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राहुल-प्रियंका खेमों की तकरार उजागर? BJP ने कांग्रेस MLA का नाम लेकर किया बड़ा दावा

ओडिशा  ओडिशा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद मुकीम के पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गई है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस में आंतरिक कलह चल रही है। साथ ही पार्टी में टीम राहुल गांधी बनाम टीम प्रियंका गांधी होने का भी दावा किया। मुकीम ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नेतृत्व पर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि प्रियंका गांधी को लीडरशिप में आना चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, 'टीम प्रियंका बनाम टीम राहुल खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस की आंतरिक कलह अब बाहर आ गई है।' उन्होंने लिखा, 'ओडिशा से वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सोनिया गांधी को लिखा कि खरगे हटाओ, प्रियंका लाओ। साथ ही प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।' उन्होंने लिखा, 'ओडिशा के नेता मोहम्मद मुकीम ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व संकट पर सवाल उठाए हैं और पार्टी को दोबारा तैयार करने के लिए संगठन और विचारधारा स्तर पर सुधार की बात कही है।' मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व पर सवाल मीडिया से बातचीत में मुकीम ने गुरुवार को कहा, '…मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है और उनकी सलाह और नए नेतृत्व की जरूरत है…। श्री मल्लिकार्जुन खरगे बहुत वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उम्र उनके पक्ष में नहीं है। 83 साल उम्र हो चुका है। विपक्ष की पार्टी के मुखिया के हिसाब से जो मेहनत करना चाहिए, जो दौड़ भाग करना चाहिए, लोगों को कनेक्ट करना चाहिए। वो संभव नहीं है। उन्हें सलाहकार रहकर किसी युवा को सामने लाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'हमारे पास प्रियंका जी हैं और भी बहुत सारे युवा हैं, जो पार्टी को मजबूत करेंगे। राहुल जी सीएलपी नेता है, वो अपनी भूमिका निभा रहे हैं। कोई अध्यक्ष बनकर अपनी भूमिक निभाएगा। यह कांग्रेस के सच्चा वर्कर होने के नाते मेरी व्यक्तिगत रूप से सोनिया जी से अपील है।' पत्र में क्या पूर्व विधायक मुकीम की तरफ से सोनिया गांधी को पत्र लिखा गया था। इसमें उन्होंने कई राज्यों में कांग्रेस की हार का जिक्र किया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने लिखा था, 'सिलसिलेवार गलत फैसले, नेतृत्व के गलत फैसले और गलत हाथों में जिम्मेदारी ने पार्टी को अंदर से कमजोर कर दिया है। इन गलतियों को ठीक करने के बजाए ऐसा लग रहा है कि हम उन्हें दोहरा रहे हैं और नतीजा पूरे देश के सामने है।' उन्होंने पत्र में कांग्रेस नेतृत्व और भारतीय युवा में दूरी पर भी चिंता जताी। उन्होंने कहा कि 83 साल के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी युवाओं से नहीं जुड़ पा रही है। उन्होंने सांसद राहुल गांधी से मिलने के असफल प्रयासों का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के अनुसार, मुकीम ने कहा कि पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के समय नेताओं को प्रोत्साहित किया जाता था, सुना जाता था और उनकी कीमत थी। प्रियंका गांधी वाड्रा को बड़ी भूमिका देने की अपील रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि वायनाड सांसद प्रियंका गांधी को केंद्रीय और सक्रिय नेतृत्व भूमिका में आना चाहिए। साथ ही उन्होंने सचिन पायलट, डीके शिवकुमार, रेवंत रेड्डी और शशि थरूर को नेतृत्व भूमिकाओं में लाने की बात कही है। चुनाव में हार पर सवाल पीटीआई भाषा के अनुसार, मुकिम ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर प्रदेशाध्यक्ष भक्त चरण दास के नेतृत्व पर सवाल उठाए। मुकिम ने पार्टी में असहमति का संकेत देते हुए बुधवार को लिखे पत्र में कहा कि दास को इस साल की शुरुआत में लगातार तीन चुनाव हारने और ‘कांग्रेस विरोधी राजनीतिक विचारधारा’ से जुड़े होने के बावजूद प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। दास को फरवरी में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पूर्व विधायक ने प्रदेशाध्यक्ष और उनके विधायक बेटे सागर द्वारा अलग ‘कोसल राज्य’ के लिए दिए जा रहे सार्वजनिक समर्थन पर भी सवाल उठाया तथा दावा किया कि इस रुख से पार्टी कार्यकर्ताओं में ‘गहरी अशांति’ का भाव उत्पन्न हो गया है। मुकीम ने नौपाड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त को जनता के कम होते विश्वास का एक और सबूत बताया। मुकीम भी फरवरी में प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पद की दौड़ में भी शामिल थे। उन्होंने पत्र में लिखा, 'जब कोई नेता अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में विश्वास हासिल नहीं कर पाता, तो कार्यकर्ता स्वाभाविक रूप से उसके नेतृत्व पर से भरोसा खो देते हैं और ओडिशा में पार्टी का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर सवाल उठाते हैं।' उन्होंने बताया कि कांग्रेस को इस सीट पर लगभग 83,000 मतों से हार का सामना करना पड़ा था।  

