samacharsecretary.com

चींटियों से छुटकारा पाने का आसान तरीका! डिटॉल और हींग वाला स्प्रे करेगा काम

किचन घर का एक ऐसा कोना है जहां साफ-सफाई सबसे जरूरी हो जाती है क्योंकि यहां आपका खाना-पीना बनता है जो सीधे आपकी सेहत पर असर करता है. लेकिन खाने-पीने की चीजों की वजह से किचन में चींटिया और कॉकरोच जैसे कीड़े-मकोड़े खिचें चले आते हैं. चीनी का एक दाना या खाने की हल्की सी महक भी चींटियों की पूरी फौज को दावत दे देती है. बाजार में मिलने वाले कीटनाशक स्प्रे खाने की जगह पर इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. ऐसे में मशहूर शेफ पंकज भदौरिया की ट्रिक आपके काफी काम आ सकती है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कुछ समय पहले ये ट्रिक शेयर की थी. इस नुस्खे की सबसे अच्छी बात यह है कि इससे चींटियों को कोई नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें भगाया जा सकता है जिससे आपकी रसोई भी सुरक्षित और साफ बनी रहती है. पंकज भदौरिया ने दी ये टिप शेफ पंकज के अनुसार, चींटियों को भगाने के लिए एक स्प्रे बॉटल लीजिए. इसमें 2 चम्मच डिटॉल मिलाएं और एक चम्मच पिसी हुई हींग. अब इसे अच्छी तरह शेक कर लीजिए. वो बताती हैं कि हींग और डिटॉल की महक चींटियों को दूर रखती है. इसे आप किचन समेत घर में कहीं भी स्प्रे कर सकते हैं और चींटियों से छुटकारा पा सकते हैं. ये तरीके भी आ सकते हैं काम यहां हम आपको कुछ और घरेलू नुस्खे भी बता रहे हैं जो आपके घर को चींटियों से मुक्त रख सकते हैं. चींटियों को भगाने के लिए सफेद सिरका भी काफी शक्तिशाली हथियार है. इसके लिए एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में पानी और सफेद सिरका मिलाएं. जहां भी आपको चींटियों की कतार दिखे या उनके घुसने की जगह हो (जैसे खिड़कियों के कोने, दराजों के नीचे या स्लैब के किनारे), वहां इस मिश्रण का छिड़काव करें.

सेकेंड हैंड चीजों में छिपी हो सकती है नकारात्मक ऊर्जा, जानें शुद्धिकरण के आसान तरीके

 वास्तु शास्त्र के अनुसार पुराना सामान घर लाना नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया हुआ सामान घर में परेशानियों का कारण भी बन सकता है। पैसे बचाने के चक्कर में सेकेंड हैंड सामान तो खरीद लेते हैं लेकिन ये नहीं पता होता कि सामान को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति जीवित है या नहीं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी मृत व्यक्ति की पुरानी चीजों में उसकी ऊर्जा, भावनाएं और यादें मौजूद होती हैं, जो आपके ऊपर भी प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे में उस व्यक्ति की भावनात्मक ऊर्जा को हटाना बहुत जरूरी होता है। वास्तु गुरु मान्या जी के अनुसार, पुराना सामान खरीदना गलत नहीं है, लेकिन इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने से पहले वास्तु के कुछ जरूरी नियमों का पालन जरूरी है। नमक से  सफाई अगर आप किसी मृत व्यक्ति की अलमारी या फर्नीचर का इस्तेमाल करने जा रहे हैं तो उसकी सफाई करना बहुत जरूरी है। इसके लिए पानी और सेंधा नमक के घोल से उसे अच्छे से साफ करें। नमक पुरानी और परेशान करने वाली यादों को सोखने का काम करता है। सूरज की रोशनी सूरज की रोशनी को शुद्धिकरण के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है। ऐसे में पुरानी चीजों को कम से कम एक दिन तेज धूप में रखें। सूर्य की तेज किरणों से उस सामान में मौजूद पुरानी और नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी और उसमें सकारात्मक ऊर्जा भर जाएगी। गंगा जल का छिड़काव हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र दोनों में गंगा जल को अत्यंत शुद्ध और पवित्र माना गया है। नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने की इसमें अद्भुत शक्ति होती है। ऐसे में गंगा जल का छिड़काव करने से पुराने मालिक के दुख और तनाव का असर उस वस्तु पर से पूरी तरह खत्म हो जाता है। कपूर और लोबान का प्रयोग कपूर और लोबान घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने का काम करता है। ऐसे में पुरानी चीजों के पास भीम सेनी कपूर या लोबान जलाना चाहिए। इसका धुआं रुकी हुई ऊर्जा को हटाकर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का काम करता है। इसके साथ ही वहां धूप बत्ती भी जला सकते हैं। पुराने फर्नीचर को पेंट करवाएं घरों में अकसर पूजा के समय घंटी बजाने की परंपरा का पालन किया जाता है। घंटी की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को तोड़ने का काम करती है। इसकी कंपन से वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है। संभव हो तो पुराने फर्नीचर और सामान को फिर से पेंट करवा दें। नया रंग उस वस्तु को नई पहचान देने और पुरानी ऊर्जा को खत्म करने का काम करता है। वास्तु गुरु की सलाह जब आप ये उपाय कर रहे हों, तो मन में ये प्रार्थना करें 'मैं इस सामान को पुरानी दुख भरी यादों से आज़ाद करता हूं और इसे नया प्यार और शांति के साथ अपना रहा हूं।'  

