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टाटा मोटर्स यूनियन की तीन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, 13 अप्रैल को मिलेंगे नामांकन फॉर्म और बढ़ी चुनावी सरगर्मी

  जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के तीन रिक्त कमेटी मेंबर पदों पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा. चुनाव पदाधिकारी चिदानंद खंडई ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी. जिसके साथ ही कंपनी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. 13 अप्रैल को मिलेगा नामांकन फॉर्म घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन पदों के लिए नामांकन पत्रों का वितरण 13 अप्रैल को होगा. इसके बाद 17 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा और इसी दिन शाम को मतगणना के बाद देर रात तक नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी. कमेटी मेंबरों का चुनाव पूरा होते ही यूनियन की कमेटी मीटिंग बुलाई जाएगी. इसके बाद ही खाली उपाध्यक्ष और सहायक सचिव के एक-एक पदों पर भरा जाएगा. त्रिकोणीय मुकाबले के आसार एक्सल डिवीजन की दो सीटों के लिए जहां विजय कुमार शर्मा, रवींद्र कुमार, अश्विनी तिवारी और विजय कुमार सिंह जैसे पुराने चेहरे आमने-सामने हैं. वहीं इआरसी की एक सीट पर दो से अधिक दावेदारों के कूदने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. संभावित प्रत्याशी अपने-अपने विभागों में छोटी-छोटी बैठकें कर रहे हैं और मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टियों का दौर भी शुरू हो चुका है. रिटाइरमेंट के कारण खाली हुए पद एक्सल डिवीजन से कमेटी मेंबर सैयद मुनव्वर और उपाध्यक्ष शिव नारायण सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद दो सीटें खाली हुई थीं. वहीं, इआरसी विभाग से सहायक सचिव मनोज कुमार शर्मा के रिटायर होने से एक पद खाली हुआ था. इन तीनों सीटों पर कब्जा जमाने के लिए प्रत्याशियों ने अभी से फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है.

झारखंड के सभी जिलों में खुलेंगे कैंसर डे-केयर यूनिट, इलाज के लिए अब दूसरे राज्यों में नहीं भटकेंगे मरीज

 रांची  राजधानी रांची के सदर अस्पताल में मरीजों को अब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है. स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सदर अस्पताल में 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमीन का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्देश दिया गया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना रहा. कैंसर मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं और रेडिएशन बंकर झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ‘डे-केयर यूनिट’ बनाई जाए. इसके साथ ही, रेडिएशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बंकरों का निर्माण भी किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उचित चिकित्सा और देखभाल मिल सके. आईपीएचएस मानकों के आधार पर अस्पतालों का उन्नयन बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सदर अस्पतालों का विकास इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा. इसके तहत अस्पतालों की बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और वहां अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव ने बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में संशोधन कर उन्हें पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के जीर्णोद्धार (Renovation) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है. मानव संसाधन विकास और नामकुम में प्रशिक्षण केंद्र अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर चर्चा की गई है. स्वास्थ्य सचिव ने एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी और गहन चिकित्सा (ICU) सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जीवन रक्षक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके.

वॉट्सऐप ने कार यूजर्स के लिए लॉन्च किया नया कारप्ले ऐप, अब इंफोटेनमेंट सिस्टम पर ही देख सकेंगे कॉल हिस्ट्री और चैट्स

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है, जिसके तहत एक नया ऐप लॉन्च किया है. वॉट्सऐप का नया ऐप कार प्ले के लिए जारी किया है, जिसका फायदा कार वालों को होगा. दरअसल, एंड्रॉयड ऑटो की तरह ही कार प्ले होता है, जिसको कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में यूज किया जाता है. इसमें यूजर्स का स्मार्टफोन ब्लूटूथ या वायर के जरिए कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है. इसके बाद फोन पर आने वाले मैसेज, कॉल और नेविगेशन की सुविधा इंफोटेनमेंट सिस्टम पर मिलती है. यह अपडेट वॉट्सऐप के iOS वर्जन 26.13.74 के साथ आया है. न्यू अपडेट को भारत समेत ग्लोबल मार्केट के लिए लॉन्च कर दिया है. यह फीचर पहले बीटा वर्जन में देखा जा चुका है और अब इसको बड़े लेवल पर रोलआउट किया गया है. अभी तक कारप्ले पर वॉट्सऐप मैसेज रिसीव किए जा सकते थे. अब कार प्ले के लिए अलग ऐप आ गया है, जिसकी मदद से यूजर्स वॉट्सऐप कॉल को भी इंफोटेनमेंट सिस्टम पर देख सकेंगे और जवाब दे सकेंगे.   वॉट्सऐप कार प्ले के तहत मिलेंगे ये फीचर वॉट्सऐप के कार प्ले ऐप की मदद से यूजर्स इंफोटेनमेंट सिस्टम पर कॉल रिसीव कर सकेंगे. इसमें चैट्स व कॉल हिस्ट्री के लिए अलग-अलग टैब भी हैं. इसकी मदद से यूजर्स हाल ही में किए गए कॉल हिस्ट्री को भी देख सकेंगे. ड्राइविंग के दौरान पूरा चैट विंडो ओपन करने की जरूरत नहीं होगी. वॉट्सऐप पर आने वाले मैसेज का रिप्लाई करने के लिए वॉयस डिटेक्शन का सपोर्ट मिलता है. इसमें यूजर्स हैंड्स-फ्री रिप्लाई कर सकते हैं. सिरी पर निर्भरता को कम किया वॉट्सऐप के न्यू ऐप में एक और बदलाव किया है कि अब Siri पर निर्भरता कम हो जाएगी. पहले ड्राइवर को कार प्ले में वॉट्सऐप मैसेज पढ़ने और जवाब देने के लिए Siri का यूज करना पड़ता था. अब ये सभी फीचर्स सीधे ऐप के इंटरफेस में ही शामिल कर दिए गए हैं.

गैस एजेंसियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, राजधानी के कई इलाकों में छोटे सिलिंडर के लिए लोग काट रहे चक्कर

नई दिल्ली राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।  

मेष राशि में 14 अप्रैल को सूर्य का महागोचर, उच्च अवस्था में आकर चमकाएंगे कई राशियों का भाग्य और कुछ के लिए बढ़ेगी मुश्किल

 सूर्य महाराज 14 अप्रैल 2026 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव मेष राशि में उच्च अवस्था में होते हैं और इसके अधिपति देव मंगल ग्रह हैं. ऐसा माना जाता है कि मेष राशि में सूर्य देव उच्च अवस्था में होते हैं इसलिए हम कह सकते हैं कि इस राशि में सूर्य ग्रह बहुत शक्तिशाली स्थिति में होते हैं. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को उग्र ग्रह माना जाता है और जब यह मेष राशि में स्थित होते हैं. मेष राशि में सूर्य के आने से जातकों की बुद्धि तेज होती है. कई विषयों का अच्छा ज्ञान भी होता है. सूर्य मेष राशि में होने पर जातक योद्धा, सरकार से जुड़े क्षेत्रों जैसे सेना और पुलिस आदि में नेतृत्व संबंधित भूमिकाओं में सफलता प्राप्त करते हैं. ज्योतिषियों की मानें तो, सूर्य का यह गोचर कई राशियों के लिए अशुभ भी रहेगा. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य देव का यह गोचर बारहवें भाव में होने जा रहा है. जीवन में समस्याएं आ सकती हैं. करियर में सफलता पाने के लिए अनेक बार प्रयास करने पड़ सकते हैं. बेकार की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं. काफी धन खर्च हो सकता है. माता की सेहत आपके लिए चिंता का विषय हो सकती है. कुछ परिस्थितियों में अपने घर से दूर रहना पड़ सकता है. सरकार या प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. सेहत का ख्याल रखना होगा. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रह बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं. इस दौरान किसी नियम का उल्लंघन न करें. किसी भी तरह की गलती से बचना होगा. स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. आपको सावधानी बरतने और समझदारी से काम लेना होगा. आर्थिक नुकसान हो सकता है. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर ग्यारहवें भाव में होगा. आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा कर सकती हैं. अहंकार से जुड़े विवाद आपके रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं. आपके लिए धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा. आपको यात्रा के दौरान परेशानियां हो सकती हैं. व्यापार में भी कठिनाई का अनुभव हो सकता है. पेशेवर जीवन में अगर आप सतर्क रहकर काम करेंगे, तो आपको धन लाभ हो सकता है. मानसिक तनाव हो सकता है.

हाथियों की शाही दावत और महावतों का सम्मान, जयपुर में अनंत अंबानी के जन्मदिन पर पशु प्रेम का दिखा अनोखा नजारा

जयपुर जयपुर में हाथी गांव में उद्योगपति अनंत अंबानी का जन्मदिन इस बार बेहद अनोखे अंदाज में मनाया गया। इस खास मौके पर हाथियों ने 2.5 फीट ऊंचा केक काटा और 3000 किलो फलों की भव्य दावत का आनंद लिया। कार्यक्रम ने न केवल उत्साह फैलाया बल्कि पशु प्रेम और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया। हाथियों ने फलों से बने केक काटे जन्मदिन समारोह में हाथी बाबू, हथिनी पुष्पा और चंदा ने मिलकर फलों से बने केक को काटा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग और पशु प्रेमी उपस्थित थे। इस केक को विशेष रूप से हाथियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया था। 3 हजार किलो फल की भव्य दावत कार्यक्रम में हाथियों के लिए विशेष बुफे भी सजाया गया, जिसमें केले, सेब, पपीता, गन्ना, गुड़ और हरा चारा शामिल था। लगभग 3000 किलो फल और पोषक आहार का आनंद हाथियों ने भरपूर लिया। हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान ने बताया कि अनंत अंबानी पशुओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और उनका हाथी गांव से जुड़ाव इस आयोजन को और भी खास बनाता है। महावतों का भी हुआ सम्मान साथ ही हाथी महावतों का भी सम्मान किया गया। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं, जो उनके योगदान को सराहने का प्रतीक हैं। उपस्थित पशु प्रेमियों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक बताया और कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ खुशियां साझा करना समाज में सकारात्मक संदेश फैलाता है और पशु संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाता है। कुल मिलाकर यह समारोह केवल जन्मदिन नहीं बल्कि पशु प्रेम, सेवा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।  

बंगाल में ‘हजार करोड़ की डील’ के वीडियो के बाद ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन

कोलकाता पश्चिम बंगाल में बीच चुनाव भी गठबंधनों का गणित बदलने का सिलसिला जारी है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बना ली थी. हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी  की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अपनी सियासी जड़े जमाने की कोशिश में थी।  इस बार मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरने का ऐलान करने वाली दोनों पार्टियों की राहें अब जुदा हो गई हैं. ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है. एआईएमआईएम ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है कि पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।  एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर के बयानों से किनारा करते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिमों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. एआईएमआईएम की ओर से कहा गया है कि आज के हालात में पार्टी ने हुमायूं कबीर के दल के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।  एआईएमआईएम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का शिकार समुदायों में से एक हैं. पार्टी ने लेफ्ट और टीएमसी पर तंज करते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ खास नहीं किया गया।  ओवैसी की पार्टी ने इसी पोस्ट में यह भी कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने को लेकर एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. एआईएमआईएम की ओर से यह ऐलान हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल होने के बाद आया है।  वायरल वीडियो में क्या था तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये का खेल करने की बात थी. टीएमसी ने दावा किया था कि मुस्लिमों की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिशें हो रही हैं. फिरहाद हकीम ने टीएमसी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर किसी से बात करते दिखाई दे रहे हैं।  हुमायूं कबीर इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच हजार करोड़ रुपये की डील का दावा किया था. इस वीडियो पर हुमायूं कबीर की सफाई भी आई थी. हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई जेनरेटेड बताते हुए कहा था कि टीएमसी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।   हुमायूं कबीर ने क्या कहा था हुमायूं कबीर ने कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं. साल 2019 के बाद इनमें से किसी से भी कोई संपर्क नहीं है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से मुलाकात की फोटो या सबूत हो, तो दिखाएं. हुमायूं कबीर ने इस मामले में फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। 

विवाह कार्ड दिखाने पर तुरंत मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलिंडर, रसद विभाग ने प्रवासियों के लिए भी शुरू की 5 किलो वाले छोटे सिलिंडर की सुविधा

सिरोही अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के चलते उत्पन्न गैस संकट के बीच सिरोही जिले से राहत भरी खबर सामने आई है। रसद विभाग ने प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को ध्यान में रखते हुए सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा 5 किलो एफटीएल सिलिंडर प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन सचिव (खाद्य) अंबरीष कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए। इसमें साफ कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां केवल प्रवासी श्रमिकों को ही यह 5 किलो एफटीएल सिलेंडर उपलब्ध कराएं और इसकी जानकारी नियमित रूप से विभाग को भेजें। शादी वाले परिवारों को मिलेंगे अतिरिक्त कामर्शियल सिलिंडर आगामी दिनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में आयोजक परिवारों को सिलिंडर की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए रसद विभाग ने विशेष योजना बनाई है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में आयोजक परिवारों को 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। विवाह कार्ड दिखाना होगा जरूरी सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को विवाह का कार्ड जिला रसद अधिकारी को दिखाना होगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिला रसद अधिकारी संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के जिला नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में एक बार बुकिंग के बाद दूसरी बुकिंग के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 35 दिन है। इसके बावजूद भी लोगों को सिलिंडर मिलने में कई दिन लग जाते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच यह फैसला लोगों के लिए राहत लेकर आया है। खासकर प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।  

अंधविश्वास के जाल में फंसा कैथल का परिवार, तांत्रिक महिला ने दो साल में ऐंठे एक करोड़ से ज्यादा रुपये और पुलिस ने दर्ज किया केस

 कैथल कहावत है कि भ्रम का कोई इलाज नहीं। हरियाणा के कैथल में एक ऐसा ही मामला समाने आया है जहां एक परिवार जादू-टोनों के चक्र में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठा बुढ़ा खेड़ा गांव में जादू-टोना का प्रकोप बताकर एक परिवार से 1.07 करोड़ रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला तांत्रिक ने अपने पति, बेटे और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर परिवार को करीब दो वर्षों तक तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर उलझाए रखा और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें बलि के नाम पर चामुंडा देवी धाम भी ले जाया गया जहां इंजेक्शन के माध्यम से उनके शरीर से खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात भी हड़प लिए। जब परिवार की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और लगातार पैसों की मांग बढ़ती गई, तब पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दी। गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी अमनदीप ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुखबीर सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से सिरदर्द और चक्कर की समस्या से जूझ रहे थे। कई प्रकार के उपचार करवाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। इसके साथ ही परिवार में आपसी कलह भी बनी रहती थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने उन्हें गांव की सुमन नामक महिला के बारे में बताया, जो झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाएं करने का दावा करती थी। अमनदीप के मुताबिक, सुमन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके घर पर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है और इससे मुक्ति पाने के लिए काली माता की बलि देनी होगी तथा बाबा भैरों नाथ का मंदिर बनवाना पड़ेगा। परिवार पहले से ही मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए वे उसके झांसे में आ गए। जमीन बेचकर और एफडी तुड़वाकर दिए रुपये पीड़ित ने बताया कि सुमन के कहने पर उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और बैंक की एफडी तुड़वाकर करीब 76 लाख रुपये नकद तथा लगभग 7 लाख रुपये ऑनलाइन उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सुमन उन्हें चामुंडा देवी धाम भी ले गई, जहां उसने इंजेक्शन के जरिए उनका खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया। आरोपी ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है और जब मंदिर बनकर तैयार होगा तो उन्हें सोने का छत्र चढ़ाना होगा। जब परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए और पैसे देने में असमर्थता जताई और कहा कि वे पहले ही 80-90 लाख रुपये दे चुके हैं, तब भी आरोपियों ने पैसे की मांग जारी रखी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें गुमराह कर सम्मोहन जैसी विधियों के माध्यम से उनसे 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात तथा भारी रकम हड़प ली गई। जादू-टोना के नाम पर लोगों को बनाते हैं शिकार आरोप है कि सुमन, उसका पति बलराज, बेटा वंश और उचाना निवासी संजीव मिलकर लोगों को जादू-टोना के नाम पर झांसे में लेते हैं। ये लोग काली माता, भैरों बाबा और सबल सिंह बावरी के नाम का हवाला देकर लोगों से जेवर और पैसे ऐंठते हैं तथा बलि के नाम पर शरीर से खून निकालते हैं। इसके अलावा, ये आरोपित लोगों को हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, पटियाला और बागड़ सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाकर तांत्रिक क्रियाएं करवाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह 100 से 150 लोगों से करीब 3-4 करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है। सदर थाना के जांच अधिकारी मनु ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

साल 2026 में 24 अप्रैल को मनाई जाएगी बगलामुखी जयंती, शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मां पीताम्बरा की पूजा का बन रहा शुभ संयोग

 हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का बहुत महत्व है, जिनमें से आठवीं शक्ति माँ बगलामुखी हैं. इन्हें पीताम्बरा भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पीला रंग बहुत प्रिय है. मान्यता है कि इनकी पूजा करने से विरोधियों पर जीत मिलती है. साल 2026 में माँ बगलामुखी की जयंती बहुत ही शुभ संयोग में मनाई जाएगी. कब है बगलामुखी जयंती? साल 2026 में बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि 24 अप्रैल 2026 सुबह 07:18 बजे से शुरू होगी. तिथि का समापन 25 अप्रैल 2026 सुबह 05:51 बजे तक होगा. पूजा के लिए शुक्रवार का पूरा दिन बहुत शुभ रहने वाला है. माँ बगलामुखी की महिमा माँ बगलामुखी को स्तंभन की देवी माना जाता है. कहते हैं कि इनकी कृपा से इंसान की वाणी और शत्रुओं की बुद्धि पर नियंत्रण पाया जा सकता है. कोर्ट-कचहरी के मामलों या वाद-विवाद में सफलता पाने के लिए माँ बगलामुखी की साधना अचूक मानी जाती है. पूजा की आसान विधि माँ की पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व है, इसलिए इसे पीताम्बरा उपासना भी कहते हैं. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, पीले रंग के कपड़े पहनें. पूजा के लिए पीले रंग के आसन का इस्तेमाल करें. माँ की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल से साफ करें. उन्हें पीले फूल, पीला चंदन, पीला फल और पीला भोग (जैसे बेसन के लड्डू) चढ़ाएं. पूजा के दौरान शुद्ध घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं. संभव हो तो इस दिन व्रत रखें और माँ के मंत्रों का जाप करें. शक्तिशाली मंत्र पूजा के समय इस मंत्र का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है. "ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वान्कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।" मंत्र का जाप हल्दी की माला से करना सबसे उत्तम माना जाता है. कहाँ है प्रमुख मंदिर? माँ बगलामुखी के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित पीताम्बरा पीठ और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित बगलामुखी मंदिर शामिल हैं. जयंती के दिन इन मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और हवन किए जाते हैं, जिनमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं.