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निगम का पंजा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के फार्महाउस तक पहुँचा, दिवान बोले— ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’

सोनीपत  सोनीपत में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान के दीवान फार्म हाउस की एक दीवार को निगम टीम ने अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया। इस तोड़फोड़ को लेकर अधिकारियों और कांग्रेस समर्थकों में गहमागहमी नजर आई। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सुल्तानपुर माजरा की ओर बनी दीवार के संबंध में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों ने बताया कि उन्हीं नोटिसों के आधार पर सोमवार को दीवार का एक हिस्सा गिराया गया, जबकि बाकी हिस्से के लिए भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान संभावित विवाद को रोकने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।   मौके पर पहुंचे जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि यह उनकी पुश्तैनी जगह है, जो लंबे समय से बनी हुई है। दिवान ने आरोप लगाया कि निगम की यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उनके अनुसार, चुनावी माहौल को देखते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के दीवार गिराई गई है। दिवान ने दावा किया कि फार्म हाउस कई दशकों से मौजूद है और अब अचानक इसे अवैध बताना गलत है।

कड़ाके की सर्दी का कहर: दिल्ली-NCR में शीतलहर, राजस्थान-हरियाणा में तापमान गिरा रिकॉर्ड स्तर पर

नई दिल्ली  देश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. उत्तर भारत में कई जगह भीषण ठंड पड़ रही है. कई राज्यों में शीतलहर का प्रकोप जारी है. दिल्ली में भी शीतलहर सितम ढा रही है. शुक्रवार को राजधानी में हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है. इसके साथ ही आज सुबह उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. असम, मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में भी घना कोहरा छाए रहने का पूर्वानुमान है. ऐसा रहेगा दिल्ली-एनसीआर का मौसम दिल्ली-एनसीआर में दिन का अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है. वहीं, सुबह और रात का न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. पूरे दिन शीतलहर का असर देखने को मिलेगा. दिल्ली-एनसीआर में सुबह घना कोहरा और हल्की धुंध छाई रहने का अलर्ट है. इससे विजिबिलिटी कम रह सकती है. राजस्थान में पड़ रही है भीषण ठंड राजस्थान में कई जगह भीषण सर्दी पड़ रही है. बुधवार रात फतेहपुर में पारा 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा. हालांकि, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के मामूली प्रभाव के चलते दो-तीन दिन आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. इससे न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पंजाब-हरियाणा में शीतलहर का प्रकोप पंजाब और हरियाणा में भी शीतलहर का प्रकोप जारी है. दोनों ही राज्यों में कई जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे बना हुआ है. फरीदकोट पंजाब का सबसे ठंडा स्थान रहा. यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.7, लुधियाना में 6.4 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 7.4, पठानकोट में 6.9 डिग्री सेल्सियस और बठिंडा में 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. कश्मीर में कड़ाके की ठंड कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में तापमान में गिरावट के चलते लोगों को रात में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है. श्रीनगर में बुधवार रात को तापमान मंगलवार रात के मुकाबले 1 डिग्री गिरकर माइनस 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि 12 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है. 13 से 15 दिसंबर के बीच उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले कुछ हिस्सों में हल्की बर्फबारी हो सकती है. आने वाले दिनों में कश्मीर घाटी में कई जगह हल्की से मध्यम स्तर की धुंध छाई रह सकती है.  

ट्रंप का बड़ा भू-राजनीतिक दांव: कोर-5 प्लान से साथ बैठेंगे भारत, चीन, रूस और जापान

