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बंगाल में ‘हजार करोड़ की डील’ के वीडियो के बाद ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन

कोलकाता पश्चिम बंगाल में बीच चुनाव भी गठबंधनों का गणित बदलने का सिलसिला जारी है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बना ली थी. हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी  की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अपनी सियासी जड़े जमाने की कोशिश में थी।  इस बार मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरने का ऐलान करने वाली दोनों पार्टियों की राहें अब जुदा हो गई हैं. ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है. एआईएमआईएम ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है कि पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।  एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर के बयानों से किनारा करते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिमों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. एआईएमआईएम की ओर से कहा गया है कि आज के हालात में पार्टी ने हुमायूं कबीर के दल के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।  एआईएमआईएम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का शिकार समुदायों में से एक हैं. पार्टी ने लेफ्ट और टीएमसी पर तंज करते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ खास नहीं किया गया।  ओवैसी की पार्टी ने इसी पोस्ट में यह भी कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने को लेकर एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. एआईएमआईएम की ओर से यह ऐलान हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल होने के बाद आया है।  वायरल वीडियो में क्या था तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये का खेल करने की बात थी. टीएमसी ने दावा किया था कि मुस्लिमों की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिशें हो रही हैं. फिरहाद हकीम ने टीएमसी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर किसी से बात करते दिखाई दे रहे हैं।  हुमायूं कबीर इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच हजार करोड़ रुपये की डील का दावा किया था. इस वीडियो पर हुमायूं कबीर की सफाई भी आई थी. हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई जेनरेटेड बताते हुए कहा था कि टीएमसी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।   हुमायूं कबीर ने क्या कहा था हुमायूं कबीर ने कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं. साल 2019 के बाद इनमें से किसी से भी कोई संपर्क नहीं है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से मुलाकात की फोटो या सबूत हो, तो दिखाएं. हुमायूं कबीर ने इस मामले में फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। 

विवाह कार्ड दिखाने पर तुरंत मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलिंडर, रसद विभाग ने प्रवासियों के लिए भी शुरू की 5 किलो वाले छोटे सिलिंडर की सुविधा

सिरोही अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के चलते उत्पन्न गैस संकट के बीच सिरोही जिले से राहत भरी खबर सामने आई है। रसद विभाग ने प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को ध्यान में रखते हुए सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा 5 किलो एफटीएल सिलिंडर प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन सचिव (खाद्य) अंबरीष कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए। इसमें साफ कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां केवल प्रवासी श्रमिकों को ही यह 5 किलो एफटीएल सिलेंडर उपलब्ध कराएं और इसकी जानकारी नियमित रूप से विभाग को भेजें। शादी वाले परिवारों को मिलेंगे अतिरिक्त कामर्शियल सिलिंडर आगामी दिनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में आयोजक परिवारों को सिलिंडर की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए रसद विभाग ने विशेष योजना बनाई है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में आयोजक परिवारों को 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। विवाह कार्ड दिखाना होगा जरूरी सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को विवाह का कार्ड जिला रसद अधिकारी को दिखाना होगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिला रसद अधिकारी संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के जिला नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में एक बार बुकिंग के बाद दूसरी बुकिंग के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 35 दिन है। इसके बावजूद भी लोगों को सिलिंडर मिलने में कई दिन लग जाते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच यह फैसला लोगों के लिए राहत लेकर आया है। खासकर प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।  

अंधविश्वास के जाल में फंसा कैथल का परिवार, तांत्रिक महिला ने दो साल में ऐंठे एक करोड़ से ज्यादा रुपये और पुलिस ने दर्ज किया केस

 कैथल कहावत है कि भ्रम का कोई इलाज नहीं। हरियाणा के कैथल में एक ऐसा ही मामला समाने आया है जहां एक परिवार जादू-टोनों के चक्र में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठा बुढ़ा खेड़ा गांव में जादू-टोना का प्रकोप बताकर एक परिवार से 1.07 करोड़ रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला तांत्रिक ने अपने पति, बेटे और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर परिवार को करीब दो वर्षों तक तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर उलझाए रखा और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें बलि के नाम पर चामुंडा देवी धाम भी ले जाया गया जहां इंजेक्शन के माध्यम से उनके शरीर से खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात भी हड़प लिए। जब परिवार की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और लगातार पैसों की मांग बढ़ती गई, तब पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दी। गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी अमनदीप ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुखबीर सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से सिरदर्द और चक्कर की समस्या से जूझ रहे थे। कई प्रकार के उपचार करवाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। इसके साथ ही परिवार में आपसी कलह भी बनी रहती थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने उन्हें गांव की सुमन नामक महिला के बारे में बताया, जो झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाएं करने का दावा करती थी। अमनदीप के मुताबिक, सुमन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके घर पर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है और इससे मुक्ति पाने के लिए काली माता की बलि देनी होगी तथा बाबा भैरों नाथ का मंदिर बनवाना पड़ेगा। परिवार पहले से ही मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए वे उसके झांसे में आ गए। जमीन बेचकर और एफडी तुड़वाकर दिए रुपये पीड़ित ने बताया कि सुमन के कहने पर उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और बैंक की एफडी तुड़वाकर करीब 76 लाख रुपये नकद तथा लगभग 7 लाख रुपये ऑनलाइन उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सुमन उन्हें चामुंडा देवी धाम भी ले गई, जहां उसने इंजेक्शन के जरिए उनका खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया। आरोपी ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है और जब मंदिर बनकर तैयार होगा तो उन्हें सोने का छत्र चढ़ाना होगा। जब परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए और पैसे देने में असमर्थता जताई और कहा कि वे पहले ही 80-90 लाख रुपये दे चुके हैं, तब भी आरोपियों ने पैसे की मांग जारी रखी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें गुमराह कर सम्मोहन जैसी विधियों के माध्यम से उनसे 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात तथा भारी रकम हड़प ली गई। जादू-टोना के नाम पर लोगों को बनाते हैं शिकार आरोप है कि सुमन, उसका पति बलराज, बेटा वंश और उचाना निवासी संजीव मिलकर लोगों को जादू-टोना के नाम पर झांसे में लेते हैं। ये लोग काली माता, भैरों बाबा और सबल सिंह बावरी के नाम का हवाला देकर लोगों से जेवर और पैसे ऐंठते हैं तथा बलि के नाम पर शरीर से खून निकालते हैं। इसके अलावा, ये आरोपित लोगों को हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, पटियाला और बागड़ सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाकर तांत्रिक क्रियाएं करवाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह 100 से 150 लोगों से करीब 3-4 करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है। सदर थाना के जांच अधिकारी मनु ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

साल 2026 में 24 अप्रैल को मनाई जाएगी बगलामुखी जयंती, शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मां पीताम्बरा की पूजा का बन रहा शुभ संयोग

 हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का बहुत महत्व है, जिनमें से आठवीं शक्ति माँ बगलामुखी हैं. इन्हें पीताम्बरा भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पीला रंग बहुत प्रिय है. मान्यता है कि इनकी पूजा करने से विरोधियों पर जीत मिलती है. साल 2026 में माँ बगलामुखी की जयंती बहुत ही शुभ संयोग में मनाई जाएगी. कब है बगलामुखी जयंती? साल 2026 में बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि 24 अप्रैल 2026 सुबह 07:18 बजे से शुरू होगी. तिथि का समापन 25 अप्रैल 2026 सुबह 05:51 बजे तक होगा. पूजा के लिए शुक्रवार का पूरा दिन बहुत शुभ रहने वाला है. माँ बगलामुखी की महिमा माँ बगलामुखी को स्तंभन की देवी माना जाता है. कहते हैं कि इनकी कृपा से इंसान की वाणी और शत्रुओं की बुद्धि पर नियंत्रण पाया जा सकता है. कोर्ट-कचहरी के मामलों या वाद-विवाद में सफलता पाने के लिए माँ बगलामुखी की साधना अचूक मानी जाती है. पूजा की आसान विधि माँ की पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व है, इसलिए इसे पीताम्बरा उपासना भी कहते हैं. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, पीले रंग के कपड़े पहनें. पूजा के लिए पीले रंग के आसन का इस्तेमाल करें. माँ की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल से साफ करें. उन्हें पीले फूल, पीला चंदन, पीला फल और पीला भोग (जैसे बेसन के लड्डू) चढ़ाएं. पूजा के दौरान शुद्ध घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं. संभव हो तो इस दिन व्रत रखें और माँ के मंत्रों का जाप करें. शक्तिशाली मंत्र पूजा के समय इस मंत्र का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है. "ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वान्कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।" मंत्र का जाप हल्दी की माला से करना सबसे उत्तम माना जाता है. कहाँ है प्रमुख मंदिर? माँ बगलामुखी के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित पीताम्बरा पीठ और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित बगलामुखी मंदिर शामिल हैं. जयंती के दिन इन मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और हवन किए जाते हैं, जिनमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं.

पश्चिमी विक्षोभ से हरियाणा के कई जिलों में बदला मौसम, रात के तापमान में आई 5 डिग्री तक की कमी

चंडीगढ़ पश्चिमी विक्षोभ के कारण वीरवार को यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, करनाल और कुरुक्षेत्र में बिखराव वाली बारिश दर्ज की गई। हवाओं की दिशा और गति में बदलाव, विशेषकर रात के समय उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से प्रदेश में रात्रि तापमान में गिरावट देखने को मिली। रात का तापमान 13 से 16 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। प्रदेश के सभी जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के साथ मौसम साफ होने के कारण सूर्य की तपिश में बढ़ोतरी से दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज हुई। चंडीगढ़ में रात का तापमान 12.3, पानीपत 13.0, महेंद्रगढ़ 14.3 और हिसार में 14.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट रही। 15 अप्रैल के बाद मौसम होगा गर्म 11 अप्रैल से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि शुरू होगी। सिरसा, फतेहाबाद, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में छिटपुट बारिश की संभावना है। शेष हरियाणा में मौसम आमतौर पर शुष्क और आंशिक बादल वाला रहेगा। 15 अप्रैल के बाद पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में और तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है जबकि रात्रि तापमान धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौटेगा।  

ब्रिगेडियर बने कर्नल श्रीकांत पुरोहित, रिटायरमेंट पर रोक का आदेश

 नई दिल्ली, भारतीय सेना ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर रैंक पर प्रमोशन की मंजूरी दे दी है. कर्नल पुरोहित लंबे समय तक कानूनी लड़ाई और विवादों में रहे हैं. अब उनके याचिका की सुनवाई के बाद उन्हें प्रमोशन देने का फैसला लिया गया है।  कर्नल पुरोहित 31 मार्च, 2026 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) ने उनकी प्रमोशन की याचिका पर विचार किया और उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी।  17 साल के लंबे सफर के बाद कर्नल पुरोहित को ये प्रमोशन मिलना, उनकी जिंदगी के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है. उन्होंने एक हाई-प्रोफाइल विस्फोट मामले में आरोपी होने से लेकर एक सीनियर कमांडर के तौर पर अपनी जगह बनाई है।  2008 में मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका करियर पूरी तरह रुक गया था. हालांकि 2017 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो सेवा में वापस तो आ गए, लेकिन उनकी सीनियरिटी और प्रमोशन सालों तक लटके रहे।  बरी होने के बाद मिली नई दिशा कर्नल पुरोहित को 31 जुलाई, 2025 को मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था. अदालत ने सबूतों की कमी और अभियोजन पक्ष के मामले में विरोधाभासों का हवाला दिया था. इसके बाद, सितंबर 2025 में उन्हें पूर्ण कर्नल के पद पर प्रमोट किया गया।  कर्नल पुरोहित 31 मार्च, 2026 को रिटायर होने वाले थे. हालांकि, 16 मार्च, 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुनाया कि पुरोहित के पास अपने जूनियर्स के बराबर फायदे और प्रमोशन पाने का पुख्ता मामला है. ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि प्रमोशन से जुड़ी उनकी शिकायत का समाधान होने तक उनकी रिटायरमेंट को स्थगित रखा जाए।  इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक, सेना की ओर से ब्रिगेडियर रैंक की मंजूरी उनके जेल और ट्रायल के दौरान खोए गए सालों की एक तरह से भरपाई है. अगर उनका करियर बाधित नहीं होता, तो उनके बैच के साथी अब तक वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर पहुंच चुके होते.सामान्य परिस्थितियों में वो अब तक मेजर जनरल के पद तक पहुंच सकते थे। 

आयुष्मान योजना से हटेंगे हरियाणा के निजी अस्पताल, करोड़ों के बिल लंबित होने पर डॉक्टरों ने लिया कड़ा फैसला

चंडीगढ़ सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा संकट गहराता जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने संकेत दिए हैं कि राज्य के अस्पताल अब इस योजना को जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं। आईएमए की ओर से आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को भेजे गए पत्र में कई गंभीर खामियों और लंबित मुद्दों को उठाया गया है। अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत 15 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन सितंबर 2025 से ही करोड़ों रुपये के बिल लंबित पड़े हैं। लगातार हो रही इस देरी से निजी अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो गया है। सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। आईएमएने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो 20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।   कमेटियां ठप, फैसले अटके जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री स्तर पर आईएमए प्रतिनिधियों को एम्पैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटियों में शामिल करने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इससे अस्पतालों से जुड़े कई अहम फैसले लंबित हैं। पांच महीने से नहीं हुई बैठक पिछले पांच महीनों से मासिक बैठकें भी नहीं हुई हैं। इसके चलते नए अस्पतालों का पैनल में जुड़ना और नई स्पेशलिटी की मंजूरी पूरी तरह ठप पड़ी है। लाखों मरीजों पर पड़ेगा असर अगर अस्पतालों ने सेवाएं बंद कर दीं, तो इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा, जो इस योजना के तहत मुफ्त इलाज पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और अस्पतालों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।  

महाकुंभ की मोनालिसा जांच में नाबालिग निकलीं, फरमान खान पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज और फर्जी आधार कार्ड का हुआ खुलासा

महाकुंभ की मोनालिसा ने 11 मार्च 2026 को फरमान खान संग शादी की थी. तभी से मोनालिसा की उम्र पर सवाल उठ रहे हैं. एक्ट्रेस के परिवार और डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने दावा किया था कि वो नाबालिग हैं. लेकिन फरमान ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए मोनालिसा को 18 साल की बताया. लेकिन अब मोनालिसा की सही उम्र का खुलासा हो गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)  की जांच में वो नाबालिग पाई गई हैं. आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शादी के वक्त मोनालिसा 16 साल, 2 महीने और 12 दिन की थीं. फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है. डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने NCST का फैसला आने के बाद कहा कि सत्य जीता है. उन्होंने इंस्टा पर लंबा चौड़ा वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने कैप्शन में लिखा- मोनालिसा नाबालिग साबित हुई. सत्य की जीत हो रही है. लव जिहाद का खुलासा हो रहा है. जिहादी जाएगा जेल. सभी देशवासियों का हार्दिक अभिनंदन. क्या बोले सनोज मिश्रा? सनोज वीडियो में कहते हैं- जैसा कि आपने पिछले दिनों देखा कि लव जिहाद का शिकार बनाकर महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा को केरल ले जाया गया. किस तरह से फंसाकर उसके साथ तथाकथित शादी की गई. पहले दिन से मैं इस लव जिहाद के खिलाफ था. मुझे लग रहा था ये बहुत बड़ी साजिश है. इस षड़यंत्र के खिलाफ मैं शुरू से था, पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहा. उसके मां-बाप का दर्द मैंने सुना. वो शुरू से कह रहे थे कि उनकी बच्ची नाबालिग है. इस बात को मैंने कई मंचों पर उठाया. मध्य प्रदेश पुलिस के पास जाकर शिकायत भी दर्ज कराई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस पर संज्ञान लिया. उन्होंने कार्रवाई का आदेश किया. ''फिर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, दिल्ली ने जांच की. इसमें साबित हुआ कि मोनालिसा नाबालिग है. PFI और CPI-M ने मोनालिसा-फरमान की शादी में जिस तरह से भागीदारी दिखाई, आयोग ने उस पर चिंता जताई है. आयोग ने कहा कि झूठा नेरेटिव फैलाया गया है. प्यार का नेरेशन झूठा है. आधार कार्ड फर्जी है, जिसमें मोनालिसा की उम्र 18 साल बताई गई. महेश्वर के सरकारी अस्पताल में मोनालिसा का जन्म दिसंबर 2009 में हुआ था. इसके आधार पर जिहादी फरमान के खिलाफ बहुत सी धाराओं के मद्देनजर केस दर्ज हुआ है. आयोग ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को तलब किया है.'' सनोज ने बताया कि फरमान के बहकावे में आकर मोनालिसा ने उन पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे. मोनालिसा ने अपने पेरेंट्स पर भी आरोप लगाए. मां को अय्याश और पिता को शराबी बोला. सनोज ने कहा कि मोनालिसा भोली भाली लड़की है. उसका ब्रेनवॉश किया गया. मुझे फंसाने के लिए मोनालिसा को घेरा गया. उसके दिमाग में मेरे खिलाफ जहर भरा गया. कई बार इन विवादों के चलते मुझे लगा कि मर जाना ही सही है. लेकिन भगवान ने मुझे ताकत दी. सनोज ने कहा कि वो इस लड़ाई को पूरा लड़ेंगे. उन्होंने पूछा- मेरा गुनाह क्या है? क्या लव जिहाद और धर्मांतरण पर फिल्म बनाना गुनाह है? मेरी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. मैं अपनी आवाज को उठाता रहूंगा.

महज 600 रुपये में मिलेगा 5 किलो वाला गैस सिलिंडर, आईडी कार्ड दिखाकर तुरंत मिलेगी डिलीवरी और 15 हजार परिवारों को बड़ी राहत

करनाल जिले में रसोई गैस संकट के बीच अब 5 किलो वाले छोटू सिलिंडरों की सप्लाई शुरू होने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गैस कंपनियों की ओर से हर एजेंसी को लॉट वाइज 35-35 छोटू सिलिंडर का कोटा दिया जा रहा है। इससे धीरे-धीरे सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। वीरवार को जिले की कई गैस एजेंसियों में छोटू सिलिंडर की सप्लाई पहुंच चुकी है, जबकि कुछ एजेंसियों में अभी सप्लाई आना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सभी एजेंसियों तक यह सप्लाई पहुंचा दी जाएगी। इससे जिले के करीब 15 हजार प्रवासी परिवारों को लाभ मिलेगा। बता दें कि अब तक जिले में रहने वाले प्रवासी परिवार ब्लैक से 300 रुपये किलोग्राम के रेट से गैस भरवा रहे थे। एक सिलिंडर को भरवाने में उन्हें 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या से उन्होंने गैस की बजाए दूसरे विकल्प अपनाए लेकिन राहत नहीं मिली। किसी के घर में रोटी नहीं बनी तो किसी के बच्चों का दूध तक गर्म नहीं हो पाया। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने बिना कनेक्शन लिए महज आईडी कार्ड पर सिलिंडर दिलवाने का प्लान किया है। पहली बार में 1541 रुपये देने होंगे 5 किलो वाले सिलिंडर की कीमत जिले में 597.50 रुपये तय की गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं को पहली बार सिलिंडर लेने के लिए जमानत राशि भी जमा करवानी होगी। छोटू सिलिंडर लेते समय उपभोक्ता को कुल 1541 रुपये चुकाने होंगे, जिसमें 944 रुपये जमानत राशि और 597.50 रुपये गैस की कीमत शामिल है। खास बात ये है कि सिलिंडर वापस करने पर आपको 944 रुपये की बजाए 800 रुपये मिलंगी। जमानत राशि में से जीएसटी कटने के कारण पूरी रकम वापस नहीं मिलेगी। हालांकि ये गैस कमर्शियल गैस सिलिडर से भी मंहगी पड़ रही है। पांच किलो के सिलिंडर की गैस 120 रुपये किलो पड़ेगीै। जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलिंडर करीब 112 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पड़ता है। इनके अलावा घरेलू गैस सिलिंडर की गैस करीब 65 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बनती है। हालांकि फिर भी प्रवासियों को इससे काफी राहत मिलेगी। अब ये लोग बाहर से 1500 की बजाए 600 रुपये में गैस का इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रवासी मजदूरों को मिलेगी राहत एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग ने कहा कि अब तक गैस की कमी के चलते ब्लैक में महंगी दरों पर सिलिंडर खरीदने को मजबूर थे। अब छोटू सिलिंडर की उपलब्धता बढ़ने से इन प्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें ब्लैक मार्केट से महंगी गैस खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल सीमित कोटा मिलने के कारण वितरण लॉट में किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक सिलिंडर पहुंच सके। आने वाले दिनों में मांग अनुसार सप्लाई बढ़ाई जाती है तो स्थिति और बेहतर हो सकती है।  

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने CM मान को लिखा पत्र, किसान बीमा योजना लागू करने की मांग, 13 अप्रैल को विशेष सत्र

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक लेटर लिखा है। लेटर में किसानों के नुकसान की भरपाई के बारे में लिखा गया है। जाखड़ ने कहा है कि अगर सूबे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना होती तो किसानों के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।  जाखड़ ने सीएम को लिखा है कि 13 अप्रैल को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव लाए ताकि यह प्रदेश में लागू हो सके। जाखड़ ने लिखा है कि इससे किसानों को फायदा हो जाएगा। जाखड़ ने आगे लिखा कि 2023 और 2025 में पंजाब के किसानों को बाढ़ के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा। हर साल गड़ेमारी व मौसम के कारण फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में फसल बीमा योजना बेहद जरूरी है। आपकी सरकार बीमा योजना ला रही थी वही ले आओ जाखड़ ने कहा कि आपने 26 मार्च 2023 को कहा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की फसल बीमा योजना की जगह अपनी फसल बीमा योजना लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार केंद्र की बीमा योजना को लागू नहीं करना चाहती तो अपनी ही बीमा योजना ले आओ ताकि किसानों को इन आपदाओं से होने वाले नुकसान का मुआवजा मिल सके। तीन साल में किसानों को हजारों करोड़ का नुकसान सुनील जाखड़ ने कहा कि तीन साल में पंजाब के किसानों का हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो गया हे। अगर आप तीन साल पहले इस योजना को लागू कर देते तो किसानों को उनका मुआवजा मिल जाता और सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी नहीं आता। उन्होंने कहा कि अब भी देरी नहीं हुई है अगर आप किसानों के हितैषी हैं तो 13 अप्रैल को फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव पास करवाएं। कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल जाखड़ ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में कानून व्यवस्था पहले ही खराब है। इंडस्ट्री पलायन कर चुकी है। अब खेतीबाड़ी पंजाब की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। अगर किसानों को भी इस तरह नुकसान होता रहा तो पंजाब और खतरनाक आर्थिक संकट में फंस जाएगा। इसलिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तुरंत लागू करे।