जीवन का असली संदेश: अतीत और भविष्य के बीच नहीं, वर्तमान क्षण में छिपी है शांति और शक्ति

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में इंसान अक्सर दो छोरों के बीच झूलता रहता है एक ओर बीता हुआ कल और दूसरी ओर आने वाला कल. लेकिन इस विचार में छिपा संदेश बेहद गहरा और जीवन बदलने वाला है जो बताता है कि जीवन की असली शक्ति सिर्फ वर्तमान क्षण में है. हम में से कई लोग अपने अतीत की गलतियों, पछतावे और यादों में उलझे रहते हैं. यह अतीत हमें बार-बार पीछे खींचता है और मानसिक शांति छीन लेता है. वहीं दूसरी ओर, भविष्य की चिंता हमें डर, असुरक्षा और बेचैनी से भर देती है. इन दोनों के बीच हम अपना आज खो देते हैं, जबकि असली जीवन तो इसी अभी में बसता है. अतीत और भविष्य का जाल जब हम अतीत के बारे में सोचते हैं कि काश मैंने ऐसा किया होता… और जब हम भविष्य के बारे में सोचते हैं तो लगता है अगर ऐसा नहीं हुआ तो …? तो यह डर और तनाव पैदा करता है. यानी अतीत और भविष्य दोनों ही हमारे मन को अस्थिर करते हैं. वर्तमान की ताकत गौतम बुद्ध का यह विचार हमें सिखाता है कि शांति और संतुलन सिर्फ वर्तमान में ही मिल सकता है. जब आप पूरी तरह से वर्तमान क्षण में जीते हैं तो आपका ध्यान भटकता नहीं. काम में गुणवत्ता बढ़ती है.मन शांत और स्थिर रहता है. यही माइंडफुलनेस का मूल सिद्धांत है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है. गौतम बुद्ध के इस विचार को जीवन में कैसे अपनाएं? इस विचार को अपनाने के लिए आपको बड़े बदलाव की जरूरत नहीं बस इन बातों को फॉलो करें. 1-जो काम कर रहे हैं, उसी पर पूरा ध्यान दें 2-बेवजह की चिंता को पहचानकर छोड़ दें 3- दिन में कुछ मिनट खुद के साथ शांत बैठें

स्मार्टफोन खरीदना हुआ महंगा! OnePlus, Realme और Xiaomi ने बढ़ाई कीमतें, 6 हजार तक का इजाफा

