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विजय की रैली पर सख्ती: इजाजत से पहले प्रशासन ने रखीं 84 कड़ी शर्तें

चेन्नई  अभिनेता से नेता बने दक्षिण भारत के मशहूर एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) तमिलनाडु के इरोड में 18 दिसंबर को एक रैली का आयोजन करना चाह रही थी। इसके लिए पुलिस प्रशासन से इजाजत मांगी गई थी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने पार्टी पर 84 शर्तों ठोकी हैं। हालांकि, रविवार को पुलिस अधिकारियों ने पार्टी को रैली करने की इजाजत दे दी है लेकिन अनुमति पत्र में कहा गया है कि रैली के आयोजकों को 50,000 रुपये की सुरक्षा जमा राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा रैली के बाद कार्यक्रम स्थल को साफ करके उसकी मूल स्थिति में वापस करना होगा।   इरोड पुलिस ने यह अनुमति जारी की है। अनुमति पत्र में रैली स्थल पर कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम स्थल के उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने समेत कुल 84 शर्तें लगाई हैं। पुलिस ने एक शर्त यह भी रखी है कि रैली सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही करनी होगी। पार्टी के मुख्य समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने तीन दिन पहले पुलिस एवं राजस्व विभाग में एक आवेदन देकर विजय की सभा को विजयमंगलम में पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। बता दें कि इससे पहले इसी साल 27 सितंबर को टीवीके की करूर में एक रैली हुई थी, जिसमें भगदड़ मच गई थी। उस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस उस हादसे से भी सबक लेकर रैली को सुरक्षित बनाना चाह रही है। अब जिस भूमि पर रैली होनी है, वह भूमि हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR &CE) के नियंत्रण में स्थित एक निजी मंदिर की है। पुलिस ने आयोजकों से 84 मांगें पूरी करने को कहा लेकिन HR & CE ने तुरंत अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं किया। रविवार को टीवीके प्रतिनिधियों की मंदिर प्राधिकारियों से मुलाकात के बाद, उन्होंने अपनी 16 एकड़ जमीन पर बैठक आयोजित करने के लिए आवश्यक एनओसी पुलिस को दी। इस पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस अधीक्षक ए. सुजाता ने पुलिसकर्मियों के साथ इलाके का दोबारा निरीक्षण किया और बैठक की अनुमति दी। उन्होंने टीवीके को मंदिर के किराए के तौर पर 50 हजार रुपये और सुरक्षा जमा के तौर पर 50 हजार रुपये देने को कहा। टीवीके के पदाधिकारियों ने अनुमति देने के लिए पुलिस और एचआर एंड सीई का आभार व्यक्त किया। इससे पहले, सेंगोट्टैयन ने संवाददाताओं से कहा कि 18 दिसंबर को प्रस्तावित जनसभा की तैयारियों का काम जारी है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ विजयमंगलम टोल नाके के पास स्थित प्रस्तावित बैठक स्थल का निरीक्षण किया। सेंगोट्टैयन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे नेता को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त है। टीवीके का कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है। जनता के अपार समर्थन के बल पर विजय अगले साल के चुनाव में मुख्यमंत्री बनेंगे।’’ सभा की तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि तैयारियां रविवार से शुरू हो गई हैं और लोग स्वयं आकर इसे देख सकते हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, “इस बारे में हमारे पार्टी प्रमुख स्वयं औपचारिक घोषणा करेंगे।” अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वी के शशिकला के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की अटकलों पर पूछे जाने पर सेंगोट्टैयन ने कहा, “इस बारे में आप उनसे ही पूछिए। चुनावी परिदृश्य का अनुमान कोई नहीं लगा सकता। हमें इंतजार करना होगा।” नौ बार विधायक और मंत्री रह चुके सेंगोट्टैयन 27 नवंबर को टीवीके प्रमुख विजय की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें पार्टी का मुख्य समन्वयक नियुक्त किया गया था।

भारतीय स्टार शेफाली वर्मा बनीं आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ

नई दिल्ली  भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को नवंबर 2025 के लिए 'आईसीसी महिला प्लेयर ऑफ द मंथ' चुना गया है। शेफाली वर्मा ने बीते महीने संपन्न हुए महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ यादगार पारी खेली थी। शेफाली ने थाईलैंड की थिपत्चा पुथावोंग और यूएई की ईशा ओझा को पछाड़कर अपना पहला 'प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड जीता है। शेफाली वर्मा को महिला वनडे विश्व कप में चोटिल प्रतिका रावल के स्थान पर टीम में शामिल किया गया था। शेफाली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में महज 10 रन की पारी खेली, जिसके बाद खिताबी मुकाबले में 78 गेंदों का सामना करते हुए 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 87 रन बनाए। यह वर्ल्ड कप फाइनल में किसी भारतीय महिला ओपनर का सबसे बड़ा स्कोर है। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। आईसीसी की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में शेफाली ने कहा, "मेरा पहला आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का अनुभव वैसा नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था, लेकिन यह सफर उससे कहीं बेहतर तरीके से खत्म हुआ जैसा मैंने कभी सोचा या कल्पना की थी। मैं शुक्रगुजार हूं कि फाइनल में टीम की सफलता में योगदान दे पाई और पहली बार वर्ल्ड कप जीतने और घरेलू दर्शकों के सामने इतिहास रचने का हिस्सा बन पाई। उन्होंने कहा, "मुझे नवंबर के लिए 'महिला प्लेयर ऑफ द मंथ' चुने जाने पर बहुत गर्व है। मैं यह अवॉर्ड अपनी टीम के साथियों, कोच, परिवार और उन सभी को समर्पित करती हूं जिन्होंने अब तक यात्रा में मेरा साथ दिया है। हम एक टीम के तौर पर जीतते और हारते हैं। यह बात इस अवॉर्ड पर भी लागू होती है।" खराब फॉर्म के बाद शेफाली वर्मा ने भारतीय महिला टीम से अपनी जगह गंवा दी थी, लेकिन विश्व कप में उन्हें गोल्डन चांस मिल गया। इस मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए शेफाली वर्मा ने आलोचकों को करारा जवाब दिया। शेफाली अब 21 दिसंबर से विशाखापत्तनम में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगी।

बिहार में 217 रेलवे फाटकों पर बनेंगे नए रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), रेलवे मंत्रालय ने दी मंजूरी

पटना   बिहार में लोगों को रेलवे फाटक पर खड़े होकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आने वाले कुछ सालों में रेलवे फाटक रुकावट नहीं बनेंगे. दरअसल, राज्य के मुख्य सड़कों के बीच आने वाले रेलवे फाटकों पर लगभग 217 रेलवे ओवर ब्रिज बनाये जायेंगे. इसके साथ ही रेलवे अंडर ब्रिज भी बनाये जाने की योजना है. आने वाले साल में बिहार के लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है. साल 2019 में साइन किया गया था एमओयू जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की तरफ से कवायद शुरू कर दी गई है. साल 2019 में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच आरओबी को लेकर एक एमओयू साइन किया गया था. उस वक्त बिहार में 44 रेलवे ओवर ब्रिज बनाने को लेकर फैसला हुआ था. उस समय आरओबी के निर्माण में खर्च होने वाली राशि में बिहार सरकार की भी सहभागिता थी. इतने आरओबी के लिये टेंडर का काम पूरा एमओयू के मुताबिक, 35 आरओबी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को करना था. इसके साथ ही 9 आरओबी का निर्माण बिहार राज्य पथ निगम के जरिये होना था. पूरे 44 आरओबी में 41 के लिये टेंडर का काम पूरा हो चुका है. जबकि बाकी के बचे 3 आरओबी के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में अब 217 रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण होने वाला है. बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा बढ़ावा खास बात यह भी है कि सभी रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज बनाने की पूरी राशि केंद्र सरकार ही वहन करेगी. इससे साफ है कि राज्य सरकार की तरफ से रुपये खर्च नहीं करना पड़ेगा. इस तरह से आरओबी के बनने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है. मालूम हो, बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिये कई पहल किये जा रहे हैं. कई जिलों में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. ताकि जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सके. इस तरह से रेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला ले लिया है.

प्रतियोगी छात्रों का आक्रोश फूटा: UPPSC के बाहर प्रदर्शन, पुलिस से टकराव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को प्रयागराज में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं लोकसेवा आयोग के गेट नंबर दो के बाहर एकत्र हुए और हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में जवाबदेही की कमी है और आयोग उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांग है कि आयोग सभी भर्ती परीक्षाओं की संशोधित उत्तरकुंजी सार्वजनिक करे, ताकि अभ्यर्थियों को अपने अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके। इसके साथ ही छात्रों ने श्रेणीवार कटऑफ अंक जारी करने की भी मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि जब तक उत्तरकुंजी और कटऑफ स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक चयन प्रक्रिया पर संदेह बना रहेगा। मिला कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन इस आंदोलन को हुंकार मंच समेत कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन मिला। अलग-अलग जिलों से आए छात्र सुबह से ही आयोग परिसर के बाहर जुटने लगे थे। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर धरना दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन महाआंदोलन का रूप लेने लगा। पुलिस प्रशासन अलर्ट स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में नजर आया। लोकसेवा आयोग के आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई। कई थानों की पुलिस फोर्स और एसीपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। पुलिस के साथ झड़प धरना प्रदर्शन के दौरान जब छात्रों ने सड़क पर बैठकर आंदोलन तेज करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए कुछ छात्रों को मौके से हटाया और दो छात्रों को हिरासत में लिया गया। हालांकि कुछ देर बाद हिरासत में लिए गए छात्रों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद छात्र फिर से धरने पर बैठ गए। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी करती रही। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

जांच रिपोर्ट ने खोली पोल: हरियाणा के 44 जूनियर कोच अयोग्य, सेवा समाप्ति की आशंका

चंडीगढ़  हरियाणा खेल विभाग में कार्यरत 44 जूनियर कोचों की नौकरी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विभागीय जांच में ये सभी खिलाड़ी हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (ग्रुप-A, B और C) सेवा नियम-2021 की शर्तों को पूरा नहीं करते पाए गए हैं। अब राज्य सरकार को इनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लेना है। जानकारी के अनुसार, इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने के आधार पर जूनियर कोच (OSP) के पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि 2021 में लागू सेवा भर्ती नियमों के तहत यह अनिवार्य है कि संबंधित खिलाड़ी ने ओलंपिक में शामिल खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। जांच में सामने आया कि 44 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया है, जिससे वे नियमों के तहत अयोग्य हो गए। कोर्ट पहुंचा था मामला खेल विभाग ने पिछले साल इन खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां प्रिया सांगवान केस के आधार पर खिलाड़ियों को अस्थायी राहत मिल गई थी। लेकिन खेल विभाग ने इस आदेश के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिस पर स्टे हटा लिया गया। अब विभाग को कानूनी रूप से निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।   नौकरी पर मंडराया खतरा सूत्रों के मुताबिक, मामले में कानूनी सलाह लेने के लिए फाइल एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजी गई है। यदि वहां से कोई राहत नहीं मिलती है तो इन 44 खिलाड़ियों को नौकरी से हटाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट का फैसला विभाग के पक्ष में आ चुका है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले विधिक राय लेना आवश्यक है। आवेदन रद्द होने खुला भेद इस मामले से जुड़ा एक और पहलू भी सामने आया है। खेल विभाग ने 2018 की नीति और 2021 के नियमों के तहत कुल 77 खिलाड़ियों को नियुक्त किया था। इनमें से करीब 50 अन्य खिलाड़ियों के आवेदन पहले ही खारिज कर दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने भी कोर्ट का रुख किया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 44 जूनियर कोचों को अनजाने में नियुक्ति दे दी गई थी। 

रायपुर: नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री ने दी छात्रों को सपनों को उड़ान

रायपुर : मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना : सपनों को मिली नई उड़ान आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ रायपुर  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माणी श्रमिक श्रीमती चंदा बाई साहू, पति श्री हरिशंकर साहू, निवासी ग्राम सिंधौरीकला, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना आशा की किरण बनकर आई है। श्रीमती चंदा बाई साहू एक निर्माणी श्रमिक (रेजा) के रूप में कार्य करती हैं तथा उनके पति भी दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण उच्च शिक्षा का सपना अधूरा प्रतीत हो रहा था। इसी बीच श्रम विभाग से संपर्क के दौरान उन्हें निर्माणी श्रमिकों के बच्चों हेतु संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली।   योजना के अंतर्गत उनके पुत्र श्री भूषण साहू, जो कि CIPET कॉलेज, रायपुर में डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी (द्वितीय वर्ष) में अध्ययनरत हैं, के लिए आवेदन किया गया। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाईन आवेदन करने के कुछ ही दिवसों में राशि रूपये 82,496/ सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही के खाते में प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ।     हितग्राही श्रीमती चंदा बाई साहू ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को पढ़ाने का सपना अधूरा लग रहा था, परंतु योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार को संबल दिया। वहीं, पिता श्री हरिशंकर साहू ने कहा कि वे चाहते थे कि उनका बेटा मजदूरी के बजाय शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़े और आत्मनिर्भर बने। योजना से मिली सहायता से उनका यह सपना साकार हो रहा है।    श्रम पदाधिकारी श्री नंदकिशोर साहू ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों-सामान्य एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरतकृको पात्रता अनुसार सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 467 तथा 2025-26 में 505 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है। आगामी वर्षों में सभी पात्र बच्चों को लाभांवित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इच्छुक हितग्राही “श्रमेव जयते” ऐप अथवा जिला एवं जनपद पंचायतों में स्थापित श्रम संसाधन केंद्रों से निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं। श्री हरिशंकर साहू ने  मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, श्रम मंत्री, जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य प्रदान कर रही है। यह कहानी प्रमाण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब ज़मीन तक पहुंचती हैं, तो श्रमिक परिवारों के सपनों को नई दिशा और उड़ान मिलती है।

भारतीय रेलवे ने किया नया रिकॉर्ड, एलएचबी कोचों के उत्पादन में 18% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली   भारतीय रेलवे ने उच्च तकनीक वाले लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के उत्पादन में लगातार बेहतरी दिखाई है, जो यात्रियों के लिए बेहतर सुरक्षा, सुविधाजनक यात्रा और रेलवे के बेहतर कार्य प्रदर्शन को दर्शाते हैं।    चालू वित्त वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान कुल 4,224 एलएचबी कोच बनाए गए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है, जब केवल 3,590 कोच बनाए गए थे। रविवार को रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, उत्पादन में यह वृद्धि रेलवे के विभिन्न कारखानों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बेहतर उत्पादन योजना का परिणाम है। इस अवधि में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने 1,659 एलएचबी कोच बनाए, जबकि रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) ने 1,234 कोच और कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) ने 1,331 कोच बनाए, जिससे कुल मिलाकर एलएचबी कोचों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। दीर्घकालिक तुलना में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति हुई है। 2014 से 2025 तक भारतीय रेलवे ने 42,600 एलएचबी कोच बनाए, जो 2004 से 2014 के बीच बने 2,300 कोच से 18 गुना ज्यादा है। यह विस्तार सुरक्षा मानकों और कम रख-रखाव की विशेषताओं के कारण एलएचबी कोचों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। एलएचबी कोच आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक यात्री कोच हैं, जो जर्मन डिजाइन से विकसित हैं और आधुनिक सुविधाएं जैसे स्टेनलेस स्टील बॉडी, एडवांस्ड डिस्क ब्रेक्स और 160 किमी/घंटा तक की उच्च गति प्रदान करते हैं। इन कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग डिवाइस जैसे सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जो पुराने आईसीएफ कोचों की जगह लेते हैं और राजधानी और शताबदी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में इस्तेमाल होते हैं। भारतीय रेलवे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो रही है और आयात पर निर्भरता कम हो रही है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य उत्पादन क्षमता को और बढ़ाना है, ताकि देश की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।

विद्युत आपूर्ति और संबंधित विषयों पर अनुशंसाएं देने के लिए मंत्री समूह गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा विद्युत आपूर्ति एवं इससे जुड़े विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिये मंत्री समूह का गठन किया गया है। मंत्री समूह में श्री जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर/वित्त/योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री एंदल सिंह कंषाना मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास और श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंत्री ऊर्जा विभाग को शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा समूह के समन्वयक एवं अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग समूह के सह-समन्वयक होंगे। मंत्री समूह वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक सब्सिडी के प्रस्ताव में युक्तियुक्तकरण की स्थिति पर निर्णय, दिनांक 31 अगस्त 2023 तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के देयकों में अस्थगित की गई 4800 करोड़ रूपये की बकाया राशि को विद्युत वितरण कंपनियों को उपलब्ध कराने अथवा उसकी वसूली के संबंध में निर्णय और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के खराब होने पर उसके बदलने के लिये पात्रता नियम में परिवर्तन पर निर्णय के संबंध में अपनी अनुशंसाएं राज्य शासन को देगा।  

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बना हादसों का ज़ोन, घने कोहरे में 30+ वाहनों की टक्कर, 4 की जान गई

फरीदाबाद/नूंह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार को घने कोहरे ने कहर बरपा दिया। फरीदाबाद और नूंह जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। कई वाहन आपस में टकराए और दस से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक सीआईएसएफ का सब इंस्पेक्टर बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फरीदाबाद में सोमवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर घना कोहरा हादसों का कारण बन गया। दृश्यता बेहद कम होने से वाहन चालकों को आगे का रास्ता नहीं दिखा और एक के बाद एक टक्कर होती चली गई। फरीदाबाद के कैल गांव के पास दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। यहां पहली दुर्घटना में एक एंडेवर कार सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि एंडेवर में सवार तीन लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। मृतकों में एक की पहचान संदीप कुमार निवासी जयपुर के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। इसी स्थान के पास कुछ ही देर बाद दूसरा हादसा भी हुआ। एक कैंटर में पीछे से क्रेटा गाड़ी जा टकराई। गनीमत रही कि क्रेटा चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। नूंह में भिड़े 30 वाहन, दो की मौत जिला नूंह में भी कोहरे ने बड़ा हादसा करा दिया। सुबह करीब चार बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगभग 30 वाहन आपस में भिड़ गए। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दस से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को जिला के राजकीय अस्पताल मांडीखेड़ा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। हादसा राजस्थान से दिल्ली की तरफ जाते वक्त हुआ। सूत्रों के अनुसार मरने वालों में सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर हरीश कुमार निवासी अलवर और जयपुर निवासी कारोबारी खलील अहमद शामिल हैं। कुछ स्थानों पर ट्रक पलटने की भी सूचना है, जिससे यातायात काफी देर तक बाधित रहा। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि घना कोहरा हादसों की मुख्य वजह है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के समय धीमी गति से चलें, फॉग लाइट का प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।  

रॉब रेनर और पत्नी मिशेल सिंगर का शव उनके घर में मिला, पुलिस ने शुरू की जांच

लॉस एंजेलिस  मशहूर अमेरिकी डायरेक्टर और एक्टर रॉब रेनर और उनकी पत्नी मिशेल को लॉस एंजेलिस स्थित उनके घर में मृत पाया गया। अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी देते हुए बताया कि दोनों के शरीर पर चाकू के घाव हैं। इस मामले में पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। लॉस एंजेलिस फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, उनके पास दोपहर करीब 3:30 बजे मेडिकल इमरजेंसी के लिए कॉल आई। जब टीम मौके पर पहुंची, तो 78 वर्षीय रॉब और 68 वर्षीय मिशेल को मृत पाया गया। पुलिस ने इस घटना को हत्या करार दिया। लॉस एंजेलिस पुलिस विभाग के रॉबरी हौमिसाइड डिविजन की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में अभी किसी पर भी आधिकारिक तौर पर आरोप नहीं लगाया गया है। इस खबर ने हॉलीवुड में सनसनी मचा दी है, और फिल्मी दुनिया के लोग इस घटना पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। लॉस एंजेलिस की मेयर करेन बास ने भी इसे शहर के लिए एक बड़ा नुकसान बताया। रॉब रेनर सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि हॉलीवुड के सबसे चर्चित डायरेक्टर्स में से एक भी थे। उनका जन्म 6 मार्च 1947 को न्यूयॉर्क में एक यहूदी परिवार में हुआ। उनके पिता, कार्ल रेनर, खुद एक प्रसिद्ध अभिनेता और कमीडियन थे। फिल्म और एक्टिंग की दुनिया से जुड़ाव उनके बचपन से ही रहा। रॉब ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की और टीवी सीरियल 'ऑल इन द फैमिली' के लिए उन्हें पॉपुलैरिटी मिली। इस शो में उन्होंने मीटहेड का किरदार निभाया, जिसने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया और इसके लिए उन्हें दो एमी अवॉर्ड भी मिले। इसके बाद रॉब ने डायरेक्शन में कदम रखा और हॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई यादगार फिल्में बनाई, जिनमें 'दिस इज स्पाइनल टैप', 'स्टैंड बाय मी', 'द प्रिंसेस ब्राइड', 'व्हेन हैरी मेट सैली', 'मिजरी' और 'ए फ्यू गुड मैन' शामिल हैं। 'ए फ्यू गुड मैन' को साल 1992 में बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। इस फिल्म में जैक निकोलसन और टॉम क्रूज जैसे बड़े अभिनेता नजर आए थे। रॉब को फिल्मों के लिए कई अवॉर्ड मिले, जिनमें चार गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड और कई डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन शामिल हैं। रॉब की निजी जिंदगी भी फिल्मी कहानी जैसी रही। उन्होंने 1971 में डायरेक्टर और एक्ट्रेस पेनी मार्शल से शादी की, लेकिन उनकी शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और 1981 में तलाक हो गया। इस शादी से रॉब ने पेनी की बेटी ट्रेसी को गोद लिया। इसके बाद 1989 में उन्होंने मिशेल सिंगर से शादी की। मिशेल खुद एक एक्ट्रेस और फोटोग्राफर थीं। दोनों की मुलाकात फिल्म 'व्हेन हैरी मेट सैली' के सेट पर हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। फिल्मी दुनिया में सक्रिय रहने के अलावा, रॉब रेनर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में भी आगे रहे। वे अमेरिकी राजनीति में एक मुखर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट थे और अपने विचारों के लिए जाने जाते थे। साल 2024 में रॉब ने अपनी कल्ट फिल्म 'स्पाइनल टैप' के सीक्वल पर काम शुरू किया था। इसके अलावा, वे टीवी शोज और फिल्मों में कैमियो रोल करते रहे, जिनमें 'द लैरी सैंडर्स शो', 'द सिम्पसंस' और 'न्यू गर्ल' शामिल हैं।