अनिल विज की बड़ी पहल सफल: अंबाला में 100 बेड के अत्याधुनिक ESI अस्पताल को मंजूरी

चंडीगढ़  अंबाला छावनी और साहा औद्योगिक क्षेत्र के हजारों श्रमिक परिवारों को लंबे समय से जिस अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का इंतजार था, वह अब साकार होने जा रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-33 में 100 बिस्तरों वाले हाई-टेक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के लिए भूमि आवंटन पत्र जारी कर दिया है। श्रम मंत्री अनिल विज की लगातार पहल और फॉलो-अप के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुकी है। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि एचएसवीपी द्वारा ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक को भूमि आवंटन संबंधी पत्र सौंप दिया गया है। इसके बाद ईएसआईसी द्वारा भुगतान औपचारिकताएं पूरी होने पर निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी और साहा इंडस्ट्रियल बेल्ट में बड़ी संख्या में बीमित श्रमिक रहते और काम करते हैं, लेकिन उन्हें अब तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थीं। यह अस्पताल इस क्षेत्र की स्वास्थ्य प्रणाली में ‘गेम चेंजर’ सिद्ध होगा। इंडस्ट्रियल बेल्ट में पहली बार सुपर-स्पेशियलिटी सुविधा विज ने कहा कि अंबाला छावनी सेक्टर-33 से जुड़ा साहा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख श्रमिक हब में से एक है। हजारों बीमित कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं, जिनके लिए यह अस्पताल न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि इलाज के लिए दूर शहरों में जाने की मजबूरी भी खत्म करेगा। उन्होंने इस परियोजना को अंबाला छावनी और आसपास के जिलों -कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पिंजौर-बद्दी बेल्ट के लिए भी बड़ी उपलब्धि बताया। अस्पताल में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले इस अति-आधुनिक अस्पताल में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल होंगे, जिनमें मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग और मनोरोग जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।   अस्पताल में 24×7 आपातकालीन और ट्रॉमा केयर, आधुनिक आईसीयू, उन्नत डायग्नॉस्टिक लैब, रेडियोलॉजी, ओपीडी, इन-पेशेंट और डे-केयर सुविधाएं भी होंगी, जिससे बीमित समुदाय को समय पर सही उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। अंबाला के स्वास्थ्य मानचित्र में बड़ा बदलाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह संस्थान अंबाला के स्वास्थ्य परिदृश्य में महत्वपूर्ण सुधार लाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सुपर-स्पेशियलिटी ईएसआईसी अस्पताल मिलने से श्रमिकों और उनके आश्रितों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। अहम बिंदु साहा–अंबाला औद्योगिक क्षेत्र के बीमित श्रमिकों को सीधा लाभ आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर व एडवांस डायग्नॉस्टिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी ओपीडी, इन-पेशेंट व डे-केयर सेवाएं भी अस्पताल में शुरू होंगी पहली बार छावनी क्षेत्र को मिलेगा इतने बड़े स्तर का ईएसआईसी अस्पताल

सोने के दाम में बदलाव, 12 दिसंबर के ताजा भाव जानें – 10 ग्राम सोना 1.31 लाख, चांदी 2 लाख के पार

इंदौर  16 दिसंबर से खरमास लगने वाला है, जो जनवरी तक चलेगा। इससे पहले शादी या किसी फंक्शन के लिए सोना या चांदी खरीदने का विचार कर रहे है और बाजार जाने का सोच रहे है तो पहले ताजा भाव चेक कर लीजिए। आज 12 दिसंबर को सोने के दाम में 1910 रूपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमतों में 3000 रूपए प्रति किलो का फिर उछाल आया है। आज शुक्रवार को 22 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) 1,21,750 , 24 कैरेट का भाव 1, 32,810 और 18 ग्राम सोने का रेट 99,640 रुपए पर ट्रेंड कर रहे है। वहीं 1 किलो चांदी का रेट (Silver Rate Today)2,04,000 रुपए चल रहा है। आईए जानते है आपके शहर का 18, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव…… शुक्रवार का 18 कैरेट सोने का ताजा भाव     दिल्ली व जयपुर सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 99,640/- रुपये।     कोलकाता और मुंबई सराफा बाजार में 99,490/- रुपये।     इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 99,540 चल रहा है।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 1,02,300/- रुपये पर ट्रेड कर रही है। शुक्रवार का 22 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 1,19,400/- रुपये ।     जयपुर, लखनऊ, दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold price Today) 1,21,750/- रुपये ।     हैदराबाद, केरल, कोलकाता, मुंबई सराफा बाजार में 1 21,600/- रुपये ट्रेंड कर रहा है। शुक्रवार का 24 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,32,710 रुपये     दिल्ली जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1, 32, 810/- रुपये।     हैदराबाद, केरल, बैंगलुरू और मुंबई सराफा बाजार में 1,32, 660/- रुपये ।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 1,33,640 /- रुपये पर ट्रेंड कर रहा है।     जयपुर कोलकाता अहमदाबाद लखनऊ मुंबई दिल्ली सराफा बाजार में 01 किलोग्राम चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 2,04,000 /- रुपये     चेन्नई, मदुरै , विजयवाड़ा, विशाखापटनम, हैदराबाद और केरल सराफा बाजार में कीमत 2,15,000/- रुपये।     भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 2,04,000/ रुपए ट्रेंड कर रही है। GOLD SILVER : कैसे चेक करें प्योरिटी? सोना खरा है या नहीं?     ISO (Indian Standard Organization) द्वारा सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं।24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है।     24 कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24 = 1.00) होनी चाहिए। 22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए।24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।     22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं। 24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं और इसी के आभूषण बनाते है। चांदी पर हॉलमार्किंग का नियम     सोने के बाद अब 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्यूलरी पर हॉलमार्किंग का नियम लागू कर दिया है।चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। आप बिना हॉलमार्क वाली चांदी भी खरीद सकते हैं।     हॉलमार्किंग के नियमों के तहत, चांदी पर 6 अंकों का यूनिक HUID कोड होगा।     इससे तुरंत पता चल जाएगा कि गहना किस शुद्धता का है और वह असली है या नहीं।     भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चांदी की शुद्धता के लिए 6 नए स्टैंडर्ड 800, 835, 900, 925, 970 और 990 तय किए हैं। 925 या 9250 अंक का मतलब है कि चांदी 92.5% शुद्ध है।  

IPL 2026: ये 5 ओवरसीज मैच-विनर रह सकते हैं अनसोल्ड, जानें क्यों गिरा उनका मार्केट

नई दिल्ली  IPL 2026 Auction में अब ज्यादा दिन का समय नहीं बचा है। अबू धाबी में 16 दिसंबर को आईपीएल के आने वाले सीजन के लिए ऑक्शन होना है। ऑक्शन को लेकर तमाम प्रिडिक्शन हो रहे हैं, लेकिन आज आप स्टोरी में जानेंगे कि ऐसे कौन से पांच विदेशी स्टार प्लेयर हैं, जो इस ऑक्शन में अनसोल्ड रह सकते हैं। इनमें एक से एक दिग्गज खिलाड़ी शामिल है। 3 ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर और एक-एक न्यूजीलैंडर और इंग्लिश प्लेयर इस लिस्ट का हिस्सा है, जिन्हें शायद ही कोई आईपीएल टीम खरीदेगी। 1. स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ भी आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन की फाइनल लिस्ट में हैं, लेकिन उन्होंने आखिरी मुकाबला इस लीग में 2021 में खेला था। इसके बाद से वे कई बार अनसोल्ड रहे हैं। आईपीएल में वे कमेंटेटर के तौर पर भी नजर आ चुके हैं, लेकिन इस बार उनका टी20 फॉर्म अच्छा है, लेकिन फिर भी उनके अनसोल्ड रहने के चांस हैं, क्योंकि स्टीव स्मिथ पारी को एंकर करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर रूल है तो यहां इस रोल की जरूरत नहीं पड़ती। यही कारण है कि शायद उनको कोई खरीदार नहीं मिलेगा। 2. जैक फ्रेजर मैकगर्क आईपीएल 2024 में तूफानी खेलकर दिखाकर उन्होंने दुनियाभर के क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा था, लेकिन अब वे आउट ऑफ फॉर्म हैं। 2025 के आईपीएल सीजन में भी उनका प्रदर्शन घटिया था। 2024 में उनका स्ट्राइक रेट 234 से ज्यादा का था, लेकिन 2025 में उनका औसत 106 से भी कम का था। 20 के आसपास का औसत उनका अब टी20 क्रिकेट में है। खराब फॉर्म, अल्ट्रा एग्रेसिव अप्रोच उनके लिए अभिशाप साबित हो सकती है। 3. जोश इंग्लिस लिस्ट में तीसरे ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर जोश इंग्लिस हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले जोश इंग्लिस ने पिछले सीजन अच्छी बल्लेबाजी की थी। विकेटकीपर का ऑप्शन भी वे देते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ चार मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। यही कारण है कि उनको कोई भी टीम खरीदना नहीं चाहेगी। कोई भी टीम उनको खरीदकर अपने एक ओवरशीज प्लेयर के स्लॉट को ब्लॉक नहीं करना चाहेगी। 4. गस एटकिंसन इंग्लैंड के पेसर गस एटकिंसन को IPL 2024 से पहले KKR ने चुना था, लेकिन वह उस सीजन नहीं खेले थे, क्योंकि ECB ने उनके वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उनसे आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट छुड़वा दिया था। इसके बाद से वे इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं। व्हाइट बॉल क्रिकेट भी वे खेले हैं, लेकिन आंकड़े सीमित ओवरों की क्रिकेट में अच्छे नहीं हैं। दूसरा कारण ये है कि कई और पेसर्स ऑक्शन पूल में हैं। ऐसे में उनको नजरअंदाज किया जा सकता है। 5. डेवन कॉनवे न्यूजीलैंड के इस टॉप ऑर्डर बैटर के लिए इस बार ऑक्शन में बोली नहीं लगने के पीछे का कारण ये हो सकता है कि उनकी टी20 फॉर्मे में गिरावट आई है। वे उस तेजी के साथ नहीं खेल पा रहे हैं और रन भी नहीं बना पा रहे हैं, जिसकी जरूरत आज के क्रिकेट को सूट करती है। खासकर आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर को ध्यान में रखते हुए बात की बल्लेबाजी की होगी तो वहां एंकर रोल वाले ओपनर कम दिखेंगे। वह भी विदेशी ओपनर तो इस बार उनको खरीदार मिलना मुश्किल है।

