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दिवाली से पहले हवाई किराए में उछाल, जयपुर से कई रूट पर 3 गुना तक बढ़े दाम

जयपुर त्योहारों पर घर जाना है? जाइए जरूर, बस टिकट बुक करने से पहले जेब को समझा दीजिए कि इस बार सफर थोड़ा 'भावुक' करने वाला है। दिवाली अभी दूर हैं, लेकिन उसकी महंगाई ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले ही दस्तक दे दी है। श्राद्ध, नवरात्र, दशहरा, करवाचौथ, दिवाली और छठ… लगातार त्योहारों ने हवाई यात्रा की मांग बढ़ाई तो एयरलाइंस ने किराए का मीटर भी तेज कर दिया। जयपुर से कई रूट पर सामान्य दिनों की तुलना में किराया डेढ़ से तीन गुना तक बढ़ गया है। यानी त्योहारों की खरीदारी शुरू होने से पहले ही टिकट ने बजट बिगाड़ दिया। ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार इस बार त्योहारों का सिलसिला लगातार बना हुआ है। श्राद्ध, नवरात्र, दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान देशभर में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों का घर आना-जाना बढ़ेगा। पर्यटकों की आवाजाही भी तेज रहेगी। ज्यादातर प्रमुख ट्रेनें पैक, स्पेशल ट्रेनों में भी वेटिंग उधर, त्योहारी सीजन में जयपुर से संचालित होने वाली ज्यादातर प्रमुख ट्रेनें अभी से पैक हो चुकी हैं। कई रूटों पर नो रूम की स्थिति बन गई है। रेलवे की ओर से घोषित स्पेशल ट्रेनों में भी अब लंबी वेटिंग शुरू हो गई है। छह से आठ नवंबर के बीच किराए की पड़ताल में सामने आई तस्वीर जयपुर-मुंबईः जयपुर से मुंबई का हवाई किराया 14 हजार रुपए तक पहुंच गया है। वहीं 5 नवंबर को मुंबई से जयपुर का न्यूनतम किराया 14 हजार और अधिकतम 18 हजार रुपए से अधिक है। सामान्य दिनों में यह किराया 6 से 7 हजार रुपए के बीच रहता है। जयपुर-पुणेः जयपुर से पुणे का किराया 10,559 रुपए से शुरू होकर 12 हजार रुपए तक पहुंच गया है। वहीं पुणे से जयपुर का किराया 20 हजार रुपए तक पहुंच गया। 9 नवंबर को दोपहर 3 बजे रवाना होने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का किराया 20,230 रुपए दर्ज किया गया। अन्य फ्लाइट्स भी 13 हजार रुपए तक किराया वसूल रही हैं। जयपुर-कोलकाताः 6 नवंबर की बुकिंग पर जयपुर से कोलकाता का न्यूनतम किराया 10 हजार है, जो 17 हजार रुपए तक पहुंच गया है। कोलकाता से जयपुर आने वाले यात्रियों को किराए में कुछ राहत मिल रही है। जयपुर-दिल्लीः 5 नवंबर की बुकिंग पर जयपुर से दिल्ली का अधिकतम हवाई किराया 14 हजार रुपए तक पहुंच गया है, जो सामान्य किराए से करीब चार गुना अधिक है। गत वर्ष की तुलना में महंगा हुआ सफर गत वर्ष की तुलना में इस बार हवाई किराया अधिक महंगा है। पिछले वर्ष इन दिनों जयपुर से मुंबई का सामान्य किराया 5,190 से 5,506 रुपए के बीच था, जबकि वर्तमान में सामान्य किराया 6,744 रुपए तक पहुंच चुका है। जयपुर से कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद समेत कई रूटों पर भी किराए में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रमुख वजह एयर ट्रैफिक फ्यूल की बढ़ी हुई दरों को माना जा रहा है।

