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राजस्थान सरकार का नया बैंकिंग पैकेज, कर्मचारियों-पेंशनर्स को ₹3.50 करोड़ तक दुर्घटना बीमा

जयपुर राजस्थान सरकार ने राजकीय कार्मिकों, 70 वर्ष तक की आयु के पात्र पेंशनर्स तथा राज्य स्वायत्तशासी निकायों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए कम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज (सीएसएपी) लागू किया है। इस पैकेज के माध्यम से लाभार्थियों को एकीकृत एवं सुगम बैंकिंग सेवाओं के साथ वित्तीय एवं बीमा सुरक्षा उपलब्ध होगी। इस पैकेज के माध्यम से लाभार्थियों को एकीकृत एवं सुगम बैंकिंग सेवाओं के साथ वित्तीय एवं बीमा सुरक्षा उपलब्ध होगी। सीएसएपी के लिए 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सूचीबद्ध किया गया है। राजस्थान सरकार का महत्वपूर्ण कदम पात्र कार्मिक एवं पेंशनर्स अपनी सुविधा और पसंद के अनुरूप एम्पैनल्ड बैंकों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। इसके लिए वे अपने मौजूदा बैंक खाते को सीएसएपी खाते में परिवर्तित करा सकते हैं अथवा नया खाता खुलवाकर पैकेज का लाभ ले सकते हैं। राजस्थान सरकार की यह पहल कार्मिकों एवं पात्र पेंशनर्स के वित्तीय कल्याण, सामाजिक सुरक्षा तथा सुविधाजनक बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जीरो बैलेंस खाते से लेकर रियायती ऋण तक की सुविधाएं वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव हरीश लड्ढा ने कहा कि सीएसएपी के तहत उन्नत बैंकिंग सुविधाओं से युक्त जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट उपलब्ध होगा। एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस एवं यूपीआई के माध्यम से धन हस्तांतरण की सुविधा निःशुल्क रहेगी। इसके अतिरिक्त आवास, शिक्षा, वाहन एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए ऋण पर रियायती ब्याज दर, ऋण प्रसंस्करण शुल्क में छूट तथा लॉकर किराए में रियायत जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। पारिवारिक बैंकिंग सहित अन्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ भी पैकेज के अंतर्गत मिलेगा। दुर्घटना एवं जीवन बीमा के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव हरीश लड्ढा ने कहा कि पैकेज में लाभार्थियों के लिए व्यापक बीमा सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 3.50 करोड़ रुपए तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 4.00 करोड़ रुपए तक का एयर दुर्घटना बीमा तथा 20 लाख रुपए तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस उपलब्ध होगा। इसके साथ ही स्वयं एवं परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस तथा अतिरिक्त टॉप-अप सुविधा भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीएसएपी के अंतर्गत उन्नत सुविधाओं वाले डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएँगे। लाभार्थियों को एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड प्रोग्राम एवं कैशबैक जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। इसके साथ कार्ड से संबंधित बेहतर डिजिटल सेवाएँ और अन्य बैंकिंग सुविधाएं भी पैकेज का हिस्सा होंगी। सूचीबद्ध बैंकों के नाम जानिए हरीश लड्ढा ने बताया कि इस कार्य के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं पंजाब एंड सिंध बैंक को सूचीबद्ध किया गया है।

झारखंड के जंगलों में सफारी का रोमांच शुरू, 2028 तक बनेगी टाइगर सफारी

रांची झारखंड के जंगलों में रोमांच और वन्यजीवों के करीब जाने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम और तैयारियों ने इस बार सफारी का रास्ता समय पर साफ कर दिया है। वहीं, जंगल पर्यटन को लेकर वन विभाग की तैयारियां सिर्फ सफारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी कई योजनाओं पर काम तेज हो गया है। राज्य के जंगलों में होने वाली सफारी एक अक्टूबर से प्रारंभ हो जाएगी। पिछले साल पीटीआर और दलमा में सफारी अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से शुरु की गई थी, लेकिन इस साल मौसम साफ रहने और कच्ची मिट्टी के ट्रैक की समय पर मरम्मत हो जाने की वजह से सही समय पर सफारी प्रारंभ हो रही है। इसके लिए आनलाइन बुकिंग भी हो रही है। मुख्य वन संरक्षक, वन्य प्राणी एसआर नटेश ने बताया कि जंगल सफारी में वन प्रबंधन ने खुले वाहन से सफारी का रोमांचक प्रयोग किया है। इस साल भी पर्यटकों को बैटरी आधारित नए वाहन से जंगलों का सौंदर्य देखने को मिलेगा। मानसून ब्रेक के दौरान वन विभाग वन्यजीवों के आंकड़े जुटाता है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह कर इसकी जानकारी केंद्रीय वन्यजीव प्रबंधन संस्थान को दी जाएगी। दिसंबर में केंद्र सरकार की तरफ से ये आंंकड़े जारी किए जाते हैं। नए सफारी पर तेजी से चल रहा काम राज्य सरकार ने लातेहार जिले में टाइगर सफारी बनाने की घोषणा की है। इसके लिए वन विभाग की उपलब्ध जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। वर्ष 2028 के पहले टाइगर सफारी को प्रारंभ करने की योजना है। नवंबर में केंद्रीय वन्य जीव संस्थान की टीम प्रस्तावित स्थल का दौरा करने आएगी। इसके साथ ही गिरिडीह और दुमका में बनने वाले चिड़ियाघर के लिए भी डीपीआर तैयार की जा रही है।  

WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से फ्री मैसेजिंग होगी सीमित

नई दिल्ली  Meta भारत में 1 अक्टूबर 2026 से अपने WhatsApp Business Platform की प्राइसिंग में बदलाव कर रहा है, जिसका मतलब है कि बिजनेसेज को अब उन मैसेजेस के लिए भी पेमेंट करना होगा जो पहले फ्री थे। उदाहरण के लिए, अभी बिजनेसेज 24 घंटे की विंडो के भीतर कस्टमर्स के मैसेजेस का जवाब और ऑर्डर अपडेट्स बिल्कुल मुफ्त में भेज सकते हैं। लेकिन 1 अक्टूबर से ये बदल जाएगा। हालांकि, कुछ सीमित संख्या में मैसेजेस फ्री बने रहेंगे, लेकिन Meta यूटिलिटी मैसेजेस (जैसे ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स) के लिए चार्ज लेगा, भले ही वे उसी 24 घंटे की विंडो के भीतर क्यों न भेजे गए हों। ध्यान दें कि ये बदलाव केवल WhatsApp Business Platform पर लागू होते हैं, रेगुलर WhatsApp या WhatsApp Business एप पर नहीं। तो आखिर 1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है, क्या अब भी मुफ्त रहेगा और बिजनेसेज को कितना ज्यादा पेमेंट करना होगा? आइए समझते हैं। 1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है? अब तक, WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करने वाले बिजनेसेज किसी कस्टमर का मैसेज आने के 24 घंटे के भीतर उसे फ्री में जवाब दे सकते थे। इसमें प्रोडक्ट्स या ऑर्डर्स से जुड़े सवालों के जवाब देने के साथ-साथ ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स भेजना शामिल था। 1 अक्टूबर से Meta इस 24 घंटे की विंडो के भीतर भेजे गए ऑर्डर अपडेट्स और दूसरे यूटिलिटी मैसेजेस के लिए बिजनेसेज से चार्ज लेना शुरू कर देगा। कस्टमर्स के सवालों के जवाब हर बिजनेस फोन नंबर पर प्रति माह पहले 1,000 सर्विस मैसेजेस के लिए फ्री रहेंगे। इसके बाद बिजनेसेज को एडिशनल रिप्लाई के लिए पैसे देने होंगे। 24 घंटे की विंडो के बाद भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेजेस पर पहले से ही चार्ज लगता था, इसलिए वह नियम वैसा ही रहेगा। WhatsApp Business मैसेजेस का कितना खर्च आएगा? भारत में Meta ने ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स जैसे यूटिलिटी मैसेजेस के लिए जीएसटी (GST) से पहले स्टैंडर्ड रेट 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज तय किया है। 18 परसेंट GST जोड़ने के बाद ये लगभग 0.136 रुपये प्रति मैसेज बैठता है। 30 सितंबर तक बिजनेसेज किसी कस्टमर के मैसेज करने के 24 घंटे के भीतर यूटिलिटी मैसेजेस फ्री में भेज सकते हैं। 1 अक्टूबर से उन्हें बिना GST के 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड यूटिलिटी मैसेज देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई बिजनेस 1,000 ऑर्डर अपडेट्स भेजता है, तो उसे GST से पहले 115 रुपये या 18 परसेंट GST मिलाकर करीब 135.70 रुपये चुकाने होंगे। मैसेज की रेट इस बात पर निर्भर करती है कि मैसेज किस तरह का है। मेटा मार्केटिंग मैसेज (जैसे प्रमोशनल ऑफर और सेल अनाउंसमेंट्स) के लिए 0.8631 रुपये प्रति मैसेज की दर तय करता है, जबकि ऑथेंटिकेशन मैसेज (जैसे वन-टाइम पासवर्ड या OTP) की कीमत GST से पहले 0.115 रुपये प्रति मैसेज होती है। 1 अक्टूबर 2026 से Meta हर बिजनेस फोन नंबर के लिए प्रति माह पहले 1,000 सर्विस रिप्लाई फ्री देगा। इसके बाद, सर्विस मैसेजेस की दर संबंधित मार्केट में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन दरों के बराबर होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर भारत में कोई बिजनेस एक महीने में 1,500 सर्विस रिप्लाई भेजता है, तो पहले 1,000 फ्री होंगे और बाकी बचे 500 मैसेजेस के लिए उसे पेमेंट करना होगा। 0.115 रुपये प्रति मैसेज के हिसाब से ये GST से पहले 57.50 रुपये या GST मिलाकर करीब 67.85 रुपये होगा। क्या-क्या फ्री रहेगा? इन बदलावों के बावजूद WhatsApp Business के सभी मैसेजेस चार्जेबल नहीं होंगे। जैसा कि पहले बताया गया है, बिजनेसेज को हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने 1,000 सर्विस मैसेजेस फ्री मिलेंगे। इसके अलावा कस्टमर्स हमेशा की तरह बिजनेसेज को फ्री में मैसेज भेज सकते हैं और उन्हें इन मैसेजेस को भेजने या रिसीव करने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे। Meta उन बिजनेसेज के लिए मौजूदा 72 घंटे की फ्री विंडो को भी जारी रख रहा है, जिन्हें 'Click-to-WhatsApp' विज्ञापनों या Facebook पेजेस पर मौजूद कॉल-टू-एक्शन बटन्स के जरिए मैसेजेस मिलते हैं। इन तीन दिनों के दौरान बिजनेसेज बिना कोई Meta मैसेजिंग चार्ज दिए कस्टमर्स को मैसेज भेज सकते हैं। इस फ्री विंडो की पेशकश करके Meta का मकसद ज्यादा से ज्यादा बिजनेसेज को अपने एडवरटाइजिंग टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा देना है, ताकि वे संभावित कस्टमर्स तक पहुंच सकें और उनसे WhatsApp पर जुड़ सकें। कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से जो बिजनेसेज कस्टमर्स को जवाब देने, ऑर्डर अपडेट्स भेजने और डिलीवरी नोटिफिकेशन शेयर करने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इन मैसेजेस के लिए Meta को ज्यादा पेमेंट करना पड़ सकता है। हालांकि, आम कस्टमर्स के लिए कुछ भी नहीं बदलेगा। उन्हें बिजनेसेज को मैसेज भेजने या WhatsApp पर रिप्लाई और अपडेट्स पाने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे।  