GCA की बड़ी कार्रवाई: इंडिगो विवाद के बीच चार इंस्पेक्टर निलंबित

नई दिल्ली  देश की विमानन व्यवस्था में जारी उथल-पुथल के बीच डीजीसीए (DGCA) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। ये अधिकारी एयरलाइन की सुरक्षा, पायलट प्रशिक्षण और परिचालन अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण कामों की निगरानी करते हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स आज डीजीसीए के सामने पेश हो सकते हैं। बीते दिनों इंडिगो की भारी संख्या में उड़ानें रद्द होने का संकट गहराता गया था। पिछले सप्ताह शुक्रवार को भारत भर में इंडिगो ने 1,600 से अधिक उड़ानें रद्द की थीं, जो अब तक का सबसे बड़ा व्यवधान साबित हुआ। इस संकट का मुख्य कारण Flight Duty Time Limitations फेज-2 को सही तरीके से लागू करने में इंडिगो की विफलता के साथ-साथ क्रू रोस्टर और स्टाफ प्रबंधन में एयरलाइन का कुप्रबंधन था। सरकार ने भी एयरलाइन की योजना और प्रबंधन को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। जैसे-जैसे रद्द उड़ानों ने यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगाड़ीं, सरकार ने कई कदम उठाए। समय पर रिफंड सुनिश्चित करने के लिए सख्त समयसीमा तय की गई। अन्य एयरलाइनों को टिकट कीमतें नियंत्रित रखने का आदेश दिया गया। इसके अलावा इंडिगो को अपनी दैनिक उड़ानें 10% कम करने का निर्देश दिया गया। पीटीआई के अनुसार, कटौती के बाद इंडिगो 1,950 उड़ानें संचालित करेगा, जिनमें लगभग 3 लाख यात्री सफर करेंगे। सामान्यत: एयरलाइन सर्दियों में करीब 2,300 उड़ानें प्रतिदिन संचालित करती है। इससे पहले गुरुवार को DGCA अधिकारियों को सीधे इंडिगो के मुख्यालय भेजा गया ताकि वे स्थिति की लाइव निगरानी कर सकें। उसी दिन दिल्ली और बेंगलुरु हवाईअड्डों पर 200 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद को बताया कि इंडिगो ने 1 दिसंबर को हुई बैठक में किसी भी समस्या का संकेत तक नहीं दिया था, जो इस संकट को और गंभीर बनाता है।

शिलांग कोर्ट में सोनम रघुवंशी की सहेलियों की ऑनलाइन पेशी, राज कुशवाह के बारे में पूछे गए सवाल

इंदौर  ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में गुरुवार को सोनम रघुवंशी की दो सहेलियों के कथन हुए। दोनों युवतियों की ई-सेवा कक्ष से शिलांग कोर्ट में पेशी हुई। दोनों ही युवतियां सोनम की कर्मचारी बताई जा रही है। पेशी के दौरान वकील भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक शिलांग पुलिस ने विवेचना के दौरान दीपांशी और प्रियांशी के भी कथन लिए थे। देश के चर्चित केस में अब शिलांग कोर्ट में ट्रायल शुरू हो चुका है। राजा के बड़े भाई विपिन के कथन दर्ज होने के बाद कोर्ट ने दीपांशी और प्रियांशी को समंस जारी किया था। दोनों की जिला कोर्ट में ई-सेवा कक्ष के माध्यम से पेशी हुई। सोनम को भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जोड़ा गया था। सरकारी वकील ने दीपांशी और सोनम का ऑनलाइन सामना करवाया। इसके बाद सोनम के संबंध में सवाल हुए। वकील ने सोनम के ऑफिस आने-जाने और राज कुशवाह (आरोपित) के संबंध में भी पूछा। सरकारी वकील के अनुसार दोनों युवतियों को दो समंस मिल चुके थे। शिलांग न जाने के कारण ऑनलाइन पेशी करवाई गई है। उधर, राजा के भाई विपिन का आरोप है कि दोनों युवतियां गोविंद के ऑफिस की कर्मचारी है और उन्हें समझा-बुझाकर कोर्ट लाया गया।  

गरुड़ पुराण के अनुसार, सपने में पितर का दिखना क्या होता है – आशीर्वाद या कर्तव्यों की याद?

