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आरजीपीवी में गड़बड़ियों के बाद कुलपति पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, राजभवन ने किया ऐलान

भोपाल  राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में लंबे समय से चल रहे विवादों और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद अब नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कुलपति पद के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 10 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। दरअसल, आरजीपीवी हाल के वर्षों में लगातार विवादों में रहा है। विश्वविद्यालय के प्रशासन, वित्तीय लेनदेन और शैक्षणिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं आरोपों के बीच हाल ही में कुलपति ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद से विश्वविद्यालय का प्रशासन अस्थायी व्यवस्था के सहारे संचालित हो रहा है। मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रशासनिक फैसलों आपत्तियां आई थीं सामने दरअसल, कुलपति के खिलाफ विश्वविद्यालय की आंतरिक कार्यप्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रशासनिक फैसलों को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं। छात्र संगठनों ने इन मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया था। बढ़ते दबाव और विवाद की स्थिति को देखते हुए कुलपति ने पद छोड़ना उचित समझा। इसके बाद उच्च स्तर पर यह निर्णय लिया गया कि नए कुलपति की नियुक्ति पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाए। सरकार और राजभवन दोनों ही बेहद सतर्क गौरतलब है कि आरजीपीवी प्रदेश का सबसे बड़ा तकनीकी विश्वविद्यालय है, जिससे सैकड़ों इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थान जुड़े हुए हैं। ऐसे में कुलपति की नियुक्ति को लेकर सरकार और राजभवन दोनों ही बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि नए कुलपति के सामने विश्वविद्यालय की छवि सुधारने, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी। चार वर्ष का होगा कुलपति का कार्यकाल राजभवन की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि कुलपति की नियुक्ति राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम 1998 के तहत गठित चयन समिति की अनुशंसा पर राज्यपाल द्वारा की जाएगी। नियुक्त कुलपति का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष का होगा।अधिसूचना के मुताबिक कुलपति विश्वविद्यालय का सर्वोच्च शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारी होगा। ऐसे में अभ्यर्थी से उच्च कोटि की शैक्षणिक योग्यता, मजबूत प्रशासनिक अनुभव, सत्यनिष्ठा, नैतिकता और संस्थागत प्रतिबद्धता की अपेक्षा की गई है। साथ ही, अभ्यर्थी का प्रौद्योगिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित और ख्यातिप्राप्त होना अनिवार्य बताया गया है। आवेदन प्रक्रिया दो चरणों में होगी पूरी आवेदन के साथ उम्मीदवार को अपने शैक्षणिक, प्रशासनिक और शोध करियर का विस्तृत विवरण देना होगा। इसके अलावा यह घोषणा भी अनिवार्य होगी कि अभ्यर्थी के विरुद्ध लोकायुक्त, आर्थिक अपराध शाखा या किसी अन्य एजेंसी में किसी प्रकार की जांच या आपराधिक मामला लंबित नहीं है। वर्तमान में सेवा में कार्यरत अभ्यर्थियों को अपने नियुक्तिकर्ता से यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि उनके खिलाफ कोई विभागीय जांच लंबित नहीं है। आवेदन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा, जबकि दूसरे चरण में ऑनलाइन आवेदन की प्रति, जीवनवृत्त और सभी आवश्यक दस्तावेज पंजीकृत या स्पीड पोस्ट के माध्यम से राजभवन भेजने होंगे। बिना ऑनलाइन आवेदन के प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किए जाने की बात अधिसूचना में साफ तौर पर कही गई है।  

गुना का मास्टर प्लान: न्यायिक गलियारा, शिक्षा हब और तात्याटोपे यूनिवर्सिटी से होगा शहर का विकास

गुना   शहर समेत जिला 2047 में कैसा होगा, क्या-क्या आवश्यकता पड़ेगी? संकरी सड़कें और गलियों से जनता को कैसे मुक्ति दिलाई जाए? इस दिशा में कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए मास्टर प्लान और 2047 के अनुसार सुविधाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्ययोजना बनाई है। उसको अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में जगनपुर में एसडीएम और तहसील को शिफ्ट कर दिया है। वैसे गुना शहर की बसाहट चारों तरफ हो, इस दिशा में भी जिला प्रशासन ने कार्ययोजना अनुसार काम शुरू कर दिया है। जल्द ही यहां सजेगा न्यायिक गलियारा, सिंगवासा बनेगा शिक्षा का हब, और तात्याटोपे यूनिवर्सिटी से बदलेगी जिले की तकदीर। 2047 के मास्टर प्लान के तहत ये शहर सत्ता का केंद्र बन सकता है। दरअसल, शहर विस्तार की जगह संकरा होता चला गया। वजह यह रही कि कलेक्ट्रेट जिसको शहर से तीन-चार किमी दूर ले जाने की योजना थी, वह पुरानी कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर ही 2017 में बना दिया गया। यही स्थिति मुख्य बाजार सदर बाजार की हो गई है। ऐसे बसेगा नया शहर शहर से दो किमी दूर जगनपुर बसा हुआ है। यहां सबसे पहले नपा की गरीबों के लिए आवास योजना छह-सात साल पहले लाई गई थी। इसके लिए आठ बीघा जमीन स्वीकृत की गई थी। यहां 1800 फ्लेट बन चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को फ्लेट आवंटित किए गए हैं। 750 फ्लेट और जल्द बनकर आवंटित होने की प्रक्रिया चल रही है। जिला न्यायालय व न्यायिक अधिकारियों के आवास बनाए जाने की योजना है, जिसके लिए राजस्व विभाग ने 16 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। उच्च शिक्षा विभाग ने यहां एक मॉडल कॉलेज का निर्माण कराया है। जगनपुर में सीएम राइज स्कूल भवन बनना प्रस्तावित है। हाल ही में एसडीएम कार्यालय और तहसील वहां पहुंच चुकी हैं। सिंगवासा चक शहर से चार किमी दूर ग्राम पंचायत पिपरौदा खुर्द के ग्राम सिंगवासा चक बसा है। यहां नपा ने कुछ समय पूर्व आमोद-प्रमोद पार्क बनवाया था। इससे पीछे लगभग 120 बीघा जमीन क्रांतिवीर तात्याटोपे यूनिवर्सिटी के लिए चिह्नित की है। यहां अडाणी सीमेन्ट फैक्टरी का संचालन होगा। सिंगवासा चक में ही यूनिवर्सिटी के पास लॉ कॉलेज के लिए राजस्व विभाग ने जमीन आवंटित की है। सहकारिता विभाग का ग्रेडिंग प्लांट भी बन रहा है। कुछ समय पूर्व एबी रोड पर आरटीओ कार्यालय भवन भी बन गया था। इसी जगह रिंग रोड और अंडर ब्रिज बनाए जाने कीयोजना है। नेगमा पर भी नजर गुना से छह किमी दूर ऊमरी रोड पर नेगमा के आसपास कई प्रोजेक्ट लाइन में चल रहे हैं। पूर्व में यहां एयरपोर्ट के लिए जमीन चिहिनत की गई थी। बाद में एयरपोर्ट का प्रस्ताव वहां से दूसरी जगह के लिए तैयार हुआ था। मोहनपुरकलां, मंगवार, रानीगंज और मोतीपुरा में अलग-अलग प्रोजेक्ट का काम होना है।

