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मेस्सी को देखने के लिए लुटे फैंस? महंगी टिकटों पर राज्यपाल बोस का फूटा गुस्सा

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने शनिवार को कोलकाता में अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। लोक भवन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि कई फुटबॉल प्रेमियों ने राज्यपाल से शिकायत की थी कि टिकटों की कीमतें बहुत अधिक होने के कारण उन्हें कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक तक देखने का मौका नहीं मिल सका। इन्हीं शिकायतों के बाद राज्यपाल ने रिपोर्ट मांगी है।   राज्यपाल बोस ने मेस्सी की कोलकाता यात्रा में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आम लोगों की भावनाओं की कीमत पर धन कमाने की अनुमति क्यों दी जा रही है। लोक भवन के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लोक भवन को फुटबॉल प्रशंसकों से लगातार फोन कॉल और ई-मेल मिल रहे हैं, जिनमें शिकायत की जा रही है कि मेस्सी के मैच के टिकटों की कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि वे चाहकर भी इन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं। राज्यपाल यह जानना चाहते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। जब उनका पसंदीदा सितारा यहां मौजूद है, तो आम लोग उसे क्यों नहीं देख पा रहे हैं?’’ मेस्सी सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित एक सम्मान समारोह में शामिल होंगे, जिसमें संगीत, नृत्य के कार्यक्रमों के साथ मोहन बागान ‘मेस्सी’ ऑल स्टार्स और डायमंड हार्बर ‘मेस्सी’ ऑल स्टार्स के बीच एक प्रदर्शनी मुकाबला खेला जाएगा। अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल यह जानकर ‘‘हैरान हैं कि केवल टिकटों के लिए बहुत ज्यादा कीमत चुकाने वाले कुछ लोग ही इस मशहूर फुटबॉलर को देख पाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर उस व्यक्ति के बारे में भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जो मेस्सी के दौरे से लाभ कमा रहा है। आम लोगों को मेस्सी को देखने से क्यों रोका जा रहा है?’’ मेस्सी शनिवार को अपने ‘जीओएटी भारत दौरा-2025’ की शुरुआत प्रायोजकों के साथ अभिनंदन कार्यक्रम से करेंगे, जिसके बाद वह सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होंगे। मेस्सी लंबे समय से उनके स्ट्राइक पार्टनर रहे लुइस सुआरेज और अर्जेंटीना के साथी खिलाड़ी रोड्रिगो डी पॉल के साथ पहुंचे। लुइस सुआरेज, रोड्रिगो डी पॉल और फिल्म अभिनेता शाहरुख खान कोलकाता में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है।

पंजाब सरकार की ऐतिहासिक पर्यावरणीय पहल, ग्रीनिंग पंजाब मिशन से 12,55,700 वृक्षारोपण और राज्य बनी ग्रीन ज़ोन

