की स्थिति में नहीं है. इसी कारण शाकिब पिछले कई महीनों से बांग्लादेश से बाहर हैं. निकट भविष्य में भी उनकी वापसी की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. 39 वर्षीय शाकिब अल हसन का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है. वह बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटर माने जाते हैं. शाकिब ने 71 टेस्ट, 247 ओडीआई और 129 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. टेस्ट क्रिकेट में शाकिब ने 4609 रन बनाए और 246 विकेट झटके हैं. वहीं वनडे इंटरनेशनल में शाकिब के नाम पर 7570 रन और 317 विकेट दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में शाकिब ने 149 विकेट लेने के अलावा 2551 रन बनाए हैं. शाकिब अल हसन के बयान से साफ है कि वह खुद को बेगुनाह मानते हैं और जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हैं. अब नजर इस बात पर होगी कि संबंधित एजेंसियां इस मामले में आगे क्या फैसला लेती हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट: अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर ईरान का सख्त रुख

 नई दिल्ली पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने सोमवार को अमेरिकी सेना को चेतावनी दी है कि यदि वे होर्मुज में प्रवेश करते हैं, तो उन पर हमला कर दिया जाएगा। ईरान के मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा, 'हम चेतावनी देते हैं कि किसी भी विदेशी सशस्त्र बल, विशेष रूप से आक्रामक अमेरिकी सेना पर हमला किया जाएगा, यदि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने का इरादा रखते हैं।' ईरान ने यह भी दावा किया कि इस जलमार्ग की सुरक्षा पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और किसी भी जहाज के सुरक्षित मार्ग के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय करना अनिवार्य है। अमेरिका का प्रोजेक्ट फ्रीडम अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ईरान क्यों भड़का हुआ है? दरअसल, सोमवार को अमेरिका ने होर्मुज में फंसे जहाजों को मुक्त कराने के लिए सैन्य अभियान चलाने की घोषणा की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को प्रोजेक्ट फ्रीडम का नाम दिया। ट्रंप ने कहा कि कई देशों ने अमेरिका से मदद मांगी है क्योंकि उनके व्यापारिक जहाज इस संघर्ष में बिना किसी गलती के फंसे हुए हैं। ट्रंप ने कहा, 'कई जहाजों पर भोजन और आवश्यक सामग्री खत्म हो रही है। ईरान, पश्चिम एशिया और अमेरिका की भलाई के लिए हम इन जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालेंगे।' 100 विमान और 15 हजार सैनिकों की तैनाती अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सैन्य तैनाती की पुष्टि कर दी है। इस ऑपरेशन में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, 100 से अधिक विमान और लगभग 15,000 सैनिक शामिल किए गए हैं। पेंटागन के नेतृत्व में यह मिशन सोमवार सुबह से शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करना है। अमेरिका के इस घोषणा के बाद ईरान ने चेतावनी दी है। पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में शांति है, लेकिन इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के एलान ने आग में घी डालने का काम किया है। 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर टिकी दुनिया की नजरें इस बीच यह भी खबर आई है कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जो अमेरिका के 9-सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में तैयार किया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर संदेह जताया है, लेकिन वे इसकी समीक्षा करने को तैयार हैं। 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच शुरू हुए भीषण संघर्ष के बाद आठ अप्रैल से जारी युद्धविराम ने कूटनीति के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। शांति की आखिरी उम्मीद इस्लामाबाद वार्ता पाकिस्तान ने 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच पहले दौर की सीधी बातचीत की मेजबानी की थी। हालांकि उस समय कोई ठोस समझौता नहीं हो सका, लेकिन स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए 21 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया। इशाक डार और अब्बास अराघची की ताजा बातचीत इसी कड़ी का हिस्सा है, जहां पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता हासिल की जा सकती है।

ग्वादर प्रोजेक्ट में तनाव: चीनी कंपनी की चेतावनी के बाद पाकिस्तान सरकार ने तुरंत खोली फाइलें

  पाकिस्तान सरकार ने चीन को गधे के मांस और खाल के निर्यात को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह फैसला एक चीनी कंपनी की उस कड़ी चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उसने निर्यात की मंजूरी मिलने में हो रही देरी के कारण पाकिस्तान में अपना कामकाज बंद करने की धमकी दी थी। हालात को बिगड़ता देख पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। क्या है पूरा विवाद? यह विवाद ग्वादर में काम करने वाली 'हनगेंग ट्रेड कंपनी' से जुड़ा है। ग्वादर चीन द्वारा समर्थित परियोजनाओं (CPEC) का एक प्रमुख केंद्र है। यह कंपनी एक बूचड़खाना चलाती है, जहां से गधे का मांस और खाल चीन भेजी जाती है। पिछले कई महीनों से पाकिस्तान के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय और पशु संगरोध विभाग में कंपनी के निर्यात की फाइल अटकी हुई थी। कंपनी का अल्टीमेटम और निवेशकों को चेतावनी परेशान होकर 1 मई को चीनी कंपनी ने एक सार्वजनिक बयान जारी किया। कंपनी ने कहा: गैर-बाजार कारकों और काम में आ रही सरकारी बाधाओं के कारण वे अपनी फैक्ट्री बंद करने को मजबूर हैं। उन्होंने अपने कर्मचारियों को भी संभावित छंटनी और फैक्ट्री बंद होने की सूचना दे दी थी। कंपनी ने दावा किया कि निर्यात के सभी मानक पूरे करने के बावजूद पिछले 3 महीनों से उनका शिपमेंट फंसा हुआ है और पाकिस्तानी अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिल रही है। सबसे बड़ी बात, कंपनी ने अन्य विदेशी व्यवसायों को भी चेतावनी दी कि वे पाकिस्तान में निवेश करने से पहले यहां की नीतियों के क्रियान्वयन में मौजूद खामियों और संस्थागत अनिश्चितता का सावधानीपूर्वक आकलन कर लें। इस बयान से पाकिस्तान में विदेशी निवेश के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का त्वरित हस्तक्षेप इस बयान के बाद पाकिस्तान सरकार में हड़कंप मच गया। प्रधानमंत्री के सलाहकार तौकीर शाह ने तुरंत इस मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंचाया। शुक्रवार को पीएमओ ने सीधे इस मामले में दखल दिया, जिसके बाद रुकी हुई फाइलों ने अचानक गति पकड़ ली। अगले ही दिन (शनिवार को) पाकिस्तानी कैबिनेट ने गधे के मांस के निर्यात को अपनी मंजूरी दे दी और संबंधित विभाग ने आवश्यक परमिट भी जारी कर दिए। सरकार की यह फुर्ती इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसी महीने के अंत में एक बड़े निवेश मंच में हिस्सा लेने के लिए चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं, और सरकार चीन को नाराज नहीं करना चाहती थी। सरकारी अधिकारियों का क्या कहना है? कैबिनेट डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना बचाव करते हुए कहा कि मंजूरी की प्रक्रिया नियमों के तहत ही चल रही थी और 'आर्थिक समन्वय समिति' (ECC) के फैसलों को अक्सर चरणों में लागू किया जाता है। वहीं, कुछ अन्य सरकारी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि देरी इसलिए हुई क्योंकि चीनी कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्यात के लिए आवश्यक प्रजनन मानकों जैसी कुछ शर्तों को पूरी तरह से नहीं माना था। चीन को क्यों निर्यात किए जाते हैं गधे? चीन में गधे के मांस और खासकर उसकी खाल की भारी मांग है। गधे की खाल का इस्तेमाल चीन में पारंपरिक दवाएं बनाने में किया जाता है। इन दवाओं को मुख्य रूप से ब्लड टॉनिक (खून बढ़ाने वाली दवा) और त्वचा से जुड़ी समस्याओं के इलाज के रूप में बेचा जाता है। पाकिस्तान के लिए इसका आर्थिक महत्व पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा बाजार है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार: पाकिस्तान हर साल मांस और खाल के लिए लगभग 2,16,000 गधों का निर्यात मुख्य रूप से चीन को करता है। सरकार का अनुमान है कि यह क्षेत्र पाकिस्तान के लिए सालाना लगभग 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 30 करोड़ डॉलर) का राजस्व उत्पन्न कर सकता है, जो पाकिस्तान की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक बड़ी रकम है।

निलंबन और पदोन्नति रोकने के आरोपों पर उबाल, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग तेज

लखनऊ बिजली विभाग में दलित अभियंताओं पर कार्रवाई से उबाल है। पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि अगर एकतरफा कार्रवाई पर दलित अभियंताओं को जल्द न्याय नहीं मिलता तो इस मसले पर आंदोलन होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन की होगी। एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की आपात बैठक रविवार को फील्ड हॉस्टल में हुर्ह। संगठन ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने कहा कि अगर उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि दलित अभियंताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अभियंताओं पर कार्रवाई न केवल सेवा नियमों के विपरीत हैं बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत भी। एसोसिएशन ने अभियंताओं पर निलंबन, पदोन्नति रोके जाने और अनुचित दंड के आरोप लगाए हैं। साथ ही यह भी कहा कि ज्यादातर मामलों में अभियंताओं को राहत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। बैठक में एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष नेकीराम, पीएम प्रभाकर अतिरिक्त महासचिव , अजय कुमार (ट्रांसको), अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा, अजय कुमार आदि उपस्थित रहे। इनपर अनुचित कार्रवाई का आरोप -नेकीराम (अधीक्षण अभियंता) को मात्र 6 दिन की तैनाती के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देकर मुख्य अभियंता पद पर पदोन्नति रोक दी गई। -पूरन चंद (अधीक्षण अभियंता) व नरेश कुमार (अधिशासी अभियंता) को लगभग एक वर्ष से निलंबित रखा गया, वह भी घटिया ट्रांसफार्मर जलने के मामले में, जिससे उनकी पदोन्नति बाधित हुई। -अजय कुमार (अधीक्षण अभियंता) को फर्जी शिकायतों, जिनमें बामसेफ व पीडीए लोगों की मदद करने के आरोप में निलंबित किया गया। -निर्भय कुमार (अधिशासी अभियंता) को एक ही मामले में दोहरा दंड दिया गया। -हरिश्चंद्र वर्मा (मुख्य अभियंता, मध्यांचल) को पिछले 6 माह से गलत आरोपों के आधार पर निलंबित रखा गया, जिनकी पत्नी की लगातार डायलिसिस हो रही है। -मुकेश बाबू (अधीक्षण अभियंता) को हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी पदोन्नत नहीं किया गया। -सुनील कुमार, सुधाकर व एनपी सिंह के मामले भी लंबित हैं, जिससे पदोन्नति और टाइम स्केल बाधित। -पवन कुमार अधिशासी अभियंता लंबे समय से निलंबित

बिना अनुमति प्रार्थना सभा पर विवाद, मारपीट और पत्थरबाजी के बाद 4 गिरफ्तार

जयपुर शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.   150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.   हकीकत क्या, सवाल बरकरार?     बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?     100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?     क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल-असम में BJP की जीत, केरल में कांग्रेस-यूडीएफ मजबूत

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सत्ता पाने वाली है। उसे विधानसभा चुनाव में अब तक 198 सीटों पर बढ़त मिल चुकी है। इसके अलावा असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। यही नहीं भाजपा की इस लहर का मोमेंटम केरल तक में दिखा है। दक्षिण भारत के इस राज्य में भाजपा लंबे समय से अपनी पैठ जमाने की कोशिश करती रही है, लेकिन सफल नहीं हुई है। इस बार विधानसभा चुनाव में उसे कुछ उम्मीद दिख रही है और अब तक उसके दो कैंडिडेट जीत चुके हैं। इन कैंडिडेट्स में से एक वी. मुरलीधरण भी हैं, जो कजाकुट्टम सीट से सीपीएम के कैंडिडेट के. सुरेंद्रन से जीत गए। उन्होंने 18 राउंड तक चली काउंटिंग में 428 वोटों से जीत हासिल की है। इसके अलावा नमोम सीट से पूर्व सांसद राजीव चंद्रशेखर ने भी जीत हासिल की है। इस तरह भाजपा ने बंगाल और असम के बाद केरल में भी इतिहास रच दिया है। बंगाल में उसे पहली बार सत्ता मिली है तो वहीं असम में पहले से ज्यादा बड़ी जीत के साथ भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलेगी। ऐसा पहली बार होगा, जब भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलने वाली है। यही नहीं इस चुनाव में केरल में भी कई रिकॉर्ड बने हैं। एक रिकॉर्ड यह भी है कि मुस्लिम लीग की कोई महिला कैंडिडेट पहली बार विधानसभा में पहुंचेगी। कोझोकोड की पेरंबरा सीट से फातिमा थालिया को जीत मिली है। इसके अलावा केरल में कांग्रेस ने भी रिकॉर्ड बनाया है। असम में बुरी हार झेलने वाली कांग्रेस का बंगाल में खाता तक नहीं खुला है। लेकिन केरल से उसके लिए राहत वाली खबर आई है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 101 सीटों पर आगे चल रहा है। ऐसा पहली बार है, जब केरल में यूडीएफ ने 100 का आंकड़ा पार किया है। इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि केरल में ऐंटी-इनकम्बैंसी थी और इसका वोट कांग्रेस को मिला है। उन्होंने कहा कि जनता में पिनराई विजयन सरकार के कामकाज के प्रति गुस्सा था और हमने उसे भुनाने में सफलता हासिल की है। केसी वेणुगोपाल बोले- हमने उठाया ऐंटी-इनकम्बैंसी का फायदा केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि केरल में इन नतीजों का क्रेडिट राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जाता है। बता दें कि केरल की वायनाड सीट से ही प्रियंका वाड्रा सांसद हैं। इसके अलावा राहुल गांधी भी पहले यहीं से सांसद थे। इस बार उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। रायबरेली और वायनाड दोनों जगहों से वह जीते थे। अंत में उन्होंने वायनाड से इस्तीफा दे दिया था और उसके स्थान पर प्रियंका वाड्रा ने उपचुनाव लड़ा था।

रांची समेत कई जिलों में उपभोक्ता फोरम खाली, ऑनलाइन सुनवाई बनी सहारा

 रांची  झारखंड में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे उपभोक्ताओं को न्याय मिलने में लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। वर्तमान में झारखंड उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में करीब छह हजार मामले लंबित हैं। विडंबना यह है कि पूरे राज्य के मामलों के निष्पादन का जिम्मा केवल अध्यक्ष बसंत कुमार गोस्वामी के कंधों पर है। रांची, देवघर, बोकारो और धनबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों के फोरम में सदस्यों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। क्यों अटकी हैं नियुक्तियां? जानकारी के अनुसार, रांची फोरम में जनवरी 2025 से ही एक भी अधिकारी मौजूद नहीं है। हालांकि इन पदों पर नियुक्ति राज्य सरकार को करनी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नया कानून बनाने का निर्देश दिया है। ऑनलाइन सुनवाई बना सहारा कोर्ट के आदेशानुसार, नए नियमों के गठन के बाद ही नियुक्तियां संभव हो पाएंगी, जिसके कारण वर्तमान में सरकार के हाथ बंधे हुए हैं। पदों के अभाव और बढ़ते बोझ के बीच अध्यक्ष बसंत कुमार गोस्वामी ऑनलाइन माध्यम से मामलों का निपटारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के पास सबसे अधिक मामले गाड़ी इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और बैंक लोन से जुड़े आते हैं। उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय देने के लिए ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। घर बैठे ऐसे दर्ज करें शिकायत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आयोग ने हर जिले को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया है। अब शिकायतकर्ता को कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। शिकायत दर्ज करने के लिए तीन प्रमुख विकल्प उपलब्ध हैं:         CP Grams (सीओपी ग्राम): सबसे पहले यहां शिकायत दर्ज करनी चाहिए।         हेल्पलाइन नंबर 1915: यदि पहले स्तर पर समाधान न मिले तो इस नंबर पर संपर्क करें।         ई-जागृति पोर्टल: उपभोक्ता सीधे इस पोर्टल के माध्यम से भी अपनी कानूनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हालिया सफलताएं: उपभोक्ताओं को मिला हक संसाधनों की कमी के बावजूद आयोग ने इस वर्ष कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं:         हजरत अली मामला: दुर्घटना के एक मामले में बीमा कंपनी की आनाकानी के बाद आयोग ने पीड़ित को 2 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान सुनिश्चित कराया।         महावीर महतो केस: उपभोक्ता को 9 लाख रुपये का हर्जाना दिलवाया गया।         मोहन कुमार केस: ऑटो चोरी होने के बाद बीमा राशि नहीं मिल रही थी, आयोग ने सुनवाई कर 3 लाख रुपये से अधिक की राशि दिलवाई।     सीमित साधनों में काम करना पड़ रहा है। रांची जिला उपभोक्ता फोरम में कोई अधिकारी नहीं है। हमारे यहां भी सदस्य नहीं है। अकेले ही काम करना पड़ रहा है। इसलिए, हमने आनलाइन सेवा शुरू की और लोग इसका लाभ उठा रहे हैं -बसंत कुमार गोस्वामी, अध्यक्ष, झारखंड उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग  

रांची प्रशासन का बड़ा फैसला, बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट अनिवार्य और सुरक्षा जांच सख्त

 रांची  मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे (jabalpur cruise accident) के बाद झारखंड में प्रशासन सतर्क हो गया है। रांची जिले के सभी डैम एवं जलाशयों में बोटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बोटिंग गतिविधियों के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बैठक में जिला स्तर पर वाटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप गठित करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सभी पर्यटकों और यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। बिना लाइफ जैकेट के बोटिंग कराने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखने और खराब मौसम में बोटिंग पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी नौकाओं के लिए वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाली नावों को संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। साथ ही, सभी बोटिंग स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर के साथ सूचना पट्ट लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने बोटिंग स्थलों पर नशापान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बोट को निर्धारित गति सीमा में चलाने और किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या जोखिम भरे संचालन पर सख्त रोक लगाई गई है। मानकों का होगा कड़ाई से पालन जिला दंडाधिकारी भजन्त्री ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने खासकर बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों से अपील की है कि वे बोटिंग के दौरान बच्चों को सही तरीके से लाइफ जैकेट पहनाएं और उसकी बेल्ट अच्छी तरह कसकर बांधें। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अभिभावकों की होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बैठक में लिए गए निर्णयों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि बोटिंग गतिविधियां सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें।

मैड्रिड ओपन 2026: मार्टा कोस्त्युक का दमदार प्रदर्शन, खिताब अपने नाम

मैड्रिड, एएनआइ मार्टा कोस्त्युक ने अपने करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब जीतते हुए 2026 का मैड्रिड ओपन अपने नाम कर लिया। 23 वर्षीय यूक्रेनी खिलाड़ी ने महिला सिंगल्स फाइनल में दुनिया की नंबर-8 मीरा आंद्रिवा को 6-3, 7-5 से हराया और क्ले कोर्ट पर अपनी जीत की लय को 11 मैचों तक बढ़ा दिया। कोस्त्युक अब सोमवार को जारी होने वाली डब्ल्यूटीए रैंकिंग में 23वें स्थान से अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 15वें स्थान पर पहुंचने वाली हैं। यह डब्ल्यूटीए 1000 खिताब उनके करियर का तीसरा खिताब है। इसके साथ ही वह 24 मई से पेरिस में शुरू होने वाले फ्रेंच ओपन की प्रमुख दावेदारों में शामिल हो गई हैं। मैड्रिड में इससे पहले उनके रिकार्ड पांच जीत और सात हार का था, लेकिन 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। कोस्त्युक ने कहा कि इस समय यहां खड़ा होना अविश्वसनीय लग रहा है। यहां तक पहुंचने में मुझे कई साल लगे। मेरे लिए एक शब्द है निरंतरता। हर दिन खुद को साबित करना जरूरी है और पिछले एक साल में मैंने यह अच्छी तरह किया है, जिस पर मुझे और मेरी टीम को गर्व है। इस जीत के साथ कोस्त्युक ने अपने करियर में टॉप-10 खिलाड़ियों के विरुद्ध 14वीं जीत दर्ज की और मैड्रिड में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीसरे दौर में दुनिया की नंबर-5 जेसिका पेगुला को हराया और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक सेट गंवाया, जो सेमीफाइनल में अनास्तासिया पोटापोवा के विरुद्ध था।