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ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं, टी20 वर्ल्ड कप 2026 से दो खिलाड़ी हुए बाहर

सिडनी  टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ऑस्ट्रेलिया को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनके तेज गेंदबाज पैट कमिंस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे. उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है क्योंकि वह 2025-26 एशेज के दौरान लगी पीठ की चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने पहले घोषित की गई 15 सदस्यीय टीम में दो बदलाव किए हैं. कमिंस बाहर, ड्वारशुइस अंदर पैट कमिंस को शुरूआती टीम में इस उम्मीद के साथ शामिल किया गया था कि वह वर्ल्ड कप तक ठीक हो जाएंगे, लेकिन पीठ के निचले हिस्से में लगी उनकी चोट को ठीक होने में अभी और समय लगेंगे, जिसकी वजह से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी जगह तेज गेंदबाज बेन ड्वारशुइस को टीम में शामिल किया है. 31 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अब तक 13 टी20 इंटरनेशनल में 9.32 की इकॉनमी से 20 विकेट लिए हैं. टीम में दूसरा बदलाव टीम में दूसरा बड़ा बदलाव मैथ्यू शॉर्ट के रूप में किया गया है. उनको खराब फॉर्म के कारण प्रोविजनल टीम से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह मैट रेनशॉ को टीम में शामिल किया गया है. जो बीच के ओवरों में स्पिन को संभालने में सक्षम हैं. रेनशॉ ने शुक्रवार को पाकिस्तान के खिलाफ अपना टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया. लेकिन घरेलू और BBL स्तर पर शानदार व्हाइट-बॉल फॉर्म के कारण रेनशॉ को टी20 वर्ल्ड कप में जगह मिली है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 135.63 के स्ट्राइक रेट से 2139 टी20 रन बनाए हैं. ऑस्ट्रेलिया की मजबूत बैटिंग लाइन-अप ऑस्ट्रेलिया T20 वर्ल्ड कप में बहुत ज्यादा बैटिंग पावर के साथ आ रहा है. ट्रैविस हेड और मिशेल मार्श टीम के लिए पारी की शुरुआत करेंगे, उसके बाद जोश इंग्लिस, कैमरन ग्रीन, ग्लेन मैक्सवेल और टिम डेविड जैसे खिलाड़ी होंगे. टीम के पास अनुभवी स्पिनर एडम जम्पा की अगुवाई में स्पिन के कई ऑप्शन हैं. ऑस्ट्रेलिया ने ऑलराउंड पर भी बहुत ज्यादा ध्यान दिया है, जिसमें कैमरन ग्रीन और मार्कस स्टोइनिस तेज गेंदबाजी यूनिट को सपोर्ट करेंगे, जिसकी अगुवाई जोश हेजलवुड और नाथन एलिस करेंगे. इसके अलावा स्पिनरों में ग्लेन मैक्सवेल, मैट कुह्नमैन और एडम जम्पा के नाम शामिल हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम मिशेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, कैमरून ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैट कुह्नमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैट रेनशॉ, मार्कस स्टोइनिस, एडम जम्पा.  

क्रिकेट का रोमांच: सूर्यकुमार यादव के दोहरे शतक पर फैंस की नजर, हिटमैन का रिकॉर्ड खतरे में

