samacharsecretary.com

गंडक नदी उफान पर, गोपालगंज-सारण में तटबंध टूटे; कई गांवों में पानी घुसने का खतरा

पटना बिहार में गंडक नदी का कहर जारी है। अब गंडक ने राज्य के दो अन्य जिलों में तटबंधों को तोड़ दिया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक नदी में अत्यधिक जलस्राव तथा गंगा नदी के भी ख़तरे के निशान से ऊपर रहने के कारण गंडक नदी के तटबंधों पर भारी दबाव है। इसके अलावा अनेक जगहों पर सीपेज और पाइपिंग हो रहे हैं, जिन्हें दिन रात फ्लड फाइटिंग करके नियंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में आज दो जिलों में तटबंध ब्रीच हो गया है। गोपालगंज जिला के बैकुण्ठपुर प्रखंड, ग्राम-शीतलपुर, में गंडक नदी के दायें मुख्य तटबंध के अंदर नदी साइड में बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर (बी0एस0एफ0) जमींदारी बाँध लगभग लगभग 06 मीटर में तटबंध टूट गया है और इस धंसान के कारण बैकुण्ठपुर प्रखंड के परसौनी, शीतलपुर एवं पकहाँ ग्रामों के निचले इलाकों में पानी का फैलाव और संपर्कता भंग होने की संभावना है। सारण मुख्य तटबंध सुरक्षित है। सारण जिला के मकेर प्रखण्ड के ग्राम-हैजलपुर में गंडक नदी के दायां सारण तटबंध 46.50 कि.मी. पर अचानक लगभग 08 मीटर में धंस जाने एवं कि0मी0 45 पर निर्मित बाढ़ निरोधक फाटक (ए0एफ0एस) क्षतिग्रस्त होने से पानी का फैलाव कन्ट्री साईड में में हो रहा है। इस धसान के कारण मकेर प्रखंड के हैजलपुर, परमानंद छपरा एवं नौकरहा गांवों के निचले इलाकों में पानी का फैलाव होने तथा संपर्कता भंग होने की संभावना है। संबंधित क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग की टीम एवं जिला प्रशासन गोपालगंज और सारण द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि मकेर के बाघाकोल गांव के पास बुधवार की सुबह गंडक नदी पर स्थित मुख्य सारण तटबंध करीब 10 फीट की दूरी तक टूटा। प्रशासन बांध की मरम्मत करा स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। बाघाकोल गांव के निचले इलाके और आसपास के गांवों की ओर अब पानी बढ़ भी रहा है। सारण के तरैया, पानापुर, परसा और मकेर में बाढ़ की स्थिति फिर से बनने लगी है। छपरा के करीब सरयू (घाघरा) नदी के आसपास बसे गांवों की ओर भी तेजी से पानी बढ़ रहा है।

नारी शक्ति का कमाल, 4×400 रिले में भारत को गोल्ड; पदकों का अर्धशतक पूरा

नागोया भारी बारिश और ठंडे मौसम के बीच मंगलवार को 'नारी शक्ति' ने भारत को सुनहरी सफलता दिलाते हुए एशियन गेम्स की पदक तालिका में टॉप-10 में पहुंचा दिया। सुबह शूटिंग में नीरू ढांडा ने गोल्ड जीता तो शाम को भारत की झोली में एथलेटिक्स से विमिंस 4X400 मीटर रिले का भी गोल्ड आ गया। इसके साथ ही मंगलवार को एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों का अर्धशतक पूरा हो गया। छह गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल समेत कुल 52 मेडल के साथ भारत 10वें स्थान पर पहुंच गया। कमाल की दौड़ लगाई भारत की किरण पहल, पूवम्मा माचेत्रा, प्राची और विथ्या रामराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विमिंस 4X400 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीता। इन खेलों में एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। भारतीय टीम ने तीन मिनट 29.69 सेकंड का समय निकाला। यह विथ्या का इन खेलों में तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 400 मीटर हर्डल रेस में नेशनल रिकॉर्ड के साथ ब्रॉन्ज मेडल और मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में सिल्वर मेडल जीता था। पहले बैटन एक्सचेंज में तीसरे पर थे भारत ने लेन छह से रिले की शुरुआत की और किरण को शुरुआती लेग की जिम्मेदारी सौंपी गई। किरण ने तीसरे स्थान पर बैटन को पास किया, जिससे पूवम्मा पर अंतर को कम करने की जिम्मेदारी आ गई। उन्होंने दूसरे लेग में शानदार प्रदर्शन किया और भारत को आगे की दौड़ में शामिल किया। इसके बाद उन्होंने प्राची को बैटन सौंपा। प्राची ने भारत को मेडल की दौड़ में मजबूती से बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि विथ्या को एंकर लेग के लिए अच्छी स्थिति में बैटन मिले। इसके बाद आखिरी लेप विथ्या के नाम रहा। विथ्या ने जल्द ही अपनी लय पकड़ ली और आगे चल रही धावकों से अंतर कम करना शुरू कर दिया। 200 मीटर के निशान के आसपास विथ्या ने अपनी गति तेज की। विथ्या ने दौड़ के आखिरी हिस्से में अपना संयम बनाए रखा और सबसे पहले फिनिश लाइन पार की। इससे पहले गुरिंदरवीर सिंह, अनिमेष कुजूर, स्नेहा सत्यनारायण और हरिता भद्रा ने 4X100 मीटर मिक्स्ड रिले फाइनल में 41.06 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया। कायम रही 44 साल की परंपरा रिले में जीत के साथ भारत ने इस इवेंट के इतिहास में अपना साख एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीता और 1982 एशियाड के बाद से हर सीजन में पदक जीतने के अपने 44 साल पुराने सिलसिले को बरकरार रखा। भारत ने इससे पहले इस स्पर्धा में 2018 में गोल्ड मेडल जीता था। इस साल बहरीन (3:30.21) दूसरे और चीन (3:31.02) तीसरे स्थान पर रहा है।  

दूसरे वनडे में सिराज की वापसी तय? भारत सीरीज कब्जाने उतरेगा

गुवाहाटी भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज खेला जाएगा। दोनों टीमों की टक्कर गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में होगी। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में हुए सीरीज के पहले मैच को भारत ने आसानी से 8 विकेट से अपने नाम किया था। अब इस मैच को जीतकर टीम सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगी। मोहम्मद सिराज की वापसी होगी? भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में मोहम्मद सिराज की वापसी होती दिख रही है। सीरीज के पहले मैच में शुरुआती पावरप्ले में भारतीय गेंदबाज काफी जूझ रहे थे। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार दोनों ही हिट द डेक गेंदबाज हैं। टीम को सीम और स्विंग करवाने वाले गेंदबाज की कमी खली। शुरुआती 10 ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने 85 रन ठोक दिए थे और भारत को विकेट भी नहीं मिला था। ऐसे में दूसरे वनडे में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की वापसी हो सकती है। हालांकि उनके आने पर कौन बाहर जाएगा, यह बड़ा सवाल है। गुरनूर बरार अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। 7 मैचों में उनके 11 विकेट तो हैं लेकिन उन्होंने करीब 7 की इकोनॉमी से रन दिए हैं। बरार को प्लेइंग इलेवन में रखा जाता है तो नमन धीर या नीतीश कुमार रेड्डी में से किसी एक को बाहर जाना पड़ सकता है। बल्लेबाजी में बदलाव के कोई चांस नहीं भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में इसके अलावा और कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल का बेंच पर बैठना तय दिख रहा है। वहीं आकिब नबी को मौका मिलने की उम्मीद भी नहीं दिख रही है। पहले वनडे में विराट कोहली और शुभमन गिल के शतक के भारत ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया था। इस मैच में टीम चाहेगी कि मध्यक्रम को भी मौका मिले जिससे उनके टेस्ट हो सके। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नमन धीर, रविंद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा।  

रात में सफर पड़ा भारी! राजस्थान जा रही लग्जरी बस ट्रक से भिड़ी, 7 की मौत

जयपुर गुजरात के अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर बुधवार, 30 सितंबर 2026 की तड़के एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। सूरत से यात्रियों को लेकर राजस्थान की ओर आ रही एक निजी लग्जरी बस की एक ट्रक के साथ जबरदस्त भिड़ंत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस भयानक दुर्घटना में 5 से 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद से यात्रियों के परिजनों में कोहराम मच गया है। ओवरटेकिंग लेन में हुआ हादसा प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह करीब 4 बजे आणंद और नडियाद के बीच अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर घटित हुआ। बस 'साईं दर्शन ट्रेवल्स' की थी, जो सूरत से चलकर राजस्थान की तरफ बढ़ रही थी। एक्सप्रेसवे की ओवरटेकिंग लेन पर आगे चल रहे या खड़े ट्रक से बस की टक्कर इतनी भयानक थी कि बस का अगला और एक तरफ का हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई यात्री बस के भीतर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को अस्पतालों में कराया गया भर्ती दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और आणंद ग्रामीण पुलिस की टीम फौरन मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए पुलिस ने स्थानीय प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा के जरिए नडियाद सिविल अस्पताल और आणंद के नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 4 से 6 लोगों का इलाज जारी है। वहीं, दुर्घटना के कारण सुबह के वक्त एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस और पेट्रोलिंग टीम ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर सुचारू कराया। मृतकों की पहचान और प्रशासनिक कार्रवाई जारी हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनास्थल और अस्पतालों दोनों जगहों पर मोर्चा संभाल लिया है। बस में सवार मृतकों और घायलों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है तथा उनके स्वजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर होने वाली तेज रफ्तार और नाइट ट्रैवलिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नीरू ढांडा ने 24 घंटे में जीते दो गोल्ड, काइनान के साथ बनाया एशियन रिकॉर्ड

नई दिल्ली नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारतीय निशानेबाजों ने अपनी सटीकता का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया है। भारत के काइनान डेरियस चेनाई और नीरू ढांडा की मिक्स्ड जोड़ी ने ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। क्वालिफिकेशन राउंड में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय निशानेबाजों ने फाइनल में जबरदस्त वापसी की और कतर की मोहम्मद अल-रुमैही तथा रे बासिल की मजबूत जोड़ी को मात देकर पोडियम का शीर्ष स्थान हासिल किया। 34 का स्कोर बनाकर कतर का ही रिकॉर्ड किया चकनाचूर भारतीय जोड़ी ने न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि निशानेबाजी का नया महाद्वीपीय मानदंड भी स्थापित किया। काइनान और नीरू ने फाइनल में 34 का स्कोर दर्ज कर एशियाई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। खास बात यह है कि पिछला एशियाई रिकॉर्ड 30 अंकों का था, जो इसी साल जनवरी में कतर की टीम ने ही बनाया था। फाइनल मुकाबले में कतर की टीम 32 अंकों के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं चीन के क्यूई यिंग और सुन यूनोंग की जोड़ी ने 23 का स्कोर बनाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। नीरू ढांडा का 24 घंटे में दूसरा गोल्ड और ऐतिहासिक सफर 26 वर्षीय नीरू ढांडा के लिए यह एशियन गेम्स का अभियान किसी सपने जैसा रहा है। मंगलवार को महिला ट्रैप इंडिविजुअल स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली नीरू, एशियाई खेलों के इस बड़े मंच पर व्यक्तिगत ट्रैप मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बनी थीं। इसके बाद मिक्स्ड टीम में काइनान चेनाई के साथ मिलकर एक और एशियन रिकॉर्ड बनाते हुए उन्होंने 24 घंटे के भीतर भारत की झोली में दूसरा स्वर्णिम पदक डाल दिया। इस सफलता के साथ भारत के पदकों की कुल संख्या बढ़कर 54 (8 गोल्ड) हो गई है।  

हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से राहत नहीं, आरोप गठन रोकने वाली याचिका पर सुनवाई टली

 रांची  हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत में बड़गांई अंचल की 8.86 एकड़ की कथित जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मामले में सीएम हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को 2.15 बजे निर्धारित की है। हेमंत सोरेन की ओर मनी लांड्रिंग मामले में आरोप गठन की कार्रवाई को रोकने और ईडी कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एसवी राजू आनलाइन जुडे़ थे। इस दौरान अदालत ने कहा कि समयाभाव के कारण मामले में बुधवार को सुनवाई की जाएगी। इस पर हेमंत सोरेन की ओर से कहा गया कि बुधवार की सुबह ही इस मामले में सुनवाई की जाए। क्योंकि ईडी कोर्ट में आरोप गठन होना है। इस पर अधिवक्ता एसवी राजू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण मामला होने की वजह से वह दूसरी पाली में उपलब्ध हो पाएंगे। इसलिए मामले की सुनवाई दूसरी पाली में ही रखी जाए। अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई बुधवार को दूसरी पाली में निर्धारित की है। ईडी की ओर से एएसजीआइ एसवी राजू, वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। बता दें कि हेमंत सोरेन की ओर से याचिका दाखिल कर पीएमएलए एक्ट की धारा 44 (1) (डी) का हवाला देते हुए कहा गया है कि जब तक मामले में अनुसंधान पूरा नहीं होता है, तब तक उनके खिलाफ आरोप गठन न किया जाए। इस मामले में अभी अनुसंधान पूरा नहीं हुआ है। इसलिए ईडी कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। वहीं ईडी कोर्ट ने मामले में आरोप गठन की अनुमति दे दी है।

किसानों की बल्ले-बल्ले! बिहार में सिंचाई के लिए मिलेगी मुफ्त बिजली

पटना बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने की तैयारी है। ऊर्जा विभाग ने इससे संबंधित योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने के आसार हैं। इससे राज्य के एक करोड़ से अधिक किसानों को फायदा होगा। अभी सरकार किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से सिंचाई के लिए बिजली दे रही है। अगले तीन वर्षों में खेती के लिए सोलर के माध्यम से 2560 फीडर से 2585 मेगावाट बिजली तैयार होगी। इसके लिए सरकार 2714 करोड़ खर्च करेगी। सोलर के माध्यम से मिलने वाली हरित ऊर्जा की खरीद के लिए ऊर्जा कंपनियों को कम खर्च करना पड़ेगा। अभी कृषि के लिए ऊर्जा खरीद पर प्रति यूनिट लगभग 6 रुपये 19 पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कृषि फीडर सोलराइजेशन करने वाली एजेंसियों को सरकार प्रति मेगावाट एक करोड़ 5 लाख रुपये अनुदान देगी। तीन वर्षों में 2585 मेगावाट बिजली उत्पादन होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली की उपलब्धता होगी। विभाग ने यह प्रस्ताव पीएम कुसुम योजना 0.2 को ध्यान में रख कर तैयार किया है। योजना के लाभ ● किसानों की खेती में लागत घटेगी ● किसानों की आमदनी बढ़ेगी ● सौर ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ेगा ● प्रदूषण में भी कमी आएगी सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य वर्ष – फीडर – बिजली (मेगावाट) 2027 – 640 – 646 2028 – 896 – 905 2029 – 1024 – 1034 सोलर प्लांट के लिए भूमि बैंक बनेगा किसानों को मुफ्त बिजली देने वाले राज्यों के मॉडल का अध्ययन कराया गया है। इस आधार पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भूमि बैंक स्थापित होगा। सोलर प्लांट के लिए जमीन देने वाले किसानों सहित अन्य व्यक्तियों को निर्धारित राशि मिलेगी।

जालंधर में अमित शाह की आज बड़ी रैली, 28 एकड़ में तैयार पंडाल; 4 यात्राओं का होगा समापन

 जालंधर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, बुधवार, 30 सितंबर को पंजाब के जालंधर पहुंचेंगे। यहां परागपुर के पास NH-44 के किनारे भाजपा की ओर से नशा विरोधी महारैली आयोजित की जा रही है। आयोजन के लिए करीब 63 एकड़ जमीन तैयार की गई है। इसमें अकेले 28 एकड़ में विशाल पंडाल बनाया गया है। रैली का स्थल पहले 40 एकड़ में तय किया गया था। बाद में इसे 50 एकड़ तक बढ़ाया गया और लोगों के आने का अनुमान बढ़ने के बाद क्षेत्रफल करीब 63 एकड़ किया गया। ताजा रिपोर्टों में भी आयोजन स्थल को 60 से 65 एकड़ के बीच बताया गया है। भाजपा की ओर से पंजाब में निकाली जा रही चार नशा मुक्ति यात्राओं का समापन भी इसी रैली में होगा। ये यात्राएं प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी तय कर जालंधर पहुंच रही हैं। बुधवार को चारों यात्राओं के कार्यकर्ता रैली स्थल पर जुटेंगे। दो साल में नशामुक्त पंजाब का दावा कर चुके शाह शाह इसी साल 14 मार्च को मोगा के किली चाहलां में बदलाव रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। यह भाजपा के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत थी। शाह ने पंजाब में भाजपा की सरकार बनने का मौका देने की अपील करते हुए दावा किया था कि दो साल के भीतर पंजाब को नशामुक्त कर देंगे और नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ देंगे। इस दौरान उन्होंने अपराध, नशे और भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा था। नशा : सियासी ही नहीं, सामाजिक मुद्दा भी पंजाब में नशा एक दशक से ज्यादा समय से बड़ा सियासी और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। साल 2012 के विधानसभा चुनाव से इसे प्रमुखता से उठाया जा रहा है। 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इसे अपनी सियासत का केंद्र बनाया। 2017 में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में नशा खत्म करने के लिए चार सप्ताह का वादा किया, जबकि आप ने भी ड्रग माफिया पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया था। 2022 में आप ने फिर नशे के खिलाफ अभियान चलाया था।   शाह दें सवालों का जवाब : रंधावा कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा को विफल बताते हुए कहा कि पठानकोट जैसे भाजपा के गढ़ में भी यात्रा प्रभावी भीड़ नहीं जुटा सकी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद, ड्रोन और हथियारों से जुड़े गंभीर सुरक्षा सवालों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए। रंधावा ने कहा, सीमा पर बीएसएफ तैनात है और इसका दायरा करीब 50 किलोमीटर तक है। बीएसएफ के रहते सीमा पार से नशा कैसे पहुंच रहा है। इसके बाद पंजाब में नशा वितरित हो रहा, इसे रोकने में पंजाब पुलिस भी फेल है।  25 हजार से अधिक कुर्सियां लगीं आयोजकों के अनुसार रैली के लिए बनाए गए विशाल पंडाल में 25 हजार से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं। पंडाल को पूरी तरह वातानुकूलित रखने की व्यवस्था की गई है। भीड़ का अनुमान एक लाख से अधिक लगाया जा रहा है, जबकि पार्टी स्तर पर इससे काफी अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। इससे पहले तैयारियों से जुड़ी रिपोर्टों में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान सामने आया था। रैली में दूर बैठे कार्यकर्ताओं को मंच साफ दिखाई दे और भाषण सुनने में परेशानी न हो, इसके लिए पंडाल के भीतर कई स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। पंडाल के बाहर भी स्क्रीन की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य यह है कि पंडाल भरने के बाद बाहर मौजूद कार्यकर्ता भी मंच की गतिविधियां और अमित शाह का संबोधन देख और सुन सकें। तीन हजार बसें पहुंचने का अनुमान रैली में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। वाहनों के लिए चार अलग-अलग पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। पंडाल के नजदीक वीआईपी वाहनों के लिए अलग पार्किंग होगी। इसके अलावा दोआबा, माझा और मालवा से आने वाले लोगों के रूट के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में पार्किंग बनाई गई है। आयोजकों के अनुसार रैली में तीन हजार से अधिक बसों और करीब दो हजार छोटे वाहनों के पहुंचने का अनुमान है। इससे रैली स्थल के आसपास यातायात पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए पार्किंग और यातायात व्यवस्था को अलग-अलग रूट के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी रैली के कारण यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। पुलिस की ओर से विस्तृत यातायात योजना जारी की जानी है। दोपहर सवा दो बजे पहुंच सकते हैं शाह प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे आदमपुर हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 1:15 बजे वह श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने जाएंगे। इसके बाद दोपहर 2:15 से 2:30 बजे के बीच परागपुर स्थित रैली स्थल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है। भाजपा की चारों नशा मुक्ति यात्राएं मंगलवार शाम करीब छह बजे रैली स्थल पर पहुंचेंगी। वहां प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के वरिष्ठ नेता यात्राओं का स्वागत करेंगे। चारों यात्राएं 18 सितंबर से अलग-अलग मार्गों से शुरू हुई थीं और प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करने के बाद जालंधर पहुंच रही हैं। नशे के मुद्दे पर केंद्रित है आयोजन भाजपा ने इन यात्राओं और जालंधर की रैली को नशे के खिलाफ अपने अभियान से जोड़ा है। पार्टी के अनुसार यात्राओं का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना है। रैली में अमित शाह के संबोधन के साथ अभियान का समापन होगा। आयोजन को लेकर भाजपा की ओर से प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी की गई है। रैली स्थल पर तैयारियों के बढ़ते दायरे से साफ है कि आयोजकों ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को ध्यान में रखकर व्यवस्था की है। अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली महारैली पर है, जहां चारों यात्राओं के समापन के साथ अमित शाह कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। जानें अमित शाह की नशा मुक्ति महारैली का शेड्यूल     कार्यक्रम का … Read more

चीन को हराकर भारत ने जीता गोल्ड, महिला कंपाउंड तीरंदाजों ने रचा इतिहास

नई दिल्ली नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। तनिपार्थी चिकिता, प्रदीप प्रीतिका और वेन्नम ज्योति सुरेखा की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 240 में से 238 का स्कोर बनाना गजब की सटीकता को दर्शाता है। इस शानदार स्कोर के साथ ही भारतीय चौकड़ी ने दक्षिण कोरिया के 238 अंकों के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। क्वालिफिकेशन से लेकर गोल्ड तक का सफर भारतीय टीम ने क्वालिफिकेशन राउंड में चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। इस राउंड में चिकिता ने इंडिविजुअल स्टैंडिंग्स में 705 अंकों के साथ टॉप किया और प्रीतिका ने 695 अंक जोड़े। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया से हुआ। कोरिया ने दूसरी पारी में 175-175 से बराबरी कर ली थी, लेकिन भारत ने दबाव के पलों में बेहतरीन खेल दिखाते हुए 235-233 से मुकाबला जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। प्रदीप प्रीतिका महाराष्ट्र की रहने वाली प्रीतिका ने 27 सितंबर को ही अपना 18वां जन्मदिन मनाया है और ठीक तीन दिन बाद देश को एशियाड का गोल्ड मेडल दिलाया। पांचवीं कक्षा में एक शौक के तौर पर तीरंदाजी शुरू करने वाली प्रीतिका को उनके माता-पिता ने छठी कक्षा से पेशेवर कोचिंग दिलाई। वह पुणे की स्वराज्य आर्चरी एकेडमी में प्रैक्टिस करती हैं। 2025 में ब्रेकथ्रू के बाद से वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 7 मेडल जीत चुकी हैं, जिनमें 2025 वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप का सिल्वर और एशियन चैंपियनशिप का टीम गोल्ड शामिल है। तनिपार्थी चिकिता तेलंगाना के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली 21 साल की चिकिता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। जब वह दूसरी कक्षा में थीं, तब उनके पिता ने अखबार में तीरंदाजी के बारे में पढ़ा और उन्हें इस खेल में डाला। 2018 से औपचारिक ट्रेनिंग शुरू करने के बाद वह 2021 में पेशेवर तीरंदाज बनीं। 2025 में विन्निपेग में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप में अंडर-21 महिला व्यक्तिगत इवेंट का गोल्ड जीतकर वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। इसके बाद उन्होंने 2025 और 2026 में वर्ल्ड कप टीम सिल्वर और 2026 एशियन ग्रैंड प्रिक्स टीम गोल्ड जीता है। वह भी साई सोनिपत में ही अभ्यास करती हैं।

गया में सिर्फ पिंडदान नहीं, ये 15 जगहें भी हैं घूमने लायक; देखें पूरी लिस्ट

गया  बिहार का Gaya Ji जिला  केवल पितृपक्ष में पिंडदान और मोक्ष पाने के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह प्राचीन इतिहास, स्थापत्य कला (Architecture) और प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत संगम है। पहाड़ियां, कलकल बहती नदियां और घने जंगलों के बीच बसे गया में हिंदू, बौद्ध और सूफी संस्कृति की एक गहरी छाप देखने को मिलती है। अगर आप पिंडदान के साथ-साथ गया जी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो केवल Vishnupad Temple या बोधगया तक ही सीमित न रहें। आइए आपको बताते हैं गया की उन 15 खास जगहों के बारे में, जहां आस्था के साथ-साथ आपको प्रकृति के शानदार सीन भी देखने को मिलेंगे: 1. सीता कुंड: जहां माता सीता ने किया था बालू से पिंडदान फल्गु नदी के पूर्वी तट पर स्थित सीता कुंड पौराणिक और धार्मिक रूप से बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि वनवास के दौरान माता सीता ने राजा दशरथ की आत्मा की शांति के लिए यहीं फल्गु की रेत से पिंडदान किया था। यह विष्णुपाद मंदिर के ठीक सामने स्थित है और पितृ पक्ष के दौरान पिंडदान करने के लिए विशेष महत्व रखता है। 2. तपोवन कुंड: औषधीय गुणों वाले गर्म पानी के झरने तपोवन पहाड़ियों के बीच स्थित यह स्थल ऋषि कण्व और रामायण काल से जुड़ा हुआ है। यहां प्रकृति की गोद में गर्म पानी के कुंड (गंडक युक्त जल) हैं। मान्यता है कि इस पानी में नहाने से त्वचा सम्बन्धी बीमारियां (Skin Diseases) ठीक होती हैं। 3. ब्रह्मयोनि पहाड़ी: पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति का द्वार गया शहर के दक्षिण में स्थित ब्रह्मयोनि पहाड़ी की चोटी पर एक प्राचीन मंदिर है। यहां 'ब्रह्मयोनि' नामक प्राकृतिक गुफा है, जिसे भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। ऐसी आस्था है कि इस गुफा रूपी द्वार से गुजरने पर व्यक्ति को पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। 4. दुखरनी मंदिर: सांप्रदायिक सद्भाव की अनोखी मिसाल लगभग 450 वर्ष पूर्व टिकारी महाराजा मोदक सिंह द्वारा बनाया गया यह मंदिर बेहद खास है। इसकी एक दीवार गया की जामा मस्जिद से सटी हुई है, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का बड़ा संदेश देती है। माना जाता है कि यहां आने वाले हर भक्त के दुख-दर्द दूर होते हैं। 5. डुंगेश्वरी हिल्स: जहां बुद्ध ने की थी 6 वर्षों की कठिन तपस्या बोधगया से करीब 12-15 किलोमीटर दूर फल्गु नदी के किनारे स्थित ये पहाड़ियां आंखों के सुकून के साथ आत्मीय शांति का भी अहसास कराती हैं। ज्ञान प्राप्ति से पहले सिद्धार्थ गौतम ने इन्हीं गुफाओं में कठिन तपस्या की थी। 6. बाबा बैजुधाम मंदिर: बाढ़ में मिला विशाल शिवलिंग मोरहार नदी के किनारे, पहाड़ियों और जंगलों से घिरा बैजुधाम मंदिर बेहद घूमने लायक जगह है। सितंबर 2000 में आई भीषण बाढ़ के दौरान यहां एक विशाल काला शिवलिंग मिला था। सावन और महाशिवरात्रि में यहां भारी भीड़ उमड़ती है। 7. भूरा साइट (दुर्वासा नगर): ऋषि दुर्वासा की तपोभूमि यह स्थल हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों का संगम है। मान्यता है कि यहां ऋषि दुर्वासा ने ध्यान लगाया था। यहां प्राचीन बुद्ध प्रतिमाएं, स्तूप के अवशेष, दुब्बा किला और प्राकृतिक जल स्रोत मौजूद हैं। पुराने सिक्के, मुहरें और मिट्टी के बर्तन जैसी पुरातात्विक खोजें इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व को साबित करती हैं। 8. कोंचेश्वर महादेव मंदिर: 105 फीट ऊंचा ईंटों का अजूबा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित यह मंदिर उत्तर भारत के दुर्लभ मंदिरों में से एक है। गुप्त काल के बाद की वास्तुकला से बना यह मंदिर विशेष आकार की ईंटों से निर्मित है। मंदिर का शिखर लगभग 105 फीट ऊंचा है। मंदिर की बाहरी दीवारें ऊपर से नीचे तक सीधी नहीं हैं, बल्कि घुमावदार हैं यहां भगवान विष्णु, गणेश, सूर्य और बुद्ध की 85 से अधिक प्राचीन मूर्तियां संरक्षित हैं बोधगया के प्रमुख आकर्षण (Bodh Gaya Attractions) 9. 80 फुट की बुद्ध प्रतिमा: भारत की सबसे ऊंची बुद्ध प्रतिमाओं में से एक है। यहां भगवान बुद्ध ध्यान मुद्रा में कमल पर विराजमान हैं। इसे भारत और जापान की सांस्कृतिक दोस्ती का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि इसका निर्माण जापानी बौद्ध संगठन दाइजोक्यो के सहयोग से किया गया था। 10. सुजाता गढ़: बकराउर गांव में स्थित यह गढ़ गौतम बुद्ध से जुड़ा है। मान्यता के अनुसार, ज्ञान प्राप्ति से पहले सिद्धार्थ गौतम ने कठोर तपस्या की थी, जिससे उनका शरीर अत्यंत दुर्बल हो गया था। उस समय बकराउर गांव की सुजाता नामक एक महिला ने उन्हें मिट्टी के कटोरे में खीर भेंट की थी। 11. मुचलिंडा सरोवर: महाबोधि मंदिर के पास स्थित यह सरोवर उस कथा से जुड़ा है, जब नागराज मुचलिंडा ने भीषण बारिश में अपने फन से भगवान बुद्ध की रक्षा की थी। परंपरा के अनुसार, भगवान बुद्ध ने निर्वाण प्राप्त करने के छठे सप्ताह में यहां ध्यान किया था। आस्था और शक्ति के अन्य पवित्र स्थल 12. मां तारा देवी मंदिर (केसपा): पाल कालीन मूर्तियों और पुरातात्विक अवशेषों से घिरा यह मंदिर बौद्ध और हिंदू संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। 13. गुरुपसी माता मंदिर (गुरपा): 'कुक्कुटपाद गिरि' पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता से भरा है। यहीं बुद्ध के शिष्य महाकश्यप की गुफा भी स्थित है। 14. बंगला स्थान मंदिर: गया शहर के केंद्र में स्थित यह शिव मंदिर अपनी शांत वास्तुकला और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। 15. रेवाई गांव (सूर्य व जौहर मंदिर): टिकारी का यह गांव अपने सदियों पुराने प्राचीन सूर्य मंदिर (छठ पूजा का प्रमुख केंद्र) और जौहर मंदिर (सती स्थान) की ऐतिहासिक लोककथाओं के लिए जाना जाता है।