भारत में स्मार्टफोन महंगे हो गए हैं. अब अगर आपको न्यू स्मार्टफोन खरीदना है तो 6 हजार रुपये तक एक्स्ट्रा खर्च करने होंगे. कीमत बढ़ाने वाली कंपनियों में शाओमी, रियलमी, वनप्लस और नथिंग जैसे नाम शामिल हैं.  नई कीमतों को ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेट किया जा चुका है. भारत में कंपनियों ने अपने मिड रेंज और प्रीमियम सेगमेंट के स्मार्टफोन को महंगा कर दिया गया है. ये नई कीमत ऑफिशयल पोर्टल पर अपडेट हो चुकी हैं. स्मार्टफोन महंगे क्यों हुए हैं? स्मार्टफोन इंडस्ट्री लगातार बढ़ती कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है. खासकर मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसकी वजह से टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में RAM और GPU चिप्स खरीद रही हैं. ऐसे में स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कंपोनेंट्स की कमी हो चुकी है. रैम मैन्युफैक्चरर अब हाई एंड बैंडविड्थ मेमोरी पर फोकस कर रही हैं. ऐसे में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. OnePlus ने महंगे किए फोन OnePlus की ऑफिशियल वेबसाइट पर हैंडसेट महंगे किए जा चुके हैं. जब हमने वनप्लस के ऑफिशियल पोर्टल पर विजिट किया तो पाया कि OnePlus 15 और OnePlus 15R की नई कीमतें जारी की जा चुकी हैं. OnePlus 15 को भारत में 72,999 रुपये में लॉन्च किया था अब कंपनी ने कीमत बढ़ाकर नई कीमत 77,999 रुपये कर दी है, जिसमें 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट मिलता है. वनप्लस 15 के टॉप एंड वेरिएंट यानी 16GB RAM + 512GB स्टोरेज अब 85,999 रुपये में लिस्ट किया है. यहां पर 6 हजार रुपये तक का इजाफा देखने को मिला. वनप्लस 15R की कीमत में करीब 2500 रुपये तक का इजाफा किया गया है. शुरुआती पहले वेरिएंट पहले 50,499 रुपये में था, जो अब 52,999 रुपये में आता है. दूसरे वेरिएंट की कीमत 55,499 रुपये से बढ़ाकर 57,999 रुपये की जा चुकी है. रियलमी ने महंगे किए फोन रियलमी ने भी स्मार्टफोन को महंगा कर दिया है. अभी करीब 6 हैंडसेट की कीमत में इजाफा हुआ है. हर एक स्टोरेज वेरिएंट की कीमत में करीब 1 हजार रुपये का इजाफा दिया गया है. इसमें रियलमी सी71 5जी, रियलमी 15x 5G, रियलमी 15T 5G, रियलमी C85 5G, रियलमी 16 Pro 5G और रियलमी 16 प्रो + 5G हैंडसेट शामिल हैं. शाओमी के भी स्मार्टफोन हुए महंगे चीनी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर ने अपने स्मार्टफोन की कीमत में इजाफा कर दिया है. ऑफिशियल पोर्टल पर कंपनी ने अपने हैंडसेट की कीमत को रिवाइज कर दिया है. इसमें  Redmi Note 15 सीरीज के हैंडसेट के नाम शामिल हैं.

यूपी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: अयोध्या-काशी के बाद अब ‘शक्ति चक्र’ बनेगा नया आकर्षण

लखनऊ  अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे सनातन के प्रतीक स्थलों के सहारे धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर सर्वाधिक पर्यटकों की आमद के साथ चमक रहा उत्तर प्रदेश अब प्रमुख मंदिरों के साथ अल्पज्ञात मंदिरों को जोड़कर नये आकर्षण विकसित करने की भी तैयारी कर रहा है। इसके तहत ‘शक्ति चक्र’ के नाम से माता के मंदिरों का एक नया विशेष पर्यटन परिपथ (सर्किट) विकसित किया जाएगा। इसमें राज्य के उन 31 जिलों के माता के मंदिरों के शामिल किया गया है, जो अन्य राज्यों के सीमावर्ती हैं। पहले चरण में विभाग इन स्थलों पर पर्यटन विकास करा रहा है। इसके बाद इसे ‘शक्ति चक्र’ के रूप में प्रचारित किया जाएगा। प्रस्तावित शक्ति चक्र में उत्तर प्रदेश के उन जिलों को शामिल किया गया है, जो अन्य राज्यों की सीमाओं से सटे हुए हैं। इनमें सहारनपुर स्थित शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ के साथ-साथ बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मीरजापुर, प्रयागराज, बांदा, झांसी, ललितपुर, जालौन, इटावा, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और शामली जैसे जिलों के प्रमुख माता मंदिर लिए गए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस परिपथ में शामिल कई मंदिर अभी तक व्यापक रूप से प्रसिद्ध नहीं हैं। योजना के पहले चरण में चयनित मंदिरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर करना, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और पर्यटक सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दूसरे चरण में इन सभी स्थलों को एकीकृत कर ‘शक्ति चक्र’ के रूप में व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की योजना है। इसके लिए डिजिटल माध्यमों, पर्यटन मेलों और धार्मिक आयोजनों के जरिए देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘शक्ति चक्र’ के रूप में माता मंदिरों की एक विशेष पर्यटन श्रृंखला विकसित होगी। हमारा प्रयास है कि अब तक कम प्रसिद्ध रहे शक्तिपीठों और देवी स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। जिस प्रकार अयोध्या, वाराणसी, नैमिषारण्य जैसे प्रमुख स्थलों के लिए टूर पैकेज संचालित हैं, उसी तरह इसके लिए भी योजनाएं बनाई जाएंगीं। यह पहल स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी। स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं को भी इससे नया मंच मिलेगा। शक्ति चक्र में शामिल मंदिर शाकुम्भरी देवी शक्तिपीठ सहारनपुर, रूक्मिणी गला माता मंदिर बिजनौर, काली माता मंदिर लालबाग मुरादाबाद, ज्वाला देवी सिद्धपीठ बरेली, गूंगा देवी मंदिर पीलीभीत, काली माता मंदिर लखीमपुर खीरी, मां गुल्लावीर मंदिर बहराइच, श्रीराम जानकी दुर्गा धाम सिद्धार्थनगर, मां दुर्गा मंदिर बलिया, सामिया माई मंदिर गाजीपुर, गुरसराय वाली माता मंदिर झांसी, अक्षरा देवी मंदिर जालौन, मां ब्रह्माणी मंदिर इटावा, देवी मंदिर कैराना शामली, जुआदेवी मंदिर बलरामपुर, करमैल माता मंदिर देवरिया, धाकम माता मंदिर आगरा, देवा माता मंदिर ललितपुर, काली मंदिर रामपुर, सीता माता मंदिर श्रावस्ती, चांचाई माता मंदिर महाराजगंज, हड़हवा मंदिर कुशीनगर, काली मंदिर चंदौली, तारा मंदिर मीरजापुर, इंद्री धाम मंदिर प्रयागराज, मां सिंहवाहिनी देवी मंदिर बांदा, काली माता मंदिर महोबा, प्राचीन देवी मंदिर मथुरा, चामुंडा माता मंदिर अलीगढ़, मां भूड़ावाली देवी मंदिर गौतमबुद्धनगर और चुकाय वाली माता मंदिर गाजियाबाद।  

10 साल बाद मिला गोविंदा परिवार! लाफ्टर शेफ में सुनीता आहूजा ने भांजे और बहू को लगाया गले

