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प्लेयर्स ऑक्शन का बिग डे: 12 मार्च को तय होगा 63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों का भविष्य

नई दिल्ली इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड की नीलामी के लिए पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवाया है। इसमें टी20 के कप्तान सलमान अली आगा के साथ ही शाहीन अफरीदी, सैम अयूब और उस्मान तारिक जैसे नाम शामिल हैं। लीग के ऑक्शन में 710 खिलाड़ी शामिल होंगे। भारत को छोड़कर अन्य सभी देशों के खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए अपना नाम दिया है। पाकिस्तानी खिलाड़ी को इग्नोर करेंगी 6 फ्रेंचाइजी द हंड्रेड की 8 में से 6 फ्रेंचाइजी के मालिकों का कनेक्शन भारत से है। इसमें लंदन स्पिरिट, एमआई ओवल, मैनचेस्टर सुपरजायंट्स, सदर्न ब्रेव, सनराइजर्स लीड्स और वेल्श फायर शामिल हैं। इंग्लिश मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत से कनेक्शन वाले फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगे। बीबीसी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है- अगले महीने होने वाली हंड्रेड नीलामी के लिए भारत से मालिक पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लेने पर विचार नहीं कर रही है। शाहीन अफरीदी, सैम अयूब, सलमान आगा और उस्मान खान के साथ ही ऑक्शन में रजिस्टर करने वाले टॉप खिलाड़ियों में शादाब खान, हारिस रऊफ, मुहम्मद नवाज, नसीम शाह शामिल हैं। इनके बेस प्राइस 1,00,000 पाउंड स्टर्लिंग यानी करीब 1.22 करोड़ रुपये हैं। अबरार अहमद, मुहम्मद आमिर, जमान खान, उस्मान तारिक ने अपने बेस प्राइस 75 हजार पाउंट स्टर्लिंग रखी है। फहीम अशरफ, शाहिबजादा फरहान, उसामा मीर, इमाद वसीम, अब्बास अफरीदी, अफाक अफरीदी और आसिफ अफरीदी 50 हजार पाउंड स्टर्लिंग कैटेगरी में हैं। 12 मार्च को होगा ऑक्शन का आयोजन द हंड्रेड के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 12 मार्च को होनी है। पुरुष द हंड्रेड में एक फ्रेंचाइजी 16 से 18 खिलाड़ी रख सकती है। वहीं महिलाओं की टूर्नामेंट में 15 खिलाड़ी एक फ्रेंचाइजी रख सकती है। द हंड्रेड अपने तरह का एक फॉर्मेट है। इसमें एक टीम को 100 गेंद खेलने के लिए ही मिलती हैं। 2021 में इसकी शुरुआत हुई थी। पिछले सीजन पाकिस्तान के तीन ही खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।

SA Tour पर ऑस्ट्रेलिया का शेड्यूल तय, टेस्ट और वनडे सीरीज में होगी कड़ी टक्कर

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया तीन टेस्ट मैच और इतने ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए इस साल सितंबर अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा। पिछले साल जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के बाद दोनों टीम पहली बार टेस्ट मैच खेलेंगी। दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतकर 37 वर्षों में पहली बार कोई बड़ी ट्रॉफी जीती थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को बताया कि एकदिवसीय मैच 24 सितंबर को डरबन में, 27 सितंबर को जोहानिसबर्ग में और 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में खेले जाएंगे। इसके बाद 3-4 अक्टूबर को पोटचेफस्ट्रूम में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। पहला टेस्ट मैच नौ अक्टूबर को डरबन में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट मैच 18 अक्टूबर से गकेबरहा (पूर्व में पोर्ट एलिजाबेथ) में तथा तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 27 अक्टूबर से केपटाउन के न्यूलैंड्स में खेला जाएगा।  

किसानों के लिए खुशखबरी! 2585 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेगी सरकार, ये काम करना होगा अनिवार्य

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 2585 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार तैयारियों में जुटी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। पंजीयन का काम 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया ​कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 27175, उज्जैन में 73398, ग्वालियर में 3358, चंबल में 1449, जबलपुर में 12342, नर्मदापुरम में 11698, भोपाल में 41268, रीवा में 3242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7137 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल एमपी में गेहूं खरीदी के लिए इस बार कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह पिछले साल से 160 रूपए अधिक है।   पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंदों पर भी निशुल्क पंजीयन किए जा रहे हैं। इधर एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केंद्रों और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफों पर पंजीयन का शुल्क देना होगा।

क्या खत्म होने वाला है नेमार का करियर? फीफा वर्ल्ड कप से पहले सामने आई सच्चाई

सैंटोस (ब्राज़ील) ब्राज़ील के स्टार फुटबॉलर Neymar ने संकेत दिया है कि वह 2026 के अंत में प्रोफेशनल फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि उनका पूरा फोकस इस साल होने वाले FIFA World Cup 2026 में ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व करने पर है। लगातार चोटों से जूझ रहे 34 वर्षीय नेमार फिलहाल फिटनेस हासिल करने की जद्दोजहद में हैं और एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सैंटोस में वापसी के बाद फिर से मिला आत्मविश्वास Santos FC के साथ अपने करियर की नई शुरुआत कर रहे नेमार ने दिसंबर 2025 में घुटने की सर्जरी करवाई थी। इससे पहले वह एसीएल (ACL) चोट के कारण पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे। FC Barcelona और Paris Saint-Germain के साथ सफल कार्यकाल के बाद नेमार ने अपने पुराने क्लब सैंटोस में वापसी की है। उनका कॉन्ट्रैक्ट कैलेंडर वर्ष के अंत तक बढ़ा दिया गया है। नेमार ने कहा, 'मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा। संभव है कि दिसंबर में मैं संन्यास लेने का फैसला करूं। मैं दिन-प्रतिदिन जी रहा हूं। यह साल मेरे लिए, सैंटोस के लिए और ब्राज़ीलियन नेशनल टीम के लिए बेहद अहम है।' फिटनेस पर पूरा ध्यान, आलोचनाओं का दिया जवाब नेमार ने बताया कि वह इस सीजन 100 प्रतिशत फिट होकर लौटना चाहते थे, इसलिए कुछ मैचों में आराम किया। उन्होंने कहा कि लोग बाहरी बातें करते हैं, लेकिन वह अपनी फिटनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं। 'मैं बिना दर्द और बिना डर के, पूरी तरह फिट होकर लौटना चाहता था। आखिरी मैच में मेरी वापसी अच्छी रही। मैं धीरे-धीरे अपनी लय में आ रहा हूं।' वर्ल्ड कप में वापसी बड़ी प्राथमिकता ब्राज़ील के लिए 128 मैचों में 79 गोल कर चुके नेमार अक्टूबर 2023 के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्राज़ील के कोच Carlo Ancelotti उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए हैं। ब्राज़ील को FIFA World Cup 2026 में ग्रुप C में रखा गया है। टीम 13 जून को Morocco national football team के खिलाफ MetLife Stadium में अपना अभियान शुरू करेगी। इसके बाद हैती और स्कॉटलैंड से मुकाबले होंगे। फिलहाल नेमार का पूरा ध्यान फिटनेस और प्रदर्शन पर है, जबकि उनके करियर का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।    

रायपुर: नक्सल प्रभावित क्षेत्र से छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन हब

रायपुर : छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वार रायपुर कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।  इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।

बिजली व्यवस्था होगी मजबूत: फूलबाग सब-स्टेशन में जुड़े दो फीडर, डेढ़ लाख लोगों को फायदा

ग्वालियर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए बिजली कंपनी ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फूलबाग स्थित 132 केवी सब-स्टेशन से दो नए फीडर जोडऩे की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन फीडरों के जुडऩे के बाद कुल छह फीडर इस सब-स्टेशन से संचालित होंगे, जिससे करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक 132 केवी फूलबाग सब-स्टेशन से 33 केवी के सेवा नगर, रोशनी घर, तानसेन नगर इंडस्ट्रियल एरिया और फूलबाग जोन के फीडरों को जोडक़र चार्ज किया जा चुका है। अब स्टेडियम और सिटी सेंटर फीडर को भी इससे जोडऩे की तैयारी अंतिम चरण में है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारू हो जाएगी। एचटी के उपमहाप्रबंधक राज मालवीय ने बताया, विगत वर्षों में गर्मियों के दौरान इन फीडरों का संचालन 220 केवी महलगांव सब-स्टेशन से किया जाता था। मोनो पोल-1, मोनो पोल-2 और स्टेडियम फीडर के माध्यम से सप्लाई दी जाती थी। अधिक लोड के कारण जम्पर और इंसुलेटर के फटने जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं, जिससे बार-बार फॉल्ट होते थे और उपभोक्ताओं को बिजली गुल की परेशानी झेलनी पड़ती थी। वैकल्पिक लाइन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सकेगी अब फूलबाग सब-स्टेशन से सप्लाई शुरू होने पर इन फीडरों का लोड संतुलित हो जाएगा। इससे ओवरलोड की समस्या कम होगी और फॉल्ट की घटनाओं में भी गिरावट आएगी। साथ ही चेंजओवर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी कारणवश एक फीडर बंद हो जाता है तो वैकल्पिक लाइन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी। रेलवे ने डेडीकेटेड फीडर की योजना टाली उपमहाप्रबंधक मालवीय ने बताया, पहले रेलवे ने फूलबाग सब-स्टेशन से 2500 केवी का डेडीकेटेड फीडर लेने की मांग की थी और इस संबंध में प्रारंभिक प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। हालांकि अब रेलवे ने इस प्रस्ताव को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है और डेडीकेटेड फीडर नहीं लेने का निर्णय लिया है।   बार-बार बिजली गुल की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी गर्मी से पहले विद्युत आपूर्ति को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फूलबाग सब-स्टेशन से छह फीडरों को जोडऩे का काम पूरा होते ही शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ओवरलोड और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

शादी के बाद हनीमून बना मुसीबत, दुबई में अटका पंजाब का कपल, घरवालों की आंखें नम

मानसा मानसा के सरदूलगढ़ का एक नवविवाहित जोड़ा इज़राइल-ईरान युद्ध के कारण दुबई में फंसा हुआ है। यह दंपति घूमने के लिए दुबई गया था। गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी की वापसी की उड़ान 3 मार्च को निर्धारित थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण वे घर वापस नहीं आ सके। गुरप्रीत ने अपने परिवार को फोन कर अपनी सुरक्षा की जानकारी दी है, लेकिन हालात को लेकर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गुरप्रीत के पिता गुरजंट सिंह ने भावुक होकर कहा, “जब हम सुबह उठते हैं तो सबसे पहले टीवी चलाते हैं और दिनभर खबरें देखते रहते हैं। हर नई अपडेट हमारे दिल की धड़कन बढ़ा देती है। जब तक वे सुरक्षित घर वापस नहीं आ जाते, हमें कैसे चैन मिलेगा?” गुरप्रीत सिंह के पिता ने सरकार से अपील की है कि दुबई में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने पहले भी संकट के समय अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला है, उसी तरह इस बार भी तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।

एमपी सरकार का फैसला: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आधारित फिल्म ‘शतक’ हुई टैक्स फ्री

भोपाल आरएसएस पर बनी फिल्म 'शतक' को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी दी है। सीएम मोहन ने लिखा कि, हिंदी फिल्‍म 'शतक' को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया है। ये फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म 'शतक' संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (2155) के 100 साल की यात्रा दिखाई है। फिल्‍म की शुरुआत 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (डॉक्टरजी) द्वारा संघ की स्थापना से होती है। इसमें दिखाया है कि, कैसे एक छोटे से समूह से शुरू हुआ ये संगठन आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।   -प्रमुख व्यक्तित्व फिल्म में संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और उनके उत्तराधिकारी गुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) के जीवन और उनके संघर्षों को प्रमुखता से दिखाया है। फिल्म में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संघ के योगदान, विभाजन के समय की स्थिति, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर का मुद्दा और 1975 के आपातकाल के दौरान संगठन के संघर्षों का चित्रण किया गया है। -AI से बनाए गए ग्राफिक्स इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि, इसमें 1 (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और उन्नत ग्राफिक्स का इस्तेमाल कर वीर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को पर्दे पर जीवंत किया गया है। फिल्म की कहानी को बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने अपनी आवाज़ दी है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी या झटका? HRA दरों और शहरों की श्रेणी पर 8वें वेतन आयोग की नजर

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। ये सिफारिशें लागू होने में करीब डेढ़ साल लग जाएंगे। इस वेतन आयोग से कर्मचारियों के संगठन की डिमांड शुरू हो गई है। कर्मचारियों के संगठन को बेसिक सैलरी से लेकर महंगाई भत्ते तक में बड़े बदलाव की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह वेतन आयोग केवल सैलरी बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह ग्रामीण और शहरी कर्मचारियों के बीच के अंतर को भी प्रभावित कर सकता है। HRA (हाउस रेंट अलाउंस) का अंतर आठवां वेतन आयोग HRA (हाउस रेंट अलाउंस) में बड़े संशोधन कर सकता है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में किराया, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। ऐसे में यदि HRA की दरों में संशोधन होता है तो शहरी कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके उलट, ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन-यापन की लागत कम होने के कारण वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ बचत के रूप में ज्यादा दिख सकता है। सिटी कैटेगरी पर भी पड़ेगा असर? आठवें वेतन आयोग में शहरों के कैटेगरी को लेकर भी अपडेट आ सकता है। बता दें कि 7वें वेतन आयोग में शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में बांटा गया था। अगर 8वां वेतन आयोग इस वर्गीकरण में बदलाव करता है, तो छोटे शहरों और कस्बों के कर्मचारियों को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। ट्रैवल अलाउंस यानी TA में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। क्या है डिमांड हाल ही में National Council (स्टाफ साइड) की अहम बैठक में 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के केंद्र में वेतन संरचना, पदोन्नति नीति, वार्षिक वेतनवृद्धि और पेंशन सुधार जैसे विषय रहे। 8वें वेतन आयोग द्वारा वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब तय समयसीमा के भीतर भेजने पर सहमति बनी है। अगले 10 से 15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को समेटते हुए एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना देसाई को सौंपा जाएगा। पेंशन पर क्या डिमांड? बैठक में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। संगठनों की मांग है कि कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए। प्रतिनिधियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरानी मांग दोहराई। कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक कर्मचारी को सेवा अवधि में कम से कम पांच पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग रखी। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत CGHS से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है। साथ ही इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया।  

योगी सरकार का बड़ा कदम, आरक्षण पर विपक्ष को कोई मौका नहीं मिलेगा, विभागों को भेजे गए निर्देश

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में भर्तियों में आरक्षितों को कम कोटा मिलने के विवाद को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है। आरक्षित पदों की संख्या तय होने के बाद ही भर्तियां की जाएंगी। विभागों को रिक्तियों का प्रस्ताव भेजने से पहले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस के पदों को स्पष्ट करना होगा। जरूरी हुआ तो इसके लिए आयोगों के साथ विभागों द्वारा बैठक भी की जाएगी, जिससे भर्तियों को लेकर कोई पेंच न फंसे। दरअसल 69000 शिक्षक भर्ती हो या लेखपाल की भर्ती यूपी की विपक्षी पार्टियों ने लगातार इसमें आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए इसे मुद्दा बनाया था। इसी वजह से मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। एनडीए की सहयोगी पार्टियों ने भी कई बार इशारों में आरक्षण को लेकर अपनी ही सरकार को घेरने की कोशिश की है। ऐसे में सरकार इस बार किसी को कोई मौका नहीं देना चाहती है। ओबीसी के कम पद का लगा था आरोप उत्तर प्रदेश में हर साल हजारों की संख्या में भर्तियां हो रही हैं। राज्य सरकार ने भर्तियों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश विद्युत सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल बनाया गया है। सबसे अधिक भर्तियां लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करता है। यूपी में पिछले कुछ भर्ती विज्ञापनों को लेकर आपत्तियां जताई गईं। इसमें कहा गया है कि कुल रिक्तियों में ओबीसी के लिए कम पद तय किए जा रहे हैं। लेखपाल भर्ती को लेकर हुए था बवाल उत्तर प्रदेश में 7994 लेखपाल पदों की भर्ती में ओबीसी के लिए निर्धारित 27% आरक्षण में 1441 पद मिलने पर बड़ा बवाल हुआ था। सपा और अन्य दलों ने इसे आरक्षण में कटौती बता करारा हमला किया था। विरोध के बाद पदों की संख्या बढ़ाई गई। शासन इसीलिए चाहता है कि भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले जाने से पहले पदों की गिनती पूरी तरह से कर ली जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि आरक्षण के मुताबिक पदों का बंटवारा किया गया है या नहीं। आरक्षण के पालन का निर्देश शासन की ओर से आयोगों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्य के अधीन सेवाओं में अनुमन्य ऊर्ध्वाधर यानी वर्टिकल और क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्थाओं का मानक के अनुरूप पालन किया जाए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम-2020 में दी गई व्यवस्था को पूरी तरह से पालन किया जाएगा। साथ ही आरक्षण अधिनियम में दी गई वर्टिकल आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से पालन किया जाएगा, जिससे कोई विवाद न होने पाए।