03 जनवरी राशिफल: जानें नए साल में आपकी राशि के लिए क्या है सितारों का संदेश

मेष राशि- आज का दिन आपको थोड़ा दौड़ाएगा। काम भी रहेंगे, लोग भी अपनी-अपनी बात कहेंगे और मन भी जल्दी रिएक्ट करेगा। ध्यान यही रखना है कि हर बात पर तुरंत जवाब न दें। गुस्से में निकला एक वाक्य पूरे दिन का माहौल बिगाड़ सकता है। कामकाज में पहल करने का मन होगा, और यह सही भी है, लेकिन पहले पूरी बात समझ लेना जरूरी है। शाम के समय मन थोड़ा हल्का होगा, किसी दोस्त या अपने से बात करके अच्छा लगेगा। वृषभ राशि- आज आप अंदर से काफी संतुलित रहेंगे, भले बाहर हालात थोड़े उलझे हों। आपकी सबसे बड़ी ताकत आज धैर्य है। जो लोग जल्दबाजी कर रहे हैं, वे गलती करेंगे, और आप उन्हें देखकर सीख लेंगे। पैसों को लेकर सोच-विचार ज्यादा रहेगा। कोई पुराना खर्च या जिम्मेदारी याद आ सकती है। परिवार या किसी करीबी का साथ मन को सुकून देगा। आज कुछ भी जबरदस्ती न करें, चीजें अपने समय पर अपने आप सही होंगी। मिथुन राशि- आज दिमाग बहुत एक्टिव रहेगा। एक साथ कई बातें सोचोगे, कई काम करने का मन करेगा। बस ध्यान रहे कि अधूरा छोड़ने की आदत आज नुकसान न करा दे। बातचीत में आप प्रभावशाली रहेंगे, लेकिन शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। किसी से हल्की-सी गलतफहमी हो सकती है, जिसे समय रहते साफ करना बेहतर रहेगा। कर्क राशि- आज दिल थोड़ा भारी रह सकता है। कोई पुरानी बात, कोई पुराना रिश्ता या कोई अधूरी भावना सामने आ सकती है। इसका मतलब ये नहीं कि आप कमज़ोर हैं, बल्कि ये दिखाता है कि आप गहराई से महसूस करते हैं। घर-परिवार या किसी अपने का साथ आज बहुत राहत देगा। अपने मन की बात दबाने से बेहतर है किसी भरोसेमंद इंसान से शेयर करना। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास साफ झलकेगा। लोग आपकी ओर देखेंगे, आपकी बात सुनेंगे। बस ध्यान रखें कि यह आत्मविश्वास अहंकार में न बदले। काम में तारीफ या मान-सम्मान मिल सकता है। कोई जिम्मेदारी आपके कंधों पर आ सकती है, जिसे आप अच्छे से निभा भी लेंगे। रिश्तों में खुलकर बात करने से दूरी कम होगी। दिल से बोले, लेकिन सामने वाले की सुनना भी न भूलें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियां आपको भारी लग सकती हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि आप इन्हें निभाने में पूरी तरह सक्षम हो। काम में धैर्य रखें। मेहनत का फल तुरंत न दिखे, फिर भी रास्ता सही है। परिवार या वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। खुद को कम मत समझें। तुला राशि- आज आप हर चीज को ठीक-ठीक करना चाहेंगे, लेकिन परफेक्शन की चाह आपको थका सकती है। हर बात को सुधारने की ज़रूरत नहीं होती। कामकाज में बारीकियों पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा, लेकिन लोगों की छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना सीखें। सेहत और रूटीन पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है- देर रात और अनियमित खानपान से बचें। वृश्चिक राशि- आज सोच थोड़ी अलग चलेगी। आप वही बातें देख पाएंगे जो दूसरों को अभी नहीं दिख रहीं। दोस्त या टीम से सहयोग मिलेगा। बस जिद पर अड़े रहने से बचें। अपनी बात रखें, लेकिन दूसरों की बात भी सुनें। आज नए विचार भविष्य में बड़ा रूप ले सकते हैं। धनु राशि- आज मन संतुलन ढूंढेगा। किसी एक पक्ष को चुनना मुश्किल लग सकता है, लेकिन फैसला टालना भी सही नहीं। रिश्तों में आज नरमी और समझदारी बहुत काम आएगी। कोई आपकी राय चाहेगा, इसलिए बोलने से पहले सोचें। कला, संगीत या अपनी पसंद की किसी चीज में समय बिताने से मन हल्का और खुश रहेगा। मकर राशि- आज भीतर बहुत कुछ चल रहा होगा, लेकिन आप सब कुछ दिखाना नहीं चाहेंगे। यह ठीक भी है। काम में गहराई से ध्यान देंगे तो अच्छे नतीजे मिलेंगे। किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। शाम के समय थोड़ा अकेला समय या आत्मचिंतन आपको बेहतर महसूस कराएगा। कुंभ राशि- आज मन खुला-खुला रहेगा। कुछ नया सीखने, जानने या कहीं निकलने की इच्छा होगी। अगर अभी संभव न हो, तो कम से कम प्लान जरूर बनाएं। उम्मीद और पॉजिटिव सोच आपका साथ देगी, लेकिन जरूरत से ज्यादा वादे करने से बचें। जो कर सकें, वही कहें। किसी पुराने दोस्त से बातचीत मन खुश कर सकती है। मीन राशि- आज भावनाएं गहरी रहेंगी। किसी की बात जल्दी दिल को छू सकती है। मदद करने का मन करेगा, लेकिन याद रखें- हर किसी का बोझ आपको उठाने की जरूरत नहीं है। आज खुद के लिए भी समय निकालना जरूरी है। संगीत, ध्यान या शांति में बैठना आपको मानसिक रूप से मजबूत करेगा। अपने दिल की सुनें, लेकिन खुद को भूल न जाएं।

पाकिस्तान को दो टूक: आतंकवाद और जल साझा करना संभव नहीं— एस. जयशंकर

चेन्नई भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर तमिलनाडु के आईआईटी मद्रास में आयोजित फायरसाइड चैट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए चेन्नई पहुंचे। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने बांग्लादेश में उनके हालिया दौरे का जिक्र किया। एस जयशंकर खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से शामिल होने के लिए ढाका गए थे। इसे लेकर उन्होंने कहा कि अगर आपका कोई पड़ोसी आपके साथ अच्छा है और कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो आप उसके साथ संबंध आगे बढ़ाते हैं। वहीं उन्होंने पाकिस्तान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। भारत की पड़ोस नीति के बारे में एस. जयशंकर ने कहा, "मैं दो दिन पहले बांग्लादेश में था। हमें कई तरह से बहुत सारे पड़ोसी मिले हैं। अगर आपका कोई पड़ोसी अच्छा है या नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो आप स्वाभाविक रूप से उसके साथ संबंध बनाते हैं। भारत ऐसे पड़ोसी की मदद करता है, स्वाभाविक रूप से। हमारे ज्यादातर पड़ोसियों को वैक्सीन की पहली खेप भारत से मिली।" बांग्लादेश में इस साल फरवरी में चुनाव होने वाला है। इसे लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि हम बांग्लादेश को उनके चुनाव में शुभकामनाएं देते हैं, और हम उम्मीद करते हैं कि एक बार चीजें ठीक हो जाने पर, अच्छे पड़ोसी का रिश्ता जारी रहेगा। वहीं, उन्होंने यूक्रेन विवाद को लेकर कहा, "इस वजह से कई दिक्कतें थीं। हमने पड़ोसियों को खाने और दूसरी चीजों से मदद की। श्रीलंका में बहुत बड़ा आर्थिक संकट था, हमने चार बिलियन डॉलर की मदद की, अच्छे पड़ोसी यही करते हैं। श्रीलंका में एक तूफान आया, हम उसी दिन वहां पहुंचे और सभी बचाव कार्य किए।" पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए एस जयशंकर ने कहा, "हमें अपने लोगों को आतंकवादियों से बचाने का हक है। हम अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, करते हैं। लेकिन अगर आपके यहां दशकों से आतंकवाद है, तो आपके पास अच्छा पड़ोसी नहीं हो सकता। आप ऐसे किसी व्यक्ति के साथ अच्छे पड़ोसी वाले संबंध नहीं रख सकते और पानी साझा नहीं कर सकते जो आतंकवाद जारी रखे हुए है।"

ग्रहणों का साल 2026: चार ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल एक ही सूतक काल लागू

नई दिल्ली साल 2026 शुरू हो चुका है और इस साल खगोलशास्त्र के शौकीनों के लिए कुछ खास लेकर आया है। इस साल कुल चार ग्रहण होंगे, दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण, लेकिन ये चारों ग्रहण भारत में समान रूप से दिखाई नहीं देंगे। भारत में सिर्फ एक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। बाकी के तीन ग्रहण या तो हमारे देश से दिखाई नहीं देंगे या फिर इनका असर इतना कम होगा कि इसे देख पाना मुश्किल होगा। साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी को होगा। यह एक सूर्य ग्रहण है, जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण या 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है। इस ग्रहण में सूर्य का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा और यह लगभग 2 मिनट 20 सेकेंड तक रहेगा। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखेगा। भारत में यह दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा। इसके बाद 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा और यह भारत में पूरी तरह दिखाई देगा। यही वह ग्रहण है जिसे हम सीधे देख पाएंगे। यह चंद्र ग्रहण लगभग 58 मिनट तक रहेगा और इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा। इसे लोग ब्लड मून भी कहते हैं। खगोलशास्त्र के हिसाब से यह 2029 से पहले का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य होगा, यानी धार्मिक और पारंपरिक हिसाब से इसका महत्व भी रहेगा। तीसरा ग्रहण 29 जुलाई को लगेगा। यह भी सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन अफसोस की बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे देखने के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में रहना पड़ेगा। चूंकि भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा। साल का चौथा और आखिरी ग्रहण 28 अगस्त को होगा। यह दूसरा चंद्र ग्रहण है, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका भी सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। कुल मिलाकर साल 2026 में चार ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण ही दिखाई देगा।

गुप्ता सरकार की बड़ी सौगात: दिल्ली में EWS वर्ग के लिए इलाज की आय सीमा बढ़ी

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्लीवालों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की आमदनी सीमा को दोगुने से अधिक कर दिया है। अब 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वालों को इस कैटिगरी में रखा जाएगा। दिल्ली सरकार की ओर से इस आदेश का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अभी तक यह सीमा 2.20 लाख रुपये थी। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से 2 जनवरी को जारी किए गए आदेश में 2 सितंबर 2025 को हाई कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का भी हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया है कि चिह्नित अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के मरीजों के इलाजे के लिए आमदनी की सीमा को बदला गया है। आदेश में कहा गया है कि आमदनी की सीमा को 2 लाख 20 हजार सालाना से बढ़ाकर 5 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। सभी चिह्नित प्राइवेट हॉस्पिटलों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का अनुपालन कराने और ऐसा नहीं किए जाने को गंभीरता से लेने को कहा गया है। लाखों परिवार EWS दायरे में आएंगे आय सीमा में इस बदलाव से दिल्ली में लाखों परिवार को फायदा होगा। आय सीमा में बदलाव के प्रभाव को आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि अभी तक करीब 18 हजार मासिक आमदनी वालों को ही इसका लाभ मिलता था, जबकि अब 41 हजार औतम मासिक आदमनी वाले लोग भी इस कैटिगरी में आ जाएंगे।  

भारत को नीचा दिखाने वालों की सोच अधूरी है— दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के भव्य मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश, संस्कृति और भारतीयता पर बात की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई भारतीय नेता या व्यक्ति विदेश जाकर अपने ही देश के बारे में हल्के शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह दर्शाता है कि वह इस देश की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा नहीं है और उसने भारत को सही मायने में समझा ही नहीं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "अगर कोई अपने ही देश के लिए विदेश में जाकर नकारात्मक बातें करता है, तो इसका कोई औचित्य नहीं है।" दिल्ली शब्दोत्सव को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में किसी सरकारी मंच से ऐसा भव्य आयोजन पहले कभी नहीं हुआ। आज का भारत अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से एक साथ संवाद करता हुआ दिखाई दे रहा है। वैदिक काल से लेकर डिजिटल युग तक भारत ने जो ऐतिहासिक यात्रा तय की है, उसका साक्षी यह शब्दोत्सव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, "न झुका है, न झुकेगा, अमर था, अमर रहेगा मेरा भारत महान।" सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह का आयोजन होना खास मायने रखता है, क्योंकि यहां देश के कोने-कोने से लोग आकर जुड़ते हैं। यह जुड़ाव भविष्य की ओर बढ़ते भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जड़ें इतनी मजबूत रही हैं कि देश ने बार-बार खुद को खड़ा किया है। आज भी ऐसे आयोजनों की जरूरत है जो लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन सवालों का भी जवाब है जो हर भारतीय माता-पिता के मन में होते हैं कि आधुनिकता की राह पर चलते हुए अपने बच्चों को संस्कृति से कैसे जोड़े रखें। उनके अनुसार, शब्दोत्सव भारतीय विविधता का सजीव उदाहरण है। सीएम ने दिल्ली में मनाए जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार और पूर्वांचल का छठ पर्व दिल्ली में पूरे धूमधाम से मनाया गया। महाराष्ट्र का गणेश चतुर्थी उत्सव, गुजरात का डांडिया, कांवड़ यात्रा और दीपावली पर कर्तव्य पथ पर सवा लाख दीप जलाना, ये सभी कार्यक्रम दिल्ली की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 40 पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो साहित्य को मजबूत करने की दिशा में एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी अपने विचारों को नहीं छोड़ा और हमेशा विवेक का हाथ थामे रखा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह भारतीयता के पुनर्जागरण का काल है। भारत आज विश्व पटल पर एक उभरती हुई शक्ति के रूप में खड़ा है, जहां विकास के साथ-साथ विरासत को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन संस्कृति को छोड़े बिना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आयोजन पहली बार जरूर हो रहा है, लेकिन आखिरी बार नहीं। अगले वर्ष भी दिल्ली शब्दोत्सव को और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

नामांकन वापसी पर बगावत: नागपुर में BJP उम्मीदवार को समर्थकों ने ही घर में बंद किया

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख पर गहमागहमी देखने को मिली। इस बीच, नागपुर शहर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के एक उम्मीदवार के समर्थकों ने उन्हें घर में बंद कर दिया, ताकि वह अपना नॉमिनेशन वापस न ले सकें। भाजपा ने अपने एबी फॉर्म (नामांकन दाखिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज) में वार्ड 13 (D) से विजय होले और किशन गावंडे को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में पार्टी ने गावंडे से चुनावी मैदान से हटने को कहा।   इस फैसले से भाजपा कार्यकर्ताओं का एक वर्ग नाराज हो गया जो वार्ड 13 (D) के अंतर्गत आने वाले हजारीपहाड़ इलाके से प्रतिनिधित्व चाहता था। गावंडे के समर्थकों ने उन्हें घर में बंद कर दिया, ताकि वह निर्वाचन अधिकारी से मिलकर अपना नामांकन वापस न ले सकें। इस दौरान खूब नारेबाजी भी की गई। भाजपा के विधान परिषद सदस्य परिणय फुके और स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाया, जिसके बाद गावंडे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। भाजपा कार्यकर्ता किस बात पर नाराज किशन गावंडे ने कहा, 'इलाके के भाजपा कार्यकर्ता चाहते थे कि मैं चुनाव लड़ूं, इसलिए वे नाराज हो गए। हम पार्टी नेतृत्व के फैसले को समझते हैं और इसी वजह से मैंने नामांकन वापस ले लिया।' नागपुर महानगरपालिका समेत राज्य के 29 नगर निकायों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन की जाएगी। नागपुर नगर निगम में 151 सीट हैं। भाजपा 143 सीट पर चुनाव लड़ रही है जबकि शिवसेना 8 सीट पर चुनाव लड़ रही है। अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 90 से अधिक सीट पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस बिना किसी गठबंधन के सभी 151 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) 79 सीट पर चुनाव लड़ रही है।  

ED की बड़ी कार्रवाई: गुजरात के IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल गिरफ्तार, जानिए आरोप

गांधीनगर गुजरात के IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। ED की तरफ से हुई ये गिरफ्तारी रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। मामला 1500 करोड़ रुपये की जमीन घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है। शुक्रवार को ईडी की तीन टीमें गांधीनगर स्थित उनके आवास पर पहुंची और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।   इससे पहले भी हुई थी छापामारी इससे पहले भी टीम ने 20 और 21 दिसंबर को सुरेंद्रनगर जिले में छापामीरी की थी। तब कलेक्टर राजेंद्र पटेल के अलावा उनके पीए जयराजसिंह झाला, डिप्टी तहसीलदार चंद्रसिंह मोरी और क्लर्क मयूरसिंह गोहिल के घर छापा मारा था। मोरी के घर से 60 लाख से अधिक का कैश भी बरामद हुआ था, जो उसने अपने बेडरूम में छिपाकर रखा था। अधिकारी के पास मिली आय से अधिक संपत्ति राजेंद्र कुमार पटले गुजरात के अहमदाबाद जिले के रहने वाले हैं। वह 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सिविल सर्विस परीक्षा पास करने से पहले उन्होंने बीडीएस और पब्लिक पॉलिसी में एमए किया है। ईडी की जांच में पता चला है कि राजेंद्र पटेल के पास ज्ञात आय से कहीं ज्यादा की संपत्ति थी। उनके पास पांच करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियां पाई गई हैं। छीन ली गई थी कलेक्टर की कुर्सी पटेल पर पहले से जांच चल रही थी। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पटेल के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही थी। ईडी की छापामारी के बाद पटेल से कलेक्टर की कुर्सी छीन ली गई थी। वो सुरेंद्रनगर कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। फिलहाल उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में तैनात कर दिया गया था। बड़े पैमाने पर हो रहा था घोटाला अपनी जांच में, जांच एजेंसी ने पाया कि सुरेंद्रनगर कलेक्टर ऑफिस में सरकारी कर्मचारियों द्वारा सिस्टमैटिक एक्सटॉर्शन, मांग और गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करके बड़े पैमाने पर करप्शन और क्राइम से पैसे बनाए जा रहे थे। मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और एप्लीकेशन को जल्दी अप्रूवल देने के लिए एप्लीकेंट्स से रिश्वत ली। ED ने कहा था कि रिश्वत की रकम स्क्वायर मीटर के हिसाब से कैलकुलेट की गई थी।  

मंदिर में सम्मान मांगना मौलिक अधिकार नहीं, भगवान सर्वोपरि — किस केस में हाईकोर्ट का अहम फैसला

मद्रास मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि किसी भी मंदिर में किसी व्यक्ति को विशेष सम्मान मिलना कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि कोई व्यक्ति या संस्था इसे अपना कानूनी अधिकार नहीं मान सकती। इस दौरान हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए यह भी कहा कि मंदिर में पहला स्थान हमेशा भगवान का ही होता है और भगवान से ऊपर किसी को नहीं रखा जा सकता।   सुनवाई के दौरान जस्टिस एस एम सुब्रमण्यम और जस्टिस सी कुमारप्पन की बेंच ने श्रीरंगम श्रीमठ अंडवन आश्रमम की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए कहा कि भले ही मठों के प्रमुखों को सम्मान देने की परंपरा रही हो, लेकिन इसे कभी भी कानूनी अधिकार नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मंदिर में विशेष सम्मान नहीं मांगा जा सकता। क्या है मामला? यह मामला तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त (HR&CE) कानून, 1959 से जुड़ा है। इस मामले में दायर पहली याचिका में यह मांग की गई थी कि मंदिर की परंपराओं में सरकारी दखल ना दिया जाए। याचिका पर एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए था कि परंपरा के मुताबिक सिर्फ पांच मान्यता प्राप्त मठों, कांची कामकोटि पीठम, श्री अहोबिल मठ, श्री वनमामलाई मठ, श्री परकाल जीयर मठ और श्री व्यासराय मठ को ही मंदिर में विशेष सम्मान दिया जाता रहा है। इससे आगे किसी को सम्मान देना विवाद का कारण बन सकता है। इसके बाद श्रीरंगम श्रीमठ अंडवन आश्रमम ने अपील दायर कर कहा कि 1991 के बाद कई बार उसके मठ प्रमुख को भी सम्मान दिया गया, लेकिन बाद में बिना सुनवाई के यह परंपरा बंद कर दी गई। आश्रम की ओर से दलील दी गई कि उन्हें पहले मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया, जिससे वे अपनी बात नहीं रख सके। वहीं HR&CE डिपार्टमेंट ने कोर्ट को बताया कि तय परंपरा के अनुसार सिर्फ उन्हीं पांच मठों को सम्मान दिया जाता है और किसी भी बदलाव के लिए कानून के तहत औपचारिक फैसला जरूरी है। कोर्ट ने खारिज की अर्जी दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि 1991 के बाद कुछ मौकों पर अपीलकर्ता मठ को सम्मान मिला था, लेकिन सिर्फ इससे कोई कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। बेंच ने कहा कि मंदिर में सम्मान देने का मामला HR&CE एक्ट की धारा 63(e) के तहत सक्षम अधिकारी तय करेंगे। कोर्ट ने आश्रम को थोड़ी राहत देते हुए कहा कि वह चाहें तो HR&CE कानून के तहत संबंधित प्राधिकारी के पास अपनी शिकायत रख सकते हैं।