 नई दिल्ली सपनों का हमारे वास्तविक जीवन से बहुत गहरा संबंध माना जाता है. ये सिर्फ रात में दिखने वाली कल्पनाएं नहीं बल्कि आने वाले समय के संकेत भी माने जाते हैं. कुछ सपने शुभ समाचार लेकर आते हैं, जबकि कुछ इतने विचलित करने वाले होते हैं कि नींद टूट जाती है. स्वप्न शास्त्र बताता है कि हर दृश्य के पीछे कोई न कोई संकेत छिपा होता है. कई बार यही सपने मन में सवाल पैदा कर देते हैं और पूरी रात बेचैनी बनी रहती है. अगर सपने में कोई मृत परिजन या पितर दिख जाए तो स्वप्न शास्त्र में उसका मतलब भी कुछ अलग ही माना जाता है. यह सवाल भी उठता है कि सपने में मृत परिजन दिखना शुभ होता है या अशुभ. दरअसल, इन सभी प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर गरुड़ पुराण में मिलता है. गरुड़ पुराण 18 प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान विष्णु और गरुड़ के बीच संवाद है. गरुड़ पूछते हैं कि सपनों में पितरों या दिवंगत परिवारजनों के दिखाई देने का क्या संकेत होता है? इस पर भगवान विष्णु विस्तृत रूप से समझाते हैं. सपने में पितरों का खुश दिखना भगवान विष्णु कहते हैं कि, 'अगर सपने में पूर्वज शांत, खुश या प्रसन्न दिखाई दें तो यह बहुत शुभ संकेत माना जाता है. ऐसा सपना बताता है कि पितर अपने परिवार द्वारा किए गए कर्मों से बहुत संतुष्ट हैं और ऐसा करके वह अपनी संतान और वंश को आशीर्वाद दे रहे हैं. सपने में पूर्वजों का मुस्कुराना या संतुष्ट दिखना इस बात का संकेत भी है कि उनकी आत्मा को शांति मिल चुकी है और परिवार पर उनकी कृपा बनी हुई है. सपने में पूर्वज भोजन या पानी मांगें अगर सपने में पूर्वज भोजन, पानी या किसी चीज की मांग कर रहे होते दिखाई दें, तो इसका मतलब है कि वे कुछ कर्तव्य पूरे करने का संकेत दे रहे हैं. यह सपना बताता है कि हमें अपने पूर्वजों के लिए जरूरी कर्म और पूजा-विधि सही तरीके से करनी चाहिए.   जब सपने में पूर्वज दुखी या बेचैन दिखें अगर पूर्वज सपने में दुखी, चिंतित या बेचैन दिख रहे हैं तो यह इस बात का संकेत है कि उनकी आत्मा को शांति दिलाने के लिए उचित पूजा-अनुष्ठान किए जाने चाहिए, जैसा शास्त्रों में बताया गया है. ऐसे मामलों में नारायणबली, नागबली और त्रिपिंडी श्राद्ध बहुत प्रभावी माने जाते हैं. इसके अलावा, पूर्वजों की शांति के लिए जरूरतमंदों को दान करना भी शुभ माना जाता है.  

जापान में 6.7 का शक्तिशाली भूकंप, तटीय क्षेत्रों में सुनामी का खतरा, देश में चौथी बार भूकंप

टोक्यो जापान में आज सुबह फिर तेज झटके महसूस किए गए. समुद्र में आया 6.7 मैग्नीट्यूड का भूकंप इतना जोरदार था कि तटीय इलाकों से लेकर दूर बसे शहरों तक धरती हिल गई. भारतीय समय के मुताबिक यह भूकंप सुबह 8:14 बजे आया. इसकी गहराई 10.7 किलोमीटर थी, जो इसे खतरनाक बनाती है. भूकंप तट के करीब आया, और झटकों की तीव्रता देखकर कई जगह लोग घरों से बाहर भागते दिखे. दुकानों और दफ्तरों में अलार्म बजा दिए गए. जापान में भूकंप के बाद सुनामी की कहां चेतावनी? जापानी मीडिया आउटलेट के मुताबिक भूकंप के बाद जापान मौसम एजेंसी ने 1 मीटर तक ऊंची लहरें आने की चेतावनी जारी की है. कई तटीय इलाकों में दोपहर तक लगातार अलर्ट दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक होक्काइडो सेंट्रल पैसिफिक कोस्ट, आओमोरी प्रीफेक्चर, इवाते प्रीफेक्चर और मियागी प्रीफेक्चर में सुनामी की चेतावनी दी गई. बताया जा रहा है कि ये एक मीटर तक ऊंची हो सकती हैं. इसी हफ्ते आए कई भूकंप जापान इस हफ्ते भूकंपों की सीरीज से जूझ रहा है. सोमवार को 7.6 मैग्नीट्यूड का बड़ा भूकंप आया, जिसमें 50 से ज्यादा लोग घायल हुए. सड़कें टूटीं, इमारतें हिली, और छोटे सुनामी वेव्स भी दिखे. मंगलवार को होंचो शहर में 6.7 मैग्नीट्यूड के झटके महसूस किए गए. बुधवार को आओमोरी और होक्काइडो में 6.5 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. अब शुक्रवार को फिर 6.7, यानी जापान इस सप्ताह चौथे दिन कांप चुका है. जापान ने जारी की बड़ी चेतावनी सोमवार के भूकंप के बाद जापान एजेंसी ने दुर्लभ ‘मेगाक्वेक एडवाइजरी’ जारी कर दी है. एजेंसी का कहना है कि अगले एक हफ्ते में 8.0 या उससे बड़ा भूकंप आने की संभावना बढ़ गई है. 2011 का विनाशकारी 9.0 भूकंप भी इसी पैटर्न की तरह था. जापान की टेक्टॉनिक प्लेट्स इस समय भारी दबाव में हैं, खासकर होक्काइडो-सानरिकु तट के पास. आज आए भूकंप से क्या नुकसान हुआ? अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है. फिलहाल भूकंप के तुरंत बाद कई ट्रेनें रोक दी गईं. तटीय हाइवे बंद होने लगे हैं. वहीं स्थानीय. प्रशासन अलर्ट पर है. लोग अपने घरों से तुरंत बाहर निकल आए और खुले इलाके में जमा हो गए. सरकार ने कहा है कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

मोहाली के सरकारी अस्पताल (PILBS) में पहली सफल लिवर ट्रांसप्लांट, मान सरकार ने बनाए नए मानक

