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रायपुर में मुख्यमंत्री से मिले CAIT प्रतिनिधि, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया निमंत्रण

रायपुर : मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यातायात में क्रांति: MP में 460 करोड़ से 7 ब्रिज-बायपास का निर्माण, जाम होगा खत्म

मुरैना  मुरैना शहर सहित अंबाह, पोरसा कस्बों में भारी यातायात और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए 460 करोड़ रुपए की लागत से 7 पुल और 27 किमी लंबे तीन बायपास एनएचएआई बनवा रही है। मुरैना-भिंड राष्ट्रीय राजमार्ग (Morena-Bhind Highway NH-552) पर निर्माणाधीन 6.6 किमी लंबे अंबाह बायपास का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बायपास के चालू होते ही भारी वाहनो का बड़ा हिस्सा शहर में प्रवेश किए बिना बाहर से ही गुजर जाएगा, जिससे बाजार, स्कूल-कॉलेज क्षेत्र और प्रमुख चौराहों पर जाम व दुर्घटनाओ में कमी आएगी। (mp news) ट्रैफिक दबाव घटेगा लोनिवि के अनुसार निर्माण कार्य निर्धारित समय से तेज गति से चल रहा है और लक्ष्य रखा गया है कि अगस्त-सितंबर 2026 तक बायपास को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाए। शहरवासी इसे सुरक्षित आवागमन और विकास की दिशा में एक अहम उपलब्धि मान रहे है। बायपास शुरू होने से शहरों में ट्रैफिक दबाव घटेगा और आमजन को सुगम आवागमन मिलेगा।   संरचना लगभग तैयार, फिनिशिंग कार्य जारी बायपास निर्माण का ढांचा अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। मिट्टी भराई, लेवलिंग, सबग्रेड, जीएसबी और डीबीएम की अधिकांश परते तैयार हो चुकी है। कई स्थानों पर पुलिया और कलवर्ट बनकर तैयार है। डायवर्सन पर खतरे, 90 डिग्री मोड़ बने चिंता एक ओर बायपास निर्माण (Bypaas Road) से राहत की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर निर्माणाधीन पुलों के नीचे बनाए गए डायवर्सन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। कई स्थानों पर डायवर्सन 90 डिग्री के तीखे मोड़ पर बने हैं, जिससे आमने-सामने से वाहनों के टकराने की स्थिति बन रही है। धूल का गुबार इतना अधिक है कि चार पहिया वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलानी पड़ रही है। नियमों के अनुसार धूल नियंत्रण के लिए लगातार पानी का छिड़‌काव होना चाहिए, लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह नहीं किया जा रहा है।   आवश्यक निर्देश दिए बायपास के पूर्ण होने के बाद शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। निर्माण कार्य में यदि कहीं भी कोई अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। – रामनिवास सिकरवार, एसडीएम अंबाह अंबाह बायपास की तेज रफ्तार एनएच-552 पर मुरैना, अंबाह और पोरसा में करीब 27 किमी लंबे तीन बायपास और 7 पुलों का निर्माणपूरी परियोजना पर लगभग 460 करोड़ रुपए खर्च। तीनों बायपास में अंबाह बायपास की प्रगति सबसे तेज है। इंजीनियरों के मुताबिक समतल भू-भाग और भूमि उपलब्धता में कम अड्चन आने से यहां काम में आई तेजी।   

नए साल पर रेलवे का बड़ा फैसला: 25 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, देखें नई सूची