तिरुवनंतपुरम  भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जाएगा. भारत ने पहले ही 5 मैचों की यह सीरीज सीरीज नाम कर ली है. टीम के पास 3-1 की बढ़त है. ऐसे में आज भारत की नजरें 4-1 से सीरीज जीतने पर होंगी. तिरुवनंतपुरम में कप्तान सूर्यकुमार यादव सिर्फ भारत को जिताने ही नहीं, बल्कि कुछ बड़े रिकॉर्ड्स बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे. अगर उनका बल्ला चला तो वह रोहित शर्मा का एक रिकॉर्ड चकनाचूर कर देंगे. एक छक्का लगाते ही सूर्या स्पेशल डबल सेंचुरी पूरी कर लेंगे. रोहित का रिकॉर्ड तोड़ने से 33 रन दूर टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले सूर्यकुमार यादव ने जबरदस्त फॉर्म में लौटकर टीम इंडिया की बड़ी टेंशन दूर की. सीरीज के चार 4 मैचों में वह दो तूफानी अर्धशतक के साथ 150 से ज्यादा रन बना चुके हैं. उन्होंने चार मैचों में 32, 82, 56 और 8 रन की पारियां खेलीं तिरुवनंतपुरम में सूर्या अगर 33 रन बना लेते हैं तो इस फॉर्मेट में उनके 3000 रन पूरे हो जाएंगे, जिससे टी20 इंटरनेशनल में वह 3000 रन पूरे करने वाले तीसरे भारतीय बन जाएंगे. वह इस फॉर्मेट में सबसे तेज 3000 रन पूरे करने के मामले में रोहित शर्मा से आगे निकल जाएंगे. बड़े रिकॉर्ड्स पर सूर्यकुमार की नजर सूर्यकुमार यादव ने अब तक 103 टी20 मैचों की 97 पारियों में 36.62 की औसत से 4 शतक और 23 अर्धशतक लगाते हुए 2967 रन बनाए हैं. आज वह अपनी 98वीं पारी में 3000 रन का आंकड़ा पूरा कर सकते हैं, जिससे वह 100 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले कोहली के बाद सिर्फ दूसरे भारतीय होंगे. विराट कोहली ने 81 पारियां खेलकर 3000 रन इस फॉर्मेट में पूरे किए थे. टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सूर्यकुमार यादव से ज्यादा रोहित शर्मा और विराट कोहली ने बनाए हैं. रोहित और विराट ने पिछले टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के चैंपियन बनने के बाद इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था. रोहित शर्मा ने 159 मैचों की 151 पारियों में 5 शतक और 32 अर्धशतक लगाते हुए 4231 रन बनाए हैं. वहीं, विराट ने 125 मैचों की 117 पारियों में 1 शतक और 38 अर्धशतक लगाते हुए 4188 रन बनाए हैं. एक छक्के के साथ पूरी कर लेंगे ‘डबल सेंचुरी’ सूर्यकुमार यादव नंबर-4 पर बैटिंग करते हुए टी20 क्रिकेट में अब तक 199 छक्के जड़ चुके हैं. उनके पास आज नंबर-4 पर उतरकर छक्कों का दोहरा शतक पूरा करने का सुनहरा मौका है. सूर्या चाहें तो मुकाबले की अपनी पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलकर इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं. ऐसा करते ही वह उन चुनिंदा बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, जिसने टी20 क्रिकेट में नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए 200 या इससे ज्यादा छक्के लगाए हैं.

Amazon Deal: OnePlus फोन की कीमत में भारी कटौती, सीधे 12 हजार रुपये की बचत

मुंबई  OnePlus 13 पर आकर्षक ऑफर मिल रहा है. इस फोन को आप कई हजार रुपये के डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं. स्मार्टफोन पर 12 हजार रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है, जिसे आप आसानी से भुना सकते हैं. डिस्काउंट के साथ ये फोन Amazon पर मिल रहा है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ये फोन 61,999 रुपये की कीमत पर लिस्ट है. कंपनी ने इस फोन को 69,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया था. ये कीमत फोन के 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की है. ऐमेजॉन पर ये फोन 8 हजार रुपये के फ्लैट डिस्काउंट पर मिल रहा है. इसके अलावा आप बैंक ऑफर का फायदा उठा सकते हैं. फोन पर 4 हजार रुपये का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है.          इसके अलावा आप स्मार्टफोन पर एक्सचेंज ऑफर और लो-कॉस्ट EMI का भी फायदा उठा सकते हैं. सभी ऑफर्स के बाद फोन की कीमत घटकर 57,999 रुपये हो जाती है. OnePlus 13 में 6.82-inch का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. स्क्रीन की प्रोटेक्शन के लिए सिरेमिक गार्ड ग्लास इस्तेमाल किया गया है.         फोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite पर काम करता है. इसमें 50MP + 50MP + 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. वहीं फ्रंट में कंपनी ने 32MP का सेल्फी कैमरा दिया है.             फोन को पावर देने के लिए 6000mAh की बैटरी दी गई है. इसमें 100W की वायर्ड चार्जिंग और 50W की वायरलेस चार्जिंग मिलती है. स्मार्टफोन वायरलेस रिवर्स चार्जिंग भी सपोर्ट करता है. 

क्या बॉडीगार्ड संग इश्क बना वजह? जानिए क्यों महल छोड़ गांव में रहने को मजबूर हुईं जॉर्डन की प्रिंसेस

लंदन  दुबई के गर्म रेगिस्तानऔर विशाल संगमरमर के महलों से हजारों मील दूर, अरब की एक राजकुमारी ने ब्रिटेन के एक छोटे से गांव को अपना घर बना लिया है. यहां वह पुरानी हवेली को अपना आशियाना बना रही हैं. राजकुमारी अपने पति से डरकर दुबई से भागी थीं. उनके पति दुबई के शासक हैं. अब उन्होंने आलीशान महलों से दूर एक खंडहर को अपने रहने लायक बनाने का काम शुरू किया है.  यहां बात हो रही है हाया बिन्त हुसैन की, जिन्होंने 2019 में दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से तलाक के बाद ब्रिटेन में रहने का फैसला किया. इस कपल का तलाक अब तक के सबसे बड़े तलाक समझौते में से एक हैं. जिसमें राजकुमारी को 554 मिलियन पाउंड मिले थे. इस प्रिंसेस ने दुबई के अपने संगमरमर के आलीशान महलों वाली  जीवनशैली को छोड़कर वेल्स के ग्रामीण इलाके के एक जर्जर हवेली को अपना ठिकाना बनाने का फैसला किया. जॉर्डन के राजा की बेटी, 51 साल की इस राजकुमारी ने वेल्स के सुदूर गांव पॉविस में स्थित ईस्ट कंट्री के एक होटल पर 3.5 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं.  वेल्स के गांव में आशियाना बना रही राजकुमारी कहा जा रहा है कि वह इस होटल का रेनोवेशन कराने में लाखों पाउंड और खर्च कर रही हैं, ताकि यह उस स्तर का हो सके जिसकी उम्मीद बेहद अमीर शाही परिवार से की जाती है.स्थानीय लोगों ने द सन को बताया कि राजकुमारी का यह नया आशियाना पुराना होने के बावजूद हाई सिक्योरिटी वाला ठिकाना है जो ज़्यादा समय तक खंडहर नहीं रहेगा, क्योंकि बिना किसी खर्च की परवाह किए इसका रेनोवेशन शुरू हो गया है. हाया बिंत हुसैन ने अप्रैल 2019 में, अपने पति से खुद को 'जान का खतरा' बताकर दुबई छोड़कर भाग आई थीं. वह उनसे अलग हो गई, क्योंकि उनके पति को एक ब्रिटिश बॉडीगार्ड के साथ उनके रिश्ते पर संदेह होने लगा था और इसी वजह से उनका वैवाहिक जीवन टूट गया. तलाक के निपटारे के दौरान, उच्च न्यायालय के एक जज ने कहा कि दुबई के शासक, जो अब 76 वर्ष के हैं, उनके खिलाफ 'डर, धमकी और उत्पीड़न का आरोप' लगाया गया था, जिसमें उन पर राजकुमारी, उनके बॉडीगार्ड और अन्य कर्मचारियों  के फोन को हैक करने का आरोप शामिल था, जो एक दुर्व्यवहार के बराबर है. तब से हाया अपना समय मध्य लंदन स्थित अपने घर और सरे के एघम में स्थित 12 कमरों वाले आलीशान बंगले के बीच गुजार रही हैं. लेकिन अदालती मुकदमे के बाद राजकुमारी के लिए प्राइवेसी और सुरक्षा पहली प्रायोरिटी बन गई थी. यही वजह है कि वेल्स में स्थित 33 एकड़ की एक प्रॉपर्टी को अपने रहने लायक बनाने का फैसला किया. यहां पहले से ही हाई लेवल सिक्योरिटी अरेंजमेंट थे. इसमें हाई-टेक कैमरे, इंट्री गेट पर आतंकवाद-रोधी शैली के उठने वाले बोलार्ड और एक्स आर्म्ड फोर्स के सुरक्षा गार्डों द्वारा संचालित एक सिक्योरिटी ऑफिस भी शामिल है. 1888 का बना है ये पैलेशियल हाउस 1888 में निर्मित यह पूर्व चार सितारा कंट्री हाउस आवास, वेल्स के सबसे अच्छे छिपे प्रॉपर्टी में से एक के रूप में जाना जाता है. इसमें टेनिस कोर्ट , एक क्रोकेट लॉन, 100 से अधिक प्रकार के पेड़ों वाला एक बागीचा, एक बिलियर्ड्स कक्ष और एक लाइब्रेरी है. हाया, जो घुड़सवारी की शौकीन हैं और एक समय सिडनी ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं.  घुड़सवारी की शौकीन राजकुमारी अब यहां एक अस्तबल बनवा रही हैं ताकि वह घुड़सवारी के अपने शौक को बरकरार रख सकें. वहां के लोकल्स ने बताया कि हमें उस पुराने पैलेस में काम करने वाले कर्मचारियों, मुख्य रूप से बिल्डरों और कारीगरों के दोस्तों और परिवार के माध्यम से इन यात्राओं के बारे में पता चलता है.हैरानी की बात यह है कि राजकुमारी ने वर्तमान इमारतों में से किसी का भी विस्तार करने या उन्हें परिवर्तित करने के लिए किसी भी प्लानिंग का कोई आवेदन नहीं दिया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वह भविष्य में स्विमिंग पूल बनवाने के लिए आवेदन करेंगी. रखरखाव की लागत कथित तौर पर प्रति वर्ष 100,000 पाउंड से अधिक है. एक ग्रामीण ने द सन को बताया कि राजकुमारी हर महीने लंदन के केंसिंग्टन पैलेस गार्डन में स्थित अपने 10 मिलियन पाउंड के आलीशान बंगले से हेलीकॉप्टर से यहां आती हैं. ताकि चल रहे रेनोवेशन के कार्यों पर नजर रख सकें.यह संपत्ति राजधानी से 160 मील या तीन घंटे की ड्राइव की दूरी पर है, लेकिन हेलीकॉप्टर से एक घंटे से भी कम समय में वहां पहुंचा जा सकता है.महीने में लगभग एक बार, आमतौर पर वीकेंड में आते हुए देखते हैं. फिर हम उन्हें सोमवार सुबह जाते हुए देखते हैं.