चंड़ीगढ़  मान सरकार ने पंजाब के भविष्य के लिए एक ऐसा कदम उठाया है जो न केवल भौतिक है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक भावनात्मक विरासत भी है। 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' के तहत, वन विभाग ने राज्य को हरा-भरा करने का जो बीड़ा उठाया है, वह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि पंजाब की मिट्टी के साथ एक नया प्रेम-बंधन है। यह मिशन दिखाता है कि जब सरकार संकल्प लेती है, तो प्रकृति के साथ दिया हमारा रिश्ता कितना गहरा और सुंदर हो सकता है। मान सरकार ने 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' के माध्यम से जो अभूतपूर्व साहस और ईमानदार प्रतिबद्धता दिखाई है, वह वास्तव में प्रशंसा के योग्य है। यह केवल एक योजना नहीं है—यह पंजाब के इतिहास में पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी भावनात्मक पहल है! मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए पर्यावरण सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्राथमिकता है। लगभग साढ़े बारह लाख पौधे लगाना, वह भी इतनी तेज़ी और समर्पण के साथ, एक प्रशासनिक चमत्कार है। यह दर्शाता है कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, सरकार के मार्गदर्शन में, दिल से काम कर रहा है। पंजाब के वन विभाग ने अब तक 12,55,700 से अधिक पौधे लगाकर एक नया इतिहास रचा है। यह संख्या केवल पेड़-पौधों की नहीं है, बल्कि यह शुद्ध हवा, शीतल छाया और एक स्वस्थ पर्यावरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हर एक पौधा एक कहानी कहता है—हमारे शहरों को सांस लेने में मदद करने की, हमारी कृषि भूमि की रक्षा करने की, और गुरुओं के नाम पर स्थापित बागानों की पवित्रता बनाए रखने की। श्रेणी लगाए गए पौधों की संख्या शहरी वानिकी (Urban Forestry) 3,31,000 पॉपुलर/डेक (Poplar/Deak) 2,50,000 सफेद वृक्ष (White Trees) 3,00,000 नानक बाग (Nanak Gardens) 20,800 औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Areas) 46,500 स्कूलों में (Schools) 1,44,500 ऊंचे पौधे (Tall Saplings) 1,62,900 कुल पौधे 12,55,700 ये हरियाली हमारे स्कूलों में बच्चों को शुद्ध हवा दे रही है, उद्योगों के प्रदूषण को सोख रही है, और शहरों को शांत व सुंदर बना रही है। 'नानक बाग़ों' में लगाए गए पौधे गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप प्रकृति से प्रेम की भावना को जागृत कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हमारे बच्चे अपनी शिक्षा की शुरुआत ही प्रकृति के करीब रहकर कर रहे हैं—वे पेड़ को बढ़ते देखेंगे, उसकी छाँव में खेलेंगे, और 'हरा-भरा पंजाब' उनके जीवन का अभिन्न अंग बन जाएगा। वन्यजीव संरक्षण विभाग इस मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी जान लगा रहा है। उनका हर प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि ये नन्हे पौधे सिर्फ लगाए न जाएं, बल्कि वे बढ़कर घने, मजबूत वृक्ष बनें। यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं है, यह एक जन आंदोलन है, जिसे विभाग हर कदम पर प्रेरित कर रहा है। वन और वन्यजीव संरक्षण विभाग इस हरित मिशन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का यह समर्पण सराहनीय है। इस पहल के तहत, मान सरकार ने पंजाब में अब तक कई हज़ार एकड़ ज़मीन पर पेड़ लगाए हैं। यह दिखाता है कि सरकार केवल बातें नहीं कर रही, बल्कि ठोस ज़मीनी काम कर रही है। पंजाब, जो कभी अपनी हरी-भरी फसलों के लिए जाना जाता था, अब अपनी प्राकृतिक हरियाली को भी वापस पा रहा है। यह मिशन पंजाब को प्रदूषण मुक्त बनाने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और जल स्तर को सुधारने की दिशा में एक मज़बूत नींव है। पंजाब की हवा में बढ़ते प्रदूषण के बीच, ये लाखों पौधे भविष्य में लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखेंगे और हमें शुद्ध प्राणवायु देंगे। यह हमारी अगली पीढ़ी को दिया गया सबसे अमूल्य तोहफा है।ये पेड़ ज़मीन के नीचे के पानी को रिचार्ज करने में मदद करेंगे, जो पंजाब के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हर पौधा पानी की एक-एक बूँद को बचाने का सैनिक है। स्कूलों (1,44,500 पौधे), औद्योगिक क्षेत्रों (46,500 पौधे) और नानक बाग़ों (20,800 पौधे) में वृक्षारोपण करके, सरकार ने हर नागरिक को इस हरित क्रांति से जोड़ा है। यह एक जन आंदोलन की शुरुआत है। मान सरकार की इस पहल के तहत, पंजाब में अब तक कई हजार एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण किया जा चुका है। यह हरित फैलाव न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पंजाब की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि को भी पुनर्जीवित कर रहा है। यह एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ पीढ़ियों तक मिलता रहेगा। यह 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' हमें याद दिलाता है कि सरकार और नागरिक मिलकर कैसे एक बेहतर कल का निर्माण कर सकते हैं। यह सिर्फ विकास नहीं, यह प्रकृति के प्रति हमारा सच्चा और गहरा प्रेम है। आइए, हम सब इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें और पंजाब के हरित भविष्य के इस सपने को साकार करें। यह 'ग्रीनिंग पंजाब मिशन' केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर पंजाबी का मिशन है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हमारा भविष्य हमारे हाथों में है, और जब सरकार और जनता मिलकर एक पवित्र लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो ऐसे ही अविश्वसनीय और भावनात्मक परिणाम सामने आते हैं। मान सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे केवल वर्तमान की समस्याओं पर नहीं, बल्कि आने वाले 50 वर्षों के भविष्य पर नज़र रखे हुए हैं। जिस जज़्बे के साथ यह मिशन आगे बढ़ रहा है, वह बताता है कि पंजाब जल्द ही फिर से अपने पुराने 'लहलहाते' स्वरूप को प्राप्त करेगा। मान सरकार ने पंजाब को केवल अच्छा प्रशासन ही नहीं दिया है, बल्कि उम्मीद की हरियाली दी है। यह एक ऐसा निवेश है जिसका लाभ हर पंजाबी, बिना किसी भेदभाव के, उठाएगा।