भोपाल  भारतीय रेलवे नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों के समय में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जिसमें भोपाल रेल मंडल की कुल 25 ट्रेनों के समय में बदलाव किया जाएगा, जिससे कई ट्रेनों के मार्ग और गति में बदलाव देखने को मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पहले से ही समय-सारणी जारी कर दी है। देखें ये है टाइम टेबल 12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस पहले रात 10:00 बजे प्रस्थान करती थी, अब रात 9:55 बजे करेगी। 22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस पहले 11:05 PM बजे रात में प्रस्थान करती थी अब 11:00 PM पर करेगी 19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस पहले 5:00 PM और अब 5:10 PM 14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस पहले: 4:55 PM अब 4:40 PM 12197 भोपाल–ग्वालियर एक्सप्रेस पहले 3:15 PM अब: 3:10 PM 19712 भोपाल–जयपुर एक्सप्रेस पहले 4:35 PM अब 4:30 PM 22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस पहले 3:50 PM अब 3:40 PM 01665 रानी कमलापति–अगरतल्ला स्पेशल पहले 3:40 PM अब 3:20 PM गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने का भी समय बदला 12185 रानी कमलापति–रीवा पहले 8:00 AM अब 7:55 AM 11272 भोपाल–इटारसी पहले 12:30 PM अब: 1:15 PM 11602 कटनी–बीना पहले 7:05 PM अब: 8:00 PM 18236 बिलासपुर–भोपाल पहले 5:18 PM अब 5:00 PM 51884 ग्वालियर–बीना पहले 4:25 PM अब: 4:20 PM 11603 कोटा–बीना पहले 4:55 PM अब 4:50 PM इटारसी स्टेशन और अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों में समय में बदलाव 18234 बिलासपुर–इंदौर पहले 1:25 AM / 1:40 AM और अब 1:35 AM / 1:40 AM 12577 दरभंगा–मैसूर पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22351 सहरसा–बेंगलुरु पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22353 पटना–बेंगलुरु पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22642 निजामुद्दीन–कन्याकुमारी पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM   संत हिरदाराम नगर स्टेशन से जाने वाली ट्रेनों में बदलाव 17606 भगत की कोठी–कचीगुड़ा पहले 4:30 PM / 4:35 PM और 4:25 PM / 4:30 PM 18234 बिलासपुर–इंदौर पहले 4:28 AM / 4:30 AM और 4:53 AM / 4:55 AM 19339 दाहोद–भोपाल पहले 3:20 PM / 3:22 PM और 3:30 PM / 3:32 PM बीना स्टेशन 12185 रानी कमलापति–रीवा, पहले 12:30 AM / 12:35 AM और अब: 12:25 AM / 12:30 AM रूठियाई स्टेशन 14814 भोपाल–जोधपुर, पहले: 11:15 PM / 11:20 PM और अब 11:25 PM / 11:30 PM  

इनकम टैक्स रिटर्न भरने का अलर्ट: डेडलाइन मिस की तो देना होगा जुर्माना

भोपाल  वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न भरने में जो लोग चूक गए है, उनके लिए 31 दिसंबर आखिरी मौका है। आइटीआर में गलती हो गई है तो इसे सुधारा जा सकता है। इस तारीख तक ब्याज और लेट फीस के साथ विवरणी प्रस्तुत की जा सकती है। इसके बाद 25 प्रतिशत अतिरिक्त कर के साथ ही करदाता आयकर विवरणी प्रस्तुत कर पाएंगे। आयकर नियमों के अनुसार जो करदाता पूर्व में आयकर विवरणी प्रस्तुत नहीं कर पाए है वह इस तारीख तक ब्याज एवं लेट फीस के साथ विवरणी प्रस्तुत कर सकते है। 31 दिसंबर है आखिरी तारीख विभाग द्वारा करदाताओं को मैसेज और ईमेल के द्वारा भी विवरणी प्रस्तुत करने के लिए बताया जा रहा है। साथ ही जिन करदाताओं के बड़े वित्तीय लेनदेन किए है उनकी जानकारी विभाग के पास है। ऐसे करदाताओं को भी विवरणी प्रस्तुत करने के लिए सूचना दी जा रही है। इस बारे में टैक्स ला बार एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष एडवोकेट मृदुल आर्य बताते है कि पूर्व में 31 मार्च तक आयकर विवरणी प्रस्तुत की जा सकती थी परंतु अब सरकार ने इसे 31 दिसंबर तक सीमित कर दिया है।   टैक्सपेयर्स को भेजे जा रहे है मैसेज साथ ही जिन टैक्सपेयर्स ने फर्जी कटौती और छूट के लिए दावे किए हैं, उनसे अपने आईटीआर अपडेट करने की अपील की गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस सिलसिले में गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और धर्मार्थ संस्थानों से संबंधित गलत दावों के लिए टैक्सपेयर्स को टेक्स्ट मैसेज और ईमेल के जरिए आगाह करना शुरू कर दिया है। रुक सकता है रिफंड आयकर नियमों के अनुसार, आप अपना रिटर्न आसानी से भर सकते हैं। हालांकि, हर रिटर्न को दोबारा फाइल नहीं किया जा सकता इसलिए नियमों को समझना बेहद जरूरी है, वरना आपका रिफंड रुक सकता है और जुर्माना भी लग सकता है।  

