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वास्तु विज्ञान के अनुसार घर के कोनों का सही उपयोग बढ़ाता है सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि

वास्तु विज्ञान के अनुसार, घर की दीवारें और उनके कोने ऊर्जा के सबसे बड़े केंद्र होते हैं. यदि ये कोने खाली, अंधेरे या गंदे हों, तो वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है. इन कोनों में नकारात्मकता बढ़ने लगती है. जिस तरह शरीर में रक्त का संचार रुकने से बीमारी होती है, वैसे ही कोनों का वास्तु बिगड़ने से घर में कलह और कंगाली आती है. आइए जानते हैं कि कोनों को कैसे सजाएं कि वे आपके लिए सौभाग्य खींचने वाले चुंबक बन जाएं. ईशान कोण उत्तर-पूर्व का कोना खाली रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है. यहां ऊर्जा सबसे शुद्ध होती है, इसलिए यहां मंदिर स्थापित करें या जल से भरा कलश रखें.  इससे घर में सकारात्मक विचारों का संचार होता है.  बच्चों की बुद्धि तेज होती है. नैऋत्य कोण दक्षिण-पश्चिम कोना घर के मुखिया का स्थान है.  इसे खाली छोड़ने से आत्मविश्वास में कमी आती है. यहां भारी सामान या ठोस सजावटी वस्तुएं रखने से जीवन में स्थिरता आती है, इससे घर का नेतृत्व मजबूत बना रहता है. आग्नेय कोण दक्षिण-पूर्व का कोना अग्नि का स्थान है. इसे खाली या ठंडा रखने से घर के सदस्यों में आलस्य बढ़ता है. यहाँ एक लाल बल्ब, किचन या तांबे की वस्तु रखने से उत्साह बना रहता है. इससे आर्थिक तंगी दूर होती है. उत्तर दिशा उत्तर दिशा का कोना खाली रहने पर धन संचय में बाधा आती है. यहां लक्ष्मी-कुबेर की प्रतिमा या हरे पौधे लगाने से आय के नए रास्ते खुलते हैं. यह कोना जितना व्यवस्थित रहेगा, व्यापार और नौकरी में उतनी ही वृद्धि होगी. वायव्य कोण उत्तर-पश्चिम कोना चंद्रमा और वायु से जुड़ा है. इसे खाली छोड़ने से मानसिक अशांति और पड़ोसियों से विवाद हो सकता है.  यहाँ कोई चलती हुई वस्तु (जैसे विंड चाइम) या सफेद शोपीस रखने से समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ता है.

सिस्टम फेल या दबाव ज्यादा? स्लॉट बुकिंग अटकी, 44 हजार किसान शेष, डेडलाइन 23 मई

सागर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आ रही है, वैसे ही किसानों की समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। पिछले 3 दिनों से किसान स्लॉट बुकिंग से परेशान हैं। पूरे दिन सर्वर समस्या से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। कई किसान रात-रात भर जागकर मोबाइल से स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं। जिले में अब तक मात्र 16590 किसान ही गेहूं बेच पाए हैं और 33272 के स्लॉट बुक हो पाए हैं। वहीं 44 हजार से अधिक किसान के स्लॉट बुक नहीं हुए हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इस बार 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य बीते साल जिले से 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, लेकिन इस बार सरकार ने जिले से 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है, जबकि अभी मात्र 66 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। बारदाना की कमी दूर करने 11 हजार बारदाना गठान होने का दावा प्रशासन कर रहा है, इससे करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकेगा। मौसम ने बढ़ाई चिंता, खुले में रखा है अनाज गुरुवार को हुई बूंदाबांदी और बदलते मौसम के कारण जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे है, इससे अनाज भीगने की आशंका बनी हुई है। हालांकि नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है कि 176 केंद्रों में से 116 केंद्र गोदाम स्तरीय हैं, 11 केंद्र मंडी में बनाए गए हैं। सिर्फ 45 केंद्र समितियां चला रहीं हैं, वहां भी पानी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। केंद्रों से 39001 मीट्रिक टन अनाज परिवहन कर लिया गया है, जबकि 52130 मीट्रिक टन रेडी टू ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है। 175.18 में से 17.40 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान हो गए। खरीदी केंद्रों पर गेहूं उपार्जन जारी है, एक-दो दिन से सर्वर की वजह से स्लॉट बुकिंग की जो समस्या आई है, लेकिन गुरुवार को ही 1500 से अधिक स्लॉट बुक हुए हैं। गुरुवार को भैंसवाही व रहली रोड के खरीदी केंद्र से बूंदाबांदी की सूचना आई थी, लेकिन वहां भी अनाज को बचाने के पर्याप्त इंतजाम थे। बारिश से नुकसान की कोई सूचना नही है।- ज्योति बघेल, अधिकारी जिला आपूर्ति निगम।

11 मई 2026 को ग्रहों का बड़ा बदलाव, मंगल और सूर्य के गोचर से 5 राशियों पर खास असर

द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मई 2026 को ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. इस दिन दो महत्वपूर्ण गोचर होंगे. दोपहर 12 बजकर 47 मिनट पर मंगल ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि शाम 7 बजकर 37 मिनट पर सूर्य कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. एक ही दिन सूर्य और मंगल की यह स्थिति ज्योतिष में बेहद खास मानी जा रही है. माना जा रहा है कि यह ग्रह परिवर्तन ऊर्जा, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बढ़ा सकता है. व्यापार और नौकरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन का प्रभाव खास तौर पर 5 राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा. मंगल आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे काम में तेजी आएगी. नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में लाभ के संकेत हैं. हालांकि, जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा. वृषभ राशि सूर्य का यह गोचर वृषभ राशि वालों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. कामकाज में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा. कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ सकती है. आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं. परिवार में शांति बनी रहेगी. आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने का हो सकता है. नौकरी बदलने या प्रमोशन के योग बन सकते हैं. व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह ग्रह परिवर्तन सकारात्मक परिणाम दे सकता है. रुके हुए काम पूरे होंगे. करियर में स्थिरता आएगी. नौकरी में सम्मान बढ़ सकता है. व्यापार में सुधार के संकेत हैं. अचानक धन लाभ की संभावना भी बन सकती है. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है. नौकरी में प्रमोशन और व्यापार में नए संपर्क बनने के योग हैं. आपकी बातचीत और व्यवहार लोगों को प्रभावित करेगा. हालांकि खर्चों पर ध्यान देना जरूरी रहेगा. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा.

आईएएफ का रेस्क्यू: पानी की टंकी पर चढ़े बच्चों को सीढ़ी टूटने के बाद 16 घंटे तक किया गया बचाया

सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में रविवार सुबह भारतीय वायुसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा. करीब 16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहने के बाद दोनों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया गया. यह घटना कांशीराम आवासीय कॉलोनी की है, जहां शनिवार को पांच बच्चे रील बनाने के लिए पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए थे।  इसी दौरान सीढ़ी टूट गई और सिद्धार्थ, शनि और गोलू नाम के तीन बच्चे नीचे गिर गए, जबकि पवन और कल्लू नाम के दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए. टंकी से नीचे गिरने के कारण गंभीर चोट लगने से सिद्धार्थ की मृत्यु हो गई. वहीं शनि और गोलू को इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।  टंकी की सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने के कारण उनके पास नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा था. रात में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम गोरखपुर से मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं थी, जिस कारण उनकी लिफ्ट काम नहीं कर सकी और रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया।  स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से मदद मांगी. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने गोरखपुर स्थित सेंट्रल एयर कमांड से एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को बच्चों के रेस्क्यू मिशन के लिए रवाना किया. रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हेलीकॉप्टर पानी की टंकी के पास पहुंचा और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. वायुसेना के जवानों ने 15 मिनट के भीतर 16 घंटे से पानी की टंकी पर फंसे दोनों बच्चों को सुरक्षित उतार लिया।  रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को उसी हेलीकॉप्टर से गोरखपुर ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ. इससे पहले प्रशासन ने रात के दौरान टंकी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की कोशिश की थी. रात करीब 3 बजे तक सड़क निर्माण लगभग पूरा हो गया था, लेकिन अचानक बारिश शुरू होने से काम रुक गया. इसके बाद हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू का फैसला लिया गया. पूरे अभियान के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और अन्य एजेंसियां मौके पर मौजूद रहीं और लगातार स्थिति की निगरानी करती रहीं। 

पटना पीएमसीएच में डिजिटल क्रांति, हाई-स्पीड इंटरनेट से बदलेगी इलाज की व्यवस्था

 पटना पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) अब पूरी तरह डिजिटल और हाई-टेक अस्पताल बनाने की कवायद आरंभ हुई है। नए भवन में इंटरनेट की परेशानी को देखते हुए अब यहां लीज लाइन लगाने की कवायद हो गई है। मई के दूसरे सप्ताह से नए भवन में हाई-स्पीड इंटरनेट और ऑनलाइन सुविधाएं शुरू होने जा रही हैं, इससे इलाज की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। करीब 40 लाख रुपये की लागत से भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) पूरे परिसर में लीज लाइन (BSNL Lease Line in PMCH) बिछा रहा है। इसके तहत हर फ्लोर को हाई-स्पीड वाई-फाई से जोड़ा जाएगा। इससे डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों का डेटा तुरंत उपलब्ध हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने योजना स्वीकृत कर पीएमसीएच को पत्र भेज दिया है। रियल-टाइम डेटा से बेहतर निगरानी पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल सिस्टम (PMCH Patna Digital Hospital) का सबसे अधिक असर स्त्री एवं प्रसूति और शिशु रोग विभाग में दिखेगा। जन्म और मृत्यु से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में सीधे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ, भारत सरकार और बिहार सरकार को भेजी जा सकेगी। इससे स्वास्थ्य निगरानी और नीति निर्माण में सटीकता बढ़ेगी। पेपरलेस सिस्टम: रिपोर्ट सीधे स्क्रीन पर अस्पताल को पूरी तरह पेपरलेस (Paperless Treatment in PMCH) बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। एक्स-रे, पैथोलाजी और अन्य जांच की रिपोर्ट सीधे डॉक्टर के कंप्यूटर पर उपलब्ध होगी। मरीजों को रिपोर्ट के लिए लाइन में लगने या भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल रिकार्ड से फाइल खोने की समस्या खत्म होगी और इलाज तेज व पारदर्शी बनेगा। नेटवर्क समस्या होगी खत्म नए भवन में लंबे समय से बनी नेटवर्क की समस्या भी इस पहल से समाप्त हो जाएगी। डाक्टरों को मरीजों का डेटा एक्सेस करने और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्य निपटाने में अब कोई बाधा नहीं होगी। साथ ही, मेडिकल छात्रों के लिए डिजिटल सेमिनार और अध्ययन भी आसान होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खत्म होगी भीड़ भीड़ नियंत्रण के लिए ऑनलाइन अपाइंटमेंट सिस्टम (PMCH Online Registration System) लागू करने की तैयारी है। मरीज घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर नंबर ले सकेंगे। इससे उन्हें तय समय पर डाक्टर से मिलने की सुविधा मिलेगी और ओपीडी में लंबी कतारों से राहत मिलेगी। नंबर में हेराफेरी की आशंका भी खत्म होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल को आधुनिक बनाने के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत करना पहला कदम है। लक्ष्य है कि मरीज को केवल इलाज के लिए अस्पताल आना पड़े, न कि रिपोर्ट या नंबर के लिए लाइन में लगना पड़े। यह डिजिटल पहल न सिर्फ मरीजों को बेहतर सुविधा देगी, बल्कि पीएमसीएच को वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के करीब ले जाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। फाइव-जी लीज लाइन लगने के बाद     मरीजों का डेटा तेजी से ऑनलाइन अपडेट हो सकेगा     डाक्टरों को डिजिटल रिपोर्ट और इमेजिंग तुरंत उपलब्ध होगी     टेलीमेडिसिन और ई-हेल्थ सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा     अस्पताल की प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी  

Bank of Maharashtra लूट केस: यूपी STF का एक्शन, सरगना समेत तीन दबोचे

वाराणसी हजारीबाग (झारखंड) में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा से सोना और नगदी की लूट के मामले में यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार रात तीन डकैतों को गिरफ्तार कर लिया। गत 24 अप्रैल को बैंक से चार किलो सोना और 4.22 लाख की नगदी दिनदहाड़े लूट ली गई थी। तीनों डकैतों की गिरफ्तारी सिंहपुर (सारनाथ) से हुई। कार्रवाई में झारखंड पुलिस भी शामिल थी। डकैतों के पास से लूट के 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख नगदी, बिहार के नंबर की एसयूवी तथा छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। वारदात में शामिल चार अन्य डकैतों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ वाराणसी के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने बताया कि गिरफ्तार डकैतों में सरगना नवादा (बिहार) नरहट निवासी मो. अफजल, गोरखपुर के बनगाई (गुलहरिया) निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक तथा मऊ के सियहरीं बरजरा (दोहरीघाट) निवासी सौरभ यादव उर्फ सोनू हैं। बरामद एसयूवी अफजल की है। 24 अप्रैल को वारदात के बाद बदमाश झारखंड से बिहार होते हुए 27 अप्रैल को वाराणसी आ गए थे। यहां अलग-अलग होटलों में ठिकाना बदलते रहे। झारखंड पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ भी गिरफ्तारी के लिए लगी थी सर्विलांस एवं वारदात के समय की फुटेज एवं तस्वीरों के जरिए बदमाशों के वाराणसी में होने की पुष्टि हुई। इस आधार पर इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें सतर्क थीं। मुखबिर की सूचना के आधार पर सिंहपुर से तीनों को गिरफ्तार कर सारनाथ पुलिस को सौंपा गया। तीनों बदमाश दिल्ली भागने के फिराक में थे। झारखंड पुलिस की अर्जी पर कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। चार मई की शाम पांच बजे तक हजारीबाग की कोर्ट में तीनों को पेश करना होगा। ओडिशा में हुई डकैती देखने के बाद हजारीबाग की साजिश रची झारखंड के हजारीबाग जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की बरही शाखा से 24 अप्रैल को सोना और नगदी की डकैती में गिरफ्तार बदमाशों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में डकैतों ने बताया कि बीते दिनों ओडिशा के किलंजर में बैंक आफ महाराष्ट्रा से ही आठ किलो सोना की लूट हुई थी। समाचार चैनलों पर इस वारदात की खबर को देखा। फिर उन्हें लगा कि जब किलंजर के ग्रामीण क्षेत्र के इस बैंक में आठ किलो सोना हो सकता है तो हजारीबाग में और अधिक होगा। इसके बाद मो. अफजल पंकज के साथ रेकी करने लगा। फिर रमजान के समय गाजीपुर के सैदपुर भीतरी के शोएब एवं चुन्नू को भी बुलाया गया। अफजल की एसयूवी से सभी ने कई बार रेकी की। मो. अफजल रमजान माह के दौरान ही बैंक के अंदर गया। वहां स्टाफ एवं बैंक के अंदर की स्थिति का आकलन किया। डकैती को अंजाम देने के लिए बिहार के आरा निवासी संतोष ने बाइक उपलब्ध कराई। शोएब उर्फ टाइगर ने पिस्टल एवं कट्टा की व्यवस्था की। मो. अफजल ने संतोष के पास से दो पिस्टल ली और साजिश में संतोष को भी शामिल कर लिया। पहले 17 अप्रैल को ही वारदात को अंजाम देना था, लेकिन आने-जाने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर अफजल के घर पर पंकज एवं अन्य बदमाश रुक गए। मो. अफजल और पंकज 17 अप्रैल को अफजल की एसयूवी से नवादा, कोडरमा, तलैया होते हुए निकले। चौपारण की तरफ टोल से आगे अफजल और पंकज से संतोष, शोएब एवं सुहैल दो बाइक के साथ आकर मिले। तय किया कि फोन पर इनकी आपस में बहुत बात हो गई है। मास्क आदि भी नहीं लगाए हैं। इसलिए 24 अप्रैल को डकैती तय की गई। हत्या में जेल गया, फिर गिरोह बनाया मो. अफजल धनबाद में कोयले का काम करता था। व्यवसाय में रंजिश को लेकर 2008 में कोलकाता के व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसमें वह जेल गया। चार साल जेल में रहा। वहां उसका परिचय पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह, उत्तम महतो, दशरथ महतो, बाबू राजा उर्फ सिद्वार्थ, सोहेल उर्फ फैजल, सुनील पंडित एवं अन्य बदमाशों से हुआ। जेल से छूटने के बाद इन सभी ने बैंकों की डकैती के लिए एक गिरोह बनाया, जिसका सरगना अफजल है। ये सभी लूटा गया सोना बेचकर रियल एस्टेट में निवेश करते हैं।

राजस्थान वेदर अपडेट: कई जिलों में तेज हवाएं और बारिश का येलो अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में गर्मी का प्रकोप है. दूसरी ओर आंधी-बारिश का दौर भी जारी है. मौसम लोगों पर दोहरी मार कर रहा है. शनिवार देर शाम प्रदेश के कई इलाकों में भयंकर आधी तूफान का मंजर देखने को मिला, इससे कई जगहों पर पेड़ गिर गए. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए. राजधानी में जयपुर में पारा दो डिग्री कम 38.1 डिग्री रहा. सुबह से ही राजधानी में आंधी-बारिश का दौर रहा. शाम होते ही तेज हवाओं की आंधी के साथ जमकर बारिश हुई, इससे गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर पेड़ गिरने और तेज आंधी के कारण नुकसान हुआ. तापमान में कमी की संभावना   विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में राज्य के ज्यादातर इलाकों के अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना है. प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी कुछ दिनों में कई भागों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है. इससे हीटवेव से राहत मिलेगी. फिलहाल आंधी तूफान के बीच लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद है.   इन जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग की ओर से आज अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, चूरू और डीडवाना कुचामन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. इन जिलों में करीब 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.   कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट वहीं, कल यानी 4 मई के लिए प्रदेश के बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, डीडवाना कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.  वहीं, प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी समानांतर जारी है. राज्य में सर्वाधिक तापमान जैसलमेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है.

उज्जैन में चमत्कारिक खोज! महाकाल मंदिर परिसर से निकला नया शिवलिंग, गुफानुमा संरचना भी मिली

उज्जैन उज्जैन में बाबा महाकाल के आंगन में एक बार फिर 'महादेव प्रकट हुए'। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में चल रही खुदाई के दौरान यहां एक प्राचीन शिवलिंग मिला। इसके साथ ही एक गुफानुमा संरचना भी निकली। मंदिर परिसर में पूर्व में भी प्राचीन प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। महाकालेश्वर मंदिर परिसर की इस खुदाई ने छह वर्ष बाद फिर उज्जैन की प्राचीन विरासत को जीवंत करने के संकेत दिए हैं। टनल और वेटिंग हॉल निर्माण के दौरान खुदाई में ये शिवलिंग और गुफानुमा संरचना मिलीं। इस प्राचीन वैभव ने न सिर्फ आस्था में बढ़ोत्तरी की, बल्कि क्षेत्र की गहरी पुरातात्विक परतों की ओर भी ध्यान खींचा है। करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा संभावना जताई जा रही है कि यह शिवलिंग और गुफा परमार कालीन हो सकते हैं। इन्हें करीब 1000-1200 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। महाकालेश्वर मंदिर के प्रस्तावित गेट-4 के पास निर्माण कार्यों के लिए खुदाई का काम चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे पोकलेन ऑपरेटर को खुदाई के दौरान शिवलिंग दिखा तो तुरंत खुदाई रोक दी गई। इसके बाद पुजारियों ने विधि- विधान से पूजा-अर्चना कर शिवलिंग को सुरक्षित करवा दिया। शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है विशेषज्ञों के अनुसार, शिवलिंग के साथ अन्य अवशेष जैसे नंदी प्रतिमा या प्राचीन स्थापत्य के हिस्से मिलने की संभावना इस क्षेत्र को संभावित पुरातात्विक स्थल के रूप में स्थापित करती है। अब इस खोज का अहम पहलू इसकी प्राचीनता तय करना है। जल्द ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण या राज्य पुरातत्व विभाग की टीम वैज्ञानिक परीक्षण करेगी। महाकालेश्वर मंदिर परिसर में पूर्व में भी पुरानी प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। मई 2020 में महाकाल मंदिर विस्तार के दौरान 25- 30 फीट गहराई में परमारकालीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां मिली थीं। वर्तमान खोज उसी ऐतिहासिक श्रृंखला का विस्तार हो सकती है। प्रमुख बिंदु महाकालेश्वर मंदिर परिसर में चल रहा निर्माण कार्य खुदाई में निकला प्राचीन वैभव शिवलिंग और गुफा मिले बाबा महाकाल के आंगन में 'प्रकट हुए महादेव' खुदाई के दौरान मिले शिवलिंग की पुजारियों ने की पूजा-अर्चना गुफानुमा संरचना भी सहेजी

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर: कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचे मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

 वृंदावन  वृंदावन में बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर का दक्षिणी भाग मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। इसका लोकार्पण करने की तैयारियां मंदिर में शुरू हो चुकी हैं। अब मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है। ठाकुर श्रीश्री वृंदावनचंद्र का ये मंदिर कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचा होगा। कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है, जबकि दुनिया के सबसे ऊंचे 70 मंजिला मंदिर की ऊंचाई 212 मीटर होगी। इसकी मुख्यमंत्री की आधारशिला रखी जानी है। मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के दक्षिणी भाग मंदिर के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी मंदिर का लोकार्पण करने आते हैं तो वे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला भी रखेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वृंदावन के अक्षयपात्र स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर का साउथ ब्लाक मंदिर जो बनकर लोकार्पण के लिए तैयार है। – फोटो: जागरण। मंदिर के साउथ ब्लॉक मंदिर के लोकार्पण की चल रहीं तैयारियां छटीकरा मार्ग स्थित अक्षयपात्र फाउंडेशन के 110 एकड़ परिसर में लगभग आठ एकड़ भूमि पर चंद्रोदय मंदिर स्थापित किया जा रहा है। जो 70 मंजिला एवं 212 मीटर ऊंचा मंदिर बनकर तैयार होगा। मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर भगवान श्रीराधाकृष्ण के विग्रह स्थापित होंगे। इस मंदिर के शिखर से पूरे ब्रजमंडल का दर्शन संभव हो सके, ये व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के आठ एकड़ परिसर में बरसाना, गोवर्धन, वृंदावन के प्रतिरूप बसाए जाएंगे, तो पृथ्वी लोक, स्वर्ग लोक, गोलोक वृंदावन मंदिर में ऊपर गैलरी में स्थापित किए जाएंगे। मंदिर में ऊपर पहुंचने के लिए आठ लिफ्टों का उपयोग होगा। साउथ ब्लॉक के लोकार्पण संग प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं मुख्य मंदिर का शिलान्यास इस्कान बेंगलुरू द्वारा बनाए जा रहे इस मंदिर की शिलान्यास के दौरान 2014 में अनुमानित लागत 400 करोड़ बताई गई थी। लेकिन, अब समय बीतने के साथ अनुमानित लागत करीब 1400 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। खजुराहो और आधुनिक शैली के मिले जुले शिल्प में बन रहे इस मंदिर के इंटीरियर के डिजाइन की जिम्मेदारी विदेशी शिल्पकारों को सौंपी गई है। चारों तरफ बहेगी यमुना की कृत्रिम धारा चंद्रोदय मंदिर के चारों ओर कृत्रिम यमुना की धारा बहेगी। इसके तट पर खड़े होकर श्रद्धालु यमुना पूजन कर सकेंगे। इतना ही नहीं मंदिर के चारों ओर ब्रज के 12 वन इस उद्देश्य से स्थापित किए जाएंगे ताकि देश दुनिया के भक्त एक ही परिसर में पूरे ब्रज का दर्शन कर सकें। पूरा मंदिर 511 पिलरों पर टिका होगा, ये पिलर नौ लाख टन का वजन सहन कर सकते हैं। जबकि पूरी इमारत का वजन पांच लाख टन होगा। मंदिर में एक हाईस्पीट लिफ्ट भी स्थापित की जाएगी। 11 मंजिला है चंद्रोदय मंदिर का साउथ ब्लॉक मंदिर दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर के पहले भाग साउथ ब्लाक मंदिर के लोकार्पण की तैयारियां चल रही हैं। साउथ ब्लाक मंदिर की ऊंचाई 251 फीट है, जबकि ये 11 मंजिला इमारत है। मंदिर के दूसरे तल पर भगवान श्रीश्री वृंदावन चंद्र का मंदिर स्थापित है। मंदिर में नीचे विशालकाय हाल, प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। भोजनालय भी मंदिर के ऊपरी तल पर मौजूद है। पहले मंदिर निर्माण की समय सीमा 2018 रखी गई थी मंदिर का शिलान्यास 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा रखी गई थी। तब इस मंदिर के पूरा होने की समय सीमा 2018 रखी गई थी। लेकिन, समय पर काम पूरा न होने पर इसकी समय सीमा 2028 तक बढ़ा दी गई। जबकि अब मुख्य मंदिर की आधारशिला संभवत: अगले महीने में रखी जाएगी तो इसे पूरा होने में आठ वर्ष की उम्मीद जताई जा रही है।  

यूपी वेदर अपडेट: राजधानी समेत कई जिलों में तूफान और बिजली गिरने का खतरा

लखनऊ  मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह 8.30 से 10.30 बजे के तेज आंधी, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में मौसम का सबसे अधिक कहर बरपने की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरआएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी हैं और पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सबसे गंभीर स्थिति की आशंका है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पेड़ गिरने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान और यातायात बाधित होने की आशंका के चलते विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं。 दूसरे जिलों में मौसम की स्थिति रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन फसलों, बिजली लाइनों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। अन्य जिलों की चेतावनी जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, उन्नाव, हरदोई, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बरेली और पीलीभीत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि इन जिलों में प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा, फिर भी आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी है। नागरिकों के लिए अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पेड़ों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन स्थलों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से तत्काल संपर्क करें।