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1.25 करोड़ रुपये के SBI घोटाले का आरोपी नेपाल से लौटकर छिपा था, CBI ने दबोचा

 धनबाद  Dhanbad SBI Scam स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मुख्य शाखा, बैंक मोड़ में करीब दो दशक पहले हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को बड़ी सफलता मिली है। रविवार को चलाए गए समन्वित अभियान में सीबीआई ने बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से तथा करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार कर लिया। करीब 20 वर्षों की फरारी के बाद हुई इन गिरफ्तारियों को सीबीआई एसीबी धनबाद की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों आरोपियों में एक को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धनबाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वर्ष 2005 से फरार चल रहे दोनों आरोपी लंबे समय तक नेपाल में छिपे रहे और बाद में भारत लौटकर पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे। CBI के अनुसार, आरसी-11(ए)/2005-डी के तहत 31 अगस्त 2005 को मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया था कि नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच एसबीआई की मुख्य शाखा, बैंक मोड़, धनबाद से करीब 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और गबन किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान आरोपी बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह फरार हो गए थे। सीबीआई की कार्रवाई तेज होने पर दोनों नेपाल भाग गए। न्यायालय ने उन्हें घोषित अपराधी करार दिया था। उनकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था तथा नकद इनाम की भी घोषणा की गई थी। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल से लौटने के बाद दोनों आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे, ताकि गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई से बच सकें। पिछले तीन-चार महीनों से सीबीआई एसीबी धनबाद की टीम मानव स्रोतों और तकनीकी निगरानी के जरिए उनके ठिकानों का पता लगाने में जुटी थी। धनबाद सीबीआइ के सूत्रों ने बताया कि दूसरे आरोपित को भी लाया जा रहा है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।  

‘वेलकम टू द जंगल’ को सेंसर बोर्ड से मिला U/A 16+ सर्टिफिकेट, 18 बदलाव के बाद हुई पास

बॉलीवुड की सबसे मशहूर कॉमेडी फ्रेंचायजी वेलकम का तीसरा पार्ट, फिल्म वेलकम टू द जंगल कुछ ही दिनों में रिलीज होने वाली है. इसका इंतजार पिछले काफी सालों से किया जा रहा था. फिल्म में करीब 30 से ज्यादा एक्टर्स शामिल हैं. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी,  ना जाने कितने पॉपुलर स्टार्स इसमें नजर आने वाले हैं. सेंसर बोर्ड से अक्षय की फिल्म को मिला सर्टिफिकेट फिल्म वेलकम टू द जंगल को सेंसर बोर्ड से भी क्लियरेंस मिल चुकी है. वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट अनुसार, 20 जून को फिल्म सेंसर से U/A 16+ सर्टिफिकेट के साथ पास हो गई. इसमें 18 बदलाव किए गए हैं, जिसमें से सबसे बड़ा बदलाव फिल्म की दो हीरोइनों- दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस के सीन्स से हुए. वेलकम टू द जंगल में दिशा और जैकलीन के बिकिनी सीन्स पर सेंसर की कैंची चली है. इसके अलावा फिल्म में कश्मीर का जिक्र जहां हुआ, उसे बदला गया. कुछ वल्गर-डबल मीनिंग वाले जोक्स को म्यूट किया गया है. CBFC की वेबसाइट के मुताबिक, वेलकम टू द जंगल की लंबाई 164.50 मिनट (2 घंटे 44 मिनट) है. 20 जून को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट पाने वाली फिल्म की कहानी के मुताबिक, 'वेलकम' की मजेदार और उथल-पुथल भरी दुनिया में इस बार और भी बड़ा धमाका होने वाला है. एक अरबपति, नकली घाटा दिखाने के लिए ऐसी फिल्म बनाने का प्लान करता है जो पक्के तौर पर फ्लॉप हो जाए. इसके लिए वो सबसे गैर-भरोसेमंद लोगों की टीम तैयार करता है, जिसमें एक फ्लॉप सुपरस्टार और दो इनएक्सपीरियंस्ड डायरेक्टर्स शामिल हैं. क्या-क्या किए गए बदलाव? फिल्म में कई सारे डायलॉग और सीन्स बदले या काटे गए हैं. कुछ डायलॉग जैसे- काला पैदा हुआ है को सादा पैदा हुआ है. याद करो कुर्बानी, मुंह में भर लो पानी को सुनो सुनाता हूं कहानी, जो शहीद होने जा रहा था उसके मुंह में भरलो पान में बदला गया. एक डायलॉग देश की टट्टी भी था, जिसे बदलकर इज्जत ले लो कर लिया गया है. CBFC ने फिल्म से बिकिनी में दिखाए गए कुछ सेंशुअल सीन और बॉडी मूवमेंट्स भी हटाए, जिसमें दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस के सीन्स शामिल थे. करीब 10 सेकंड के सीन हटाए गए हैं. वेलकम टू द जंगल फिल्म अहमद खान ने डायरेक्ट की है, जो 26 जून को रिलीज होगी.

राजधानी की सड़कों पर स्मार्ट रोशनी का नया दौर, कंट्रोल सेंटर से होगी स्ट्रीटलाइटों की निगरानी

नई दिल्ली  दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही स्मार्ट तकनीक आधारित स्ट्रीटलाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने करीब 93 हजार स्ट्रीटलाइटों को आधुनिक बनाने की योजना शुरू की है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को एकमुश्त भुगतान नहीं किया जाएगा, बल्कि उनकी EMI कार्यक्षमता के आधार पर दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से सड़कों पर बेहतर रोशनी मिलेगी, रखरखाव में सुधार होगा और सरकारी खर्च का बोझ भी कम होगा। इसके साथ ही दिल्ली में लगे लगभग 1.4 लाख चीनी मूल के सीसीटीवी कैमरों को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। पहले चरण में 50 हजार कैमरे बदले जाने की योजना है। स्मार्ट एलईडी लाइटों से होगा बदलाव PWD की सड़कों पर लगी पुरानी सोडियम वेपर और पुराने एलईडी लाइटों को हटाकर नई स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा लगभग 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे, ताकि अंधेरे वाले हिस्सों में पर्याप्त रोशनी पहुंच सके। प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा भुगतान नई व्यवस्था में ठेकेदारों को तभी भुगतान मिलेगा जब स्ट्रीटलाइटें सही तरीके से काम करेंगी। यदि लाइटें खराब रहती हैं या समय पर मरम्मत नहीं होती है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है। इससे ठेकेदारों की जवाबदेही बढ़ेगी और रखरखाव बेहतर होगा। कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी PWD मुख्यालय में एक केंद्रीय कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। यहां से हर स्ट्रीटलाइट की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। स्मार्ट लाइटों की रोशनी मौसम और जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा भी की जा सकेगी। बिजली बचत पर सरकार का जोर वित्त विभाग के आकलन के अनुसार स्मार्ट एलईडी प्रणाली से बिजली की खपत में बड़ी कमी आएगी। सरकार को उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में लगभग 300 करोड़ रुपये की बचत होगी। अधिकारियों का मानना है कि यह योजना दिल्ली की सड़कों को अधिक सुरक्षित, ऊर्जा-कुशल और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने में मदद करेगी।

जैसलमेर जासूसी मामला: 2 साल से पाक हैंडलर्स के संपर्क में था आरोपी, कोर्ट ने बढ़ाई रिमांड

जयपुर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपी मुश्ताक को आज 5 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट में सीआईडी इंटेलिजेंस ने 3 दिन की रिमांड मांगी. कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए तीन की रिमांड दी है. स्पेशल पीपी सुदेश सतवान ने बताया कि कोर्ट से 3 दिन की और रिमांड मांगी है, ज‍िससे आरोपी की कॉल डिटेल, रिकॉर्ड और बैंक खातों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा सके. आरोपी 2 साल से पाक हैंडलर्स के संपर्क में था, ऐसे में हर एंगल से पूछताछ की जा रही है. 5 दिन के रिमांड पर पूछताछ उन्होंने बताया कि सीआईडी ने 5 दिन की रिमांड पर आरोपी से जैसलमेर में जहां रहा. जहां के फोटो और वीडियो उसने शेयर किए हैं.  जांच एजेंसी ने वहां ले जाकर, उससे पूछताछ की है. उन सभी जगहों पर ले जाकर तफ्तीश की गई है. सीआईडी हर एंगल से जांच कर रही   सीआईडी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. एजेंसी को शक है कि शायद कोई अन्य स्थानीय लोग भी इस पूरे मामले में उसका सहयोग कर रहे थे. साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर के वक्त भी कोई जानकारी उसने साझा की है क्या, इस मामले में भी जांच हो रही है.   पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था अभी तक कि जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले दो साल से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था, और उनके निर्देश पर उसने एक चाय की दुकान खोली थी, जहां लाइव फीड कैमरे लगाने की तैयारी भी की जा रही थी.   BSF की गतिविधियों पर नजर रखता था मुश्ताक सेना और बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रखता था, और गूगल मैप कैम के जरिए सटीक लोकेशन के साथ फोटो और वीडियो साझा करता था. उसके फोन में खालिद और नजीर अहमद नाम से सेव दो मोबाइल नंबर मिले हैं, जो पाकिस्तान में रहकर एजेंट ट्रेनिंग का काम करते हैं.   सीआईडी इंटेलिजेंस जांच कर रही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में सीआईडी इंटेलिजेंस लगातार जांच कर रही है. बड़े सवाल यही है कि वह क्या कुछ अभी तक पाक हैंडल्स को भेज चुका है? क्या और स्थानीय लोग भी इस पूरे मामले में उसके साथ शामिल थे? आखिर किस तरह पाक हैंडलर्स लगातार स्थानीय नागरिक से संपर्क कर उन्हें फंसा रहे हैं?

अयोध्या प्रकरण में भ्रामक खबरों से सावधान रहें: सरकार ने कहा- केवल आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा

अयोध्या अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) ने अभी तक सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। सरकार ने इस संबंध में मीडिया में सूत्रों के हवाले से चल रही खबरों को भ्रामक कहा है। यूपी सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर बकायदा एक पोस्ट के जरिए इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। ‘एक्स’ पर पोस्ट में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने लिखा- ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से संबंधित प्रकरण में एसआईटी द्वारा अभी तक अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को प्रस्तुत नहीं की गई है। इस संबंध में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं। कृपया अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक स्रोत से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।’ सीएम योगी ने ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित की थी एसआईटी अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण को लेकर छिड़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था। एसआईटी गठन का अनुरोध करते वक्त ट्रस्ट का कहना था कि अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच जरूरी है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के इस अनुरोध को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से तीन वरिष्ठ अधिकारियों के विशेष जांच दल का गठन किया है। यह टीम पूरे प्रकरण की गहन छानबीन कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसके बाद आगे का कदम उठाया जाएगा। इस तीन सदस्यीय एसआईटी में मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत की अगुवाई में गठित एसआईटी इसकी जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी में आईजी लखनऊ रेंज किरन एस. तथा विशेष सचिव वित्त नील रतन बतौर सदस्य शामिल हैं। एसआईटी की प्रारम्भिक रिपोर्ट पर होगा मुकदमा राम मंदिर में चढ़ावे में धांधली के साथ दिन-प्रतिदिन हो रहे नए खुलासों के बीच मीडिया में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य और भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र के बयान ने कठघरे में खड़े ट्रस्टियों को असहज कर दिया है। किसी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा से वरिष्ठतम अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होकर और मंदिर ट्रस्ट में शामिल होते हुए भी उनकी ओर से बयान जारी करना उचित नहीं प्रतीत होता है। इससे ट्रस्ट की छवि ही नहीं प्रभावित हो रही, बल्कि मीडिया को भी अनर्गल प्रलाप का मौका मिल गया है। आरोप लगाने वालों से भी होगी पूछताछ चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के आरोप की जांच एसआईटी ने शुरू की तो कई लोगों ने अपने को रामजन्मभूमि का पूर्व कर्मचारी बताकर कई खुलासे किए। पूर्व इंजीनियर होने का दावा करने वाले ने तो निर्माण कार्य में भी व्यापक घोटाले का आरोप लगा दिया है। अभी तक जितने भी लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के क्रियाकलापों पर प्रश्न चिन्ह लगाया है, माना जा रहा है कि एसआईटी उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।

अलीगंज अग्निकांड पर सीएम योगी ने दौरा रद्द कर दिए राहत-बचाव के सख्त निर्देश

लखनऊ लखनऊ के अलीगंज की तीन मंजिला इमारत में भीषण आग की घटना से प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की सूचना मिलते ही अपना हाथरस और आगरा दौरा रद्द कर दिया है। अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर वह वापस लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम योगी ने हादसे में मारे गए बच्चों और उनके परिवारीजनों के प्रति गहरा दुख जताया है। 23 जून यानी कल उन्हें हाथरस और फिर आगरा के दौरे पर जाना था। सीएम योगी को लखनऊ अग्निकांड सूचना आयोजित जनसभा के दौरान ही मिली। उन्होंने कहा कि मैं चाहता था कि अलीगढ़ में रुकूं लेकिन लखनऊ में एक हादसा हुआ है। वहां आग लगने से कुछ बच्चों की मौत हुई है। मैं यहां से वहीं जा रहा हूं। अलीगढ़ के दौरे के लिए आगे योजना बनाऊंगा। सीएम योगी ने बताया कि आग की घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को वहां राहत और बचाव कार्यों को लेकर निर्देश दिए हैं। एक दर्जन से अधिक हो सकती हैं मौतें लखनऊ अग्निकांड में मौतों की संख्या को लेकर अभी तक स्थित स्पष्ट नहीं है लेकिन विभिन्न स्रोतों से मिल रही जानकारी के मुताबिक संख्या एक दर्जन से अधिक हो सकती है। अलीगंज के पुरनिया इलाके में मारे गए लोगों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। इससे इलाके में लोगों के बीच शोक की स्थिति है। खुद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मीडिया के सवालों का जवाब देते वक्त रो पड़े। डिप्टी सीएम ने कहा कि हादसे में झुलसे लोगों को अस्पताल भेजा गया है। उनके इलाज की मॉनीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं। पेंट शॉप थी ग्राउंड फ्लोर पर अधिकारियों का कहना है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेंट शॉप थी। जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन था। वहां कर्मचारी गेमिंग साफ्टवेयर पर काम भी करते थे। आग लगते ही इमारत की ऊपरी मंजिल पर अफरा तफरी मच गई। कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश की लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कई लोग उसमें फंसे रह गए। हर तरफ से चीख-पुकार ही सुनाई पड़ रही थी। पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम नरेंद्र मोदी ने लखनऊ हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारीजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। घटना की तह तक जाया जाएगा।

पुरनिया अग्निकांड: गेमिंग जोन वाली इमारत में आग से 14 की मौत, जांच के आदेश

लखनऊ राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. घटना के समय इमारत में अचानक आग लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. शुरुआत में इस घटना को कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी से जोड़कर देखा गया, लेकिन बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में न तो कोई कोचिंग सेंटर संचालित था और न ही कोई लाइब्रेरी चल रही थी. अधिकारियों के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर गेमिंग जोन संचालित था, जहां कर्मचारी गेमिंग सॉफ्टवेयर पर काम करते थे. आग लगने के बाद ऊपरी मंजिल पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. कुछ लोगों के बाथरूम में फंसे होने की अपुष्ट सूचना भी सामने आई थी, लेकिन बाद में राहत और बचाव कार्य के दौरान सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया. आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए. एक शख्स ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है. फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल की जानकारी ली और राहत कार्यों की निगरानी की. उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या 12 तक पहुंच चुकी है और सभी की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब मामले में और सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव गृह (ACS Home) को तत्काल मौके पर जाकर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों पर कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों के प्रति न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और संवेदना व्यक्त की जाएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. पीएमओ ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. लखनऊ पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन हर पहलू पर नजर बनाए हुए है.

तथ्य छिपाने पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट सख्त, जमानत याचिका पर लगा झटका

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने करनाल के निसिंग क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती से कथित छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले में आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी अदालत ने पाया कि आरोपित ने एफआईआर के अनुवादित संस्करण में एक महत्वपूर्ण आरोप को जानबूझकर हटाकर अदालत के समक्ष अधूरी और भ्रामक तस्वीर पेश की। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी तथ्यात्मक जानकारी छिपाने वाला व्यक्ति अग्रिम जमानत जैसी विवेकाधीन राहत पाने का हकदार नहीं हो सकता। जस्टिस संदीप मौदगिल ने अपने आदेश में कहा कि यह कोई मामूली भाषाई त्रुटि नहीं, बल्कि अभियोजन के पूरे मामले की नींव से जुड़ा गंभीर आरोप है। अदालत के अनुसार आरोपी ने रिकार्ड का गलत प्रस्तुतीकरण किया और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए, जिससे उसकी नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। मामले के अनुसार निसिंग थाना पुलिस ने 14 मई को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता युवती ने आरोप लगाया था कि 12 मई को वह गांव के मंदिर जा रही थी, तभी आरोपित उसका पीछा करते हुए आया। उसने पीछे से उसकी चप्पल पर पैर रखा, कंधे और निजी अंगों को छुआ तथा विरोध करने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपित काफी समय से उसका पीछा कर रहा था, अशोभनीय इशारे करता था और बाद में उसके घर के आसपास भी घूमता रहा, जिससे वह भयभीत थी। युवती का बयान बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत भी दर्ज किया गया, जिसमें उसने अपने आरोप दोहराए।दूसरी ओर आरोपित ने अदालत में दलील दी कि एफआईआर दो दिन की देरी से दर्ज हुई और यह उसे फंसाने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया एक जवाबी कदम है। उसने दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए खुद को निर्दोष बताया।हालांकि सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि आरोपित द्वारा पेश किए गए एफआईआर के अंग्रेजी अनुवाद में निजी अंगों को छूने संबंधी आरोप को हटा दिया गया था। अनुवाद में केवल कंधा छूने और अन्य सामान्य आरोपों का उल्लेख किया गया। अदालत ने कहा कि यदि पूरा आरोप निष्पक्ष रूप से सामने रखा जाता तो स्पष्ट होता कि मामला केवल पीछा करने या अभद्र टिप्पणी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निजी अंगों से शारीरिक छेड़छाड़ का विशिष्ट आरोप भी शामिल है। अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत मांगने वाले व्यक्ति का दायित्व है कि वह सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का पूर्ण और निष्पक्ष खुलासा करे। चूंकि आरोपित ने ऐसा नहीं किया और रिकार्ड के महत्वपूर्ण हिस्से को दबाया, इसलिए वह अदालत के समक्ष साफ हाथों से नहीं आया। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

PWD की नई पहल: QR कोड स्कैन कर लोग सीधे दर्ज करा सकेंगे सड़क की शिकायत

नई दिल्ली  दिल्ली में अब सड़क पर गड्ढा, टूटी सड़क या किसी अन्य समस्या की शिकायत करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) जल्द ही अपनी सड़कों पर QR कोड आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके तहत लोग सड़क किनारे लगे बोर्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह पहल 'नो योर रोड' (Know Your Road) प्रोजेक्ट के तहत शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को सड़कों से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराना और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह सुविधा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में उपलब्ध होगी। क्या होगी नई व्यवस्था?     दिल्ली की सभी PWD सड़कों को एक यूनिक QR कोड दिया जाएगा।     सड़क किनारे लगे बोर्ड पर यह QR कोड दिखाई देगा।     कोड स्कैन करते ही नागरिक एक ऑनलाइन पोर्टल पर पहुंच जाएंगे। मिलेगी सड़क की पूरी जानकारी     सड़क कब बनी थी और आखिरी बार कब मरम्मत हुई, इसकी जानकारी मिलेगी।     सड़क की देखरेख करने वाले इंजीनियर और ठेकेदार का विवरण भी उपलब्ध होगा।     नागरिक सीधे उसी सड़क से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 60 दिनों में पूरा होगा काम     प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।     शुरुआत में पांच सड़कों पर इसका परीक्षण होगा।     इसके बाद 100 सड़कों पर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा।     सफल परीक्षण के बाद पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। 2500 से ज्यादा QR कोड लगाए जाएंगे     चौथे से आठवें सप्ताह के बीच दिल्ली भर में करीब 2500 QR कोड लगाए जाएंगे।     सड़कों के दोनों ओर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।     खराब या क्षतिग्रस्त QR कोड को तुरंत बदला जाएगा।     जवाबदेही और निगरानी होगी मजबूत इस प्रोजेक्ट से सड़कों की निगरानी आसान होगी और शिकायतों के निस्तारण पर नजर रखी जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकेंगी।

शनि का मीन राशि में गोचर: मेष, कुंभ और मीन पर साढ़ेसाती, सिंह-धनु पर ढैय्या का प्रभाव जारी

शनि इस वक्त मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और साल के आने वाले अगले 6 महीने भी शनि की यही स्थिति रहने वाली है. शनि के मीन राशि में होने के कारण मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. जबकि सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव जारी है. साल 2026 के लगभग छह महीने पूरे हो चुके हैं और अब अगले छह महीने बाकी हैं. आइए जानते हैं कि अगले छह महीने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या पर इसका कैसा प्रभाव रहने वाला है. शनि की साढ़ेसाती सभी ग्रहों में शनि को न्याय और कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं और एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं. राशि परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है, जबकि कुछ राशियों को इससे राहत मिलती है. साल 2026 में शनि मीन राशि में स्थित हैं, इसलिए कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है. मेष राशि मेष राशि वालों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. साल 2026 के बाकी महीनों में कार्यक्षेत्र में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. काम में रुकावटें आ सकती हैं और मन में दुविधा बनी रह सकती है. इस दौरान किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना और हर कदम सोच-समझकर उठाना आपके लिए बेहतर रहेगा. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण जारी है. ऐसे में साल के बाकी महीनों में धीरे-धीरे राहत मिलने के संकेत हैं. समय के साथ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है. हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा. साथ ही किसी भी बड़े फैसले को पूरी समझदारी के साथ लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है. मीन राशि मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. आने वाले महीनों में कामकाज से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं. नौकरी और व्यापार में किसी भी फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचना होगा. लेन-देन के मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी. साथ ही खर्च बढ़ने की संभावना भी बनी रह सकती है. इसलिए आर्थिक मामलों में संयम रखना उचित रहेगा. शनि की ढैय्या सिंह राशि सिंह राशि वालों पर इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव है. साल 2026 के बाकी महीनों में निवेश से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है. धैर्य और संतुलित सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर रहेगा. धनु राशि धनु राशि वालों पर भी शनि की ढैय्या जारी है. वर्ष 2026 के शेष महीनों में धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा. कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए. सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकते हैं. इस दौरान संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है.