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Madhya Pradesh में UCC की दिशा में कदम, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट

भोपाल  भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है. मध्यप्रदेश में अब ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है. राज्य सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा लिया है. रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी कमेटी विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस 6 सदस्यीय समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है. 60 दिन में तैयार होगा ड्राफ्ट यह कमेटी अपनी रफ्तार से काम करेगी. इसे अगले 60 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और ‘UCC ड्राफ्ट बिल’ तैयार कर सरकार को सौंपना होगा. इस दौरान समिति उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए मॉडलों का भी गहराई से अध्ययन करेगी. इन कानूनों पर रहेगा फोकस समिति का मुख्य काम विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे कानूनों की समीक्षा करना है. इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण (Adoption) से जुड़े नियमों पर भी विशेष अध्ययन किया जाएगा. इसका उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है. महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को प्राथमिकता इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. समिति केवल बंद कमरों में काम नहीं करेगी, बल्कि आम लोगों की राय जानने के लिए जनसुनवाई और परामर्श बैठकें भी आयोजित करेगी. विशेषज्ञों से ली जाएगी राय समिति सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ विधि विशेषज्ञों से भी सुझाव मांगेगी. प्रशासनिक और क्रियान्वयन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि कानून को सही ढंग से लागू किया जा सके. 6 सदस्यीय समिति में कौन? जारी आदेश के अनुसार, 6 सदस्यीय समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई होंगी. शत्रुघ्न सिंह (सेवानिवृत्त भा.प्र.से), अनूप नायर (कानूनविद), गोपाल शर्मा (शिक्षाविद), बुधपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता) और अजय कटेसरिया (अपर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग).

बैडमिंटन में भारत का दबदबा जारी, लक्ष्य-चिराग की जोड़ी ने दिलाई जीत

भारतीय पुरुष टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सोमवार 27 अप्रैल 2026 को डेनमार्क के हॉर्सेंस शहर में ग्रुप ए के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से करारी शिकस्त देकर थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारत और चीन इस ग्रुप में शीर्ष पर हैं। भारतीय बैडमिंटन टीम ने सिर्फ 153 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी ने सीधे गेमों में जीत हासिल कर भारत को 3-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद एचएस प्रणय और एमआर अर्जुन-हरिहरन अमसाकरुनन ने भी अपने-अपने मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया का 5-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। साल 2022 के चैंपियन भारत ने कनाडा पर 4-1 से जीत के साथ शुरुआत की थी। चीन ने अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। चीन ने सोमवार को कनाडा को 4-1 से पराजित किया। भारत और चीन अब बुधवार 29 अप्रैल को अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में एक दूसरे का सामना करेंगे, जिससे ग्रुप में शीर्ष स्थान का फैसला होगा। कनाडा के खिलाफ अपना पहला मैच हार जाने वाले लक्ष्य सेन ने शानदार वापसी की। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन ने एफ्रेम स्टीफन सैम पर 21-14, 21-16 से जीत हासिल करके भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। अब चीन के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य सेन को शी यूकी जैसी मजबूत चुनौती का सामना करना होगा। यूएस ओपन चैंपियन और हाल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उपविजेता रहे आयुष शेट्टी ने श्रेय ढांड को 21-8, 21-6 से आसानी से हराकर भारतीय बढ़त को दोगुना किया। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की शीर्ष युगल जोड़ी ने रिजकी हिदायत और जैक यू को 21-14, 21-16 से हराकर स्कोर 3-0 कर दिया। इस जीत से भारत की क्वार्टर फाइनल में जगह सुनिश्चित हो गई। विश्व चैंपियनशिप 2023 और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय ने आधे घंटे से भी कम समय में ऋषि होंडा भूपति पर 21-11, 21-17 से जीत हासिल की। हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन ने दूसरे युगल मुकाबले में एंडिका रामाडियांस्या और एफ्रैम स्टीफन सैम को 21-12, 21-10 से हराया, जिससे भारत क्लीन स्वीप करने में सफल रहा।  

हरमनप्रीत कौर का बयान: टीम को फिर से एकजुट होने की जरूरत

पिछले साल वनडे विश्व कप की चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आने वाले टी20 विश्व कप 2026 से पहले एक बड़ा झटका लगा है। साउथ अफ्रीका से भारतीय टीम को 4-1 से करारी हार मिली है। इस हार को लेकर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि टी20 विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशाजनक हार के बाद भारत को फिर से एकजुट होकर आगे का रास्ता खोजना होगा। भारत ने आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच में 156 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए एक बार फिर बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन किया और उसे 23 रन से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड में होने वाले टी20 विश्व कप से ठीक दो महीने पहले मिली यह हार एक बड़ा झटका साबित होगी। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ''हमें एक समूह के तौर पर साथ बैठकर सोचना होगा कि आगे कैसे बढ़ना है। यह हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन इसमें हमारे लिए बहुत सी सकारात्मक बातें और सीखने के लायक चीजें भी हैं।'' भारत की शुरुआत खराब रही और शुरुआती चार ओवर के भीतर ही शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स के विकेट गिर गए और टीम फिर कभी संभल नहीं पाई, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका नियमित अंतराल पर विकेट लेता रहा। हरमनप्रीत ने आगे कहा, ''आज हमने बीच-बीच में अच्छा प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में, पावरप्ले ही वह चीज थी जिसकी हमें कीमत चुकानी पड़ी। हमें अधिक रन नहीं मिले और दो विकेट भी गंवा दिए। यह निराशाजनक है। हमें कड़ी मेहनत करते रहने की जरूरत है।'' दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान लॉरा वोलवार्ट ने एक बार फिर मोर्चे से अगुआई करते हुए 56 गेंद पर नाबाद 92 रन बनाए और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के बावजूद पारी को संभाले रखा। वोलवार्ट ने पांच मैच की श्रृंखला में कुल 330 रन बनाए और वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने अपनी पिछली सात अंतरराष्ट्रीय पारियों में छह बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनीं वोलवार्ट ने कहा, ''हालांकि, पिछले कुछ महीनों में हमने सभी विभागों में जबरदस्त सुधार किया है। इस लिहाज से यह एक बहुत अच्छा सत्र रहा है।'' पिच के बारे में वोलवार्ट ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण सतह थी। उन्होंने कहा, ''आज विकेट थोड़ा मुश्किल था लेकिन पावरप्ले शानदार रहा। मुझे यह पसंद आया कि हमने पावरप्ले में कितनी आक्रामक बल्लेबाजी की। हमें लगा था कि यह एक सपाट विकेट होगा लेकिन जब यह धीमा और कम उछाल वाला निकला तो हमें कोई हैरानी नहीं हुई। पहले बल्लेबाजी करना सही फैसला था। हमेशा कुछ ना कुछ ऐसा होता है जिस पर ध्यान दिया जा सकता है और सुधार किया जा सकता है, और कैचिंग उनमें से एक है।''

ओवरलोड ट्रांसफार्मर से हाहाकार,लखनऊ के कई इलाके बिजली कटौती से जूझे

लखनऊ भीषण गर्मी में बिजली कटौती कोढ़ में खाज बनती जा रही है। सोमवार को शहर से गांव तक विभिन्न इलाके के लोग बिजली संकट से जूझे। सबसे ज्यादा परेशानी अंबेडकर उपकेंद्र से आपूर्ति पाने वाले इलाके लोगों को हुई। इन्हें करीब 20 घंटे तक बिन बिजली-पानी गुजारा करना पड़ा। इसके अलावा जिले की करीब एक लाख की आबादी ने दो से 10 घंटे तक बिजली संकट झेला। अंबेडकर उपकेंद्र के पंचमखेड़ा, चरण भट्ठा रोड, रॉयल सिटी सहित आसपास के उपभोक्ताओं ने बताया कि बीते रविवार रात 11 बजे 100 केवीए के ट्रांसफार्मर से एक फेज की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराई गई मगर रात को समस्या का समाधान नहीं किया। इसके विरोध में यहां के लोगों ने ट्रांसफार्मर के पास हंगामा और प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि आबादी बढ़ने के बाद भी यहां ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि नहीं की गई। इससे आए दिन ट्रांसफार्मर ओवरलोड होता है और जंपर उड़ने की घटनाएं होती हैं। लोगों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर सुबह 11 बजे के बाद 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई जो सोमवार रात 8 बजे के बाद पूरी हो सकी। रविवार रात से सोमवार रात तक करीब 20 घंटे तक 700 से ज्यादा लोग बिन बिजली छटपटाते रहे और जिम्मेदार अपनी ही रफ्तार से काम करते रहे। 40 डिग्री तापमान में परिवार के लोगों को बिजली नहीं मिली, उल्टे दूर से पेयजल के लिए 100 मीटर तक की दौड़ लगानी पड़ी। एसडीओ महेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ने से अब लोगों को राहत मिलेगी। 50 हजार की आबादी बिजली को तरसी काकोरी। एफसीआई उपकेंद्र के बुद्धेश्वर, नरौना, वादर खेड़ा, सलेमपुर पतौरा और शांति नगर कॉलोनी की 50 हजार की आबादी सोमवार को सुबह से तीन राउंड बिजली को तरस गई। एसडीओ संदीप वर्मा ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से 21 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। इसके बाद लाइन व पावर ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने के कारण सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद नई लाइन को उपकेंद्र से जोड़ने के लिए शाम को भी बिजली आपूर्ति को बंद किया गया था। नई लाइन के चालू होने से ओवरलोडिंग की समस्या हल होगी और संकट दूर होगा। मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार प्रचंड गर्मी के चलते राजधानी में सोमवार को बिजली की मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार कर गया। 10 दिन के भीतर बिजली की मांग में करीब 500 मेगावाट की बढ़ोतरी हो चुकी है। बिजली की यह मांग एसी, कूलर आदि के इस्तेमाल बढ़ने से हुई है।   तारीख     खपत (मेगावाट) 18 अप्रैल     1425 19 अप्रैल     1443 20 अप्रैल     1546 21 अप्रैल     1552 22 अप्रैल     1595 23 अप्रैल     1600 24 अप्रैल     1625 25 अप्रैल     1655 26 अप्रैल     1660 27 अप्रैल     1705 इन इलाकों में भी रहा बिजली संकट – राजाजीपुरम के मीना बेकरी के पास सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक। – नादरगंज, सैनिक विहार, नटकुर सहित 20 गांव में सुबह से रात तक व्यवधान। – माल में अनुरक्षण कार्य के कारण कस्बे व 150 गांवों की बिजली बंद रही। – यहियागंज, नादान महल रोड, बावर्ची टोला में बिजली की आंखमिचौली चली। – नक्खास बाजार, खोखी टोला में एक फेज बिजली न आने से 200 दुकानें प्रभावित। – जानकीपुरम, जानकीपुरम विस्तार, आईआईएम रोड, इंदिरानगर में आपूर्ति बंद रही। – आशियाना, कानपुर रोड, आलमबाग, चारबाग, हुसैनगंज में बिजली को तरसे लोग। इन इलाकों में आज रहेगा संकट राजधानी के कई इलाकों में मंगलवार को सुधार कार्य के कारण बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। जीपीआरए उपकेंद्र के आदिल नगर, जानकीपुरम गार्डन, सेक्टर-जे, मिश्रपुर, रसूलपुर, गुडंबा, फूलबाग, नहर रोड, तिवारी चौराहा, गायत्रीपुरम, सहारा गेट नंबर-2, ज्ञान डेयरी के आसपास सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बिजली बाधित रहेगी। न्यू कैंपस उपकेंद्र के कमलबाद बड़ौली, न्याय विहार, आईआईएम रोड, रायपुर, महर्षिनगर, मुक्तकीपुर, बालाजी एन्क्लेव, नौवा खेड़ा, कमलानगर, मुस्लिमनगर, तिवारीपुर, सुंदर विहार, शुक्ला चौराहा, सैदपुर जागीर, नवीकोट नंदना, कोटवा, चंद्रकोदर इलाके की बिजली सुबह 10 से 11 बजे तक बाधित रहेगी। जानकीपुरम में सेक्टर 1 से 9 तक, साठ फीटा रोड, सुल्तानपुर गांव, खरगापुर गांव, शिवम सिटी, पिंक सिटी, केंद्रीय विहार, आयुष विहार, भगवती देवी विहार, देवी मंदिर, शौर्य विहार, सरस्वतीपुरम, जानकी विहार, सनसिटी की बिजली दोपहर 12 से 1:30 बजे बाधित होगी।

वैशाख पूर्णिमा का महत्व: बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा और दान का विशेष फल

 बौद्ध धर्म में भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव बुद्ध पूर्णिमा के रूप में बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. यह दिन न सिर्फ उनके जन्म का प्रतीक है, बल्कि ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से भी जुड़ा माना जाता है. इसलिए बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह तिथि अत्यंत पवित्र मानी जाती है. इस दिन लोग भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर मोक्ष और शांति की कामना करते हैं. हिंदू धर्म में इस दिन वैशाख पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. इसलिए, इस दिन स्नान-दान करना भी शुभ माना जाता है. क्योंकि, यह पूर्णिमा हिंदू धर्म में भी बहुत ही खास मानी जाती है. इस शुभ दिन गौतम बुद्ध के साथ श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा-उपासना करना भी शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं कि बुद्ध पूर्णिमा  की क्या तिथि रहेगी और क्या स्नान-दान का मुहूर्त रहेगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल को रात 9 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 1 मई को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा. इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 6 बजकर 52 मिनट पर होगा. बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इस दौरान किया गया स्नान-दान शास्त्रों में बहुत ही शक्तिशाली बताया गया है और इसके बाद किया गया स्नान राक्षस स्नान कहलाता है. इसलिए, कोशिश करें कि इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में ही स्नान करें. बुद्ध पूर्णिमा ऐसे करें पूजन बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है. भगवान बुद्ध को खीर का भोग अर्पित किया जाता है. इसके बाद प्रसाद को लोगों में बांटना शुभ माना जाता है. ध्यान, शांति और सेवा भाव पर विशेष जोर दिया जाता है. बुद्ध पूर्णिमा का महत्व मान्यता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध को बोधि प्राप्त हुआ था, इसलिए इसे उनका 'आध्यात्मिक पुनर्जन्म' भी कहा जाता है. इस दिन स्नान, दान और ध्यान करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और पापों से मुक्ति मिलती है. बुद्ध पूर्णिमा की कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान बुद्ध का जन्म सिद्धार्थ के रूप में एक राजघराने में हुआ था. राजसी जीवन त्यागकर उन्होंने सत्य की खोज के लिए कठिन तपस्या की. वर्षों की साधना के बाद वैशाख पूर्णिमा के दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे “बुद्ध” कहलाए. क्या दान करना चाहिए? इस दिन जरूरतमंदों को दान करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है. – चावल, दाल, आटा, नमक – सब्जियां और भोजन सामग्री – वस्त्र या जरूरत की चीजें अगर संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान कर पूजा करने के बाद दान करना और भी फलदायी माना जाता है.

विपरीत राजयोग से मिथुन, तुला और धनु राशि को अचानक लाभ के संकेत

 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ता है. इस समय शुक्र ग्रह वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं और 14 मई 2026 तक इसी राशि में रहेंगे. शुक्र के इस गोचर से वृषभ राशि में खास व दुर्लभ संयोग बना हुआ है, जिसे विपरीत राजयोग कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में विपरीत राजयोग बहुत ही अद्भुत, लाभकारी और शुभ योग माना जाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, यह योग कुछ राशियों के लिए अचानक लाभ और तरक्की के मौके लेकर आ सकता है. खासतौर पर 3 राशियों के लिए यह समय भाग्य बदलने जैसा साबित हो सकता है. आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में. मिथुन राशि इस समय मिथुन राशि वालों को धन से जुड़े अच्छे व बड़े अवसर प्राप्त हो सकते हैं. अचानक आर्थिक लाभ होने के योग हैं. जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं. विदेश से जुड़े काम भी पूरे हो सकते हैं. हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. तुला राशि तुला राशि वालों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है. लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. नौकरी में प्रमोशन या कारोबार में बढ़ोतरी के शुभ योग बन रहे हैं. परिवार में चल रहे मतभेद खत्म हो सकते हैं, जिससे माहौल बेहतर होगा. इस दौरान आपकी पर्सनैलिटी भी सकारात्मक चेंज आएगा. लेकिन सेहत का ध्यान जरूर रखें. धनु राशि यह समय आपके लिए नए अवसर लेकर आ सकता है. नौकरी और बिजनेस में तरक्की के योग बन रहे हैं. आप मुश्किल परिस्थितियों में भी फायदा निकाल सकते हैं. विदेश से लाभ मिलने की संभावना है. समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है. हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना जरूरी है. शुक्र को मजबूत करने के उपाय अगर आपकी कुंडली में शुक्र कमजोर है, तो इस समय कुछ आसान उपाय करके इसे मजबूत किया जा सकता है. रोजाना 'ऊं शुं शुक्राय नमः' या 'ऊं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' का जाप करें. शुक्रवार के दिन श्री सूक्तम स्तोत्र का पाठ करें. भगवान विष्णु का ध्यान और पूजा करना भी लाभकारी माना जाता है.

बागपत का दिल दहला देने वाला हादस,सोहित चौहान की मौत, भाई बना पुलिस अफसर

बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी. बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया. सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया. जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया. सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया. इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए. सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद रखेगा.

कक्षा 5वीं और 8वीं की पुन:परीक्षा 1 जून से, अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित

कक्षा 5वीं, 8वीं की पुन:परीक्षा 1 जून से, परीक्षा से पूर्व अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी सुनिश्चित राज्य शिक्षा केन्द्र ने परीक्षा को लेकर जारी की समय सारिणी, सत्र 2025-26 की मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण/अनुपस्थित विद्यार्थी होंगे शामिल परीक्षा से पूर्व अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी सुनिश्चित भोपाल शिक्षण सत्र 2025-26 की मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण/अनुपस्थित कक्षा 5वीं एवं 8वीं के विद्यार्थियों के लिए पुन: परीक्षा होगी। यह परीक्षा 1 से 6 जून 2026 के बीच होगी। इसमें प्रदेश के समस्त शासकीय, मान्यता प्राप्त अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं और पंजीकृत मदरसों में अध्ययनरत कक्षा 5वीं व 8वीं के विद्यार्थी शामिल होंगे। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे प्रवेश पत्र कक्षा 5वीं एवं 8वीं की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र राज्य शिक्षा केन्द्र के परीक्षा पोर्टल www.rskmp.in के माध्यम से डाउनलोड कर सकेंगे। पुन: परीक्षा के लिए शाला प्रमुख/जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी/बी.आर.सी.सी., डी.पी.सी. के लॉगिन अंतर्गत परीक्षा पोर्टल से परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सुविधा रहेगी। सभी बी.आर.सी.सी. को निर्देशित किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके ब्लॉक के सभी विद्यार्थियों को संबंधित शाला के प्रधान पाठक के माध्यम से 25 मई तक प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त हो जाएं। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजन से पूर्व शाला स्तर पर विषयवार अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। परीक्षार्थियों द्वारा पूर्व में प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण नहीं करने अथवा प्रोजेक्ट कार्य में 7 से कम अंक होने की स्थिति में छात्रों से अनुत्तीर्ण अथवा अनुपस्थित रहे विषयों के प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण करवाकर शाला स्तर पर मूल्यांकन किया जाए एवं प्रोजेक्ट के प्राप्तांकों की प्रविष्टि परीक्षा पोर्टल पर कराई जाएगी। जन शिक्षा केन्द्र स्तर पर होंगे परीक्षा केन्द्र कक्षा 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र केवल जनशिक्षा केन्द्र स्तर पर बनाए जाएंगे। अगर किसी जिले में किसी परीक्षा केन्द्र पर 500 से अधिक परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हों तो उस स्थिति में राज्य शिक्षा केन्द्र से अनुमति उपरांत दूसरा परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया जा सकेगा। परीक्षा केन्द्र निर्धारण उपरांत शाला की मैपिंग संबंधित बी.आर.सी.सी. द्वारा 15 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रश्न पत्रों का परीक्षा केन्द्रों पर ही होगा स्थल मुद्रण दोबारा परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों की ऑन स्पॉट प्रिंटिंग निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर ही की जाएगी। परीक्षा पोर्टल से प्रश्नपत्रों को डाउनलोड एवं प्रिंट करने के लिए जिला परियोजना समन्वयक नोडल अधिकारी होंगे। इस सबंध में संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने निर्देशित किया है कि, निर्धारित परीक्षा केन्द्र पर न्यूनतम 2 कम्प्यूटर/लैपटॉप, 2 कार्यशील प्रिंटर, इंटरनेट, पर्याप्त ए-4 साईज पेपर, टोनर की उपलब्धता एवं सुगम विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की परीक्षा में उपस्थिति एवं परीक्षा केन्द्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित शाला प्रमुख/शिक्षक को दी गई है। गर्मी से सुरक्षा के लिए होंगी आवश्यक व्यवस्थाएं राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पिलाये जाने, लू-लपट व डिहाईड्रेशन से सुरक्षित रखने के लिए परीक्षा केन्द्रों में ओरल रिहाईड्रेशन साल्यूशन (ओ.आर.एस.) की उपलब्धता, पंखों की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य संबंधी विषय स्थिति परिलक्षित होने की स्थिति में निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र अथवा अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।  

‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ कहने वाले रिंकू सिंह राही ने चुपचाप लिया यू-टर्न

लखनऊ यूपी कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपना तकनीकी इस्तीफा आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. उन्होंने 26 मार्च 2026 को राष्ट्रपति और डीओपीटी को अपना त्यागपत्र भेजकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था. राजस्व परिषद से अटैच राही ने बिना काम के वेतन लेने को अनैतिक बताते हुए यह कदम उठाया था. इसके साथ ही उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चलने का गंभीर आरोप लगाया था. अब शासन स्तर पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने गोपनीय तरीके से इस्तीफा वापसी की अर्जी दी है. इस्तीफा वापसी की प्रक्रिया रही बेहद गोपनीय रिंकू सिंह राही का इस्तीफा 30 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद यूपी की ब्यूरोक्रेसी में तूफान आ गया था. हालांकि, अब उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया. शासन के सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा वापसी का मामला अभी उच्च स्तर पर लंबित है. सरकार से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद उनकी बहाली और नई तैनाती के संबंध में आदेश जारी किया जाएगा. फिलहाल रिंकू सिंह ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. आखिर क्यों नाराज थे IAS अधिकारी? जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहते हुए वकीलों के साथ हुए विवाद और उठक-बैठक के वीडियो के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था. तब से वे राजस्व परिषद में अटैच थे. राही का तर्क था कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा के लिए कोई सार्थक कार्य नहीं सौंपा गया. उन्होंने 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का सिद्धांत देते हुए कहा था कि एक ईमानदार अधिकारी के लिए बिना काम के पैसे लेना स्वीकार्य नहीं है. समानांतर सिस्टम पर उठाए थे सवाल अपने इस्तीफे वाले पत्र में रिंकू सिंह ने प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखा हमला किया था. उन्होंने लिखा था कि मौजूदा समय में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम काम कर रहा है, जहां अच्छे काम के बावजूद अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है. उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी के पुराने पद पर वापस भेजे जाने की भी मांग की थी.  

दर्दनाक घटना: भिवानी की प्राइवेट बस में भीषण आग, कई घायल

 भिवानी हरियाणा के भिवानी जिले के गांव मिलकपुर में सोमवार को एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. यहां भिवानी से हांसी की ओर जा रही एक प्राइवेट बस अचानक आग का गोला बन गई. इस दर्दनाक हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. अचानक लगी आग के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. यात्रियों की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी. सूचना मिलते ही आनन-फानन में मौके पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंच गई. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, निजी बस भिवानी से सवारियां लेकर हांसी की तरफ जा रही थी. जैसे ही बस मिलकपुर गांव के पास पहुंची, अचानक बस का टायर फट गया. बताया जा रहा है कि टायर का एक नुकीला टुकड़ा बस की तेल की टंकी (फ्यूल टैंक) से जा टकराया, जिससे टंकी फट गई और देखते ही देखते पूरी बस में भीषण आग लग गई. दो की मौत, घायलों का उपचार जारी आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. इस हादसे में दो लोगों की झुलसने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, छह अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से हांसी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान अभी बाकी हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस यात्रियों के सामान और अन्य माध्यमों से उनकी पहचान करने में जुटी है. मौके पर भारी भीड़ जमा है और बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी है.