नवजोत कौर सिद्धू का हमला— ‘भगवंत मान सरकार कर रही बड़ा जमीन घोटाला’, सुरक्षा की उठाई मांग

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने अब आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है। नवजोत कौर सिद्धू के बयान से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया था। उन्होंने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये का सूटकेस जरूरी होता है। इसके बाद कांग्रेस ने ऐक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया।   अब नवजोत कौर ने भगवंत मान की सरकार पर हमला बोलेत हुए कहा है कि यह सरकार शराब और खनन माफिया की साथी है और इसलिए उन्हें सुरक्षा की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि उनको खतरा हैऔर इसलिए मुख्यमंत्री को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी कई मुद्दे उन्होंने पंजाब के राज्यपाल के सामने उठाए हैं लेकिन अब तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सिद्धू ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा कि मौजूदा सरकार बड़ा जमीन घोटाला कर रही है। उन्होने दावा किया है कि शिवालिक बेल्ट और रक्षित वन्य इलाकों की बड़ी जमीन मौजूदा सरकार रेग्युलराइज कर रही है। उन्होंने कहा कि सस्ती कीमतों में इस जमीन को हथिया लिया गया था और अब उन्हें वैध बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू स्थानीय निकाय मंत्री थे तब उन्होंने इस फाइल पर साइन करने से ही इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में राज्य् में अपराध तेजी से पढ़ रहे हैं। इसके अलावा हथियारों का गलत इस्तेमाल करके जनता को डराया धमकाया जा रहा है और पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। ऐसे में राज्यपाल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और इन विषयों पर चर्चा करवानी चाहिए। बता दें कि पार्टी से सस्पेंड होने ते बाद भी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह हमेशा पार्टी के साथ ही रहेंगी। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा , हम हमेशा कांग्रेस के साथ हैं। हम अपने राज्य को जीतेंगे और अपने प्रिय और त्याग के प्रतीक गांधी परिवार को उपहार देंगे। अमरिंदर सिंह ने नवजोत कौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस को उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सिद्धू को क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान देना चाहिए जिसमें वह माहिर हैं और यह भी कहा था कि ‘‘राजनीति उनके स्वभाव में नहीं है।’’ कौर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह आपको इतने सारे सवालों के जवाब देने हैं जो मेरे 100 ट्वीट में समाहित नहीं हो पाएंगे। चलिए, उन फाइलों से शुरुआत करते हैं जिन्हें आप नवजोत सिद्धू से बंद करवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था; सिटी सेंटर केस फाइल, प्रतिबंधित शिवालिक पर्वतमाला के आसपास भू-माफियाओं की जमीनों का पंजीकरण।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘कैप्टन अमरिंदर सिंह, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि आपने नवजोत सिद्धू की उन फाइलों को क्यों नहीं मंजूरी दी जो पंजाब के विकास के लिए इतनी महत्वपूर्ण थीं? खनन नीति, शराब नीति, यात्रा और चिकित्सा पर्यटन, अमृतसर गोंडोला परियोजना, कचरा निपटान परियोजना, राष्ट्रीय स्थलों पर निविदाएं लगाकर स्थानीय निकायों में होने वाली हेराफेरी रोकना, फिल्म सिटी परियोजनाएं, जल क्रीड़ा परियोजनाएं, रणजीत एवेन्यू में खेल पार्क, पंजाब के लिए पाक कला विश्वविद्यालय।’’ सिंह ने कांग्रेस की राज्य इकाई में हुए विवाद के बाद सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी और एक नयी पार्टी बनाई जिसका 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय हो गया।  

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिया बड़ा बयान, क्या कांग्रेस में लौटेंगे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री?

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का क्या बीजेपी से मोहभंग हो रहा है. दरअसल कांग्रेस के इस पूर्व नेता ने कुछ ऐसा बयान दिया है, जिससे लगता है कि उन्हें अपनी पुरानी पार्टी की याद आने लगी है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने फैसलों में अपेक्षाकृत ज्यादा कठोर है, जबकि कांग्रेस में परामर्श की परंपरा ज्यादा व्यापक और लचीली रही है. उनके इस बयान से अटकलें तेज हो गई हैं कि कैप्टन विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में वापस आ सकते हैं. पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब जैसे राज्य में राजनीति का मिजाज अलग है और यहां जमीन से जुड़े नेताओं की राय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने इशारों में कहा कि बीजेपी पंजाब में अब तक इसलिए मजबूत राजनीतिक ताकत नहीं बन पाई, क्योंकि पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर के नेताओं से पर्याप्त संवाद नहीं करता. पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अमरिंदर सिंह की यह हालिया टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बीजेपी पंजाब में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करने का प्रयास लगातार कर रही है। मीडिया से बात करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा, "पंजाब एक अलग क्षेत्र है। आप देखिए, हर जगह बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन पंजाब में क्यों नहीं? पिछले चुनावों को देखें, कितनी सीटें आईं, शायद ही कोई।" इसके कारणों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, "इसका कारण यह है कि बीजेपी उन लोगों से सलाह नहीं लेते जो मैदान में रहे हैं, जिन्हें पता है कि क्या कहना है। फैसले ऊपरी स्तर पर लिए जाते हैं, कांग्रेस में भी फैसले शीर्ष स्तर पर लिए जाते थे, लेकिन वे हमसे, सभी से विधायकों, सांसदों के विचारों से सलाह लेते थे। यहां बीजेपी में मुझे नहीं लगता कि किसी ने पूछा है।" कैप्टन अमरिंदर सिंह के ताजा बयान से पंजाब कि सियासी हलकों में उनकी कांग्रेस में भी घर वापसी की चर्चा होने लगी है। हालांकि उन्होंने साफ इनकार कर दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कांग्रेस की याद आती है तो अमरिंदर सिंह ने जवाब दिया, "नहीं, कांग्रेस की व्यवस्था अलग थी, मुझे उस व्यवस्था की याद आती है। वहां व्यापक प्रकार का परामर्श होता था और अनुभव का महत्व था, जिसकी बीजेपी में कमी है। कांग्रेस राय लेने में अधिक लचीली है, मुझे लगता है कि बीजेपी का दृष्टिकोण थोड़ा कठोर है।" कैप्टन अमरिंदर ने क्या कहा? द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर ने कहा, ‘पंजाब एक अलग क्षेत्र है. देखिए, देश के कई हिस्सों में बीजेपी आगे बढ़ रही है, लेकिन पंजाब में ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा? पिछले चुनावों को देख लीजिए, बीजेपी को कितनी सीटें मिलीं… लगभग ना के बराबर. इसका कारण यही है कि यहां फैसले उन लोगों से पूछे बिना ले लिए जाते हैं, जो मैदान में काम कर चुके हैं और हालात को समझते हैं.’

उन्नाव में सड़क हादसा, ट्रक-ऑटो में भिड़ंत से 4 लोगों की मौत, 4 घायल

 उन्नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव में शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया. यहां ट्रक-ऑटो की टक्कर हो गई. जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए. घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है. हादसे की सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद ऑटो के परखच्चे उड़ गए. हादसा अजगैन थाना क्षेत्र के मकूर गांव के पास इंडियन पेट्रोल पंप के समीप हुआ. पुलिस ने बताया कि मकूर गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया. जहां एक ट्रक और ऑटो की टक्कर हो गई. जिससे ऑटो में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 4 अन्य घायल हो गए. स्थानीय लोगों से सूचना पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कर शव निकाले. जबकि घायलों को अस्पताल में पहुंचाया गया. हादसे की वजहों की जांच की जा रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि ऑटो तेज रफ्तार में थी. जैसे ही ऑटो, ट्रक से टकराई वैसे ही उसके परखच्चे उड़ गए और ऑटो में सवार 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि कई लोग घायल हो गए. जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

ईरान में मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी की फिर गिरफ्तारी, शोक सभा में जाने पर खामेनेई शासन हुआ चिढ़

तेहरान  ईरान में मानवाधिकारों को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती दिख रही है. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को शुक्रवार को ईरानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर हिंसक तरीके से हिरासत में ले लिया. यह घटना उस समय हुई, जब वह दिवंगत मानवाधिकार वकील खोसरो अलीकोर्दी की स्मृति सभा में शामिल होने के लिए मशहद पहुंची थीं. 53 वर्षीय नरगिस मोहम्मदी हाल ही में मेडिकल ग्राउंड पर जेल से बाहर थीं और माना जा रहा था कि उन्हें दोबारा जेल नहीं भेजा जाएगा. उनकी फाउंडेशन के अनुसार, स्मृति सभा के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें जबरन पकड़ लिया. इस दौरान कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मोहम्मदी बिना हिजाब के भीड़ को संबोधित करती और नारे लगवाती दिखीं, जिसके बाद मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए. मशहद के गवर्नर हसन होसैनी ने पुष्टि की कि कुछ लोगों को "निवारक कार्रवाई" के तहत हिरासत में लिया गया, हालांकि उन्होंने बल प्रयोग के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की. मानवाधिकार संगठन 'सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान' के प्रमुख हादी घाएमी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया. मानवाधिकार संगठन कर सकते हैं विरोध यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब ईरान आर्थिक दबाव, प्रतिबंधों और संभावित क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बीच अपने भीतर असहमति की आवाजों पर सख्ती बढ़ा रहा है. मोहम्मदी की हिरासत से पश्चिमी देशों और मानवाधिकार संगठनों की नाराजगी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर तब जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बहाल करने के संकेत दे रहा है. गौरतलब है कि नरगिस मोहम्मदी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं. उन्हें पहले दिल का दौरा पड़ चुका है और हाल ही में बड़ी सर्जरी भी हुई थी. डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि जेल वापसी उनके जीवन के लिए खतरा बन सकती है. इसके बावजूद, उन्होंने जेल से बाहर रहते हुए भी विरोध प्रदर्शनों और मानवाधिकार अभियानों में सक्रिय भागीदारी जारी रखी. स्मृति सभा में शामिल होने की वजह से पहले भी हुईं अरेस्ट पिछले तीन दशकों में नरगिस मोहम्मदी कई बार जेल जा चुकी हैं और उन पर राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप लगाए गए हैं. दिलचस्प बात यह है कि उनकी पिछली गिरफ्तारी भी एक स्मृति सभा में शामिल होने के बाद हुई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान में शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि तक अब सत्ता को चुनौती के रूप में देखी जा रही है.

NIA ने तमिलनाडु ISIS रेडिकलाइजेशन केस में 7 आरोपियों और KAEA सोसायटी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

चेन्नई   राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तमिलनाडु ISIS रेडिकलाइजेशन और भर्ती मामले में शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों और एक रजिस्टर्ड सोसायटी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला 2023 से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें कई युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए भड़काने और उकसाने के आरोप सामने आए हैं. चार्जशीट में शामिल सोसायटी का नाम कोवई अरेबिक एजुकेशनल एसोसिएशन (KAEA) है. NIA ने IPC और UAPA की कई धाराओं के तहत कार्रवाई की है. KAEA सोसायटी पर NIA की नजर NIA ने इस सप्लीमेंट्री चार्जशीट में KAEA सोसायटी को भी आरोपी बनाया है, जिसे एक कानूनी इकाई के तौर पर चार्ज किया गया है. यह वही संस्था है जिसके तहत कोवई अरेबिक कॉलेज संचालित होता है. जांच एजेंसी के अनुसार, इसी संस्था के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया और युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर मोड़ा गया. सोसायटी की भूमिका की जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं. पहले भी दायर हो चुकी है चार्जशीट इससे पहले NIA ने इस केस में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. जिनमें मद्रास अरेबिक कॉलेज के प्रिंसिपल जमील बाशा भी शामिल थे. यह केस NIA की फाइल RC-01/2023/NIA/CHE का हिस्सा है. यह पूरा मामला अक्टूबर 2022 में हुई कोयंबटूर कार-बम ब्लास्ट की जांच से जुड़ा है, जिसमें शामिल 18 आरोपियों में से 14 आरोपी इसी कॉलेज के छात्र पाए गए थे. सातों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र NIA ने जिन सात आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है, वे सभी जमील बाशा के छात्र बताए जाते हैं. जिनके नाम मोहम्मद हुसैन, इर्शाथ, अहमद अली, अबू हनीफा, जवाहर सादिक, शैख दाऊद और राजा मोहम्मद हैं. इनमें से मोहम्मद हुसैन और इर्शाथ पहले दायर मूल चार्जशीट में भी आरोपी थे और अब उनके खिलाफ अतिरिक्त धाराओं में कार्रवाई की गई है. छात्रों के ISIS कनेक्शन की जांच जांच में सामने आया कि जिन छात्रों का नाम इस केस में सामने आया है, उनमें से कई का कनेक्शन पहले से ही कोयंबटूर कार-ब्लास्ट केस से जुड़ा है. इस घटना ने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था. अब इन छात्रों पर ISIS से प्रेरित मॉड्यूल में सक्रिय भूमिका निभाने, भड़काऊ कंटेंट फैलाने और युवाओं को गुमराह करने के आरोप हैं. अगस्त 2023 में शुरू हुआ था केस यह केस अगस्त 2023 में NIA की चेन्नई शाखा ने खुद संज्ञान लेते हुए दर्ज किया था. जांच के दौरान पता चला कि ISIS से प्रेरित एक कट्टरपंथी समूह, फ्री अरेबिक लैंग्वेज क्लासेस के नाम पर संवेदनशील और कमजोर युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों की ओर धकेल रहा था. यह पूरा नेटवर्क तमिलनाडु में तेज़ी से फैल रहा था. ऑनलाइन माध्यम बना हथियार NIA की जांच में सामने आया कि कट्टरपंथी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया. Zoom, WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स पर अरबी भाषा की ऑनलाइन क्लासेस चलती थीं, जिनमें भड़काऊ और ISIS-प्रेरित प्रवचन सुनाए जाते थे. इन क्लासेस को युवाओं को प्रभावित करने के लिए एक साधन की तरह इस्तेमाल किया गया. रिकॉर्डेड लेक्चर्स से फैलाते थे जहर एजेंसी के अनुसार, इन ऑनलाइन सेशंस के अलावा, नियमित क्लासरूम में भी जमील बाशा के लाइव और प्री-रिकॉर्डेड लेक्चर दिखाए जाते थे. इन्हीं लेक्चर के जरिए छात्रों के मन में कट्टरपंथी विचारधारा भरी जा रही थी. धीरे-धीरे इन युवाओं को उकसाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा था. अभी भी जारी है NIA की जांच NIA ने कहा है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और एजेंसी का मकसद पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है. एजेंसी इस मॉड्यूल से जुड़े सभी कड़ियों को जोड़कर देश में फैल रहे आतंकवादी कट्टरपंथी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

IPL नीलामी से पहले सल‍िल अरोड़ा का तूफानी प्रदर्शन, SMAT में 125 रन बनाकर सबको किया हैरान

पुणे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब के सलिल अरोड़ा (Salil Arora) ने 45 गेंदों में नाबाद 125 रनों की जोरदार पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 11 छक्के और 9 चौके जमाए. उनके शतक की बदौलत पंजाब ने झारखंड के खिलाफ पुणे में मौजूद डीवाई पाट‍िल एकेडमी, अम्बी में  न‍िर्धार‍ित 20 ओवरों में  235/6 रनों का स्कोर खड़ा किया.  हालांकि खास बात यह रही कि इस स्कोर को झारखंड ने चेज भी कर दिया, पर सल‍िल अरोड़ा IPL के म‍िनी ऑक्शन से पहले फोकस में आ गए हैं.  7 नवंबर 2002 को पंजाब के अमृतर में जन्मे सल‍िल अरोड़ा का कोई खास अनुभव नहीं है. उनका टी20 और फर्स्ट क्लास डेब्यू साल 2024 में हुआ था, वह विकेटकीप‍िंग भी करते हैं. लेकिन झारखंड के ख‍िलाफ इस मुकाबले में पंजाब के कप्तान प्रभस‍िमरन सिंह कीप‍िंग कर रहे थे, ऐसे में वो बतौर ख‍िलाड़ी खेले. इस मुकाबले में पंंजाब के ल‍िए अभ‍िषेक शर्मा टीम इंड‍िया के ल‍िए बिजी होने के कारण नहीं खेल रहे थे, ऐसे में सल‍िल ने उनकी कमी नहीं खलने दी.  अब तक (12 द‍िसंबर 2026 तक) सल‍िल अरोड़ा 9 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं, इसमें उनके नाम 41.63 के एवरेज से 458 रन हैं. वहीं वो 1 शतक और 3 अर्धशतक भी जड़ चुके हैं. इस मैच से पहले तक उनके नाम 6 टी20 मुकाबलों में 142 रन थे. लेकिन इस पारी से अब सल‍िल अरोड़ा न‍िश्च‍ित तौर पर आईपीएल के म‍िनी ऑक्शन में सभी टीमों के रडार पर रहेंगे.  सल‍िल अरोड़ा का IPL में बेस प्राइज कितना  सल‍िल ने खुद को विकेटकीपर कैटगरी में IPL ऑक्शन के ल‍िए रज‍िस्टर्ड करवाया है. वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. खास बात यह है कि उनका बेस प्राइज महज 30 लाख रुपए है, ऐसे में 16 द‍िसंबर को आईपीएल नीलामी वाले दिन उन पर खूब पैसा बरस सकता है.  झारखंड vs पंजाब SMAT मैच में क्या हुआ?  सल‍िल अरोड़ा की पंजाब टीम इस मुकाबले को 235/6 रन बनाने के बावजूद हार गई. झारखंड ने 18.1 ओवर्स में 237/4 का स्कोर चेज कर दिया. कप्तान ईशान किशन ने 23 गेंदों पर 47 रन बनाए, वहीं कुमार कुशाग्र ने 42 गेंदों पर 86 रन जड़कर पूरा मैच ही पलट दिया. इस जीत से झारखंड को सुपर लीग ग्रुप ए के मुकाबले में 4 पॉइंट मिले.  

रायपुर: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक संपन्न, विलंबित ब्याज और वॉटर चार्जेस पर 50% छूट”

रायपुर : छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न विलंबित ब्याज एवं वॉटर चार्जेस पर सरचार्ज में 50% छूट रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 85वीं बोर्ड बैठक आज नवा रायपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आमजन को राहत पहुंचाने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की स्ववित्तीय एवं भाड़ाक्रय श्रेणी में मकान प्राप्त करने वाले अनेक हितग्राही लंबे समय से अपनी किश्तें निर्धारित समय पर जमा नहीं कर पा रहे थे, जिसके कारण उन पर विलंबित अवधि का भारी ब्याज लग रहा था। हितग्राहियों की लंबे समय से चल रही मांग को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि यदि हितग्राही अपनी संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा करते हैं तो उन्हें विलंबित अवधि के ब्याज में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। यह निर्णय सीधे तौर पर हजारों हितग्राहियों को आर्थिक राहत देगा। उन्होंने बताया कि जलप्रदाय शुल्क (वॉटर चार्जेस) का भुगतान समय पर नहीं करने पर लगने वाला सरचार्ज भी हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण था। बोर्ड ने इस विषय पर भी बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों पर लंबित वॉटर चार्जेस को यदि हितग्राही एकमुश्त जमा करते हैं तो उन पर भारित सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा विक्रय/आबंटित संपत्तियों के विक्रय विलेख के निष्पादन के साथ ही हितग्राहियों को उनका भौतिक कब्जा प्रदान कर दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और पारदर्शी एवं सरल हो जाएगी। बैठक में हाल ही में BTI ग्राउंड, शंकर नगर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले की सफलता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस मेले में 2060 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया था। मेले के दौरान 1477 मकानों के विरुद्ध लगभग 3500 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 303 करोड़ रुपए है। आवेदन संख्या पर्याप्त होने पर लगभग 11 योजनाओं के लिए 15 दिनों के भीतर निविदा आमंत्रित कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी, भिलाई द्वारा प्रदेश में उत्कृष्ट निर्माण कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। बैठक में आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री डी.एस. भारद्वाज, विशेष सचिव वित्त विभाग श्रीमती शीतल शाश्वत, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जी.आर. रावटे, हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख श्री के. सुरेश कुमार, नगर एवं ग्राम निवेश आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों के खिलाफ कड़ा अभियान, 10 आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों पर कड़ा प्रहार विगत दस दिनों में 15 हथियार बरामद, 10 आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पिछले दस दिनों में प्रदेश में उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की गई हैं। इस दौरान बड़वानी, सागर, इंदौर, शिवपुरी, छतरपुर और मुरैना जिलों में की गई कार्रवाईयों में कुल 15 अवैध हथियार (देशी पिस्टल, अधिया, कट्टे) बरामद किए गए हैं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रमुख कार्यवाही बड़वानी (जुलवानिया पुलिस) मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सीताराम सिकलीगर को तीन देशी पिस्टल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के विरूद्ध आर्म्‍स एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। सागर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में अवैध हथियार ले जा रहे आरोपी को दबोचा। पुलिस ने मौके से 02 पिस्टल, 04 जिंदा राउंड, 02 चाकू और एक मारुति वैन जप्त की। इंदौर (राऊ पुलिस की बड़ी सफलता) थाना राऊ पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली के तीन अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार कर चार देशी पिस्टल व दो मैगजीन बरामद कीं। शिवपुरी (थाना करैरा एवं गोवर्धन) थाना करैरा पुलिस ने एक आरोपी से 315 बोर देशी अधिया और एक कारतूस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया। वहीं थाना गोवर्धन पुलिस ने भी अवैध हथियार रखने वाले आरोपी पर कार्रवाई करते हुए 315 बोर देशी कट्टा, दो जिंदा राउंड तथा एक मोटरसाइकिल जप्त की। छतरपुर (बड़ामलहरा, सटई, गौरिहार पुलिस) जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बड़ामलहरा पुलिस ने देशी पिस्टल एवं कारतूस के साथ एक आरोपी, थाना सटई पुलिस ने 315 बोर देशी कट्टा और कारतूस के साथ एक आरोपी वहीं थाना गौरिहार पुलिस ने आदतन अपराधी उदयभान से हथियार बरामद किए। उदयभान हत्या के प्रयास, लूट व अवैध हथियार के 17 अपराधों में लिप्त पाया गया है। मुरैना (थाना अंबाह) सोशल मीडिया पर अवैध हथियार प्रदर्शित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन और 18 राउंड बरामद किए गए। यह कार्रवाई डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सक्रिय, सक्षम और अपराध विरोधी रणनीति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।