वाशिंगटन  अमेरिका अर्थव्यवस्था के मानदंडों को छोड़कर अब ऐसे देशों को साथ लाना चाहता है जिनकी आबादी ज्यादा है। इस ग्रुप को 'कोर-5' या 'सी-5' नाम दिया गया है। इस तरह का ग्रुप बनाने का उद्देश्य भारत, चीन, रूस और जापान को एक साथ लाना है। हालांकि मौजूदा परिदृश्य को देखें तो यह पानी में घी मिलाने जैसा काम है। एक तरफ भारत और चीन का 36 का आंकड़ा है तो दूसरी तरफ चीन और जापान भी प्रतिद्वंद्वी हैं। रूस और अमेरिकी की बात करें तो डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से करीबी बढ़ाने के लिए पहल जरूर की है।   जानकारों का कहना है कि अमेरिका चाहता है कि ऐसे देशों का संगठन हो जो कि सेना और जनसंख्या के स्तर पर मजबूत हों। अमेरिका के प्रकाशन पॉलिटिको ने 12 दिसंबर को एक आर्टिकल में कहा कि अमेरिका को जी-7 और जी-20 जैसे फोरम नाकाफी लग रहे हैं। ऐसे में मल्टीपोलर दुनिया के लिए नए फोरम का विचार हो रहा है। इसकी पहली मीटिंग में ही मध्य एशिया में शांति स्थापित करने और इजरायल-सऊदी अरब के बीच रिश्ते सुधारने को लेकर चर्चा हो सकती है। कुल मिलाकर डोनाल्ड ट्रंप का अजेंडा यह है कि यूरोप आधारिक संगठनों को आगे बढ़ाने से अच्छा है कि उभरती हुई ताकतों का संगठन बनाया जाए। वाइट हाउस की नेशनल सिक्योरिटी का प्लान है कि इस ग्रुप का फोकस कुछ खास मुद्दों पर होगा। इसके अलावा जी-7 की ही तरह इसके शिखर सम्मेलन होंगे। हालांकि इस विचार पर अभी बहस चल रही है क्योंकि इस तरह का ग्रुप दुनियाभर में बड़ा उथल-पुथल करने वाला हो सकता है। एक पक्ष का कहना है कि अमीर और डेमोक्रेटिक देशों से इतर यह संगठन शक्ति पर आधारित होगा। सी-5 को लेकर अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टता नहीं है। हालांकि अमेरिका की विदेश नीति से लगता है कि वह इसे धरती पर उतार सकता है। ऐसे में चीन और भारत जैसे प्रतिद्वंद्वी भी एक मंच पर दिखाई देंगे। वहीं भारत के लिए इंडो पसिफिक मुद्दों पर संबोधन के लिए यह एक अच्छा प्लैटफॉर्म हो सकता है। यह संगठन रूस को सामने रखते हुए नाटो को कमजोर करने का प्लान भी साबित हो सकता है।  

न्यायपालिका पर दबाव? जस्टिस स्वामीनाथन के समर्थन में 56 पूर्व जज, कहा—हमारी बस एक अपील…

नई दिल्ली मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की कोशिश पर 56 पूर्व जजों ने ऐतराज जताया है। इन जजों की ओर से एक खुला पत्र लिखा गया है और महाभियोग की कोशिश को जजों को धमकाने का एक तरीका बताया है। इन पूर्व जजों का कहना है कि जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ प्रस्ताव लाना एक प्रयास है कि ऐसे जजों को धमकाया जाए, जो किसी खास विचारधारा से ताल्लुक नहीं रखते हैं या फिर उनकी बात को ही महत्व नहीं देते हैं। इन जजों ने सांसदों, वकीलों, सिविल सोसायटी और नागरिकों से अपील की है कि ऐसे प्रस्ताव को खारिज कर दें।   पूर्व जजों ने कहा कि यह जरूरी है कि अदालतों की स्वायत्तता और अखंडता को बरकरार रखा जाए। अदालतों पर किसी तरह का दबाव डालना ठीक नहीं है। इस बयान में लिखा गया है, 'हम माननीय सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायाधीश इस बात को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हैं, जिस तरह से जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ कुछ सांसदों ने महाभियोग का प्रस्ताव रखा है। यह एक खतरनाक प्रयास है कि ऐसे जजों को धमकाया जाए, जो किसी खास विचारधारा की पक्ष में बात नहीं करते या फिर उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरते। यदि इस तरह के प्रयासों को आगे बढ़ने दिया गया तो फिर हमारे लोकतंत्र की जड़ें ही कमजोर हो जाएंगी और न्यापालिका की स्वतंत्रता को भी खतरा होगा।' यही नहीं इस बयान में आपातकाल के दौर का भी जिक्र किया गया। बयान में कहा गया कि तब भी ऐसे जजों को प्रताड़ित किया गया था, जो एक पक्ष के साथ नहीं थे। एडीएम जबलपुर केस में अपनी असहमति जाहिर करने के बाद जस्टिस एच.आर. खन्ना को किनारे लगा दिया गया था। ऐसे तमाम दबावों के दौर में भी हमारी न्यायपालिका निष्पक्ष और स्वतंत्र भाव से खड़ी रही है। लेकिन एक बार फिर से उसकी स्वतंत्रता और अखंडता को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। इससे न्यायपालिका को बचाने की जरूरत है। हमारी सभी सांसदों, समाज के लोगों से अपील है कि वे ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ हों। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आदर्श गोयल, हेमंत गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा कई उच्च न्यायालयों के चीफ जस्टिस अनिल देव सिंह, नरसिम्हा रेड्डी शामिल हैं। एस.एन. ढींगरा, आरके गौबा, विनोद गोयल भी इन जजों में शामिल हैं।  

श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! कटरा–नई दिल्ली रूट पर विशेष ट्रेन सेवा शुरू

पठानकोट (पंजाब)  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए समय समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसी के तहत यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली तक 12 से 14 दिसंबर तक विशेष ट्रेन संख्या 04081/ 04082 चलाने का निर्णय लिया गया है।  विशेष ट्रेन का विवरण विशेष ट्रेन संख्या 04081 नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा दिनांक 12.12.25 से 13.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन दिनांक 12 दिसंबर को नई दिल्ली से रात 11.45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में 12 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन पानीपत, कुरूक्षेत्र, अम्बाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू , शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) आदि रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। विशेष ट्रेन संख्या 04082 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से नई दिल्ली दिनांक 13.12.25 से 14.12.25 ( दो ट्रिप ) यह विशेष ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से रात को 09.20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) , जम्मू, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अम्बाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत आदि रेलवे स्टेशनों पर यथावत रूकेगी।  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर यात्रा विकल्प प्रदान करते हुए, इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा हैं। साथ ही इस विशेष ट्रेन के चलने से यात्रियों को भीड़ भाड़ के दौरान कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह आरक्षित विशेष ट्रेन है,  जिसका संचालन 20 कोचों के साथ किया जाएगा। यात्री भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट/ एप या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं, तथा यात्रियों से अनुरोध किया जाता है, कि अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले ट्रेन के समय की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर ले।

इलाज अगली मीटिंग में… अनिल विज की चेतावनी, लापरवाह पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज

कैथल  कैथल में शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं। एक मामले में जांच अधिकारी द्वारा जांच में लापरवाही बरतने पर मंत्री विज ने सख्त रुख अपनाया और संबंधित पुलिस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने बताया कि बैठक में कई शिकायतें आईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान बैठक के दौरान ही कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यप्रणाली के अनुसार केवल उन्हीं मामलों की सुनवाई होती है, जो पूर्व निर्धारित सूची में शामिल हैं। अन्य शिकायतकर्ता अपनी शिकायत उपायुक्त को सौंपें, जिन्हें उचित पाए जाने पर अगले सत्र की बैठक में शामिल किया जा सकता है। विज ने कहा, “जो मामले आज छूट गए, उनका इलाज मैं अगली बैठक में कर दूंगा। वीआईपी नंबर मामले में जांच जारी वाहन के वीआईपी नंबर को लेकर पूछे गए प्रश्न पर विज ने कहा कि जांच केवल उस व्यक्ति की हो रही है जिसने 1 करोड़ 17 लाख रुपये का नंबर खरीदा था, लेकिन बाद में राशि का भुगतान नहीं किया। अब उसकी संपत्ति की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इतना महंगा नंबर लेने में सक्षम था या नहीं।

