samacharsecretary.com

RTE दाखिला विवाद, निजी स्कूलों पर बीएसए की सख्ती बढ़ी

लखनऊ राजधानी के नामी विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2020 (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने राजधानी के करीब 55 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है, एक सप्ताह के अंदर प्रवेश न लेने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एल्डिको लखनऊ पब्लिक स्कूल की अपील को खारिज करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में 55 ऐसे विद्यालय हैं जो आरटीई के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विद्यालय में चयन होने के बाद भी बच्चों को प्रवेश नहीं देना चाहते हैं। इन विद्यालयों को नोटिस जारी करते हुए प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के अनुसार, राजधानी के सिटी मॉन्टेंसरी, जयपुरिया, टीपीएस, एलपीएस, स्टडी हॉल सहित 35 से अधिक विद्यालयों को पहले से नोटिस जारी किया गया है। जबकि अन्य विद्यालयों को भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्चों को प्रवेश न देने पर विद्यालय की मान्यता रद्द करने की भी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का ये है आदेश हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से भेजे गए सभी बच्चों को प्रवेश देना निजी विद्यालयों का कर्तव्य है। आरटीई अधिनियम के तहत प्रत्येक विद्यालय में 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने पर सरकार को कार्रवाई का अधिकार है। 4500 बच्चे प्रवेश के इंतजार में बीएसए कार्यालय के अनुसार, राजधानी के 1600 निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेश होने हैं। अभी तक 12,000 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया जारी है। करीब 4500 ऐसे बच्चे हैं जिनका आरटीई में चयन हुआ है लेकिन निजी विद्यालय प्रवेश देने में हीलाहवाली कर रहे हैं।  

“गर्मी में AC-कूलर और फ्रिज से जुड़े वास्तु नियम: गलत दिशा से हो सकता है धन और स्वास्थ्य पर असर”

गर्मी से राहत पाने के लिए हम AC और कूलर का सहारा तो लेते हैं, लेकिन वास्तु की अनदेखी हमें महंगी पड़ सकती है. वास्तु विज्ञान मानता है कि बिजली से चलने वाले ये उपकरण ऊर्जा का एक विशेष चक्र बनाते हैं. यदि इन्हें सही दिशा न मिले, तो यह सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देते हैं, जिससे घर में बिना वजह कलह और धन की हानि होने लगती है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को और अपनी जेब को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन उपकरणों को रखने से पहले वास्तु के ये नियम जरूर जान लें. एसी (AC) और कूलर वास्तु विज्ञान की दृष्टि से देखें तो एसी और कूलर का सीधा संबंध वायु और अग्नि के संतुलन से है. चूंकि ये बिजली से चलते हैं, इसलिए इनमें अग्नि तत्व है और चूंकि ये हवा देते हैं, इसलिए इनमें वायु तत्व भी समाहित है. सबसे उत्तम दिशा: एसी लगाने के लिए उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है.  चूँकि यह वायु की ही दिशा है, इसलिए यहां लगा एसी घर में शीतलता के साथ-साथ मानसिक शांति भी लाता है. दूसरा विकल्प: आप इसे दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में भी लगवा सकते हैं, क्योंकि यह बिजली के उपकरणों का प्राकृतिक स्थान माना जाता है. यहाँ भूलकर भी न लगाएं: एसी को कभी भी पश्चिम दिशा की दीवार पर न टांगें.  माना जाता है कि इस दिशा में लगा एसी सुख-सुविधाओं पर फिजूलखर्ची बढ़ाता है और घर की बरकत को धीरे-धीरे खत्म कर देता है. टपकता पानी है खतरे की घंटी: ध्यान रखें कि आपके एसी से पानी का रिसाव (Leakage) न हो रहा हो.  वास्तु के अनुसार, टपकता हुआ पानी आर्थिक नुकसान और घर के सदस्यों में स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत होता है. रेफ्रिजरेटर (Fridge): आज के दौर में फ्रिज को हम अन्नपूर्णा का आधुनिक रूप मान सकते हैं, क्योंकि यह हमारे भोजन को सुरक्षित और ताजा रखता है. इसकी गलत दिशा न केवल खाने की गुणवत्ता बल्कि घर के सदस्यों की सेहत को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है. उत्तम स्थान: वास्तु के अनुसार फ्रिज रखने के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उत्तम है. दरवाजे का नियम: फ्रिज को इस तरह रखें कि उसका दरवाजा खोलते समय उसका मुख हमेशा पूर्व (East) की ओर हो. पूर्व दिशा से आने वाली सकारात्मक ऊर्जा भोजन की सात्विकता और शुद्धता को बनाए रखती है. ईशान कोण से दूरी: फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. यह कोना पूजा-पाठ और ध्यान के लिए समर्पित होता है; यहां भारी मशीन रखने से घर की उन्नति रुक सकती है. दीवार से सटाकर न रखें: फ्रिज को कभी भी दीवार से एकदम चिपकाकर नहीं रखना चाहिए. ऊर्जा का प्रवाह निर्बाध बना रहे, इसके लिए फ्रिज और दीवार के बीच कम से कम एक फीट की दूरी जरूर रखें.

