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वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा में क्या करें और क्या नहीं?

वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा अग्नि को दर्शाती है साथ ही इस दिशा में मंगल और यम की दिशा भी कहा गया है। अगर दक्षिण दिशा वास्तु के अनुसार संतुलित न हो तो घर परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही आर्थिक मामलों में कुछ न कुछ बाधाएं आती रहती हैं। तो आइए जानते हैं वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, दक्षिण दिशा को कैसा होना चाहिए। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को लेकर क्या नियम बताए गए हैं। दक्षिण दिशा में क्या नहीं होना चाहिए 1) वास्तु के नियमों के अनुसार, दक्षिण दिशा में पानी की टंकी नहीं होनी चाहिए। पानी से संबंधित चीजें दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। वास्तु के नियमों के अनुसार, जल तत्व दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। 2) दक्षिण दिशा में अग्नि की दिशा बताया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह को कोई एंटी एलिमेंट जैसे पानी की टंकी और वॉशिंग एरिया नहीं होना चाहिए। न ही इस दिशा में पूजा घर बनाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो घर परिवार के सभी लोगों को कामकाज में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ता है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार नहीं होता है। 3) दक्षिण दिशा में टॉयलेट भी नहीं बनाना चाहिए। वास्तु के नियमों के अनुसार, दक्षिण में टॉयलेट होने काफी हानिकारक होता है। अगर इस दिशा में टॉयलेट होने पर काम बनते बनते बिगड़ने लगते हैं। साथ ही लोगों की लोकप्रियता भी खराब हो जाती है। 4) दक्षिण दिशा को मंगल की दिशा और यम की दिशा भी माना गया है। इसे यम के द्वार भी कहा जाता है। इस दिशा अगर काले या नीला रंग बोता है तो वह आपको कोर्ट केस या दुर्घटना आदि होने की आशंका अधिक रहती है। साथ ही इस दिशा में घर में पानी का जमाव न होने दें। क्योंकि, इसे सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है। भूलकर भी इस दिशा में स्फटिक टैंक या स्विमिंग पूल न बनवाएं। दक्षिण दिशा में क्या बना सकते हैं 1) दक्षिण दिशा को अग्नि की दिशा भी कहा गया है और यह आपकी प्रसिद्धि से भी जुड़ी दिशा में ऐसे में इस एरिया में आप चाहें तो मास्टर बेडरुम बनवा सकते हैं। इस दिशा में मास्टर बेडरुम होने शुभ परिणाम देता है।

Realme Narzo 100 Lite 5G लॉन्च, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ

 रियलमी ने भारतीय बाजार में एक नया बजट पावरफुल फोन लॉन्च कर दिया है जो Realme Narzo 100 Lite 5G है। यह कंपनी की नई Narzo 100 लाइनअप का पहला मॉडल है। नए Realme Narzo 100 Lite 5G में 7,000mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह हैंडसेट 10 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या 70 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक देगा। Realme Narzo के इस नए फोन में ऑक्टा कोर MediaTek Dimensity 6000 सीरीज का चिपसेट लगा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी जिसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं। जानिए इस फोन की कीमत, फर्स्ट सेल डेट, कलर वैरिएंट और फीचर्स: भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G की कीमत और उपलब्धता भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G के बेसिक 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,499 रुपये है। वहीं, 4GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। सबसे महंगा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ 16,499 रुपये में उपलब्ध है। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है। बैंक छूट के साथ आप फोन को 12,499 रुपए में खरीद पाएंगे। Narzo सीरीज का यह नया फोन भारत में 21 अप्रैल से Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर फर्स्ट सेल के लिए उपलब्ध होगा। Realme Narzo 100 Lite 5G फ्रॉस्ट सिल्वर और थंडर ब्लैक रंगों में उपलब्ध है। Realme Narzo 100 Lite 5G बड़ी खासियतें बैटरी: फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी लंबे समय तक कॉलिंग, वीडियो और गेमिंग के लिए है। फोन में AI पावर सेविंग और सुपर पावर सेविंग मोड भी दिए गए हैं, जिससे बैटरी और ज्यादा समय तक चलती है। यहां तक कि 1% बैटरी में भी यह फोन करीब 40 मिनट तक कॉलिंग सपोर्ट कर सकता है। प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। फोन में 14GB तक डायनामिक RAM और 128GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। डिस्प्ले: realme Narzo 100 Lite 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला Eye Comfort डिस्प्ले दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी खास माना जा रहा है। इसकी ब्राइटनेस 900 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। इसके अलावा Smart Touch और DC Dimming जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कैमरा: कैमरा की बात करें तो इसमें 13MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में 5MP का कैमरा मिलता है। फोन AI Eraser, AI Clear Face से लैस है। मजबूती: इसमें Military-Grade शॉक रेसिस्टेंस और IP64 रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहता है।

झारखंड बोर्ड 11वीं का रिजल्ट जारी, 3.55 लाख छात्र सफल

रांची झारखंड अकैडमिक काउंसिल (JAC) ने आज कक्षा 11वीं परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल कुल 3,58,533 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 3,55,399 छात्र पास हो गए. जैक बोर्ड 11वी कक्षा का पासिंग प्रतिशत 99.12% रहा. झारखंड के स्टूडेंट्स ने किया शानदार प्रदर्शन झारखंड बोर्ड के अनुसार, इस साल सभी प्रमंडलों और जिलों में स्टूडेंट्स का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा. कुल 3,61,683 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 3,58,533 परीक्षा में शामिल हुए. कैसे देखें JAC 11वीं रिजल्ट?     सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट jacresults.com पर जाएं     होम पेज पर “JAC 11th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें     अपना रोल नंबर और रोल कोड डालें     सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा     इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें 3 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने किया था अप्लाई परिषद के अनुसार, इस साल सभी प्रमंडलों और जिलों में छात्रों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा. कुल 3,61,683 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 3,58,533 परीक्षा में शामिल हुए. JAC अध्यक्ष ने स्कूल, शिक्षक और स्टूडेंट्स को दी बधाई रिजल्ट जारी करते हुए अध्यक्ष डॉ. नटवा हंसदा ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बधाई दी. उन्होंने परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित कराने में जुटे जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की. साथ ही जो छात्र सफल नहीं हो सके, उनसे अगली बार बेहतर प्रदर्शन करने की अपील भी की. फरवरी में हुई थी परीक्षा यह परीक्षा 25 से 28 फरवरी 2026 के बीच राज्यभर में आयोजित की गई थी. रिजल्ट की घोषणा रांची स्थित परिषद मुख्यालय में जैक के अध्यक्ष की मौजूदगी में की गई, जहां सचिव, परीक्षा नियंत्रक और वरिष्ठ सूचना अधिकारी भी मौजूद रहे.

हरियाणा का नया प्लान: बैंक्वेट हॉल से लेकर गार्डन तक, एक ही जगह पूरी शादी की व्यवस्था

गुरुग्राम हरियाणा के गुरुग्राम में वेडिंग सिटी विकसित करने की तैयार शुरू हो चुकी है। इसके लिए एचएसआईआईडीसी के प्लानिंग विंग की ओर से फाजिलवास गांव की 186 एकड़ जमीन की पहचान की गई है। मुख्यालय इस परियोजना पर काम कर रहा है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की योजना के मुताबिक इन वेडिंग सिटी में सगाई से लेकर विदाई तक की सभी रस्मों के लिए एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें बैंक्वेट हॉल, ओपन गार्डन, कैटरिंग जोन, डेकोरेशन सेवाएं, गेस्ट हाउस, ट्रांसपोर्ट, शापिंग एरिया और मनोरंजन जोन शामिल होंगे। शादी से जुड़े हर कार्यक्रम एक ही परिसर में हो सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि अभी गुरुग्राम में ग्लोबल सिटी विकसित किया जा रहा है। इसके बाद विजन सिटी परियोजना पर काम शुरू होगा। इसके साथ वेडिंग सिटी की तैयारियों को लेकर काम किया जा रहा है। रोजगार के अवसर पैदा होंगे एचएसआईआईडीसी प्रबंध निदेशक सुशील सरवन ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शादी जैसे बड़े आयोजनों को एक ही स्थान पर सुव्यवस्थित करना है। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देना और रोजगार के नये अवसर पैदा करेगा। लोगों को अपने ही राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए रोके रखना है। यह वेडिंग सिटी वोकल फार लोकल की अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे, ताकि राज्य की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। गुरुग्राम के अलावा खरखौदा और पिंजौर में भी वेडिंग सिटी विकसित किया जाएगा। कारोबार को बढ़ावा मिलेगा वेडिंग सिटी विकसित होने से वोकल फार लोकल को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें स्थानीय कारीगरों, बुटीक, ज्वेलर्स और सजावट को स्थायी बाजार मिलेगा। छोटे व्यापारियों को बड़े आयोजनों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इनमें हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इवेंट मैनेजमेंट, होटल, ट्रांसपोर्ट और फूड सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी। स्थानीय युवाओं को कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। गुरुग्राम को पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना अधिक होगा। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

झारखंड भर्ती घोटाल,166 गिरफ्तार, करोड़ों की उगाही का खुलासा

रांची झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा (Jharkhand Excise Constable Recruitment Examination) पास कराने के नाम पर सॉल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये में डील की थी। इसके तहत हर अभ्यर्थी से एडवांस के तौर पर तीन लाख रुपये भी वसूले गए थे। साथ ही परीक्षा पास करने के बाद बाकी के सात लाख रुपये लिए जाने थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने सोमवार को रांची पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया। पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद रांची के तमाड़ से गिरफ्तार 164 आरोपियों समेत 166 को जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 179 के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि सॉल्वर गैंग ने 159 अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख रुपये के हिसाब से 4.77 करोड़ रुपये की उगाही की थी। इसके अलावा कई और अहम जानकारी सामने आई है। यह भी पता चला कि तमाड़ के रणगांव से सात किमी की दूरी पर स्थित अर्द्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों को लाने के लिए गैंग ने वाहनों का भी इंतजाम किया था। इधर, पुलिस टीम सॉल्वर गैंग के अन्य गुर्गों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने की सूचना मिली थी बता दें कि, पुलिस को उत्पाद सिपाही परीक्षा के प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद रविवार सुबह रणगांव में छापेमारी कर गिरोह के 5 सदस्यों समेत 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान डिजिटल समेत कई साक्ष्य मिले थे। हालांकि, बाद में जेएसएससी ने मीडिया को जानकारी दी थी कि प्रश्न पत्र के मिलान में कुछ प्रश्न ही आंशिक रूप से मिले। अर्द्धनिर्मित भवन के मालिक व ठेकेदार भी मिले हुए थे पुलिस जांच में सॉल्वर गैंग के साथ तमाड़ नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कर रहे ठेकेदार और मालिक की मिलीभगत पाई गई है। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठेकेदार ने अर्द्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों के ठहरने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की थी। इसके बदले गैंग के गुर्गों ने मोटी रकम भी दी थी। इसे लेकर एक महीने पहले ही ठेकेदार और गैंग में सौदा पक्का हुआ था। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में 152 पुरुष, 7 महिलाएं इस मामले में अब तक 166 गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 152 पुरुष और सात महिला अभ्यर्थी समेत गैंग के सात गुर्गे हैं। गिरोह के सदस्यों में तीन बिहार के और झारखंड के रामगढ़ निवासी आशीष कुमार, योगेश प्रसाद, रांची के रमीज अंसारी, रांची के ही अपर हटिया निवासी इल्फाज खान शामिल हैं।

प्रदेश में राइस मिल उद्योग संकट में, 700 मिलें बंद होने से बढ़ी चिंता!

 भोपाल  मध्य प्रदेश का राइस मिल उद्योग इन दिनों गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। प्रदेश की करीब 1200 राइस मिलों में से लगभग 700 मिलें बंद हो चुकी हैं या बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। मिलर्स का आरोप है कि सरकार द्वारा तय अपग्रेडेशन राशि, कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) और अन्य मदों की बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण उनकी आर्थिक हालत बिगड़ गई है। बैंक ऋण, बिजली बिल, मजदूरी और अन्य खर्चों का भार उठाना मुश्किल हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में मिलर्स डिफाल्टर हो रहे हैं। बकाया भुगतान न मिलने से बढ़ा संकट मध्य प्रदेश चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के धान अपग्रेडेशन (साफ-सफाई) का लगभग 170 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा बारदाने की उपयोगिता व्यय, मिलिंग, परिवहन, हम्माली और अन्य खर्चों की करीब 30 करोड़ रुपये की राशि भी बकाया है। इस देरी ने मिलर्स की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह कमजोर कर दिया है। सरकार से मुलाकात, समाधान का आश्वासन सोमवार को महासंघ के प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मिलर्स के सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर उचित समाधान निकाला जाएगा। महासंघ ने ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। मिलिंग नीति और रेशो पर उठे सवाल महासंघ के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया कि भारतीय खाद्य मंत्रालय की टेस्ट मिलिंग रिपोर्ट में चावल की झड़ती 67 प्रतिशत से कम और टूटन 25 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। इसके बावजूद 67 प्रतिशत चावल जमा करने का नियम लागू है, जिससे मिलर्स को नुकसान हो रहा है। टूटे चावल को कम कीमत पर बेचना पड़ता है, जिसकी भरपाई के लिए अपग्रेडेशन राशि दी जानी थी, लेकिन वह भी नहीं मिली। मिलिंग में गिरावट, शासन को बढ़ता नुकसान वर्तमान स्थिति के चलते प्रदेश में मिलिंग कार्य प्रभावित हुआ है और अब तक केवल पांच प्रतिशत मिलिंग ही हो सकी है। मिलर्स की अनिच्छा के कारण वर्ष 2025-26 की धान मिलिंग भी प्रभावित होने की आशंका है। इससे शासन को हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज, भंडारण शुल्क और सूखत का नुकसान उठाना पड़ रहा है। धान के खराब होने का खतरा बढ़ा मिलिंग कार्य धीमा होने से ओपन कैप में रखी हजारों करोड़ रुपये की धान पर सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के मौसम में यह संकट और गहरा सकता है। इससे न केवल मिलर्स बल्कि शासन को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उद्योग बचाने के लिए जल्द निर्णय जरूरी महासंघ का कहना है कि यदि जल्द बकाया राशि का भुगतान और नीति में सुधार नहीं किया गया तो राइस मिल उद्योग पूरी तरह ठप हो सकता है। इससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

जया बच्चन और पैपराजी का रिश्ता क्यों रहता है तनावपूर्ण?

बॉलीवुड सेलेब्स का पैपराजी से अलग ही नाता है. कोई इनके कैमरा में कैद होने के लिए टिप्स देता है, कोई खूब पोज करता है, तो कोई इग्नोर करके चला जाता है. वहीं जया बच्चन जब भी पैप्स को देखती हैं, गुस्सा हो जाती हैं. आखिर ऐसा क्यों होता है, जबकि बच्चन परिवार के बाकी सदस्य-ऐश्वर्या, अभिषेक आराम से पोज देते हैं या फिर चुपचाप निकल जाते हैं. इसका जवाब हाल ही में मिला. जया को पैप कल्चर समझने में दिक्कत बॉलीवुड के पैप अकाउंट होल्डर ने हाल ही में बच्चन परिवार और मीडिया के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय पैप्स के साथ काफी अच्छे और फ्रेंडली हैं, जबकि अमिताभ बच्चन रिस्पेक्टफुल तो रहते हैं, लेकिन थोड़ा दूरी बनाए रखते हैं. वहीं जया आज भी इस नए तरह के मीडिया को पूरी तरह समझ नहीं पाई हैं. उन्होंने बताया कि अभिषेक और ऐश्वर्या पैपराजी को अच्छे से समझते हैं और उनसे घुल-मिल जाते हैं. अमिताभ बच्चन भी उन्हें जानते हैं, लेकिन ज्यादा बातचीत नहीं करते. लेकिन जया बच्चन अभी भी पुराने समय के मीडिया (जैसे अखबार और पत्रकार) वाली सोच में हैं, इसलिए उन्हें ये नया पैप कल्चर थोड़ा अजीब लगता है. शुरुआत में तो जया बच्चन पूछती थीं कि ये लोग कौन हैं और उनकी फोटो क्यों ले रहे हैं. अब वो धीरे-धीरे इसकी आदत डाल रही हैं, लेकिन उनकी एक शर्त रहती है- कोई उनके बहुत करीब आकर फोटो न ले. वो कहती हैं कि एक जगह खड़े रहो, मैं आकर पोज दे दूंगी, लेकिन चलते-चलते फोटो मत लो. अगर कोई गलत एंगल से फोटो लेता है, तो वो नाराज भी हो जाती हैं. इवेंट में दिए बयान पर हुआ था विवाद कुछ समय पहले मुंबई में हुए वी द वुमन इवेंट में जया बच्चन ने पैपराजी को लेकर काफी सख्त टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि ये लोग कौन हैं, क्या ये देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए ट्रेन किए गए हैं? सिर्फ मोबाइल हाथ में लेकर कोई भी फोटो खींचने लगता है और मनचाही बातें करता है- ये सही नहीं है. उनके इस बयान के बाद पैप कम्यूनिटी में नाराजगी फैल गई और कई लोगों ने बच्चन परिवार के बायकॉट तक की बात भी कही थी. इस पर पैपराजी ने कहा कि उन्हें भी समझ नहीं आया कि जया बच्चन ने ऐसा क्यों कहा, शायद उस समय उनका मूड ठीक नहीं था. हालांकि बाकियों ने इस बयान को दुखद बताया था. उन्होंने बताया कि हर रविवार अमिताभ बच्चन अपने घर के बाहर फैंस से मिलते हैं और उस कवरेज में पैप्स का बड़ा योगदान होता है, ना कि बड़े मीडिया हाउस का. उन्होंने ये भी कहा कि ये भी एक तरह का मीडिया ही है. सोशल मीडिया, जो आज के समय में बहुत तेजी से लोगों तक पहुंचता है. इसलिए किसी के पहनावे या काम के आधार पर उन्हें जज करना सही नहीं है.

Ai+ Nova 2 5G लॉन्च, 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ दमदार फीचर्स

भारत के होम ग्रोन टेक ब्रांड Ai+ ने हाल ही में अपनी Nova 2 Series को लॉन्च किया था। इस सीरीज के बजट फोन Ai+ Nova 2 5G आज से ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट पर सेल के लिए उपलब्ध हैं। Ai+ Nova 2 5G की सबसे बड़ी खासियतें इसमें मिलने वाला 50MP कैमरा और 6000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन IP64 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे धूल और पानी की हल्की बौछारों (स्प्लैश) से सुरक्षित रहता है। अगर आप आपने लिए सस्ते में प्रीमियम फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं तो ये फोन आपके लिए बेस्ट हैं। आइये आपको डिटेल्स में बताते हैं इस फोन की पहली सेल में मिलने वाले ऑफर्स की डिटेल्स: भारत में Ai+ Nova 2 की कीमत और फर्स्ट सेल ऑफर्स भारत में Ai+ Nova 2 5G के 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के लिए 8,999 रुपये है। वहीं 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 10,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन को फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड से खरीदने पर 450 रुपए का कैशबैक मिलेगा जिसके बाद आप फोन को 8549 रुपए में खरीद पाएंगे। फोन पर एक्सचेंज छूट भी मिल जाएगी एक्सचेंज डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर है। Ai+ Nova 2 5G को ब्लैक, ब्लू, ग्रीन, पिंक और पर्पल कलर में खरीद सकते हैं। Ai+ Nova 2 5G की 5 बड़ी खासियतें 1. Ai+ Nova 2 5G फोन में 6.75 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसका मतलब है कि स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव काफी स्मूथ रहता है। 2. परफॉर्मेंस के लिए इसमें Unisoc T8200 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर बना है। यह फोन 4GB और 6GB RAM के साथ आता है, साथ ही 64GB और 128GB स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है, जिसे माइक्रोSD कार्ड से बढ़ाया भी जा सकता है। 3. कैमरा की बात करें तो इसमें 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा मिलता है, जो इस कीमत में काफी अच्छा माना जाता है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। 4. फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक चलती है और 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। 5. यह स्मार्टफोन Android 16 पर आधारित NxtQ OS पर चलता है और इसमें 5G, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C और साइड फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे जरूरी फीचर्स भी मिलते हैं। कुल मिलाकर, यह फोन उन यूजर्स के लिए अच्छा है जो कम बजट में 5G, बड़ी बैटरी और स्मूथ डिस्प्ले चाहते हैं।

UTI के शुरुआती लक्षण जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं

UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, हाइजीन की कमी और कुछ आदतें इस जोखिम को बढ़ा रही हैं। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं, तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। UTI पेशाब के मार्ग में होने वाला गंभीर संक्रमण है, जिसके कारण तेज दर्द, जलन, बुखार हो सकता है। अक्सर महिलाएं यूटीआई के इन लक्षणों को पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और फिर ये गंभीर रूप ले लेती है। आज हम आपको बताएंगे कि यूटीआई आखिर क्या है और इसके खास लक्षण क्या होते हैं? क्या है UTI इंफेक्शन? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग काफी छोटा होता है, जिसके कारण किसी भी बैक्टीरिया को यूरिन ट्रैक्ट तक पहुंचने में कम समय लगता है। UTI आमतौर पर बैक्टीरिया (जैसे E. coli) के कारण होता है, जो बाहर से मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं में यूरेथ्रा छोटी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं, इसलिए उनमें UTI का खतरा अधिक होता है। 3 प्रकार का होता है यूटीआई इंफेक्शन मुख्य तीन प्रकार का होता है, जिसमें ज्यादा लोगों को यूरेथ्रा इंफेक्शन होता है। महिलाओं को पेशाब से जुड़ी समस्या होती हैं और वह इसे पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। चलिए जानते हैं कौन से हैं 3 प्रकार- ब्लैडर इंफेक्शन (Cystitis) – सबसे आम, पेशाब में जलन और दर्द यूरेथ्रा इंफेक्शन (Urethritis) – पेशाब करते समय जलन किडनी इंफेक्शन (Pyelonephritis) – गंभीर स्थिति, बुखार और पीठ दर्द 6 शुरुआती लक्षण क्या हैं UTI इंफेक्शन के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। अगर शुरू में इन पर ध्यान दिया जाए, तो समस्या गंभीर होने से पहले ही इलाज हो सकता है। -पेशाब करते समय दर्द, चुभन या जलन महसूस होना। -पेशाब में बदबू आना या पेशाब धुंधला होना। -बार-बार पेशाब महसूस होना। -रात में पेशाब करने की जरूरत होती है। -पेशाब में खून आना। -तेज बुखार, कमर-पीठ दर्द होना। बचाव कैसे करें UTI हाइजीन की कमी, सेक्स के दौरान इंफेक्शन या फिर हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। अगर आप हाइजीन का ख्याल रखती हैं, तो ये आपको नहीं होगा। जैसे पब्लिक टॉयलेट यूज करने से पहले उसे पानी से साफ करें। अक्सर टॉयलेट सीट से इंफेक्शन फैलता है। इससे बचाव करने के लिए दिन में करीब 8-10 ग्लास पानी पिएं, पेशाब को लंबे समय तक ना रोकें। टॉयलेट या सेक्स करने के बाद अच्छे से सफाई करें। गंदा टॉयलेट यूज करने से बचें और हाइजीन का खास ख्याल रखें। डॉक्टर को कब दिखाएं- अगर पेशाब में जलन-बदबू आ रही है और साथ में तेज बुखार है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं। कुछ केसेस में पेशाब के दौरान खून भी आने लगता है, इसे हल्के में न लें। सही समय पर इलाज न होने पर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, जो खतरनाक होता है।

अकुशल से लेकर कुशल श्रमिकों तक को राहत, जानिए हरियाणा का नया वेतन ढांचा

गुरुग्राम  हरियाणा सरकार ने राज्य में सभी तरह के कामों में लगे अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी की मूल दरों में संशोधन किया है। ये नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी। हरियाणा सरकार की एक अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन 'मजदूरी संहिता, 2019' (Code on Wages, 2019) के प्रावधानों के तहत किया गया है। यह संशोधन, मजदूरी के स्तर की समीक्षा के लिए गठित समिति द्वारा दी गई सिफ़ारिशों के आधार पर किया गया है। नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है कि ऊपर बताए गए न्यूनतम वेतन की दरें मूल न्यूनतम वेतन दरें हैं, जिन्हें एम्प्लॉयर द्वारा भत्तों के रूप में अलग-अलग हिस्सों में बांटने की अनुमति नहीं है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स नंबर में होने वाली बढ़ोतरी या कमी का 100% समायोजन (न्यूट्रलाइजेशन) आनुपातिक आधार पर किया जाएगा। वेतन में आगे का समायोजन 'कोड ऑन वेजेस रूल्स, 2026' में बताए अनुसार किया जाएगा। अब तय/संशोधित की जा रही न्यूनतम वेतन दरें इस लिंकेज के कारण प्रभावित नहीं होंगी, यानी वेतन उन दरों से नीचे नहीं गिरेगा जो अब तय/संशोधित की जा रही हैं। 1 अप्रैल, 2026 से हरियाणा में न्यूनतम वेतन नोटिफिकेशन के अनुसार, न्यूनतम वेतन कौशल स्तरों (skill levels) के आधार पर तय किया गया है। नई मासिक और दैनिक वेतन दरें इस प्रकार हैं: संशोधित वेतन संरचना के तहत, हरियाणा में अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 15,220.71 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए, न्यूनतम वेतन 16,780.74 रुपये प्रति माह तय किया गया है। कुशल श्रमिकों को कम से कम 18,500.81 रुपये प्रति माह मिलेंगे। ये दरें उन श्रमिकों पर लागू होंगी जो वेतन कानून के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों, कारखानों और ठेका श्रम व्यवस्थाओं में कार्यरत हैं। मजदूरों की श्रेणी     महीने का न्यूनतम वेतन     दैनिक न्यूनतम भुगतान अकुशल                        15,220.71                        585.41 अर्द्ध कुशल                    16,780.74                        645.41 कुशल                           18,500.81                        711.56 अत्यधिक कुशल            19,425.85                        747.14 हरियाणा में पुरुष और महिला श्रमिकों का वेतन क्या होगा? नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुरुष और महिला श्रमिकों को दिए जाने वाले वेतन में कोई अंतर नहीं होगा। एम्प्लॉयर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि समान कौशल और अनुभव की आवश्यकता वाले समान श्रेणी के कार्यों के लिए समान भुगतान किया जाए। एम्प्लॉयर्स और ठेकेदारों की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई जहां इनमें से कोई भी यदि ऊपर बताई गई मजदूरों की श्रेणियां किसी ठेकेदार या सेवा प्रदाता के माध्यम से काम पर रखी जाती हैं या नियुक्त की जाती हैं, तो उस जगह का मालिक या मुख्य नियोक्ता, ठेकेदार या सेवा प्रदाता द्वारा न्यूनतम मजदूरी दरों का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार होगा। संशोधित न्यूनतम मजदूरी का दायरा हरियाणा राज्य में किसी भी रोज़गार में काम करने वाले किसी भी मज़दूर या कर्मचारी को, उसी श्रेणी के लिए तय की गई न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जाएगा, बशर्ते कि उनके कौशल और अनुभव समान हों। मासिक वेतन या मजदूरी की गणना कैसे की जाएगी? दैनिक मजदूरी तय करने के लिए मासिक वेतन को 26 दिनों से विभाजित किया जाएगा, लेकिन किसी भी कटौती का निर्धारण मासिक वेतन को 30 दिनों से विभाजित करके किया जाएगा, या जैसा कि संबंधित सरकार समय-समय पर निर्धारित कर सकती है।