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खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल का उद्घाटन, रेल सुविधाओं को मिला नया आयाम

पटना जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ हो गया है। यह ट्रेन यात्रा को एक नया आयाम देगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा तथा बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर खातीपुरा में देश के पहले मेगा कोचिंग टर्मिनल और विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विकसित यात्री सुविधाओं का भी उद्घाटन किया गया। राजस्‍थान और म‍िथ‍िला के संबंधों को मजबूती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई ट्रेन राजस्थान और बिहार के मिथिला क्षेत्र के बीच सांस्कृतिक एवं सामाजिक संबंधों को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि खातीपुरा में 205 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेगा कोचिंग टर्मिनल देश का पहला ऐसा आधुनिक केंद्र है, जहां वंदे भारत, एलएचबी, डेमू सहित विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का अनुरक्षण एक ही स्थान पर किया जा सकेगा। बिहारवासियों को होगा विशेष लाभ इसकी क्षमता प्रति माह लगभग 450 ट्रेनों के रखरखाव की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस ट्रेन से राजस्थान में कार्यरत प्रवासी बिहारवासियों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि यह ट्रेन बिहार के लोगों के लिए एक सौगात की तरह है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली यह अमृत भारत एक्सप्रेस रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प साबित होगी। इसके साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे के 41 छोटे और मध्यम स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे रेल यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

मानसून में वन संरक्षण को प्राथमिकता, झारखंड में एक करोड़ से अधिक पौधारोपण की तैयारी

रांची राज्य के वनों में होने वाली पर्यटन समेत अन्य गतिविधियां एक जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रहेंगी। वन क्षेत्र में रहने वाले जीवों की सुरक्षा और नए लगने वाले पौधों को बारिश में पनपने के लिए गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है। पलामू टाइगर रिजर्व, दलमा समेत सभी वन क्षेत्र में इस दौरान सड़क निर्माण, बिजली के टावर लगाने जैसे कार्य भी बंद रहेंगे। मानसून और बारिश के इन तीन महीनों में वनक्षेत्र में दस लाख से ज्यादा नए पौधे भी लगाए जाएंगे। कच्ची संरचना में होगा पानी का संचयन वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस दौरान वनों के विकास और नए पौधों के संरक्षण उपाय किए हैं। वर्षा के समय कच्ची संरचना में पानी का संचयन किया जाएगा। जून तक पलामू क्षेत्र में औसत से कम बारिश हुई है। ऐसे में नए लगने वाले पौधों की सिंचाई के लिए स्थानीय स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं। कृषि वानिकी विशेषज्ञ संजय पांडे ने बताया कि राज्य के वनों में जुलाई से सितंबर कर ज्यादा बारिश होती है। लेकिन जून में लगने वाले पौधों को बचाने के लिए टैंकरों या अन्य माध्यम से पानी पहुंचाना ही विकल्प है। इको टूरिज्म का बढ़ेगा दायरा राज्य के वन क्षेत्र में मानसून के बाद होने वाली पर्यटन गतिविधियों में इको टूरिज्म का दायरा बढ़ाया जाएगा। जंगल सफारी के लिए बैट्री चालित वाहनों की संख्या 25 तक करने की योजना है। इसके अलावा वन क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र में सोलर आधारित विद्युत व्यवस्था की जाएगी। पलामू टाइगर रिजर्व के साथ लातेहार में बनने वाली सफारी का काम भी मानसून के बाद तेज किया जाएगा।

पश्चिमी सिंहभूम में वोटर लिस्ट अपडेट को लेकर विशेष पुनरीक्षण अभियान युद्धस्तर पर शुरू

पश्चिमी सिंहभूम  झारखंड में मतदाता सूची (Voter List) को पूरी तरह त्रुटिहीन, पारदर्शी और अपडेटेड बनाने के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं. इसी सिलसिले में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्रुति राजलक्ष्मी ने सोमवार को कराईकेला में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के साथ एक हाई-लेवल बैठक की. बैठक में उन्होंने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया की बारीकियों को साझा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि इस बार लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी और हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ना सुनिश्चित किया जाएगा. घर-घर दस्तक देंगे बीएलओ, दरवाजे पर चिपकेगा स्टिकर एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी ने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे महा-अभियान की सबसे मजबूत कड़ी बीएलओ की ‘घर-घर दस्तक’ होगी. इस बार प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया जा रहा है. इसके मुताबिक इन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण बीएलओ हर घर जाकर फॉर्म बांटेंगे. मतदाता उसे मौके पर ही भरवाकर वापस कलेक्ट करेंगे. पहचान के तौर पर हर घर के बाहर एक विशेष स्टिकर चिपकाया जाएगा. इस स्टिकर पर न सिर्फ मकान संख्या दर्ज होगी, बल्कि संबंधित बीएलओ का नाम और उनका मोबाइल नंबर भी साफ-साफ लिखा होगा. एसडीओ ने बताया कि चुनाव आयोग की इस अनूठी पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आम जनता को वोटर कार्ड या लिस्ट से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. लोग अपने घर के बाहर लगे स्टिकर से नंबर देखकर सीधे अपने बीएलओ से संपर्क कर सकेंगे. पारदर्शिता से ही बनेगी सटीक सूची: बीडीओ बैठक में मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) भीषम कुमार ने भी बीएलओ को दो टूक लहजे में अपनी कार्यशैली सुधारने और पूरी जिम्मेदारी से काम करने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन (Updated) बनाने का पूरा दारोमदार बीएलओ के कंधों पर है. राज्य स्तर पर पिछले गहन पुनरीक्षण की सूची से मैपिंग का काम शुरू हो चुका है, इसलिए फील्ड वर्क में किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आ जाएगी. इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में बीडीओ भीषम कुमार के अलावा प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सदानंद होता, कृषि पदाधिकारी विजय सिंह जोंकों सहित बंदगांव प्रखंड क्षेत्र के बड़ी संख्या में बीएलओ और निर्वाचन कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

अमेरिका को चीन का झटका, 46 अमेरिकी कंपनियों को सरकारी खरीद सूची से किया बाहर

बीजिंग  चीन ने 46 अमेरिकी कंपनियों से कोई भी उत्पाद खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इस आशय की सूची जारी की है। इन कंपनियों में लॉकहीड मार्टिन कॉरपोरेशन भी शामिल है। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि लागू कानूनों और नियमों के अनुसार, सरकारी खरीद गतिविधियों के दायरे में 46 अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ प्रासंगिक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।   चीनी कंपनियों को इन 46 अमेरिकी कंपनियों में बने उत्पादों को खरीदने से रोक दिया गया है, हालांकि चीन में काम कर रहे अमेरिकी निवेश वाले उद्यमों को इससे छूट दी गयी है। चीन ने लॉकहीड मार्टिन पर प्रतिबंध लगाकर एक तरह से अमेरिका को भी संकेत दिया है कि वह अपने मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी। गौरतलब है कि लॉकहीड मार्टिन सैन्य विमान और उन्नत तकनीकी हथियारों की दुनिया की सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है और यह कंपनी अमेरिकी सरकार के जरिए ताइवान को सबसे ज्यादा हथियारों और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति करती है, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है।

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ डुओलॉजी ने मचाया धमाल, प्रॉफिट शेयरिंग से कमाए 325 करोड़ रुपये

बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह ने बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसा धमाका किया है, जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे महंगे सितारों की कतार में सबसे आगे लाकर खड़ा कर दिया है. ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' की डुओलॉजी (दो फिल्मों की सीरीज) से रणवीर ने अनुमानित ₹325 करोड़ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है. खास बात यह है कि रणवीर ने इसके लिए कोई बंधी-बंधाई मोटी फीस नहीं ली थी, बल्कि मेकर्स के साथ मुनाफे में हिस्सेदारी (प्रॉफिट-शेयरिंग) का एक बड़ा सौदा किया था. अब इस स्मार्ट मूव के साथ ही वो अब शाहरुख खान और रजनीकांत जैसे उन चुनिंदा सुपरस्टार्स की लीग में शामिल हो गए हैं, जो अपनी फिल्मों की बंपर कमर्शियल सफलता का सबसे बड़ा फायदा खुद उठाते हैं. तय फीस छोड़ी और खेला बड़ा दांव हिंदुस्तान टाइम्स की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह ने 'धुरंधर' के लिए अपनी एक्टिंग फीस न लेने का एक साहसिक और समझदारी भरा फैसला किया था. इसकी जगह उन्होंने प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल को चुना. इस डील का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि रणवीर की जेब में सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का हिस्सा ही नहीं आया, बल्कि फिल्म के सैटेलाइट राइट्स, डिजिटल (ओटीटी) और म्यूजिक राइट्स की बिक्री से हुई मोटी कमाई का भी एक सीधा और बड़ा हिस्सा उनके खाते में गया. बजट बढ़ा तो खुद लगाए पैसे शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि 'धुरंधर' को पहले एक ही फिल्म के तौर पर प्लान किया गया था, लेकिन बाद में इसे दो भागों में बनाने का फैसला हुआ. जब फिल्म का प्रोडक्शन बजट बढ़ने लगा, तो रणवीर ने पीछे हटने के बजाय प्रोजेक्ट को पूरा सपोर्ट किया और फिल्म में अपने पास से अतिरिक्त पैसे भी लगाए. उनका यह कदम मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ, क्योंकि फिल्म में निवेश करने की वजह से मुनाफे में उनका पार्टनरशिप शेयर और ज्यादा बढ़ गया. जब ये दोनों फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुईं, तो इन्होंने कमाई के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए और रणवीर की यह रणनीति उनके करियर की सबसे बड़ी लॉटरी साबित हुई. 40 की उम्र में रचा नया इतिहास अगर इंडस्ट्री में चल रही ₹325 करोड़ की यह संख्या पूरी तरह सही है, तो 40 साल के रणवीर सिंह इस समय भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एक्टर बन चुके हैं. हालांकि, बड़े स्टार्स के बीच प्रॉफिट-शेयरिंग का यह ट्रेंड अब तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा होता है. अगर फिल्म फ्लॉप हो जाए, तो एक्टर को खाली हाथ भी रहना पड़ सकता है. इसके विपरीत, जब फिल्म 'धुरंधर' जैसी ब्लॉकबस्टर साबित होती है, तो एक्टर की कमाई किसी भी तय फीस के मुकाबले कई गुना ज्यादा ऊपर निकल जाती है. बड़े-बड़े दिग्गजों की लीग में एंट्री रणवीर की इस छप्परफाड़ कमाई ने भारतीय सिनेमा के इतिहास के कुछ सबसे बड़े नामों के साथ उनकी तुलना शुरू कर दी है. इससे पहले रजनीकांत, शाहरुख खान, प्रभास और अल्लू अर्जुन जैसे पैन-इंडिया सुपरस्टार्स ही अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए इस तरह के रेवेन्यू-शेयरिंग समझौतों के जरिए इतनी भारी-भरकम रकम कमा चुके हैं. हालांकि, सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में ₹325 करोड़ के इस आंकड़े को लेकर जबरदस्त चर्चा और उत्साह है, लेकिन अभी तक खुद रणवीर सिंह या 'धुरंधर' के मेकर्स की तरफ से इस कमाई पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है.

प्रवासी पक्षियों पर रहेगी स्मार्ट नजर: सुल्तानपुर में AI कैमरे और ड्रोन करेंगे निगरानी

चंडीगढ़  सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में अब कृत्रिम बुद्धिमता (एआइ) और ड्रोन के माध्यम से पक्षियों की गणना होगी। पहली बार डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा कि आगामी सीजन में कितने प्रवासी पक्षी आए, कब पहुंचे और किन हिस्सों में रुके। साथ ही पता लगाया जाएगा कि कितने समय तक प्रवासी पक्षी रहे और पर्यावरणीय बदलावों का उनकी गतिविधियों पर क्या असर पड़ा। गुरुग्राम जिले में फरुखनगर के पास स्थित सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में अभी तक पक्षियों की गणना प्रत्यक्ष अवलोकन पर आधारित रही है। इसमें पक्षियों की मौजूदगी का केवल एक समय का चित्र सामने आता था। जलभराव, दलदली हिस्से और संवेदनशील क्षेत्र कई बार प्रत्यक्ष गणना को सीमित कर देते हैं। निगरानी टावरों पर लगाए गए एआई आधारित कैमरे नई व्यवस्था में ड्रोन उन हिस्सों का सर्वे भी करेंगे जहां सामान्य टीमें नहीं पहुंच पातीं। इससे पक्षियों की गतिविधि का ज्यादा व्यापक और सटीक रिकार्ड तैयार होने की उम्मीद है। ड्रोन से मिलने वाली तस्वीरें और वीडियो एआइ विश्लेषण के साथ जोड़कर गणना को अधिक विश्वसनीय बनाने की योजना है। उद्यान में दो स्थानों पर बने निगरानी टावरों पर एआइ आधारित कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो पार्क की झीलों, जलभराव वाले क्षेत्रों और आसपास के खुले भूभाग को लगातार रिकार्ड करेंगे। इससे पूरे मौसम का व्यावहारिक डेटा तैयार होगा, जिससे पता लगेगा कि कौन सी प्रजाति किस समय सबसे ज्यादा सक्रिय रही, किस हिस्से में आवाजाही बढ़ी या घटी और किन इलाकों का उपयोग कम हुआ। इन कामों में एआई से मिलेगी मदद एआइ सिस्टम दुर्लभ और संवेदनशील प्रजातियों की पहचान के साथ उनके व्यवहार और आवास में बदलाव के संकेत भी रिकार्ड करेगा। देखा जाएगा कि जल क्षेत्र कितना बदला, वनस्पति की स्थिति कैसी रही और किस हिस्से में पक्षियों की गतिविधि कम या ज्यादा हुई। अक्टूबर से शुरू होने वाली डिजिटल निगरानी से यह समझने में मदद मिलेगी कि बदलता मौसम, मानसून में देरी, गर्मी-सर्दी, सिकुड़ते वेटलैंड और बढ़ती मानवीय गतिविधियां प्रवासी पक्षियों को किस तरह प्रभावित कर रही हैं। इसके आधार पर भविष्य में पानी प्रबंधन, वनस्पति नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में आगंतुकों की आवाजाही और संरक्षण की रणनीति तय की जा सकेगी। लगातार बदल रही पक्षियों की संख्या सुल्तानपुर में हर साल 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षी होते हैं, जिनमें 100 से ज्यादा प्रवासी प्रजातियां शामिल रहती हैं। हाल के वर्षों के आंकड़े दिखाते हैं कि पक्षियों की संख्या और प्रजातियों की संरचना लगातार बदल रही है। 2025 में यहां 48 प्रजातियों के 2,593 प्रवासी पक्षी दर्ज किए गए, जबकि 2024 में 43 प्रजातियों के 2686 और 2023 में 61 प्रजातियों के 6,036 पक्षी दर्ज किए गए थे।

रांची फ्लाइंग इंस्टिट्यूट में बड़ा विस्तार, पीपीपी मॉडल पर शुरू होंगे एविएशन कोर्स

रांची  झारखंड सरकार ने राज्य में विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग) के तहत स्थापित झारखंड फ्लाइंग इंस्टिट्यूट में एयर होस्टेस के अलावा केबिन क्रू एवं ग्राउंड हैंडलर के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हेतु पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मोड पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर लिया गया है। इसके साथ ही रांची में जल्द ही एयर होस्टेस, केबिन क्रू ट्रेनिंग (डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट कोर्स) और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षण पीपीपी मोड पर निजी भागीदार के साथ संचालित होगा, जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा, केबिन माक-अप और प्रतिष्ठित संस्थानों से मान्यता शामिल होगी। पहले चरण में सितंबर से सैकड़ों युवाओं, विशेषकर महिलाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसके लिए प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है। 60 हजार से 1.20 लाख तक खर्च का अनुमान इंस्टिट्यूट द्वारा पहले से ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मानकों के अनुरूप कामर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) को लेकर आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब एयर होस्टेस और ग्राउंड स्टाफ प्रशिक्षण जुड़ने से यह संस्थान पूर्वी भारत में विमानन प्रशिक्षण का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा। प्रारंभिक तौर पर राज्य सरकार और परिवहन विभाग किसके लिए 60 हजार एवं 1,20,000 रुपये फीस निर्धारित करने का निर्णय ले सकता है। डिप्लोमा कोर्स के लिए 60,000 रूपये का फीस होगा जबकि सर्टिफिकेट कोर्स के लिए यह राशि 1.2 लाख रुपये हो सकती है। सरकार इस मामले में कमजोर वर्गो के विद्यार्थियों को राहत देने का मन बना रही है। इंडस्ट्री लिंक्ड सिलेबस लागू होगा अधिकारियों के अनुसार, निजी भागीदारी के सहयोग से अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधा, लाइब्रेरी और इंडस्ट्री-लिंक्ड सिलेबस लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में बेहतर वेतनमान वाली नौकरियों में प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे। जेएफआई के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा ने कहा, यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि झारखंड को विमानन क्षेत्र में पसंदीदा गंतव्य भी बनाएगी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में सैकड़ों स्थानीय युवा एयर होस्टेस, केबिन क्रू और ग्राउंड हैंडलिंग पदों पर काम करते नजर आएंगे। यह कदम राज्य के ग्रामीण एवं शहरी युवाओं को समान अवसर प्रदान करेगा और विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भजनलाल सरकार का विशेष अभियान जारी, हजारों हैंडपंप और पाइपलाइन दुरुस्त कर लोगों को राहत

जयपुर  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त, स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने भीषण गर्मी के दौरान जल संकट के समाधान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इन अभियानों के माध्यम से हजारों पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान कर लाखों लोगों को राहत पहुंचाई गई है तथा जलापूर्ति व्यवस्थाओं को नई मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री की सतत मॉनिटरिंग, त्वरित निर्णय क्षमता और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण के चलते विभाग ने जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य किए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में देखने को मिले हैं और पेयजल सेवाओं की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। एक ही दिन में 2,385 पेयजल समस्याओं का समाधान शनिवार को आयोजित नवें विशेष राज्यव्यापी अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क तथा जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की। अभियान के तहत 597 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, 512 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 165 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 161 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अतिरिक्त कम जलापूर्ति, अल्प अवधि की सप्लाई एवं प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी प्रभावी निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 2,385 पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण कर विभाग ने अपनी कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। 2,357 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण नवें अभियान के दौरान तकनीकी टीमों ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2,357 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तत्काल राहत मिली तथा पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित हो सका नौ अभियानों में 24 हजार से अधिक कार्य, पेयजल व्यवस्था हुई और मजबूत 5 अप्रैल से 20 जून तक संचालित नौ विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में 24,781 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इनमें 5,081 हैंडपंपों की मरम्मत, 3,360 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,610 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान तथा 1,816 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है। इसके अतिरिक्त 8,684 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाया गया है। इन प्रयासों से विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता में सुधार हुआ है तथा हजारों परिवारों को भीषण गर्मी के दौरान राहत मिली है। अवैध जल उपयोग के खिलाफ प्रभावी अभियान जल संरक्षण और संसाधनों के समुचित प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के विरुद्ध भी व्यापक अभियान चलाया है। नवें अभियान के दौरान 332 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबों एवं कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। अब तक विशेष अभियानों के दौरान कुल 2,518 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं। इस कार्रवाई से जल की बर्बादी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है तथा आमजन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। 30 जून तक जारी रहेंगे विशेष अभियान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक निरंतर संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ, पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना तथा गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

अतिक्रमण पर सख्त हुए सीएम योगी, जनता दर्शन में त्वरित कार्रवाई के आदेश

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में आज सीएम योगी ने जनता दर्शन किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5- कालिदास मार्ग लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ जन-समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हर फरियादी से एक-एक कर मुलाकात की। उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों के उचित व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। वहीं अतिक्रमण की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हुए और तत्काल इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। मथुरा से आए वृद्ध को सीएम ने किया आश्वस्त, जल्द हटेगा अतिक्रमण ‘जनता दर्शन’ में मथुरा से एक वृद्ध भी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि चकरोड पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाएं और यथास्थिति देखें। अतिक्रमण होने की स्थिति में इसे तत्काल हटाएं और दोषियों पर कार्रवाई करें। सीएम ने फिर कहा कि अतिक्रमण की शिकायत कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत जिम्मेदार संस्थाएं नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग भी करती रहें। शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता समेत हर पहलु पर सरकार का ध्यान ‘जनता दर्शन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, बिजली के तार, पुलिस, राजस्व से जुड़े प्रार्थना पत्र भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ितों की बातें सुनीं, फिर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार जनता से जुड़ी हर मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है। आप सभी की समस्याओं का भी समाधान होगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर परिस्थिति में 25 करोड़ प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हालचाल जाना, कहा- सेहत व स्वास्थ्य का भी ध्यान रखिए सीएम ने भीषण गर्मी में आए फरियादियों का सबसे पहले हालचाल जाना, फिर उनकी समस्याएं पूछीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए लोगों से कहा कि अभी गर्मी व धूप अधिक है। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों से कहा कि बहुत जरूरत होने पर ही दोपहर में घर से निकलिए। सीएम ने संयमित खानपान के लिए भी कहा।

पंचायत सहायकों के लिए राहत, अब देरी नहीं होगी भुगतान में; बीडीओ को साप्ताहिक समीक्षा के आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उनका मानदेय समय पर आएगा। अब उन्हें समय पर मानदेय उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान में होने वाली देरी को रोकने के लिए जिला पंचायत राज विभाग ने सभी बीडीओ को निर्देश जारी किए हैं। डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि निदेशक पंचायती राज के 15 जून के निर्देशों के अनुपालन में 22 जून को जिले के बीडीओ और एडीओ पंचायत को आवश्यक आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक विकास खंड में पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य होगी। पंचायत सहायकों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों में शासकीय कार्यो के बेहतर संचालन और डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पंचायत सहायकों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायतें अपने उपलब्ध स्वयं के संसाधनों (ओएसआर) और वित्तीय नियमों का पालन करते हुए पंचायत सहायकों को यह सुविधा प्रदान कर सकेंगी। एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों का मानदेय निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल कार्यो में तेजी लाने की तैयारी डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि गोंडा जिले की ग्राम पंचायतों में तैनात सभी पंचायत सहायकों को समय पर मानदेय भुगतान के लिए बीडीओ, एडीओ पंचायत को निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल कार्यो में तेजी लाने के लिए मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। इससे कार्यों में तेजी आएगी। पंचायती राज ग्रामीण के तरबगंज ब्लॉक सफाई कर्मी संघ के आठवीं बार अध्यक्ष बने नरसिंह उधर, उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की तरबगंज ब्लॉक कार्यकारिणी चुनाव जिला मुख्यालय पर चुनाव अधिकारी अमीर अहमद, जिलाध्यक्ष राघवेंद्र तिवारी और महामंत्री देवमणि शुक्ला की देखरेख में हुआ। तरबगंज ब्लॉक में नरसिंह नारायण पांडे लगातार आठवीं बार अध्यक्ष और भानुपाल सिंह महामंत्री निर्वाचित हुए। हलधरमऊ में रमेश सिंह, कटरा बाजार में हरेंद्र सिंह और परसपुर में जितेंद्र तिवारी अध्यक्ष चुने गए। सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए। इस दौरान सरिता कश्यप, सनी राम कनौजिया, लोकनाथ शुक्ल, विनय त्रिवेदी, धरनीधर तिवारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।