गिल vs सैमसन: टी20 में किसकी ओपनिंग है ज़्यादा दमदार? पूरी तुलना पढ़ें

नई दिल्ली  शुभमन गिल को ऑल-फॉर्मेट कैप्टन बनाने ओर कदम बढ़ाते हुए बीसीसीआई ने उन्हें टी20 की प्लेइंग इलेवन में बतौर उपकप्तान जैसे वाइल्ड कार्ड एंट्री दे दी है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी किसी भी विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द हुआ करती थी लेकिन बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट की एक बचकाना जिद ने भरत के लिए ही सिरदर्द पैदा कर दिया है। वो भी टी20 वर्ल्ड कप से महज कुछ महीने पहले।    संजू सैमसन को ओपनिंग से हटाकर शुभमन गिल को थोप दिया गया जो टीम को भारी पड़ रहा। लेकिन असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट क्लास की दुहाई देकर गिल का बचाव कर रहे। आईपीएल के प्रदर्शन की याद दिला हास्यास्पद दलीलें दे रहे। बीसीसीआई का ये वाइल्ड कार्ड एंट्री कार्ड, गिल को ऑल फॉर्मेट प्लेयर और कैप्टन बनाने की धुन वर्ल्ड कप में भारत की उम्मीदों को पलीता लगा सकती है। उपकप्तान अगर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा तो किसी अन्य को मौका तो मिलना चाहिए। स्क्वाड आखिर किसलिए होता है? या उपकप्तानी प्लेइंग इलेवन के लिए गारंटी कार्ड है, भले ही प्रदर्शन चाहे जैसा हो?   बतौर ओपनर गिल और संजू सैमसन के प्रदर्शन पर नजर डालें तो साफ नजर आएगा कि सैमसन आगे हैं। अभी पिछले साल ही उन्होंने बतौर ओपनर टी20 में तीन शतक जड़े थे। भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। दूसरी तरफ शुभमन गिल पिछले करीब एक साल से टी20 में एक अदद अर्धशतक के लिए तरस रहे हैं।   T20I में बतौर ओपनर संजू सैमसन का प्रदर्शन संजू सैमसन ने बतौर ओपनर अब तक 17 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसमें 32.62 के औसत से उन्होंने 522 रन बनाए हैं। इसमें 3 शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 178.76 का है। T20I में बतौर ओपनर शुभमन गिल का प्रदर्शन दूसरी तरफ शुभमन गिल ने बतौर ओपनर अब तक 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें उनके नाम 841 रन हैं जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। बतौर ओपनर T20I में गिल का औसत 28.03 है और स्ट्राइक रेट 140.40 है।

