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योगी आदित्यनाथ से “क्या चाहिए?” पर बच्चे का जवाब था “चिप्स”, हर कोई हंसी रोक न सका

गोरखपुर  मकर संक्रांति पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में सुबह चार बजे उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं से मिले. जब वो बैठे थे तो एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाया और स्नेहपूर्वक उसके सिर पर हाथ फेरा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सहज भाव से उससे पूछा क्या चाहिए? बच्चा पहले कुछ नहीं बोला. योगी जी ने दो-तीन बार बड़े ही अपनत्व से पूछा, तब जाकर बच्चे ने मुख्यमंत्री के कान में धीरे से कुछ कहा. पहले तो मुख्यमंत्री समझ नहीं पाए कि बच्चा क्या कह रहा है. जैसे ही बात स्पष्ट हुई कि बच्चे ने चिप्स मांगे हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिलखिलाकर हंस पड़े. उनका यह ठहाका देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे. इसके बाद तत्काल बच्चे के लिए चिप्स मंगवाकर उसे दिया गया. गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य: मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र स्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं. गुरुवार को गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातः चार बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला. सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं मकर संक्रांति के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सूर्य उपासना को विशेष स्थान दिया गया है. मकर संक्रांति का पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत प्रशस्त माना जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 राशियों में विभाजित है. एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है. जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो वह मकर संक्रांति कहलाती है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और अगले छह महीने तक मिथुन राशि तक उत्तरायण रहते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तरायण काल में दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं. यह समय ऊर्जा, जीवन और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. सूर्य के प्रकाश का मानव जीवन में कितना महत्व है, इसका अनुमान भारत की ऋषि परंपरा और पर्व-त्योहारों से लगाया जा सकता है. देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जहां लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं, वहीं प्रयागराज में भी संगम तट पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में कल्पवासी और संतजन अपनी साधना में लीन हैं. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. यह दृश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं. मकर संक्रांति का संदेश है ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होना.

चार अंतरिक्षयात्री, जिसमें एक बीमार एस्ट्रोनॉट भी शामिल, ड्रैगन कैप्सूल से धरती पर लौटे

कैलिफोर्निया अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA और स्पेसएक्स के क्रू-11 मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आए हैं. स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में भारतीय समयानुसार लगभग दोपहर 2:11 बजे स्प्लैशडाउन हुआ. यह मिशन मूल योजना से पहले पूरा हुआ क्योंकि एक क्रू सदस्य को मेडिकल समस्या हुई थी.     NASA के एस्ट्रोनॉट जेना कार्डमैन (मिशन कमांडर) और माइक फिंके (पायलट).     JAXA (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) के एस्ट्रोनॉट किमिया युई.     रोस्कोस्मोस (रूस) के कोस्मोनॉट ओलेग प्लेटोनोव. ये चारों अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कुल 167 दिन बिताकर लौटे हैं. मिशन अगस्त 2025 में शुरू हुआ था. यह जेना कार्डमैन और ओलेग प्लेटोनोव का पहला स्पेस फ्लाइट था, जबकि माइक फिंके और किमिया युई अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं. क्यों हुआ मिशन जल्दी खत्म? NASA ने 8 जनवरी 2026 को बताया कि एक क्रू सदस्य को मेडिकल समस्या हुई है. इस वजह से स्पेसवॉक रद्द कर दिया गया. मिशन को एक महीने पहले खत्म करने का फैसला लिया गया. NASA ने कहा कि क्रू सदस्य की हालत स्थिर है. पृथ्वी पर बेहतर इलाज के लिए वापसी जरूरी थी. मेडिकल प्राइवेसी की वजह से समस्या या किस सदस्य को हुई, इसकी डिटेल नहीं बताई गई. रिटर्न प्रोसेस कैसे हुआ?   14 जनवरी को शाम को ड्रैगन यान ISS से अलग हुआ. रात में डी-ऑर्बिट बर्न (धीमा होने की प्रक्रिया) पूरी हुई. पैराशूट की मदद से यान समुद्र में उतरा. रिकवरी शिप और तेज नावों की टीम ने यान को सुरक्षित किया और मुख्य डेक पर लाया. एस्ट्रोनॉट्स यान से बाहर निकले. NASA ने कहा कि चारों क्रू सदस्यों को स्थानीय अस्पताल में चेकअप के लिए ले जाया जाएगा. वहां रात भर रहने के बाद वे ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर लौटेंगे, जहां परिवार से मिलेंगे और पोस्ट-फ्लाइट रिहैबिलिटेशन (शरीर को सामान्य करने की प्रक्रिया) होगी. यह स्पेसएक्स के कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम का हिस्सा था, जो NASA के लिए ISS पर क्रू भेजता है. स्प्लैशडाउन कैलिफोर्निया तट पर हुआ क्योंकि 2025 से स्पेसएक्स ने रिकवरी ऑपरेशन फ्लोरिडा से कैलिफोर्निया शिफ्ट कर दिया है. यह मेडिकल वजह से ISS से क्रू की पहली कंट्रोल्ड मेडिकल इवैक्यूएशन थी. NASA ने कहा कि सभी तैयारियां पहले से थीं और क्रू सुरक्षित है.

पीसी के दौरान शॉर्ट सर्किट, मची अफरातफरी; मायावती को तुरंत सुरक्षा में निकाला गया बाहर

लखनऊ राजधानी लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन के मौके पर बड़ा हादसा टल गया। मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान ही अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। बिजली को बोर्ड से चिंगारी के साथ ही धुआं निकलने लगा। घटना उस वक्त हुई जब मायावती की प्रेसवार्ता समाप्त होने ही वाली थी। देखते ही देखते पूरे हॉल में धुआं भर गया। इससे वहां मौजूद पत्रकारों और नेताओं में हड़कंप मच गया।   तत्परता से टला बड़ा हादसा प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, बिजली के बोर्ड से चिंगारियां निकलने लगीं और धुएं का गुबार छा गया। हालांकि, मायावती की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने गजब की फुर्ती दिखाई। खतरे को भांपते हुए सुरक्षा घेरे ने तत्काल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को लेकर सुरक्षित तरीके से हॉल से बाहर निकाला और उनके आवास की ओर ले गए। अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा। अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा पर उठे सवाल? बसपा प्रमुख की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की तकनीकी खामी पर सवाल उठने लगे हैं। जन्मदिन के बड़े आयोजन और मीडिया के भारी जमावड़े के बीच हुए इस शॉर्ट सर्किट ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और तकनीकी टीम सर्किट की जांच कर रही है।  

बिहार विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति खतरे में, सभी 6 विधायक JDU में शामिल होने की संभावना

पटना  बिहार की राजनीति में एक बार फिर दलबदल के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के सभी छह विधायक पाला बदलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।  रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अभिषेक रंजन, आबिदुर रहमान, मोहम्मद कामरुल होदा और मनोज बिस्वान जदयू नेतृत्व के संपर्क में हैं। हाल ही में पटना स्थित सदाकत आश्रम में आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज से सभी छह विधायकों ने दूरी बनाए रखी। 8 जनवरी को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा बुलाई गई 'मनरेगा बचाओ' अभियान की बैठक में भी विधायक शामिल नहीं हुए। जदयू के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि कांग्रेस विधायक अपनी पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और उनके जदयू में शामिल होना बस कुछ ही दिनों की बात है। विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि जदयू को 85 सीटें मिली थीं। यदि कांग्रेस के 6 विधायक जदयू में आते हैं, तो जदयू की संख्या 91 हो जाएगी, जिससे वह भाजपा को पछाड़कर सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा भी पीछे नहीं है। वह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) के असंतुष्ट विधायकों पर नजर गड़ाए हुए है ताकि अपना शीर्ष स्थान बरकरार रख सके। कुशवाहा की पार्टी में फूट के आसार एनडीए के घटक दल RLM के 4 में से 3 विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक कुमार सिंह भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। कुशवाहा द्वारा अपने बेटे दीपक को कैबिनेट मंत्री बनाने से पार्टी के विधायक नाराज हैं। हाल ही में इन विधायकों ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, जिससे पार्टी टूटने की अटकलें तेज हो गई हैं। RCP की घर वापसी की चर्चा जदयू के पूर्व कद्दावर नेता आरसीपी सिंह नीतीश कुमार से अलग होकर प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' में शामिल हो गए थे। उनके भी दोबारा जदयू में आने की अटकलें हैं। हाल ही में एक 'कुर्मी सम्मेलन' में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की मौजूदगी को राजनीतिक गलियारों में बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

भोपाल: अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा, कलेक्टर के निर्देश पर 25 आरोपियों पर FIR दर्ज

भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बिना अनुमति कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर बेचने और अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने के मामलों में कुल 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में FIR दर्ज की गई है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि संबंधित लोगों द्वारा कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन कराए बिना ही प्लॉटिंग कर कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा था। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जानकारी के अनुसार,  •    जगदीशपुर, अरवलिया, अचारपुरा और हज्जामपुरा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वाले 15 लोगों के खिलाफ ईंटखेड़ी थाना में मामला दर्ज किया गया है।  •    सेवनिया ओंकारा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के मामले में सूखी सेवनिया थाना में 4 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। वहीं कुराना क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने पर परवलिया थाना में 6 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बिना वैधानिक अनुमति कृषि भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी भी है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

‘जन नायगन’ के मामले में SC ने नहीं दिया साथ, थलपति विजय की मुश्किलें बढ़ीं, HC को अल्टीमेटम

नई दिल्ली विजय थलपति की फिल्म जन नायगन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. गुरुवार को फिल्म की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है. प्रोड्यूसर्स को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया गया है. अब हाईकोर्ट ही विजय की फिल्म को लेकर फैसला सुनिश्चित करेगा. प्रोड्यूसर्स की तरफ से कोर्ट में क्या दलील दी गई? सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच को इस मामले में 20 जनवरी तक फैसला देने को कहा है. KVN प्रोडक्शंस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि वो हाईकोर्ट को 20 जनवरी से पहले मामले पर फैसला लेने को कहें. क्योंकि फिल्म के अटकने से प्रोड्यूसर्स ने सब कुछ खो दिया है. वो बर्बाद हो गए हैं. निर्माताओं की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि हम सभी जजों से अपील करते हैं कि केस को एक-दो दिन में निपटा दें. मैंने सब कुछ खो दिया है. मैं बर्बाद हो गया हूं.  सुप्रीम कोर्ट के फैसला सुनाने के बाद सबकी नजरें हाईकोर्ट पर टिकी हुई हैं. जन नायगन साउथ इंडस्ट्री के सुपरस्टार थलपति विजय की आखिरी फिल्म है. राजनीति में एंट्री करने से पहले ये उनका लास्ट प्रोजेक्ट है. फैंस इसे लेकर बहुत एक्साइटेड थे. लेकिन इसके सर्टिफिकेशन को लेकर चल रहा विवाद इस तरह लंबा खिंचेगा किसी ने सोचा नहीं था. सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई है. विजय की ये फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होनी थी. फिल्म को लेकर एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी थी. इसकी रिलीज में देरी की वजह से डिस्ट्रीब्यूटर्स को अच्छा खासा नुकसान हुआ है. सेंसर बोर्ड और कोर्ट के बीच फंसने के बाद विजय की मूवी अटक गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जन नायगन के मेकर्स को भी करोड़ों का नुकसान हुआ है. फैंस को पहले उम्मीद थी कि पोंगल तक कुछ हल निकल जाएगा. सेंसर बोर्ड के साथ छिड़ा विवाद खत्म हो जाएगा. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है. जन नायगन विजय की पैन इंडिया फिल्म है. इसमें पूजा हेगड़े, बॉबी देओल भी अहम रोल में दिखेंगे.

रायपुर: श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की पत्रकार वार्ता, उठाए अहम मुद्दे

रायपुर  श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा आज  प्रेस वार्ता में  जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है।             विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिको को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।           उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।         मंत्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस  को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।            उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।            मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।                  श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।            कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा।             देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।              शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी,  जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर अपर श्रम आयुक्त एस एल जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके, प्रभारी संचालक ओद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे.

मनाली में देव आदेश के तहत 42 दिन तक सैलानियों की एंट्री और कई गतिविधियों पर पाबंदी

मनाली आज के समय में टीवी, मोबाइल फोन से लेकर कई आधूनिक चीजें हमारी जिदंगी का हिस्सा हैं. सोचिए अगर कोई आपसे कहे कि एक डेढ़ महीने तक इन चीजों का इस्तेमाल बेहद कम करना है तो आप कैसा महसूस करेंगे. हिमाचल प्रदेश के मनाली में कुछ ऐसा ही होने जा रहा है. मनाली के नौ गांवों में अगले 42 दिन के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं. इन नौ गांवों में अगले 9 दिन तक ना लोग टीवी देखेंगे, ना ही मन्दिर में पूजा होगी और ना ही मोबाइल की घंटियां सुनाई देंगी. अहम बात है कि खेती बाड़ी के काम भी नहीं किए जाएंगे. दरअसल, मनाली की उझी घाटी में देव आदेशों के चलते पाबंदियां लगाई गई हैं. मनाली के गौशाल गंव के अलावा, अन्य आठ गांवों में हजारों सालों से चली आ रही देव परम्परा का आज भी पालन किया जाएगा. ऐसे में लोगों ने जहां टीवी बंद कर दिए हैं तो वहीं, मोबाइल को भी साइलेंट मोड पर डाल दिया है. मान्यता है कि मकर संक्राति के बाद घाटी के आराध्य देवी देवता अपनी तपस्या में लीन हो जाते हैं और देवी-देवताओं को तपस्या के दौरान शांत वातावरण मिले, इसके लिए टीवी, रेडियो और मोबाइल को बन्द कर दिया जाता है. मनु की नगरी के गौशाल, कोठी, सोलंग, पलचान, रूआड़, कुलंग, शनाग, बुरूआ और मझाच में ये देव आदेश लागू किए ए हैं. ग्रामीण राकेश ठाकुर ने बताया कि यह परम्परा सदियों से चली आ रही है और आज भी परम्परा बखूबी निभाई जा रही है. फिर चाहे और आज का युवा हो या फिर यंहा आने वाला पर्यटक. सभी इस परम्परा को निभाते हैं. कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट भी बंद मनाली के सिमसा में स्थित देवता कार्तिक स्वामी के मंदिर के कपाट भी बुधवार से बंद हो गए हैं. वहीं, सिमसा गाँव के साथ-साथ अन्य चार गाँव कन्याल, छियाल, मढ़ी और रांगड़ी में भी देव आदेश के चलते सभी तरह के शोर पर पांबदी लगाई गई है. देवता कार्तिक स्वामी मदिर के पुजारी मकर ध्वज शर्मा ने बताया कि एक महीने तक शोर शराबे पर रोक लगाई गई है और कोई व्यक्ति अब ऊंची आवाज में बात नहीं करेगा और खेतीबाड़ी भी बंद रहेगी. मदिरों की घंटियों को बांध दिया गया है. उन्होंने कहा की अब मंदिरों के कपाट फ़ागली उत्सव के साथ ही खुलेंगे. सिस्सू में भी सैलानियों की एंट्री बंद गौरतलब है कि मनाली की अटल टनल के आगे लाहौल स्पीति के सिस्सू गांव में भी कुछ इसी तरह के आदेश जारी किए गए हैं. यहां पर हालडा उत्सव के चलते गांवों में सैलानियों की एंट्री बंद कर दी गई है. गांव में कोई भी बाहरी शख्स एंट्र नहीं होगा. यहां पर हालडा उत्सव और देव आदेश लागू हुए हैं जो कि 28 फरवरी तक लागू रहेंगे.

एमपी बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल पर कड़ा एक्शन, पूरी परीक्षा होगी निरस्त, 3 साल तक की सजा

 भोपाल मध्य प्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। सामूहिक नकल पर पूरे केंद्र की परीक्षा निरस्त होगी। एग्जाम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर 3 साल की जेल या 5 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति छात्रों की मदद करता है तो उसे भी 3 साल की जेल होगी। एमपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा का एग्जाम 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक होगा। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। माशिमं ने संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी। प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे। यह भी नकल की श्रेणी में आएगा एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान भी रहेगी पैनी नजर माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा। स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश एमपी बोर्ड ने सभी स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षार्थियों को नकल न करने और परीक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें. परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बोर्ड अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी कर्मियों और कैमरों को मैनेज किया जाएगा. छात्र और शिक्षक दोनों को इसके महत्व को समझते हुए परीक्षा का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना होगा. इस कदम का मकसद परीक्षा में ईमानदारी बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन कायम रखना है. बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की है कि वे सभी नियमों का पालन करें और परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग करें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर प्रतिबंध रहेगा मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी। बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा। साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। 20 विद्यार्थियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात होगा परीक्षा केंद्रों पर 20 विद्यार्थियों पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एक कक्षा में 20 से अधिक व 40 से कम विद्यार्थियों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। विद्यार्थियों की 40 से अधिक संख्या होने पर 15 परीक्षार्थियों पर एक पर्यवेक्षक रहेगा।     10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर कड़ा प्रतिबंध होगा। सामूहिक नकल की श्रेणी में आने पर पूरी परीक्षा निरस्त होगी। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।  

इस एयरलाइन का शानदार ऑफर, इंडिगो के बाद 30% डिस्काउंट पर विदेश यात्रा करें

  नई दिल्ली अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है. साल 2026 में ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में आई तेजी के बीच एयरलाइंस के बीच सस्ते टिकटों की जंग शुरू हो गई है. हाल ही में भारतीय एयरलाइन इंडिगो (Indigo) द्वारा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बंपर ऑफर देने के बाद, अब वियतनाम की लो-कॉस्ट एयरलाइन वियतजेट (Vietjet) ने भारतीय यात्रियों के लिए अपना पिटारा खोल दिया है. कंपनी ने वियतनाम और उसके आगे के डेस्टिनेशंस के लिए अपने 'डीलक्स' (Deluxe) फेयर पर 30 फीसदी की सीधी छूट देने का ऐलान किया है. वियतजेट की ओर से लाई गई यह सेल बहुत ही सीमित समय के लिए है. कंपनी ने इसे केवल एक दिन के लिए पेश किया है. यह प्रमोशन ऑफर 14 जनवरी रात 10:30 बजे से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 की रात 9:30 बजे (भारतीय समयानुसार – IST) तक चलेगा. इसका मतलब यह है कि यात्रियों के पास सस्ते टिकट बुक करने के लिए महज 23 घंटे का समय होगा. कैसे उठाएं इस ऑफर का लाभ? इस बंपर डिस्काउंट का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को वियतजेट की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए टिकट बुक करना होगा. बुकिंग के दौरान 'डीलक्स' (Deluxe) टिकट चुनते समय यात्रियों को 'DELUXE2026' प्रोमो कोड (Promotional Code) का इस्तेमाल करना होगा, जिससे उनके बेस फेयर (Base Fares) पर सीधे तौर पर 30% की छूट (Discount) मिल जाएगी. हालांकि, यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि यह छूट केवल आधार किराए पर ही लागू होगी और इसमें टैक्स व अन्य फीस (Taxes and fees) शामिल नहीं किए गए हैं. जहां तक यात्रा की अवधि (Travel Period) का सवाल है, तो इस ऑफर के तहत बुक किए गए टिकटों पर यात्री 1 फरवरी से 31 दिसंबर 2026 के बीच कभी भी अपना सफर तय कर सकते हैं. एयरलाइन ने साफ किया है कि यह ऑफर रूट के हिसाब से तय शर्तों के अधीन होगा और कुछ खास तारीखों यानी ब्लैकआउट डेट्स (Blackout dates), जिनमें ऑफर लागू नहीं होता, उन पर यह लाभ नहीं मिलेगा. डीलक्स श्रेणी में मिलेंगी खास सुविधाएं एयरलाइन के मुताबिक, डीलक्स (Deluxe) श्रेणी के तहत टिकट बुक करने पर यात्रियों को किफायती सफर के साथ-साथ खास सुविधाएं भी मिलेंगी. इसमें 20 किलो तक चेक-इन बैगेज, फ्री सीट चयन और मुफ्त यात्रा कार्यक्रम बदलाव की सुविधा दी जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य भारतीयों के लिए वियतनाम की छुट्टियों, बिजनेस ट्रिप्स और फैमिली विजिट को और अधिक आरामदायक और वैल्यू-एडेड बनाना है. भारतीयों की पहली पसंद बन रहा है वियतनाम भारतीय पर्यटकों के बीच वियतनाम को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है. हनोई (Hanoi) और हो ची मिन्ह सिटी (Ho Chi Minh City) जैसे शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी जीवन के मेल के लिए जाने जाते हैं. वहीं, दा नांग (Da Nang), फु क्वोक (Phu Quoc), न्हा ट्रांग (Nha Trang), सा पा (Sa Pa) और हा गियांग (Ha Giang) जैसे क्षेत्र अपने खूबसूरत समुद्र तटों और पहाड़ों के लिए पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं. वियतजेट को उम्मीद है कि इस प्रमोशन के जरिए भारतीय यात्रियों को वियतनाम की परंपराओं और व्यंजनों को करीब से जानने का मौका मिलेगा, जिससे पर्यटन व्यवसाय को नई रफ्तार मिलेगी.