शनि जयंती 2026: चंद्र गोचर से वृषभ समेत 4 राशियों की खुलेगी किस्मत

साल 2026 की शनि जयंती ज्योतिषीय दृष्टि से एक ऐतिहासिक संयोग लेकर आ रही है. इस बार शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार को मनाई जाएगी. शनिवार के दिन ही शनि जन्मोत्सव का होना अपने आप में बेहद शुभ और दुर्लभ माना जाता है. इसी पावन अवसर पर चंद्रमा का राशि परिवर्तन यानी चंद्र गोचर (Chandra Gochar) होने जा रहा है, जो 4 खास राशियों के लिए कुबेर का खजाना खोलने वाला साबित होगा. शनि जयंती 2026: तिथि, गोचर और शुभ मुहूर्त ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन ग्रहों की स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है: शनि जयंती तिथि: 16 मई 2026, शनिवार अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे से अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026 को तड़के 01:30 बजे तक चंद्र गोचर का समय: शनि जयंती के दिन शाम को 5 बजकर 29 मिनट पर चंद्र ग्रह का गोचर होगा. वृषभ में प्रवेश: इसके बाद रात 10 बजकर 46 मिनट पर चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे. नक्षत्र परिवर्तन: शाम के समय चंद्र देव कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ा देगा. 1. वृषभ राशि: बरसेगा अपार धन वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर किसी लॉटरी से कम नहीं है. आर्थिक तंगी दूर होगी और पुराने निवेश से मोटा मुनाफा मिलने के संकेत हैं. शनि जयंती के बाद से आपके बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी देखी जा सकती है. 2. मिथुन राशि: चमकेगा करियर का सितारा नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बड़ी तरक्की का है. वर्कप्लेस पर आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) के प्रबल योग बनेंगे. जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें मनचाहा ऑफर मिल सकता है. 3. सिंह राशि: अटके हुए काम होंगे पूरे सिंह राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है. लंबे समय से कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद के जो मामले अटके हुए थे, वे अब आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं. समाज में आपका दबदबा बढ़ेगा. 4. धनु राशि: भाग्य का मिलेगा डबल साथ धनु राशि वालों के लिए शनि जयंती से शुरू हो रहा यह समय सुखद रहेगा. भाग्य का साथ मिलने से आपके बिगड़े काम बनने लगेंगे. अचानक धन लाभ की संभावना है और धार्मिक यात्राओं के भी योग बन रहे हैं.

ईशांक श्रीवास्तव का कमाल, 9 घंटे 50 मिनट में समुद्र तैरकर रचा इतिहास

रांची कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों' ये पंक्तियां जब दुष्यंत कुमार ने लिखीं तो उन्हें नहीं पता था कि रांची का 7 साल का ईशांक श्रीलंका और भारत के बीच पड़ने वाले समुद्री रास्ते को इतनी कम उम्र में तैरकर पार कर देगा और इसके लिए महज 9 घंटे 50 मिनट की तैराकी करनी पडे़गी। ईशांक अब इस स्ट्रेट को तैरकर पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का रिकॉर्ड बना लिए हैं। कौन हैं ईशांक ईशान रांची के धुर्वा के रहने वाले हैं। बीते दिनों ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक के खतरनाक पाक स्ट्रेट को तैरकर पार किया। ईशांक ने 29 किलोमीटर की समुद्री दूरी को तय करने के लिए महज 9 घंटे 50 मिनट का समय लिया। इसके साथ ही अब ईशांक ऐसा करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 30 अप्रैल को ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से अपनी यात्रा शुरू की थी। अगले 9 घंटे और 50 मिनट में ईशांक ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक को इस उपलब्धि के लिए यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम की तरफ से यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाक स्ट्रेट स्विमर का वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट दिया गया है। ईशांक ने यह उपलब्धि कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और अपने पक्के इरादे से हासिल की है। क्या करते थे ईशांक पाक स्ट्रेट को सबसे तेज पार करने के लिए ईशांक रांची के धुर्वा डैम में रोजाना 4-5 घंटे प्रैक्टिस किया करते थे। अपने कोच अमन कुमार जयसवाल और बजरंग कुमार के मार्गदर्शन में ईशांक की मेहनत रंग लाई और उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक की इस उपलब्धि ने ना सिर्फ रांची बल्कि देश का नाम विश्व स्तर पर किया है। तारीफों की बाढ़ ईशांक रांचीक के श्यामली डीएवी स्कूल की तीसरी कक्षा के छात्र हैं। इस उपलब्धि के लिए स्कूल की तरफ से भी ईशांक के लिए तारीफों की बाढ़ आ गई है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रिंसिपल ने कहा कि ईशांक की यह उपलब्धि स्कूल के लिए, पूरे रांची शहर के लिए और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस कम उम्र में ईशांक का कठिन समुद्री परिस्थितियों में विश्व रिकॉर्ड बनाना असाधारण साहस और पक्के इरादे के चलते संभव हो पाया है। प्रिंसिपल ने ईशांक की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाना उनकी लगन और मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रिंसिपल ने कहा कि ईशांक की यह उपलब्धि बाकी छात्रों को भी प्रेरित करेगी।

गर्मियों में गुलाब जल से स्किन केयर: नेचुरल ग्लो पाने के आसान तरीके

 गर्मियों के मौसम में तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी हमारी स्किन की सारी चमक छीन लेते हैं. अक्सर इसके कारण चेहरा डल, बेजान और ऑयली नजर आने लगता है. ऐसे में इस मौसम में स्किन का खास ख्याल जरूरी हो जाता है. अच्छी बात यह है कि घर में मौजूद कुछ चीजों से आप आसानी से अपनी स्किन का ध्यान रख सकते हैं. गुलाब जल उन्हीं में से एक है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से स्किन केयर के लिए किया जाता रहा है. यह न सिर्फ चेहरे को ठंडक देता है, बल्कि स्किन के PH लेवल को भी बैलेंस बनाए रखता है. इसे रोजाना चेहरे पर लगाने से स्किन से जुड़ीं समस्याएं कम होती हैं और चेहरा नेचुरली ग्लो करता है. आज हम आपको बताएंगे कि गर्मियों में आप गुलाब जल का इस्तेमाल करके कैसे ग्लोइंग और बेदाग स्किन पा सकते हैं. गुलाब जल और बेसन का पैक गर्मियों के मौसम में धूप और गर्मी के कारण स्किन डल और बेजान हो जाती है. ऐसे में इससे बचने के लिए आप गुलाब जल और बेसन का फेस पैक चेहरे पर लगा सकते हैं. इस फेस पैक को बनाने के लिए 1 चम्मच बेसन में 1 चम्मच में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को चेहरा धोने के बाद अच्छे से लगाएं और 10–15 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार यह पैक जरूर लगाएं. गुलाब जल और मुल्तानी मिट्टी गर्मी के दिनों में स्किन ऑयली हो जाती है. ऑयली स्किन के कारण पिंपल्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो आपकी खूबसूरती को कम कर देती हैं. इससे बचने के लिए 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 2–3 चम्मच गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें. चेहरा अच्छे से धोने के बाद इस फेस पैक को 10–15 मिनट तक लगाकर रखें. जब यह सूख जाए तो ठंडे पानी से चेहरा धो लें और बाद में मॉइश्चराइजर लगा लें. टोनर के तौर पर गर्मी में चेहरे को फ्रेश रखने के लिए आप गुलाब जल को टोनर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं. यह चेहरे को ठंडक देता है और ताजगी बनाए रखता है. आप इसे एक स्प्रे बोतल में भरकर फ्रिज में रख सकती हैं और चेहरा धोने के बाद चेहरे पर स्प्रे कर सकती हैं.  