इस शनिवार लाफ्टर शेफ के नए एपिसोड ने घर बैठे हर दर्शक का दिल तब जीता जब शो पर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने दस्तक दी. वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर इस स्पेशल एपिसोड में सुनीता बतौर गेस्ट बनकर आईं. ये एपिसोड कई मायनों में खास था. सुनीता करीब 10 साल बाद अपने भांजे कृष्णा अभिषेक और बहू कश्मीरा शाह से मिल रही थीं. इस री-यूनियन के कई सारे प्रोमोज और क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए, जिन्हें देख लोगों का दिल भर आया. शो पर सुनीता ने कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा को माफ किया. दोनों अपनी मामी के गले भी मिले, जो वाकई एक इमोशनल मोमेंट था. इस बीच कश्मीरा ने मामी सुनीता से कई सारी बातें कहीं और उनसे अतीत में जो कुछ हुआ, उसके लिए माफी मांगी. कश्मीरा ने अफसोस जताया कि गोविंदा की पत्नी उनके बच्चों के कई सारे जन्मदिन मिस कर गईं. मामी सुनीता से कश्मीरा ने मांगी माफी लाफ्टर शेफ के लेटेस्ट एपिसोड से एक क्लिप काफी वायरल है, जिसमें मामी सुनीता अपने भांजे कृष्णा और बहू के साथ खाना बना रही हैं. इस बीच कश्मीरा ने पुराने दिनों को याद किया, जब दोनों परिवारों के बीच नाराजगी थी. एक्ट्रेस ने गोविंदा की पत्नी से कहा- मैंने इतनी बार आपको कॉल करना चाहा. मेरा कई बार फोन पर हाथ गया. 'मेरे बच्चों का एक, दो… करीब आठ जन्मदिन चले गए, लेकिन आप उसमें कभी नहीं आईं. होली आई, दिवाली आई, आप नहीं आईं. मैंने आपको बुलाया भी नहीं, मुझे माफ कर दीजिए. मुझे आपसे डर लग रहा था.' बहू की बातें सुनकर सुनीता ने कहा कि समय की बात होती है. वो खुद वक्त पर भरोसा रखती हैं. कश्मीरा ने आगे सुनीता से कहा कि अब कोई भी छोड़कर चला जाए, लेकिन वो उन्हीं के साथ होंगी. सुनीता ने भी कहा कि वो जो हैं, एकदम सच्ची हैं. कश्मीरा ने अपनी बातें खत्म करने के बाद मामी सुनीता से कहा कि वो उन्हें थोड़ा नमक खिला दें, ताकि वो बाद में कह सकें कि वे नमक हलाली करेंगी. बहू की बात सुनकर सुनीता जोर-जोर से हंसने लगीं और अपने हाथ से कश्मीरा को नमक खिला दिया. सास-बहू के बीच हुआ ये मोमेंट फैंस को काफी पसंद आ रहा है. आखिर कई सालों बाद दोनों परिवार के बीच हुई कड़वाहट खत्म हो गई है. सुनीता ने दिल से कृष्णा और कश्मीरा को माफ कर दिया है. आखिर क्यों गोविंदा-कृष्णा के बीच हुआ था झगड़ा? ये बात साल 2016 की बताई जाती है जब कृष्णा के टीवी पर अपने मामा गोविंदा को लेकर एक जोक क्रैक किया था. उनके मजाक से एक्टर भी खफा हो गए थे. इसके बाद परिवार का विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर कृष्णा की पत्नी कश्मीरा ने एक क्रिप्टिक ट्वीट किया, जिसमें माना गया कि उन्होंने गोविंदा पर निशाना साधा. सुनीता इस बात से काफी नाराज हुई थीं. उन्होंने कई सारे मीडिया इंटरव्यूज में कृष्णा और उनकी पत्नी को लेकर नाराजगी जाहिर की थी. फिर गोविंदा ने भी कृष्णा के जोक्स पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि टीवी शोज पर राइटर्स उनके भांजे से जानबूझकर मामा वाले जोक्स बुलवाते हैं, जिससे उन्हें दुख पहुंचा है. ऐसे करते-करते दोनों परिवार के बीच कड़वाहट बढ़ने लगी. हालांकि वक्त के साथ-साथ ये धीरे-धीरे खत्म हुई. साल 2024 में जब गोविंदा के पैर पर गलती से गोली लगी थी, तब कृष्णा और उनकी पत्नी कश्मीरा एक्टर और उनके परिवार से मिलने भी गए थे.

लखनऊ में बिजली उपभोक्ता परिषद की मांग, स्मार्ट मीटर विवाद को एजेंडे में शामिल करने की अपील

 लखनऊ  प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी राज्य सलाहकार समिति की 18 मई को बैठक बुलाई गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में गठित समिति की पहली बैठक में विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है। विद्युत अधिनियम-2003 के तहत गठित राज्य सलाहकार समिति में राज्य सरकार के ऊर्जा, खाद्य, कृषि, आईआईडीसी व एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ ही पावर कॉरपोरेशन, ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन व मध्यांचल डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक सहित उपभोक्ता व अन्य संगठनों के प्रतिनिधि आदि रहते हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने समिति के सदस्य होने के नाते आयोग के अध्यक्ष को विस्तृत प्रस्ताव भेज कहा है कि वर्तमान में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दे को भी आयोग के मुख्यालय में होने वाली बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए। वर्मा का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन इस संबंध में विद्युत अधिनियम का उल्लंघन कर मनमानी कर रहा है। लगभग 75 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिना उनकी सहमति के पोस्टपेड से प्रीपेड मोड में कर दिए गए हैं। इनमें जिन 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं उनमें लगभग 43 लाख एक किलोवाट जबकि 24 लाख दो किलोवाट के कनेक्शन हैं। रिचार्ज के बाद स्वतः कनेक्शन न जुड़ने सहित अन्य तकनीकी दिक्कतों के चलते प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापक जन आक्रोश एवं विरोध की स्थिति बनी हुई है। वर्मा ने उपभोक्ताओं से आंदोलन शांतिपूर्ण करने की अपील करते हुए कहा कि समिति में चर्चा से उनके हित में ठोस निर्णय निकल सकता है। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जब उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर पहले से ही लगभग 51 हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकल रहा है तब किसी भी तरह से बिजली की दरों में बढ़ोतरी का भी कोई आचित्य नहीं है।

पटना से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले अहम बैठकों का दौर जारी

पटना  बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले दूसरी बार दिल्ली दौरे पर हैं। रविवार को उनकी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और कई केंद्रीय मंत्रियों से अहम मुलाकातें तय हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण बैठक अमित शाह के साथ मानी जा रही है। 6 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले यह दौरा निर्णायक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री के साथ बैठक में मंत्रिमंडल के अंतिम स्वरूप पर मुहर लग सकती है। दिनभर बैठकों का मैराथन दिल्ली में मुख्यमंत्री का पूरा दिन बैठकों से भरा रहेगा। सुबह 10:15 बजे वे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इसके बाद 11 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले।र 11:30 बजे जीतन राम मांझी से मुलाकात निर्धारित है। दोपहर 1 बजे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, शाम 6 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 6:30 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनकी बैठक होगी। मंत्रिमंडल विस्तार पर क्या संकेत? राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, बिहार में भाजपा कोटे से 16 मंत्री बनाए जाने की तैयारी है। इनमें 13 पुराने चेहरे बरकरार रह सकते हैं, जबकि 3 नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। इन नए नामों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है। जदयू खेमे में बड़े बदलाव के संकेत कम हैं, लेकिन वहां से भी 2–3 नए चेहरों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए के अन्य घटक दलों में भी लगभग नाम तय माने जा रहे हैं। नीतीश से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मंत्रिमंडल के फॉर्मूले पर चर्चा हुई। यह वीडियो भी देखें सादगी से शपथ, विस्तार होगा भव्य सूत्रों के अनुसार, हालिया शपथ ग्रहण समारोह सादगी से संपन्न हुआ था, लेकिन अब मंत्रिमंडल विस्तार को भव्य रूप देने की तैयारी है। संभावना है कि इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा कोटे से वे तीन नए चेहरे कौन होंगे, जो बिहार की सियासत में नई भूमिका में नजर आएंगे।

दिल्ली के विवेक विहार में AC ब्लास्ट से बड़ा हादसा! 9 लोगों की मौत, जानें कैसे होता है AC में आग लगने का खतरा

दिल्ली के विवेक विहार स्थित एक घर में आग लग गई. आग लगने की वजह एयर कंडीशनर (AC) ब्लास्ट को बताया गया है, जिसकी वजह से घर में मौजूद 9 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग बुरी तरह से झुलस गए. फायर कर्मी ने बताया है कि सुबह करीब 3:47 बजे सूचना मिली थी. इसके बाद मौके पर 14 फायर टेंडर पहुंचीं और आग बुझाने का काम किया. शुरुआत जांच में बताया गया है कि आग लगने की वजह AC में ब्लास्ट बताया है. आजकल गर्मी से राहत पाने के लिए बहुत से लोग घरों में AC का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि AC ब्लास्ट होने के मुख्य कारण क्या है और उनसे बचाव कैसे किया जा सकता है. AC में ब्लास्ट या आग लगने के 5 बड़े कारण AC में इलेक्ट्रिक शॉट सर्किट गर्मी से राहत पाने के लिए बहुत से लोग AC का यूज करते हैं. ऐसे में AC अगर कई घंटे चल रही है और इलेक्ट्रिक तार लूज है या खराब क्वालिटी का है, तो उसमें शॉट सर्किट हो सकता है, जिसकी वजह से आग लगती है. बचाव के लिए जरूरी है कि AC सर्विसिंग कराने के साथ-साथ इलेक्ट्रिशियन से तार भी चेक करा लें. ओवरलोड या फ्लक्चुएशन AC में आग लगने का दूसरा सबसे बड़ा और अहम कारण इलेक्ट्रिक वॉल्टेज का फ्लक्चुएट होना है. इसकी वजह से AC के पार्ट्स खराब या जल जाते हैं. AC में लगने वाली आग मिनटों में पूरे घर में फैल जाती है.  वॉल्टेज फ्लेक्चुएशन से AC को बचाने के लिए स्टेबलाइजर का यूज जरूर करें. AC में धूल और गंदगी होना AC के अंदर एक बड़ा मैकेनिज्म होता है, जिसको ठंडा करने के लिए पंखा भी लगा होता है. कई AC काफी गंदे होते हैं और उनपर ढेर सारी धूल मिट्टी जमा होती है. ऐसे AC में आग लग जाती है. बचाव के लिए जरूरी है कि AC को रेगुलर क्लीन कराएं. सस्ते पार्ट्स का इस्तेमाल AC में आग लगने की एक अन्य वजह खराब क्वालिटी के पार्ट्स भी होते हैं. अगर AC रिपेयरिंग के दौरान घटिया क्वालिटी के पार्ट्स का यूज होते हैं, तो उसकी वजह से भी आग लग सकती है. ये बहुत जानलेवा हो सकती है. खराब इंस्टॉलेशन या मेंटेनेंस लोकल मेकेनिक के द्वारा अगर खराब तरीके से इंस्टॉलेशन होती है, उसकी वजह से भी AC में आग लग सकती है. इसलिए जरूरी है कि कंपनी के मैकेनिक से काम करना चाहिए, जिनको खासतौर से ब्रांड ट्रेनिंग देता है. 

