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बिहार राजनीति में नया मोड़, नीतीश-डिप्टी सीएम बैठकों से बढ़ी चर्चा

 पटना बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग खाली कर 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट कर लिया है। इस बदलाव को केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शनिवार को सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के साथ नीतीश कुमार से उनके नए आवास पर मिलने पहुंचे। करीब 20 मिनट चली इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इसमें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और सत्ता संतुलन पर गहन चर्चा हुई। इससे पहले दिन की शुरुआत में ही नीतीश कुमार ने दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव से मुलाकात की। साथ ही पूर्व मंत्री अशोक चौधरी से भी बातचीत की। इन लगातार बैठकों ने सियासी हलकों में अटकलों को और तेज कर दिया है। कैबिनेट विस्तार की उलटी गिनती बिहार में 15 अप्रैल से मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के हाथों में ही सभी विभागों की जिम्मेदारी है, जिस पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के तुरंत बाद बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि नए मंत्रिमंडल में ज्यादातर पुराने चेहरों की वापसी हो सकती है, जबकि नए चेहरों की संख्या सीमित रहने के आसार हैं। इससे साफ है कि नेतृत्व अनुभव और राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता देना चाहता है। विजय सिन्हा पर टिकी नजरें इस संभावित विस्तार में सबसे ज्यादा नजरें पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर टिकी हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार, खनन जैसे अहम विभाग संभालते हुए उनके कई फैसले चर्चा में रहे थे। हालांकि नई सरकार ने उनके कुछ फैसलों को पलट दिया है और विभागीय स्तर पर बदलाव भी किए गए हैं। प्रधान सचिव का तबादला किया जा चुका है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या विजय सिन्हा को उनके पुराने विभागों की जिम्मेदारी फिर से सौंपी जाएगी या उन्हें नई भूमिका दी जाएगी। कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के आवास परिवर्तन से लेकर लगातार हो रही राजनीतिक बैठकों तक, बिहार में सत्ता समीकरणों के नए दौर की आहट साफ सुनाई दे रही है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार इस सियासी हलचल को नई दिशा दे सकता है।  

बिहार में परीक्षा घोटाला, BPSC ने 32 अभ्यर्थियों पर लगाया प्रतिबंध

 पटना  बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा रद कर दी है। परीक्षा में कदाचार और गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में 6 जिलों में 8 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाया। इसके साथ ही 32 परीक्षार्थियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। मुंगेर में सामने आया मामला AEDO परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य आधुनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सतर्क प्रशासन ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। 14 से 21 अप्रैल तक 935 पदों के लिए 9 पालियों में परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। वहीं, अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी के लिए 23 अप्रैल को परीक्षा हुई थी। शिक्षा विभाग के तहत AEDO की वैकेंसी राज्य में पहली बार निकाली गई थी, जिसके लिए 10 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। BPSC ने तीन चरणों में परीक्षा आयोजित की थी—पहला चरण 14-15 अप्रैल, दूसरा 17-18 अप्रैल और तीसरा चरण 20-21 अप्रैल को हुआ था। डीएम को मिली थी पहले ही सूचना परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही मुंगेर में डीएम को गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में अब तक 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 36 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक 22 गिरफ्तारियां मुंगेर से हुई हैं। मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी जुट चुकी है, हालांकि 12 दिन बाद भी मास्टरमाइंड का पता नहीं चल सका है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक या वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। जिलेवार एफआईआर का ब्योरा:     मुंगेर – 1     नालंदा – 1     बेगूसराय – 1     वैशाली – 1     गया – 2     समस्तीपुर – 2  

बिहार राजधानी में सख्ती, 9 टीमों के साथ अवैध कब्जों पर प्रशासन की कार्रवाई शुरू

पटना  बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर से अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का बुलडोजर गरजने वाला है। पटना की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक बड़े एक्शन प्लान की तैयारी कर ली है। आज से लेकर 30 मई तक पटना के विभिन्न इलाकों में एक सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, पटना सिटी और दानापुर जैसे व्यस्त और प्रमुख इलाकों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में सड़क किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानें, ठेले और पक्के या कच्चे निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। 9 विशेष टीमों का गठन किया गया इस महाभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 9 विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें तय किए गए इलाकों में जाकर अवैध कब्जों को हटाएंगी। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के लिए प्रशासन द्वारा रोजाना समीक्षा बैठक भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्रवाई सही दिशा में और प्रभावी तरीके से हो रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही, नरमी या पक्षपात न बरता जाए। बाधा डालने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस अभियान का विरोध करने या सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एक और अहम और कड़ा फैसला लिया गया है कि जिन स्थानों से प्रशासन द्वारा एक बार अतिक्रमण हटा दिया जाएगा, वहां अगर दोबारा किसी ने कब्जा करने या दुकान लगाने की कोशिश की, तो उस व्यक्ति के खिलाफ सीधी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। बता दें कि पटना में अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई कोई नई बात नहीं है, बल्कि इससे पहले 30 अप्रैल को भी प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक आवास के पीछे से लगभग 100 से 150 अवैध दुकानों और निर्माणों को हटाया था। उसी तर्ज पर अब शहर के अन्य हिस्सों को भी साफ करने की योजना है।

शनि जयंती 2026: इस बार बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें तिथि और पूजा मुहूर्त

शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है, जिनकी पूजा विशेष रूप से जीवन में अनुशासन, धैर्य और कर्मों के फल से जुड़ी होती है। मान्यता है कि शनि देव का जन्म ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को हुआ था, इसलिए हर वर्ष इसी दिन शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जयंती पर तीन अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे यह पर्व और भी अधिक महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शनि देव की पूजा और व्रत करने से जीवन के कष्टों में कमी आती है, साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव भी कम होते हैं। आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार इस वर्ष शनि जयंती की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व क्या है। शनि जयंती तिथि ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि आरंभ: 16 मई, शनिवार, प्रातः 05:11 से ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि समाप्त:  17 मई , देर रात  01:30 तक शनि जयंती के शुभ योग     पंचांग के अनुसार 16 मई को शनि जयंती के साथ शनिश्चरी अमावस्या का भी योग बन रहा है, जिससे यह दिन दोगुना फलदायी हो गया है। शनि अमावस्या पर व्रत और शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस बार का संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।     इसके अलावा इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग भी बन रहे हैं। सौभाग्य योग 15 मई दोपहर 2:21 बजे से 16 मई सुबह 10:26 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शोभन योग शुरू होगा और यह 17 मई सुबह 6:15 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन दोनों योगों को शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। शनि जयंती के दिन भरणी नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर शाम 5:30 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र और देवता यमराज माने जाते हैं, जबकि कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य और देवता अग्नि हैं। इन सभी संयोगों के कारण इस वर्ष शनि जयंती का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। शनि जयंती पूजा मुहूर्त     शुभ-उत्तम मुहूर्त: प्रातः  07:12 से प्रातः  08:54 तक     चर-सामान्य मुहूर्त:  दोपहर 12:18 से दोपहर 02:00 तक     लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 02:00 से दोपहर 03:42 तक     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: दोपहर 03:42 से सायं  05:23 तक     शनि जयंती पर ब्रह्म मुहूर्त:  प्रातः 04:07 से  04:48  तक       अभिजीत मुहूर्त: 11:50 से दोपहर 12:45 तक शनि जयंती महत्व शनि जयंती का महत्व अत्यंत गहरा और आध्यात्मिक माना जाता है। इस दिन भक्त विशेष रूप से शनि देव की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करके उनसे कृपा और कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव अपनी माता छाया के साथ हुए अपमान से क्रोधित होकर अपने पिता सूर्य देव से विरक्त हो गए थे। बाद में उन्होंने कठोर तपस्या कर भगवान शिव से न्याय के देवता का स्थान प्राप्त किया और ग्रहों में विशेष स्थान एवं कर्मफल दाता का वरदान पाया। इसी कारण शनि देव को जीवन में अनुशासन, न्याय और कर्मों के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि शनि जयंती के दिन विधिवत पूजा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों में कमी आती है।   शनि जयंती पूजा विधि     सुबह जल्दी उठकर हनुमान जी की पूजा करें और दिन की शुरुआत व्रत के साथ करें।     पूरे दिन उपवास रखने का विधान है, जिससे मन और शरीर शुद्ध रहता है।     शाम के समय शनि मंदिर जाकर शनि देव को तिल, उड़द दाल, काली मिर्च, सरसों का तेल और लौंग अर्पित करें।     “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करते हुए शनि देव को प्रसन्न करने का प्रयास करें।     शनि देव से संबंधित वस्तुएं जैसे लोहे का सामान, काला तिल, जामुन, काले जूते और सरसों का तेल दान करना शुभ माना जाता है।     पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि स्तोत्र का पाठ करें।  

रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाका

रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी ने आते ही धमाका कर दिया है. राजा शिवाजी ने मराठी सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़ी ओपनिंग की है. फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार निभा रहे रितेश ने ही इसे प्रोड्यूस और डायरेक्ट भी किया है. लेकिन राजा शिवाजी में इतनी जिम्मेदारियां निभाते हुए भी रितेश ने फिल्म को दमदार बनाया है जिसकी चर्चा दर्शकों में खूब हो रही है. शुक्रवार सुबह से ही राजा शिवाजी के रिव्यू पॉजिटिव रहे और जनता का वर्ड ऑफ माउथ इस फिल्म के लिए बहुत दमदार रहा. राजा शिवाजी ने महाराष्ट्र के इलाकों में जमकर भीड़ जुटाई. हिंदी वर्जन में भी रितेश की फिल्म ने शुरुआत तो सॉलिड की लेकिन ये अक्षय कुमार की दो हफ्ते पुरानी फिल्म भूत बंगला के आगे स्लो नजर आई. राजा शिवाजी की धमाकेदार ओपनिंग रितेश की फिल्म के लिए एडवांस बुकिंग ही इतनी तगड़ी थी कि ट्रेड को इससे पहले दिन रिकॉर्डतोड़ कमाई की उम्मीद होनी लगी. इन उम्मीदों पर खरा उतारते हुए राजा शिवाजी ने सुबह से ही थिएटर्स में दमदार भीड़ जुटानी शुरू कर दी. सैकनिल्क की रिपोर्ट बताती है कि पहले दिन राजा शिवाजी ने बॉक्स ऑफिस पर 11.35 करोड़ की शानदार ओपनिंग की है. इसमें हिंदी वर्जन का कलेक्शन 3.35 करोड़ है और मराठी वर्जन से फिल्म ने 8 करोड़ रुपये कमाए हैं. डेटा बताता है कि राजा शिवाजी ने मराठी में 8 करोड़ करीब 2000 स्क्रीन्स से कमाए हैं. जबकि हिंदी कलेक्शन करीब 4200 से ज्यादा स्क्रीन्स के साथ आया है. मराठी सिनेमा की सबसे बड़ी ओपनिंग अभी तक मराठी सिनेमा के इतिहास में किसी भी फिल्म ने ओपनिंग पर 5 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं किया था. सैराट और टाइमपास 2, 3.6 करोड़ कलेक्शन के साथ अभी तक मराठी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्में थीं. अब राजा शिवाजी के साथ रितेश देशमुख सिनेमा को पहली बार डबल डिजिट्स में ओपनिंग कलेक्शन मिला है. करीब 100 करोड़ के रिपोर्टेड बजट में बनी राजा शिवाजी, मराठी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म भी है. हिंदी में दो हफ्ते पुरानी फिल्म से स्लो रही राजा शिवाजी अक्षय कुमार की दो हफ्ते पुरानी फिल्म भूत बंगला अभी भी बॉक्स ऑफिस पर सॉलिड बनी हुई है. तीसरे शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी का फायदा उठाते हुए अक्षय की फिल्म ने एक बार फिर से तगड़ी भीड़ जुटाई. और 15वां दिन बॉक्स ऑफिस पर इसके लिए एक अच्छा जंप लेकर आया. गुरुवार को 3.75 करोड़ का कलेक्शन करने वाली भूत बंगला ने, शुक्रवार को 4.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है. अक्षय की फिल्म ने 15वें दिन, नई रिलीज राजा शिवाजी से भी ज्यादा कलेक्शन किया है. ये सबूत है कि अक्षय की फिल्म के लिए जनता में कितनी डिमांड है. दूसरे हफ्ते के अंत तक करीब 136 करोड़ रुपये कमा चुकी भूत बंगला ने तीसरे हफ्ते की शुरुआत भी दमदार की है. 15 दिन में इसका टोटल नेट कलेक्शन 140 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. रितेश देशमुख की राजा शिवाजी ने शुरुआत तो दमदार की है. अब देखना है कि शनिवार-रविवार को जनता इस फिल्म के लिए कितनी क्रेजी रहती है. ये देखना भी दिलचस्प होगा कि राजा शिवाजी, हिंदी में भूत बंगला को टक्कर दे पाएगी या नहीं.

मोबाइल पर कैसे आएगा इमरजेंसी अलर्ट? जानिए नई सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी

शनिवार को देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (Cell Broadcast System) का बड़े पैमाने पर टेस्ट किया गया है. साफ है कि आने वाले समय में यह सर्विस आम लोगों के लिए नियमित तौर पर इस्तेमाल में लाई जाएगी. यानी आगे जब भी कोई बड़ी आपदा जैसे भूकंप, बाढ़, साइकलोन या कोई सिक्योरिटी थ्रेट का खतरा होगा, तो सरकार सीधे आपके फोन पर तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट भेज सकेगी. यह कोई सामान्य SMS नहीं होगा, बल्कि टावर से एक साथ पूरे इलाके में ब्रॉडकास्ट होने वाला मैसेज होगा, जिसे पाने के लिए न इंटरनेट की जरूरत होगी और न ही किसी ऐप की. हालांकि कमजोर नेटवर्क में भी काम करेगा, लेकिन एक शर्त है. इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यही मानी जा रही है कि यह कमजोर नेटवर्क में भी काम कर सकता है. यानी जहां कॉल ड्रॉप हो रही हो, इंटरनेट न चल रहा हो, वहां भी अलर्ट आने की संभावना रहेगी, क्योंकि यह SMS की तरह कतार में नहीं फंसता, बल्कि सीधे टावर से पुश होता है. लेकिन यहां एक जरूरी बात समझनी होगी क‍ि अगर आपके फोन में बिल्कुल “No Service” है, यानी टावर का कोई सिग्नल ही नहीं मिल रहा, तो फिर यह सिस्टम भी काम नहीं करेगा. बिना स‍िम के फोन पर भी दिख सकता है अलर्ट आने वाले समय में इस सिस्टम की एक और खास बात लोगों को चौंका सकती है, यह नंबर पर नहीं, बल्कि एरिया पर काम करता है. यानी अगर आपका फोन ऑन है और किसी नेटवर्क का सिग्नल पकड़ रहा है, तो बिना स‍िम के भी इमरजेंसी अलर्ट स्क्रीन पर फ्लैश हो सकता है. यही वजह है कि इसे आपदा के समय ज्यादा कारगर कम्‍युन‍िकेशन टूल माना जा रहा है. फिर भी कुछ लोग रह जाएंगे ‘आउट ऑफ कवरेज’ हालांकि यह सिस्टम काफी एडवांस्ड है, लेकिन पूरी तरह फूलप्रुफ नहीं है. जिन इलाकों में नेटवर्क कवरेज ही नहीं है, वहां रहने वाले लोग इन अलर्ट से वंचित रह सकते हैं. इसी तरह अगर फोन स्‍व‍िच ऑफ है या बैटरी खत्म है, तो कोई भी चेतावनी नहीं पहुंचेगी. एयरप्‍लेन मोड में भी फोन नेटवर्क से कट जाता है, इसलिए वहां भी अलर्ट नहीं आएगा. इसके अलावा पुराने फीचर फोन्स या ऐसे स्‍मार्टफोन जिनमें यह फीचर सपोर्ट नहीं करता है, वे भी इस सिस्टम के दायरे से बाहर रहेंगे. कई बार यूजर्स खुद सेट‍िंग्‍स में जाकर इमरजेंसी अलर्ट को disable कर देते हैं, ऐसे में भी यह सर्विस उन तक नहीं पहुंच पाएगी. आने वाले समय की ‘लाइफ-सेवर’ टेक्नोलॉजी आगे चलकर सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को देश के आपदा प्रबंधन ढांचे का अहम हिस्सा बनाया जाएगा. इसे आप ऐसे समझ सकते हैं जैसे आपके इलाके में लगा एक ड‍िज‍िटल लाउडस्पीकर. अगर आप उसकी रेंज में हैं और आपका फोन नेटवर्क से जुड़ा है, तो वार्न‍िंग आपको तुरंत मिल जाएगी. लेकिन अगर आप उस रेंज से बाहर हैं या आपने खुद को नेटवर्क से ड‍िसकनेक्‍ट कर रखा है, तो यह अलर्ट आप तक नहीं पहुंचेगा. यानी साफ है क‍ि यह तकनीक तेज, असरदार और कई मामलों में लाइफ सेवर साबित होगी, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं भी हैं, जिन्हें समझना उतना ही जरूरी है.

मंईयां सम्मान योजना समेत सभी पेंशन लाभुकों का घर-घर सत्यापन शुरू, 25 मई तक चलेगा अभियान

रांची झारखंड के अलग-अलग जिलों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लाभुकों के भौतिक सत्यापन के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तहत सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के कोषांगों को कहा है कि वे वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं के सभी लाभुकों तथा मुख्यमंत्री मंईंयां सम्मान योजना के तहत लाभ ले रहे लोगों का व्यापक सत्यापन कराएं। इसे लेकर गुमला जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने आदेश जारी कर दिया है। करीब एक माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत प्रत्येक लाभुक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान योजना के प्रावधान के अनुरूप अपात्र पाए जाने वाले लाभुकों का नाम हटाने की की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। साथ ही जनसेवक, रोजगार सेवक एवं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को इस कार्य में सहयोग के लिए लगाया गया है। ग्रामवार-पंचायतवार टीम बनाकर सत्यापन जानकारी के मुताबिक, यह सत्यापन अभियान 25 मई तक डोर-टू-डोर चलाया जाएगा। ग्रामवार एवं पंचायतवार टीम बनाकर लाभुकों के घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान जिन लाभुकों का आधार एवं मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है, उनका संग्रहण कर राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) पोर्टल पर अपटेड किया जाएगा। निदेशालय ने सभी जिला प्रशासन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि सभी योजनाओं के लाभुकों का सत्यापन करने के बाद आवश्यकतानुसार एनएसएपी पोर्टल एवं झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) पोर्टल पर डेटा अपडेट और विलोपन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सभी लाभुकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि में अपना भौतिक सत्यापन अवश्य कराएं। साथ ही संबंधित आवश्यक दस्तावेज पंचायत सचिव, जनसेवक, रोजगार सेवक या आंगनबाड़ी कर्मियों के पास जमा करें। इससे यह सुनिश्चित हो पाएगा कि योजना के पात्र लाभुकों को समय पर डीबीटी के माध्यम से उनकी पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में मिलती रहे। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम योजना आयु वर्ग अनुमानित लाभुक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय 60-80 वर्ष से ऊपर 8,30,786 वृद्धावस्था पेंशन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय 40 वर्ष या उससे ऊपर 3,36,122 विधवा पेंशन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय 18 वर्ष या उससे ऊपर 24,467 दिव्यांग पेंशन राष्ट्रीय पारिवारिक हित लाभ योजना इसमें मुख्य अर्जन कर्ता की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को एकमुश्त 20,000 रुपए केन्द्रांश के रूप में दी जाती है। योजना के लाभुकों की अनुमानित संख्या 1,152 है। (6 योजनाएं) पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार अपनी मद से दो योजनाओं को क्रियान्वित करती है। पहली – झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना। इसमें 18 वर्ष से 50 वर्ष तक की महिला लाभुकों को प्रतिमाह 2500 रुपए दिए जाते हैं। वर्तमान में योजना की लाभार्थियों की संख्या 55,42,601 है। दूसरी योजना झारखंड मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन है। इसके अंतर्गत पांच योजनाएं आती हैं। योजना अनुमानित लाभुक मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था 27,01,017 सीएम आदिम जनजाति पेंशन 80,353 सीएम राज्य निराश्रित महिला 5,01,079 सम्मान पेंशन सीएम राज्य एचआईवी पेंशन 8,319 स्वामी विवेकानंद नि:शक्त 3,10,186 स्वावलम्बन प्रोत्साहन सीएम राज्य सामाजिक 49 सुरक्षा पेंशन (ट्रांसजेंडर)

सीबीआई जांच के नाम पर बड़ा फ्रॉड, साइबर ठगों ने रिटायर्ड अफसर को बनाया शिकार

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रिटायर अधिकारी को साइबर ठगों ने सीबीआई जांच के नाम पर डराकर 17 लाख रुपए ठग लिए। वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर घर में नजरबंद रखा और धमकाते रहे। पैसे ट्रांसफर कर देने के बाद भी जब फ्रॉड आगे की मांग करने लगे तब जाकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाने में शिकायत के बाद ऐक्शन में आई पुलिस न तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके ठिकाने से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम और फर्जरी से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं। ठगी गिरोह में मुजफ्फरपुर के अलावे वैशाली जिसे के शातिर भी शामिल हैं। साइबर फ्रॉड के शिकार मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव निवासी भोला प्रसाद बिजली विभाग से अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया। उन्होंने रिसीव किया तो फोन करने वाले ने बड़े रौब से बात की और खुद को सीबीआई का बड़ा अधिकारी बताया। उसने भोला प्रसाद को डरा दिया और कहा कि उनके खिलाफ जांच और बड़ी कार्रवाी चल रही है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नौकरी में रहते हुए उन्होंने काफी गबन किया है। गुप्त तरीके से सीबीआई जांच में आरोप सत्य पाय जाने के कारण गिरफ्तारी वारंट निकल चुका है। कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। कॉलर ने धमकाया कि आपको वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट किया जा चुका है। कैमरे के सामने से हटे तो तुरंत पुलिस घर तक पहुंच जाएगी और गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ऐसे हुआ शक बदमाशों ने कहा कि उनके खिलाफ 17 लाख गबन का प्रमाण मिला है। अंगर दिए गए अकाउंट में यह राशि जमा करा दें तो गिरफ्तारी से बच सकते हैं। विभागीय कार्रवाई चलती रहेगी। राशि जमा करा देने से कार्रवाई में राहत मिलेगी। डर के मारे उन्होंने मांगी गई राशि अपने खाते से ट्रांसफर कर दिया। जब आगे भी उन्हें धमकाया गया और पैसों की डिमांड की तो उन्हें शक हो गया। जब उन्होंने सवाल पूछना शुरू किया तो फ्रॉड ने कॉल डिस्कनेक्ट कर नंबर को बंद कर दिया। उसके बाद उन्हें सच्चाई का पता चला। वैज्ञानिक जांच से चिन्हित हुए शातिर पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। साइबर डीएसपी हिमांशु के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों की जांच करके स्थानीय शातिरों को चिन्हित किया और उनकी गिरफ्तारी की गई। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि साइबर टीम ने ट्रांजेक्शन पाथ, मोबाइल नंबर और अन्य तरीकों से वैशाली में छापेमारी की। पुलिस ठिकाने पर पहुंची तो दंग रह गई। ठिकाने पर इंटरनेशन कॉलिंग डिवाइस, कई राज्यों के बैंक खातों के सबूत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले। मुजफ्फरपुर के मनियारी में भी छापेमारी करके विक्रम कुमार नाम के शातिर को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बृजेश कुमार और कृष्ण कुमार की गिरफ्तारी की गई। सभी गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

कोकोनट लस्सी रेसिपी: गर्मी में ठंडक देने वाला हेल्दी ड्रिंक

 गर्मियों के मौसम में जब पारा चढ़ने लगता है तो शरीर को हाइड्रेटेड और पेट को ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. वैसे तो उत्तर भारत में लस्सी सबसे लोकप्रिय समर ड्रिंक है लेकिन अगर आप वही साधारण लस्सी पीकर बोर हो चुके हैं तो क्यों ना कुछ नया ट्राई किया जाए. ऐसे में कोकोनट यानी नारियल की लस्सी आपके लिए परफेक्ट हो सकती है. नारियल की लस्सी के फायदे कोकोनट लस्सी न केवल स्वाद में बेहतरीन है बल्कि नारियल की तासीर ठंडी होने के कारण यह आपके पेट को दोगुनी ठंडक पहुंचाती है. यह एक ऐसा प्रीमियम ड्रिंक है जो आपको ताजगी के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी देती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान और झटपट रेसिपी. लस्सी के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें ताजा दही (गाढ़ा) – 2 कप नारियल का दूध या कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल – 1 कप नारियल पानी (लस्सीको पतला करने के लिए) – 1/2 कप चीनी या मिश्री पाउडर – स्वादानुसार इलायची पाउडर – एक चुटकी बर्फ के टुकड़े  – 4-5 बारीक कटा हुआ सूखा नारियल और कटे हुए बादाम बनाने का तरीका एक मिक्सर जार या ब्लेंडर में गाढ़ा दही और नारियल का दूध डालें. अगर आप ताजा नारियल इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे पहले बारीक पीस लें. इसमें स्वादानुसार चीनी, इलायची पाउडर और थोड़े से बर्फ के टुकड़े डालें. अब सभी सामग्रियों को 1-2 मिनट के लिए अच्छी तरह ब्लेंड करें जब तक कि लस्सी एकदम स्मूथ और झागदार न हो जाए. अगर लस्सी बहुत गाढ़ी लग रही है तो आप इसमें थोड़ा नारियल पानी मिला सकते हैं. तैयार कोकोनट लस्सी को गिलास में निकालें. ऊपर से नारियल के लच्छे या ड्राई फ्रूट्स सजाएं और इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

सत्तू शरबत रेसिपी: गर्मी में देसी प्रोटीन ड्रिंक जो रखे शरीर को ठंडा

भीषण गर्मी और तपती लू के बीच जब शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है तो ऐसे में देसी प्रोटीन शेक कहा जाने वाला सत्तू शरबत आपके  लिए किसी वरदान से कम नहीं. सत्तू की तासीर स्वाभाविक रूप से ठंडी होती है जो पेट की जलन को शांत करने और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है. इसमें मौजूद हाई फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते जिससे यह वजन घटाने वालों के लिए भी आदर्श है. बिना चीनी और बिना किसी भारी मसाले के तैयार यह शरबत न केवल आपको हाइड्रेटेड रखता है बल्कि चिलचिलाती धूप में भी आपको तरोताजा महसूस कराता है. सत्तू शरबत बनाने के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें सत्तू – 4 बड़े चम्मच ठंडा पानी – 2 गिलास काला नमक – स्वादानुसार भुना हुआ जीरा पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच ताजा पुदीना पत्तियां – 5-6 (कुचली हुई) बारीक कटी हरी मिर्च और प्याज बनाने का तरीका एक जग में सत्तू डालें और थोड़ा ठंडा पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गुठली न रहे. अब बचा हुआ ठंडा पानी डालें और इसे अच्छी तरह फेंटें. इसमें काला नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिलाएं。 कुचली हुई पुदीना पत्तियां डालें, जो इसकी ठंडक और खुशबू को बढ़ा देंगी. अगर आप चाहें तो इसमें बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालकर इसे और भी चटपटा बना सकते हैं. बर्फ के टुकड़े डालें और तुरंत सर्व करें.