चंड़ीगढ़ पंजाब के स्वास्थ्य इतिहास में एक नया सूर्योदय हुआ है! आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के संकल्प और दूरदर्शिता का परिणाम है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (PILBS), मोहाली ने सफलतापूर्वक अपनी पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक कदम नहीं है; यह उन हजारों ग़रीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए आँसू पोंछने वाला एक चमत्कारी वरदान है, जो अब तक इस जीवन-रक्षक इलाज को केवल एक सपना मानते थे। यह पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की शक्ति और क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह केवल "पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी" नहीं है। यह है, एक पिता को मिला जीवनदान: जिसने सोचा था कि वह अपने बच्चों को खेलते हुए नहीं देख पाएगा। एक बेटे का वापस मुस्कुराना, जिसने अपनी माँ की आँखों में निराशा देखी थी।एक परिवार का दोबारा एक होना, जिसने टूटने का डर देखा था। प्राइवेट सेक्टर में जहाँ यह ऑपरेशन लाखों-करोड़ों की कीमत रखता है, वहीं मान सरकार के नेतृत्व में PILBS ने यह सुविधा राज्य के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध कराकर सच्ची लोक कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है। इस सफलता के पीछे संस्थान के समर्पित डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की वर्षों की अथक मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण छिपा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी संस्थानों को सही संसाधन, नेतृत्व और प्रोत्साहन मिले, तो वे विश्व के किसी भी श्रेष्ठतम अस्पताल से मुकाबला कर सकते हैं। लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीज़ों के लिए यह खबर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है। ट्रांसप्लांट की ज़रूरत वाले परिवारों के लिए, PILBS अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आशा का मंदिर है। यह सफलता पंजाब के हर उस नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जिसने अब तक महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हार मान ली थी। यह स्पष्ट करता है कि मान सरकार का ध्यान केवल विकास पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और कल्याण पर केंद्रित है। PILBS की यह उपलब्धि पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव रखती है। यह ऐतिहासिक कदम पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत है। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया है कि वे पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में, 'आप' सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम हम देख रहे हैं। इस संस्थान की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाब को लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाना था। पहली सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी उस विज़न की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है: स्वास्थ्य सुविधाओं में भौगोलिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे। यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पूरे भारत के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक प्रेरणा है। PILBS, मोहाली ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है और अब यह संस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है। हालाँकि, यह सफलता एक शुरुआत मात्र है। भविष्य की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें अंगदान (Organ Donation) की दर बढ़ाना, उन्नत अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का निरंतर प्रशिक्षण शामिल है। सरकार को अब इस उपलब्धि को एक स्थायी और सतत सेवा में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी। PILBS की यह सफलता एक उज्ज्वल और मानवीय भविष्य का संकेत है। यह उस सरकार की कहानी है जो अपने लोगों के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील है। यह जीत केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि मानवीय दृढ़ता और लोक-कल्याण की है। पंजाब सरकार का यह कदम साबित करता है कि "उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा अब सबका अधिकार है, सिर्फ़ विशेषाधिकार नहीं।" यह ऐतिहासिक क्षण पंजाब के हर कोने में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आने वाले युग की गहरी और भावनात्मक घोषणा है। यह सर्जरी पंजाब के उन हर कोने में बैठे लोगों की जीत है, जो हमेशा से मानते थे कि बेहतरीन इलाज सिर्फ अमीरों के लिए है। आज, हमारी अपनी सरकारी छत के नीचे, पंजाब के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं है। मान सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दृढ़ संकल्प दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। इस उपलब्धि के पीछे, उनका एक ही संदेश है, "पंजाब का हर नागरिक हमारा परिवार है, और हमारे परिवार का हर सदस्य स्वस्थ रहेगा। पैसे की कमी के कारण अब पंजाब में किसी की जान नहीं जाएगी।" यह एक ऐसी भावनात्मक सुरक्षा है जो पंजाब के हर नागरिक को मिल रही है। यह दिखाता है कि सरकार केवल सड़कें और पुल नहीं बना रही, बल्कि लोगों के जीवन और उनके विश्वास को पुनर्निर्मित कर रही है। यह बताता है कि बदलाव की शुरुआत हो चुकी है, और यह बदलाव अमीरी-ग़रीबी का भेद मिटाकर, हर चेहरे पर मुस्कान लाएगा!

केंद्रीय मंत्रियों की गैरमौजूदगी से राज्यसभा ठप, विपक्ष का विरोध

नई दिल्ली  संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस बीच कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति के चलते शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब सदन ने 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद कामकाज शुरू किया गया। जैसे ही कार्यवाही आगे बढ़ी कि विपक्षी सांसदों ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि सदन में कोई भी कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं है।  इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि वह इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएंगे और एक जूनियर मंत्री को कैबिनेट मंत्री को बुलाने का अनुरोध करने को कहा। उन्होंने कहा, “मैं प्रक्रिया को समझता हूं। मैंने मंत्री से अनुरोध किया है। एक कैबिनेट मंत्री को आना चाहिए।” लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “यह सदन का अपमान है। जब तक कोई कैबिनेट मंत्री नहीं आता, सदन को स्थगित करना होगा।” लगभग पांच मिनट इंतजार करने के बाद सभापति ने कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन के पुनः जुटने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति के लिए खेद जताया। उन्होंने बताया कि उन्हें लोकसभा में पूर्व स्पीकर और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर श्रद्धांजलि देने के लिए जाना पड़ा था। उन्होंने यह भी बताया कि नेता सदन जेपी नड्डा के नाम से लोकसभा में प्रश्न लगे थे, जिसके कारण वे भी वहां मौजूद थे। रिजिजू ने कहा, “मुझे खेद है कि सदन में कोई कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं था।” कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि पाटिल राज्यसभा के भी पूर्व सदस्य रहे हैं, इसलिए यहां भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। इस पर रिजिजू ने बताया कि औपचारिक प्रक्रिया के चलते थोड़ा समय लग रहा है और राज्यसभा में भी उचित श्रद्धांजलि दी जाएगी। सदन के पुनर्गठन के बाद निर्मला सीतारमण, किरन रिजिजू और जेपी नड्डा सहित अन्य मंत्री मौजूद थे।