samacharsecretary.com

अजब-गजब परंपरा: इस MP गांव में पीढ़ियों से अपने ही गांव में होते हैं विवाह

भोपाल  मध्य प्रदेश देश के दिल में बसता है। यह प्रदेश अपनी हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग संस्कृति और कल्चर देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक कल्चर यहां की अनोखी शादियों को लेकर भी देखने को मिलता है, जो पिछले 500 सालों से रिवाज के तौर पर फॉलो किया जा रहा है। यह अनोखी परंपरा शहडोल में देखने को मिलती है, जहां एक ही समुदाय के लोग गांव में एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। गांव में लड़के-लड़कियों की शादी गांव में ही हो जाती है। अनोखा है गांव प्रदेश के शहडोल जिले की खन्नाथ ग्राम पंचायत में कुर्मी-पटेल की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। इस गांव की कुल आबादी लगभग 4 हजार बताई जाती है, जिसमें अकेले करीब 60 प्रतिशत पटेल समुदाय के लोग रहते हैं। इसलिए इसे पटेलों का गांव भी कहा जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब भी यहां कोई कार्यक्रम होता है तो पकान जैसी पूड़ी को ट्रॉली में रखा जाता है और पूरे गांव के लोग भोज में शामिल होते हैं। यह गांव अपने भक्तिभाव के लिए भी जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजन होते हैं और लगभग हर घर में भागवत का आयोजन हो चुका है।   इन गांवों में सबसे ज्यादा रिश्तेदारी ग्राम पंचायत के जिन गांवों में सबसे अधिक रिश्तेदारी देखने को मिलती है, वे हैं बोडरी, पिपरिया, खैरहा, नौगांव, चौराडीह, कंचनपुर, बंडी और नदना। अगर शादी गांव के बाहर भी होती है, तो बारात इन्हीं गांवों से आती या इन्हीं गांवों में विदा होती है। लड़का–लड़की चुनते हैं रिश्ता गांव के पटेल समुदाय के लोग बताते हैं कि उनके समाज में लड़के और लड़कियों को अपने मन से शादी करने की आज़ादी है। वे अपनी पसंद का जोड़ा चुनकर परिवार को बताते हैं, जिसके बाद परिवार रिश्ता देखकर आगे की तैयारी शुरू कर देता है। इस गांव की खास बात यह है कि यहां पटेल समुदाय के लोग बिना दहेज के शादी करते हैं। वे किसी भी तरह के दहेज के खिलाफ हैं। जब रिश्ता पसंद आता है तो दोनों परिवार आपस में घर पर भोजन करवाते हैं और नेंग देकर रिश्ते को पक्का मान लिया जाता है। हालांकि अब कुछ शादियां बाहर भी होने लगी हैं, लेकिन संख्या अभी भी काफी कम है।  

सार्वजनिक वितरण में लापरवाही! गरीबों के नमक में निकले कंकड़-पत्थर

गोटेगांव नगर की राशन दुकानों पर मप्र शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को 1 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा नमक की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राशन कार्ड धारियों का आरोप है कि यह नमक पूरी तरह गुणवत्ताहीन है और इसमें कई महीनों से बारीक कंकड़-पत्थर निकल रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का क्या कहना शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नमक और पत्थर दोनों सफेद रंग के होने के कारण देखने में एक जैसे लगते हैं और अलग पहचान मुश्किल होती है, लेकिन भोजन करते वक्त हर बार मुंह में बारीक पत्थर का आना इसकी गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। कुछ महिलाओं ने बताया कि जब इस नमक को पानी में घोला जाता है तो नीचे सफेद नमक जैसे बारीक कंकड़ जमा हो जाते हैं। हितग्राहियों ने चिंता जताई है कि इस तरह के मिलावटी नमक के सेवन से प्रदेश में पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। हमारे गोटेगांव प्रतिनिधि ने भी नमक को पानी में घोलकर जांच की, जिसमें नमक के रंग जैसे सफेद पत्थर जैसी बारीक चचरी निकलने की पुष्टि हुई, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। जांच कराने की मांग राशन कार्ड धारियों का आरोप है कि वे 1 रुपये किलो के साथ नमक के साथ पत्थर भी खा रहे हैं। यह समस्या आज की नहीं है, बल्कि कई वर्षों से पात्र हितग्राहियों के साथ धांधली की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि शासन नमक की गुणवत्ता की गहन जांच कराए और राशन दुकानों पर आने वाले नमक की नियमित जांच सुनिश्चित करे। साथ ही सप्लाई करने वाली संबंधित कंपनी पर कड़ी कार्यवाही की जाए।  

आज लगेगी वर्ष की आखिरी लोक अदालत, विवाद समाधान में बनेगा नया रिकॉर्ड?

इंदौर वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत आज आयोजित हो रही है। इंदौर जिला न्यायालय, श्रम न्यायालय, कुटुंब न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, मप्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, तहसील स्तर पर तहसील न्यायालय, डा. आंबेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर, हातोद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 85 खंडपीठ गठित की गई है। इन खंडपीठों के माध्यम से 96 हजार से ज्यादा प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिवराजसिंह गवली ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण राजीनामे के लिए रखे गए हैं। इसमें 2458 राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, 974 सिविल प्रकरण, 1174 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरण, 1303 विद्युत प्रकरण, 1949 चेक बाउंस प्रकरण, 413 वैवाहिक प्रकरण, 871 अन्य प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी के 84968 और विद्युत से संबंधित 2011 प्री-लिटिगेशन प्रकरण शामिल हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग-अलग श्रेणी में छूट भी दी जाएगी।   निगम ने राजवाड़ा पर लगाई बकायादारों की सूची इधर राष्ट्रीय लोक अदालत के एक दिन पहले नगर निगम ने शुक्रवार को राजवाड़ा पर जोन तीन के बड़े बकायादारों की सूची सार्वजनिक की। इस सूची में वार्ड 57, 58 और 59 के बकायादार शामिल हैं। सूची में 60 नाम शामिल हैं। इनमें पूर्व पार्षद जुलेखा अनवर कादरी का नाम भी शामिल है। जोन तीन के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल निकम ने बताया कि इस सूची में उन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जो पिछले पांच साल से संपत्तिकर ही जमा नहीं कर रहे। निगम ने इन लोगों को बार-बार नोटिस जारी किए, लेकिन जब राशि जमा नहीं हुई तो सूची सार्वजनिक कर दी। दो बकायादारों ने शुक्रवार को ही बकाया कर जमा कर दिया है।

मध्य प्रदेश में नए साल पर प्रशासनिक फेरबदल, 71 IAS अधिकारी होंगे प्रमोट, 2 को प्रमुख सचिव का पद

भोपाल  मध्यप्रदेश में नए साल पर प्रशासनिक हलचल तेज होने वाली है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में 71 IAS अधिकारियों को प्रमोशन दिया जाएगा, जिसके बाद पूरा प्रशासनिक ढांचा नई शक्ल ले सकता है। सबसे अहम बात— 25 साल की सेवा पूरी करने वाले दो वरिष्ठ IAS अफसरों को प्रमुख सचिव (Principal Secretary) बनाया जाएगा। कौन-कौन होंगे प्रमोट? 2010 बैच के 17 IAS अधिकारी 1 जनवरी से सचिव (Secretary) पद पर प्रमोट होंगे। सूची में शामिल प्रमुख नाम कौशलेंद्र विक्रम सिंह (कलेक्टर, भोपाल) अभिजीत अग्रवाल (आबकारी आयुक्त) आशीष सिंह (कमिश्नर, उज्जैन संभाग) भास्कर लक्ष्यकर (कमिश्नर, ट्रेजरी) दीपक सक्सेना (CPR) 31 दिसंबर को जारी होंगे आदेश मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ने 71 अधिकारियों की पदोन्नति पर हरी झंडी दे दी है। प्रमोशन के आधिकारिक आदेश 31 दिसंबर को जारी होंगे। नए साल में प्रशासनिक तंत्र में यह बड़ा फेरबदल प्रदेश की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और नए समीकरण तय करेगा।

आसमानी ब्रह्मास्त्र: 7400 KMPH की गति, ब्रह्मोस से भी ज्यादा खतरनाक, दुश्मन को पलक झपकते ढेर कर दे

नई दिल्ली भारत ग्‍लोबल लेवल पर सामरिक और रणनीतिक तौर पर एक बड़ा प्‍लेयर है. डिफेंस में भी अपनी अलग पहचान रखता है. पहलगाम की बैसरन घाटी में भारत की इसी पहचान को चुनौती देने की नापाक कोशिश की गई थी. भारत ऑपरेशन सिंदूर लॉन्‍च कर इसका माकूल और मुंहतोड़ जवाब दिया था. पाकिस्‍तान के साथ टकराव के दौरान चीन और तुर्की जैसे देशों ने खुलकर आतंकियों को पनाह देने वाले देश का सपोर्ट किया था. पश्चिम से लेकर उत्‍तर और पूरब तक दुश्‍मनों के फैलाव को देखते हुए भारत अब एक साथ दो मोर्चों पर सैन्‍य टकराव जैसे हालात से निपटने की तैयारी कर रहा है. इस सल‍िसिले में अल्‍ट्रा मॉडर्न फाइटर जेट, एयर डिफेंस सिस्‍टम के साथ ही कटिंग एज टेक्‍नोलॉजी से लैस बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल डेवलप करने में भी जुटा है. डिफेंस इक्विपमेंट की खरीद पर भी हजारों-लाखों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसी रणनीति के तहत भारत ने ब्रह्मोस से भी खतरनाक एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने की कोशिश में लगा है. इसी क्रम में भारत-रूस के बीच अत्‍याधुनिक मिसाइल खरीद को लेकर जल्‍द ही एक डील पक्‍की होने वाली है. बताया जा रहा है कि इससे भारत के एयर पावर में काफी वृद्धि होगी. Su-30MKI फाइटर जेट की ताकत भी कई गुना तक बढ़ जाएगी. दरअसल, भारत मित्र देश रूस से लॉन्‍ग रेंज की एयर-टू-एयर R-37M मिसाइल खरीदने की प्रक्रिया में है. ऐसी 300 मिसाइलें इंपोर्ट करने की योजना है. डील पर जल्‍द ही मुहर लगने की उम्‍मीद है. डील डन होने के बाद 12 से 18 महीनों में इसकी डिलीवरी शुरू हो जाएगी. भारत अपनी वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. भारतीय वायु सेना (IAF) और रूस के बीच लगभग 300 R-37M (नाटो नाम: AA-13 Axehead) बहुत लंबी दूरी तक मार करने वाली एयर-टू-एयर मिसाइलों की खरीद पर समझौता लगभग तय हो चुका है. इस सौदे से जुड़े कई सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. उम्मीद है कि समझौते के औपचारिक होते ही इन मिसाइलों की डिलीवरी 12 से 18 महीनों के भीतर शुरू हो जाएगी. R-37M मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल मैक 6 यानी 7400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार. यह एक क्रूज मिसाइल है, जो बेहद खतरनाक है. एयर-टू-एयर बैलिस्टिक मिसाइल में बेहद खतरनाक. इसकी रफ्तार मैक 2.8 या 3 यानी 3700 KMPH है. रूस-यूक्रेन जंग में इसने अपनी उपयोगिता साबित की है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसने अपनी ताकत दिखाई. चीन के PL-15 का मुकम्‍मल जवाब है यह मिसाइल. जल, थल और नभ से अटैक करने में पूरी तरह से सक्षम Su-30MKI में आसानी से इंटीग्रेट किया जा सकता है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई देशों ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई. क्‍यों खास है R-37M मिसाइल? R-37M को दुनिया की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली एक्टिव एयर-टू-एयर मिसाइल माना जाता है. यह 300 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है. उड़ान की ऊंचाई और लक्ष्य की दिशा के आधार पर इसकी आधिकारिक रेंज 150 से 200+ किमी बताई जाती है, लेकिन इसका वास्तविक मारक दायरा इससे काफी अधिक माना जाता है. यह मिसाइल ऊंचाई पर तेज गति से उड़ रहे भारतीय Su-30MKI लड़ाकू विमानों से दागी जाएगी और दुश्मन के AWACS, एयर-टैंकर, स्टैंड-ऑफ जैमर और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइलों को भारतीय सीमा में घुसने से पहले ही खत्म करने में सक्षम होगी. IAF के लिए यह मिसाइल जोड़ना भी अपेक्षाकृत आसान होगा, क्योंकि R-37M पहले से ही रूस के Su-30SM और Su-35S विमानों पर ऑपरेशनल है. चूंकि Su-30SM का डिज़ाइन भारत के Su-30MKI से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए मिसाइल को जोड़ने के लिए केवल कुछ सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत पड़ेगी. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, N011M Bars रडार और मिशन कंप्यूटर में छोटे बदलाव करके Su-30MKI पूरी तरह इस मिसाइल का इस्तेमाल कर सकेंगे. क्‍या चीन की PL-15 का जवाब है R-37M? इस सौदे की तेजी का एक बड़ा कारण हालिया अनुभव है. मई 2025 में हुए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान IAF के Su-30MKI कई बार पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) के J-10CE विमानों से रेंज में पीछे रह गए थे. J-10CE विमानों पर चीन की PL-15 मिसाइल लगी है, जिसकी रेंज 180–200 किमी तक मानी जाती है. भारतीय लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी की मिसाइल न होने के कारण कई बार पीछे हटना पड़ा. R-37M आने के बाद यह स्थिति पलट जाएगी. भारतीय Su-30MKI दुश्मन पर पहले नजर, पहले हमला और पहले लक्ष्य भेदने की क्षमता हासिल कर लेंगे. यानी उन्हें स्टैंड-ऑफ दूरी से ही दुश्मन के अहम एयरबोर्न सिस्टम को गिराने में बड़ी बढ़त मिल जाएगी. एक वरिष्ठ IAF अधिकारी ने बताया कि Astra Mk-2 अभी दो साल दूर है और Rafale पर Meteor मिसाइल इंटीग्रेशन में देरी हो रही है. ऐसे में R-37M ही एकमात्र ऐसा हथियार है जो 250–300 किमी दूर महत्वपूर्ण दुश्मन लक्ष्यों को तुरंत मार गिरा सकता है. सिर्फ एक Su-30MKI में दो R-37M लग जाएं, तो वह पूरे सेक्टर में दुश्मन के AWACS और टैंकरों को आगे आने से रोक सकता है. Astra Mk-3 आने तक यह बनेगी अंतरिम ताकत भारत भविष्य में अपनी स्वदेशी SFDR तकनीक वाली Astra Mk-3 मिसाइल (300+ किमी रेंज) पर निर्भर होना चाहता है. लेकिन यह मिसाइल 2030–32 के आसपास उत्पादन में आएगी. तब तक R-37M एक महत्वपूर्ण गैप भरने का काम करेगी. Su-30MKI पर इसे फ्यूज़लेज के नीचे सेमी-रिसेस्‍ड (semi-recessed) तरीके से लगाया जाएगा. प्रत्येक विमान पर दो मिसाइलें लग सकेंगी. इससे विमानों के पंखों पर छोटी रेंज की R-77-1 और Astra Mk-1/2 मिसाइलों को जगह मिल जाएगी. इस सौदे के बाद IAF की लंबी दूरी की हवाई लड़ाई की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी. दुश्मन के निगरानी विमान, टैंकर और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को पीछे धकेलने से भारत को पूरे हवाई क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल भारतीय वायु सेना को एशिया की सबसे घातक लंबी-रेंज एयर कॉम्बैट क्षमता प्रदान करेगी.

राहत की खबर: भारत की खुदरा महंगाई नवंबर में घटकर 0.71%

नई दिल्ली  भारत में खुदरा महंगाई दर नवंबर में 0.71 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर की महंगाई दर 0.25 प्रतिशत से 46 आधार अंक अधिक है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। मंत्रालय ने बताया कि नवंबर में शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 1.40 प्रतिशत रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 0.10 प्रतिशत रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में खाद्य महंगाई दर -3.91 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर -4.05 प्रतिशत है, जबकि शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर -3.60 प्रतिशत रही है। नवंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अनाज की कीमत में 0.10 प्रतिशत, मांस और मछली की कीमत में 2.50 प्रतिशत, अंडों की कीमत में 3.77 प्रतिशत, दूध और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 2.45 प्रतिशत, ऑयल और फैट की कीमतों में 7.87 प्रतिशत, फलों की कीमतों में 6.87 प्रतिशत, चीनी और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 4.02 प्रतिशत और गैर अल्कोहल पेय पदार्थों की कीमतों में 2.92 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। दूसरी तरफ सब्जियों की कीमतों में 22.20 प्रतिशत, दालों और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 15.86 प्रतिशत और मसालों की कीमतों में 2.89 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि परिवहन और संचार में महंगाई दर नवंबर में 0.88 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर में 0.94 प्रतिशत पर थी। ईंधन और ऊर्जा में नवंबर में महंगाई दर 2.32 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर में 1.98 प्रतिशत थी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को जीएसटी रेट कटौती और खाद्य कीमतों में तेज गिरावट के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए देश के मुद्रास्फीति दर के अनुमान को पहले के 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, "हेडलाइन मुद्रास्फीति में महत्वपूर्ण गिरावट आई है और इसके पिछले अनुमानों से भी नरम रहने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों का सौम्य रहना है। इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण 2025-26 और 2026-27 की पहली तिमाही में औसत मुद्रास्फीति के अनुमानों को कम कर दिया गया है।"

इंडिगो एयरलाइंस पर बड़ा झटका: सरकार ने भेजा 58.75 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस

नई दिल्ली  बड़ी संख्या में उड़ान रद्द होने के कारण सरकारी जांच का सामना कर रही बजट एयरलाइन इंडिगो को 58.75 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस मिला है। यह जानकारी एयरलाइन की ओर से शुक्रवार को दी गई। एयरलाइन ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि यह नोटिस वित्त वर्ष 2020-21 के लिए दिल्ली दक्षिण के सीजीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त की ओर से दिया गया है। फाइलिंग में इंडिगो की प्रवर्तक कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने कहा कि उसे गुरुवार (11 दिसंबर) को टैक्स पेनल्टी ऑर्डर प्राप्त हुआ, जिसमें जीएसटी की मांग के साथ-साथ जुर्माना भी शामिल है। एयरलाइन यह टैक्स नोटिस ऐसे समय पर मिला है, जब इंडिगो इस महीने की शुरुआत में बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने के कारण मुश्किलों का सामना कर रही है। इससे पहले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो पर बड़ा एक्शन लिया है और उन चार फ्लाइट निरीक्षकों को निकाल दिया है, जो कि इंडिगो की सुरक्षा और ऑपरेशनल मानकों के लिए जिम्मेदार थे। इसके अलावा विमानन नियामक ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को समन भेजा है और उन्हें शुक्रवार को अधिकारियों के समक्ष फिर से पेश होने के लिए कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण और निगरानी ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने के बाद डीजीसीए ने निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की है। नियामक ने अब इंडिगो के गुरुग्राम कार्यालय में दो विशेष निगरानी दल तैनात किए हैं ताकि एयरलाइन के संचालन पर कड़ी नजर रखी जा सके। यह दल प्रतिदिन शाम 6 बजे तक डीजीसीए को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। एक दल इंडिगो के बेड़े की क्षमता, पायलटों की उपलब्धता, चालक दल के उपयोग के घंटे, प्रशिक्षण कार्यक्रम, ड्यूटी विभाजन पैटर्न, अनियोजित अवकाश, स्टैंडबाय क्रू और चालक दल की कमी के कारण प्रभावित उड़ानों की संख्या की निगरानी कर रहा है। दूसरा दल यात्रियों पर संकट के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें एयरलाइन और ट्रैवल एजेंट दोनों से रिफंड की स्थिति, नागर विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) के तहत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति, समय पर उड़ान भरना, सामान की वापसी और समग्र रद्दीकरण की स्थिति की जांच करना शामिल है।

डॉक्टरों की ‘कठिन लिखावट’ पर रोक: हरियाणा सरकार ने दिए साफ अक्षरों में दवा लिखने के आदेश

अंबाला  डॉक्टर अपनी लिखावट को लेकर चर्चा में रहते हैं क्योंकि उनकी लिखी दवाई सिर्फ दवा स्टोर वालों को ही समझ आती है। लेकिन अब हरियाणा के नागरिक अस्पतालों में ओपीडी कार्ड पर डॉक्टरों की लिखावट में सुधार होगा। दवाओं के नाम व दिए गए उपचार को स्पष्ट रूप से लिखना होगा। अंबाला सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं।  पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को अपने कार्ड व मरीज की फाइल पर लिखावट में सुधार करते हुए साफ व स्पष्ट रूप से लिखने को कहा था। ताकि कोई मरीज ओपीडी में जाता है तो वह कार्ड पर लिखा उपचार व दवाइयों को ठीक ढंग से समझ सके कि आखिर कौन सी दवा लिखी है। अक्सर देखा जाता था कि डॉक्टर जो लिखते थे या तो केवल फार्मेसी वाले को समझ आता था या फिर खुद डॉक्टर को। अंबाला सिविल सर्जन डॉ राकेश सहल ने कहा कि मुख्यालय से मिले पत्र के बाद सभी सरकारी डॉक्टर्स को दवा पर्ची पर साफ-साफ राइटिंग में लिखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यदि कोई नियमों की उल्लंघना करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खपत बढ़ाने की तैयारी: सरकार ने घटाया GST, आम जनता को सीधी राहत

नई दिल्ली  भारत के लिए आने वाला साल आर्थिक दृष्टि से बेहतर रहने की उम्मीद है, क्योंकि उपभोक्ता खर्च यानी कंजम्पशन मोमेंटम मजबूत रहेगा। इसे कम महंगाई, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में कटौती के लंबे समय तक असर और इनकम-टैक्स व पॉलिसी रेट्स में ढील का समर्थन मिलेगा। ये वही कारण हैं जिन्होंने 2025 में मांग बढ़ाई और आने वाले साल में भी भरोसा बनाए रखेंगे। HDFC बैंक की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट साक्षी गुप्ता के अनुसार हाल के ट्रेंड्स को देखकर कहा जा सकता है कि 2026 में कंजम्पशन मोमेंटम काफी मजबूत स्थिति में होगा, जो आगे की ग्रोथ के लिए अच्छा आधार तैयार करता है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर पारस जसराय के मुताबिक, कंजम्पशन में वृद्धि के प्रमुख कारण कम महंगाई और सैलरी में सुधार हैं। अक्टूबर में खुदरा महंगाई 0.25% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई, जबकि 2025 के पहले 10 महीनों में यह औसतन 2.5% रही, पिछले साल इसी समय यह 4.9% थी। मिडिल-इनकम कंजम्पशन बढ़ेगा नोमुरा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑरोदीप नंदी ने बताया कि कम महंगाई 2026 में भी रहने की उम्मीद है, जिससे घरों की असली कमाई और कंपनियों के मुनाफे को समर्थन मिलेगा। इसका असर मिडिल-इनकम वर्ग की खरीदारी पर पड़ेगा, जबकि तेज ग्रोथ अमीर खरीदारों की तरफ से आएगी। जुलाई-सितंबर में निजी खपत तीन तिमाहियों के उच्चतम 7.9% पर पहुंच गई थी, पिछली तिमाही में यह 7% थी और FY26 की पहली छमाही में यह 7.5% रही। केयरएज रेटिंग्स की चीफ इकोनॉमिस्ट रजनी सिन्हा को उम्मीद है कि रफ्तार बनी रहेगी, हालांकि H2FY26 में निजी खपत लगभग 7.3% और FY27 में 7% पर आ सकती है, क्योंकि पिछले साल का बेस इफेक्ट कम हो रहा है और त्योहारों के बाद मांग घट सकती है। ग्रामीण और शहरी खपत ग्रामीण और शहरी खपत में भी सुधार की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में वेतन बढ़ने और खेती के अच्छे उत्पादन के कारण खर्च बढ़ेगा, लेकिन फॉर्मल जॉब मार्केट पर नजर रखना जरूरी है। क्वांटइको रिसर्च की इकोनॉमिस्ट युविका सिंघल के मुताबिक नौकरी और आय की स्थिति शहरी कंजम्पशन मोमेंटम के लिए महत्वपूर्ण है। शहरी खपत को रोजमर्रा की चीज़ों से लेकर प्रीमियम प्रोडक्ट्स तक बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि अभी यह केवल प्रीमियम सेगमेंट में ही बेहतर प्रदर्शन कर रही है।    

कड़ाके की सर्दी ने बढ़ाई चिंता, 19 दिसंबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित

जम्मू-कश्मीर देश के कई राज्यों में तापमान तेजी से गिर रहा है और ठंड अपनी चरम सीमा की ओर बढ़ रही है। कई जगहों पर शीतलहर की दस्तक ने हालात और कठिन बना दिए हैं। घना कोहरा सुबह के समय जीवन को प्रभावित कर रहा है, जिसका असर सबसे ज़्यादा स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। जैसे-जैसे सर्दी तीखी होती जा रही है, वैसे-वैसे बच्चे स्कूलों में छुट्टी की घोषणा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। इसी बीच देश के एक राज्य में स्कूलों में लंबी छुट्टियों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में स्कूल बंद… 7 दिन की तुरंत छुट्टी घोषित जम्मू-कश्मीर के विंटर ज़ोन (मुख्यतः पहाड़ी इलाकों) में 13, 14, 15, 16, 17, 18 और 19 दिसंबर को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस क्षेत्र में शीतलहर, भारी बर्फबारी और घने कोहरे के कारण मौसम का ‘ट्रिपल अटैक’ जारी है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए छुट्टियाँ घोषित की हैं। ये छुट्टियाँ केवल शुरुआती सात दिन नहीं हैं- इससे आगे भी स्कूल बंद रहेंगे क्योंकि विंटर ज़ोन में पूरा दिसंबर छुट्टियों के तौर पर निर्धारित किया गया है। जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की छुट्टियों का पूरा शेड्यूल प्री-प्राइमरी: 26 नवंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक कक्षा 1 से 8: 1 दिसंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक कक्षा 9 से 12: 11 दिसंबर 2025 से 22 फ़रवरी 2026 तक बच्चों और अभिभावकों के चेहरे पर खिली खुशी इतनी लंबी सर्दियों की छुट्टियाँ मिलने से बच्चों की ख़ुशी देखते ही बनती है। न सिर्फ बच्चे, बल्कि अभिभावक और शिक्षक भी राहत महसूस कर रहे हैं। ठंड के बीच स्कूल आने-जाने की दिक्कतों से छुटकारा मिला है और परिवारों को एक लंबा ब्रेक मिल गया है। यदि आप चाहें तो मैं इस लेख को और अधिक पत्रकारिता शैली में, सोशल मीडिया पोस्ट शैली में, या ब्रेकिंग न्यूज़ फॉर्मेट में भी बदलकर दे सकता हूँ।