MP बोर्ड परीक्षा में आंसर शीट रहेगी निगरानी में, 10वीं और 12वीं के छात्र रहें सतर्क

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मंडल ने परीक्षा व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पिछले साल सिर्फ संवदेनशील व अति संवदेशील केंद्रों पर ही प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन इस बार मंडल सभी केंद्रों पर प्रेक्षकों की तैनाती होगी। माशिमं द्वारा इस बार प्रेक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं प्राचार्यों की नियुक्ति की जा रही है। इस बार प्रेक्षक केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर उनकी कड़ी नजर रहेगी। कलेक्टर की ओर से प्रेक्षक इन केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। इनकी ड्यूटी प्रश्नपत्र खुलने के आधे घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचना होगा और परीक्षा खत्म होने के बाद प्रश्नपत्र का बंडल समवन्वयक केंद्र पहुंचाने तक की ड्यूटी रहेगी। इनकी निगरानी भी मंडल की ओर से एप के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों पर उड़नदस्तों की विशेष टीम गठित की गई है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी मंडल की ओर से की जाएगी। प्रदेश में करीब 700 और भोपाल जिले में 16 संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं। बता दें, कि मंडल की ओर से करीब 25 हजार अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया प्रेक्षकों की निगरानी में होगी कलेक्टर द्वारा प्रेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसमें पांच साल पहले सेवानिवृत्त प्रथम या द्वितीय श्रेणी के अधिकारी या प्राचार्य शामिल होंगे।इन्हें एक दिनदके लिए 700 रुपये का मानयदेय दिया जाएगा। इन्हें परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल खुलवाने, उनका सुरक्षित वितरण, परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्र कर जमा कराने तक की संपूर्ण प्रक्रिया प्रेक्षक की निगरानी में होगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी प्रेक्षक तब तक केंद्र पर मौजूद रहेंगे, जब तक सभी उत्तरपुस्तिकाएं विधिवत रूप से जमा नहीं हो जातीं। परीक्षा केंद्रों पर कोई भी घटनाक्रम होने पर इन्हें पुलिस कंट्रोल रूम, संभागीय मंडल कार्यालय में सूचना देनी होगी। सावधानी से ओएमआर शीट भरने के निर्देश इस बार विद्यार्थियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका के ऊपर सबसे पहले पेज पर ओएमआर शीट अत्यंत सावधानी से भरने के लिए कहा गया है। रोल नंबर, विषय कोड, नाम सहित सभी प्रविष्टियां सही ढंग से भरना अनिवार्य होगा। ओएमआर शीट में किसी भी प्रकार की गलती से परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी। 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी     बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके अलावा करीब 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी। इसके लिए जिला स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सभी को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं  

निवेशकों से ठगी का खेल खत्म! 2 करोड़ के चिट फंड फ्रॉड में तन्मय मिर्धा गिरफ्तार

नई दिल्ली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2 करोड़ रुपए से अधिक के चिट फंड घोटाले में फरार चल रहे आरोपी तन्मय मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 29 जनवरी को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के ब्रह्म नगर इलाके से की गई। सीबीआई ने यह मामला 23 जून 2020 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय चिट फंड कंपनियों से जुड़े मामलों की गहन जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी तन्मय मिर्धा एक्सप्रेस कल्टीवेशन लिमिटेड, कोलकाता का डायरेक्टर था और उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम जनता से निवेश के नाम पर भारी धनराशि एकत्र की। आरोपी ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से करीब 2.1 करोड़ रुपए जुटाए और बाद में इस धन का गलत इस्तेमाल किया। निवेशकों को न तो तय समय पर वापस मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हुए। सीबीआई ने विस्तृत जांच पूरी करने के बाद 4 फरवरी 2022 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, हालांकि आरोपी जांच के दौरान एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुआ और लगातार फरार बना रहा। इसके बाद कोलकाता स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। लगातार फील्ड वेरिफिकेशन, तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई ने 29 जनवरी को आरोपी की लोकेशन का पता लगाया, जिसके बाद सीबीआई ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपी तन्मया मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है जिससे इस मामले में और जानकारी मिल सके। सीबीआई के अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चिट फंड घोटालों में शामिल किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी इसमें दोषी पाए जाएंगे, जल्द से जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तन्मय मिर्धा के बयान के आधार पर पता चलेगा कि इसमें कितने लोग शामिल हैं और किस तरह से आम जनता का पैसा लिया गया है।

आसमान में हड़कंप! इंडिगो विमान को उड़ाने की धमकी, अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतारा गया

अहमदाबाद कुवैत से दिल्ली लौट रहे इंडिगो विमान की शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अहमदाबाद में आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्रियों को नियंत्रित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया और एयरपोर्ट के एक सुरक्षित इलाके में ले जाया गया। इस प्रक्रिया के दौरान किसी के घायल होने या मेडिकल इमरजेंसी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। जानकारी सामने आई कि इस विमान में 180 यात्रियों समेत 186 लोग सवार थे। शुक्रवार को विमान में मिले एक टिश्यू पेपर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हाथों से लिखे गए इस नोट में हाईजैकिंग और बम का जिक्र था, जिसके बाद फ्लाइट क्रू ने तुरंत कार्रवाई की। स्टैंडर्ड एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अलर्ट किया और विमान को सबसे नजदीकी अहमदाबाद एयरपोर्ट की ओर मोड़ने का फैसला किया। फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गई, जहां उसके आने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया था। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एन. डी. नाकुम ने कहा कि धमकी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने कहा, "धमकी मिलने के बाद सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते ने विमान की पूरी तरह से जांच की। अब तक कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है। विमान की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है।" बम निरोधक दस्ते, सीआईएसएफ टीमों, डॉग स्क्वॉड और एयरपोर्ट सुरक्षा टीमों ने विमान की विस्तृत जांच की। विमान के अलावा, सभी यात्रियों के सामान की भी जांच की गई और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार यात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा जांच की गई। ऑपरेशन के दौरान पूरे एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात था। एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा जांच जारी रहने के दौरान फ्लाइट ऑपरेशन मामूली और अस्थायी बदलावों के साथ जारी रहे। फिलहाल, अधिकारी हाथ से लिखे धमकी भरे नोट की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसे विमान के अंदर कैसे रखा गया था। अधिकारियों ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

‘विकास नहीं, सत्ता संघर्ष’: 6,000 करोड़ के घोटाले पर त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर 6,000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का आरोप लगाया गया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा विपक्ष में थी, तब भी गुजरात मॉडल की खूब चर्चा होती थी, लेकिन आज हम बात करेंगे कि कांग्रेस पार्टी जिन राज्यों में सरकार चला रही है, वहां वह किस तरह का मॉडल पेश कर रही है। कांग्रेस सरकार पर 6,000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का आरोप लगा है। यह आरोप केंद्र सरकार ने नहीं, बल्कि उसी राज्य के शराब व्यापारियों ने लगाया है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की जिन राज्यों में सरकार है, वे कैसा मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं, उसकी बानगी हम आपके सामने रखना चाहते हैं। वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने बताया है कि रेस्टोरेंट से लेकर होटलों तक, किस प्रकार अलॉटमेंट के नाम पर सरकार के विभिन्न स्तरों पर बैठे मंत्रियों और अन्य लोगों तक यह पैसा जाता था। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अगर प्रदेश की जनता किसी भी दल को सत्ता देती है तो अपेक्षा करती है कि वह सरकार विकास और सुशासन के मार्ग पर प्रदेश को ले जाएगी। मध्य प्रदेश में हमने ऐसी योजनाएं लागू की थीं, जिससे बच्चियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। कर्नाटक में जब 2008 में हमारी सरकार थी, तब हमने किसानों को एक साल के लिए बिना ब्याज के ऋण देने का प्रयास किया था और सफल रहे थे। उन्होंने कहा कि जैसे हमारी सरकार के पास विकास का एक मॉडल है, वैसे ही कांग्रेस के पास भी अपना मॉडल है जहां मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के बीच लगातार सत्ता की लड़ाई चलती रहती है, चाहे वह कर्नाटक हो, मध्य प्रदेश हो या राजस्थान हो। कांग्रेस ने कर्नाटक के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है, जिन्होंने उन्हें इतना बड़ा जनादेश दिया था। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक सख्त निर्देश दिया है, जिसमें कहा गया है कि सीमा पर बाड़ लगाने के काम के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक साफ की जाए। यह साफ दिखाता है कि घुसपैठियों के वोटों के लालच में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया गया। इस फैसले से यह सच्चाई सामने आ गई है कि टीएमसी घुसपैठियों के प्रति हमदर्दी रखती है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग तृणमूल सरकार को नकार देंगे, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है और आने वाले चुनावों में भाजपा को चुनेंगे। उन्होंने कहा कि लेकिन यह एक बहुत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और विचलित करने वाला प्रश्न उठाता है। यह दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में देश की सीमाओं पर सुरक्षा की कीमत पर, घुसपैठियों के वोट के लालच में, केवल क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र की सुरक्षा का सौदा किया जा रहा था। उच्च न्यायालय का यह निर्णय तृणमूल कांग्रेस की नीतियों पर करारा प्रहार है।

देश का बजट अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर: वैश्विक निवेशक कर रहे हैं बारीकी से विश्लेषण

नई दिल्ली जब दुनिया युद्ध, महंगाई, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है, ऐसे वक्त में भारत का आम बजट सिर्फ घरेलू दस्तावेज नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम संदेश बनकर उभर रहा है जिसका असर अमेरिका से ब्रिटेन तक दिखेगा  । IMF  और World Bank   जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं भारत के बजट को इस सवाल से जोड़कर देख रही हैं  क्या भारत वैश्विक मंदी के बीच स्थिरता का इंजन बन पाएगा? वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरें ऊंची हैं, पश्चिम एशिया और यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में युद्ध जारी हैं, जबकि चीन की सुस्ती ने वैश्विक व्यापार को कमजोर किया है। ऐसे माहौल में भारत का बजट 2026 अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष महत्व हासिल कर चुका है।  IMF और World Bank का मानना है कि भारत आने वाले वित्त वर्ष में भी 6.5 से 7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि वैश्विक एजेंसियां भारत के बजट में राजकोषीय घाटा, पूंजीगत खर्च, रक्षा व्यय और सामाजिक योजनाओं पर खास नजर रखे हुए हैं। Reuters और Bloomberg की रिपोर्टों के अनुसार, विदेशी निवेशक यह देखना चाहते हैं कि भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच कैसे निवेश-अनुकूल माहौल बनाए रखता है। खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और ग्रीन एनर्जी पर बजटीय फोकस को वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। World Bank की टिप्पणी World Bank का कहना है कि यदि भारत राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास पर खर्च बढ़ाता है, तो वह न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि वैश्विक विकास को भी सहारा दे सकता है। वहीं IMF ने चेतावनी दी है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत के लिए जोखिम बने रहेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, अब भारत का बजट सिर्फ देश के लिए नहीं, बल्कि एशिया, अफ्रीका और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। अगर भारत संतुलित बजट पेश करता है, तो यह संदेश जाएगा कि वैश्विक संकट के दौर में भी लोकतांत्रिक और विकासशील अर्थव्यवस्था स्थिर रह सकती है। अमेरिका पर क्या होगा असर? अमेरिका में ब्याज दरें ऊँची होने के कारण निवेशक सुरक्षित और उच्च-ग्रोथ बाजारों की तलाश में हैं। Budget 2026 में अगर भारत  FDI नियमों को और आसान करता है तथा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर खर्च बढ़ाता है तो तो अमेरिकी पूंजी का बड़ा हिस्सा भारत की ओर शिफ्ट हो सकता है।  Wall Street भारत को अब “Next Growth Engine” के तौर पर देख रहा है। ब्रिटेन (UK) के लिए क्यों अहम भारत का बजट? ब्रेक्ज़िट के बाद ब्रिटेन नए ट्रेड पार्टनर्स की तलाश में है। Budget 2026 में  India-UK FTA के अलावा सर्विस सेक्टर और फाइनेंशियल कोऑपरेशन को गति मिलेगी।  लंदन की कंपनियों को भारत में बड़ा विस्तार मिल सकता है।  ब्रिटिश निवेशक खासकर IT, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप सेक्टर पर नजर लगाए हुए हैं।  

वैश्विक निवेश की निगाहें भारत पर: बजट 2026 में क्या है निवेशकों की उम्मीदें?

नई दिल्ली यूक्रेन-रूस युद्ध, गाजा संकट, लाल सागर में तनाव, चीन की धीमी अर्थव्यवस्था और अमेरिका-यूरोप में ऊंची ब्याज दरों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगाई हुई है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब भारत के बजट 2026 पर टिकी हैं, जिसे वैश्विक संस्थाएं आने वाले वर्षों की आर्थिक दिशा तय करने वाला मान रही हैं। IMF और World Bank की ताजा रिपोर्टों के अनुसार 2026 में वैश्विक विकास दर 2.7-3% के आसपास रहने की संभावना है।  यूरोप ऊर्जा संकट और युद्ध के असर से जूझ रहा है जबकि  चीन रियल एस्टेट और डिमांड संकट में है। वैश्विक उद्योगों की भारत से उम्मीदें क्यों वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीतियाँ और निर्यात मांग में गिरावट जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अमेरिकी टैरिफों और निर्यात बाधाओं से भारतीय निर्यातकों को दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसके समाधान की उम्मीद उद्योगों को बजट से है।पहले  World Bank ने भारत की ग्रोथ अनुमान को थोड़ा कम कर 6.3% कर दिया था, यह वैश्विक आर्थिक दबाव और घरेलू नीतिगत अनिश्चितताओं को ध्यान में रखकर किया गया था। हालांकि  संशोधन में यह स्वीकार किया गया कि भारत दक्षिण एशिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और घरेलू खपत तथा सेवा निर्यात इसे आगे ले जा रहे हैं।     अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और निवेशक भारत के बजट 2026 से उम्मीद कर रहे हैं।     IMF ने भारत के लिए 2025-26 के GDP अनुमान को 6.6% तक अपग्रेड किया है।     यह दिखाता है कि वास्तव में भारत वैश्विक मंदी के बीच भी प्रगति कर रहा है।     मैन्युफैक्चरिंग और Make in India को टैक्स प्रोत्साहन।     सेमीकंडक्टर, EV, ग्रीन एनर्जी में सब्सिडी।     स्टेबल टैक्स पॉलिसी और आसान निवेश नियम।     डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI पर खर्च।     Bloomberg और Reuters के अनुसार, बजट के फैसले तय करेंगे कि ग्लोबल सप्लाई चेन चीन से भारत की ओर कितनी तेजी से शिफ्ट होती है।    रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक असर     NATO और एशिया-पैसिफिक में बढ़ते तनाव के बीच भारत के डिफेंस बजट में बढ़ोतरी पर दुनिया की नजर।     स्वदेशी हथियार और रक्षा निर्यात को मिलेगा बढ़ावा     इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से लॉजिस्टिक्स और व्यापार  मजबूत होगा     विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत का बजट इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करेगा।  वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत के लिए चुनौती     मुनाफे में फॉरेन इन्वेस्टमेंट फंड (FII) आउटफ्लो और रुपया की कमजोरी ने भी भारत के लिए विनिमय दर संबंधी जोखिम पैदा कर दिए हैं, जिससे बजट में पूंजी आकर्षण और निवेश-सहायक उपायों की मांग बढ़ी है।     चीन सस्ता उत्पादन केंद्र बना हुआ है।     वियतनाम, बांग्लादेश और मैक्सिको प्रतिस्पर्धा में शामिल।     भारत को स्किल, लॉजिस्टिक्स और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर तेज सुधार जरूरी।