राहुल गांधी का बड़ा बयान: राजधानी की समस्या दूर करने में सरकार को पूरा सहयोग देंगे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में इन दिनों वायु प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है। जहरीली हवा की वजह से लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है तो बच्चे से बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राहुल गांधी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार के साथ बिना आरोप-प्रत्यारोप बहस और काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कम ही ऐसे मुद्दे होते हैं जिस पर पक्ष-विपक्ष सहमत हो और यह एक ऐसा विषय है जिसमें टकराव की आवश्यकता नहीं है। राहुल गांधी ने शून्यकाल में देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण और इसकी वजह से लोगों को हो रही स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार और विपक्ष को इस मुद्दे पर एक साथ काम करने की जरूरत है। राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है जिसमें पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं करेंगे, बल्कि समाधान की तलाश करेंगे। गांधी ने कहा, 'हमारे अधिकतर बड़े शहर जहरीली हवा से ढंके हुए हैं। लाखों बच्चों को फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। लोगों को कैंसर हो रहा है। बुजुर्ग लोगों को सांस लेने में संघर्ष करना पड़ रहा है।' सरकार भी चर्चा के लिए तैयार राहुल गांधी ने कहा, 'यह वैचारिक मुद्दा नहीं है। इस सदन में मौजूद सभी लोग वायु प्रदूषण की वजह लोगों को हो रहे नुकसान पर सहमत होंगे। यह ऐसा विषय है जिस पर हम सहयोग करना चाहेंगे।' कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री वायु प्रदूषण से निपटने का एक प्लान पेश कर सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार है और कार्य मंत्रणा समिति समय निर्धारित कर सकती है। हम देश को दिखाएंगे कि इस पर साथ काम करेंगे: राहुल गांधी राहुल ने संसद के बाहर भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी बात को दोहराया और कहा कि हम देश को दिखाएंगे कि इस मुद्दे पर साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'दिल्ली और बड़े शहरों की बात की मैंने। वायु प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं कि हमारा जो भविष्य है, बच्चे हैं, उनका नुकसान हो रहा है। लोगों को बीमारियां हो रही हैं। सांस नहीं ली जा रही है। मैंने सलाह दी है कि हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए और दूसरे तरीके से करनी चाहिए। आमतौर पर होता है कि आरोप प्रत्यारोप चलता है। इस मुद्दे पर एक राय होनी चाहिए, हम भविष्य की बात करेंगे। इस समस्या को कैसे दूर करना चाहिए कि इस पर बात करेंगे। हम एक्सपर्ट की भी राय लेंगे। हम देश को दिखाएंगे कि हम एक साथ प्रदूषण पर काम कर सकते हैं।'  

थरूर का मीटिंग से लगातार तीसरी बार दूरी—तिवारी की गैरहाज़िरी ने बढ़ाई पार्टी की चिंता

नई दिल्ली  कांग्रेस के साथ खराब रिश्तों के दौर से गुजर रहे शशि थरूर ने लगातार तीसरी बार पार्टी की मीटिंग छोड़ दी है। शुक्रवार को कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की मीटिंग थी, जिसमें वह नहीं पहुंचे। यह लगातार तीसरा मौका है, जब शशि थरूर ने पार्टी की बैठक छोड़ दी है। शशि थरूर ने कई बार पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। माना जा रहा है कि इसके चलते ही उन्हें लेकर कांग्रेस में असहजता की स्थिति है। इस बीच उनका लगातार कांग्रेस की बैठकों से दूर रहना आशंकाओं को बढ़ावा दे रहा है। शीत सत्र का 19 दिसंबर को समापन होना है और उससे पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के सभी 99 लोकसभा सांसदों की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में यह तय होना था कि कैसे शीत सत्र के आगामी दिनों में सत्ता पक्ष को घेरा जाए। इस मीटिंग में शशि थरूर नहीं पहुंचे। इस बीच शशि थरूर के एक्स पर गुरुवार को कोलकाता में रहने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने लिखा था कि लंबे समय तक मेरे सहयोगी रहे जॉन कोशी की कोलकाता में शादी है। इसके अलावा मेरी बहन स्मिता थरूर का जन्मदिन भी है। इस बीच मैं एक आयोजन में भी हिस्सा लूंगा। कांग्रेस की इस बैठक में सांसद मनीष तिवारी भी मौजूद नहीं रहे। उनको लेकर भी अकसर चर्चाएं होती रही हैं। इसस पहले नवंबर में हुई दो बैठकों में शशि थरूर ने हिस्सा नहीं लिया था। इनमें से एक बैठक तो 30 नवंबर को ही थी, जिसे सोनिया गांधी ने बुलाया था। अगस्त 2020 में शशि थरूर और अन्य नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ भी मोर्चा खोला था। इस पर जब सवाल हुआ था तो शशि थरूर का कहना था कि मैंने मीटिंग छोड़ी नहीं थी बल्कि पहुंच नहीं सका था। मैं केरल से दिल्ली लौट रहा था और प्लेन में था। इसके बाद उनके ऑफिस से बताया गया था कि वह अपनी 90 वर्षीया मां के साथ दिल्ली लौट रहे थे और उनकी फ्लाइट को रीशेड्यूल किया गया था। इस मीटिंग में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद नहीं थे। SIR पर भी मीटिंग से रहे थे दूर, सोनिया गांधी ने किया था संबोधित इससे पहले 18 नवंबर को भी वह पार्टी की एक मीटिंग में नहीं गए थे, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर चर्चा की जानी थी। इस मीटिंग में भी सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों से बात की थी, लेकिन शशि थरूर के कार्यालय ने बताया कि वह खराब सेहत के चलते गैरहाजिर रहे।  

निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी तो कार्रवाई तय: ठेकेदारों को CM मान का दो-टूक संदेश

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में रीतखेड़ी लिंक रोड के निर्माण में अनियमितताएं पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उसकी सभी अदायगियां तुरंत रोकने के आदेश दिए. जिक्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री ने आज तीन निर्माणाधीन सड़कों की जांच की, जिनमें से दो सड़कों का निर्माण कार्य सही पाया गया, जबकि एक सड़क के निर्माण में खामी पाई गई निर्माणाधीन सड़क का औचक निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सड़क के नमूने लेने के बाद निर्धारित मानकों का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उसका भुगतान फौरन रोकने के निर्देश दिए. सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में ही निर्माणाधीन पटियाला-सरहिंद सड़क का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच करवाने को कहा. इसके अलावा उन्होंने फतेहगढ़ साहिब जिले में रुड़की से रिउंणा पलैन रोड की भी जांच की. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निर्माणाधीन सड़कों की जांच का उद्देश्य पूरे प्रदेश में बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत बड़ी राशि खर्च कर रही है, इसलिए यह मुहिम प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने को सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे आने वाले दिनों में भी यह औचक जांच जारी रखेंगे क्योंकि वे यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो. संबंधित विभागों में हों उचित तालमेल उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को उचित तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीवरेज लाइनें, पीने के पानी की पाइपें, फाइबर और अन्य सभी काम सड़क निर्माण से पहले ही पूरे हो जाएं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश में नई बनी सड़कों को न्यूनतम नुकसान होगा, जिससे जनता के पैसे का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित होगा.   लोगों से जोरदार अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे सड़क निर्माण के चल रहे कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का आग्रह किया क्योंकि यह लोगों की अपनी संपत्ति है. उन्होंने कहा कि आम जनता को इस काम की निगरानी करनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता होती है तो उसे प्रदेश सरकार के संज्ञान में लाना चाहिए. भगवंत सिंह मान ने काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सरकार ने प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया है, जिसमें कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि अगले साल के अंत तक प्रदेश सरकार पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बना लेगी. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन सभी सड़कों के निर्माण के साथ 5 साल की देखभाल-संबंध की शर्त जोड़ी गई है, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा मानकों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के मानक भी सुनिश्चित होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रदेश में बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना और ग्रामीण मूलभूत संरचना को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही 4,092 करोड़ रुपए की कुल लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस साल बाढ़ से हुई व्यापक तबाही के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, इसलिए प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर कड़ी मेहनत की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि चल रहे सड़क प्रोजेक्टों में 5 साल की मेंटेनेंस की धारा जोड़ी गई है ताकि सड़कें लंबे समय तक ठीक रहें. साथ ही सड़कों पर चमकदार धारियां, किनारों पर निशान, दिशा-सूचक और विश्व स्तरीय सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जाएंगे. लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जन प्रतिनिधियों को इस प्रदेश स्तरीय व्यापक मुहिम से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने पंजाब में सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण करवाकर मरम्मत और अपग्रेड होने वाली सड़कों की पहचान की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब प्रदेश सरकार ने अगले साल के अंत तक 16,209 करोड़ रुपए की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है. सड़क गुणवत्ता की लगातार निगरानी भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री की फ्लाइंग स्क्वायड सड़कों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी कर रही है और घटिया सामग्री के उपयोग की कई शिकायतें मिलने पर कुछ ठेकेदारों के ठेके रद्द कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार घटिया काम करता पाया जाता है या कोई कर्मचारी इसमें शामिल होता है तो उसके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी.