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अंजलि भाभी का गुस्स,फर्जी अकाउंट बनाने वालों को दी सख्त चेतावनी

मशहूर एक्ट्रेस नेहा मेहता को पॉपुलर टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' से घर-घर में पहचान मिली. वो शो में अंजलि भाभी के किरदार में दिखी थीं. इन दिनों एक्ट्रेस टीवी सीरियल 'इत्ती सी खुशी' में दिखाई दे रही हैं. बीते कुछ समय से उनका लुक भी काफी ज्यादा बदल गया है. वहीं, उनके नाम से कई फेक आईडी भी बन गई हैं, जिसपर अब एक्ट्रेस ने रिएक्ट किया है. एक्ट्रेस ने किसे दी वॉर्निंग? एक्ट्रेस नेहा मेहता ने 'बजोका स्पॉटलाइट' संग बातचीत में बताया कि कई लोग उनके नाम से सोशल मीडिया पर फेक आईडी चला रहे हैं. उन्होंने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि उनसे पंगा न लें, वरना वो हालत खराब कर देंगी. दरअसल, एक्ट्रेस से इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि आपको रील पसंद या एल्बम? इसपर उन्होंने कहा- रील तक तो हम पहुंचे ही नहीं हैं. हमारा सोशल मीडिया देख लीजिए. हमसे ज्यादा हमारी फेक आईडी और फैन आईडी… पता नहीं क्या-क्या बनी हुई हैं. वही, लोग हमारे नाम से कमा रहे हैं और मिलियन्स में कमा रहे हैं. लेकिन जिस दिन रेड पड़ेगी ना…इंस्पेक्टर की बेटी हूं, जिस दिन रेड मारूंगी उस दिन सभी का हाल खराब हो जाएगा. बदल गया लुक वहीं, बीते कुछ सालों में एक्ट्रेस का लुक भी काफी ज्यादा बदल गया है. उनका बदला लुक देख फैंस हैरान नजर आ रहे हैं. कई लोग उनके पोस्ट पर कमेंट करके उनके बदले लुक पर भी सवाल कर रहे हैं. नेहा मेहता की बात करें तो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो छोड़ने के बाद उन्होंने इंडस्ट्री से ब्रेक ले लिया था. करीब पांच साल बाद उन्होंने टीवी शो 'इत्ती सी खुशी' से कमबैक किया है. इस शो में उनके किरदार को काफी पसंद किया जा रहा है. उन्हें फैंस को पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है.

गैस प्रभावित क्षेत्र में डेढ़ फीट जमीन धंसी, बीसीसीएल ने शुरू की जांच

 धनबाद झारखंड के धनबाद जिले के केंदुआडीह कोलियरी के गैस प्रभावित क्षेत्र ओल्ड जीएम बंगला के पास धनबाद केंदुआ मुख्य मार्ग पर बुधवार को कई जगह करीब डेढ़ फीट जमीन धंस गई. घटना से गैस प्रभावित क्षेत्र में भू- धसान का खतरा बढ़ गया है. हालांकि इस घटना में जान माल की क्षति नहीं हुई है. सुरक्षा के मद्देनजर रास्ता किया गया डायवर्ट स्थानीय प्रशासन ने मामले को देखते हुए फिलहाल सुरक्षा के लिए दरार क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर आवागमन पुराना थाना के रास्ते डायवर्ट कर दिया है. बीसीसीएल प्रबंधन ने लिया जायजा इधर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बीसीसीएल प्रबंधन भी घटना स्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन मामले की लगातार मॉनिटरिंग करने में जुटी हुई है. सड़क की जमीन धसने वाले जगह को बीसीसीएल ने पहले से ही भू धसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित कर रखा है. सड़क की दरार के जद में कुछ घर भी आ सकते है, जिसका आकलन करने में बीसीसीएल प्रबंधन जुटा हुआ है. जानकारी के अनुसार बीसीसीएल प्रबंधन गैस प्रभावित क्षेत्र में रहनेवाले दर्जनों घरों के परिवारों को शिफ्टिंग कराने को प्रयासरत है. स्थानीय लोगों में आक्रोश स्थानीय लोगो ने सड़क पर पहुंच बीसीसीएल के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर विरोध जता रहे है. स्थानीय लोगों का कहना है बीसीसीएल पिछले चार माह से गैस कि समस्या से लोगो निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों कि टीम के साथ कार्य कर रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाल पाई. ऐसे में समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो  बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है.   अधिकारियों का बयान इधर, पीबी एरिया जीएम जीसी साहा ने कहा कि गैस प्रभावित क्षेत्र में मुख्य मार्ग में सड़क के दोनों ओर दरार के साथ जमीन दब गई है. जमीन के नीचे पुराना गैलरी चला हुआ है, जिसका पिलर भूमिगत आग से ध्वस्त होने के भू धसान का खतरा है. गैलरी के जद में कई घर भी आ सकते है, जिनका आकलन किया जा रहा है. प्रशासन को भी मामले से अवगत करा दिया गया है. फिलहाल सड़क डायवर्ट कर दिया गया है.

ICMR अध्ययन में यूपी को हाई रिस्क जोन घोषित, स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी

 गोरखपुर  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के अध्ययन ने उत्तर प्रदेश में हेपेटाइटिस ए के बढ़ते प्रकोप को लेकर गंभीर चिंता जताई है। देश के 21 राज्यों में कराए गए इस व्यापक सर्वेक्षण में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) गोरखपुर की भी अहम भूमिका रही। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में संक्रमण की दर अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए इस प्रदेश को हाई रिस्क जोन में रखा गया है। यहां 97 प्रतिशत नमूने पाजिटिव पाए गए। देश में संक्रमण दर 90 प्रतिशत पाई गई। सभी 21 राज्यों से 14778 नमूने लिए गए, इनमें से 12236 नमूने पाजिटिव मिले। उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से कुल 1957 लोगों के नमूने एकत्र कर उनकी जांच की गई। इसमें से 1879 अर्थात 97 प्रतिशत नमूने हेपेटाइटिस ए पाजिटिव पाए गए। यह आंकड़ा राज्य में संक्रमण के व्यापक फैलाव की ओर संकेत करता है। इसके विपरीत, अन्य राज्यों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। सबसे कम केरल में 44.8 प्रतिशत और बंगाल में 63.1 प्रतिशत नमूने पाजिटिव मिले। अन्य राज्यों में संक्रमण दर इससे ज्यादा रही। इस महत्वपूर्ण अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। इसे दिसंबर 2025 में लंदन के जर्नल द लांसेंट रिजनल हेल्थ ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट के आधार पर आइसीएमआर ने भारत सरकार को सुझाव दिया है कि हेपेटाइटिस ए के टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में इस बीमारी के प्रकोप को रोका जा सके। विशेषज्ञ इसे नान अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) का बड़ा कारण मान रहे हैं। एनएएफएलडी पर आरएमआरसी की एक टीम लखनऊ के नगराम क्षेत्र में अध्ययन कर रही है। दूसरी टीम लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व महराजगंज के थारू समुदाय में हेपेटाइटिस की जांच कर रही है।

पंजाब किंग्स का अजेय अभियान, मुंबई इंडियंस के लिए जीत जरूरी

नई दिल्ली पिछले कुछ मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा की संभावित गैरमौजूदगी के बावजूद गुरुवार को पंजाब किंग्स से जीतने के लिए जोर लगाएगी। पंजाब की टीम आईपीएल 2026 में अब तक अजेय चल रही है। 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस अभी पॉइंट्स टेबल में नौवें पायदान पर है। पंजाब के खिलाफ मैच में रोहित शर्मा के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ पिछले मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण हिटमैन लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे। मुंबई को अब हर हाल में जीत की दरकार है और ऐसे में यह देखना होगा कि रोहित इस मैच के लिए उपलब्ध रहते हैं या नहीं। वैसे अगर मुंबई को अगर वापसी करनी है तो उसके सभी खिलाड़ियों को अपना योगदान देना होगा। मुंबई ने पिछले 13 सत्र में पहली बार अपना शुरुआती मैच जीता था लेकिन इसके बाद उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। मुंबई इंडियंस का पावरप्ले में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और उसे इस क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। उसने चार मैचों में पहले छह ओवरों के महत्वपूर्ण चरण में केवल तीन विकेट लिए हैं। इसमें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बारिश से प्रभावित मैच भी शामिल है जिसमें पावरप्ले 3.2 ओवर का था। जसप्रीत बुमराह रन रोकने में तो सफल रहे हैं, लेकिन यह स्टार भारतीय तेज गेंदबाज अब तक चार मैचों में विकेट नहीं ले पाया है। ट्रेंट बोल्ट और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी के बावजूद मुंबई इंडियंस के गेंदबाज अभी तक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। यहां तक की बल्लेबाजी में भी मुंबई इंडियंस ने पावरप्ले का पूरा फायदा नहीं उठा पाया है। इससे उसके मध्यक्रम पर दबाव बन रहा है। उसके मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा भी शामिल हैं, जिन्होंने काफी हद तक निराश किया है। भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार ने एक अर्धशतक लगाया है लेकिन तिलक ने अब तक 20, 00, 14 और 01 रन ही बनाए हैं। टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स की अनुपलब्धता मुंबई इंडियंस के लिए एक और समस्या है। मुंबई इंडियंस को लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इसके लिए कुछ खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी जिम्मेदार नहीं है बल्कि टीम का अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाना है। आरसीबी के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने लगातार ऐसी गेंदें फेंकीं जिन्हें बल्लेबाजों ने बाउंड्री के पार पहुंचाया, जबकि उसके बल्लेबाज पावरप्ले में दबाव नहीं बना सके। मुंबई के दोनों स्पिनर मयंक मार्कंडे और मिचेल सैंटनर को हर बार अपनी लेंथ से भटकने के कारण नुकसान उठाना पड़ा। पिछले सत्र की तरह श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स ने एक बार फिर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है और उसे हराना आसान नहीं होगा। पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। इसका एक नमूना सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में देखने को मिला जिसमें उसने पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 93 रन बनाए थे। प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्य की जोड़ी खतरनाक नजर आ रही है, जबकि अय्यर के आत्मविश्वास और कूपर कोनोली के आने से उसकी टीम और भी मजबूत हो गई है। पंजाब किंग्स की गेंदबाजी की बात करें तो उसके मुख्य गेंदबाज अर्शदीप सिंह अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने अब तक खेले गए चार मैचों में 84 गेंदों पर 149 रन लुटाए हैं और केवल दो विकेट ही लिए हैं। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हार्दिक पांड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सैंटनर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडे, मो. इज़हार, रघु शर्मा। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), विष्णु विनोद (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, कूपर कोनोली, मार्को यानसन, मुशीर खान, मिशेल ओवेन, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, बेन द्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विशाल निशाद, विजयकुमार वैशाक, यश ठाकुर। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन, निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध

 धनबाद धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ ने एकदिवसीय धरना दिया। धरना मे झारखंड अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छौ घंटे का उपवास धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ के बैनर तले एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया. इस धरना का मुख्य मुद्दा निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अवैध शुल्क वसूली और न्यायालय तथा न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी था. बड़ी संख्या में अभिभावक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की. महासंघ अध्यक्ष ने रखा छह घंटे का उपवास धरना के दौरान महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छह घंटे का उपवास भी रखा. उन्होंने कहा कि अभिभावकों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उनके उपवास को बाद में झारखंड ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य श्वेता किन्नर ने जूस पिलाकर समाप्त कराया. अवैध शुल्क वसूली पर गंभीर आरोप अभिभावकों का आरोप है कि जिले के अधिकांश निजी विद्यालय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन कर मनमानी फीस वसूल रहे हैं. स्कूल “री-एडमिशन” के नाम पर विभिन्न प्रकार के शुल्क जैसे परीक्षा शुल्क, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क और खेलकूद शुल्क के रूप में भारी रकम वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है. जबरन किताब और सामान खरीदने का दबाव धरना में यह भी आरोप लगाया गया कि कई विद्यालय अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. इतना ही नहीं, जूते, मोजे और अन्य सामग्री भी तय दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जाता है. यह प्रथा न केवल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि नियमों का भी उल्लंघन है. कानूनी प्रावधानों की अनदेखी अभिभावकों ने बताया कि यह सभी गतिविधियां झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम, 2017 के खिलाफ हैं. साथ ही शिकायत वाद संख्या 01/2005, एक्जीक्यूशन केस 1/2005 और शिकायत वाद संख्या 8/2008 में दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें झारखंड अभिभावक महासंघ ने जिला प्रशासन से कई मांगें रखीं. इनमें निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना की जांच, अवैध वसूली पर रोक, किताब-कॉपी और अन्य सामग्री की जबरन खरीद पर प्रतिबंध और दोषी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है. महासंघ का कहना है कि इन मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए. चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी धरना के दौरान महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर जिला प्रशासन अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक कर कोई समाधान नहीं निकालता है, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. सैकड़ों अभिभावकों की रही भागीदारी इस धरना में महासंघ के महासचिव मनोज मिश्रा, वरीय उपाध्यक्ष मुकेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, मीडिया प्रभारी रतिलाल महतो सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों अभिभावक शामिल हुए. सभी ने एकजुट होकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई. इस धरना-प्रदर्शन में दिलीप सिंह, उदय प्रताप सिंह, बॉबी पाण्डेय, पूजा रत्नाकर, पिंकी सिंह, सोहराब खान, जीतेन्द्र अग्रवाल, रवि कुमार, टिंकू सरकार, मिहिर दत्ता, मगधेश कुमार, रविंदरनाथ सोनार, अभिषेक सिंह, भगवान दास शर्मा, तारकेश्वर तिवारी, रोबिन धिवर, श्याम पाण्डेय, मंटू सिंह, गणेश चौरसिया, प्रभात सूरौलिया, अजय वर्मा, शालिनी मिश्रा, प्रवीण गोधा, अविनाश पाण्डेय, कुल्लू चौधरी, प्रेम पाण्डेय, धीरेन्दर ब्रह्मचारी, विनय अग्रवाल, विक्की जायसवाल, श्रीकांत रक्षित, कन्हैया कुमार, सुकुमार कुम्भकार, सचिन ठाकुर, सत्येंदर पाण्डेय, राज गुप्ता,सुरेश यादव आदि भी उपस्थित थे.

नई एनडीए सरकार में बड़ा फैसला: गृह विभाग सीएम सम्राट चौधरी के पास

पटना बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। सीएम सम्राट ने अपने पास 29 विभाग अपने पास रखे हैं। वहीं, जेडीयू के दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के बीच 18 विभाग बांटे हैं। विजय को 10, तो बिजेंद्र को 8 विभागों की जिम्मेदारी मिली है। गृह विभाग सीएम ने अपने पास ही रखा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद एनडीए की नई सरकार का गठन बुधवार को हुआ। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री और जेडीयू के विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। फिलहाल इन्हीं तीनों नेताओं के बीच विभागों का बंटवारा किया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, इसके बाद नए सिरे से विभागों का बंटवारा होगा। मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच फिलहाल विभागों का बंटवारा अस्थायी तौर पर किया गया है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ दिनों का समय लग सकता है। तब तक सम्राट, विजय एवं बिजेंद्र ही व्यवस्था संभालेंगे। इस तरह हुआ विभागों का बंटवारा सीएम सम्राट ने अपने पास जो विभाग रखे हैं, उनमें अधिकतर वही हैं, जो पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के मंत्रियों के पास थे। इसके साथ ही, लोजपा-आर, हम और रालोमो के पास जो विभाग थे वो भी सीएम ने अपने पास रखे हैं। वहीं, नीतीश सरकार के दौरान जो विभाग जेडीयू के मंत्रियों के पास थे, उनका बंटवारा दोनों नए डिप्टी सीएम के बीच किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास ये विभाग-     सामान्य प्रशासन     गृह     मंत्रिमंडल सचिवालय     निगरानी     निर्वाचन     राजस्व एवं भूमि सुधार     खान एवं भू-तत्व     नगर विकास एवं आवास     स्वास्थ्य     विधि     उद्योग     पथ निर्माण     कृषि     लघु जल संसाधन     श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण     युवा, रोजगार एवं कौशल विकास     पर्यटन     कला एवं संस्कृति     डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन     आपदा प्रबंधन     पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण     अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण     सूचना प्रावैधिकी     खेल     सहकारिता     पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन     गन्ना उद्योग     लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण     पंचायती राज     (ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं) डिप्टी सीएम विजय चौधरी को मिले ये विभाग-     जल संसाधन     संसदीय कार्य     सूचना एवं जनसंपर्क     भवन निर्माण     अल्पसंख्यक कल्याण     शिक्षा     विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा     ग्रामीण विकास     परिवहन     उच्च शिक्षा डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को इन विभागों की जिम्मेदारी-     ऊर्जा     योजना एवं विकास     मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन     वित्त     वाणिज्य-कर     समाज कल्याण     खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण     ग्रामीण कार्य

धर्म परिवर्तन से जनसेवा तक, साध्वी बउक दास की प्रेरक कहानी

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज से श्रद्धा, संघर्ष और जनसेवा की एक अनोखी कहानी सामने आई है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और समर्पण की मिसाल बन गई है। कभी मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून आज बउक दास के नाम से जानी जाती हैं। उनका जीवन धर्म परिवर्तन, निजी संघर्ष और समाजसेवा की ऐसी यात्रा है, जिसने उन्हें क्षेत्र में एक साध्वी और जननेता के रूप में पहचान दिलाई है। आसमा खातून से बउक दास बनने की यात्रा पंचदेवरी प्रखंड के डेरवा गांव के एक मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून का बचपन मदरसे और नमाज के बीच बीता। लेकिन बचपन से ही उन्हें मंदिर की घंटियों की आवाज आकर्षित करती थी। परिवार और धर्मगुरुओं के विरोध के बावजूद उनका झुकाव सनातन धर्म की ओर बढ़ता गया। करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर घर छोड़ दिया। बाद में उनकी मुलाकात फुलवरिया प्रखंड के मदरवानी गांव निवासी रामाकांत यादव से हुई, जिनसे प्रेम विवाह के बाद वे रामांती बन गईं। लेकिन यह सुखद समय अधिक लंबा नहीं रहा। रामाकांत की जेल में मृत्यु हो गई और परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद रामांती ने अकेले ही पति का अंतिम संस्कार किया और झरही नदी के किनारे जंगल में जीवन शुरू कर दिया। इसी एकांत और भक्ति के कारण लोगों ने उन्हें बउक दास नाम दिया। जनसेवा के लिए किया अन्न का त्याग बउक दास केवल साध्वी नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली सामाजिक योद्धा भी हैं। करीब दो दशक पहले इलाके में आवागमन के लिए सिर्फ चचरी पुल था। लोगों की परेशानी देखकर उन्होंने झरही नदी में मचान बनाकर एक साल तक जल सत्याग्रह किया। उनके आंदोलन के बाद सरकार ने पुल का निर्माण कराया। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। पुल बन गया, लेकिन संपर्क मार्ग कच्चा रह गया, जिससे बारिश में लोगों को भारी परेशानी होती थी। इसके विरोध में उन्होंने छह साल तक अन्न का त्याग कर दिया। उनकी शर्त थी कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। लंबे उपवास से उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाद में सामाजिक लोगों की मदद से एक साल पहले गड्ढों में मिट्टी भरवाई गई, जिसके बाद उन्होंने फिर से अन्न ग्रहण किया। पशु-पक्षियों से गहरा लगाव, बना ‘भाव आश्रम’ बउक दास ने जिस जंगल को साफ कर अपनी कुटिया बनाई, वहां अब एक शिव मंदिर और भाव आश्रम स्थापित है। उनकी आध्यात्मिकता का आलम यह है कि उनकी आवाज पर कौओं और अन्य पक्षियों का झुंड उनके पास आ जाता है। वे रोज अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाती हैं। स्थानीय लोग उन्हें सिद्ध संत मानते हैं और उनके अनुयायी बन चुके हैं। बउक दास का बयान उन्होंने कहा, “मेरा जन्म ईश्वर की भक्ति के लिए हुआ था। भले ही मैं मुस्लिम परिवार में पैदा हुई, लेकिन मेरी आत्मा हमेशा सनातन की ओर रही। अब मेरा जीवन समाज और महादेव के चरणों में समर्पित है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि एक महिला जिसने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में लगा दिया है, आज भी अपने स्वास्थ्य और मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बउक दास की सेहत और उनकी जायज मांगों पर तुरंत ध्यान दिया जाए।  

यूट्यूब ला रहा है Auto Speed और On-the-go फीचर, वीडियो देखने का तरीका बदलेगा

यूट्यूब अपने प्रीमियम यूज़र्स के लिए एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए-नए प्रयोग करता रहता है और नए फीचर्स को पेश करता रहता है. इस बार यूट्यूब दो नए फीचर्स को टेस्ट कर रहा है, जिसका नाम "Auto Speed" और "On-the-go" को टेस्ट करना शुरू किया है, जो खासतौर पर मोबाइल यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. फिलहाल, ये दोनों फीचर्स एंड्रॉयड ऐप में एक्सपेरिमेंटल रूप में उपलब्ध हैं और यूज़र्स को इन फीचर्स को मैनुअली ऑन करना होगा. पहला अपकमिंग फीचर "Auto Speed" फीचर वीडियो देखने के तरीके और एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल सकता है. अभी तक यूज़र्स को खुद से 1.5x या 2x जैसी स्पीड चुननी पड़ती थी, लेकिन इस नए फीचर में वीडियो की स्पीड आप कंटेंट के अनुसार बदलती रहती है. इसका मतलब है कि जहां वीडियो में स्लो और समझने वाली जानकारी होगी, वहां स्पीड सामान्य रहेगी और जगां पर कम जरूरी जानकारी या रिपीट होने वाला हिस्सा होगा, वहां पर स्पीड अपने-आप तेज हो जाएगी. यह फीचर कई लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, खासतौर पर कुकिंग, ट्यूटोरियल या एक्सप्लेनेशन वीडियो देखने वाले यूज़र्स इसका काफी फायदा उठा सकते हैं. ऐसे यूज़र्स कई बार वीडियो की प्लेबैक स्पीड को फास्ट करके वीडियो देखते हैं, लेकिन उसी वीडियो में किसी जरूरी हिस्से को समझने के दौरान उन्हें प्ले स्पीड को स्लो करनी पड़ती है. ऐसे में अब ऑटो-स्पीड नाम का फीचर यूज़र्स की इस समस्या को खत्म कर सकता है. दूसरा अपकमिंग फीचर यूट्यूब प्रीमियम में आने वाले दूसरे फीचर का नाम "On-the-go" है. इस फीचर का भी टेस्ट किया जा रहा है. इस फीचर को कंपनी ने उन यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया है, जो चलते-फिरते वीडियो देखते हैं. यह फीचर फोन की मूवमेंट को पहचानकर अपने आप एक्टिव हो सकता है, या फिर यूज़र इसे मैन्युअली भी ऑन कर सकते हैं. एक्टिव होने के बाद वीडियो का इंटरफेस काफी सरल हो जाता है, जिससे प्ले, पॉज़ और टाइमलाइन जैसे जरूरी कंट्रोल्स आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं. इसके अलावा डाउनलोड जैसे ऑप्शन भी ज्यादा स्पष्ट तरीके से दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, ये दोनों फीचर्स अभी टेस्टिंग स्टेज में हैं, इसलिए इनकी परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी पूरी तरह फाइनल नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार "Auto Speed" ठीक से काम कर रहा है, जबकि "On-the-go" अभी थोड़ा अनस्टेबल लग रहा है. यूट्यूब ने इन्हें सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 27 अप्रैल के बाद फैसला लेगी कि इन फीचर्स को सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा या नहीं.

आईपीएल सट्टेबाजी में वकील समेत कई गिरफ्तार, 100 करोड़ के लेनदेन का शक

 कानपुर  आईपीएल में सट्टा और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम खिलाने वाला गिरोह बेहद चालाक था। वे पकड़े न जाएं, इसलिए चलती कैब में आईपीएल सट्टा खिलाते और उसका लेनदेन करते थे। सोमवार को जेल गए आठ आरोपितों में एक वकील तो दूसरा वकील का बेटा है। वकील के बेटे ने इस काम के लिए खुद दो कारें खरीदकर कैब में लगा रखी थी। वहीं इस गिरोह के 15 आरोपित भागे हुए हैं, जिनमें से दो आरोपितों के नंबर की लोकेशन ट्रेस हुई है। उनकी तलाश में टीम लखनऊ और प्रयागराज पहुंची है। वहीं, आरोपितों के 150 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये के लेनदेन होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी जानकारी मांगी जाएगी। प्रतिबंधित ऑनलाइन गेम लोटस 365, रेड्डी बुक, कार्तिके, दुबई ईएक्सएच आदि गेम व आईपीएल सट्टा खेलने के लिए क्लोन वेबसाइट बनाई गई है। इसमें दुबई में बैठे मास्टर माइंड ने बनवाई है। उसने देश के सभी राज्यों और जिलों में अपने गिरोह के हजारों सदस्यों को शामिल कर रहा है। शहर में इस गिरोह का मुख्य सदस्य मोहित और उसकी मानिटरिंग करने वाला लखनऊ का विमल है। बर्रा थाने की पुलिस ने साइबर व सर्विलांस टीम की मदद से मोहित के भाई बर्रा धर्मेंद्र नगर निवासी अभिषेक वर्मा, नेहरू नगर के वकील हितेश निगम, गुजैनी एफ ब्लाक निवासी सत्यम तिवारी, बर्रा पांच के अनमाेल विश्वकर्मा, साकेत नगर के नितिन गुप्ता, कैंट के बनिया बाजार निवासी स्नेहिल बजाज, हंसपुरम आवास विकास निवासी सुल्तान अहमद, नौशाद को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेजा गया था, जबकि मोहित, विमल समेत 15 आरोपित भागे हुए हैं। बर्रा थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दुबई में बैठा मास्टर माइंड राज्यों व जिलों के अलग-अलग ब्रांच कोड आवंटित किए हैं, जिसकी जिम्मेदरी उस जिले के प्रमुख व्यक्ति को दी जाती है और उसे व उसके साथ काम करने वाले कर्मचारियों 50 हजार से एक लाख रुपये तक का वेतन दिया जाता है। कानपुर का ब्रांच 24 कोड आवंटित है। इन लोगों का काम सिर्फ इतना होता है कि जो भी वयक्ति सट्टा या गेम खेल रहा है और रुपये जीतता है तो उसकी आइडी के अकाउंट में बताई गई रकम ट्रांसफर करनी होती है। इस गिरोह के पास जो खाते हैं। उसमें मास्टर माइंड साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराता है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए गिरोह चलती कैब में लोगों को रुपये ट्रांसफर करते हैं, जिससे वे पकड़े न जाएं। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के 26 मोबाइल फोन पर 52 खातों में 52 लाख अभी फ्रीज की प्रक्रिया की गई है, जबकि एक करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। बैंक खुलने पर उसकी भी प्रक्रिया की जाएगी। मंगलवार को बैंक बंद होने से बरामद बैंक खातों व मोबाइल एप में लिंक खातों की जानकारी नहीं मिल सकी है। बुधवार को जानकारी मिलने की संभावना है।

अक्षय तृतीया से पहले शनि का बड़ा बदलाव, करियर-धन में फायदा

19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जा रहा है और ठीक 2 दिन पहले 17 अप्रैल को शनि नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. इस दिन शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 17 मई तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि अक्षय तृतीया से पहले शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए बहुत ही लकी माना जा रहा है और शुभ परिणाम लेकर आने वाला है. आइए जानते हैं कि शनि पद नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों के लिए लाभकारी रहने वाला है. वृषभ राशि शनि का पद नक्षत्र परिवर्तन सकारात्मक संकेत लेकर आ सकता है. करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. मेहनत का फल मिलने लगेगा. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. रुका हुआ धन भी वापस मिल सकता है. मिथुन राशि यह समय आपके लिए संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है. साझेदारी में लाभ होगा. नए कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं. रिश्तों में सुधार देखने को मिलेगा. किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलने के योग हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं. नौकरी और बिजनेस में अच्छे मौके मिलेंगे. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. कन्या राशि आपके लिए यह परिवर्तन राहत भरा रहेगा. मानसिक तनाव कम होगा. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. खर्चें कंट्रोल में रहेंगे. धनु राशि धनु राशि के लोगों के लिए यह समय करियर ग्रोथ का हो सकता है. प्रमोशन या नई नौकरी के योग बन रहे हैं. यात्रा से भी लाभ मिल सकता है. शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाएं, काले तिल और तेल का दान करें, हनुमान जी की पूजा करें, शनिदेव के मंत्रों का जाप करें, कौओं को भोजन कराएं और अपने कर्मों में सुधार करें.