तेलीबाग चौराहे पर जाम से मिलेगी राहत, 858 मीटर लंबा फ्लाईओवर मंजूर

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में तेलीबाग चौराहे पर रोजाना जाम झेलने वालों को अब राहत मिलने वाली है। यहां चार लेन वाले 858.06 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनने जा रहा है। इस फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इसे 145.99 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। फ्लाईओवर बन जाने से पांच लाख से अधिक लोगों को जाम से निजात मिलेगी। लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर स्थित तेलीबाग चौराहा शहर के व्यस्तम चौराहों में से एक है। यहां पर सुबह और शाम पीक ऑवर में लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता है। तीज-त्योहारों में तो चौराहे से वाहनों को निकालने में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पसीने तक छूट जाते हैं। लोगों को आधा-आधा घंटा तक चौराहे पर ही जाम से जूझना पड़ता है। घंटों जाम में जूझने की वजह से बच्चों को स्कूल और बड़ों को आफिस पहुंचने में देरी होती है। इस समस्या को देखते हुए सरोजनीनगर के विधायक राजेश्वर सिंह ने यहां पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने इसका खाका तैयार कर अनुमोदन के लिए भेजा। व्यय वित्त समिति की हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब शासन से धनराशि स्वीकृति का इंतजार है। आगरा एवं कानपुर से आने वाले वाहन निर्बाध निकल सकेंगे : तेलीबाग चौराहे पर फ्लाईओवर बन जाने से आगरा और कानपुर एक्सप्रेस-वे की तरफ से आने वाले वाहन बिना बाधा के चौराहे से निकल सकेंगे। रायबरेली रोड, आलमबाग रोड पर स्थित और पीजीआई की कॉलोनियों सहित कैंटोनमेंट, वृंदावन योजना से रोजाना आने-जाने वालों को सुविधा हो जाएगी। दो साल में मिलने लगेगी फ्लाईओवर की सुविधा सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में निर्माण के लिए शासन से धनराशि आवंटित होगी। धनराशि मिलते ही निर्माण कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित करने सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। संभावना है कि डेढ़ से दो साल में लोगों को इस फ्लाईओवर की सुविधा मिलने लगेगी। पीजीआई के मरीजों को भी राहत मिलेगी कानपुर, आगरा के अलावा शहर में आलमबाग, कृष्णा नगर, कैंटोनमेंट आदि क्षेत्रों से पीजीआई जाने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। कैंटोनमेंट से रायबरेली रोड और आलबाग व पीजीआई रोड से शहीद पथ तक सीधे निर्बाध रूप से वाहनों का आवागमन सुलभ हो सकेगा। प्रस्ताव में निर्माण के दौरान लखनऊ शहर के पालोहरुखेड़ा, इमलिया बाग समेत आसपास के क्षेत्रों से जुड़े यातायात को भी ध्यान में रखा गया है।

चीन ने अंतरिक्ष में किया ‘सीक्रेट रिफ्यूलिंग’ ऑपरेशन? ट्रैकिंग डेटा ने उठाए सवाल

बीजिंग आने वाले समय में महाशक्तियों के बीच युद्ध धरती या समुद्र में नहीं बल्कि अंतरिक्ष में लड़े जाएंगे। और ऐसा लगता है कि चीन ने इस 'स्पेस वॉर' (Space War) की मौन शुरुआत कर दी है। सामने आई एक रिपोर्ट ने दुनिया भर की स्पेस और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि चीन ने अंतरिक्ष की कक्षा में ही अपने एक सैटेलाइट में ईंधन भरने (In-orbit Refueling) का सीक्रेट ऑपरेशन अंजाम दिया है। अगर यह दावा सच है तो यह अंतरिक्ष में अमेरिका और चीन के बीच एक खतरनाक हथियारों की होड़ का नया युग है। अंतरिक्ष में ड्रैगन का नया दांव, सैटेलाइट रिफ्यूलिंग का दावा 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' रिपोर्ट दी है कि चीनी शोधकर्ताओं का दावा है कि देश ने ज्यादा ऊंचाई वाले नेविगेशन सैटेलाइट पर एक अनोखा 'इन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग' ऑपरेशन किया है। हालांकि हालिया वैज्ञानिक पेपर्स और सैटेलाइट विशेषज्ञों के मुताबिक ऑर्बिटल ट्रैकिंग डेटा इस बात पर संदेह पैदा करते हैं कि क्या यह मिशन असल में हुआ भी था। चीन की सरकारी मदद वाली 'डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन लेबोरेटरी' और 'चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज' की स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्विसिंग स्पेसक्राफ्ट 'शिजियान-25' ने फरवरी 2025 में 'बेईडू-2 G7' सैटेलाइट को 142 किलोग्राम प्रोपेलेंट (ईंधन) ट्रांसफर किया जिससे इस नेविगेशन ऑर्बिटर की काम करने की अवधि आठ साल बढ़ गई। ऑर्बिट में ही ईंधन भरने से रिप्लेसमेंट का खर्च काफी कम हो सकता है और आम नागरिकों और सेना के लिए गाइडेंस सिस्टम की मज़बूती बढ़ सकती है। इस टेक्नोलॉजी ने अमेरिका में चिंता बढ़ा दी है। वहां US स्पेस कमांड के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि स्पेस में ईंधन भरने की क्षमता से ऑर्बिट में होने वाले टकराव के दौरान दुश्मन को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। क्या सच में हुआ ऐसा ऑपरेशन? ट्रैकिंग डेटा ने उठा दिए सवाल US स्पेस फोर्स के ऑर्बिटल ट्रैकिंग रिकॉर्ड्स इस दावे पर सवाल उठाए हैं। स्वतंत्र एस्ट्रोफिजिसिस्ट जोनाथन मैकडॉवेल ने बताया कि 2025 की शुरुआत में जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में 'बेईडू-2 G7' और 'शिजियान-25' के बीच लगभग दस लोंगिट्यूडिनल डिग्री का अंतर था। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि ड्रिफ्ट रेट्स यानि खिसकने की गति को देखते हुए, बिना पता चले डॉकिंग होना असल में नामुमकिन है सिवाय इसके कि ट्रैकिंग नेटवर्क ने टारगेट ऑब्जेक्ट्स की गलत पहचान की हो। 'स्पेस वॉर' का नया दौर, क्यों डरे हुए हैं शक्तिशाली देश? हालांकि यह साफ नहीं है कि चीन ने कक्षा में ईंधन भरने की उपलब्धि हासिल की है या नहीं लेकिन अगर यह उपलब्धि हासिल हो जाती है तो इसके दूरगामी सामरिक असर होंगे। पॉल सिज़मैन्स्की और कैलोएरो बोनासिया ने जुलाई 2026 के प्रोसीडिंग्स लेख में कहा है कि ये अंतरिक्ष युद्ध के नये दौर की शुरूआत हो सकती है। अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स के पास सीमित ईंधन होता है। जब भी कोई सैटेलाइट खुद को किसी खतरे जैसे दुश्मन के सैटेलाइट से टक्कर से बचाने के लिए अचानक अपना रास्ता बदलता है तो उसका बहुत सारा कीमती ईंधन खर्च होता है। दुश्मन को सिर्फ हमला करने का दिखावा करना है। इससे बचाव करने वाला सैटेलाइट डरकर अपनी जगह बदलेगा, उसका ईंधन खर्च होगा और उसकी काम करने की बची हुई उम्र हमेशा के लिए कम हो जाएगी।  

Aaj Ka Rashifal: 30 सितंबर को इन राशियों को मिलेगा लाभ, जानें सभी 12 राशियों का हाल

मेष आज मेष राशि वाले धन के मामले में अपने रिसोर्सेज को बेहतर मैनेज करने पर फोकस करें। संतुलित जीवनशैली बनाए रखें। सफलता मिलेगी। तनाव को प्रभावी ढंग से मैनेज करते हुए अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृषभ आज नए अवसरों की खोज करने और मौजूदा रिश्तों को मजबूत करने का दिन है। प्यार में आपको अपने साथी से जुड़ने के नए तरीके मिल सकते हैं। आपका करियर रोमांचक संभावनाओं से भरपूर रहेगा, जो आपके लक्ष्यों के अनुसार हैं। मिथुन आज सेहत को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आपके दिन के अन्य पहलुओं को पॉजिटिव रूप से प्रभावित कर सकता है। नए अवसरों के लिए खुले रहें और खुद पर भरोसा करें। कर्क आज आपको अप्रत्याशित स्थानों पर सफलता मिलने की संभावना है। एक प्रोडक्टिव दिन के लिए अपनी फीलिंग्स और व्यावहारिक मामलों पर फोकस करें। सिंह आज का दिन आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पर्सनल ग्रोथ का अवसर प्रदान करता है। आप अपने रिलेशन पर विचार करते हुए, अपने करियर में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए और अपने धन को प्रभावी ढंग से मैनेज करते हुए पा सकते हैं। कन्या आज प्रगति की सोच को अपनाएं। आज की एनर्जी आपको अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं में समझ और संतुलन की तलाश करने के लिए मोटिवेट करती है। आपको प्रोफेशनल व पर्सनल प्रयासों में विकास के अवसर मिल सकते हैं। तुला आज का दिन आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं से भरा हुआ है। आपको अपने जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं। बदलावों के प्रति खुले रहें, संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दें। वृश्चिक वृश्चिक राशि के लोग खुद को ऐसी सिचूऐशन में पा सकते हैं, जिनमें सोच और जरूरी फैसले लेने की आवश्यकता होती है। पर्सनल व प्रोफेशनल ग्रोथ के अवसर मौजूद हैं, लेकिन अपनी सेहत को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। धनु आज का दिन आपको अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं में विकास के अवसरों की तलाश करने के लिए मोटिवेट करता है। प्यार में, कनेक्शन को गहरा करने पर फोकस करें। करियर के लिहाज से, सपोर्ट व गोल्स पर ध्यान दें। मकर आज खुद पर भरोसा करें और परिवर्तन के अनुकूल बने रहें। आर्थिक रूप से, सावधानी से डिसीजन लेना फायदेमंद रहेगा। अपनी दिनचर्या में सावधानी मेंटेन करते हुए अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कुंभ आज रिलेशन में बातचीत और वित्तीय मैनेजमेंट पर ध्यान देने से पॉजिटिव परिणाम मिल सकते हैं। चुनौतियों को कॉन्फिडेंस के साथ स्वीकार करें। जरूरत पड़ने पर विश्वसनीय स्रोतों से सलाह लेने में संकोच न करें। मीन आर्थिक रूप से, यह सतर्क लेकिन पॉजिटिव रहने का दिन है। तनाव को कम करने और सेहत को बेहतर बनाने वाले अभ्यासों से आपके स्वास्थ्य को लाभ हो सकता है। दिन को पॉजिटिव सोच के साथ शुरू करें।

बिहार पंचायत चुनाव पर संकट, परिसीमन और नए आरक्षण रोस्टर से बढ़ी देरी

 पटना  बिहार(Bihar News) में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों(Bihar Panchayat Chunav) के समय पर आयोजन पर फिलहाल रोक लग गई है। राज्य सरकार द्वारा पंचायतों और वार्डों की सीमाओं के पुनर्गठन (परिसीमन) और नए प्रशासनिक नियमों के लागू होने के कारण चुनाव प्रक्रिया में देरी हो रही है। इस चुनावी प्रक्रिया के पिछड़ने की मुख्य वजह राज्य में व्यापक स्तर पर चल रहा परिसीमन का काम है। सरकार की योजना के अनुसार, लगभग 7,500 की जनसंख्या के आधार पर एक नई पंचायत का गठन किया जा रहा है। इस बड़े बदलाव से राज्य भर की पंचायतों और उनके वार्डों के ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल होना तय माना जा रहा है। पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर पर परिसीमन के अलावा, चुनाव से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी मापदंडों को पूरा करने में भी समय लग रहा है। इस बार पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर और तीसरे चक्र के पदवार आरक्षण नियमों के तहत आयोजित किए जाने हैं। इसके तहत जिन सीटों पर लगातार दो बार से आरक्षण लागू था, वहां के समीकरण अब बदल जाएंगे। इसके साथ ही, पिछड़े वर्ग के आरक्षण को पारदर्शी बनाने के लिए गठित डेडिकेटेड कमीशन (समर्पित आयोग) की रिपोर्ट और आवश्यक सरकारी मंजूरियां हासिल करने में प्रशासनिक समय लग रहा है। अगले साल होगा पंचायत चुनाव इन सभी तकनीकी औपचारिकताओं, आपत्ति-निवारण और नए रोस्टर की मंजूरी के कारण चुनावी शेड्यूल आगे खिसक गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी प्रक्रियाओं को पूरा करके चुनाव कराना अब अगले साल (2027) तक संभव हो पाएगा। इस फैसले से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे भावी प्रत्याशियों का इंतजार बढ़ गया है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की तैयारियां चल रही हैं।

विजय की TVK के नारे का जवाब देगी DMK, उदयनिधि ने दिया नया नारा

चेन्नई तमिलनाडु में नारे की सियासत शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, नारे को लेकर आमने-सामने हैं और नारे का जवाब नारे से देने की तैयारी कर रहे हैं। यही कारण है कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि विजय की पार्टी टीवीके के नारे का मुकाबला करने के लिए हर मंच पर ‘ओम काली, जय काली’ का नारा लगाएं। 27 सितंबर को पार्टी बैठक में उदयनिधि ने टीवीके प्रमुख और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से विजय अपनी रैलियों में 'ओम शक्ति, पराशक्ति… द्रमुक एक बुरी ताकत है' जैसे नारे लगाते रहे। उस समय द्रमुक सत्ता में थी और टीवीके विपक्ष में थी, इसलिए पार्टी ने उन नारों को सुना। अब जवाब देने का मौका आ गया है। उदयनिधि ने एक नारा गढ़ते हुए कार्यकर्ताओं को बताया ओम काली, जय काली… टीवीके एक भगोड़ा है, नारे का प्रयोग करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विजय का नाम लेने की जरूरत नहीं है। सिर्फ पार्टी के नाम के साथ यह नारा दोहराते रहें, ताकि यह लोगों के मन में बैठ जाए। इस दौरान उन्होंने करूर भगदड़ का भी जिक्र किया, जिसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। उदयनिधि ने आरोप लगाया कि विजय तिरुचिरापल्ली और चेन्नई एयरपोर्ट पर मीडिया और जनता के सवालों से बचकर भाग गए। जनता यह समझ जाएगी कि जिम्मेदारी से कौन भाग रहा है। उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया कि आने वाले चुनाव से पहले घर-घर जाकर और रैलियों में जोरदार ढंग से जवाबी प्रचार चलाएं। धारापुरम उपचुनाव को लेकर भी उदयनिधि ने हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ने महिलाओं को आर्थिक मदद, मुफ्त गैस सिलेंडर, बेरोजगारों को सहायता और किसानों के कर्ज माफ करने जैसे वादे पूरे नहीं किए। राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ी है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेता शासन के मुद्दों पर ध्यान देने की जगह विजय की तारीफ करने में लगे हैं। अन्य दलों के लोगों को पार्टी में शामिल करने के तरीके की तुलना उन्होंने डिलीवरी ऐप से सोफा मंगाने से की। उदयनिधि ने मतदाताओं से अपील की कि 6 अक्टूबर को होने वाले धारापुरम उपचुनाव में द्रमुक उम्मीदवार एस. सुगन्या का समर्थन करें।

RCA चुनाव में बड़ा ट्विस्ट, वोटिंग जारी लेकिन नतीजों के ऐलान पर रोक

जयपुर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के बहुचर्चित चुनावों के दौरान एक बेहद नाटकीय और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। जयपुर स्थित आरसीए एकेडमी में जब एक तरफ मंगलवार को कड़े मुकाबले और सरगर्मी के बीच मतदान की प्रक्रिया चल रही थी, ठीक उसी समय देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा आदेश जारी हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने आरसीए चुनाव के परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी है। अदालत के इस नए निर्देश के बाद अब चुनाव प्रक्रिया के तहत डाले गए वोट और नतीजे सीधे तौर पर सीलबंद लिफाफे में बंद कर दिए जाएंगे, और कोर्ट के आगामी आदेश के बाद ही परिणामों से पर्दा उठेगा। वोटिंग के ऐन वक्त पर आया सुप्रीम कोर्ट का निर्देश मंगलवार सुबह निर्धारित समय के अनुसार 11:30 बजे से आरसीए के 6 प्रमुख पदों और 11 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने के लिए 38 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे। एक तरफ जहां बृजकिशोर उपाध्याय पैनल और धनंजय सिंह गुट के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ अदालती हलकों से आए इस निर्देश ने पूरी चुनावी तस्वीर को अचानक बदलकर रख दिया है। मतदान तो तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के सख्त रुख के चलते अब परिणामों के ऐलान पर ब्रेक लग गया है। लिफाफे में बंद होंगे नतीजे, अदालत करेगी तय सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद चुनाव संपन्न होने के बाद भी विजयी उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाएगी। मतपेटियों में बंद हुए वोटों के नतीजे अब सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रख दिए जाएंगे। अदालत के अगले निर्देश और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि आरसीए की नई कार्यकारिणी की कमान आधिकारिक रूप से किसके हाथों में सौंपी जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अचानक आए इस कानूनी मोड़ ने खेल और राजनीतिक गलियारों में हलचल को और अधिक तेज कर दिया है। जानिए क्या है विवाद की वजह ? इस पूरे विवाद के केंद्र में मुख्य रूप से तीन नए जिलों—बालोतरा, खैरथल-तिजारा और डीडवाना-कुचामन—को मतदाता सूची में शामिल करने और उन्हें वोटिंग राइट्स दिए जाने का गंभीर मुद्दा है, जिसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। तीन नए जिलों की वोटर लिस्ट और वोटिंग राइट्स का पेंच इस पूरे विवाद की मुख्य वजह आरसीए की अंतिम मतदाता सूची में कुछ नए जिलों का नाम जुड़ना और उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाना है। सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और आरसीए एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर डीडी कुमावत (D.D. Kumawat) की तरफ से इस मामले में याचिका दायर की गई थी। याचिका में आपत्ति जताई गई थी कि जिन जिलों को लेकर प्रक्रिया विवादित है, उन्हें मताधिकार देना नियमों के विपरीत है। आरसीए की आधिकारिक वेबसाइट पर 22 सितंबर को अंतिम वोटर लिस्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद से ही अंदरूनी विरोध के सुर उठने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। पहले से लंबित हैं लोकपाल और प्रशासक के मामले आरसीए से जुड़े मामलों में यह पहली बार नहीं है जब कानूनी दांवपेंच सामने आए हों। इससे पहले भी आरसीए में लोकपाल की नियुक्ति, प्रशासक के अधिकार क्षेत्र और अन्य संगठनात्मक बदलावों से जुड़े कई मामले विभिन्न अदालतों में लंबित चल रहे हैं। खेल संस्था के भीतर चल रही इन प्रशासनिक और कानूनी खींचतान के बीच नए जिलों के वोटिंग राइट्स का मुद्दा सबसे बड़ा अड़चन बनकर उभरा। कौन बनेगा नया अध्यक्ष, सस्पेंस बढ़ा राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की सियासी पिच पर सुलह-समझौते की तमाम कोशिशें सोमवार को नाकाम हो गईं। सत्ता-संगठन के करीब माने जा रहे बृजकिशोर उपाध्याय पैनल के सामने मंत्री, सांसद और विधायक पुत्रों ने मोर्चा खोल दिया है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय खींवसर और उनके पैनल में शामिल राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव ने चुनाव मैदान में डटे रहकर सत्ता-संगठन को सीधी चुनौती दी है। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं वहीं, दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के पुत्र पराक्रम सिंह और उनके पैनल के नाम वापस लेकर सत्ता समर्थित पैनल को समर्थन दिए जाने को लेकर राठौड़ की छवि को पार्टी में और मजबूती मिली है। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र पवन दिलावर ने भी नामांकन वापिस ले लिया। हालांकि, पराक्रम गुट से कार्यकारी सदस्य पद के लिए नामांकन करने वाले धर्मवीर सिंह शेखावत मैदान में बने हुए है और अब उनके धनंजय गुट के साथ जाने की चर्चा है। 6 पद… 11 प्रत्याशी… 38 मतदाता बृजकिशोर पैनल- अध्यक्ष: बृजकिशोर उपाध्याय कोषाध्यक्ष: विष्णू अग्रवाल संयुक्त सचिव: राजेश सारस्वत कार्यकारी सदस्य: अरिष्ट सिंघव धनंजय पैनल- अध्यक्ष: धनंजय सिंह सचिव व उपाध्यक्ष: मोहित यादव कोषाध्यक्ष: आशीष तिवाड़ी संयुक्त सचिव: विनोद सहारन कार्यकारी सदस्य: धर्मवीर सिंह शेखावत  

Smriti Irani hits back at Rahul Gandhi, says Congress is targeting EC instead of reviewing its defeat.

नई दिल्ली चुनाव आयोग को लेकर देश की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त गर्मी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक में दावा किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह फर्जी था. उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी और गड़बड़ी के आरोप लगाए और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई. कांग्रेस ने SIR को तुरंत रोकने और हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग भी की. दूसरी तरफ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है. राहुल गांधी ने CWC की बैठक में कहा कि 2024 के चुनाव में पहले EVM में हेरफेर की गई और फिर वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी के जरिए मैच फिक्सिंग को और बढ़ाया गया. उनके मुताबिक 2014 और 2019 के चुनावों में भी कुछ हद तक फ्रॉड हुआ था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर उन्हें किसी तरह का शक नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सांसद ही कथित तौर पर फर्जी तरीके से चुने गए हैं, तो संसद में पास किए गए कानूनों पर भी सवाल खड़ा होता है. कांग्रेस की CWC ने भी बैठक में प्रस्ताव पारित किया. इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की गई. पार्टी ने SIR को तुरंत रोकने की मांग की है. साथ ही हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम फिर से बहाल करने की भी मांग रखी गई है. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी. अब बात बीजेपी के जवाब की. स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरलम और कर्नाटक जैसे राज्यों में बीजेपी की सरकारें नहीं हैं. तो क्या कांग्रेस वहां भी चुनाव आयोग की गतिविधियों पर सवाल उठा रही है या उसे क्लीन चिट दे रही है. स्मृति ईरानी ने 13.30 करोड़ नामों को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किया. उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में किसी मृत व्यक्ति का नाम है या कोई नाम दो बार दर्ज है, तो कांग्रेस ऐसे नामों को बनाए रखने की मांग क्यों कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि SIR के तहत जिन लोगों को नोटिस मिलेगा, उनके घर जाकर दस्तावेज जुटाए जाएंगे और खुद पुष्टि की जाएगी. स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के लाहौर कांग्रेस सेशन के संदर्भ पर भी पलटवार किया. उन्होंने A.O. Hume और ब्रिटिश शासन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. यानी उन्होंने कांग्रेस के पुराने इतिहास की बात उठाकर पार्टी को घेरने की कोशिश की. चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद अब सीधे कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव में बदलता दिख रहा है. एक तरफ राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाकर चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. दूसरी तरफ स्मृति ईरानी का कहना है कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है. राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पुराने इतिहास से लेकर वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर उसके रुख तक कई सवाल उठाए हैं.