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आयुष्मान योजना से हटेंगे हरियाणा के निजी अस्पताल, करोड़ों के बिल लंबित होने पर डॉक्टरों ने लिया कड़ा फैसला

चंडीगढ़ सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा संकट गहराता जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने संकेत दिए हैं कि राज्य के अस्पताल अब इस योजना को जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं। आईएमए की ओर से आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को भेजे गए पत्र में कई गंभीर खामियों और लंबित मुद्दों को उठाया गया है। अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत 15 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन सितंबर 2025 से ही करोड़ों रुपये के बिल लंबित पड़े हैं। लगातार हो रही इस देरी से निजी अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो गया है। सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। आईएमएने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो 20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।   कमेटियां ठप, फैसले अटके जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री स्तर पर आईएमए प्रतिनिधियों को एम्पैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटियों में शामिल करने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इससे अस्पतालों से जुड़े कई अहम फैसले लंबित हैं। पांच महीने से नहीं हुई बैठक पिछले पांच महीनों से मासिक बैठकें भी नहीं हुई हैं। इसके चलते नए अस्पतालों का पैनल में जुड़ना और नई स्पेशलिटी की मंजूरी पूरी तरह ठप पड़ी है। लाखों मरीजों पर पड़ेगा असर अगर अस्पतालों ने सेवाएं बंद कर दीं, तो इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा, जो इस योजना के तहत मुफ्त इलाज पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और अस्पतालों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।  

महाकुंभ की मोनालिसा जांच में नाबालिग निकलीं, फरमान खान पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज और फर्जी आधार कार्ड का हुआ खुलासा

महाकुंभ की मोनालिसा ने 11 मार्च 2026 को फरमान खान संग शादी की थी. तभी से मोनालिसा की उम्र पर सवाल उठ रहे हैं. एक्ट्रेस के परिवार और डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने दावा किया था कि वो नाबालिग हैं. लेकिन फरमान ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए मोनालिसा को 18 साल की बताया. लेकिन अब मोनालिसा की सही उम्र का खुलासा हो गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)  की जांच में वो नाबालिग पाई गई हैं. आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शादी के वक्त मोनालिसा 16 साल, 2 महीने और 12 दिन की थीं. फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है. डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने NCST का फैसला आने के बाद कहा कि सत्य जीता है. उन्होंने इंस्टा पर लंबा चौड़ा वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने कैप्शन में लिखा- मोनालिसा नाबालिग साबित हुई. सत्य की जीत हो रही है. लव जिहाद का खुलासा हो रहा है. जिहादी जाएगा जेल. सभी देशवासियों का हार्दिक अभिनंदन. क्या बोले सनोज मिश्रा? सनोज वीडियो में कहते हैं- जैसा कि आपने पिछले दिनों देखा कि लव जिहाद का शिकार बनाकर महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा को केरल ले जाया गया. किस तरह से फंसाकर उसके साथ तथाकथित शादी की गई. पहले दिन से मैं इस लव जिहाद के खिलाफ था. मुझे लग रहा था ये बहुत बड़ी साजिश है. इस षड़यंत्र के खिलाफ मैं शुरू से था, पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहा. उसके मां-बाप का दर्द मैंने सुना. वो शुरू से कह रहे थे कि उनकी बच्ची नाबालिग है. इस बात को मैंने कई मंचों पर उठाया. मध्य प्रदेश पुलिस के पास जाकर शिकायत भी दर्ज कराई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस पर संज्ञान लिया. उन्होंने कार्रवाई का आदेश किया. ''फिर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, दिल्ली ने जांच की. इसमें साबित हुआ कि मोनालिसा नाबालिग है. PFI और CPI-M ने मोनालिसा-फरमान की शादी में जिस तरह से भागीदारी दिखाई, आयोग ने उस पर चिंता जताई है. आयोग ने कहा कि झूठा नेरेटिव फैलाया गया है. प्यार का नेरेशन झूठा है. आधार कार्ड फर्जी है, जिसमें मोनालिसा की उम्र 18 साल बताई गई. महेश्वर के सरकारी अस्पताल में मोनालिसा का जन्म दिसंबर 2009 में हुआ था. इसके आधार पर जिहादी फरमान के खिलाफ बहुत सी धाराओं के मद्देनजर केस दर्ज हुआ है. आयोग ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को तलब किया है.'' सनोज ने बताया कि फरमान के बहकावे में आकर मोनालिसा ने उन पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे. मोनालिसा ने अपने पेरेंट्स पर भी आरोप लगाए. मां को अय्याश और पिता को शराबी बोला. सनोज ने कहा कि मोनालिसा भोली भाली लड़की है. उसका ब्रेनवॉश किया गया. मुझे फंसाने के लिए मोनालिसा को घेरा गया. उसके दिमाग में मेरे खिलाफ जहर भरा गया. कई बार इन विवादों के चलते मुझे लगा कि मर जाना ही सही है. लेकिन भगवान ने मुझे ताकत दी. सनोज ने कहा कि वो इस लड़ाई को पूरा लड़ेंगे. उन्होंने पूछा- मेरा गुनाह क्या है? क्या लव जिहाद और धर्मांतरण पर फिल्म बनाना गुनाह है? मेरी आवाज को दबाया नहीं जा सकता. मैं अपनी आवाज को उठाता रहूंगा.

महज 600 रुपये में मिलेगा 5 किलो वाला गैस सिलिंडर, आईडी कार्ड दिखाकर तुरंत मिलेगी डिलीवरी और 15 हजार परिवारों को बड़ी राहत

करनाल जिले में रसोई गैस संकट के बीच अब 5 किलो वाले छोटू सिलिंडरों की सप्लाई शुरू होने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गैस कंपनियों की ओर से हर एजेंसी को लॉट वाइज 35-35 छोटू सिलिंडर का कोटा दिया जा रहा है। इससे धीरे-धीरे सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। वीरवार को जिले की कई गैस एजेंसियों में छोटू सिलिंडर की सप्लाई पहुंच चुकी है, जबकि कुछ एजेंसियों में अभी सप्लाई आना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सभी एजेंसियों तक यह सप्लाई पहुंचा दी जाएगी। इससे जिले के करीब 15 हजार प्रवासी परिवारों को लाभ मिलेगा। बता दें कि अब तक जिले में रहने वाले प्रवासी परिवार ब्लैक से 300 रुपये किलोग्राम के रेट से गैस भरवा रहे थे। एक सिलिंडर को भरवाने में उन्हें 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या से उन्होंने गैस की बजाए दूसरे विकल्प अपनाए लेकिन राहत नहीं मिली। किसी के घर में रोटी नहीं बनी तो किसी के बच्चों का दूध तक गर्म नहीं हो पाया। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने बिना कनेक्शन लिए महज आईडी कार्ड पर सिलिंडर दिलवाने का प्लान किया है। पहली बार में 1541 रुपये देने होंगे 5 किलो वाले सिलिंडर की कीमत जिले में 597.50 रुपये तय की गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं को पहली बार सिलिंडर लेने के लिए जमानत राशि भी जमा करवानी होगी। छोटू सिलिंडर लेते समय उपभोक्ता को कुल 1541 रुपये चुकाने होंगे, जिसमें 944 रुपये जमानत राशि और 597.50 रुपये गैस की कीमत शामिल है। खास बात ये है कि सिलिंडर वापस करने पर आपको 944 रुपये की बजाए 800 रुपये मिलंगी। जमानत राशि में से जीएसटी कटने के कारण पूरी रकम वापस नहीं मिलेगी। हालांकि ये गैस कमर्शियल गैस सिलिडर से भी मंहगी पड़ रही है। पांच किलो के सिलिंडर की गैस 120 रुपये किलो पड़ेगीै। जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलिंडर करीब 112 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पड़ता है। इनके अलावा घरेलू गैस सिलिंडर की गैस करीब 65 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बनती है। हालांकि फिर भी प्रवासियों को इससे काफी राहत मिलेगी। अब ये लोग बाहर से 1500 की बजाए 600 रुपये में गैस का इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रवासी मजदूरों को मिलेगी राहत एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग ने कहा कि अब तक गैस की कमी के चलते ब्लैक में महंगी दरों पर सिलिंडर खरीदने को मजबूर थे। अब छोटू सिलिंडर की उपलब्धता बढ़ने से इन प्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें ब्लैक मार्केट से महंगी गैस खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल सीमित कोटा मिलने के कारण वितरण लॉट में किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक सिलिंडर पहुंच सके। आने वाले दिनों में मांग अनुसार सप्लाई बढ़ाई जाती है तो स्थिति और बेहतर हो सकती है।  

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने CM मान को लिखा पत्र, किसान बीमा योजना लागू करने की मांग, 13 अप्रैल को विशेष सत्र

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक लेटर लिखा है। लेटर में किसानों के नुकसान की भरपाई के बारे में लिखा गया है। जाखड़ ने कहा है कि अगर सूबे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना होती तो किसानों के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।  जाखड़ ने सीएम को लिखा है कि 13 अप्रैल को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव लाए ताकि यह प्रदेश में लागू हो सके। जाखड़ ने लिखा है कि इससे किसानों को फायदा हो जाएगा। जाखड़ ने आगे लिखा कि 2023 और 2025 में पंजाब के किसानों को बाढ़ के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा। हर साल गड़ेमारी व मौसम के कारण फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में फसल बीमा योजना बेहद जरूरी है। आपकी सरकार बीमा योजना ला रही थी वही ले आओ जाखड़ ने कहा कि आपने 26 मार्च 2023 को कहा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की फसल बीमा योजना की जगह अपनी फसल बीमा योजना लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार केंद्र की बीमा योजना को लागू नहीं करना चाहती तो अपनी ही बीमा योजना ले आओ ताकि किसानों को इन आपदाओं से होने वाले नुकसान का मुआवजा मिल सके। तीन साल में किसानों को हजारों करोड़ का नुकसान सुनील जाखड़ ने कहा कि तीन साल में पंजाब के किसानों का हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो गया हे। अगर आप तीन साल पहले इस योजना को लागू कर देते तो किसानों को उनका मुआवजा मिल जाता और सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी नहीं आता। उन्होंने कहा कि अब भी देरी नहीं हुई है अगर आप किसानों के हितैषी हैं तो 13 अप्रैल को फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव पास करवाएं। कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल जाखड़ ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में कानून व्यवस्था पहले ही खराब है। इंडस्ट्री पलायन कर चुकी है। अब खेतीबाड़ी पंजाब की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। अगर किसानों को भी इस तरह नुकसान होता रहा तो पंजाब और खतरनाक आर्थिक संकट में फंस जाएगा। इसलिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तुरंत लागू करे।

एलडीए की सबसे सस्ती स्कीम, वरुण नगर में घर बनाने का सपना होगा सच और जून में शुरू होगी बुकिंग

लखनऊ   एलडीए की ओर से अब तक की सबसे सस्ती जमीन वाली आवासीय योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जेठ के किसी बड़े मंगल पर लॉन्च कर सकते हैं। वरुण नगर योजना हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने पर हजरतगंज से सीधे जुड़ जाएगी। एलडीए की जो चार नई आवासीय योजनाएं आ रही हैं उनमें वरुण नगर योजना में जमीन सबसे सस्ती होगी। आगरा एक्सप्रेस-वे के पास प्रस्तावित इस योजना में जमीन की कीमत अधिकतम 2500 रुपये प्रति वर्गफीट होगी। एलडीए की अन्य तीन प्रस्तावित आवासीय योजनाओं में किसी में भी जमीन की कीमत इतनी कम नहीं होगी। इस योजना का भूमि पूजन में जेठ में पड़ने वाले किसी एक बड़े मंगल पर मुख्यमंत्री के हाथों से कराने की योजना पर काम चल रहा है। राजधानी में एलडीए की चार नई आवासीय योजनाएं आने वाली हैं। इसमें सीतापुर रोड और आईआईएम रोड पर नैमिष नगर, सुल्तानपुर रोड पर आईटी सिटी और वेलनेस सिटी तथा आगरा एक्सप्रेसवे पर वरुण नगर योजना शामिल है। आईटी और बेलनेस सिटी के लिए जमीन लैंडपूलिंग से ली जा रही है जबकि नैमिष नगर और वरुण नगर में सहमति के आधार पर बैनामा से खरीदी जा रही है। जानिए, किस योजना में जमीन का कितना रेट है प्रस्तावित इनमें आईटी सिटी में जमीन का रेट करीब 4000 रुपये प्रति वर्गफीट प्रस्तावित है। वेलनेस सिटी में यह रेट 4200 रुपये प्रति वर्गफीट रहने का अनुमान है। नैमिष नगर में जमीन का रेट करीब 3000 रुपये प्रति वर्गफीट प्रस्तावित है जबकि वरुण नगर में यह रेट करीब 2500 रुपये प्रस्तावित है। ऐसे में चारों योजनाओं में यह सबसे सस्ती योजना होगी। बोते वर्ष मोहान रोड पर एलडीए ने अनंत नगर योजना लॉन्च की थी, वहां पर जमीन का रेट 3900 रुपये प्रति वर्गफीट रखा गया था। इसलिए यहां कम होगी कीमत जानकारों ने बताया कि चारों योजनाओं में सबसे महंगी जमीन वेलनेस सिटी की है। उसके बाद आईटी सिटी और फिर नैमिष नगर और उसके बाद वरुण नगर की है। यहां पर एलडीए की जमीन का रेट करीब 70 लाख रुपये बीघा पड़ रहा है जबकि नैमिष नगर में यही रेट करीब 1.25 करोड़ रुपये बीघा पड़ रहा है। आईटी सिटी और वेलनेस सिटी में जमीन लैंडपूलिंग से ली जा रही है। ऐसे में यहां पर एलडीए को जमीन खरीदनी नहीं पड़ रही है मगर यहां पर अभी जो रेट है वह 1.25 करोड़ से लेकर 1.50 करोड़ रुपये बीघा चल रहा है। एलडीए लैंडपूलिंग के तहत जमीन देने वालों को रुपये के बदले 25 प्रतिशत विकसित जमीन दे रहा है। तब 20 मिनट में पहुंचेंगे हजरतगंज योजना से जुड़े एक जानकार ने बताया कि हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने की योजना है। इसके बनने के बाद वरुण नगर से कालिदास चौक (हजरतगंज क्षेत्र) तक का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। ऐसे में यह योजना एक तरह से गोमती नगर के टक्कर की हो जाएगी क्योंकि यहां पर 300 एकड़ का पार्क और 150 एकड़ की एक झील भी विकसित की जा रही है। हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने की योजना कई वर्ष से चल रही है मगर अभी अमल में नहीं आ सकी है। बसपा सरकार में लालबहादुर शास्त्री मार्ग और सदर तक कुछ हिस्से पर रोड बनी है। कालिदास चौक से पारा के मोहान रोड तक हैदर कैनाल करीब नौ किमी लंबाई में है। इस पर एलिवेटेड रोड बनने से शहर के करीब दस लाख से अधिक की आबादी का आवागमन आसान हो जाएगा। ये है योजना की पूरी डिटेल – 2664 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगी वरुण नगर योजना – 2100 प्लॉट निकाले जाएंगे – कैलाश और काशी, दो खंड में बंटी होगी योजना योजना में शामिल गांव: भलिया, आदमपुर, इंदवारा, बहरु, जलियामऊ, मदारपुर, इब्राहिमगंज, नकटौरा, गहलवारा, तेजकृष्ण खेड़ा, रेवरी व सकरा। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि वरुण नगर योजना का भूमि पूजन जून माह में बड़े मंगल के दिन कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस योजना में लोगों को जमीन काफी किफायती दर पर मिलेगी जिससे वह खुद के आशियाने का सपना पूरा कर सकेंगे।  

हरिवंश को फिर मिला राज्यसभा उपसभापति का कार्यकाल, इस बार राष्ट्रपति ने किया मनोनयन

 नई दिल्ली राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का बतौर सदस्य कार्यकाल आज यानी 10 अप्रैल को समाप्त हो रहा है. रिक्त हो रही सीट के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है. हरिवंश की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने इस बार उनको राज्यसभा नहीं भेजा था. हरिवंश की उच्च सदन से विदाई तय मानी जा रही थी, लेकिन ऐन मौके पर उनको एक और कार्यकाल का तोहफा मिल गया है।  हरिवंश को राष्ट्रपति ने अपने कोटे से राज्यसभा सांसद मनोनीत कर दिया है. इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है. राष्ट्रपति कोटे से मनोनयन के बाद अब यह तय हो गया है कि अगले छह साल तक उच्च सदन में हरिवंश की आवाज अभी गूंजती रहेगी. हरिवंश का राज्यसभा सदस्य के रूप में यह तीसरा कार्यकाल होगा।  गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राष्ट्रपति एक नामित सदस्य की सेवानिवृत्ति के कारण हुई रिक्ति को भरने के लिए राज्यसभा में हरिवंश को नामित करती हैं. गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकती हैं।  साहित्य, कला, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को मनोनीत किए जाने का प्रावधान संविधान में है. मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल भी निर्वाचित सदस्यों की ही तरह छह साल का होता है. बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले हरिवंश पेशे से पत्रकार रहे हैं।  उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के जयप्रकाश नगर निवासी हरिवंश अप्रैल, 2014 में पहली बार राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे. तब उनको जेडीयू ने ही उच्च सदन में भेजा था. जेडीयू ने हरिवंश को लगातार दो बार राज्यसभा भेजा, लेकिन पार्टी ने तीसरा कार्यकाल नहीं दिया था. इसके बाद उच्च सदन में उनकी संसदीय पारी खत्म मानी जा रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर सरकार ने राष्ट्रपति के कोटे से उनको मनोनीत करा दिया।  हरिवंश साल 2018 में 9 अगस्त को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे. 14 सितंबर 2020 को उन्हें लगातार दूसरी बार उच्च सदन का उपसभापति चुना गया था. अब उनको उच्च सदन में तीसरा कार्यकाल भी मिल गया है, ऐसे में क्या उनको लगातार तीसरी बार उपसभापति भी चुना जाएगा? अब नजरें इस पर हैं। 

CM की अध्यक्षता में पेसा-एफआरए समन्वय के लिए बनेगा टास्क फोर्स, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की घोषणा

आधारभूत जीवन के लिए कॉमन्स महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पेसा-एफआरए समन्वय के लिए जल्द होगा टास्क फोर्स का गठन- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा विशेषज्ञों द्वारा स्टेट कॉमन्स कन्विनिंग चर्चा के बाद जो तथ्य निकल कर आएंगे वे राज्य के नीति निर्माण में होंगे सहायक जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका-बोरा दो दिवसीय छत्तीसगढ़ कॉमन्स कन्विनिंग कार्यशाला का शुभारंभ रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि कॉमन्स पर जनजातिय समुदायों के अटूट विश्वास उनके सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका है। उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की बात करें तो स्थानीय लोग नीति-कार्यान्वयन में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलाव के लिए सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया में है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य पूरे राज्य में अधिक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मध्य संतुलित समन्वय सुनिश्चित करना है। कॉमन्स सम्मेलन संवाद में सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोणों को केंद्र में रखा गया था, जिसकी शुरुआत पद्मपुरस्कार से सम्मानित जागेश्वर यादव और पांडी राम मंडावी तथा गौर मारिया नृत्य कलाकार सुलक्ष्मी सोरी जैसे सम्मानित अतिथियों के प्रारंभिक उद्बोधनों से हुई।           साझा प्राकृतिक संसाधनों (कॉमन्स) के सुशासन और सामुदायिक संरक्षण पर केंद्रित दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” का शुभारंभ आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया। कार्यशाला नवा रायपुर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सेक्टर-24, में आयोजित हो रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग से “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के अंतर्गत विभिन्न साझेदार संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। कल 10 अप्रैल को मुख्य सचिव विकास शील जनजातीय नीति पर संवाद में शामिल होंगे। वहीं समापन सत्र में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम शामिल होंगे। जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका           बोरा ने कहा कि इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय विरासत के बीच गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट सामने आएगा और यह स्टूडियो पारंपरिक लोक गीतों और स्वदेशी वाद्य यंत्रों की धुन, दस्तावेज़ीकरण, पहचान और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए समर्पित होगा। इन साझा संसाधनों के संरक्षण के संबंध में, बोरा ने कहा कि वैश्वीकरण और आधुनिक जीवन शैली जैसे चुनौतियों के बीच संतुलित तरीका अपनाते हुए, साझा ज्ञान का विकास कैसे करें और अपनी आकांक्षाओं, विरासत और भविष्य को कैसे बेहतर बनाएँ। राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका     आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन संवाद के लिए एक विशाल मंच साबित हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न संगठनों के नीति विशेषज्ञ, पंचायतों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और समुदाय के समर्पित सदस्य शामिल हैं। यह विविध समूह छत्तीसगढ़ में कॉमन्स (साझा संसाधन) के रूप में वर्गीकृत 70 लाख एकड़ ज़मीन पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस ज़मीन में जंगल, घास के मैदान और जल निकाय शामिल हैं, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। कॉमन्स कन्विनिंग के पहले दिन, विशेषज्ञों ने राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।

उत्तर प्रदेश में 13.35 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य, निर्वाचन आयोग ने सात लाख नामों को सूची से हटाने की तैयारी की पूरी

लखनऊ प्रदेश में शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। करीब सात लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने की उम्मीद है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में ज्यादा नाम काटे जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक,अंतिम मतदाता सूची में करीब 13.35 करोड़ लोगों के नाम होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सूची में महिलाओं के मुकाबले पुरुष अधिक संख्या में होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची जारी करेंगे। बीती 6 जनवरी को 12.55 करोड़ मतदाताओं की मसौदा सूची जारी की गई थी। उसके बाद 6 मार्च तक लोगों से इस ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियां ली गईं। कुल 86.69 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के लिए फॉर्म-6 भरा। वहीं 3.18 लाख लोगों ने नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरा है। मतदाता सूची में 1.04 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके नाम का मिलान माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी से न होने के कारण इन्हें नोटिस दिया गया था। वहीं 2.22 करोड़ लोग तार्किक विसंगति वाले थे। सूत्र बताते हैं कि नाम कटवाने व नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से करीब सात लाख के नाम काटे जाने की उम्मीद है। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची में 13.35 करोड़ लोगों के नाम हो सकते हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ वोटरों में से 6.88 करोड़ पुरुष व 5.67 करोड़ महिलाएं थीं। नाम जुड़वाने के लिए आए 86.69 लाख फॉर्म-6 में से 43.06 लाख पुरुषों के और 43.62 लाख महिलाओं के फॉर्म थे। वहीं, 3.18 लाख फॉर्म-7 भरे गए हैं। इसमें से 1.46 लाख पुरुषों के और 1.31 लाख फॉर्म महिलाओं के आएं हैं। वहीं नोटिस पाने वाले जिन मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, उनमें भी महिलाओं व पुरुषों में कोई बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के नाम अधिक होने की उम्मीद है।  

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 785 अंक मजबूत, निफ्टी 24,000 के आंकड़े को पार किया

मुंबई  बिजनेस डेस्कः एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (10 अप्रैल) को मजबूती के साथ शुरुआत की। बैंकिंग और इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को अच्छा सपोर्ट मिला, हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। 30 शेयरों वाला BSE Sensex बढ़त के साथ 77,198 अंक पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 76,631 अंक पर बंद हुआ था। खबर लिखे जाने के समय सेंसेक्स 785.40 अंक यानी 1.02% की तेजी के साथ 77,417.05 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 ने भी मजबूती दिखाई और 23,880 पर ओपन हुआ। पिछले सत्र में यह 23,775 पर बंद हुआ था। इस समय निफ्टी 241.35  अंक यानी 1% की बढ़त के साथ 24,017.45 पर ट्रेड कर रहा था। ग्लोबल मार्केट का हाल एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 2.18% चढ़ा, जबकि जापान का Nikkei 225 1.78% और हांगकांग का Hang Seng Index 1.11% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 0.62%, Dow Jones Industrial Average 0.58% और Nasdaq Composite 0.83% ऊपर बंद हुए।हालांकि, निवेशकों की नजर अब भी अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे सीजफायर पर बनी हुई है, जिसे फिलहाल नाजुक माना जा रहा है।

सीएम योगी के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे

सीएम योगी के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे आपदा प्रभावित जनपदों का जाना हाल, प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत पहुंचाने के दिए निर्देश किसानों के साथ खड़ी है योगी सरकार, मुख्यमंत्री ने पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद का दिया है भरोसा उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने फतेहपुर व आजमगढ़ में बैठक कर दिए निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को आपदा से सर्वाधिक प्रभावित बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, उन्नाव तथा लखनऊ जनपदों का हवाई सर्वेक्षण किया। योगी सरकार ने प्रदेश में इस सप्ताह हुई असामयिक वर्षा, तेज हवाओं और चक्रवात के कारण किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।  किसानों के लिए खड़ी है सरकार  उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया संकट की घड़ी में सरकार साथ खड़ी है। योगी सरकार पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता समेत हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से इन सभी जनपदों के प्रशासन को विस्तृत सर्वेक्षण करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आजमगढ़ व फतेहपुर में देखी जमीनी हकीकत  हवाई सर्वेक्षण के उपरांत आजमगढ़ तथा फतेहपुर जनपदों में स्थिति की जमीनी हकीकत परखने के लिए महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इन बैठकों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान फसल सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पूरी तत्परता के साथ आपदा प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर शासन को विस्तृत आख्या प्रेषित करें, ताकि प्रभावित अन्नदाताओं को अविलंब राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।