कोचिंग सिटी कोटा में दर्दनाक घटना, नीट परीक्षा से एक दिन पहले छात्र ने किया सुसाइड

 कोटा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) के आयोजन से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के कोटा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीक्षित प्रसाद ने छत से कूदकर आत्महत्या (Dixit Prasad Suicide) कर ली. मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला दीक्षित पिछले दो साल से कोटा में रहकर कड़ी मेहनत कर रहा था. पुलिस ने परिजनों को दी सूचना घटना की सूचना मिलते ही कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया. बताया जा रहा है कि दीक्षित ने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या छात्र कल होने वाली परीक्षा के तनाव में था या आत्महत्या के पीछे कोई और कारण था. पुलिस ने अल्मोड़ा में छात्र के परिजनों को सूचना दे दी है और उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी. रविवार को होने वाली परीक्षा से ठीक पहले उठाए गए इस खौफनाक कदम ने एक बार फिर कोचिंग सिटी में छात्रों के मानसिक दबाव और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गूगल मैप के भरोसे न रहें छात्र बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कल यानी 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. एजेंसी ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि वे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पूरी तरह गूगल मैप पर निर्भर न रहें. एनटीए के मुताबिक, कई परीक्षा केंद्रों की भौगोलिक स्थिति गूगल मैप पर स्पष्ट या सटीक नहीं है. ऐसे में किसी भी तरह की देरी या असुविधा से बचने के लिए छात्र अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए पते की पुष्टि पहले ही केंद्र पर जाकर कर लें. रिकॉर्ड 22.8 लाख उम्मीदवार इस साल नीट-यूजी 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन हुए हैं. कुल 22,79,743 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जिनमें महिला उम्मीदवारों की संख्या करीब 13.3 लाख और पुरुषों की संख्या 9.4 लाख है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कसर न छोड़ी जाए. छात्रों के लिए जरूरी सलाह और नियम एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से काफी पहले केंद्र पर पहुंचें और अपने साथ जरूरी दस्तावेज व एडमिट कार्ड रखें. गूगल मैप वाली चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भी छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भागदौड़ से बचें.

स्टेशन पर अब नहीं करनी होगी कुली से मोलभाव, ऑनलाइन बुकिंग से तय होगा फिक्स चार्ज

प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर अब आपको कुली के लिए इधर-उधर भटकने या उनके साथ रेट को लेकर मोलभाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल देश में पहली बार कुलियों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस पहल से यात्रियों को ओवर चार्जिंग की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यात्री रेलवे के अधिकृत एप या वेबसाइट के माध्यम से अपनी ट्रेन के आगमन या प्रस्थान के समय के अनुसार कुली को पहले से ही बुक कर सकेंगे। जैसे ही यात्री स्टेशन पहुंचेगा, बुक किया गया कुली निर्धारित स्थान पर मौजूद रहेगा। इस सेवा के लिए एक पारदर्शी डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे यात्रियों को पहले से पता होगा कि उन्हें कितना शुल्क देना है। मनमाना किराया वसूलने की अक्सर रहती है शिकायत अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों या भीड़भाड़ के समय कुछ कुली यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे यात्रियों और कुलियों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा होती है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम शुरू होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। वाणिज्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा, बल्कि कुलियों के काम में भी अनुशासन और पारदर्शिता आएगी। जंक्शन, छिवकी से होगी शुरुआत यह सुविधा शुरुआत में मंडल के प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, कानपुर सेंट्रल, मिर्जापुर, इटावा, अलीगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर लागू की जाएगी। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे अन्य मंडल के स्टेशनों में विस्तार देने की योजना है। सीनियर डीसीएम हरिमोहन का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देना ही हमारा लक्ष्य है। यात्री कुलियों की ऑन लाइन बुकिंग कर सके इस दिशा में तैयारी की जा रही है।  

SCERT की नई पहल: परिषदीय विद्यालयों में शुरू होगा दैनिक गतिविधि आधारित शिक्षण ‘अरुणोदय’

लखनऊ प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 से बच्चों को हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने पूरे वर्ष के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया है, जिसे जल्द ही सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह पहल अपने आप में अनोखी मानी जा रही है। नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार इस कैलेंडर को ‘अरुणोदय’ नाम दिया गया है। इसके तहत हर दिन किसी न किसी विषय जैसे पर्यावरण, स्वास्थ्य, महापुरुषों की जयंती, नदियां, शब्द ज्ञान, कला, कहानी-कविता, देशभक्ति और स्वतंत्रता से जुड़े प्रसंग पर बच्चों को जानकारी दी जाएगी। यह गतिविधियां सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित होंगी। संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक बच्चों को विषय की जानकारी देंगे और उससे जुड़ी गतिविधियां भी कराएंगे। खास बात यह है कि प्रत्येक विषय के साथ क्यूआर कोड भी जोड़ा गया है, जिससे शिक्षक अतिरिक्त जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। कैलेंडर को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अनुसार अलग-अलग तैयार किया गया है, ताकि बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप सामग्री मिल सके।   विविध विषयों से होगा सर्वांगीण विकास कैलेंडर में बच्चों से छुट्टियों के अनुभव साझा कराने से लेकर मौसमी फल-सब्जियों के लाभ, वर्णमाला, शब्द निर्माण, विलोम शब्द, कहानी-कहानी, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक सेंस, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण, बाढ़ से बचाव, संचारी रोगों की रोकथाम, विद्यालय शिष्टाचार, वाद्ययंत्र और लोकगीतों की जानकारी भी दी जाएगी। बच्चों को अच्छी आदतें, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, जीवन मूल्य, प्रकृति, आपदा प्रबंधन, ऋतुओं का ज्ञान और खेल-खेल में विज्ञान भी सिखाया जाएगा।   अखबारों से भी जोड़ने की पहल एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के अनुसार, सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए बच्चों को अखबारों से भी जोड़ा जाएगा। उन्हें नए और पुराने अखबारों की उपयोगिता, समाचारों की समझ और उनसे जुड़ी चर्चाओं के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। साथ ही गणित के डर को दूर करने के लिए खेल, पहेलियां, गणित किट और भारतीय गणितज्ञों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों का बहुमुखी विकास करना है, ताकि वे विभिन्न विषयों की समग्र जानकारी प्राप्त कर सकें। इसे जल्द ही प्रदेशभर के स्कूलों में लागू किया जाएगा।  

मई 2026 में बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, मिथुन सहित 4 राशियों की बदलेगी किस्मत

ज्योतिष के नजरिए से मई का महीना बेहद खास माना जा रहा है. यह महीना कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आ सकता है. दरअसल, मई महीने के अंत में बनने वाला लक्ष्मी-नारायण राजयोग कई लोगों के लिए सौभाग्य लेकर आएगा. ज्योतिष के अनुसार, जब धन, सुख और वैभव के कारक ग्रह शुक्र और बुद्धि, व्यापार व संवाद के कारक ग्रह बुध एक ही राशि में आ जाते हैं, तो लक्ष्मी-नारायण राजयोग बनता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 14 मई 2026 को शुक्र मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और 29 मई को बुध भी इसी राशि में आ जाएंगे. इन दोनों ग्रहों की युति से यह शक्तिशाली राजयोग बनेगा, जिसका असर कुछ राशियों पर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए यह समय काफी अच्छा माना जा रहा है. रुके हुए काम फिर से गति पकड़ सकते हैं. नौकरी और बिजनेस दोनों में नए अवसर मिलने के संकेत हैं. प्रमोशन या नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है. पढ़ाई कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है और मानसिक तनाव में भी कमी आएगी. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए मेहनत का सही परिणाम मिलने का समय है. करियर में आगे बढ़ने के मौके बन सकते हैं. समाज या राजनीति से जुड़े लोगों के लिए यह समय खास रहेगा. किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह से बड़ा फायदा मिल सकता है और आपके काम की सराहना बढ़ेगी. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. आय के नए स्रोत बन सकते हैं और निवेश से लाभ मिल सकता है. प्रॉपर्टी या बिजनेस से जुड़े फैसले फायदेमंद हो सकते हैं. यात्रा के योग भी बन रहे हैं और पुरानी परेशानियों से राहत मिल सकती है. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए यह समय खुशियों से भरा रह सकता है. व्यापार में लाभ और नए अवसर मिलने के संकेत हैं. पार्टनरशिप में सफलता मिल सकती है. रिश्तों में भी सुधार देखने को मिलेगा और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे. सेहत का ध्यान रखना जरूरी रहेगा. क्यों खास है लक्ष्मी-नारायण राजयोग? ज्योतिष में लक्ष्मी-नारायण राजयोग को बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इसमें धन और बुद्धि दोनों का संतुलन बनता है. इससे व्यक्ति को सही फैसले लेने में मदद मिलती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बनते हैं. जीवन में स्थिरता, सफलता और नए अवसर बढ़ते हैं.

यूपी पुलिस का एक्शन, आगरा धर्मांतरण गैंग के 4 सदस्य दबोचे, STF की मदद से कार्रवाई

आगरा यूपी के आगरा में सदर की सगी बहनों के धर्मांतरण में शामिल गैंग के चार और सदस्यों पर आगरा पुलिस ने शिकंजा कसा है। कार्रवाई में एसटीएफ की भी मदद ली गई। दिल्ली, राजस्थान में दबिश दी गई थी। पकड़े गए आरोपियों से तीन कलीम सिद्दीकी से भी जुड़े रहे हैं। धर्मांतरण के बाद सभी कागजात तैयार कराकर दिया करते थे। वर्ष 2025 में सदर की सगी बहनें नाटकीय अंदाज में घर से लापता हुई थीं। सदर थाने में अपहरण का मुकदमा लिखा गया था। मुकदमे में एक कश्मीरी छात्रा पर शक जाहिर किया गया था। पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो पुलिस के होश उड़ गए। मामला देशभर में फैले धर्मांतरण गैंग से जुड़ा हुआ था। गैंग में महिलाएं भी शामिल थीं। छह राज्यों में दबिश देकर एक महिला सहित 14 आरोपियों को पकड़ा गया था। गैंग का मास्टरमाइंड दिल्ली का अब्दुल रहमान निकला था। पुलिस ने पिछले दिनों कनाडा में रह रहे गैंग के एक फाइनेंसर के घर भोपाल में कुर्की की कार्रवाई की थी। पिछले साल जेल भेजे गए सभी 14 आरोपित जेल में बंद हैं। सबको सौंपे गए थे अलग काम पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि मुकदमे की विवेचना प्रचलित है। पुलिस को मोबाइल और लैपटॉप का डेटा खंगालने पर कई नाम और मिले। पुलिस ने उनके बार में साक्ष्य संकलन शुरू किया। पुलिस की छानबीन में पता चला कि चारों गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। सभी की अलग-अलग भूमिका है। कोई फर्जी कागजात तैयार करता है तो कोई धन मुहैया कराता है। कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है। ब्रेनवॉश करने में मदद करता है। कोई दिल्ली में रुकने के लिए ठिकाने मुहैया कराता है। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के बाद दिल्ली और राजस्थान में दबिश दी। चार आरोपियों को पकड़ा। कोर्ट ने रिमांड स्वीकृत करके आरोपियों को जेल भेज दिया है। धर्मांतरण गैंग को धन मुहैया कराता था परवेज आगरा में सदर की सगी बहनों के धर्मांतरण में शामिल गैंग के चार और सदस्यों को आगरा पुलिस ने पकड़ा है। पकड़े गए ईस्ट दिल्ली, जामिया नगर निवासी तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर (अहाता किदारा, नॉर्थ दिल्ली), जतिन कपूर (आदर्श नगर, वेस्ट दिल्ली) व हसन मोहम्मद (डींग, भरतपुर) को जेल भेजा गया है। हसन मोहम्मद गैंग से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। पहले कलीम सिद्दीकी के लिए काम करता था। अब्दुल रहमान के संपर्क में तभी से है। पुलिस का दावा है कि आरोपित निकाहनामा और धर्म परिवर्तन के कागजात तैयार किया करता था। गैंग की मांग पर भरतपुर से दिल्ली तक आता था। तलमीज उर रहमान भी अब्दुल रहमान से जुड़ा हुआ है। उसके साथ जमात में जाया करता था। परवेज अख्तर वह व्यक्ति है जो धर्म परिवर्तन के लिए किताबें तैयार कराता था। वे किताबें लोगों को ब्रेन वॉश के लिए पढ़ने के लिए दी जाती थीं। गैंग को धन भी मुहैया कराता था। जतिन कपूर गैंग को दिल्ली में ठिकाने दिया करता था।