samacharsecretary.com

पंजाब में दृश्यता सिर्फ 30 मीटर, घने कोहरे के बीच सड़क हादसे; आज घर से निकलते समय सतर्क रहें

पटियाला  पंजाब में घने कोहरे की चादर छाई हुई है। इससे ठंड का कहर बढ़ा है और साथ ही दृश्यता भी प्रभावित रही। पटियाला में गुरुवार को दृश्यता मात्र 30 मीटर और अमृतसर व लुधियाना में 50-50 मीटर दर्ज की गई। पंजाब में दिन के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे लुधियाना व पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 26.8 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।   घने कोहरे की वजह से शुक्रवार सुबह जालंधर-चंडीगढ़ रोड पर बलाचौर में घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से एम्बुलेंस की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में एम्बुलेंस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मिली जानकारी के अनुसार एम्बुलेंस ड्राइवर मरीज को लेकर जा रहा था, इस दौरान यह हादसा हो गया। जिसके बाद घटनास्थल पर दूसरी एम्बुलेंस को बुलाकर मरीज को उसमें शिफ्ट किया गया और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई, जहां राहगीरों की मदद से एम्बुलेंस को सड़क से किनारे करवाया गया। पुलिस ने बताया कि घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिसके कारण यह हादसा हुआ है। अमृतसर के अजनाला में धुंध की वजह से सिविल अस्पताल के पास एक स्कूल वैन और ऑल्टो कार में टक्कर हो गई। कार वाला बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जा रहा था। इससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे कार में बैठे बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद स्कूल वैन चालक धुंध का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों हादसाग्रस्त गाड़ियों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। कार मालिक ने आरोप लगाया कि स्कूल वैन का ड्राइवर शराब के नशे में था। उन्होंने स्कूलों में तत्काल छुट्टियां घोषित करने की मांग की। हालांकि सरकार 21 से 31 दिसंबर तक छुटिट्यों की घोषणा कर चुकी है। मोगा में फिरोजपुर मेन रोड पर सरकारी गैस्ट हाउस के सामने कॉलेज बस ने पैदल जाते व्यक्ति को कुचल दिया। बस मोगा से फिरोजपुर साइड जा रही थी जबकि व्यक्ति साइड पर चल रहा था। धुंध की वजह से बस ड्राइवर को वह नजर नहीं आया। बस के कुचलने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। धुंध की वजह से चंडीगढ़ एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 5 फ्लाइटें डिले हो गई हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइटें शामिल हैं। वहीं जालंधर में देर रात घने कोहरे की वजह से कार अधूरे पुल के लिए खोदे गड्‌ढे में गिर गई। जिससे कार पूरी तरह से टूट गई। ड्राइवर को भी चोटें लगी हैं। पुलिस के मुताबिक यहां पुल के निर्माण के लिए गड्ढे खोदे गए हैं लेकिन रेडियम टेप नहीं लगाई गई है। कार हिमाचल नंबर है और जालंधर कैंट जा रही थी। चंडीगढ़ में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मानवाधिकार आयोग ने सुओ मोटो लिया है। आयोग ने बढ़ते AQI पर प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। मौसम विभाग ने कल के लिए भी घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। परसों (20 दिसंबर) से 3 दिन बारिश की संभावना है। कल नवांशहर राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां मिनिमम टेंपरेचर 6.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। घने कोहरे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने आज और कल बेहद घने कोहरे की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक शनिवार से हल्की बरसात हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में पारा गिरेगा और ठंड का कहर बढ़ेगा। हालांकि पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। सबसे कम 6.9 डिग्री का न्यूनतम पारा एसबीएस नगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 9.1 डिग्री, लुधियाना का 9.8 डिग्री, पटियाला का 10.4 डिग्री, पठानकोट का 10.0 डिग्री, बठिंडा का 8.6 डिग्री व फरीदकोट का 7.0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री, लुधियाना का 16.8 डिग्री (सामान्य से 4.2 डिग्री नीचे ), पटियाला का 19.2 डिग्री (सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे), पठानकोट का 20.8 डिग्री, बठिंडा का 24.0 डिग्री, गुरदासपुर का 21.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 20.2 डिग्री दर्ज किया गया। दुबई की उड़ान पांच घंटे लेट, शिमला व कोलकाता की उड़ान रद्द कोहरे के कारण अमृतसर के श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई उड़ान 5 घंटे की देरी से उतरी जिसमें यह उड़ान सुबह 1:00 बजे की बजाय 5:55 पर आई। इसी तरह से स्पाइसजेट की सुबह 7:50 वाली दुबई उड़ान 11.34 पर आई। वहीं 9.45 बजे आने वाली शिमला उड़ान, इंडिगो की दोपहर 12.25 बजे वाली कोलकाता उड़ान रद्द रही। इसकी वजह से जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुईं। 

AAP वर्करों पर फायरिंग का मामला, लुधियाना में 18 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज

लुधियाना लुधियाना के बचितर नगर इलाके में ब्लाक समिति चुनाव में हुई जीत का जश्न मना रहे आप वर्करों पर कांग्रेसियों द्वारा चलाई गई गोलियों के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में महिला कांग्रेसी पंच सहित पूर्व सरपंच को भी पुलिस ने नामजद किया है। पुलिस ने इस गोलीकांड में अज्ञात सहित 18 के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।  पुलिस ने यह मामले बचित नगर के रहने वाले प्रवीण कुमार की शिकायत पर पूर्व सरपंच जसबीर सिंह, अजय वीर सिंह, उदयवीर सिंह, निंदा सरपंच, तजिंदर सिंह उर्फ लाडी, पूजा पंच और हरपाल सिंह बब्बू के साथ साथ अज्ञात पर दर्ज किए हैं।  सूत्रों की माने तो पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन अभी खुलासा नहीं किया है कि किन तीन लोगों को काबू किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापामारी करने में जुटी है। उधर, गोली लगने से घायल हुए लोगों को देर रात सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कुछ अब भी अस्पताल में दाखिल है।  प्रवीण कुमार द्वारा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक जीत के बाद पार्टी वर्कर धन्यवाद रैली निकाल रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने अपने एरिया में रैली नहीं आने दी। इसे लेकर बहसबाजी शुरू हो गई। जिसके बाद आरोपियों ने मारपीट की और सीधी गोलियां चलाई। इस गोलीकांड में पांच लोग घायल हो गए। जिन्हें तुरत इलाज के लिए अस्पताल दाखिल कराया गया। जबकि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें आप वर्कर कांग्रेसियों को धमका भी रहे है और ललकारें मार कर चेतावनी दे रहे है। दोनों वर्करों के हाथ में तेजधार हथियार पकड़े हुए है। जिसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से मारपीट हुई और पत्थरबाजी शुरु हो गई। इस दौरान महिला अपने साथियों को रोक रही है और पूर्व सरपंच जसबीर सिंह ने सीधी गोलियां चलानी शुरु कर दी। जो पांच लोगों की टांगों पर जा लगी। जिससे सभी घायल हो गए।  गोलीकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल बचितर नगर इलाके में हुए गोलीकांड के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है। देर रात को भी एरिया में पुलिस का सख्त पहरा रहा और पुलिस की टीमें गश्त करती रही। शुक्रवार सुबह भी पुलिस ने इलाके में गश्त की और टीमें अलग अलग एंगलों से जांच करने में जुटी रही। पुलिस ने इलाके के कुछ लोगों से भी पूछताछ की है और उनके बयान नोट किए है। बाकी पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कांग्रेस नेता को AAP नेता चैलेंज देते वीडियो में दिखे AAP ने झड़प के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, इस झड़प और फायरिंग का वीडियो सामने आया है। जिसमें एक घर के बाहर गुट के साथ कांग्रेस नेता को AAP के वर्कर चैलेंज देते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद उनमें बहस हुई और पहले पथराव और बाद में फायरिंग हुई। इस घटना से गुस्साए AAP के वर्करों ने लुधियाना-मलेरकोटला रोड पर मराडो पुलिस चौकी के पास बीती रात जाम लगा दिया था। AAP से ब्लॉक समिति चुनाव जीते सुखमीत सिंह खन्ना ने कहा था कि मैंने जसदेव नगर से चुनाव जीता। कांग्रेस के गुंडों को यह बात हजम नहीं हुई। इस सीट के लिए राजा वड़िंग उसका परिवार, कुलदीप वैद, उसका परिवार और बैंस ब्रदर्स, सभी ने जोर लगाया, फिर भी वह हार गए। अब सीधी गोलियां चला रहे। हिंसक झड़प के वीडियो में क्या दिख रहा… 1.57 मिनट के वीडियो में दिख रहा है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के वर्कर एक दूसरे को ललकार रहे हैं। आम आदमी पार्टी के वर्करों में सबसे आगे हाथ में तलवार लिए निहंग सिंह के बाणे में एक व्यक्ति है। लगातार दोनों गुट एक-दूसरे को धमकियां देते हुए नजर आ रहे है। दोनों गुटों के लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर और डंडे नजर आ रहे है। दोनों गुट एक दूसरे को गालियां देने लगे। जब AAP के समर्थक करीब पहुंचे तो सबसे पहले ईंटें कांग्रेस की वर्करों की तरफ से चलाई गई। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के वर्करों ने भी ईंटें बरसाई। आप वर्करों ने कांग्रसियों को ईंटें मार कर खदेड़ा। तभी अचानक से गोलियां चलने की आवाज आने लगी। क्रीम रंग की जैकेट पहने व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी के वर्करों पर सीधे गोलियां चलाई। फायरिंग कर रहे व्यक्ति की वीडियोग्राफी आप वर्करों ने की। गोलीबारी में अचानक एक गोली बुजुर्ग गुरमुख सिंह के लगी जो जमीन पर गिर गया। जो गोली चला रहा, उसे कांग्रेस नेता जसबीर सिंह बताया जा रहा है। गोली बुजुर्ग को लगने के बाद एक महिला उसे खींचते हुए कहीं ले जाती नजर आई। इस वीडियो में 3 से 4 बार फायरिंग की आवाज सुनी गई।

फर्जी प्रमोशन मामले में IAS संतोष वर्मा से जुड़ी टाइपिस्ट पर कार्रवाई, गिरफ्तारी हुई

 इंदौर मध्य प्रदेश के आईएएस अफसर संतोष वर्मा के फर्जी प्रमोशन घोटाले ने अब न्यायपालिका की दीवारों के भीतर छिपे खेल को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गुरुवार को पुलिस ने अदालत के ही एक कर्मचारी कोर्ट टाइपिस्ट नीतू सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था, वहीं अचानक फर्जीवाड़े की कड़ी साबित हुई और सीधे हथकड़ी पहनाकर अदालत में पेश कर दिया गया। कोर्ट ने नीतू सिंह चौहान को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है ताकि फर्जी आदेशों की फैक्ट्री का पूरा सच उगलवाया जा सके। पुलिस का दावा है कि नीतू पर तत्कालीन स्पेशल जज विजय रावत की अदालत के नाम से फर्जी आदेश तैयार करने का गंभीर आरोप है। यानी न्याय की मुहर लगने से पहले ही आदेश टाइपिंग टेबल पर गढ़ दिए गए। इस गिरफ्तारी के दौरान कोर्ट परिसर में हंगामा भी मचा, वकीलों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस अपने इरादों पर अडिग रही। साफ संदेश था कि अब इस फर्जीवाड़े पर पर्दा नहीं पड़ेगा। एसीपी कोतवाली विनोद दीक्षित के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन आदेशों के आधार पर आईएएस संतोष वर्मा ने प्रमोशन हासिल किया, उनकी मूल प्रति आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है। अदालत के रिकॉर्ड में ऐसे किसी आदेश का नामोनिशान तक नहीं है। अब पुलिस ने कोर्ट टाइपिस्ट के घर की तलाशी के लिए अनुमति मांगी है, ताकि कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, ड्राफ्ट और दस्तावेजों से फर्जी आदेशों की पूरी कहानी निकाली जा सके। पूरा मामला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि संतोष वर्मा ने दो अलग-अलग अदालतों के नाम से दो फर्जी आदेश पेश किए। एक आदेश में दावा किया गया कि प्रकरण समझौते से खत्म हो चुका है, जबकि दूसरे आदेश में खुद को पूरी तरह दोषमुक्त और बरी साबित करने की कोशिश की गई। लेकिन जब इन आदेशों की जांच हुई तो अदालत के रजिस्टर में ऐसा कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला। यानी कागजों पर प्रमोशन, हकीकत में कानून के साथ खुला खेल। इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े में पहले ही तत्कालीन स्पेशल जज विजय रावत को जमानत मिल चुकी है, वहीं संतोष वर्मा भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। लेकिन अब कोर्ट टाइपिस्ट की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि जांच की आंच तेज होने वाली है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे रिमांड में पूछताछ आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस घोटाले में शामिल अन्य किरदारों के नाम भी सामने आ सकते हैं। न्यायालय के भीतर रचे गए इस अपराध ने सिस्टम की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस इस फर्जी प्रमोशन कांड की जड़ों तक पहुंच पाती है या फिर कोई और बड़ा नाम इस खेल को दबाने की कोशिश करेगा। फिलहाल, कोर्ट की टाइपिंग मशीन से निकले फर्जी आदेश पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। 

छत्तीसगढ़ के तीन जिले औषधीय एवं सुगंधित पौधों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित, मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड प्राप्त

रायपुर : औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड रायपुर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मार्गदर्शन में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिले धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवाचार आधारित कृषि विकास पर मिली इस अवार्ड के लिए तीनों जिले के साथ प्रदेश के विभिन्न कृषि क्षेत्र के विकास में योगदान देने वालों को बधाई दी है l  भारतीय कृषि का “ऑस्कर” अवार्ड         कृषि जागरण संस्था एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संयुक्त तत्वाधान में 7 से 9 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवॉर्ड को भारतीय कृषि का “ऑस्कर” भी कहा जाता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवार्ड के लिए तीनों जिलों को दी बधाई             वन मंत्री केदार कश्यप ने तीनों जिलों को बधाई देते हुए कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से आदिवासी अंचलों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह उपलब्धि राज्य के किसानों और महिला समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने नवाचार आधारित कृषि विकास से मिली इस उपलब्धि पर बधाई दी है            छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं किसानों और महिला स्व- सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बना रही हैं। भविष्य में भी औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण को और विस्तार दिया जाएगा। औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा स्टॉल के माध्यम से राज्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वैद्यों ने जड़ी-बूटियों के माध्यम से देश-विदेश से आए लोगों को पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी और परामर्श प्रदान किया। बोर्ड का स्टॉल कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा।  “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए मिला सम्मान         बोर्ड के सहयोग से धमतरी, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों में लेमनग्रास, खस सहित अन्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। इससे स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों एवं किसानों की आजीविका को मजबूती मिली है। इन सफल प्रयासों के लिए तीनों जिलों को “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया           समापन सत्र में 9 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया गया। मुंगेली जिले की ओर से वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार तथा धमतरी एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की ओर से जिला कलेक्टरों के प्रतिनिधियों ने यह सम्मान ग्रहण किया।          कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार सारस्वत सदस्य, नीति आयोग, और डॉ. एमएल जाट  महानिदेशक, ICAR ने किया। उनके साथ सम्मानित अतिथि डॉ. राजबीर सिंह डीडीजी कृषि विस्तार, ICAR, और डॉ. एसके मल्होत्रा कुलपति, MHU, करनाल उपस्थित रहे । उद्घाटन सत्र में कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें जेएसीएस राव सीईओ, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड डॉ. ओमवीर सिंह सलाहकार, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड और NDDB; कमल सोमानी, एमडी, सोमानी सीड्स, डॉ. सीके टिंबाडिया कुलपति, GNFOAU डॉ. ए.के. यादव सलाहकार, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय; बीजू अल्बिन कृषि विज्ञानी, दुबई के शासक का निजी कार्यालय; पूर्व एमसी डोमिनिक संस्थापक और प्रधान संपादक, कृषि जागरण; श्रीमती शाइनी डोमिनिक प्रबंध निदेशक, कृषि जागरण और श्रीमती ममता जैन, संपादक और सीईओ कृषि जागरण और एग्रीकल्चर वर्ल्ड शामिल थे।                 यह आयोजन देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों का बड़ा मंच बना, जिसने नवाचार आधारित कृषि विकास को नई दिशा दी।

समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कर रहे हैं प्रयास : प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया

नीमच में कुपोषण मुक्ति की दिशा में प्रभावी पहल, प्रभारी मंत्री ने 50 बच्चों को वितरित किए न्यूट्री बास्केट समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कर रहे हैं प्रयास : प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया नीमच में कुपोषण मुक्ति की ओर मजबूत कदम, प्रभारी मंत्री ने 50 बच्चों को न्यूट्री बास्केट वितरित किए भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा है कि नीमच जिले के समग्र विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिल-जुलकर निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कुपोषण के निवारण के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है और इसी दिशा में प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभावी नवाचार किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शासन की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और समाज में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़े। प्रभारी मंत्री सुभूरिया गुरुवार को टाउनहॉल, नीमच में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जीएसटी बचत सम्मेलन एवं न्यूट्री बास्केट वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा 50 बच्चों एवं उनकी माताओं को पोषण युक्त न्यूट्री बास्केट वितरित की गई। इस अवसर पर जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चौपड़ा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शारदाबाई धनगर, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री सुभूरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि कुपोषण का अमीरी या गरीबी से कोई सीधा संबंध नहीं है। बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार मिले, इसके लिए माताओं और बहनों को जागरूक होना होगा। उन्होंने नीमच जिले में सेम और मेम श्रेणी के बच्चों को न्यूट्री बास्केट उपलब्ध कराने के नवाचार की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम में समाज के सभी वर्गों से सहभागी बनने का आह्वान किया तथा महिलाओं की बचत और आत्मनिर्भरता की भावना की प्रशंसा की। कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में दी गई राहत से आम परिवारों को आर्थिक लाभ मिला है और आयकर एवं जीएसटी में छूट से लोगों की बचत बढ़ी है। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में प्रदेश की दिशा और दशा बदली है तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिला है। विधायक अनिरुद्ध मारू ने बाल विवाह को सामाजिक अपराध बताते हुए इसके उन्मूलन में सभी से सहयोग की अपील की और महिलाओं से हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जीएसटी का सर्वाधिक लाभ प्रदान करने वाले नितेश जैन, सचिन जोशी एवं ललित पंवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हंसा माली, श्रीमती रेखा टेलर एवं श्रीमती पूजा माली को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा 6 पोषण मित्रों को भी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। पंख अभियान के तहत चड़ोली निवासी अर्जुन रामसिंह को किराना व्यवसाय के लिए 1.80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति पत्र तथा जमुनिया कलां निवासी किशन पिता राजू भील को स्वरोजगार हेतु 14.42 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। जीएसटी के सहायक आयुक्त राजीव परिहार ने स्वागत उद्बोधन दिया, कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश पाटीदार ने किया तथा अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुअंकिता पंड्या ने आभार व्यक्त किया।  

मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह

क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से संभव- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस की बीमारी को हमने खत्म करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया- मुख्यमंत्री  एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री      लखनऊ:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में बोलते हुए कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से कर सकते हैं। छोटे बच्चे भी क्रोनिक किडनी डिजीज की चपेट में हैं, जिनको बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह मुख्यमंत्री ने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के खत्म करके एक उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है।  प्रदेश के अस्पतालों में धन की कमी नहीं, विश्वस्तरीय सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई अपनी स्थापना के समय से ही मानवता की सेवा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित था। अस्पतालों को धन की कमी से जूझना पड़ता था। हॉस्पिटल गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन गए थे। 2017 के बाद हमने एसजीपीजीआई समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल को धन की कमी नहीं होने दी है। उत्तर प्रदेश में 1947 से लेकर 2017 तक केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब प्रदेश में 80 मेडिकल 25 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं।  कोरोना काल अस्पतालों ने करोड़ों मरीजों को बचाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में एसजीपीजीआई समेत सरकारी अस्पतालों की उत्कृष्ट सेवा को याद करते हुए कहा कि हमने संकट की घड़ी में कुशलता से काम किया था। उस समय तकनीक को चिकित्सा सेवा से जोड़ते हुए टेलीमेडिसिन का सहारा लेकर कोराना मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अकेले एक वर्ष में प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। आज आयुष्मान भारत के अंतर्गत साढ़े 5 करोड़ गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।  नागरिकों की सेहत के लिए सरकार गंभीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। हमारे पास अस्पतालों को वित्तीय सहायता करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है। हमने हर जिले के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था की है। हम नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं करने वाले हैं। हमारी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाती रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 34 जनपदों में नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है। हम खेती में उर्वरक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रह हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में 2017 से पहले इंसेप्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी लेकिन हमने 2017 में सरकार बनने के बाद 2 साल में इस बीमारी को खत्म कर दिया।  चार दिवसीय कार्यशाला में किडनी रोग के इलाज पर चर्चा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान 18 से 21 दिसंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ISNCON-2025 में किडनी रोगों के आधुनिक उपचार, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक विमर्श किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर राधाकृष्ण धीमन भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के आयोजक सचिव प्रोफेसर नारायण प्रसाद ने बताया कि इस कार्यशाला में यूरोप, अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, से भी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान खरीद की रफ्तार और तेज करने के दिए निर्देश

धान खरीद में नया रिकॉर्ड: 4 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 25 लाख मीट्रिक टन धान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान खरीद की रफ्तार और तेज करने के दिए निर्देश 4743 क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद, डीबीटी से सीधे किसानों के खातों में भुगतान लखनऊ योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 में धान खरीद के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में गुरुवार तक चार लाख से अधिक किसानों से लगभग 25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीद की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि एक भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे। प्रदेश में धान खरीद के लिए अब तक 8,67,232 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें से 18 दिसंबर तक 4,08,740 किसानों से धान की खरीद पूरी हो चुकी है और उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। 4743 धान क्रय केंद्र पर पारदर्शी खरीद योगी सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में 4743 धान क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर तौल, भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। तौल और भुगतान में कोई देरी न की जाए और सभी केंद्र तय मानकों के अनुसार संचालित हों। योगी सरकार का किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर विशेष जोर धान खरीद अभियान के जरिए योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है अन्नदाता किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना। एक ओर सरकार धान की निर्बाध खरीद कर रही है, तो दूसरी ओर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है।

समुद्र की गहराई से घातक हमला: SLBM की प्रचंड स्पीड और विनाशक क्षमता

नई दिल्ली भारत की सीमा पर एक तरफ चीन तो दूसरी तरफ पाकिस्‍तान स्थित है. पूरी दुनिया इन दोनों देशों की करतूत से वाकिफ है. पाकिस्‍तान आतंकवादियों के लिए ऐशगाह है तो चीन की विस्‍तार और हड़प नीति के बारे में हर कोई जानता है. पाक‍िस्‍तान की दशकों से एक ही नीति है- आतंकवादियों के जरिये भारत को अस्थिर किया जाए. हालांकि, अब वक्‍त और हालात दोनों बदल चुके हैं. भारत किसी भी तरह के आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने का ऐलान कर चुका है. पहलगाम अटैक के बाद इंडियन आर्म्‍ड फोर्सेज की ओर से लॉन्‍च ऑपरेशन सिंदूर इसका जीता जागता उदाहरण है. सैन्‍य ऑपरेशन के बाद भारत ने अपनी सुरक्षा व्‍यवस्‍था और पुख्‍ता एवं मजबूत करने की मुहिम शुरू कर दी है. आर्मी के साथ ही एयरफोर्स और नेवी तक को अपग्रेड किया जा रहा है. नेवी की म्‍यान में एक ऐसा वेपन है, जो पलक झपकते ही दुश्‍मनों का खात्‍मा करने में सक्षम है. रेंज और रफ्तार के मामले में इस मिसाइल का कोई सानी नहीं है. सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ‘पाताल लोक’ से टारगेट पर फायर किया जा सकता है. मतलब यह कि इस अल्‍ट्रा मॉडर्न बैलिस्टिक मिसाइल को सबमरीन (पनडुब्‍बी) से दागा जा सकता है. इस तकनीक के साथ ही भारत उन बिरले देशों की लिस्‍ट में शामिल हो गया है, जिसके पास जल-थल और नभ से फायर की जाने वाली मिसाइल टेक्‍नोलॉजी है. बात हो रही है इंडियन नेवी की महारथी मिसाइल K-4 की. इसे सबमरीन से लॉन्‍च किया जा सकता है. इस वजह से इसे सबमरीन लॉन्‍च्‍ड बैलिस्टिक मिसाइल (submarine-launched ballistic missile-SLBM) कहा जाता है. पानी के अंदर से ही टारगेट को लॉक कर उसे तबाह किया जा सकता है. बता दें कि K-4 मिसाइल का विशाखापत्तनम तट के पास पनडुब्बी INS अरिघात से परीक्षण किया गया था. अफसरों ने बताया कि यह किसी पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) का पनडुब्बी से किया गया पहला परीक्षण था. सॉलिड फ्यूल से चलने वाली इस मिसाइल का पिछले कुछ वर्षों में पानी के भीतर से दागे जाने वाले प्लेटफॉर्म से कम से कम पांच बार ट्रायल किया जा चुका है. मिसाइल का परीक्षण लगभग उसकी पूरी मारक क्षमता तक किया गया. अरिहंत कैटेगरी की दूसरी पनडुब्बी INS अरिघात को भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से 29 अगस्त को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था. K-4 SLBM या ब्रह्मोस…कौन है महाबली K-4 SLBM या ब्रह्मोस…कौन है महाबली K-4 SLBM ब्रह्मोस मिसाइल स्‍पीड: कम से कम 6200 KMPH स्‍पीड: 3700 KMPH रेंज: 3500 किलोमीटर रेंज: 450, 800 और 1500 किलोमीटर कैटेगरी: बैलिस्‍टिक मिसाइल कैटेगरी: क्रूज मिसाइल सबमरीन से लॉन्‍च करने योग्‍य समंदर, हवा और सतह से मार करने में सक्षम हाइपरसोनिक कैटेगरी वाली रफ्तार सुपरसोनिक कैटेगरी वाली रफ्तार ब्रह्मोस मिसाइल से ज्‍यादा रेंज K-4 SLBM मारक क्षमता का पता इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उसकी रेंज ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की मौजूदा वर्जन की मारक क्षमता से सात गुना ज्‍यादा है. फिलहाल ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज 450 से 500 किलोमीटर है. खबरों की मानें तो भारत ने ब्रह्मोस के नए वैरिएंट का परीक्षण किया है, जिसकी रेंज 800 किलोमीटर है. बताया जा रहा है कि ब्रह्मोस मिसाइल के एक और वर्जन पर काम चल रहा है, जिसके बाद इसकी रेंज 1500 किलोमीटर तक हो जाएगी. 800 किलोमीटर मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल को विभिन्‍न मोर्चों पर तैनात भी किया जा रहा है. दूसरी तरफ, K-4 SLBM मिसाइल 3500 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है. यह बैलिस्टिक मिसाइल परमाणु आयुध ले जाने में भी कैपेबल है. इस तरह फिलहाल K-4 SLBM पाकिस्‍तान को घुटनों पर लाने वाली ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से ज्‍यादा रेंज तक मार करने में सक्षम है. K-4 SLBM: रफ्तार का सौदागर सबमरीन से मार करने में सक्षम K-4 SLBM हाइपरसोनिक रफ्तार से टारगेट की ओर मूव करने में कैपेबल है. हालांकि, K-4 SLBM की स्‍पीड के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, पर माना जा रहा है कि यह मैक 5 या उससे ज्‍यादा की रफ्तार से मूव करने में सक्षम है. इसका मतलब यह हुआ कि K-4 SLBM कम से कम 6200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दुश्‍मन पर अटैक कर सकती है. दूसरी तरफ, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल अधिकतम मैक 3 यानी 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अटैक कर सकती है. इस तरह K-4 SLBM ब्रह्मोस से रफ्तार के मामले में भी बीस है. K-4 SLBM को इंडियन नेवी की तरकश में एक अचूक ‘ब्रह्मास्‍त्र’ माना जाता है, जो पलक झपकते ही दुश्‍मनों का सीना छलनी कर उसे घुटनों पर लाने में सक्षम है.      

मध्य प्रदेश में 34 अवैध कॉलोनियों पर काम ठहरा, नागरिक सुविधाओं का विकास रुकावट में

भोपाल  भोपाल जिले में अवैध कॉलोनियों को रोकने और इनमें विकास कार्य करवाने के लिए करीब एक साल पहले अधिग्रहण योजना बनाई गई थी। जिसको लेकर करीब 34 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित किया गया था, जिनका अधिग्रहण कर उनमें बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाओं सहित अन्य विकास कार्य किए जाने थे। यह कार्य एसडीएम और जिला पंचायत को सौंपा गया था लेकिन कारवाई के नाम पर सिर्फ 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस थमाए गए थे लेकिन इससे आगे कुछ नहीं हो सका है। नतीजतन एक साल में शहरी सीमा और उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमाफिया और जमीन मालिकों ने मिलकर अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बेच दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार शहर में विकसित हुई अवैध कॉलोनियों में लोगों को सुविधाओं के नाम पर प्लाट बेचे गए हैं, लेकिन बाद में वह ठगा महसूस कर रहे हैं। इससे उन्होंने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से शिकायत की थी, जिससे कलेक्टर ने एक साल पहले निर्देश दिए थे कि कॉलोनी विकास नियम-2021 के तहत अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर उनका अधिग्रहण किया जाए। 50 से ज्यादा कॉलोनाइजरों को नोटिस दिए गए थे इसके बाद जिला प्रशासन ने पहली बार कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस थमा दिए थे, जिसमें से कुछ ही दस्तावेज पेश करवाए थे, जबकि बाकि नहीं दे पाए थे। ऐसे में 34 के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करवाई गई थी। इन 34 अवैध कॉलोनियों को अधिग्रहण कर इनमें विकास कार्य करना थे, लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मिलीभगत से बहाल कर दी गईं अवैध कालोनियां सूत्रों के अनुसार अवैध कॉलोनियों के विकास की योजना को निचले स्तर के अधिकारियों ने मिलकर पलीता लगाया है। इनको अधिग्रहण करने की जगह भूमाफिया और जमीन मालिकों से साठगांठ कर बहाल कर दिया गया। जिससे इन कॉलोनियों में रोक के बाद भी प्लाट बेचे गए और रजिस्ट्री तक हुई। इनमें ग्राम कुराना की 13, छावनी पठार की छह, सिंकदराबाद, पिपलिया बेरखेड़ी और थुआखेड़ा की दो-दो, सुरैया नगर, कालापानी, कोटरा, सेवनिया ओंकारा, कान्हासैया, अरेड़ी, कोलुआखुर्द, शोभापुर जहेज और खंडाबड़ की एक-एक कालोनी शामिल थीं। यह बनाई थी योजना, अमल होता तो मिलता लाभ कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन ने जो अधिग्रहण योजना बनाई थी। जिसके तहत अवैध कॉलोनियों को प्रशासन, जिला पंचायत के अधिकारी कॉलोनी को अपने संरक्षण में लेकर बचे हुए प्लाट को बेचकर उनसे होने वाली आय से बिजली, पानी, सड़क, नाली और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं। इन कालोनियों में एक प्रशासक नियुक्त किया जाना था ओर ले आउट बनवाने से लेकर टीएंडसीपी से अप्रूव करने सहित सभी जरूरी अनुमतियां ली जानी थीं। अधिग्रहण की योजना बनी हुई है भोपाल जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की गई हैं। जिन कॉलोनियों में विकास नहीं हुआ है, उनको अधिग्रहण की योजना बनी हुई है। जिस पर आने वाले समय में काम किया जाएगा, जिससे यहां बचे हुए प्लाट को बेचकर इनमें विकासकार्य और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

उज्जैन में सामूहिक हनुमान चालीसा: धीरेन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में 1.5 लाख पाठ का आयोजन

उज्जैन उज्जैन शहर में सीताराम आगामी 20 दिसंबर को उज्जैन में श्री बागेश्वर धाम पीठ श्री गुरुदेव धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा सनातन धर्म के नए आगम और नए रिकॉर्ड के साथ एक साथ डेढ़ लाख जन एक साथ हनुमान चालीसा पाठ का रिकॉर्ड बनाने को तैयार है मुख्य अतिथि आदरणीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के संरक्षक में इंजीनियरिंग कॉलेज सुबह 9 बजे से से इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। जिसमें बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद अनिल फिरोजिया, अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी सहित अनेक संत, महंत, महामंडलेश्वर, शिक्षाविद, चिकित्सक और विभिन्न समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। मंदिरों के ध्वजों की महाआरती होगी सोशल वेलफेयर सोसाइटी ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी शर्मा एवं आयोजन समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चावड़ा ने बताया कि इस अवसर पर 1008 हनुमान मंदिरों के ध्वजों की महाआरती भी की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीराम धुन से होगी, जिसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ संपन्न कराया जाएगा। आयोजन में प्रमुख मार्गदर्शन पूर्व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी भावना जोशी तथा पुणे (महाराष्ट्र) से श्रीराम धुन प्रस्तुति दल का रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल डोम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देगा।