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगमन को लेकर सुरक्षा सख्त, 25 दिसंबर को कई मार्ग बंद

ग्वालियर  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित ग्वालियर दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने व्यापक सुरक्षा व यातायात व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली है। 25 दिसंबर को प्रस्तावित इस वीआईपी विजिट के दौरान शहर में चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी और कई प्रमुख मार्गो पर यातायात डायवर्ट किया जाएगा। हालांकि, केंद्रीय गृहमंत्रालय से अभी औपचारिक कार्यक्रम जारी होना शेष है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर एयरबेस पर पहुंचेंगे और वहां से सीधे मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। एयरबेस से कार्यक्रम स्थल तक पूरे मार्ग पर जमीन से लेकर हाइराइज इमारतों तक सुरक्षा निगरानी की जाएगी। गृहमंत्री के आगमन से पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह रहेगा वीआईपी रूट एयरबेस से निकलने के बाद वीआईपी काफिला एयरपोर्ट तिराहा, दीनदयालनगर, पिंटो पार्क, गोला का मंदिर, दूध डेयरी, भाऊसाहब पोतनीस एनक्लेव के सामने से होते हुए मेला मैदान पहुंचेगा।   -भिंड से ग्वालियर आने वाले वाहन बरेठा चौकी, बड़ागांव, हुरावली मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे। -मुरैना से आने वाला यातायात चार शहर का नाका से शहर में प्रवेश करेगा और वापसी भी इसी मार्ग से होगी। -मुरार से भिंड जाने वाले वाहन सात नंबर चौराहा, बरेठा चौकी मार्ग का उपयोग करेंगे। -वीआईपी विजिट के दौरान गोला का मंदिर चौराहा, सात नंबर चौराहा और सूर्य नमस्कार तिराहा से मेला मैदान की ओर जाने वाले मार्ग पर सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सीएम विजिट की तैयारी, डायवर्ट होगा यातायात शहर में तानसेन समारोह में शामिल लिए डा.मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर आ सकते हैं। उनके प्रवास को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को बदला गया है। यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है सीएम डॉ. मोहन यादव के शहर आगमन के दौरान भारी वाहनों की शहर में एंट्री बंद रहेगी। -रेलवे स्टेशन से हजीरा जाने वाले वाहन तानसेन रोड से नए आरओबी होकर रेसकोर्स रोड से गोला का मंदिर के रास्ते जाएंगे। -पुरानी छावनी से रेलवे स्टेशन आने वाले संजयनगर पुल से बिरलानगर होकर रेलवे स्टेशन आएंगे। -चार शहर का नाका से हजीरा आने वाले वाहन घोड़ा चौक होकर आएंगे। घासमंडी, किलागेट से हजीरा जाने वाले वाहन सेवानगर, रमटापुरा पुल, तानसेन नगर से लोको होकर जाएंगे। सेवानगर, किलागेट से हजीरा से मल्लगढ़ा जाने के लिए किलागेट से वाहन बाबा कपूर, काशीनरेश की गली से सागरताल होकर जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 17 दिसम्बर को करेंगे मेले का शुभारंभ