धान किसानों की बढ़ी परेशानी, पोर्टल पर खेत में धान की जगह दिख रहा गन्ना

कैथल प्रदेश के डेढ लाख किसानों ने पीआर धान की खेती छोड़ दी है। पिछली बार 11.07 लाख किसानों ने 73.48 लाख एकड़ का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कराया था, जबकि इस बार 9,60,874 किसानों ने 57,75,937 एकड़ का पंजीकरण कराया। जो किसान 31 जुलाई तक पंजीकरण नहीं करा पाए, उनके लिए सरकार ने 21 से 29 सितंबर तक पोर्टल फिर खोला था। सात दिनों में सिर्फ 5874 किसानों ने 38 हजार एकड़ का पंजीकरण कराया। अब तहसील और एसडीएम कार्यालय में जांच का काम चल रहा है। काफी किसानों का अब भी डाटा मिसमैच हो रहा है। जिस खेत में धान की फसल खड़ी है, पोर्टल पर उसमें गन्ना लहलहा रहा है। 30 सितंबर तक सत्यापन करना है। यह चुनौती है। भिवानी हिसार में रकबा कब कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पंजीकरण का वेरिफिकेशन चल रहा है, अब अगले दो से तीन दिनों में एरिया का डाटा बढ़ सकता है। धान की सुचारू खरीद के लिए 883 सीसीटी कैमरे लगाए गए हैं, कैमरे मंडियों के गेटों पर लगाए गए हैं। पिछले साल की अपेक्षा भिवानी और हिसार में अब भी सबसे कम पंजीकरण हुआ है। हिसार में 2025 में 6.86 लाख एकड़ का पंजीकरण हुआ था, इस बार अब तक 3074.82 एकड़ का पंजीकरण हुआ है। प्रमुख जिलों का पंजीकरण ब्योरा मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार अंबाला में 37,507 किसानों ने 2,29345.37 एकड़ फसल का पंजीकरण कराया। इसी प्रकार भिवानी में 70,402 किसानों ने 4,06118.30 एकड़, चरखीदादरी में 43,077 किसानों ने 2,05300 एकड़, फतेहबाद में 59301 किसानों ने 4,17,768.92 एकड़, हांसी में 27,345 किसानों ने 1,63,934.39 एकड़, हिसार में 54,900 किसानों ने 3,07,434.82 एकड़, झज्जर में 31,747 किसानों ने 2,01,481.72 एकड़, जींद में 38,659 किसानों ने 3,72,491.25 एकड़, कैथल में 50,825 किसानों ने 3,89,490.61 एकड़। करनाल में 54,002 किसानों ने 4,07,495.11 एकड़, कुरुक्षेत्र में 45,548 किसानों ने 3,01,091.25 एकड़, पानीपत में 19,727 किसानों ने 1,50,290.30 एकड़, रोहतक में 29,853 किसानों ने 1,75,994.75 एकड़, सिरसा में 91,088 किसानों ने 6,71,925.49 एकड़, सोनीपत में 35,315 किसानों ने 2,15,959.85 और यमुनानगर में 46,382 किसानों ने 2,38,738.81 एकड़ पीआर धान का पंजीकरण कराया है। दो लाख एकड़ मिसमैच, गड़बड़ाया हिसाब पिछले दिनों पटवारियों की हड़ताल के कारण किसान के सामने समस्या खड़ी हो गई है। सत्यापन नहीं होने से पोर्टल पर डाटा मिसमैच हो रहा है। जिस खेत में धान की फसल खड़ृी है पोर्टल पर उसमें गन्ने की फसल दिखाई है। इसी मिसमैच के कारण गेटपास नहीं कट पा रहे हैं। बड़ी संख्या में किसान मंडियों में गेट पास कटवाने पहुंच रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर उनकी फसल मिसमैच दिखाई दे रही है। अकेले यमुनानगर में ही करीब एक लाख 10 हजार एकड़ से अधिक रकबा मिसमैच है। हड़ताल के कारण आई दिक्कत किसानों की बोई फसल का सही ब्योरा दर्ज करने के लिए हर वर्ष गिरदावरी कराई जाती है। सामान्य तौर पर राजस्व विभाग के पटवारी 10 से 15 सितंबर तक खेतों में जाकर यह कार्य पूरा करते हैं। इस बार निर्धारित अवधि में गिरदावरी नहीं हो सकी। बाद में आनन-फानन में गिरदावरी कराई, लेकिन खामियां रह गईं

जेड प्लांट को भूलकर भी इन जगहों पर न रखें, जानें सही दिशा और वास्तु नियम

आज के समय में घरों को हरा-भरा रखने और पॉजिटिविटी बढ़ाने के लिए इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. इनमें से कुछ पौधे सिर्फ सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि आपकी किस्मत बदलने की ताकत भी रखते हैं. वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में ऐसे ही एक चमत्कारी पौधे का विशेष महत्व बताया गया है, जिसे जेड प्लांट (Jade Plant) कहा जाता है.    इसे मनी ट्री, फ्रेंडशिप ट्री या गुड लक प्लांट के नाम से भी जाना जाता है. इसकी चमकदार, रसीली और सिक्के के आकार जैसी गोल पत्तियां धन और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं. आइए जानते हैं कि घर में जेड प्लांट लगाने के क्या फायदे हैं और इसे किस दिशा में रखने से बरकत होती है. धन और तरक्की के लिए जेड प्लांट रखने की सही दिशा  वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी पौधे का पूर्ण लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा और उचित स्थान पर रखा जाए:   दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East): यह दिशा धन के देवता और शुक्र ग्रह के अधीन मानी जाती है. जेड प्लांट को दक्षिण-पूर्व दिशा या अपने लिविंग रूम के आग्नेय कोण में रखना सबसे उत्तम माना गया है. यह आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है.  नए इनकम सोर्स बनाता है.    मुख्य द्वार पर (Main Entrance): घर के मुख्य द्वार पर (विशेषकर दाहिनी ओर) जेड प्लांट रखने से सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का स्वागत होता है. यह घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है.   ऑफिस या वर्क डेस्क: अगर आपको बिजनेस में घाटा हो रहा है या नौकरी में प्रमोशन रुक गया है, तो ऑफिस की डेस्क या कैश काउंटर के दक्षिण-पूर्व कोने में छोटा जेड प्लांट रखें. इससे फोकस बढ़ता है.   पश्चिम दिशा (West Direction): यदि आप बच्चों की रचनात्मकता और उनके करियर में तरक्की देखना चाहते हैं, तो इस पौधे को घर की पश्चिम दिशा या स्टडी टेबल के पास रख सकते हैं. इन जगहों पर भूलकर भी न रखें जेड प्लांट   वास्तु नियमों के मुताबिक कुछ ऐसी जगहें हैं जहां जेड प्लांट रखने से इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है: बेडरूम या बाथरूम: इसे कभी भी बेडरूम या बाथरूम में न रखें. बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा इसके सकारात्मक प्रभावों को नष्ट कर देती है.   अंधेरे कोने: जेड प्लांट को घर के ऐसे कोने में बिल्कुल न रखें जहां बिल्कुल धूप या रोशनी न आती हो.    वास्तु के अनुसार सूखा हुआ या मुरझाया हुआ पौधा घर में कंगाली और नकारात्मकता को आकर्षित करता है. अगर पौधे की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, तो उन्हें तुरंत काटकर हटा दें.   पानी की मात्रा: जेड प्लांट एक सकुलेन्ट (Succulent) पौधा है, यानी इसकी पत्तियों में पानी स्टोर रहता है. इसे बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. गमले में तभी पानी डालें जब ऊपरी मिट्टी सूखी नजर आए.   सही धूप: इसे स्वस्थ और हरा-भरा रखने के लिए दिन में कम से कम 3 से 4 घंटे की हल्की धूप या ब्राइट इनडायरेक्ट लाइट मिलना बहुत जरूरी है  

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, बिलासपुर की 3 ट्रेनें कैंसिल; 4 राज्यों के यात्री प्रभावित

बिलासपुर महाराष्ट्र से झारखंड और ओडिशा जाने वाले ट्रेन यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक बदलने का काम किया जाएगा। यह काम सीनी-राजखरसावां सेक्शन की अप और डाउन लाइन पर चलेगा। इसके लिए 24 नवंबर से 15 जनवरी तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस काम का असर बिलासपुर से होकर चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। रेलवे ने इस दौरान 3 ट्रेनों को रद्द और 2 ट्रेनों को बदले रूट से चलाने का फैसला किया है। ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस पर पड़ेगा। इस ट्रेन के दोनों दिशाओं में 17-17 फेरे रद्द रहेंगे। इसके अलावा नांदेड़-संतरागाछी एक्सप्रेस और पुणे-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस के भी निर्धारित फेरे रद्द किए गए हैं। वहीं उत्कल एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस को कुछ निर्धारित तारीखों पर बदले रूट से चलाया जाएगा। इससे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन की जानकारी पहले से जांचनी होगी। 14 अक्टूबर तक 18 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द इधर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 18 एक्सप्रेस ट्रेनें 14 अक्टूबर 2026 तक पहले ही रद्द है। इसके अलावा उत्कल एक्सप्रेस अलग-अलग तारीखों पर बदले रूट से चलेगी, जबकि 13 अक्टूबर को गीतांजलि एक्सप्रेस 2 घंटे की देरी से रवाना होगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में काम होगा। रद्द होने वाली गाड़ियों में इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस, हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस, हावड़ा-CSMT दुरंतो एक्सप्रेस समेत 18 ट्रेनें शामिल हैं। इन एक्सप्रेस ट्रेनों के कैंसिल होने से झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जाने यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

बड़गाईं-लेम सड़क बदहाल, टेंडर के बाद भी नहीं शुरू हुआ 122 करोड़ का काम

 रांची  बड़गाईं चौक से लेम चौक तक की जर्जर सड़क के दिन बहुरने का इंतजार चार साल बाद भी खत्म नहीं हुआ है। करीब चार किलोमीटर लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए करीब 122 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार है। टेंडर की प्रक्रिया भी हो चुकी है, लेकिन जमीन अधिग्रहण और पुल निर्माण से जुड़े मामले अटकने के कारण सड़क निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। नतीजा यह है कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को गड्ढों, धूल और जाम के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। बड़गाईं से लेम तक सड़क की हालत खराब बड़गाईं चौक से लेम चौक तक सड़क कई जगह टूट चुकी है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है। महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के बावजूद लंबे समय से इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का इंतजार किया जा रहा है। 122 करोड़ से होना है सड़क का निर्माण पथ निर्माण विभाग ने इस मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के साथ पुनर्निर्माण की योजना तैयार की है। विभागीय दस्तावेज के अनुसार सड़क की लंबाई करीब 3.750 किलोमीटर है। इसमें बड़गाईं से लेम होते हुए आगे बोरेया तक सड़क का विकास प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई अलग-अलग हिस्सों में करीब 3.75 से सात मीटर तक है। परियोजना के तहत सड़क को सात मीटर चौड़ा किया जाना है। सड़क के साथ करीब 3750 मीटर पक्की नाली बनाने की भी योजना है। परियोजना में चार नए कलवर्ट और एक नए पुल के निर्माण का भी प्रस्ताव है। दस्तावेज के अनुसार सड़क के लिए करीब 10 से 12 मीटर चौड़ाई में भूमि उपलब्ध कराने की जरूरत है। जमीन नहीं मिली तो कैसे बनेगी सड़क सबसे बड़ी अड़चन भू-अर्जन को लेकर है। सड़क निर्माण के लिए जिन हिस्सों में अतिरिक्त जमीन की जरूरत है, वहां भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्माण एजेंसी काम आगे नहीं बढ़ा पा रही है। इसके अलावा प्रस्तावित पुल से जुड़ा मामला भी अभी लंबित है। ऐसे में टेंडर होने के बावजूद जमीन और पुल निर्माण से जुड़े मामलों का समाधान नहीं होने के कारण सड़क पर काम शुरू नहीं हो सका है। चार साल से लोग कर रहे इंतजार वार्ड की पूर्व पार्षद हुस्ना आरा ने बताया कि सड़क निर्माण की योजना बनने और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद धरातल पर काम नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। हर दिन इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सड़क की स्थिति खराब होने से वाहन चालकों को समय के साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि भू-अर्जन और पुल निर्माण से जुड़े मामलों का जल्द समाधान कर निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि 122 करोड़ की योजना कागज से निकलकर जमीन पर दिखाई दे सके।

2017 के नगर निकाय चुनाव का बकाया 9 साल बाद मंजूर, पटना को मिलेंगे ₹4.85 लाख

पटना  नगरपालिका आम चुनाव हुए नौ साल बीत गए, लेकिन चुनाव के दौरान किए गए काम का भुगतान अब जाकर होगा। वर्ष 2017 में हुए नगरपालिका आम निर्वाचन से जुड़े विभिन्न कार्यों के बकाये भुगतान के लिए पटना जिला प्रशासन को 4.85 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बकाया भुगतान की मंजूरी दी है। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिका चुनाव 2017 के दौरान एजेंसियों ने कई तरह के काम किए थे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने क‍िया था भुगतान का अनुरोध इन कार्यों से जुड़े कुछ बिल का भुगतान लंबित रह गया था। जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह-जिलाधिकारी, पटना की ओर से बकाया भुगतान के लिए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद विभाग ने कुल 4.85 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। यह पूरी राशि पटना जिला निर्वाचन पदाधिकारी को आवंटित की जाएगी। इसके लिए सीएफएमएस के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग के स्तर पर इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।  

लखनऊ में उद्योग बंधु की बैठक, जलभराव-सड़क की बदहाली पर डीएम ने अफसरों को लगाई फटकार

 लखनऊ  औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या पर जिलाधिकारी विशाख जी ने नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी और सड़कों की बदहाली व अन्य सुविधाओं को लेकर समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित विभागों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर मार्ग के किनारे एनएचएआई की ओर से बनाए जा रहे ड्रेन का लेवल औद्योगिक क्षेत्र के ड्रेन से ऊंचा होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने का मामला बैठक में उठा। पूर्व में गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट शासन को बजट स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। नगर निगम ने बताया कि ड्रेनेज व्यवस्था के विकास का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। इसका कार्य सीएंडडीएस की ओर से कराया जाएगा। एसटीपी के दौरान खराब हुई सड़क, जांच के आदेश उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या उठाई। इससे माल ढुलाई और औद्योगिक इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ने की बात कही गई। यूपीसीडा ने बताया कि एसटीपी निर्माण के लिए पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस पर डीएम ने कहा कि एसटीपी निर्माण के स्वीकृत बजट में ही सड़क रेस्टोरेशन का प्रावधान किया जाना था। मामले की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम को एसटीपी के मूल बजट में सड़क रेस्टोरेशन के लिए स्वीकृत धनराशि और जल निगम द्वारा अब तक सड़क की मरम्मत पर खर्च की गई राशि का विवरण जुटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। नादरगंज-अमौसी औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक जाने वाली 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का मामला भी बैठक में उठा। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़क को कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। बैठक में चर्चा हुई कि तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में नाली निर्माण का काम अभी शेष है। इसके अलावा निवेश मित्र पोर्टल 2.0 और 3.0 पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा करने और निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खासकर हाउसिंग, फिल्म बंधु, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रदूषण और विद्युत विभाग से जुड़े समय सीमा पार कर चुके मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

चीन को 1 अंक से हराया, भारत ने कंपाउंड आर्चरी में किया गोल्डन क्लीन स्वीप

ओकाजाकी एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को भारतीय दल का आर्चरी में स्वर्णिम सफर जारी है। भारतीय आर्चरी टीम ने तीसरा गोल्ड जीत लिया है। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु वाली भारतीय पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की तिकड़ी ने एक रोमांचक फाइनल में चीन के जियाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी को 238-237 से हराकर भारत के कंपाउंड तीरंदाजों के लिए गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की। यह जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत फाइनल में दो पॉइंट से पीछे था और चीन की बढ़त को खत्म करने के लिए उसे एक मजबूत फिनिश की जरूरत थी। तीसरे और पांचवें शॉट में दो 9 के बाद शुरुआती एंड के बाद भारत 58-60 से पीछे हो गया। भारतीय तीरंदाजों ने अगले एंड में छह परफेक्ट 10 के साथ जवाब दिया, लेकिन फिर भी 118-120 से पीछे थे। आखिरी छह शॉट में दिखाया दम, एक पॉइंट से जीता गोल्ड तीसरे एंड के बाद अंतर एक पॉइंट घटकर 178-179 रह गया, जिससे एक तनावपूर्ण फिनिश की स्थिति बन गई। इसके बाद चीन के जियाओ लियाओ ने 8 का शॉट मारा, जिससे भारत के लिए दरवाजा खुल गया। भारतीय तिकड़ी ने आखिरी छह शॉट में बिना किसी गलती के 238 का स्कोर किया और एक पॉइंट के अंतर से गोल्ड मेडल पक्का किया। भारतीय टीम ने इससे पहले सेमीफाइनल में कोरिया को 236-229 से हराया था। कोरियाई टीम में चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंगहो शामिल थे। कंपाउंड आर्चरी में भारत का दबदबा इससे पहले टूर्नामेंट में, चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने कोरिया को एक मुश्किल शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत से 2028 गेम्स के लिए ओलंपिक कोटा भी पक्का हो गया। भारत की महिला कंपाउंड टीम ने भी गोल्ड मेडल जीता। इस टीम में चिकिथा तानिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम शामिल थीं। भारतीय तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। भारत ने एशियन गेम्स में तीनों कंपाउंड आर्चरी टीम गोल्ड मेडल जीतकर क्लीन स्वीप किया। पुरुषों की टीम के गोल्ड का मतलब है कि भारत ने हांगझोऊ 2023 में पिछले एशियन गेम्स में जीते गए तीनों कंपाउंड आर्चरी टाइटल सफलतापूर्वक बरकरार रखे हैं।  

धान खरीद के पहले दिन किसानों की बढ़ी परेशानी, कहीं खरीद धीमी तो कहीं गेट पास अटके

पानीपत पीआर धार की मंगलवार को सरकारी खरीद शुरू हो गई। ढांड मंडी में 800 क्विंटल धान की खरीद हुई। धान (पीआर) सामान्य का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और धान (पीआर) ग्रेड "ए" का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया हैं। कुरुक्षेत्र में पहले दिन धान की खरीद शुरू होते ही 13,720 क्विंटल धान की खरीद हुई। इसमें से 1200 क्विंटल थानेसर मंडी में खरीदा गया है। यमुनानगर में पहले दिन 13 अनाज मंडियों में केवल 3400 क्विंटल की खरीद हो पाई है। अधिक नमी के कारण खरीद कम हो पाई। मिसमैच के कारण पोर्टल वेरिफाई न होने के कारण कई किसानों के गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। कई मंडियों में पोर्टल में गड़बड़ी भी आड़े आई। करनाल में भी 470 क्विंटल की खरीद हुई। जींद और पानीपत में खरीद नहीं हुई। सिरसा मंडी में अभी पीआर धान की आवक नहीं हुई है। प्राइवेट खरीदार लगा रहे 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव कई किसान तो ऐसे हैं, जो एक सप्ताह से मंडियों में धान लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीद नहीं हो पा रही। निजी बिक्री में भाव 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है। सरकारी भाव 2461 रुपये प्रति क्विंटल है। 1509 के भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचे कैथल अनाज मंडी में 1509 धान के मिल रहे भाव से किसान खुश नजर आ रहे हैं। मंगलवार को अब तक के सबसे ज्यादा भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल भाव 1509 के मिले हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। किसानों ने बताया कि इससे पहले पीआर धान के भाव इतने कभी भी नहीं मिले हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विटंल भाव ज्यादा मिल रहे हैं। पिछले साल 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिले थे। धान एक, नमी मीटर में नमी की मात्रा अलग अलग करनाल मंडी में निरीक्षण के दौरान डीसी ने मंडी में पहुंचकर धान की ढेरियों पर नमी मापक यंत्र से नमी की जांच करवाई। एक माइश्चर मीटर में धान की नमी 21 प्रतिशत तो दूसरे माइश्चर मीटर में नमी की मात्रा 19 प्रतिशत आई। डीसी ने माइश्चर मीटर ठीक कराने के निर्देश दिए। असंध के विधायक योगेंद्र राणा ने मंगलवार को असंध की नई अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद कार्य शुरू करवाया। जींद-पानीपत में राइस मिलर्स ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन धान की पेराई के लिए जींद और पानीपत में किसी भी राइस मिलर्स ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। यदि धान खरीद भी लिया तो उठान कैसे होगा। कैथल में मिलर्स मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं, जबकि करनाल में आढ़ती बकाया आढ़त मांग रहे हैं।  

MCD हाउस मीटिंग में कई प्रस्ताव पास, 48 गांव होंगे शहरीकृत; सफाई पर बढ़ेगी निगरानी

नई दिल्ली एमसीडी की हाउस मीटिंग में मंगलवार को 70 मेकैनिकल रोड स्वीपिंग मशीन और बैटरी से चलने वाले 1000 वैक्यूम बेस्ड लिटर पिकर मशीनों को खरीदने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए। डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत की अध्यक्षता में बैठक हुई। आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद बैठक में मौजूद नहीं रहे। शुरुआत में नेता विपक्ष अंकुश नारंग बैठक में आए और शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद बैठक छोड़कर चले गए। सत्ता पक्ष ने बैठक के शुरुआत में ही एजेंडा पास कर दिया। इसके बाद पल्यूशन और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई। मेकैनिकल रोड स्वीपिंग और लिटर पिकर मशीनें खरीदी जाएंगी डिप्टी मेयर डॉक्टर मोनिका पंत ने बताया कि निगम द्वारा 70 रोड स्वीपर खरीदे जाएंगे। 1,000 वैक्यूम बेस्ड बैटरी से चलने वाली लिटर पिकर मशीनें खरीदने के प्रस्ताव को भी सदन ने मंजूरी दे दी है। बैठक में एमसीडी एक्ट की धारा 506 (ए) के तहत दिल्ली के 48 गांवों को शहरीकृत घोषित करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। एजेंडा पास करने के बाद बैठक में प्रदूषण, अवैध निर्माण और अन्य गंभीर नागरिक मुद्दों पर विभिन्न दलों के पार्षदों द्वारा सार्थक चर्चा की गई। इस बीच आप के निगम पार्षदों ने मंच की तरफ वाले गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, सिक्यूरिटी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। एंट्री को लेकर निगम पार्षदों और सिक्यूरिटी स्टाफ के साथ धक्का मुक्की भी हुई। नेता विपक्ष अंकुश नारंग जैसे ही बाकी निगम पार्षदों के साथ बैठक मे पहुंचे, डिप्टी मेयर ने सदन की बैठक को अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद विपक्षी निगम पार्षदों ने थप्पड़ मामले को लेकर जमकर नारे लगाए। ‘PRAGATI-50’ से कूड़े पर पैनी नजर दिल्ली-NCR में साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन को लेकर अब निगरानी और सख्त होने वाली है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-NCR समेत देशभर के 50 शहरों को स्वच्छता के नए मॉडल के तौर पर विकसित करने के लिए 'PRAGATI-50' पहल शुरू की है। इसमें दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड, MCD और NDMC के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम को भी शामिल किया गया है। इन शहरों में सिर्फ सफाई अभियान चलाने के बजाय कूड़ा प्रबंधन, सीवेज, इस्तेमाल किए गए पानी, नागरिक भागीदारी और जमीन पर दिखने वाले साफ-सफाई के परिणामों की तय मानकों पर निगरानी होगी। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इन 50 शहरों को दूसरे शहरों के लिए स्वच्छता के रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि मंत्री खुद हर दो महीने में समीक्षा बैठक कर इन शहरों की प्रगति देखेंगे। मंत्री खुद दो महीने में समीक्षा बैठक कर इन शहरों की प्रगति देखेंगे PRAGATI-50 में दिल्ली के तीनों प्रमुख शहरी निकायों को जगह मिली है। वहीं हरियाणा से गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल को चुना गया है। इससे कूड़ा उठाने, कचरे की छंटाई, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन और सफाई जैसे मुद्दों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने इसके लिए स्वच्छतम पोर्टल पर PRAGATI की तर्ज पर डिजिटल रिव्यू सिस्टम भी तैयार किया है। मंत्रालय के अधिकारी विशेष शहरों की जिम्मेदारी लेकर नियमित निगरानी और मदद करेंगे। इसके लिए स्वच्छता ऐप के साथ ही डेडिकेटेड वाट्सऐप चैनल भी शुरू किया गया है। इसके जरिए लोग सफाई से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने और शहर को साफ रखने में भागीदारी करने में आसानी से सक्षम होंगे। मंत्रालय के मुताबिक प्रोग्राम में कंस्ट्रक्शन एंड डिस्ट्रक्शन (C&D) कचरे के लिए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर बनाने की SOP और कचरे को घर से ही अलग करने से जुड़ी गाइडलाइन भी जारी की गई।