चुकंदर का जूस हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं! इन लोगों के लिए बन सकता है खतरनाक

आजकल लोग अपनी फिटनेस का खास ख्याल रखने लगे हैं और इसी वजह से जिम जाने वाले और हेल्थ कॉन्शियस लोग सब्जियों का जूस अधिक पीने लगे हैं. इसी कड़ी में सुबह-सुबह हेल्दी ड्रिंक के नाम पर चुकंदर का जूस पीना आजकल ट्रेंड बन चुका है. सोशल मीडिया से लेकर फिटनेस एक्सपर्ट्स तक, हर कोई इसके फायदे गिनाता है. लेकिन हर चीज के फायदे के साथ कुछ नुकसान भी होते हैं. उसी तरह चुकंदर का जूस जिसे हेल्दी मानकर लोग पी रहे हैं, वो कुछ लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. चुकंदर का जूस पोषक तत्वों से भरपूर जरूर है, लेकिन यह हर शरीर पर एक जैसा असर नहीं करता. कई बार इसको ज्यादा पीना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए इस जूस को पीने से पहले यह जान लीजिए कि क्या यह आपके लिए सही है या नहीं. डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतों से परेशान लोग जिन लोगों को अक्सर डाइजेशन की समस्या रहती है,उनको इस जूस से परहेज करना चाहिए. कुछ लोगों को चुकंदर का जूस पीने के बाद पेट फूलना, ऐंठन, गैस या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, चुकंदर में मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट्स और फाइबर कुछ लोगों के डाइजेस्टिव सिस्टम पर तेज असर डाल सकते हैं, खासकर जब इसे खाली पेट पिया जाए. पेशाब का लाल होना अगर चुकंदर का जूस पीने के बाद आपका पेशाब या मल लाल दिखाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है. इसे बीटुरिया कहा जाता है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (HMS)के हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह चुकंदर के प्राकृतिक पिगमेंट के कारण होता है और आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है. किडनी स्टोन वालों के लिए खतरा चुकंदर में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है. इस वजह से किडनी स्टोन वाले मरीजों को इससे परहेज करना चाहिए. अमेरिका की नेशनल किडनी फाउंडेशन (NKF) के अनुसार, ज्यादा ऑक्सलेट शरीर में कैल्शियम के साथ मिलकर किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकता है, जिन लोगों को पहले से किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें इसका सीमित सेवन करना चाहिए. लो ब्लड प्रेशर वालों के लिए सावधानी चुकंदर का जूस ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करता है. लेकिन अगर आपका बीपी पहले से कम है या आप उसकी दवाई ले रहे हैं. तो यह ज्यादा लो का कारण बन सकता है, जिससे चक्कर और कमजोरी महसूस हो सकती है. किन लोगों को चुकंदर के जूस से बचना चाहिए?     किडनी स्टोन या किडनी रोग वाले लोग     लो ब्लड प्रेशर के मरीज     डायबिटीज वाले लोग     कमजोर पाचन तंत्र वाले लोग     प्रेग्नेंट महिलाएं चुकंदर का जूस पीने का सही तरीका क्या है? चुकंदर का जूस पूरी तरह खराब नहीं है, लेकिन इसे जितना ज्यादा, उतना बेहतर समझ कर पीना गलती हो सकती है. एक लिमिट में ही किसी भी चीज का सेवन सही होता है और शुरुआत में इसे पीने के बाद अपने शरीर में होने वाले रिएक्शन का भी ध्यान रखें. अगर कुछ भी बदलाव नजर आए तो पहले तुरंत जूस पीना बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें.