samacharsecretary.com

हाईकोर्ट की सख्ती: निजी कंपनी पर 3 लाख का जुर्माना, याचिका खारिज

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक निजी निर्माण कंपनी पर तीन लाख का जुर्माना लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब केवल सरकारी अधिकारियों पर ही नहीं, बल्कि निराधार और फालतू याचिकाएं दायर करने वाले निजी पक्षकारों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। यह आदेश जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की पीठ ने एम/एस वी के कंस्ट्रक्शन द्वारा दायर अवमानना याचिका को खारिज करते हुए सुनाया। कंपनी ने आरोप लगाया था कि रोहतक-बावल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का कार्य पूरा करने के बावजूद उसके बिलों का भुगतान नहीं किया गया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की जाए।हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यह याचिका उसी मामले में दूसरी अवमानना याचिका है। इससे पहले 2023 के आदेश के अनुपालन न होने पर एक अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसे मई 2025 में यह कहते हुए निपटा दिया गया था कि संबंधित प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता की शिकायत पर निर्णय ले लिया है।अदालत ने कहा कि इसके बावजूद दोबारा अवमानना याचिका दायर करना न्यायिक प्रक्रिया का “स्पष्ट दुरुपयोग” है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की याचिकाएं न केवल अदालत के बहुमूल्य समय की बर्बादी करती हैं, बल्कि सरकारी अधिकारियों को अनावश्यक रूप से परेशान भी करती हैं। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि अवमानना क्षेत्राधिकार का प्रयोग अत्यंत सावधानी और विवेक के साथ किया जाना चाहिए और केवल उन्हीं मामलों में किया जाना चाहिए, जहां आदेश की जानबूझकर अवहेलना स्पष्ट रूप से सिद्ध हो। इसे व्यक्तिगत द्वेष निकालने या अधिकारियों को परेशान करने के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि सामान्यत जब अधिकारी कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करते, तो उन पर जुर्माना लगाया जाता है और यह राशि उनके वेतन से वसूली जाती है। लेकिन वर्तमान मामला इसका उल्टा उदाहरण है, जहां अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन किया, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। कोर्ट ने कहा कि बार-बार निराधार याचिकाएं दाखिल करने से न केवल न्यायिक संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि वास्तविक मामलों की सुनवाई भी प्रभावित होती है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त संदेश देना जरूरी है। अदालत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने और उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए याचिकाकर्ता पर तीन लाख का जुर्माना लगाया जाता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।

वैशाख अमावस्या 2026: तिथि, महत्व और धार्मिक मान्यताएँ

वैशाख अमावस्या यानी मेष संक्रांति बहुत खास मानी जाती है। इसमें जो अमावस्या आती है, उसे खास माना जाता है। एक-एक तिथि में किया हुआ पुण्य कोटि-कोटि गुना अधिक होता है। उनमें भी जो वैशाखकी अमावास्या तिथि है, वह मनुष्यों को मोक्ष देनेवाली है, देवताओं और पितरों को वह बहुत प्रिय है। यह तिथि शीघ्र ही मोक्ष देने वाली है। जो उस दिन पितरोंके उद्देश्य से श्राद्ध करते और जलसे भरा हुआ घडा एवं पिण्ड देते हैं, उन्हें अक्षय फलकी प्राप्ति होती है। मेष राशि में सूर्य के स्थित रहते हुए वैशाख मास में प्रातःकाल स्नान करके देवताओं, ऋषियों और पितरों का तर्पण करना चाहिए, इस तरह श्राद्ध करके उसके द्वारा पितरों को मुक्ति मिलती है। कब है वैशाख अमावस्या 2026 तारीख और दिन इस साल वैशाख अमावस्या 16 अप्रैल 2026 को सुबह 8.11 बजे शुरु होगी और अगले दिन 17 अप्रैल को शाम 5:21 बजे तक रहेगी, इसलिए उदयातिथि में अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान और दान का बहुत अधिक महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पितरों का तर्पण और स्ना दान करने से लाभ मिलता है। स्नान के बाद जला से भरा कलश पितरों के लिए दान करें। इससे पितर खुश होते हैं और उनकी कृपा मिलती है। इस दिन क्या करें और क्या नहीं इस दिन पितरों का तर्पण किया जाता है। इस अमावस्या पर उन लोगों को भोजन देना चाहिए, जिन्हें खाने और कपड़ों की जरूरत है। सुबह काले तिल के साथ जल सूर्य को अर्पित करना चाहिए। पीपल के पेड़ के पास दिया जलाना चाहिए। अमावस्या का दिन पितरों को याद करने का दिन है, इसलिए इस दिन ऐसा कोई काम नहीं करना है, जो शुभ हो। इस दिन कोई बड़ी खरीददारी करने से भी बचना चाहिए। पितरों के लिए दान और तर्पण ही इस दिन क्या जाता है। क्यों खास है यह तिथि आपको बता दें कि अमावस्या तिथि में स्नान, दान, तपस्या, होम, देवपूजा, पुण्यकर्म सब कुछ तत्काल मुक्ति देनेवाला है। जो रोगी, दरिद्र लोगों को श्रीहरि की पूजा करनी चाहिए। वैशाख मास मन से सेवन करने योग्य है; क्योंकि वह समय उत्तम गुणों से युक्त है। दरिद्र, धनाढ्य, पंगु, अन्धा, नपुंसक, विधवा, साधारण स्त्री, पुरुष, बालक, युवा, वृद्ध तथा रोगसे पीडित मनुष्य ही क्यों न हो, वैशाख मासका धर्म सबके लिए अत्यन्त सुखसाध्य है।  

67 करोड़ बकाया वसूली के लिए बिजली विभाग का बड़ा एक्शन प्लान

करनाल एक लाख रुपये से अधिक राशि के डिफाल्टरों को बिजली निगमों ने निशाने पर ले लिया है। करोड़ों रुपये की अपनी रिकवरी करने के लिए बिजली निगम पहली बार सख्ती बरतते हुए डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संपत्ति नीलाम की प्रक्रिया अपनाएगा। सबसे पहले एसडीओ संबंधित उपभोक्ता को तीन नोटिस देगा और इसके बाद कार्यकारी अभियंता एक नोटिस देगा। इसके बाद भी उपभोक्ता द्वारा बिल अदा नहीं किया तो निगम बैंक की तर्ज पर तहसीलदार के माध्यम से संबंधित की प्रॉपर्टी नीलाम करेगा। गौर हो कि हरियाणा में निगमों का 8247 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें उत्तर हरियाणा का 3573 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का 4674 करोड़ रुपये शामिल है। करनाल जिले की बात करें तो ऐसे 2710 डिफाल्टर हैं जिन पर करीब 67 करोड़ रुपये का बकाया है। इनमें सबसे अधिक 1178 डिफाल्टर सब अर्बन और मेरठ रोड क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर हैं। इसलिए ऐसे डिफाल्टरों से बकाया वसूलने के लिए निगम ने सख्ती से पेश आने का फैसला लिया है। सबसे पहले एसडीओ अपने स्तर पर तीन बार और एक्सईएन अपने स्तर पर एक बार नोटिस जारी करेंगे। इसके बावजूद भुगतान न करने पर मामला तहसीलदार के पास भेजा जाएगा, जहां से अंतिम नोटिस जारी होगा। यदि डिफाल्टर फिर भी भुगतान नहीं करते हैं तो लैंड रिकवरी एक्ट के तहत उनकी जमीन, वाहन, मशीनें और यहां तक कि गहनों की भी नीलामी की जा सकती है। बिजली अधिकारियों के अनुसार, एक लाख रुपये से अधिक राशि वाले डिफाल्टरों पर ही यह विशेष जांच की जाएगी। डिफाल्टर नहीं खरीद बेच सकेगा प्रॉपर्टी जिले में ऐसे जितने भी बिजली बिल डिफाल्टर हैं, जिन्होंने सालों से लाख से करोड़ों रुपये का अपना बिल जमा नहीं करवाया है। जब तक वह ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में वह अपनी प्रॉपर्टी खरीद व बेच नहीं सकेंगे। इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम 26 डिफाल्टरों के केस भेज चुका: एसई बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि निगम ने ऐसे 26 डिफाल्टरों के केस जिनके ऊपर दो करोड़ 27 लाख का बिजली बिल पेंडिंग है, उनको तहसीलदार के पास भेज दिया है। आगे भी ऐसे लोगों की लिस्ट बनाकर तहसीलदार को भेजे जाएंगे। दो हजार से अधिक ऐसे डिफाल्टर हैं, जिनके ऊपर करोड़ों में बिल पेंडिंग हैं। लैंड रिकवरी एक्ट के तहत जमीन कुर्क की जा सकती है। सालों से है बिल बकाया जिले के सभी सब डिवीजनों में हजारों की संख्या में बिजली बिल न भरने के कारण डिफाल्टर घोषित किए हुए हैं जिनकी बिल की राशि बड़ी है और जिन्होंने सालों से बिजली का बिल नहीं जमा करवाया है। ऐसी स्थिति में कईयों के कनेक्शन काट दिए गए हैं। लेकिन बावजूद इसके कुछ उपभोक्ताओं को छोड़कर अभी भी डिफाल्टर बकाया बिल नहीं जमा करवा रहे हैं।  

चाणक्य नीति: सफलता के लिए कौए से सीखें ये 5 महत्वपूर्ण गुण

चाणक्य नीति प्राचीन भारतीय आचार्य चाणक्य द्वारा लिखी गई एक महत्वपूर्ण नीति-ग्रंथ है, जिसमें जीवन को सही दिशा देने वाली व्यावहारिक बातें बताई गई हैं. चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य भी कहा जाता है, मौर्य साम्राज्य के महान गुरु और रणनीतिकार थे. दरअसल, चाणक्य नीति एक ऐसी पुस्तक है, जिसमें इंसान को बताया गया है कि उसे जीवन में कैसे व्यवहार करना चाहिए, कैसे सही-गलत की पहचान करनी चाहिए और कैसे सफलता हासिल करनी चाहिए. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में यह भी बताया है कि इंसान अगर प्रकृति से सीख ले, तो जीवन आसान हो सकता है. उन्होंने कुछ पक्षियों और जानवरों के ऐसे गुणों का जिक्र किया है, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकता है. इन जीवों की आदतें हमें मेहनत, सतर्कता और समझदारी सिखाती हैं. अगर कोई इंसान इन गुणों को अपने जीवन में उतार ले, तो वह सफलता की राह पर आगे बढ़ सकता है और अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकता है. तो आइए आचार्य चाणक्य के अनुसार जानते हैं कि कौए से व्यक्ति को कौन कौन से गुण सीखने चाहिए. गूढ़ मैथुनकारित्वं काले काले च संग्रहम्। अप्रमत्तवचनमविश्वासं पंच शिक्षेच्च वायसात्॥ आचार्य चाणक्य कौए के जरिए यह सीख देने की कोशिश कर रहे हैं कि कौए में ऐसे पांच गुण होते हैं जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बना सकता है. ये गुण हैं- अपनी निजी बातों को गोपनीय रखना, समय-समय पर चीजें इकट्ठी करना, हमेशा सतर्क रहना, बिना सोचे-समझे किसी पर भरोसा न करना और जरूरत पड़ने पर अपने साथियों को साथ जोड़ना. कौए से सीखें ये विशेष गुण आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इसका मतलब यह है कि इंसान को भी कुछ काम कौए की तरह समझदारी से करने चाहिए. 1. निजी बातें छिपाकर रखना जैसे कौआ अपनी निजी बातों को छिपाकर रखता है, वैसे ही व्यक्ति को भी अपनी पर्सनल बातों को हर किसी के सामने नहीं रखना चाहिए. 2. चीजें जमा करना इसके अलावा, कौआ छोटी-छोटी चीजें जमा करता रहता है ताकि जरूरत पड़ने पर काम आए. उसी तरह व्यक्ति को भी पैसे, संसाधन और अनुभव का संग्रह करना चाहिए, ताकि कठिन समय में दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े. 3. हमेशा सतर्क रहना कौआ हर समय चौकन्ना रहता है और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता है. यह हमें सिखाता है कि जीवन में लापरवाही नहीं करनी चाहिए, बल्कि हर स्थिति को समझकर आगे बढ़ना चाहिए. 4. जरूरत पड़ने पर साथियों को जोड़ना जब कौए को खतरा महसूस होता है, तो वह आवाज देकर अपने साथियों को बुला लेता है. इसी तरह इंसान को भी मुश्किल समय में अकेले संघर्ष करने के बजाय भरोसेमंद लोगों का साथ लेना चाहिए. 5. बिना सोचे-समझे भरोसा न करना कौआ किसी पर तुरंत विश्वास नहीं करता, बल्कि पहले परखता है. यही सीख इंसान के लिए भी जरूरी है कि हर किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से धोखा मिल सकता है, इसलिए पहले समझें, फिर विश्वास करें.  

गिरफ्तारी के बाद बड़ा कदम, ब्रिटनी स्पीयर्स ने इलाज शुरू किया

 ब्रिटनी स्पीयर्स ने अपने आपको एक ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती करा लिया है। बताया जाता है कि वह अपने नशे की आदत का इलाज करा रही हैं। नशे की लत का इलाज करा रहीं सिंगर ग्रैमी-विजेता गायिका का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब उनके करीबी लोग उनकी सेहत को लेकर चिंता जता रहे थे। स्पीयर्स अपनी नशे की लत छुड़ाने का इलाज करवा रही हैं। जज को अच्छी लग सकती है इलाज की बात मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पीयर्स का नशे की हालत में गाड़ी चलाने का केस ही उनके मदद लेने के फैसले की वजह बना। टीएमजेड ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है 'उन्हें पता है कि रणनीतिक तौर पर, जज के सामने यह बात अच्छी लगेगी कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं।' स्पीयर्स या उनके प्रतिनिधियों की ओर से उनके रिहैब में भर्ती होने के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कब तक चलेगा इलाज? बताया जाता है कि स्पीयर्स ने अपने करीबी लोगों के कहने के बाद, इलाज कराने का फैसला किया है। यह इलाज लगभग 30 दिनों तक चलेगा। यह भी बताया गया कि अपनी प्रगति के आधार पर वह वहां अपना समय बढ़ा भी सकती हैं। मई में कोर्ट में पेश होंगी गायिका 4 मार्च को कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल के अधिकारियों ने स्पीयर्स को नशे में गाड़ी चलाने के शक में गिरफ्तार किया था। उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया और मई में कोर्ट में पेश होने की तारीख तय की गई।

अनुपमा का नया प्रोमो: गोवा कैफे में पहले दिन ही दिग्विजय से टकराव

अनुपमा सीरियल का नया प्रोमो वीडियो जारी कर दिया गया है। अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि अनुपमा गोवा पहुंचकर दिग्विजय का कैफे संभालेगी। उसका इस कैफे में पहला ही दिन काफी मुश्किल रहने वाला है। क्योंकि वो जब यहां पहुंचकर कैफे को शुरू करने लायक बनाने पर काम शुरू करेगी तो एक-एक करके उसके सामने ऐसी शॉकिंग चीजें आएंगी कि उसे कुछ सख्त फैसले लेने पड़ेंगे। अनुपमा के ये फैसले दिग्विजय को जरा भी रास नहीं आएंगे। नतीजा यह होगा कि पहले ही दिन दिग्विजय अनुपमा पर बरस पड़ेगा और उसे कुछ ऐसी कड़वी बातें कह देगा, जिसके बाद देखना होगा कि आगे कहानी क्या मोड़ लेगी। रेस्त्रां में पहले ही दिन टूट पड़ी यह आफत सीरियल के नए प्रोमो वीडियो में दिखाया गया है कि अनुपमा सावी कैफे पहुंचकर सबसे पहले बोर्ड पर मैन्यू लिखेगी और फिर जब साफ सफाई और बाकी चीजें कर रही होगी, तभी सोफा पर बैठा बंकू गिर पड़ेगा। अनुपमा उसे संभालने पहुंचेगी और पूछेगी कि वह गिरा कैसे? मालूम चलेगा कि कैफे में पड़े हुए फर्नीचर की हालत ठीक नहीं है। कहीं कोई सोफा अकड़ चुका है, तो कहीं किसी बेंच की लकड़ियां टूट चुकी हैं। अनुपमा बातचीत के दौरान बंकू से कहेगी कि उसे यह सब फर्नीचर आज ही बदलना होगा। दिग्विजय ने रखी अनुपमा के सामने यह शर्त अनुपमा जहां इस रेस्त्रां को प्रोफेशनली चलाना चाहती है और इसे कॉम्पटिशन में हिस्सा लेने के लिए एक मौके के तौर पर देख रही है, वहीं दिग्विजय इस रेस्त्रां में अपनी बेटी की यादें देखता है। वह चाहता है कि इस रेस्त्रां में कुछ भी बदला नहीं जाए और यह जैसा है इसे वैसा का वैसा ही रखा जाए। यही वजह है कि अनुपमा का कैफे का फर्नीचर बदलने का विचार उसे जरा भी पसंद नहीं आएगा। वह अनुपमा पर बरस पड़ेगा और कहेगा- आपने आते ही यहां पर चीजें बदलना शुरू कर दिया। इस कैफे में कुछ भी बदला नहीं जाएगा। क्या दिग्विजय को समझा पाएगी अनुपमा? दिग्विजय जाकर वो मैन्यू भी मिटा देगा जो अनुपमा ने बोर्ड पर लिखा होगा। वह कहेगा कि सावी कभी भी इस तरह मैन्यू नहीं लिखती थी। वह अनुपमा से साफ कहेगा कि अगर आपको बिना कोई बदलाव किए यह कैफे उसे तरह चलाना है जैसे सावी चलाया करती थी तो चलाइए, वरना मैं किसी और को ढूंढ लूंगा। अनुपमा सन्न रह जाएगी। वह नहीं समझ पाएगी कि दिग्विजय को क्या जवाब दे। अब देखना यह है कि क्या अनुपमा अपनी बात दिग्विजय को समझा पाएगी या नहीं। सीरियल के अपकमिंग एपिसोड में और क्या उतार चढ़ाव आने वाले हैं? जानने के लिए जुड़े रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।

फर्जी डॉक्टर नेटवर्क का भंडाफोड़, आहूजा अस्पताल मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कानपूर किडनी ट्रांसप्लांट के मामले  में 25 हजार के इनामिया सरगना फर्जी डॉक्टर रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कमिश्नरी पुलिस ने तीन फर्जी डॉक्टर अली, डॉ अफजल के खिलाफ 25-25 रूपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। मसवानपुर स्थित आहूजा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट की सूचना पर पुलिस ने 31 मार्च को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ दबिश दी थी। जहां से साक्ष्य के बाद पुलिस ने पनकी कल्याणपुर के प्रिया अस्पताल में छापेमारी की थी। जहां पुलिस को पारुल तोमर भर्ती मिलीं। ट्रांसप्लांट कर उन्हें किडनी लगाई गई थी, जबकिआवास विकास कल्याणपुर के मेडलाइफ अस्पताल में बिहार के बेगूसराय का आयुष चौधरी भर्ती मिला। जिसने अपनी किडनी पारुल को दी थी। मामले में रावतपुर थाने के दारोगा मुकेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. प्रीति आहूजा, उसके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, एम्बुलेंस चालक शिवम अग्रवाल और मेडलाइफ व प्रिया अस्पताल के संचालकों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के डॉ. रोहित, डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अनुराग के साथ ही ओटी मैनेजर अली और डॉ. अफजाल का नाम सामने आया था। पुलिस ने इनमें से डॉ. रोहित, डॉ. अफजाल व ओटी मैनेजर अली पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। रावतपुर पुलिस ने फर्जी डॉक्टर रोहित को गिरफ्तार कर लिया है बाकी अन्य। आरोपियों के लिए दबिश दी जा रही है। इस मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।  

TRP कैसे तय होती है? जानिए BAR-O-Meter और वाटरमार्क टेक्नोलॉजी का पूरा सिस्टम

टीवी इंडस्ट्री के लिए टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट यानी TRP रिपोर्ट अहम मानी जाती है। हर हफ्ते आने वाली ये रिपोर्ट ही मेकर्स को बताती है कि कौनसे शो को क्या रेटिंग मिली है। इसी रेटिंग के आधार पर ये तय होता है कि इस हफ्ते कौनसा शो नंबर 1 पर है। लेकिन की आप जानते हैं ये TRP रेटिंग जानने के लिए एक लंबी प्रक्रिया है। देशभर में करोड़ों दर्शक अपने का पसंद का शो या चैनल देख रहे हैं। इसके लिए BAR-O-Meter और वाटर मार्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। TRP आसान शब्दों में समझते हैं- जानिए क्या है BAR-O-Meter डिवाइस टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट एक तरह का मापदंड है जिससे ये पता चलता है कि कौनसे शो को इतने लोग देख रहे हैं। ये सब TRP से पता चलता है। अगर किसी शो की TRP ज्यादा है तो मतलब वो शो हिट है। TRP रिपोर्ट निकालने का काम BARC इंडिया का है। TRP की रिपोर्ट देखने के लिए BAR-O-Meter डिवाइस का इस्तेमाल होता है। BAR-O-Meter से ये पता चलता है कि किस चैनल को कब औए कितनी देर के लिए देखा गया गया। क्या होता हो पैनल होम लेकिन देश में करोड़ों लोग टीवी देखते हैं ऐसे में सभी घरों की रिपोर्ट निकालना मुश्किल है। इसलिए BAR-O-Meter को 58,000 (रिपोर्ट के मुताबिक) से ज्यादा घरों में लगाया जाता है। इसमें शहरी और ग्रामीण घर शामिल हैं। जिन घरों में इस डिवाइस का इस्तेमाल होता है उन्हें पैनल होम कहा जाता हैं। इन घरों का जो डाटा होता है उसी आधार पर TRP की रिपोर्ट बनती है। ये है पूरी प्रक्रिया अब बड़ा सावला ये कि BAR-O-Meter नाम की ये डिवाइस काम कैसे करती है? इससे पहले ये समझते हैं कि TRP जानने के लिए वाटर मार्क टेक्नोलॉजी क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है? जैसे BAR-O-Meter एक डिवाइस है इसे लोगों के घरों में लगाया जाता है। वहीं वाटर मार्क टेक्नोलॉजी एक तरह का छुपा हुआ कोड है। ये किसी शो या चैनल के अंदर डाला जाता है। TRP पता करने के लिए वाटर मार्क टेक्नोलॉजी BAR-O-Meter को सिग्नल भेजती है। जैसे ही टीवी चलता है डिवाइस ऑडियो या वीडियो में मौजूद छुपे हुए कोड को पकड़ता है। इससे पहचान होती है कि कौनसा शो देखा गया। हर सेकंड का डाटा हर टीवी चैनल अपने शोज, मूवी या न्यूज में छुपे हुए कोड यानी वाटर मार्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। ये कोड हर चैनल और शो का अलग होता है। जब वाटर मार्क टेक्नोलॉजी सिग्नल भेजती है तो BAR-O-Meter हर सेकंड का डाटा रिकॉर्ड करता है। फिर इस डाटा को सर्वर पर भेजा जाता है। इसी के आधार पर हर हफ्ते की वीकली रिपोर्ट बनती है। अगर किसी चैनल या शो की अधिक TRP है तो इससे ब्रांड वैल्यू बढ़ती है, अधिक विज्ञापन मिलते हैं। आर्थिक रूप से TRP बेहद खास हो जाती है।

द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिजवासन टोल के पास यू-टर्न अंडरपास की तैयारी शुरू

गुरुग्राम द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बिजवासन टोल प्लाजा पर यू-टर्न अंडरपास निर्माण की तैयारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुरू कर दी है। मौजूदा वक्त में यहां यू-टर्न की सुविधा न होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। कई बार लोग टोल से बचने के लिए गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग साढ़े आठ एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें कुछ हिस्सा जीएमडीए का और कुछ निजी बिल्डरों का है। इस दो लेन के अंडरपास के बनने से यात्रियों का समय और ईंधन बचेगा। जमीन मिलने के बाद बनाया जाएगा इस्टीमेट इसमें कुछ जमीन गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की है तो कुछ बिल्डरों की है। जमीन मिलने के बाद इस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। गत 28 जनवरी को एनएचएआई अध्यक्ष संतोष यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम के आयुक्त और जिला उपायुक्त मौजूद थे। बिजवासन टोल प्लाजा के समीप यू-टर्न नहीं अधिकारियों ने बैठक में बताया था कि बिजवासन टोल प्लाजा के समीप यू-टर्न नहीं है। बजघेड़ा निकासी पर यदि वाहन चालक नहीं उतर पाता है तो वह बिजवासन टोल प्लाजा पर पहुंच जाता है। टोल से बचने के लिए वाहन चालक गलत दिशा में वाहन चलाते हैं। स्थानीय लोगों की तरफ से भी बिजवासन टोल प्लाजा पर यू-टर्न निर्माण का आग्रह किया है। मौके पर यदि नहीं होगी सरकारी जमीन तो होगा अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अध्यक्ष ने इस बैठक में आदेश जारी किए थे कि यदि मौके पर सरकारी जमीन है तो उसे जीएमडीए के माध्यम से लिया जाए। निजी जमीन यदि यू-टर्न के निर्माण में आ रही है तो उसका अधिग्रहण किया जाए। इसको लेकर एनएचएआई के परियोजना अधिकारी ने एक सलाहकार कंपनी को यू-टर्न निर्माण के लिए सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कंपनी से सर्वे कर के एनएचएआई को सौंपी रिपोर्ट सलाहकार कंपनी ने सर्वे करके रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के हवाले कर दी है। इसके मुताबिक दो लेन के यू-टर्न अंडरपास के निर्माण के लिए जीएमडीए की करीब पौने सात एकड़ जमीन की जरूरत है। पौने दो एकड़ जमीन आसपास रिहायशी और व्यावसायिक परियोजना बना रहे बिल्डरों की है। लोगों को परेशानी हो रही सलाहकार कंपनी ने बताया कि यू-टर्न की कमी से दैनिक यात्रियों के लिए यात्रा की दूरी और समय में वृद्धि हुई है। अनावश्यक ईंधन की खपत और परिचालन अक्षमताएं बढ़ी हैं। टोल प्लाजा और विलय क्षेत्रों के पास यातायात बढ़ा है। गलत दिशा में चलने से हादसे की संभावना है। अचानक लेन बदलने से दुर्घटनाओं का खतरा है।

कब्ज से राहत के आयुर्वेदिक उपाय: घी, किशमिश और अंजीर से मिलेगा फायदा

आयुर्वेद में हर एक चीज का इलाज है। कब्ज की समस्या का इलाज भी आपको आयुर्वेद में मिल जाएगा। लगातार कब्ज रहने से मल त्याग के समय बहुत ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। जिसकी वजह से मल त्याग करने के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे बवासीर हो जाता है। जिसकी वजह से दर्द और खून आने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा जब किसी व्यक्ति का पेट साफ नहीं होता है तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिसकी वजह से चेहरे पर मुहांसे, चिड़चिड़ापन, तनाव, काम में मन न लगना, लगातार गैस बनना, पेट फूलना और भूख न लगना जैसी समस्याएं शामिल हैं। इससे निपटने के लिए आप आयर्वेद में बताई खाने की चीजों को खाकर छुटकारा पा सकते हैं। 1) घी और गर्म पानी रात में सोने से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच घी डालकर पीएं। इस नुस्खे की मदद से आंतों को चिकनाई मिलती है, जिसकी वजह से मल त्याग करने में आसानी होती है। ब्यूटिरिक एसिड से भरपूर होने के कारण, यह आंतों के बैक्टीरिया को पोषण देता है और पाचन क्रिया को आसान बनाता है। 2) भीगे हुए किशमिश रातभर भीगी किशमिश को सुबह खाली पेट खाने से पाचन, आयरन की कमी, हड्डियों की मजबूती और एनर्जी बढ़ाने का काम करती हैं। सुबह के समय ये किशमिश खाने से ये प्राकृतिक लैक्सेटिव के रूप में काम करती है। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण, ये पाचन में सुधार करती हैं और पेट फूलने से राहत दिलाती हैं। 3) बेल पल्प गंभीर कब्ज से निपटने के लिए ये बेस्ट आयुर्वेदिक नुस्खा है। बेल के गूदे को गुनगुने पानी और गुड़ के साथ मिक्स करें। ये आंतों को साफ करने का काम करता है। 4) अलसी और चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर अलसी और चिया सीड्स पानी सोख लेते हैं और मल को अधिक मात्रा में बनाते हैं। इन्हें गर्म पानी में भिगोकर या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। 5) उबला सेब या अंजीर उबला हुआ सेब एक पौष्टिक और आसानी से पचने वाली चीज है। आयुर्वेद के मुताबिक गुनगुना उबला सेब सुबह खाने से पाचन में मदद मिलती है। ये आंत के स्वास्थ्य को बढ़ाने और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा अंजीर फाइबर से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद नेचुरल एंजाइम्स नियमित मल त्यागने में मदद करते हैं। आप भीगी हुई अंजी रोजाना सुबह खा सकते हैं।