"समृद्ध वन खुशहाल जन थीम पर होगा मेला 200 आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ देंगे नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श मेले में होंगे 350 स्टॉल भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अपने आप में एक अनूठा आयोजन है। मेले में लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र की गतिविधियों, उत्पादों एवं अवसरों को प्रदर्शित करने एवं इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और नीति निर्धारकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिये व्यापक मंच उपलब्ध होता है। वन राज्य मंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार पलाश होटल में वन मेले की पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। वन मंत्री श्री अहिरवार ने बताया कि मेले का शुभारंभ 17 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि 'समृद्ध वन खुशहाल वन' की थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 17 से 23 दिसम्बर तक लाल परेड मैदान में लगेगा। मेले में 350 स्टॉल लगाये जा रहे हैं। मेले में प्रदेश के जिला यूनियन, वन, वन धन केन्द्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, उत्पादक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परम्परागत भोजन सामग्री के निर्माता एवं विक्रेतागण अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। मेले में 10 शासकीय स्टॉल, 24 अन्य राज्यों के स्टॉल, 16 प्रदर्शनी के स्टॉल, 136 प्रायवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल, जिनमें अलीराजपुर का दालपुनिया, बाँधवगढ़ की गोंडी व्यंजन का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा 50 ओपीडी स्टॉल और एक किड्स जोन भी होगा। वन मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि 200 आयुर्वेदिक पद्धति के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा मेले में नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला, फैंसी ड्रेस और गायन के कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा 17 दिसम्बर को शाम परम्परागत नृत्य डिण्डोरी की प्रस्तुति, 18 दिसम्बर की शाम ऑर्केस्ट्रा अंचल शर्मा ग्रुप की प्रस्तुति, 19 दिसम्बर की शाम विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर की शाम ख्याति प्राप्त सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की म्यूजिकल प्रस्तुति, 22 दिसम्बर की शाम मानसरोवर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर की शाम परम्परागत नृत्य, झाबुआ की प्रस्तुति होगी। वन मंत्री श्री अहिरवार ने बताया कि वन मेले में 19 एवं 20 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। इसमें देश के 17, नेपाल के 2 एवं भूटान के एक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला आईआईएफएम के समन्वय से आयोजित होगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अम्बाडे और प्रबंध संचालक राज्य वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहे। 

भारतीय सेना को मिलेंगे तीन और अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर, पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनाती से होगी ताकत में वृद्धि

नई दिल्ली भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता में बड़ा बढ़ोतरी होने वाली है. अमेरिका से खरीदे गए छह अपाचे AH-64E अटैक हेलीकॉप्टरों का अंतिम बैच (तीन हेलीकॉप्टर) इस महीने भारत पहुंचने वाला है. ये दुनिया के सबसे आधुनिक अटैक हेलीकॉप्टर हैं, जिन्हें 'हवा में उड़ता हुआ टैंक' कहा जाता है. ये जोधपुर में तैनात किए जाएंगे, जहां पाकिस्तान से लगी पश्चिमी सीमा पर सेना की स्ट्राइक पावर काफी मजबूत हो जाएगी. डिलीवरी की पूरी कहानी फरवरी 2020 में अमेरिका के साथ लगभग 5,691 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था. इस करार के तहत सेना को छह अपाचे मिलने थे. लेकिन सप्लाई चेन की समस्याओं, तकनीकी मुद्दों और ग्लोबल कारणों से डिलीवरी में काफी देरी हुई. मूल योजना में 2024 में सभी हेलीकॉप्टर आने थे, लेकिन पहला बैच (तीन हेलीकॉप्टर) जुलाई 2025 में हिंडन एयरबेस पर पहुंचा. ये अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से लाए गए थे. अब अंतिम तीन हेलीकॉप्टर दिसंबर 2025 में आने वाले हैं. ये भी असेंबल और इंस्पेक्शन के बाद जोधपुर भेजे जाएंगे. पूरा ऑर्डर पूरा होने के बाद सेना की पहली अपाचे स्क्वाड्रन पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी. अपाचे की विशेषताएं क्यों खास हैं? अपाचे AH-64E दुनिया का सबसे उन्नत अटैक हेलीकॉप्टर है. इसकी मुख्य खूबियां…     हथियार: हेलफायर मिसाइलें (टैंक और बंकर मारने के लिए), स्टिंगर एयर-टू-एयर मिसाइलें, 30 एमएम चेन गन और रॉकेट.     टेक्नोलॉजी: एडवांस्ड रडार, नाइट विजन, सभी मौसम में उड़ान और दुश्मन के हमलों से बचाव.     क्षमता: दुश्मन के टैंक, एयर डिफेंस और सैनिकों पर सटीक हमला. रात में भी ऑपरेशन. जमीन की सेना को क्लोज एयर सपोर्ट. ये हेलीकॉप्टर जोधपुर की 451 एविएशन स्क्वाड्रन में तैनात होंगे, जो मार्च 2024 में बनाई गई थी. पायलट और ग्राउंड स्टाफ पहले ही अमेरिका में ट्रेनिंग ले चुके हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों जरूरी? मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए. इस ऑपरेशन ने पश्चिमी सीमा पर मजबूत एरियल फायरपावर की जरूरत दिखाई. अपाचे ऐसे हाई-इंटेंसिटी कॉन्फ्लिक्ट में गेम चेंजर हैं. ये सेना को ग्राउंड फोर्सेस के साथ सीधा सपोर्ट देंगे, जबकि वायुसेना के 22 अपाचे अलग रोल निभाते हैं. सेना एविएशन कोर के अन्य एसेट्स भारतीय सेना एविएशन कोर के पास कई हेलीकॉप्टर और एसेट्स हैं…     ध्रुव (ALH Dhruv): स्वदेशी मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, ट्रांसपोर्ट और रेकॉनिसेंस के लिए.     रुद्र: ध्रुव का हथियारबंद वर्जन, एंटी-टैंक मिशन.     लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH प्रचंड): हाई एल्टीट्यूड के लिए, ऑफेंसिव मिशन.     चीता और चेतक: लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर.     Mi-17: ट्रूप ट्रांसपोर्ट.     UAV: हेरॉन और सर्चर सर्विलांस के लिए.     डॉर्नियर 228: फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट. अपाचे आने से सेना की अटैक कैपेबिलिटी सबसे मजबूत होगी. आगे की योजना पूर्ण इंडक्शन के बाद स्क्वाड्रन ट्रेनिंग और एक्सरसाइज करेगी. सेना भविष्य में और अपाचे खरीदने पर विचार कर रही है. ये भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का बड़ा उदाहरण है. पश्चिमी सीमा पर तनाव को देखते हुए ये डिलीवरी सेना की तैयारियों को नई ताकत देगी. स्वदेशी प्रचंड हेलीकॉप्टर भी जल्द बड़े नंबर में आएंगे, जो आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे.

IPL 2026 के लिए आज होगी खिलाड़ियों की मंडी, ऑक्शन से पहले जानें क्या होगा खास

 नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मिनी ऑक्शन 10 फ्रेंचाइजियों के लिए 77 खिलाड़ियों की स्लॉट्स के लिए शुरू होने वाला है. इस ऑक्शन में कुल खर्च की सीमा 237.55 करोड़ रुपये रखी गई है. आगामी सीजन मार्च 2026 के अंत में शुरू होने वाला है. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) मिनी ऑक्शन में अब तक के सबसे बड़े पर्स 64.3 करोड़ रुपये के साथ उतरे हैं, जिससे वे बोली की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पास भी पर्याप्त बजट है, जो उन्हें खिलाड़ियों के चयन में महत्वपूर्ण शक्ति प्रदान करता है.' ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन से सबसे ऊंची बोली की उम्मीद है, वहीं वेंकटेश अय्यर, लियाम लिविंगस्टोन और रवी बिश्नोई जैसे खिलाड़ी भी फ्रेंचाइजियों के ध्यान का केंद्र बने रह सकते हैं. पर्याप्त धन होने के कारण टीमें अनकैप्ड और उभरते हुए खिलाड़ियों को बड़े उत्साह के साथ खरीद सकती हैं, जिससे वादा करने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए बोली की तीव्र प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है. स्मार्ट निवेश टीमों को मार्च में शुरू होने वाले टूर्नामेंट में निर्णायक बढ़त दिला सकते हैं. कुल मिलाकर, 2026 IPL मिनी ऑक्शन एक हाई-स्टेक, बड़े ध्यान से देखे जाने वाला इवेंट साबित होने वाला है, जहां फ्रेंचाइजियां अपने वित्तीय संसाधनों का उपयोग स्टार खिलाड़ियों और उभरते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों दोनों को सुरक्षित करने के लिए करेंगी. IPL ऑक्शन 2026 IPL 2026 ऑक्शन कब है? IPL 2026 ऑक्शन मंगलवार, 16 दिसंबर को होगा. IPL 2026 ऑक्शन कहां होगा? इस साल का ऑक्शन अबू धाबी, UAE में आयोजित होगा. IPL 2026 ऑक्शन कितने बजे शुरू होगा? ऑक्शन  भारतीय समयानुसरा दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा. IPL 2026 ऑक्शन टीवी पर कहां देखें? लाइव टेलीकास्ट Star Sports Network पर उपलब्ध होगा. IPL 2026 ऑक्शन लाइव स्ट्रीम कहां देखें? JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम कर सकते हैं. IPL 2026 ऑक्शन के लिए टीमों के पास कितना पैसा है? कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) – ₹64.3 करोड़ (13 स्लॉट्स भरने हैं) चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) – ₹43.4 करोड़ (9 स्लॉट्स) सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) – ₹25.5 करोड़ (10 स्लॉट्स) लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) – ₹22.95 करोड़ (6 स्लॉट्स) दिल्ली कैपिटल्स (DC) – ₹21.8 करोड़ (8 स्लॉट्स) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) – ₹16.4 करोड़ (8 स्लॉट्स) राजस्थान रॉयल्स (RR) – ₹16.05 करोड़ (9 स्लॉट्स) गुजरात टाइटन्स (GT) – ₹12.9 करोड़ (5 स्लॉट्स) पंजाब किंग्स (PBKS) – ₹11.5 करोड़ (4 स्लॉट्स) मुंबई इंडियंस (MI) – ₹2.75 करोड़ (5 स्लॉट्स) अधिकमत कितने खिलाड़ी बिकेंगे? इस बार नीलामी सूची में कुल 350 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, लेकिन फ्रेंचाइजी टीम्स अधिकतम 77 खिलाड़ियों पर ही सफल बोली लगा सकेंगी. इनमें से विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 31 से ज्यादा नहीं हो सकती. शॉर्टलिस्ट किए गए 350 खिलाड़ियों में 240 भारतीय और 110 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं. यानी इस बार भी नीलामी में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिल सकता है, जबकि सीमित स्लॉट के चलते विदेशी खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा तय मानी जा रही है.

गौसेवा से रक्तदान तक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिंजरापोल गौशाला में किए सेवा कार्यों का अवलोकन

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर जयपुर स्थित पिंजरापोल गौशाला में सोमवार को गोसेवा की। उन्होंने सपत्नीक गायों की पूजा अर्चना कर गुड़ एवं चारा खिलाया। उन्होंने इस अवसर पर हवन में आहुति भी दी। उन्होंने कहा कि गोसेवा हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है तथा राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने गौशाला परिसर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है। साथ ही उन्होंने सभी से रक्तदान के लिए आगे आने और ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्षों का यह कार्यकाल सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित रहा है। राज्य सरकार पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोपालन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘डेयरी के स्वर्णिम दो वर्ष’ पुस्तक का विमोचन भी किया। गौशाला परिसर में उपस्थित आमजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री ए. राठौड़, शासन सचिव गोपालन डॉ. समित शर्मा सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

नेहरू के फैसलों ने कश्मीर को बनाया विवादित, आज तक भुगत रहा देश : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गए। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू-नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रियासतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणामस्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा।