samacharsecretary.com

भारत में टॉप 5 सुरक्षित 7-सीटर कारों की पूरी लिस्ट

  देश में पिछले कुछ सालों के दौरान 7-सीटर कार सेगमेंट में सबसे ज्यादा तरक्की देखने को मिली है। वहीं, इन कारों में अब सेफ्टी भी काफी बेहतर मिलने लगी है। इस सेगमेंट में सस्ते मॉडल से लेकर कई प्रीमियम मॉडल शामिल हैं। हाल के दिनों में ग्राहकों के बीच एक और ट्रेंड देखने को मिला है। दरअसल, 7-सीटर कारों की बिक्री बढ़ने की वजह यह है कि ये कारें बड़े भारतीय परिवारों के लिए काफी प्रैक्टिकल होती है। वहीं, अब ये अफॉर्डेबल कीमत पर मिल जाती हैं। हम यहां पर ऐसी ही 5 7-सीटर कारों के बारे में बता रहे हैं, जो सेफ्टी के हिसाब से काफी शानदार भी हैं। पसंदीदा मॉडल्स पर सीमित समय की शानदार डील 1. टाटा सफारी पिछले कुछ सालों में टाटा भारत की सबसे पॉपुलर और लीटिंग कार कंपनियों में से एक बन गई है। उनकी गाड़ियों की लाइनअप में कई गाड़ियां शामिल हैं, जिनमें ज्यादातर SUV हैं। उनकी मौजूदा फ्लैगशिप गाड़ी सफारी है। यह एक 7-सीटर SUV है, जो अपने लुक्स और फीचर्स की वजह से ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है। भारत NCAP क्रैश टेस्ट इसे 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में इसे 32 में से 30.08 पॉइंट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 49 में से 44.54 पॉइंट मिले। सफारी दो इंजन ऑप्शन में उपलब्ध है। इसमें 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन, जो 170 PS की पावर और 280 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं, 2.0-लीटर टर्बो डीजल इंजन, जो 170 PS की पावर और 350 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। पेट्रोल और डीजल, दोनों ही वर्जन मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऑप्शन के साथ उपलब्ध हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 13.29 लाख रुपए है। 2. टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस टोयोटा ने भी भारत की सबसे सुरक्षित 7-सीटर कारों की लिस्ट में अपनी जगह बना ली है। कंपनी इनोवा हाईक्रॉस को पेट्रोल और 'स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड' दोनों ही वर्जन में पेश करती है। इनोवा और इनोवा क्रिस्टा के बाद, यह देश की सबसे पॉपुलर MPV में से एक है। उम्मीद है कि अगले साल इनोवा हाईक्रॉस, क्रिस्टा की जगह पूरी तरह से ले लेगी। इसके अलावा, टोयोटा फ्लीट मार्केट के लिए इनोवा हाईक्रॉस का एक और भी ज्यादा अफॉर्डेबल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन लाने की योजना भी बना रही है। इनोवा हाईक्रॉस की शुरुआती एक्स-शोरूम 18.70 लाख रुपए है। सेफ्टी के लिए इसे भी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली। एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में इसे 32 में से 30.47 पॉइंट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 49 में से 45 पॉइंट मिले। 3. मारुति सुजुकी इनविक्टो मारुति इनविक्टो असल में इनोवा हाईक्रॉस का ही एक रीबैज्ड वर्जन है। यह थोड़ी ज्यादा अफॉर्डेबल है क्योंकि मारुति इसमें हाईक्रॉस में मिलने वाले सभी फीचर्स नहीं देती है। इनविक्टो की एक्स-शोरूम कीमत 24.97 लाख रुपए से शरू होती है। हाईक्रॉस की तरह ही, इनविक्टो को भी भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली। एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में इसे 32 में से 30.43 पॉइंट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 49 में से 45 पॉइंट मिले। 4. महिंद्रा स्कॉर्पियो N महिंद्रा अपनी मजबूत SUVs के लिए जानी जाती है और स्कॉर्पियो N भी इससे अलग नहीं है। यह एक लैडर-फ्रेम SUV है जो काफी हद तक ऑफ-रोडिंग कर सकती है और सड़क पर भी अच्छा परफॉर्म करती है। यह पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शन में उपलब्ध है। सिर्फ कुछ चुनिंदा डीजल वैरिएंट में ही 4×4 मिलता है। महिंद्रा स्कॉर्पियो N के फेसलिफ्ट पर भी काम कर रही है और इसे टेस्टिंग के दौरान देखा भी गया है। स्कॉर्पियो N की शुरुआती कीमत 13.49 लाख रुपए से शुरू होती है। ये 7-सीटर SUV भी एक मजबूत गाड़ी है। इसे ग्लोबल NCAP में 5-स्टार रेटिंग मिली है। इसे एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 34 में से 29.25 पॉइंट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 49 में से 28.93 पॉइंट मिले। 5 महिंद्रा XUV 7XO महिंद्रा की XUV 7XO भी देश की सबसे सुरक्षित 7-सीटर मानी जाती है। हालांकि, 7XO के लिए कोई ऑफिशियल क्रैश टेस्ट स्कोर उपलब्ध नहीं है, क्योंकि अभी तक इसका टेस्ट नहीं किया गया है। यह असल में XUV700 का ही एक अपडेटेड वर्जन है, जिसका टेस्ट ग्लोबल NCAP ने पहले किया था। दोनों गाड़ियां मैकेनिकल और बनावट के हिसाब से एक जैसी हैं। इनमें मुख्य अंतर सिर्फ कॉस्मेटिक अपडेट और कुछ एक्स्ट्रा फीचर्स का है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 13.66 लाख रुपए से शुरू है। बता दें कि ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में महिंद्रा XUV700 को एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 17 में से 16.03 पॉइंट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 49 में से 41.66 पॉइंट मिले।

पलामू प्रमंडल में हड़कंप,झारखंड पुलिस ने जमीन माफियाओं के खिलाफ कसी कमर

गढ़वा गढ़वा समेत पूरे पलामू प्रमंडल में जमीन के काले कारोबार के जरिए खूनी खेल खेलने वाले माफियाओं और सफेदपोशों की अब खैर नहीं. पलामू प्रमंडल के डीआईजी किशोर कौशल ने भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ‘मिशन मोड’ ऑपरेशन का बिगुल फूंक दिया है. डीआईजी ने प्रमंडल के तीनों जिलों गढ़वा, पलामू और लातेहार के पुलिस कप्तानों को एक सप्ताह के भीतर सक्रिय भू-माफियाओं की रिपोर्ट सौंपने को कहा है. सिंडिकेट के मास्टरमाइंड पर होगी सीधी कार्रवाई मिली जानकारी के अनुसार, इस निर्देश के मिलते ही गढ़वा पुलिस ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है. पुलिस अब केवल छोटे दलालों को नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे से सिंडिकेट चलाने वाले ‘मास्टरमाइंड’ को सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी में है.  पलामू प्रमंडल में जमीन माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी. डीआईजी ने गढ़वा, पलामू और लातेहार पुलिस से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है. बड़े आरोपियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे बढ़ती घटनाओं ने बढ़ाई पुलिस की चिंता हाल के दिनों में गढ़वा जिले में जमीन विवाद के कारण फायरिंग और हत्या जैसी घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है. जांच में सामने आया है कि कई रसूखदार लोग अपराधियों को फंडिंग कर रहे हैं. पुलिस अब इनके मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही है. पुलिस की रणनीति इस बार माफियाओं को भागने का मौका नहीं देने की है. कहा गया कि तीनों जिलों की पुलिस संयुक्त समन्वय के साथ छापेमारी करेगी. सूची फाइनल होते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी. तीन श्रेणियों में बंटेंगे माफिया पुलिस की ओर से तैयार की जा रही लिस्ट में माफियाओं को उनके अपराध की गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों (ए, बी और सी) में बांटा जा रहा है. श्रेणी-ए (हाई रिस्क):- वैसे बड़े खिलाड़ी जिनका सीधा कनेक्शन संगठित आपराधिक गिरोहों से है. श्रेणी-बी (मिड लेवल):- सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले और बिचौलिये. श्रेणी-सी (एजेंट): -जमीन चिह्नित करने वाले छोटे मददगार. इन पर पुलिस की पैनी नजर फर्जी खतियान और डीड बनाकर सरकारी या निजी जमीन हड़पने वाले. जमीन विवाद को जानबूझकर खूनी संघर्ष में तब्दील करने वाले तत्व. जमीन के धंधे में अपराधियों को पैसा लगाने वाले पर्दे के पीछे के फाइनेंसर. क्या कहते हैं डीआईजी? पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी, किशोर कौशल ने कहा कि प्रमंडल के तीनों जिलों से एक सप्ताह के भीतर सूची मांगी गई है. रिपोर्ट मिलते ही चिह्नित माफियाओं के विरुद्ध सीसीए और गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी. जमीन विवाद के नाम पर रंगदारी और हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी. 

वड़ा पाव गर्ल चंद्रिका दीक्षित का पति युगम गेरा संग पैचअप

'वड़ा पाव गर्ल' के नाम से मशहूर चंद्रिका दीक्षित का पति युगम गेरा संग पैचअप हो गया है. दोनों अपने रिश्ते में आई दूरियों को मिटाकर फिर से एक हो गए हैं. कुछ दिनों पहले तक चंद्रिका जहां पति पर धोखा देने का आरोप लगा रही थीं, वो अब पति संग रोमांटिक होती हुई नजर आईं. पति संग चंद्रिका का बेडरूम रोमांस चंद्रिका ने पति युगम संग एक रोमांटिक बेडरूम वीडियो शेयर किया है. युगम चंद्रिका की मांग में सिंदूर भरते हुए दिखाई दे रहे हैं. वो चंद्रिका को कीमती तोहफा भी देते दिखे. युगम ने चंद्रिका को प्यार से माथे पर KISS भी किया. फिर दोनों एक दूसरे को प्यार से गले लगाते नजर आए. चंद्रिका और युगम ने अपने रोमांटिक वीडियो के कैप्शन में लिखा- हम बस तेरे हैं. इसके साथ उन्होंने हार्ट और ईविल आई इमोजी भी बनाई. पति संग अनबन भूलीं चंद्रिका चंद्रिका और युगम को रोमांस करता देखकर फैंस का सिर चकारने लगा है, क्योंकि कुछ वक्त पहले तक चंद्रिका रो-रोकर पति के धोखा देने के दावे कर रही थीं. चंद्रिका ने कहा था कि उनके पति का 2 लड़कियों के साथ अफेयर चल रहा है. अब वो पति संग रोमांस कर रही हैं. ट्रोल हो रहीं चंद्रिका चंद्रिका को पति संग रोमांटिक होता देखकर लोग दोनों को ही खरी-खोटी सुना रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- भाई कोई बताएगा ये सब क्या हो रहा है. दूसरे ने लिख- इतना ड्रामा क्यों करती हो? चंद्रिका को कोई ड्रामेबाज बता रहा है तो किसी का कहना है कि वो सबकुछ पब्लिसिटी के लिए करती हैं. बता दें कि पति संग अनबन के बाद चंद्रिका मुस्लिम मिस्ट्री मैन सैफ संग रोमांस फरमाती नजर आ रही थीं. वो सैफी संग कई रोमांटिक वीडियो शेयर करती थीं, जिसपर उन्हें काफी ट्रोलिंग भी झेलनी पड़ी. लेकिन पति संग पैचअप होने के बाद उन्होंने सैफी संग वीडियो बनाने पर माफी मांगी थी. चंद्रिका अब पति संग खुशी-खुशी रह रही हैं.

शरीर के वजन के अनुसार दैनिक जल आवश्यकता कैसे निर्धारित करें

देश में गर्मी ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है और कई हिस्सों में तापमान मई शुरू होने से पहले ही 40-42 डिग्री के करीब पहुंच चुका है. ऐसे में गर्मी का दौर शुरू होते ही सबसे पहली सलाह यही मिल रही है कि खूब पानी पियो. लेकिन खूब पानी का मतलब क्या है? वैसे हम सालों से सुनते आ रहे हैं कि दिन में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए लेकिन मॉडर्न साइंस इस नियम से अलग बताता है. असल में पानी की जरूरत हर इंसान की बॉडी, एक्टिविटी और उसके वजन आदि के हिसाब से अलग-अलग होती है. यदि आप जरूरत से कम पानी पीते हैं तो थकान और सिरदर्द होगा और अगर बिना सोचे-समझे बहुत ज्यादा पी लेते हैं तो यह किडनी पर बोझ डाल सकता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि किसे कितना पानी पीना चाहिए? आज हम आपको कितना पानी पीना चाहिए, इस बारे में एक नया फॉर्मूला बताएंगे जो आपके वजन से कैलकुलेट होता है. वजन के हिसाब से कैसे तय करें पानी की मात्रा? यूनिवर्सिटी ऑफ मिसूरी की रिपोर्ट के मुताबिक, हाइड्रेशन के लिए कोई 'वन साइज फिट्स ऑल' नियम नहीं होता और यह पूरी तरह आपके बॉडी मास पर निर्भर करता है. रिसर्च एक बेहद सरल फॉर्मूला बताती हैं जिससे आप घर बैठे जान सकते हैं कि आपके शरीर को कितने लीटर पानी की जरूरत है. अपना वजन (किलोग्राम में) ÷ 30 = कुल लीटर. उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 60 किलो है, तो उसे 30 से भाग देने पर 2 आता है. यानी आपको दिन भर में कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिए. वहीं अगर किसी का वजन 90 किलो है, तो उसे कम से कम 3 लीटर पानी की जरूरत होगी. गर्मी में बढ़ जाती है पानी की जरूरत मायो क्लिनिक के मुताबिक, यह फॉर्मूला एक बेसलाइन यानी बुनियादी जरूरत बताता है. लेकिन जब पारा 40 डिग्री के पार हो, तो गणित थोड़ा बदल जाता है. मेयो क्लिनिक की रिसर्च के अनुसार, अगर आप धूप में बाहर निकलते हैं या एक्सरसाइज करते हैं, तो पसीने के जरिए निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए आपको हर आधे घंटे की एक्टिविटी पर करीब 350 मिली एक्स्ट्रा पानी पीना चाहिए. साथ ही यदि आप कैफीन (चाय-कॉफी) ज्यादा लेते हैं तो आपको और भी ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट करता है. सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें अक्सर लोग तब पानी पीते हैं जब गला सूखने लगता है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे एक 'चेतावनी' मानते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) की एक स्टडी बताती है कि प्यास लगना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर पहले ही 1-2 प्रतिशत डिहाइड्रेट हो चुका है. इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप थोड़े-थोड़े समय पर पानी पीते रहें. सही हाइड्रेशन न केवल आपकी एनर्जी लेवल को बनाए रखता है, बल्कि यह वजन घटाने और स्किन को ग्लोइंग बनाने में भी मददगार साबित होता है.

विनेश फोगाट vs WFI: नेशनल ओपन रजिस्ट्रेशन विवाद पर गरमाई सियासत

नई दिल्ली रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने स्टार पहलवान विनेश फोगाट के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि WFI उन्हें अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में खेलने से रोक रहा है। संजय सिंह ने कहा कि विनेश का रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है और सवाल उठाया कि वह बेवजह मुद्दा क्यों बना रही हैं। Vinesh Phogat के आरोपों को WFI चीफ ने किया खारिज दरअसल, पेरिस ओलंपिक 2024 में 50 किग्रा कुश्ती वर्ग के गोल्ड पदक मैच से पहले विनोश फोगाट को अयोग्य घोषित किया गया था, क्योंकि फाइनल मैच की सुबह उनका वजह सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया था। एक दिन पहले वो वजन सीमा के भीतर थी, लेकिन दूसरे दिन 100 ग्राम वजन में बढ़ोत्तरी के चलते उन्हें अयोग्य घोषित किया गया। दिल तोड़ देने वाली इस घटना के बाद भारतीय पहलवान विनेश ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी, लेकिन पिछले दिसंबर में उन्होंने अपने रिटायरमेंट से यू-टर्न लिया और कुश्ती में वापसी का एलान किया। इसके बाद विनेश ने ये खुलासा किया कि वह अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की प्लानिंग कर रही थीं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकीं। उन्होंने WFI अधिकारियों से इसको लेकर संपर्क किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाह नहीं मिला। उन्होंने संघ पर उनकी कुश्ती में वापसी जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है, जिसे WFI के चीफ संजय सिंह ने खारिज कर दिया।   इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए विनेश ने कहा, "मैं नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में वापसी करने की उम्मीद कर रही हूं। इसके लिए पंजीकरण 30 अप्रैल तक खुला था। हालाँकि, जब मैंने पंजीकरण करने की कोशिश की, तो पोर्टल पर लिखा आ रहा था कि ये अब बंद हो चुका है। मैं महासंघ के प्रशासनिक कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन उन्होंने मेरे कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया है।" विनेश ने कहा कि उन्हें फेडरेशन कप में भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था, उन्होंने आगे कहा कि चयन मानदंड आखिरी मिनट में बदल दिए गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि WFI जानबूझकर उन्हें वापसी करने से रोक रहा है।   विनेश के दावों पर WFI चीफ का बयान इस कड़ी में WFI के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बाकी पहलवानों ने भी इसी तरह की समस्याओं का सामना किया था और उनका समाधान तुरंत कर दिया गया था। सिंह ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत करते हुए कहा, "विनेश फोगट का रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है। वह बेवजह हंगामा क्यों कर रही है? हमने किसी भी पहलवान को भाग लेने से नहीं रोका है, उन सभी का स्वागत है। मीडिया से बात करने के बजाय, उसे कुश्ती पर ध्यान देना चाहिए। अब तक, 800 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, और किसी ने भी किसी समस्या की रिपोर्ट नहीं की है।

झारखंड के 14 कोषागारों में फर्जी निकासी, 200 से ज्यादा कर्मचारी जांच के घेरे में

 रांची  झारखंड में वेतन निकासी के नाम पर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट में राज्य के 33 में से 14 कोषागारों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई है. जांच में पुष्टि हुई है कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों ने सिस्टम की तकनीकी खामियों का सहारा लेकर एक ही महीने में दो-दो बार वेतन और एरियर की निकासी की. इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को कुल 31.47 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें से केवल दोहरा वेतन भुगतान ही 7.67 करोड़ रुपये का है. डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल घोटाले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें कानून के रखवाले ही आरोपी पाए गए हैं. महालेखाकार द्वारा जारी सूची में डीएसपी स्तर के अधिकारी- नौशाद आलम, राजेश यादव, मणिभूषण प्रसाद और मुकेश कुमार महतो के नाम शामिल हैं. इन अधिकारियों ने अपनी विभिन्न पदस्थापनाओं के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से दोहरा वेतन और एरियर उठाया है. इनके अलावा बड़ी संख्या में सिपाही, सहायक शिक्षक और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं. इन 14 जिलों के कोषागारों में हुई गड़बड़ी महालेखाकार ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर जिन 14 कोषागारों में फर्जी निकासी की पुष्टि की है, उनमें हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, तेनुघाट, गुमला, चाईबासा, महेशपुर, खूंटी, सरायकेला और रामगढ़ शामिल हैं. ऑडिट के अनुसार, कुल 614 कर्मचारियों ने इस पूरे खेल को अंजाम दिया है. सिपाही से लेकर शिक्षक तक ने की लूट जांच रिपोर्ट में सिपाही बिरसा राकेश कुमार चौधरी, अशोक संजय, चंदन कुमार तिवारी, अरविंद यादव, शंकर राम और सुरेंद्र राम के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं. इन्होंने तकनीकी लूपहोल का फायदा उठाकर दोहरा भुगतान प्राप्त किया. महालेखाकार ने इस मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और राशि की वसूली की सिफारिश की है.

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक परीक्षा स्थगित

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की तिथि बढ़ा दी है। आयोग ने इसके पीछे तकनीकी कारण बताया है। पहले यह परीक्षा पांच मई से सात मई तक आयोजित होनेवाली थी, लेकिन अब यह 20 मई से 23 मई तक रांची स्थित केंद्रों पर सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी। आयोग ने सोमवार को इसकी सूचना जारी करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दी जाने वाली परीक्षा की तिथि की सूचना शीघ्र ही उनके पंजीकृत मोबाइल में एसएमएस तथा ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट देखने के भी निर्देश दिए हैं। अगले माह जारी होगा एएनएम नियुक्ति परीक्षा का परिणाम झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड एएनएम नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम माॅडल उत्तर जारी कर दिया है। अभ्यर्थी इसे एक मई मध्यरात्रि तक इसे आयोग की वेबसाइट पर जारी लिंक के माध्यम से देख सकते हैं। आयोग मई माह में इस परीक्षा का परिणाम जारी करेगा। इससे पहले आयोग ने परीक्षा का औपबंधिक माडल उत्तर जारी करते हुए उसपर एक से सात अप्रैल तक आपत्तियां मांगी थी। प्राप्त आपत्तियों की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा के बाद आयोग ने अंतिम माडल उत्तर जारी किया। यह परीक्षा 18 एवं 19 मार्च को हुई थी।

नवजोत कौर सिद्धू का दावा: प्रियंका चोपड़ा कनेक्शन की चर्चा

इन दिनों संसद से लेकर सड़क तक राघर चड्ढा के नाम का शोर है. राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. राघव चड्ढा का ये फैसला कई लोगों के लिए शॉकिंग है. कई लोग उनके इस फैसले से खुश हैं. कुछ आहात नजर आ रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने राघव के बीजेपी जॉइन करने पर बड़ा खुलासा किया है. राघव पर बड़ा खुलासा है नवजोत कौर सिद्धू ने टॉप सीक्रेट के पॉडकास्ट में राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि प्रियंका चोपड़ा की वजह से राघव बीजेपी में शामिल हुए. वो बताती हैं कि प्रियंका चोपड़ा को पता लग गया था कि ये (आम आदमी पार्टी) लोग राघव के पीछे पड़ गए हैं. अब राघव पर ईडी होगी. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि प्रियंका चोपड़ा ने राघव चड्ढा को अपनी बहन परिणीति चोपड़ा के कारण बचाया है. नवजोत सिंह सिद्धू की वाइफ ने ये भी कहा कि उन्हें पहले से पता लग गया था कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से निकलने वाले हैं. पार्टी को लगने लगा था कि राघव हमारे लिए नहीं बोल रहा है. इसके बाद वो लड़ाई में पड़ गए. मैं बता दूं कि हर खामोश बंदा पार्टी होता है. राघव चड्ढा आज जो चार साल के बाद बोल रहे हैं. उन्हें डेढ़ साल बाद ही बोलना चाहिए था. अगर कुछ गलत लग रहा है, तभी बोलना चाहिए. नाराज हुए जेन-जी और सेलेब्स राघव चड्ढा का बीजेपी जॉइन करना कई लोगों को अखरा रहा है. बीजेपी जॉइन करने के एक दिन बाद राघव चड्ढा के दो मिलियन से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कम हो गए हैं. कुनिका सदनंद और प्रकाश राज जैसे सेलेब्स ने राघव चड्ढा के फैसले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. नवजोत कौर सिद्धू ने राघव चड्ढा को लेकर जो भी दावा किया है. इस पर अब तक प्रियंका चोपड़ा, परिणीति चोपड़ा या राघव चड्ढा में से किसी ने भी रिएक्ट नहीं किया है. पर हां इतना जरूर कह सकते हैं कि राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद राजनीति में पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है.

घर पर बनाएं कोरियन स्टाइल राइस जेल, पाएं नेचुरल ग्लो

गर्मी बढ़ रही है और इसका सीधा असर हमारी स्किन पर भी पड़ता है. एक समय के बाद अपनी स्किन का खास ध्यान रखना होता है,  वरना कम उम्र में ही स्किन लटक जाती है और चेहरे पर झुर्रियां पड़नी शुरू हो जाती है. अगर स्किन का खोया हुआ निखार  वापस पाना चाहते हैं तो यह कोरियन स्किन सीक्रेट आपके काम आ सकता है. कोरियन लोगों की स्किन हर कोई चाहता है और वो लोग भी स्किन के लिए सबसे ज्यादा चावल का ही इस्तेमाल करते हैं. अगर आप नेचुरल तरीके से अपनी स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो घर पर बना राइस जेल एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी देते हैं, दाग-धब्बों को हल्का करते हैं और स्किन को सॉफ्ट बनाते हैं. आइए  इसे बनाने और इस्तेमाल करने का आसान तरीका जानते हैं.   इंग्रेडिएंट्स     ½ कप कच्चा सफेद चावल       1 बड़ा चम्मच ताजा एलोवेरा जेल     2 बड़े चम्मच ग्रीन टी (ठंडी)     1 छोटा चम्मच कच्चा शहद     1 विटामिन E कैप्सूल का तेल     ½ छोटा चम्मच ग्लिसरीन     1 बड़ा चम्मच फर्मेंटेड राइस वॉटर     1 बड़ा चम्मच खीरे का रस घर पर राइस जेल बनाने का तरीका     सबसे पहले चावल को दो बार धो लें. फिर दो कप पानी में 15 मिनट तक उबालें, जब तक पानी का कलर दूधिया न हो जाए.     उसके बाद इसे गैस से उतार लें और ठंडा करने के लिए छोड़ दीजिए, ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में डालकर ब्लेंड करें.     मिक्सर में पीसने के बाद पेस्ट को आप मलमल के कपड़े या छलनी से छान लें. फिर मिक्सर को करीब 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दीजिए.     जब यह पेस्ट गाढ़ा हो जाए तब इसमें एलोवेरा जेल, ग्रीन टी, शहद, विटामिन E तेल, ग्लिसरीन, राइस वॉटर और खीरे का रस मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें.     राइस जेल बनकर तैयार हो जाएगा, तो आप उसे साफ कांच के जार में भरें और ऊपर से एयरटाइट बंद कर दें.     आप चाहें तो इसे फ्रिज में भी रख सकते हैं और यह एक हफ्ते तक आसानी से चल जाएगा.       रोजाना राइस जेल का कैसे करें इस्तेमाल     राइस जेल को अपने चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले आप अपने फेस को अच्छी तरह से पानी से धो लें. उसके बाद ही राइस जेल को अपने फेस पर अप्लाई करें.     राइस जेल को आप अपने हल्के हाथों से थपथपाकर लगाएं, ताकि वो स्किन में अच्छी तरह से ब्लेंड हो जाए. उसके कुछ समय बाद आप सनस्क्रीन या नाइट क्रीम लगा सकते हैं.     रात को सोने से ठीक पहले इस जेल को लगाना ज्यादा सही होता है, क्योंकि पूरी रात यह स्किन में गहराई से काम करता है.     वैसे तो आप इसे रोज रात को इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा ड्राई स्किन वाले इसको दो बार लगा सकते हैं.  

लंदन मैराथन 2026: केन्या के सावे बने पहले सब-2 घंटे धावक

नई दिल्‍ली  केन्‍या के सेबास्टियन सावे ने लंदन मैराथन में इतिहास रच दिया। सावे दुनिया के पहले धावक बने, जिन्‍होंने आधिकारिक रेस परिस्थितियों में दो घंटे की बाधा को तोड़ दिया। उन्‍होंने 1:59:30 के समय में मैराथन की दौड़ पूरी करते हुए वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया। सावे से पहले केन्‍या के केल्विन किपटुम के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था, जिन्‍होंने 2023 में शिकागो में 2:30:35 के समय में मैराथन पूरी की थी। सावे कानूनन दो घंटे के अंदर मैराथन की दौड़ पूरी करने वाले पहले धावक बने। उन्‍होंने 2019 में इलियुड किपचोगे के प्रदर्शनी मार्क 1:59:41 को पीछे छोड़ा। केजेलचा और किप्‍लीमो ने ऐतिहासिक रेस में दिया योगदान बता दें कि सेबास्टियन सावे अकेले नहीं, जिन्‍होंने लंदन मैराथन में इतिहास रचा। इथोपिया के योमिफ केजेलचा ने लंदन मैराथन में दूसरा स्‍थान हासिल किया। उन्‍होंने इथोपिया का रिकॉर्ड बनाया और इतिहास में दूसरे सबसे तेज मैराथन दौड़ने वाले धावक बने। योमिफ ने 1:59:41 के समय में दौड़ पूरी की। युगांडा के जैकब किप्‍लीमो तीसरे स्‍थान पर रहे, जिन्‍होंने 2:00:28 के समय में रेस पूरी की। उन्‍होंने लंदन में पिछले वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से पहले रेस पूरी की। यह इतिहास की पहली मैराथन बनी, जिसमें तीन लोगों ने एक के बाद एक पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। पुरुष रेस में गति की गहराई का इससे पता चलता है। अमोस किपरुतु ने निजी सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करते हुए 2:01:39 के समय में मैराथन दौड़ पूरी की और चौथा स्‍थान हासिल किया। ओलंपिक चैंपियन तमिरात टोला 2:02:59 के समय के साथ पांचवें और डेरेसा गेलेटा 2:03:23 के समय के साथ छठे स्‍थान पर रहे। तेज शुरुआत के कारण बना इतिहास धावकों ने मैराथन की शुरुआत में तेज गति अपनाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। सावे, केजेलचा, किप्‍लीमो, टोला, किपरुतु और गेलेटा ने 5 किमी का सफर 14:14 समय में तय किया। यह नियंत्रित गति भी थी, लेकिन संकेत मिल चुके थे कि कुछ विशेष होने वाला है। इन धावकों ने 10 किमी का सफर 28:34 और 15 किमी का सफर 43:10 समय में पूरा किया। मैराथन का आधा हिस्‍सा 1:00:29 के समय में पूरा हुआ। अगले 10 किमी में बढ़त लेने का सिलसिला आगे-पीछे होता रहा, लेकिन जब 30 किमी के पार रेस पहुंची तब गति बनाने का भार एथलीट्स पर दिखने लगा। सावे ने आखिर में लगाया जोर निर्णायक मोड़ 30 किमी और 35 किमी के बीच देखने को मिला, जब सावे ने और केजेलचा ने तेज गति अपनाई और किप्‍लीमो को पीछे छोड़ते हुए 21 सेकंड का अंतर बना दिया। अगले 5 किमी में इन दोनों ने दोबारा गति बढ़ाई और हर कदम के साथ लग रहा था कि मैराथन में अविश्‍वसनीय रिकॉर्ड बनने वाला है। सावे ने जब एक मील की दूरी बची तब केजेलचा को भी पीछे छोड़ दिया और तेजी से अपनी मैराथन दौड़ पूरी करते हुए इतिहास रच दिया। केन्‍याई धावक ने दूसरे हाफ की दौड़ 59:01 के समय में पूरी की और लंदन मैराथन को यादगार बना दिया।